दोस्त और उसकी मम्मी की चुदाई देखी

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हाय दोस्तों, मैं रोहन हूँ। आज मैं आपको अपनी देखी हुई एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ।

यह कहानी आज से तीन साल पहले की है।

मेरे एमबीए का आखिरी साल चल रहा था।

मेरा एक बहुत ही खास दोस्त है, उसका नाम आर्यन है।

आर्यन और मैं बचपन से साथ पढ़े हैं।

हम दोनों बहुत जिगरी यार हैं।

आर्यन और मैं साथ में ही एमबीए कर रहे थे।

हम दोनों एक साथ ही पढ़ाई किया करते थे।

कभी वह मेरे घर आ जाया करता था तो कभी मैं उसके घर चला जाता था।

स्टडी के बाद हम दोनों पोर्न मूवी भी देखते थे। वह इस मामले में बड़ा हरामी किस्म का लड़का है।

वह पढ़ाई में कमजोर था, लेकिन सेक्सी पोर्न मूवी देखने का बहुत शौक था।

उसकी क्रोम हिस्ट्री पोर्न और सेक्सी स्टोरी से भरी-भरी रहती थी।

एक बार जब वह स्टडी के लिए मेरे घर आया था तो उसने मेरी माँ की पैंटी में मुठ मारी थी।

मुझे यह बाद में पता चला जब मैंने अपने कमरे में छुपा कैमरा लगाया।

उस दिन मुझे बहुत गुस्सा आया था, लेकिन मैं चुप रह गया।

मैंने सोचा कि एक दिन मैं भी इसका बदला लूंगा।

उन दिनों हमारे एग्जाम नजदीक आ गए थे।

मैं आर्यन के घर स्टडी के लिए गया हुआ था।

उसका घर पुणे के एक पॉश इलाके में था।

उसके पापा एक बड़े बिजनेसमैन थे और अक्सर टूर पर रहते थे।

मुझे आया देखकर उसके पापा ने पूछा, “कैसी चल रही है पढ़ाई?”

मैं मुस्कुराते हुए बोला, “ठीक चल रही है अंकल।”

आर्यन के पापा ने कहा, “रोहन, जरा आर्यन को भी समझाया कर… यह लड़का बिल्कुल स्टडी नहीं करता। दिन-रात सिर्फ मोबाइल में लगा रहता है।”

थोड़ी देर बाद आर्यन की मम्मी भी वहां आईं। उनका नाम प्रिया था।

वो लगभग 44 साल की थीं, लेकिन दिखने में 35 की लगती थीं।

उनका शरीर बहुत गदराया हुआ था—38-28-40 का फिगर।

उनके चूचे बहुत ही बड़े थे और वे हमेशा टाइट ब्लाउज पहनती थीं, जिसमें से उनके चूचे बाहर आने को बेचैन दिखाई देते थे।

सच कहूँ तो प्रिया आंटी एकदम करारा माल थीं। वो साड़ी को अपनी नाभि से नीचे बांधती थीं, जिससे उनकी नाभि साफ नजर आती थी।

चुस्त लपेटी हुई साड़ी में उनकी गांड का तो जवाब ही नहीं था—एकदम बाहर को निकली हुई, इतनी गजब दिखाई देती थी कि बस क्या ही कहूँ।

मैं तो प्रिया आंटी के हुस्न का दीवाना था। जब भी मैं उन्हें देखता, मेरा लंड खड़ा हो जाता।

उस दिन भी मैं आंटी से बात करता रहा और उनके दूध देखता रहा।

थोड़ी देर बाद प्रिया आंटी ने कहा, “देखो बच्चों, आज से खूब पढ़ाई करो। रात-दिन मेहनत करो और अच्छे नंबर लाओ।”

फिर मेरी तरफ देखते हुए बोलीं, “रोहन बेटा, तुम कॉलेज के बाद हमारे घर आया करो। यहीं खाना भी खा लिया करो। फिर आर्यन के साथ पढ़ाई किया करो ताकि तुम इसे वह बता सको जो इसे नहीं समझ आता।”

मैं बोला, “ठीक है आंटी, मैं कल से ऐसे ही करता हूँ।”

दूसरे दिन शाम 6 बजे मैं आर्यन के घर आ गया। उस वक्त आंटी दरवाजे पर खड़ी थीं। उन्होंने हल्की सी ट्रांसपेरेंट साड़ी पहनी थी, जिसमें से उनकी गोरी कमर और नाभि साफ दिख रही थी।

आंटी मुझे देखती ही बोलीं, “आ गया बेटा रोहन, आओ अंदर आओ।”

मैं बोला, “आंटी, आर्यन कहां है?”

आंटी बोलीं, “वह बाथरूम गया है।”

थोड़ी देर बाद आर्यन आया और हम दोनों पढ़ाई करने लगे। आंटी कुछ देर बाद उठकर चली गईं। मैं और आर्यन १० बजे तक पढ़ाई करने के बाद थक गए।

आर्यन बोला, “चल यार रोहन, अब नींद आ रही है।”

मैं बोला, “चल, कहां सोएं?”

आर्यन बोला, “आज मेरे पापा नहीं हैं, वो बाहर गए हैं। तू मेरे रूम में सो जा, मम्मी के साथ।”

मैं बोला, “क्या? तेरी मम्मी के साथ?”

आर्यन बोला, “अरे यार, मम्मी के बेड पर ही सोते हैं। वो बहुत बड़ा बेड है, तीन लोग आराम से सो सकते हैं।”

मैं समझ गया कि यह कोई नई चाल है। मैंने हामी भर दी।

रात को हम तीनों एक ही बेड पर सोए। आंटी बीच में, मैं एक तरफ, और आर्यन दूसरी तरफ। लाइट बंद होने के बाद, मैंने देखा कि आर्यन अपनी मम्मी की तरफ मुड़ गया।

करीब रात एक बजे मेरी आंख खुली, तो मैंने देखा कि आर्यन अपनी मम्मी से चिपका हुआ था।

उसकी मम्मी उसकी तरफ गांड करके सोई हुई थीं। मैंने अपनी चादर को थोड़ा हटाया और देखने लगा।

आर्यन अपनी मम्मी की गांड पर लंड घिस रहा था। उसने अपनी पैंट उतार दी थी। उसकी गांड मेरी तरफ ही थी। वह अपना लंड आंटी की गांड पर रगड़ रहा था और उनकी जांघ पर हाथ फेर रहा था।

मुझे लगा कि शायद आंटी गहरी नींद में सो रही हैं। लेकिन मैंने देखा कि आंटी की आंखें थोड़ी खुली थीं—वो जाग रही थीं!

कुछ देर आर्यन ऐसे ही अपनी मम्मी की गांड पर लंड रगड़ता रहा।

फिर उसने धीरे-धीरे आंटी की साड़ी उनकी कमर तक उठा दी।

आंटी ने लाल रंग की पैंटी पहन रखी थी। आंटी की टांगें बहुत मस्त लग रही थीं, गोरी और मुलायम!

मेरा लंड भी खड़ा हो गया। मैंने अपने अंडरवियर में हाथ डालकर अपने लंड को सहलाना शुरू कर दिया।

आर्यन ने मेरी तरफ देखा तो मैं सोने का नाटक करने लगा।

अब आर्यन ने आंटी को सीधा किया और उनका ब्लाउज खोलने लगा। इतने में आंटी जाग गईं।

आंटी बोलीं, “क्या कर रहा है आर्यन?”

आर्यन बोला, “मम्मी, मेरा चुदाई करने का मन कर रहा है।”

आंटी बोलीं, “लेकिन आज रोहन भी तो यहीं सोया हुआ है।”

आर्यन बोला, “रोहन सो चुका है मम्मी… और पापा तो नहीं हैं। मुझे चोद लेने दो न!”

मैं आंटी और आर्यन की बातों से समझ गया कि ये दोनों माँ-बेटे पहले भी चुदाई कर चुके हैं।

आर्यन बोला, “रोहन नहीं उठेगा मम्मी, वह एक बार सोता है तो दुबारा नहीं उठता।”

आंटी बोलीं, “और यदि उठ गया तो!”

आर्यन ने हंसकर कहा, “तो उसे भी अपनी चुत का स्वाद चखा देना!”

आंटी हंस दीं तो मैं समझ गया कि आंटी बड़ी वाली रांड हैं।

आर्यन ने कहा, “अब दो न मम्मी!”

आंटी बोलीं, “तुझसे एक दिन भी सब्र नहीं होता, रोज़ पोर्न देखकर पागल हो जाता है…”

आर्यन बोला, “मम्मी, मुझे पोर्न देखे बिना और तुम्हें चोदे बिना नींद ही नहीं आती।”

आंटी बोलीं, “लेकिन आज नहीं आर्यन प्लीज।”

आर्यन बोला, “नहीं मम्मी, ऐसा मत कहो… प्लीज़ प्लीज़।”

आंटी बोलीं, “बहुत ज़िद्दी है तू।”

आर्यन बोला, “मम्मी प्लीज़।”

आंटी बोलीं, “ठीक है… लेकिन कोई आवाज़ नहीं आनी चाहिए।”

आर्यन बोला, “ओके मम्मी।”

आंटी बोलीं, “चल, जल्दी कर!”

आर्यन ने आंटी का ब्लाउज उतार दिया। आंटी ने ब्रा नहीं पहनी थी।

उनके चूचे आज़ाद हो गए। आंटी का एक चूचा मुझे साफ दिख रहा था—बड़ा, मुलायम और सफेद, निप्पल गुलाबी और कड़े।

मैं चादर के अंदर अपने लंड पर हाथ फेर रहा था। मेरा लंड पागलों की तरह कांप रहा था।

आर्यन ने आंटी का ब्लाउज उतार कर बगल में रख दिया।

अब आर्यन अपनी मम्मी के चूचों को बारी-बारी से अपने मुँह में लेकर चूस रहा था।

आंटी के बड़े-बड़े चूचे आर्यन के हाथ में नहीं समा रहे थे।

आर्यन एक चूची मुँह में लिए हुए था और दूसरी चूची को हाथ में पकड़े था।

आर्यन बोला, “क्या मुलायम चूचे हैं तुम्हारे मम्मी… आह्ह्ह्ह उम्म्म।”

आंटी भी मदभरी सिसकारियां ले रही थीं। मेरा खुद चादर के अंदर बुरा हाल हो गया था।

आंटी बोलीं, “आआ आह्ह्ह… बेटे मेरे निपल्स चूस न!”

आर्यन अब आंटी के निपल्स को चाटने चूसने लगा।

उसने आंटी के निप्पल को मुँह में दबा कर खींचा, तो आंटी की कुछ तेज स्वर में ‘आआहह…’ निकल गई।

अब वे दोनों पूरे मजे ले रहे थे। माँ-बेटे दोनों खुलकर सेक्स कर रहे थे।

कुछ देर चूचियों से खेलने के बाद आर्यन आंटी की चूत चाटने लगा।

मैंने देखा कि आर्यन कुत्ते की तरह ज़बान निकाल कर आंटी की चूत चाट रहा था।

आंटी आंखें बंद करके उसके बालों में हाथ फेर रही थीं।

आंटी मस्त आवाज में कराहीं, “आआ आह्ह्ह… आह्ह्ह… आह्ह्ह… और चाट बेटे… और चाट अपनी मम्मी की चूत… आह्ह्ह उम्म्ह्ह… बेटा मेरी चूत के दाने को जीभ से सहला… अह्ह्ह… आआ आह्ह्ह!”

थोड़ी देर बाद आर्यन उठा और अपना लंड लेकर आंटी के मुँह के पास खड़ा हो गया।

आंटी ने आर्यन का लंड मुँह में भरा और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं। आर्यन का लंड करीब 7 इंच का था, मोटा और एकदम खड़ा।

आर्यन आंटी के एक दूध को मसलता हुआ बोला, “आह्ह्ह… मम्मी क्या लौड़ा चूसती हो तुम… आह्ह… इसी लिए तो मुझसे रहा नहीं जाता तुम्हें चोदे बिना!”

आंटी बोलीं, “बेटा अब मुझसे रहा नहीं जा रहा… मेरी चूत अब तेरा लंड माँग रही है… जल्दी से चोद दे मुझे।”

आर्यन ने आंटी की टांगें फैलाईं और पहले चूत पर किस किया, फिर वह अपना लंड आंटी की चूत पर सैट करने लगा।

मैंने अधखुली आंख से देखा कि आर्यन अपने लंड से आंटी के चूत के दाने को रगड़ रहा था।

आंटी बोलीं, “ह्ह्ह्ह… आह्ह… बेटा आअ ह्ह्ह्ह… डाल भी दे ना मेरी चूत में… उम्म्म्म्ह।”

यह सुनते ही आर्यन ने आंटी की चूत में अपना लंड पेल दिया।

आंटी बोलीं, “आअह्ह्ह्ह… अह्ह्ह… उई मांआआअ!”

आर्यन अब आंटी की सटा-सट चूत मार रहा था।

उसके झटकों से बेड हिल रहा था।

आंटी भी भरपूर मजे ले रही थीं, अपनी कमर उठा-उठाकर साथ दे रही थीं।

कुछ देर बाद आर्यन ने पोजीशन बदली।

उसने आंटी को घुटनों के बल किया और पीछे से उनकी चूत में लंड डाल दिया।

अब वो आंटी के बाल पकड़कर उन्हें कुत्ते की तरह चोद रहा था।

“फच… फच… फच…” की आवाज़ कमरे में गूंज रही थी।

आंटी बोलीं, “आह… और तेज़… मारो… फाड़ दो मेरी चूत… बेटा तू बहुत अच्छा चोदता है… आह्ह्ह!”

आर्यन बोला, “साली माँ… बहुत चिल्लाती है… ले मेरा लंड… ले!”

आंटी बोलीं, “हां… मैं रंडी हूं… मेरी चूत फाड़ दो… और तेज़… आह्ह्ह!”

मैं यह सब देखकर पागल हो रहा था।

मैंने अपना लंड बाहर निकाला और हिलाने लगा।

मुझे लगा कि आर्यन मुझे देख लेगा, लेकिन वो तो अपनी मम्मी की चूत चोदने में इतना मशगूल था कि उसे कुछ नहीं सूझ रहा था।

आर्यन ने आंटी की गांड पर थप्पड़ मारे।

उनकी गांड लाल हो गई। आंटी चीख रही थीं, “आह… मारो… और मारो… मेरी गांड लाल कर दो… आह्ह्ह!”

करीब 20 मिनट तक आर्यन ने आंटी की चूत चोदी।

फिर उसने अपना लंड बाहर निकाला और आंटी के मुँह में डाल दिया।

“चूस… अपनी चूत का रस चूस… साली रांड…” आर्यन ने कहा।

आंटी ने अपनी चूत का रस चूसा, फिर आर्यन ने फिर से उनकी चूत में लंड डाला और जोर-जोर से धक्के मारने लगा।

“मैं झड़ने वाला हूं…” आर्यन ने कहा।

“अंदर ही झड़ जा… मेरी चूत में अपना माल छोड़ दे…” आंटी ने कहा।

आर्यन ने कुछ और जोरदार धक्के मारे और फिर आंटी की चूत में ही झड़ गया। आंटी भी झड़ गईं।

वे दोनों कुछ देर हांफते रहे, फिर अलग होकर सो गए।

मैंने भी मुठ मारकर अपना पानी निकाला और सो गया।

अगली सुबह जब मैं उठा, तो आंटी सामने खड़ी मुस्कुरा रही थीं।

उन्होंने मेरी आंखों में एक अलग सी चमक देखी।

शायद उन्हें पता चल गया था कि मैं सब कुछ देख चुका हूं।

“रोहन बेटा, तुम भी आज रुक जाओ…” आंटी ने कहा।

मैं समझ गया कि आज मेरी भी बारी है…

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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