अम्मी को चूत चुदाई करवाती देखा

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सेक्सी माँ सेक्स कहानी में मैं आपको बताऊंगा कैसे मैंने अपनी मम्मी को हमारे पुराने पड़ोसी भैया से चुद्वाती देखा, फिर मेरे दोस्त और मैंने भी चोदा।

मेरा नाम आदिल है।
मैं और मेरी अम्मी एक सोसाइटी में रहते हैं।
अब्बू मुंबई में काम करते हैं तो महीने में सिर्फ एक हफ्ते के लिए घर आते हैं।

अम्मी के बारे में बताऊं तो उनका नाम आशिया है।
वह बहुत ही यंग दिखती हैं क्योंकि वह पिछले 10 साल से योगा कर रही हैं।

सोसाइटी के सारे मर्द अम्मी को पाना चाहते हैं और उनसे बात करने का बहाना ढूंढते हैं।
अम्मी का फिगर बिल्कुल किसी पोर्न स्टार जैसा है— वही लंबे बाल, भरे हुए लंड और गजब की कद-काठी।
मेरे दोस्त भी अम्मी के दीवाने हैं।

मैं सीधे सेक्सी माँ सेक्स कहानी पर आता हूँ।

हम जहाँ पहले गाँव में रहते थे.
वहाँ हमारा एक पड़ोसी था— शिवा।
वह मुझसे 7-8 साल बड़ा था और उसकी नज़र हमेशा से अम्मी पर थी।

हमारे सिटी शिफ्ट होने के 2 साल बाद शिवा की अम्मी का कॉल आया कि उसे बुखार है और उसके एग्जाम भी हैं, तो उसे कुछ समय के लिए अपने घर रख लो।
अम्मी ने हाँ बोल दिया और वह आकर रहने लगा।

हमारा फ्लैट 1BHK है, तो मैं और अम्मी कमरे में सोते थे और शिवा भाई बाहर हॉल में बिस्तर लगा कर सोते थे।
वह हमारा ही वॉशरूम यूज़ करते थे।

2-3 दिन बाद ही भाई ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया।
वह घर में शर्टलेस घूमने लगे, वॉशरूम में अम्मी के कपड़ों के साथ छेड़छाड़ करना और बिना अंडरवेयर के लोअर पहनना ताकि उनका लंड साफ दिखे।

मैं यह सब समझ रहा था और अम्मी भी मन ही मन समझ रही थीं.
पर उन्होंने कुछ बोला नहीं।

एक-दो दिन बाद मेरा मेरे दोस्त जावेद के साथ पीने का प्लान बना।
वह मुझसे 2 साल बड़ा है और बगल के मोहल्ले में रहता है।

हम लोग बढ़िया पीकर घर आने लगे, पर उसके घर वालों ने गेट नहीं खोला, तो मैं उसे अपने घर ले आया।
मैंने अम्मी से बोला कि कुछ फैमिली इशू है, इसे यहीं सुला लेते हैं।
अम्मी का मन नहीं था, पर वह मान गईं।

मैं जब चेंज करके आया तो देखा कि वह ऑलरेडी जींस-शर्ट उतारकर खाली कच्छे में हमारे बेडरूम में सो गया है।

अम्मी की नज़र उस पर गई और उन्होंने तुरंत अपनी नज़र हटा ली।

अम्मी ने बोला, “तुम यहीं सो जाओ, मैं बाहर हॉल में गद्दा लगाकर सो रही हूँ!”

पर मेरे दिमाग में शक था कि कहीं शिवा भाई अम्मी को पटा न लें.
तो मैंने ज़ोर देकर अम्मी को बोला कि आप मेरे साथ ही सो जाओ, हम तीनों एक ही बेड पर सो जाएंगे और मैं बीच में सो जाऊंगा।

पता नहीं शायद जावेद उठा हुआ था, उसने जैसे ही हम लेटे, करवट ली और बीच में आ गया।

इतने में अम्मी चेंज करके आईं।
अम्मी ने टी-शर्ट और नीचे लोअर पहना था।
लोअर में से उनकी अंडरवेयर की लाइन साफ दिख रही थी और टी-शर्ट में उनके लंड बिल्कुल उभर कर दिख रहे थे।

एक बार तो मेरा भी बुरा हाल हो गया।

हमने जावेद को हिलाकर उठाने की कोशिश की कि साइड हो जा, पर वह हिला नहीं।

मैंने भी नशे में बोल दिया, “चलो सो जाओ ऐसे ही!”
और हम लेट गए।

करीब 20 मिनट बाद ही जावेद ने हरकत शुरू कर दी।
मुझे लगा शायद अम्मी ने भी नोटिस कर लिया है।

मैंने उसके कान में धीरे से बोला, “बकचोद क्या कर रहा है? अम्मी सो रही हैं साइड में!”

तो वह मुझसे बोलता है, “भाई चुप रह, करने दे! आज तेरी अम्मी बहुत गजब लग रही हैं। अंधेरे में पता नहीं चलेगा, तू जागता रहियो, मैं कोशिश करता हूँ!”

उसने यह बोलकर करवट ली और अम्मी के ऊपर हाथ रख दिया।
अम्मी ने तुरंत हाथ हटाया.

पर उसने 5 मिनट बाद फिर रख दिया।
इस बार शायद अम्मी ने ढील दे दी थी।

वह अपना लंड अम्मी के शरीर पर रगड़ने लगा।

अम्मी ने पीछे हाथ करके हटाना चाहा तो उनका हाथ सीधे उसके लंड पर जा लगा।
अंधेरा था, अम्मी को लगा शायद किसी को कुछ दिख नहीं रहा है।

जावेद ने तुरंत अम्मी का हाथ पकड़ लिया और अपने लंड पर टिका दिया।
अम्मी ने उसे मुट्ठी में भरा और ज़ोर से हिलाने लगीं।

अम्मी की चूड़ी से आवाज़ आ रही थी।
अम्मी को लगा होगा कि इसे शांत कर दूँ तो शायद यह आगे कुछ न करे, पर शायद उनकी अपनी हवस भी जाग गई थी।

मैंने सब देखा और बिना हिले देखता रहा।
1-2 मिनट बाद उसने अम्मी के कपड़े नीचे किए और शुरू हो गया।

अम्मी ने पहले बचने की कोशिश की तो उसने एक हाथ से उनका मुँह बंद किया और अंदर डाल दिया।
वह 10-15 मिनट तक पीछे से उन्हें थपाथप पेलता रहा।

फारिग होने के बाद अम्मी ने पलटकर उसे चूम लिया!
शायद उसने अम्मी को संतुष्ट कर दिया था।

कम से कम 20 मिनट तक अम्मी ने उसे चूमा और चाटा।

उसका लंड फिर खड़ा हो गया और वह सीधा अम्मी के ऊपर चढ़ गया।

अम्मी ने मेरी तरफ देखा और मुझे आँखें खोलकर सब देखते हुए देख लिया।
मैं और अम्मी आँखों में आँखें डालकर देख रहे थे और वह अंधेरे में अम्मी को जबरदस्त तरीके से चोदे जा रहा था।

जब वह फारिग होने वाला था, तो अम्मी ने उसे लात मार दी।
15-20 मिनट आपस में चूमने के बाद उसने अपना कच्छा पहना और मेरी साइड मुँह करके लेट गया और हंसने लगा।

उसने धीरे से बोला, “मज़ा आया? तुझे भी कराऊँ?”

मैंने उस टाइम मना कर दिया।
सुबह अम्मी उठीं तो बहुत खुश थीं।

उन्होंने सबके लिए कोल्ड कॉफी बनाई।

शिवा भाई नंगे बदन ही रसोई में चले गए।
मैं और जावेद देख रहे थे कि कैसे वह अम्मी के करीब जाने के बहाने ढूंढ रहे थे।
अम्मी भी सब समझ रही थीं और मेरी ओर देख रही थीं।

मेरे दिमाग में पता नहीं क्या आया, मैंने जावेद के जाते ही शिवा भाई को सब बता दिया कि रात को क्या-क्या हुआ।
उनका तो दिमाग ही खराब हो गया!

उन्होंने मुझसे बोला, “अब हम दोनों भी लेंगे! प्लीज तू कुछ बोलना मत। देख, तेरे दोस्त ने भी किया है, मुझे भी करने दे और तू भी कर!”

मैंने हाँ कर दिया क्योंकि मेरा भी बुरा हाल था।

उन्होंने एक गोली निकाली और खाने में मिला दी।
मैंने बोला कि मैं नहीं खाऊंगा.
तो उन्होंने बोला, “सब खाएंगे तभी सबको जोश चढ़ेगा!”

हमने खाना खाया और 2-3 घंटे बाद ही मैंने देखा कि अम्मी नहाने जा रही हैं।
नहाकर आईं तो उनका शरीर अलग ही निखरा हुआ था।
टी-शर्ट के नीचे से उनके स्तन साफ झलक रहे थे।

भाई समझ गए कि गोली काम कर गई है।

शिवा भाई ने बोला, “भाभी, मेरी कमर में दर्द हो रहा है इस बेड पर। मैं आज अंदर सो जाऊं क्या? मच्छर भी लगते हैं बाहर।”

अम्मी सब समझ गईं कि आज क्या होने वाला है।
अम्मी ने मुझे एक स्माइल दी और कहा, “हाँ क्यों नहीं? यहीं सोया करो हमारे साथ, कोई दिक्कत नहीं है!”

रात होते ही, जो हम 10-11 बजे सोते थे, आज 8 बजे ही लाइट्स बंद करके लेट गए।
अम्मी ने चेंज किया और इस बार उन्होंने अंदर कुछ नहीं पहना था।
लोअर और टी-शर्ट के नीचे से वह बिल्कुल फ्री थीं।

उन्हें बीच में लेटा देख मेरा भी कंट्रोल खो गया।
मैं और शिवा भाई दोनों तैयार थे।

शिवा भाई ने बोला, “लाइट मत बंद करो!”
और हैरानी की बात थी कि अम्मी मान गईं।

10 मिनट बाद ही भाई ने अम्मी को अपनी तरफ खींचा और किस करना स्टार्ट कर दिया।
मेरे सामने अम्मी के खुले बाल और उनकी पीठ थी।

मैंने भी हिम्मत करके उनकी कमर और बदन को सहलाना शुरू किया।
अम्मी ने कुछ नहीं बोला।

अचानक भाई ने अम्मी की टी-शर्ट उतार दी।
अम्मी के मुँह से चीख निकली।
वह कराहते हुए बोलीं, “आह्ह शिवा!”

मेरा लंड पूरी तरह तैयार था।

मैंने एक तरफ से अम्मी को सहलाना शुरू किया और दूसरी तरफ से भाई ने उन्हें अपनी बाहों में भर लिया।
भाई ने जैसे ही अपना और अम्मी का निचला कपड़ा उतारा, अम्मी उनका लंड देखकर डर गईं।

अम्मी ने मना किया, “शिवा, नहीं! यह सब नहीं कर सकती। तुमने कुछ खाया है ना? कोई गोली वगैरह? यह इतना बड़ा कैसे है? यह नॉर्मल नहीं है शिवा!”

भाई ने कुछ नहीं बोला और बस चूमना-चाटना जारी रखा।

उन्होंने अम्मी के लंडों के बीच अपना लंड फंसाया और रगड़ने लगे।
उन्होंने मुझे इशारा किया कि तू शुरू कर।

मैंने तुरंत अम्मी की टांगें ऊपर कीं और अम्मी की चूत में अपना लंड घुसा दिया।
अम्मी मदहोश थीं, उन्हें बहुत मज़ा आ रहा था।

मैं अंदर ही फारिग हो गया और साइड में लेटकर देखने लगा।

फिर जो मैंने देखा, मैं हैरान रह गया।
अम्मी भाई के लंड को चूसने लगीं।
ऐसा रूप मैंने उनका कभी नहीं देखा था।

5 मिनट चूसने के बाद भाई नीचे आए और जानवरों की तरह अम्मी को पेलने लगे।
पहले तो अम्मी को मज़ा आया, पर फिर उन्हें इतना दर्द हुआ कि आँखों में आँसू आ गए।

मैं और अम्मी आँखों में आँखें डालकर देख रहे थे और शिवा भाई उन्हें पागलों की तरह चोदे जा रहे थे।

10 मिनट में अम्मी पूरी तरह संतुष्ट होकर झड़ गईं और उसके थोड़ी देर बाद भाई भी फारिग हो गए।

अम्मी को अब बहुत शर्म आ रही थी।
उन्होंने बोला, “बेटा, लाइट्स ऑफ कर दे प्लीज!”

मैंने लाइट बंद की।
अम्मी बीच में लेटी रहीं और सारी रात हम उनके बदन से खेलते रहे।

सुबह उठते ही अम्मी नहाने चली गईं।

हम दोनों पीछे-पीछे भागे और बाथरूम में घुस गए।
अम्मी सब समझ गई थीं।
उन्होंने हमारे साथ शावर लिया और हमने नहाते हुए भी खूब मजे किए।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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