wife change xxx kahani
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है। मैं ३० साल का एक हट्टा-कट्टा नौजवान हूँ और एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर मैनेजर के पद पर काम करता हूँ।
मेरा चेहरा गोल है, बाल घुंघराले हैं, और माथा चौड़ा है। मैं हंसमुख स्वभाव का हूँ, बिंदास हूँ और बोल्ड हूँ।
कसरत करना और अपनी बॉडी बनाना मेरा शौक है इसलिए मैं हर रोज़ जिम जाता हूँ।
मेरी हाइट 6 फीट है और मेरा बदन पूरी तरह से कसा हुआ है। छाती चौड़ी है, पेट पर सिक्स-पैक एब्स हैं, और जांघें मजबूत हैं।
मेरी शादी अभी ढाई साल पहले अनन्या नाम की लड़की से हुई है।
अनन्या भी बहुत खूबसूरत, सेक्सी और बोल्ड है।
वो गोरी है, छरहरे बदन की है, और 5 फीट 6 इंच कद की है। उसके मम्मे बड़े-बड़े हैं, करीब 36 इंच के, और पूरी तरह से सुडौल हैं। उसकी कमर 26 इंच की है और नितंब 38 इंच के—पूरे गोल और मोटे।
बातें करने में वह बड़ी स्मार्ट है, खुलकर बोलती है और हँसी-मजाक करने में भी बड़ी तेज है।
हाजिरजवाबी उसका बहुत बड़ा गुण है। लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि हम दोनों को सेक्स बहुत ज्यादा ही पसंद है।
उसे चुदवाने का बड़ा शौक है तो मुझे चोदने का! उसे लंड पकड़ने का बड़ा शौक है तो मुझे लंड पकड़वाने का।
मुझे चूचियाँ मसलने का बड़ा शौक है तो उसे चूचियाँ मसलवाने का! कुल मिलाकर हम दोनों की सेक्स लाइफ बहुत अच्छी चल रही है।
दिन भर मैं ऑफिस में काम करता हूँ और मेरी बीवी घर में फ्रीलांस लेखन का काम करती है।
लेकिन रात में हम दोनों नंगे-नंगे सेक्स का खूब मज़ा लेते हैं।
मैं उसके नंगे बदन का मज़ा लेता हूँ और वह मेरे नंगे बदन का मज़ा लेती है।
इस तरह हम दोनों की लाइफ मस्त से गुज़र रही है।
एक दिन रात में वह बड़ी मस्ती से मेरे लंड से खेल रही थी।
लंड पर बार-बार बड़े प्यार से थप्पड़ मार रही थी, थप्पड़ मार-मार कर लंड को चूम रही थी, उसे पुचकार रही थी।
मैंने पूछा, “यह क्या कर रही हो मेरे लंड के साथ?”
उसने एक थप्पड़ और जड़ दिया मेरे लंड पर फिर बोली, “ये तेरा लंड नहीं है। ये तेरे दोस्त का लंड है यार… मुझे तेरे दोस्त के लंड से प्यार हो गया है। मैं तेरे दोस्त के लंड को चाहने लगी हूँ।”
मैंने पूछा, “यह मेरे कौन से दोस्त का लंड है?”
वह तपाक से बोली, “ये तेरे दोस्त करन का लंड है, अर्जुन का लंड है, सिद्धार्थ का लंड है।”
यहीं से वाइफ स्वैपिंग की कहानी की शुरुआत हो गई।
मैंने कहा, “तेरे हाथ में सिर्फ मेरा लंड है। पागल हो गई हो क्या तुम? ये सब मेरे अच्छे दोस्त हैं।”
वह बोली, “हाँ मैं पागल हो गई हूँ। मैं तेरे दोस्तों के लंड पाकर खुशी से पागल हो गई हूँ।”
यह सब सुनकर मेरे भी लंड में जबरदस्त तनाव आ गया।
वह और ज़्यादा तन कर झूमने लगा।
अनन्या मेरे लंड पर थूक-थूक कर चाटने लगी।
कोई औरत लंड की इतनी दीवानी हो सकती है, यह मुझे उस दिन साफ-साफ नज़र आ रहा था।
लेकिन एक बात है—उसका मेरे दोस्तों का नाम लेने से मैं बहुत ज़्यादा उत्तेजित हो गया था।
तो मैंने फिर लंड उसकी चूत में पेल दिया और बड़ी मस्ती से चोदने लगा।
वह बोली, “हाय मेरे राजा, आज तो मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा है। आज तुम्हारे लंड में बड़ी ताकत आ गई है। आज तुम्हारा लंड बड़ा खूंखार हो गया है। लगता है आज मेरी चूत फट जाएगी। आज मुझे खूब जमकर चोदो।”
फिर उसके मुंह से निकला, “हाय दईया, तुम क्या बोल रहे हो यार विक्रम? किसकी बीवी चोद रहे हो तुम?”
मैंने कहा, “मैं करन की बीवी चोद रहा हूँ।”
मैंने फिर चार-छह धक्के मारे और कहा, “अब मैं अर्जुन की बीवी चोद रहा हूँ।”
फिर उसी स्पीड में चार-पांच और धक्के मारे, फिर कहा, “अब तो यह लंड सिद्धार्थ की बीवी की बुर में पेल दिया है मैंने! मुझे सिद्धार्थ की बीवी चोदने में ज़्यादा मज़ा आ रहा है।”
वह बोली, “तुम अपने मन से अपने दोस्तों की बीवियाँ चोदते जाओ, लेकिन मज़ा तो मेरी ही बुर को मिल रहा है। एन्जॉय तो मैं ही कर रही हूँ।”
यह सच है कि अगर मन में पराई बीवियों का नाम लो तो अपनी बीवी चोदने में ज़्यादा मज़ा आता है।
इसी तरह बीवी अगर सोचे कि वह किसी पराये मर्द से चुदवा रही है तो उसे भी अपने पति से चुदवाने में ज़्यादा मज़ा आता है।
हम दोनों की चुदाई में रुचि दिन पर दिन बढ़ने लगी।
ऐसा करते-करते दिसंबर का महीना आ गया। 31 दिसंबर की रात को जब वह मेरा लंड बड़े प्यार से चूम-चाट रही थी तो मैंने पूछा, “अनन्या, इस बार नया साल किस तरह मनाओगी?”
वह बोली, “जैसे पिछली बार मनाया था, वैसे ही मना लेंगे।”
मैंने कहा, “नहीं यार, इस बार कुछ नया होना चाहिए। कुछ नया सोचो ना प्लीज़?”
वह बोली, “जो तुम चाहो कर लो, मैं तो तुम्हारे साथ हूँ।”
मैंने कहा, “वो तो ठीक है… पर बताओ ना कुछ नायाब आइडिया?”
वह बोली, “तो फिर तुम लोग एक दूसरे की बीवी चोदकर मनाओ नया साल। एक ही कमरे में एक दूसरे के सामने एक दूसरे की बीवी चोदो। लंड दूसरे की बीवी की चूत में पेलो और खूब मज़े लो। इस तरह एक दूसरे की बीवियाँ लंड पेल-पेलकर रात भर चोदो। मैं तो तुम्हारे दोस्तों से चुदवाने के लिए तैयार हूँ।”
मैंने कहा, “मैं भी अपने दोस्तों की बीवियाँ चोदने के लिए तैयार हूँ।”
वह बोली, “फिर देर किस बात की… कल से काम पर जुट जाओ। अपने दोस्तों से बात करो, उन्हें राजी करो।”
करन, अर्जुन, और सिद्धार्थ—तीनों मेरे दोस्त हैं।
हमारा फैमिली सहित तीनों के घर में आना-जाना है।
तीनों फैमिली एक दूसरे को अच्छी तरह जानती हैं;
कोई अपरिचित नहीं है और तीनों से खुलकर बात करने में भी कोई संकोच नहीं है।
इसलिए शाम को मैं और करन एक होटल में ड्रिंक्स पर बैठ गए और खुलकर बात करने लगे।
बातों का सिलसिला नया साल मनाने पर टिक गया।
थोड़ी इधर-उधर की बातें की, बाद में मैंने उसके सामने अपने नए साल के मौके पर बीवियों की अदला-बदली का सुझाव रखा।
तो वह उछल पड़ा। वह बोला, “यार, यही तो मैं भी कहने वाला था। मेरी बीवी रोज़ मुझसे पूछती है कि आज तुमने विक्रम से बात की या नहीं? वह तो वाइफ स्वैपिंग में मुझसे ज़्यादा इंटरेस्टेड है। उसी ने मुझसे कहा था कि तुम विक्रम से बात करो, वह मुझे पसंद है, मान जाएगा। ये तो बहुत बढ़िया रहेगा, मैं भी तैयार हूँ और मेरी बीवी भी तैयार है।”
मैं खुशी-खुशी घर लौट आया। घर में आकर मैंने अपनी बीवी अनन्या को पूरी बात बताई तो वह खुश हो गई।
उसने कहा, “अब मैं तुमको बता रही हूँ कि मैंने क्या किया।”
“जब तुम ऑफिस में थे तो मैं पहले करन के घर गई और उसकी बीवी मेघा से मिली। औरतें आपस में खुलकर खूब गंदी-गंदी बातें कर लेती हैं; मर्द उतना नहीं कर पाते। मैंने तो कह दिया—यार मेघा, मैं तेरे पति से चुदवाना चाहती हूँ। बदले में तुम मेरे पति से चुदवा लो।”
“वह बोली, ‘अच्छा तो तुम हसबैंड स्वैपिंग करवाना चाहती हो।’ मैंने कहा, ‘हाँ, नया साल हसबैंड/वाइफ स्वैपिंग के साथ मनाना चाहती हूँ।’ वह बोली, ‘हाँ ठीक है, मैं तैयार हूँ।'”
फिर मैं अर्जुन की बीवी के घर चली गई, उससे भी खुलकर बात हुई।
वह तो साफ-साफ बोली, “एक बात बताऊँ अनन्या? किस भोसड़ी वाली को पराये मर्द का लंड अच्छा नहीं लगता? सबकी सब बीवियाँ पराये मर्द के लंड के लिए उतावली रहती हैं। और मैं भी! एक सच्चाई और सुन ले अनन्या, कोई माने चाहे न माने… पर यह सच है कि बीवियाँ बुरचोदी सब अंदर से रंडियाँ होती हैं। कई मर्दों से चुदवाने की चाहत सबमें होती है, मुझमें भी है।”
उसकी बातें सुनकर मैं तो खुशी से पागल हो गया।
मैंने मन में कहा कि अभी तक मैंने वाइफ स्वैपिंग के बारे में पढ़ा और सुना बहुत है, पर अब तो हम सब वही करने जा रहे हैं। कितना मज़ा आएगा!
अगले दिन यानी ३१ दिसंबर की शाम को मैंने दोनों कपल—करन-मेघा और अर्जुन-सोनम को ड्रिंक्स एंड डिनर पर आमंत्रित कर लिया।
अगली शाम को सही टाइम पर सब लोग आ गए। हमने उनका स्वागत किया और बड़े आदर-सत्कार से बैठाया।
करन की बीवी मेघा साड़ी और ब्रा में थी।
ब्रा उसकी इतनी तंग थी कि उसके अंदर से उसके बड़े-बड़े मम्मे बाहर निकलने के लिए बेताब हो रहे थे।
मेरी नज़र बस वहीं टिक गई। उधर अर्जुन की बीवी सोनम लो-वेस्ट जींस और डीप नेक का स्लीवलेस टॉप पहनकर आई थी।
टॉप तो बहनचोद एक छोटी सी ब्रा जैसी ही थी। उसकी भी बड़ी-बड़ी मस्तानी चूचियाँ मुझे विचलित कर रही थीं।
इधर मेरी बीवी अनन्या ने एक घाघरा पहना था और ऊपर वह बिल्कुल नंगी थी।
वह अपने लंबे-लंबे बालों को आगे करके अपने मम्मे छिपाए हुए थी, लेकिन इधर-उधर घूमने-फिरने में उसके बड़े-बड़े मम्मे सबको दिख जाते थे; निप्पल भी दिख जाते थे।
करन और अर्जुन दोनों मेरी बीवी की चूचियाँ देखने के लिए आँखें गड़ाए हुए बैठे थे।
इतने में मेरी बीवी ने सबको ड्रिंक्स का गिलास पकड़ा दिया। सबने एक स्वर में चियर्स कहा और दारू पीने लगे।
सबको दूसरे की बीवियों के साथ दारू पीना बड़ा अच्छा लग रहा था। मैं सोचने लगा कि जब ये दोनों मेरा लंड अपने होंठों से लगाएँगी तो मुझे कितना मज़ा आएगा?
मेघा ने पूछा, “बीवियों की अदला-बदली करके नया साल मनाने का आइडिया कहाँ से आया विक्रम?”
मैंने कहा, “यह आइडिया मेरा नहीं, मेरी बीवी अनन्या का है।”
मेघा बोली, “बड़ी रोमांटिक है तेरी बीवी बहनचोद… क्या मस्त आइडिया है। मैंने कई बार अपने पति से कहा कि तुम विक्रम से इस विषय पर बात करो। पर चलो आज मेरे मन का होने जा रहा है।”
सोनम ने कहा, “अब दुनिया बदल चुकी है। अब तो लोग अपनी सुहागरात भी बीवियाँ अदला-बदली कर मनाते हैं।”
मेरी बीवी ने कहा, “दूसरे का पति सबको अच्छा लगता है और दूसरे की बीवी सबको अच्छी लगती है। तभी तो मेरे मन में आइडिया आया।”
इन बातों से माहौल गर्म और रोमांटिक हो गया।
मैंने मेघा की पीठ पर हाथ रख दिया तो उसने मेरी जांघ पर हाथ रख दिया।
उसे मैंने अपनी तरफ खींचा तो उसने अपनी बाहें मेरे गले में डाल दीं, मेरी चुम्मी ले ली। मैंने भी उसके होंठ चूमे।
तब मैंने देखा कि करन सोनम को अपनी तरफ खींच कर उससे प्यार करने लगा है।
अर्जुन ने मेरी बीवी अनन्या को अपनी बाहों में भर लिया और उसने गाल चूमने लगा, उसकी चूचियाँ दबाने लगा। उसके मम्मे तो एकदम खुले हुए थे।
इस तरह हम तीनों ने अपने-अपने पार्टनर चुन लिए। इतने में मेरी बीवी अनन्या ने बोला, “यार सोनम और मेघा, तुम चाहो तो अलग-अलग कमरे में अपने-अपने पार्टनर के साथ चली जाओ।”
सोनम ने कहा, “क्यों चली जाऊँ? मैं देखूँगी कि तू मेरे पति का लंड कैसे चूसती है।”
मेघा बोली, “मैं भी देखूँगी कि सोनम मेरे पति का लंड कैसे चूसती है। इसलिए कोई यहाँ से कहीं नहीं जाएगी। यहीं आमने-सामने ही होगी पतियों की अदला-बदली और बीवियों की अदला-बदली। हम सब एक दूसरे की चुदाई देख-देखकर मज़ा लेंगी। जब हमें कोई शर्म नहीं, कोई झिझक नहीं, तो फिर अलग-अलग क्यों? एक साथ क्यों नहीं? हम कोई २०-२१ साल के कपल नहीं हैं। मैच्योर कपल हैं। अब हमें शर्माना नहीं आता।”
इस तरह की गरमागरम बातें भी हो रही थीं और साथ ही साथ सबके कपड़े भी एक-एक करके उतर रहे थे।
मेरी बीवी अनन्या ने फटाफट अपने बालों को पीछे धकेला और हाथ उठाकर उनका जूड़ा बना लिया।
उसका ऐसा करने से उसके बड़े-बड़े मम्मे सबको दिख गए। सबने खूब मज़ा लिया।
फिर मेघा ने अपनी साड़ी उतारकर रख दी और हाथ पीछे करके अपनी ब्रा का हुक खोल दिया।
हुक खुलते ही उसके बड़े-बड़े दूध छलक पड़े।
मेरा तो लंड साला उछल पड़ा और अर्जुन का लौड़ा भी कुलबुलाने लगा।
इसी तरह जब सोनम ने अपना टॉप उतारा तो उसकी मादक चूचियाँ देखकर सारे मर्द मस्त हो गए।
सोनम सच में बड़ी हॉट लग रही थी।
मेरा मन हुआ कि अगर उसकी जींस भी थोड़ा खुल जाए तो सबको उसकी झांटें दिख जाएँगी। लेकिन वह जींस पहने बैठी रही।
मैं मेघा की चूचियाँ सहलाने लगा।
करन ने सोनम की चूचियों की चुम्मी ले ली और निप्पल मसलने लगा।
अर्जुन मेरी बीवी अनन्या के बूब्स हौले-हौले दबाकर मस्ती करने लगा।
हम तीनों को एक दूसरे की बीवी के मम्मे बड़े प्यारे लग रहे थे।
मैं तो जोश में आकर मेघा के स्तन चाटने लगा, निप्पल मुंह में भरकर चभलाने लगा।
मेघा मेरा लंड ऊपर से ही दबाने लगी। सोनम करन का लंड ऊपर से ही टटोलने लगी और मेरी बीवी ने अर्जुन की पैंट की ज़िप खोलकर अपना हाथ अंदर घुसेड़ दिया।
वह जल्दी से अर्जुन का लंड निकालकर देखना चाहती थी।
मज़े की बात यह थी कि सब कुछ आमने-सामने ही एक ही जगह हो रहा था।
न किसी को कोई शर्म थी और न कोई डर! बीवियाँ इस खेल में उन्मुक्त होकर भाग ले रही थीं।
तीनों बीवियाँ खुद एक दूसरे के पति का लंड पकड़ने के लिए व्याकुल हो रही थीं। तीनों बीवियाँ बड़ी निडर, साहसी और बोल्ड थीं।
रात के साढ़े ग्यारह बज चुके थे।
अब नया साल आने में बस आधे घंटे का समय ही बाकी था।
देखते ही देखते तीनों बीवियाँ एकदम नंगी हो गईं।
उनको नंगी देखकर मर्दों के लंड में गजब का करंट लग गया।
तब बीवियों ने एक दूसरे के पति को फटाफट नंगा कर दिया।
सबके लंड टनटना खड़े हो गए। करन का लंड 6.5 इंच का था, मोटा और कड़ा। अर्जुन का लंड 7 इंच का था, पतला लेकिन लंबा। और मेरा लंड 7.5 इंच का, मोटा और एकदम तराशा हुआ।
मेघा नंगी-नंगी मेरा लंड पकड़कर हिलाने लगी, बोली, “बाप रे बाप… क्या मस्त लौड़ा है अनन्या तेरे पति का!”
उधर मेरी बीवी नंगी-नंगी अर्जुन का लंड पकड़कर बोली, “हाय मेरी बुरचोदी सोनम, तेरे पति का लंड तो भोसड़ा भी फाड़ डालेगा।”
सोनम तब तक खुद नंगी होकर करन का लंड पकड़कर चारों तरफ से घुमा-घुमा कर देखने लगी थी।
वह बोली, “अरे यार मेघा, तेरे पति का मादरचोद लंड आज ही मेरी चूत का भोसड़ा बना देगा।”
इन तीनों की मस्त-मस्त बातों से सबके लंड बड़े ताव में आ गए।
बीवियाँ बड़ी शिद्दत से एक दूसरे के पति का लंड चाट-चाटकर मज़ा लेने लगीं।
सबकी नज़रें घड़ी पर थीं क्योंकि सबको अपना लंड दूसरे की बीवी की बुर में 2025 में पेलना था और 2026 में निकालना था।
मुझे मेघा का नंगा जिस्म बड़ा मज़ा दे रहा था।
फिर मुझसे रहा न गया और मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और उसकी दोनों टांगें फैला दीं।
उसकी मस्तानी चूत मेरे सामने खुल गई तो मैंने लंड उसी पर रख दिया।
मैंने एक धक्का मारा तो लंड सरसराता हुआ पूरा अंदर घुस गया।
तब मैंने देखा कि करन भी मेरी बीवी अनन्या की बुर में अपना पूरा लंड घुसा चुका है। यह देखकर मैं और उत्तेजित हो गया।
फिर मेरे बगल में, अर्जुन एकदम नंगा-नंगा सोनम के ऊपर चढ़ बैठा, अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया और गचर-गचर चोदने लगा।
इस तरह हम तीनों लोग आमने-सामने एक दूसरे की बीवी बिंदास चोदने लगे।
अपनी बीवी को दूसरे से चुदवाते हुए देखकर किसी और की बीवी चोदने का सुख सच में बड़ा अच्छा होता है। यही सुख हम तीनों लेने लगे। अपनी बीवी को किसी और से चुदते हुए देखने में भी बड़ा मज़ा आता है। मुझे यह अहसास हो गया कि हर एक बीवी पराये मर्द के लंड से ज़्यादा मस्ती से चुदवाती है।
मेघा मस्ती में बोली, “हाय मेरे विक्रम राजा, तेरा लंड बड़ा मज़ा दे रहा है। आज मुझे सबसे ज़्यादा मज़ा आ रहा है, मुझे खूब चोदो। मेरे पति के सामने फाड़ डालो मेरी फुद्दी… क्या मस्त लौड़ा है तेरा! ऐसा ही लौड़ा मेरी चूत का बाजा बजा सकता है। मैं ऐसे ही लंड के लिए तरस रही थी।”
उधर से सोनम बोल पड़ी, “हाय मेरी बुरचोदी मेघा, तेरे पति का लौड़ा मेरी चूत के चीथड़े उड़ा रहा है। बड़ा अच्छा लग रहा है यार! तूने अपने पति से मेरी चूत पहले क्यों नहीं चुदवाई? हाय अर्जुन… चोदे जाओ मेरी चूत। पूरा लौड़ा घुसा-घुसा के चोद… पटक-पटक के चोद मुझे!”
मेरी बीवी अनन्या भी पूरी मस्ती में थी।
वह भी कुछ न कुछ बोले चली जा रही थी, “हाय करन, हाय मेरे राजा, तेरा लंड मेरी तमन्ना पूरी कर रहा है। मुझे पराये मर्द से चुदवाने की बड़ी इच्छा थी, देखो आज चुदवा रही हूँ। पूरा मज़ा ले रही हूँ। आज करन मुझे मेरे पति के आगे चोद रहा है। कितना मज़ा आ रहा है। मुझे तो अपने पति को मेघा चोदते हुए देखने में भी आ रहा है। मैं यही तो कह रही थी अपने पति से कि कभी किसी और बीवी चोदकर देखो। कभी अपनी बीवी किसी और से चुदवा कर देखो। मेरा पति मेरी बात मान गया और आज देखो वह मेघा चोद रहा है और मुझे सोनम के पति करन से चुदवा रहा है। पति हो तो मेरे पति जैसा! लंड हो तो करन के लंड जैसा!”
इन सब बातों से चुदाई का मज़ा दुगुना हो गया। अब बस 2-3 मिनट ही बाकी थे नया साल आने में! सबकी नज़रें टीवी पर लगीं थीं। इधर हम तीनों ने चोदने की स्पीड बढ़ा दी।
इतने में टीवी से आवाज़ आई—”HAPPY NEW YEAR!” हम सबने भी कहा “HAPPY NEW YEAR!” हमारे लंड अभी भी चूत में घुसे हुए थे।
हम सब एक दूसरे की बीवी अपनी तरफ खींचकर पूरे जोश में चोदने लगे।
जैसा ही 5 मिनट हुए तो हमारे लंड झड़ने लगे। मेघा ने मेरा झड़ता हुआ लंड चाटा, सोनम ने करन का झड़ता हुआ लंड चाटा और मेरी बीवी ने अर्जुन का झड़ता हुआ लंड चाटा।
इस तरह लंड चूत में 2025 को घुसा और 2026 में चूत से बाहर निकला और फिर हमने अंदर पेल दिया।
कुछ देर तक हम सब नए साल में भी एक दूसरे की बीवी चोदते रहे।
बीवियाँ भी बड़े मज़े से चुदवातीं रहीं।
उनको शायद हमारे से ज़्यादा मज़ा आ रहा था।
आखिर में एक-एक करके लंड झड़ने लगे और सबने झड़ते हुए लंड चाटे।
उसके बाद नए साल का केक काटा गया; केक सबको बांटा गया। मर्दों ने बीवियों की चूत पर, चूतड़ों पर और चूचियों पर केक लगाया और खूब प्यार से चाटा।
बीवियों ने भी सबके लंड पर, पेल्हड़ पर केक लगाया और मस्ती से चाटा।
वाइफ स्वैपिंग का सबने खूब एन्जॉय किया।
फिर बाथरूम से नहा-धोकर सब लोग वापस आ गए।
खूब बातें होने लगीं। सबके चेहरे खिले हुए थे, सभी चुदाई के नशे में थे।
धीरे-धीरे फिर चुदाई का माहौल बनने लगा।
इस बार मेरी बीवी अनन्या ने करन का लंड पकड़ लिया।
मेघा ने अर्जुन का लंड पकड़ लिया। और सोनम ने मेरा लंड पकड़ लिया।
फिर क्या… मैंने बड़े मज़े से सोनम चोदी। करन ने मेघा चोदी।
और अर्जुन ने मेरी बीवी चोदी।
यह चुदाई अब पूरी तरह 2026 की चुदाई थी।
नए साल का पहला ही दिन था।
सुबह जब हम उठे, तो सब एक-दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे।
हमने साथ में नाश्ता किया, और फिर एक-एक करके सब चले गए।
लेकिन हमारी यह दोस्ती अब और भी गहरी हो गई थी।
अब हम हर महीने मिलते हैं, और हर बार नए-नए तरीके से एक दूसरे की बीवियाँ चोदते हैं।
यह थी हमारी नए साल की पार्टी की कहानी।
उम्मीद है आपको पसंद आई होगी…
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