doctor patient x chudai kahani
मेरा नाम बबलू है और मैं एक गुप्त रोग विशेषज्ञ हूँ। मेरी उम्र 28 साल है और मैंने इस पेशे को इसलिए चुना क्योंकि मुझे सेक्स का बहुत शौक है। मेरा लंड 8.7 इंच का है और मोटाई में भी काफी भरपूर है। मेरी हाइट 5 फीट 8 इंच है और देखने में मैं काफी हैंडसम हूँ।
आपने मेरी पिछली कहानी पढ़ी होगी की कैसे मैंने माला को अपने बड़े लंड से चोदकर इलाज किया
मेरे क्लिनिक में रोज़ाना कई जोड़े आते हैं जिन्हें अलग-अलग समस्याएँ होती हैं।
कुछ पुरुषों का लंड छोटा होता है, कुछ जल्दी झड़ जाते हैं, और कुछ मामलों में पति बांझ होते हैं।
ऐसे में पत्नियाँ माँ बनने की इच्छा रखती हैं लेकिन उनके पति उन्हें गर्भवती नहीं कर पाते।
ऐसा ही एक मामला राधा और उसके पति अमित का था। राधा की उम्र 27 साल थी और वह शादी को 5 साल हो चुके थे।
उसके पति अमित एक बैंक में काम करते थे। राधा बहुत खूबसूरत थी, उसका फिगर 36-30-38 था।
उसके बूब्स बहुत बड़े और सुडौल थे, पीठ बिल्कुल संकरे और कमर मोहक थी।
उसके चेहरे पर एक मासूमियत थी जो किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर लेती थी।
एक दिन अमित और राधा मेरे क्लिनिक में आए।
अमित ने बताया कि उनकी शादी को 5 साल हो गए हैं लेकिन राधा माँ नहीं बन पा रही है।
उन्होंने कई डॉक्टरों को दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
मैंने अमित का चेकअप किया और पाया कि उनके स्पर्म काउंट बहुत कम थे, लगभग शून्य के बराबर। अमित बांझ थे।
जब मैंने यह बात उन्हें बताई तो राधा की आँखों में आँसू आ गए। वह बहुत दुखी थी।
उसने कहा, “डॉक्टर साहब, मैं माँ बनना चाहती हूँ। कृपया कोई रास्ता निकालिए।”
मैंने उन्हें बताया, “राधा जी, एक रास्ता है। अगर आप चाहें तो आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन करवा सकती हैं लेकिन उसमें सफलता की गारंटी नहीं होती। दूसरा रास्ता यह है कि…” मैंने रुककर देखा।
“क्या डॉक्टर साहब? कुछ भी कीजिए, मैं माँ बनने को तैयार हूँ,” राधा ने बड़ी उम्मीद से पूछा।
मैंने अमित से कहा, “क्या आप बाहर थोड़ी देर इंतज़ार कर सकते हैं? मुझे राधा जी से अकेले में कुछ बात करनी है।”
अमित बाहर चले गए। फिर मैंने राधा से कहा, “राधा जी, दूसरा रास्ता यह है कि आप किसी स्वस्थ पुरुष से संबंध बनाएँ और गर्भवती हों। अगर आप चाहें तो मैं आपकी मदद कर सकता हूँ। मेरा स्पर्म काउंट बहुत अच्छा है और मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूँ।”
राधा ने शर्माते हुए मुझे देखा। उसके चेहरे पर लाली छा गई।
वह कुछ देर सोचती रही फिर बोली, “डॉक्टर साहब, आप सही कह रहे हैं। मैंने इस बारे में सोचा भी था। अगर आप मेरी मदद करें तो मैं आपकी आभारी रहूँगी। लेकिन मेरे पति को पता नहीं चलना चाहिए कि बच्चा उनका नहीं है।”
मैंने कहा, “वह मैं देख लूँगा। हम यह कह सकते हैं कि आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन किया गया है। लेकिन इसके लिए आपको मेरे साथ संबंध बनाने होंगे कई बार, तभी गर्भवती होने के चांस ज़्यादा होंगे।”
राधा ने हाँ में सिर हिला दिया। उसने कहा, “ठीक है डॉक्टर साहब, जब भी आप कहेंगे मैं आ जाऊँगी।”
मैंने उसे अगले हफ़्ते आने के लिए कहा और अपने क्लिनिक में एक बड़ा सा बेड और अन्य सुविधाएँ लगवा दीं।
अगले हफ़्ते राधा ठीक समय पर मेरे क्लिनिक में आ गई। उसने एक हल्की गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी जो उसके गोरे बदन पर बहुत सुंदर लग रही थी।
उसके बाल खुले थे और गले में एक सुंदर सा हार था। जब वह चलकर आई तो उसके बूब्स हिल रहे थे और मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया।
मैंने क्लिनिक का दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया और राधा को अंदर के कमरे में ले गया
जहाँ मैंने एक बड़ा सा आरामदायक बेड लगवाया था। कमरे में हल्की सी खुशबू थी और रोशनी भी बहुत रोमांटिक थी।
“राधा जी, आप तैयार हैं?” मैंने पूछा।
राधा ने शर्माते हुए हाँ कहा। उसकी आँखों में एक अजीब सी उत्सुकता और घबराहट दोनों थी।
मैंने उसे बेड पर बैठने के लिए कहा और उसके पास बैठ गया।
“डॉक्टर साहब, मुझे थोड़ा डर लग रहा है। मैंने आज तक अपने पति के अलावा किसी और को नहीं छुआ,” राधा ने कहा।
मैंने उसके हाथ को पकड़ा और सहलाते हुए कहा, “डरो मत राधा, मैं तुम्हें बहुत प्यार से चोदुंगा। तुम्हें बहुत मज़ा आएगा और तुम माँ भी बन जाओगी।”
यह कहते हुए मैंने धीरे से उसके गाल पर हाथ रखा और उसे अपनी ओर खींचा। राधा ने अपनी आँखें बंद कर लीं।
मैंने उसके मुलायम होंठों पर अपने होंठ रख दिए और धीरे-धीरे किस करने लगा।
राधा के होंठ बहुत नरम थे, गुलाब की पंखुड़ियों की तरह। मैं उसके होंठों को चूस रहा था और वह भी धीरे-धीरे रिस्पॉन्ड करने लगी।
“ऊह्ह्ह… डॉक्टर साहब…” राधा ने हल्की सी आवाज़ निकाली।
मैंने उसे किस करते रहा और धीरे-धीरे उसकी साड़ी को खोलना शुरू कर दिया।
मैंने उसकी साड़ी का पल्लू हटाया तो उसका ब्लाउज दिखाई दिया जो उसके बड़े बूब्स को बहुत टाइट पकड़े हुए था।
उसके बूब्स इतने बड़े थे कि ब्लाउज फटने को हो रहा था।
मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोलने शुरू किए। एक-एक करके सारे बटन खोल दिए।
जब मैंने उसका ब्लाउज हटाया तो मेरे होश उड़ गए।
राधा ने क्रीम रंग की ब्रा पहनी हुई थी जो उसके 36 साइज़ के भारी बूब्स को बड़ी मुश्किल से ढक रही थी।
उसके बूब्स का आधा हिस्सा ब्रा से बाहर निकला हुआ था और वह बहुत सेक्सी लग रहा था।
“वाह राधा, तुम्हारे दूध तो बहुत बड़े और सुंदर हैं,” मैंने कहा।
राधा शर्मा गई और अपना चेहरा हाथों से ढक लिया। मैंने धीरे से उसके हाथ हटाए और उसकी ब्रा को भी खोल दिया।
जैसे ही ब्रा खुली, राधा के दोनों बड़े-बड़े दूध बाहर निकल आए। वे बिल्कुल गोल, भारी और सुडौल थे।
उनका रंग एकदम गोरा था और बीच में गुलाबी रंग के निपल्स जो खड़े होकर मुझे बुला रहे थे।
मैं तो उसके दूध देखकर पागल सा हो गया। मैंने झुककर उसके एक निप्पल को अपने मुँह में ले लिया और ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया।
“आह्ह्ह… ऊह्ह्ह… बबलू… धीरे…” राधा कराह उठी।
मैं उसके निपल्स को बड़े चाव से चूस रहा था। एक निप्पल को मुँह में लेकर चूस रहा था और दूसरे को हाथ से दबा रहा था।
राधा के दूध बहुत नरम और मुलायम थे। मैं उन्हें दबाते हुए चूस रहा था और राधा सिसकियाँ ले रही थी।
“ऊह्ह्ह… हाँ… और चूसो… बहुत मज़ा आ रहा है…” राधा ने अपने हाथ मेरे सिर पर रख दिए और मुझे अपने दूधों पर दबाने लगी।
मैंने लगभग 10 मिनट तक उसके दूध चूसे। उसके निपल्स अब लाल हो गए थे और बहुत कड़े हो गए थे।
फिर मैंने उसे लिटाया और उसकी साड़ी और पेटीकोट ऊपर उठाया। राधा ने सफ़ेद रंग की लेस वाली पैंटी पहनी हुई थी जो उसकी बुर को बहुत सेक्सी दिखा रही थी।
मैंने उसकी पैंटी को सूंघा तो एक अजीब सी खुशबू आई जो मुझे और भी उत्तेजित कर गई।
मैंने उसकी पैंटी हटा दी और उसकी बुर देखी। राधा की बुर बिल्कुल साफ़ शेव की हुई थी, गुलाबी रंग की, छोटी सी और बहुत प्यारी।
उसकी बुर के होठ मुलायम थे और बीच से थोड़ी सी गीली हो रही थी।
“कितनी प्यारी बुर है तुम्हारी राधा,” मैंने कहा और उसकी टाँगों को फैला दिया।
राधा की टाँगें बिल्कुल गोरी और चिकनी थीं। मैंने उसकी बुर पर अपनी उंगली फेरनी शुरू की तो वह कांप उठी।
फिर मैंने अपनी जीभ निकाली और उसकी बुर पर रख दी।
“आह्ह्ह… ऊह्ह्ह… क्या कर रहे हो…” राधा चीखी।
मैंने उसकी बुर को जीभ से चाटना शुरू कर दिया। उसकी बुर का स्वाद बहुत मीठा था।
मैं उसकी बुर के होठों को चाट रहा था, अंदर की तरफ़ जीभ डाल रहा था। राधा पागलों की तरह कराह रही थी और अपनी कमर हवा में उठा रही थी।
“ऊह्ह्ह… हाँ… और चाटो… अपनी जीभ अंदर डालो… बहुत अच्छा लग रहा है…” राधा चिल्लाने लगी।
मैंने उसकी क्लिटोरिस को अपने होठों में ले लिया और चूसने लगा। राधा तो जैसे पागल हो गई।
वह मेरे सिर को पकड़कर अपनी बुर पर दबा रही थी। मैंने अपनी एक उंगली उसकी बुर में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा।
“आह्ह्ह… मैं झड़ने वाली हूँ… ऊह्ह्ह…” राधा ने चीखते हुए अपना पानी छोड़ दिया।
मैंने उसका सारा रस पी लिया। राधा बहुत थक गई थी लेकिन मैं अभी रुका नहीं था।
मैंने अपने कपड़े उतारे। जब मैंने अपना अंडरवियर उतारा तो मेरा 8.7 इंच का मोटा लंड बाहर निकल आया जो पूरी तरह से खड़ा था।
राधा ने जब मेरा लंड देखा तो उसकी आँखें एकदम से चौड़ी हो गईं। वह डर भी गई और खुश भी हुई।
“ओह्ह्ह माय गॉड… इतना बड़ा और मोटा लंड… मैंने आज तक इतना बड़ा लंड नहीं देखा… यह तो मेरे पति के लंड से दोगुना है…” राधा हैरान होकर बोली।
मेरा लंड लगभग 9 इंच लंबा और 4.6 इंच मोटा था। बिल्कुल काला और नसों से भरपूर। राधा उसे देखती ही रह गई।
मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया।
“ले राधा, पकड़ इसे… यही तुम्हें माँ बनाएगा आज,” मैंने कहा।
राधा ने मेरे लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया। उसके हाथ ठंडे थे और मेरा लंड गरम।
वह मेरे लंड को सहलाने लगी। फिर वह खुद ही झुकी और मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया।
“ऊह्ह्ह… वाह… बहुत मज़ा आ रहा है…” मैं कराह उठा।
राधा मेरे लंड को बड़े चाव से चूसने लगी।
वह मेरी टोपी को अपनी जीभ से चाट रही थी और फिर पूरा लंड अपने गले तक अंदर ले जा रही थी।
उसे लंड चूसना बहुत अच्छे से आता था। वह मेरे टट्टों को भी सहला रही थी।
“ऊह्ह्ह… राधा… बहुत अच्छा कर रही हो… और चूसो…” मैं उसके बालों को सहलाते हुए बोला।
राधा लगभग 15 मिनट तक मेरे लंड को चूसती रही।
मेरा लंड अब पूरी तरह से कड़क हो गया था और फनफना रहा था।
मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी टाँगें फैला दीं।
“राधा, अब मैं अपना लंड तुम्हारी बुर में डालने जा रहा हूँ। थोड़ा दर्द होगा लेकिन बाद में बहुत मज़ा आएगा,” मैंने कहा।
राधा ने हाँ में सिर हिलाया। मैंने अपने लंड को उसकी बुर के मुँह पर रखा।
उसकी बुर बहुत टाइट थी और मेरा लंड बहुत मोटा। मैंने धीरे से दबाया लेकिन लंड अंदर नहीं गया।
“आह्ह्ह… धीरे… बहुत मोटा है…” राधा कराही।
मैंने थोड़ा सा थूक लिया और अपने लंड पर और उसकी बुर पर लगा दिया।
फिर मैंने एक ज़ोर का धक्का लगाया। मेरा लंड का सुपारा अंदर घुस गया।
“आह्ह्ह… दर्द हो रहा है…” राधा चीखी।
मैंने रुककर उसके दूधों को सहलाया और किस किया। फिर धीरे-धीरे और अंदर धकेलने लगा।
थोड़ी देर में मेरा आधा लंड उसकी बुर में घुस गया। राधा की बुर बहुत टाइट थी और मेरे लंड को कस रही थी।
“ऊह्ह्ह… बहुत बड़ा है… मेरी बुर फट रही है…” राधा रोने लगी।
मैंने उसे चुप किया और धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए। धीरे-धीरे उसकी बुर ढीली होने लगी और मज़ा आने लगा। मैंने पूरा लंड अंदर डाल दिया।
“आह्ह्ह… हाँ… अब अच्छा लग रहा है… और तेज़ करो…” राधा बोली।
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। मैं उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। मेरे धक्के तेज़ हो गए और बेड की चरपराहट तेज़ हो गई।
राधा के बड़े दूध ऊपर-नीचे हो रहे थे और मैं उन्हें पकड़कर दबा रहा था।
“ऊह्ह्ह… हाँ… बबलू… बहुत मज़ा आ रहा है… तुम्हारा लंड बहुत मोटा है… मेरी बुर को फाड़ दो… और तेज़…” राधा पागलों की तरह चिल्ला रही थी।
मैंने उसे 25 मिनट तक बहुत तेज़ी से चोदा। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया।
राधा अपने हाथों से बेड पकड़े हुए थी और मैं पीछे से उसकी बुर में लंड डालकर चोद रहा था।
इस पोज़िशन में मेरा लंड और भी गहरा जा रहा था।
“आह्ह्ह… बहुत अंदर जा रहा है… मेरी बच्चेदानी को छू रहा है… ऊह्ह्ह…” राधा चीख रही थी।
मैंने उसकी कमर पकड़ी और ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने शुरू किए।
मेरे अंडे उसकी बुर पर टकरा रहे थे और आवाज़ आ रही थी “पच पच पच” की।
“ऊह्ह्ह… मैं झड़ने वाली हूँ… और तेज़ करो… अपना पानी मेरी बुर में ही छोड़ दो… मुझे गर्भवती बनाओ…” राधा चिल्लाई।
मैंने बहुत तेज़ी से धक्के लगाए। राधा झड़ गई और उसकी बुर ने पानी छोड़ दिया। लेकिन मैं रुका नहीं।
मैंने उसे और तेज़ चोदा। 10 मिनट बाद मैं भी झड़ने वाला था।
“राधा… मैं झड़ने वाला हूँ… अपना रस तुम्हारी बच्चेदानी में डालूँगा…” मैंने कहा।
“हाँ… डाल दो… मुझे माँ बनाओ… अपना सारा वीर्य मेरी बुर में छोड़ दो…” राधा चिल्लाई।
मैंने एक ज़ोर का धक्का लगाया और पूरा लंड उसकी बुर में घुसा दिया।
फिर मैंने अपना गरम वीर्य उसकी बुर में छोड़ दिया। मेरा लंड कांप रहा था और झड़ रहा था। मैंने बहुत सारा वीर्य उसकी बुर में भर दिया।
“ऊह्ह्ह… हाँ… मुझे महसूस हो रहा है… तुम्हारा गरम वीर्य मेरी बच्चेदानी में जा रहा है…” राधा ने कहा।
मैं उसके ऊपर गिर गया। हम दोनों बहुत थक गए थे। मेरा लंड अभी भी उसकी बुर में था और वीर्य बाहर निकल रहा था।
मैंने उसे कुछ देर वैसे ही रहने दिया ताकि सारा वीर्य अंदर चला जाए।
फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो वीर्य बहकर बाहर आ रहा था।
राधा की बुर लाल हो गई थी और फैल गई थी। मैंने उसे किस किया और कहा, “राधा, अब तुम ज़रूर गर्भवती हो जाओगी।”
राधा ने मुझे गले लगाया और कहा, “धन्यवाद बबलू, आज तुमने मुझे असली मज़ा दिया है और मेरी माँ बनने की इच्छा भी पूरी की है।”
मैंने उसे कहा, “अगर इस बार नहीं हुआ तो हमें एक हफ़्ते तक रोज़ ऐसा करना होगा।”
राधा खुश हो गई और हमने उस हफ़्ते में पाँच बार और सेक्स किया।
हर बार मैंने उसे अलग-अलग पोज़िशन में चोदा – मिशनरी, डॉगी स्टाइल, काउगर्ल, स्टैंडिंग, साइड वे।
हर बार मैंने अपना वीर्य उसकी बुर में ही छोड़ा।
एक महीने बाद राधा ने मुझे फोन किया और खुशी-खुशी बताया कि वह गर्भवती हो गई है।
उसके पति अमित भी बहुत खुश थे और उन्हें लगा कि आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन से यह हुआ है।
लेकिन असल में राधा को मेरे मोटे लंड से चुदवाने से ही वह माँ बनने जा रही थी।
राधा ने नौ महीने बाद एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया। बच्चा बिल्कुल स्वस्थ था और राधा भी बहुत खुश थी।
उसने मुझे धन्यवाद दिया और कहा कि वह फिर से बच्चा चाहती है तो मुझसे ही चुदवाएगी।
इस तरह मैंने राधा को अपने मोटे लंड से चोदकर गर्भवती किया और उसकी माँ बनने की ख्वाहिश पूरी की।
यह कहानी यहीं समाप्त होती है।
अगली कहानी फिर कभी सुनाऊँगा……………. तब तक के लिए नमस्ते………
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Very nice story. ..