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मेरा नाम निशा है और मैं 22 साल की हूँ। मेरी हाइट 5 फीट 2 इंच है और मेरे शरीर का साइज 34-30-36 है।
आपने पिछली कहानी में पढ़ा कि कैसे नागेंद्र ने मेरी माँ को छत पर चोदा था। लेकिन आज मैं आपको अपनी कहानी सुनाने वाली हूँ – कैसे नागेंद्र ने मुझे रांडियों की तरह चोदा।
हुआ यूँ कि मेरी माँ और पिताजी दोनों किसी ज़रूरी काम से इंदौर चले गए। वहाँ उनके एक रिश्तेदार की तबीयत खराब थी और उन्हें जाना बहुत ज़रूरी था।
उन्होंने नागेंद्र को मेरा ख्याल रखने के लिए कहा क्योंकि नागेंद्र का घर उनके ऑफिस के पास ही था और वह आसानी से हमारे यहाँ आ सकता था।
जब मैंने सुना कि मैं और नागेंद्र कुछ दिनों के लिए अकेले होंगे, तो मेरे दिल में एक अजीब सी उत्तेजना दौड़ने लगी।
मैंने सोचा कि शायद यही वो मौका है जिसका मैं इंतज़ार कर रही थी। मेरी बुर पहले से ही उसके लंड के लिए तरस रही थी।
नागेंद्र शाम को आया। उसने एक बैग साथ में लाया था।
जब मैंने पूछा कि इसमें क्या है, तो वह मुस्कुराया और बोला, “आज रात के लिए एक खास सरप्राइज है।”
हमारे घर में एक 74 इंच की बड़ी टीवी थी जो ड्राइंग रूम में लगी हुई थी।
वह एक स्मार्ट टीवी थी जिसमें इंटरनेट से कुछ भी देखा जा सकता था। नागेंद्र ने आते ही उस टीवी को ऑन किया।
“आज हम कुछ खास देखेंगे,” नागेंद्र ने कहा और अपने फोन से टीवी को कनेक्ट करने लगा।
मैं समझ गई कि वह क्या दिखाने वाला है। मेरे शरीर में एक अजीब सी गर्मी फैलने लगी।
मैंने आज एक हल्की सी पीली ड्रेस पहनी हुई थी जो मेरे शरीर पर बहुत अच्छी लग रही थी।
नागेंद्र ने टीवी पर एक वीडियो लगाया। वह एक अमेरिकन पोर्न वीडियो था जिसमें एक बहुत ही खूबसूरत अभिनेत्री को एक बड़े लंड वाले अभिनेता से चुदते हुए दिखाया गया था।
वह 9 इंच का लंड था जो उसकी बुर में पूरी तरह से अंदर-बाहर हो रहा था।
मैं उस स्क्रीन को देखती रही। मेरी आँखें उस बड़े लंड और उस गीली बुर को देखकर चौड़ी हो गईं।
मैंने कभी ऐसा वीडियो इतने बड़े स्क्रीन पर नहीं देखा था।
74 इंच की टीवी पर वह लंड और बुर इतने बड़े दिख रहे थे कि मुझे लग रहा था कि वह सच में मेरे सामने हैं।
“कैसा लग रहा है?” नागेंद्र ने मेरे पास आकर पूछा।
“बहुत… बहुत अच्छा,” मैंने शरमा कर कहा।
नागेंद्र ने अपना हाथ मेरे कंधे पर रख दिया। उसका हाथ गरम था।
मैंने उसकी तरफ देखा तो उसकी आँखों में वही लालसा देखी जो उस दिन मेरी माँ के लिए थी।
“निशा, मैंने तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया है,” नागेंद्र ने कहा और अपना बैग खोला।
उसने एक बहुत ही प्यारी सी, सेक्सी सी बेबी डॉल ड्रेस निकाली।
वह लाल रंग की नीचे की पैंटी और सफेद रंग की छोटी सी शर्ट थी जो बहुत ही पारदर्शी और हल्की थी।
“यह… यह मेरे लिए?” मैंने पूछा।
“हाँ, तुम्हारे लिए। तुम इसे पहनकर बहुत खूबसूरत लगोगी,” नागेंद्र ने कहा।
मैंने वह ड्रेस ली और बाथरूम में जाकर बदलने लगी।
जब मैंने वह लाल रंग की नीचे की पैंटी पहनी तो वह मेरी जाँघों पर बहुत ही सेक्सी लग रही थी।
फिर मैंने वह सफेद रंग की छोटी सी शर्ट पहनी जो मेरे दूधों को आधा ही ढक पा रही थी। मेरे निप्पल उस पतले कपड़े से साफ़ दिख रहे थे।
मेरा रंग गोरा है। जब मैंने खुद को आईने में देखा तो मुझे लगा कि मैं सच में किसी अमेरिकन पोर्नस्टार की तरह दिख रही हूँ।
मेरे बाल खुले हुए थे और मेरी आँखों में काजल लगा हुआ था। मेरी 34 इंच की चूचियाँ उस छोटी सी शर्ट में फूटने को तरस रही थीं।
मैं बाहर आई। नागेंद्र मुझे देखता ही रह गया।
उसकी आँखें मेरे शरीर पर घूम रही थीं – मेरे दूधों से लेकर मेरी कमर तक, फिर मेरी जाँघों तक।
“तुम… तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो,” नागेंद्र ने कहा और मेरे पास आ गया।
“सच में?” मैंने पूछा और अपने बालों को ठीक किया।
“बहुत सच। तुम्हारे दूध… वाह,” नागेंद्र ने कहा और अपना हाथ चुचियों पर रख दिया।
मैंने अपनी आँखें बंद कर लीं। उसका स्पर्श बहुत ही नरम और प्यार भरा था। वह मुझे प्यार करता था, यह मैं जानती थी।
“नागेंद्र, मैं… यह मेरी पहली बार होगी,” मैंने धीरे से कहा।
“मुझे पता है। मैं तुम्हें दर्द नहीं दूँगा… बल्कि बहुत मज़ा दूँगा,” नागेंद्र ने कहा और मेरे माथे पर चूमा।
“मुझे डर लग रहा है। वह वीडियो में इतना बड़ा लंड था… क्या तुम्हारा भी उतना बड़ा है?” मैंने पूछा।
“देखना चाहती हो?” नागेंद्र ने मुस्कुराते हुए कहा।
मैंने शरमा कर हाँ में सिर हिलाया।
नागेंद्र ने अपनी टी-शर्ट उतारी। उसका शरीर बहुत ही मज़बूत था।
उसके चेस्ट पर हल्के-हल्के बाल थे और उसके पेट की मांसपेशियाँ साफ़ दिख रही थीं। फिर उसने अपनी शॉर्ट्स उतारी।
उसका लंड शॉर्ट्स के अंदर से ही तनकर खड़ा हो गया था। जब उसने अपनी अंडरवियर उतारी तो उसका वो 9 इंच का मोटा लंड बाहर निकल आया। वह लाल रंग का था, नसों से लहराया हुआ, और बहुत ही कड़ा।
“ओह माय गॉड… यह तो इतना बड़ा है,” मैंने चौंक कर कहा क्योंकि मैं उसे नहाते हुए देखि लेकिन दूर से देखने और फिर हाथ में लेकर देखने में ज़मीन आसमान का अंतर था।
“क्या तुम इसे छूना चाहती हो?” नागेंद्र ने पूछा।
मैंने धीरे से अपना हाथ आगे बढ़ाया और उसके लंड को छुआ। वह बहुत गरम था, पत्थर की तरह कड़ा था।
मैंने उसे अपने हाथ में पकड़ लिया। वह इतना मोटा था कि मेरे हाथ में भी आसानी से नहीं आ रहा था।
“यह… यह मेरी बुर में जाएगा?” मैंने डरते हुए पूछा।
“हाँ जाएगा… और तुम्हें बहुत मज़ा आएगा,” नागेंद्र ने कहा और मेरे पास आ गया।
नागेंद्र ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया। उसका लंड मेरी पेट पर टिका हुआ था और मैं उसकी गर्मी महसूस कर सकती थी।
उसने मेरे बालों को पीछे किया और मेरी आँखों में देखने लगा।
“निशा, मैं तुमसे प्यार करता हूँ,” नागेंद्र ने कहा, “यह सिर्फ़ शारीरिक नहीं है। मैं तुम्हें दिल से चाहता हूँ।”
मैं उसकी आँखों में देख रही थी। वह सच बोल रहा था।
मैंने भी कहा, “मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ, नागेंद्र। मैं हमेशा से तुम्हारी थी।”
नागेंद्र ने धीरे से अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए। वह पहला चुंबन बहुत ही हल्का था, जैसे कोई तितली बैठी हो।
फिर उसने धीरे से मेरे निचले होंठ को अपने होंठों में भर लिया और चूसने लगा।
मैंने भी अपनी आँखें बंद कर लीं और उस चुंबन का मज़ा लेने लगी।
नागेंद्र ने अपने हाथ मेरी कमर पर रखे और मुझे अपनी तरफ खींच लिया।
अब हमारे शरीर एक-दूसरे से सट गए थे। उसका लंड मेरी पेट पर दब रहा था और मेरे दूध उसके चेस्ट से दब रहे थे।
“उम्म्म्म…” मैंने हल्की सी आवाज़ निकाली।
नागेंद्र ने अपनी जीभ बाहर निकाली और मेरे होंठों को चाटना शुरू कर दिया।
फिर उसने मेरे मुँह को खोला और अपनी जीभ अंदर डाल दी।
हमारी जीभें आपस में मिलीं और एक-दूसरे को चाटने लगीं। वह एक गीला, गर्म और लंबा चुंबन था।
“तुम्हारे होंठ बहुत नरम हैं,” नागेंद्र ने चुंबन खत्म करके कहा।
“तुम भी…” मैंने शरमा कर कहा।
नागेंद्र ने मुझे गोद में उठा लिया। मैंने अपने हाथ उसके गले में डाल दिए।
वह मुझे बेडरूम में ले गया जहाँ मेरी बड़ी सी बेड थी। उसने मुझे बिस्तर पर धीरे से लिटाया और मेरे ऊपर आ गया।
“आज मैं तुम्हें अपनी रानी की तरह चोदूँगा… नहीं, रांडी की तरह नहीं, बल्कि अपनी प्रेमिका की तरह,” नागेंद्र ने कहा।
“नागेंद्र, प्लीज़… मुझे आज रात पूरी तरह अपना बना लो,” मैंने कहा।
नागेंद्र ने मेरी गर्दन पर चुंबन करना शुरू किया।
उसने मेरी गर्दन के एक तरफ से शुरुआत की और धीरे-धीरे चूमते हुए दूसरी तरफ गया।
मेरी गर्दन बहुत संवेदनशील है और उसके होंठों के स्पर्श से मेरे शरीर में एक अजीब सी कंपकंपी दौड़ने लगी।
“अहहहह… नागेंद्र…” मैंने फुसफुसाते हुए कहा।
नागेंद्र ने मेरी गर्दन के पीछे के हिस्से को चूमना शुरू किया।
वहाँ की त्वचा बहुत ही नरम और संवेदनशील होती है।
उसने अपनी जीभ से वहाँ चाटना शुरू किया और फिर हल्के से काट भी लिया।
“उम्म्म्म… हाँ… और चूमो…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने मेरी गर्दन के दोनों तरफ चुंबन बना दिए।
फिर उसने मेरी कान के पास आकर फुसफुसाते हुए कहा, “तुम बहुत सेक्सी हो, निशा। मैं तुम्हें चोदने के लिए बेताब हूँ।”
उसकी आवाज़ मेरे कान में गूँजी और मेरी बुर में एक झनझनाहट हुई। मैंने अपनी टाँगें थोड़ी फैला दीं।
नागेंद्र ने धीरे से मेरी सफेद शर्ट उतारनी शुरू की। जैसे ही शर्ट ऊपर उठी, मेरे दूध बाहर निकल आए।
मैंने ब्रा नहीं पहनी थी क्योंकि वह बेबी डॉल ड्रेस अंदर ब्रा पहनने की इजाज़त नहीं देती थी।
“वाह… तुम्हारे दूध…” नागेंद्र ने कहा और उन्हें देखता रह गया।
मेरे दूध 34 इंच के हैं, गोल और कड़े। बीच में गुलाबी रंग के निप्पल हैं जो उत्तेजना से और भी कड़े हो गए थे।
नागेंद्र ने अपने हाथों से मेरे दोनों दूधों को पकड़ लिया।
“कितने नरम हैं… जैसे रुई के गोले हों,” नागेंद्र ने कहा और उन्हें दबाना शुरू कर दिया।
मैंने “अहहहह…” की आवाज़ निकाली। उसके हाथ बहुत ही नरमी से मेरे दूधों को मसल रहे थे।
वह उन्हें दबाता, फिर छोड़ता, फिर फिर से दबाता। मेरे निप्पल उसकी हथेलियों के बीच आकर कड़े हो रहे थे।
“तुम्हारे निपल्स बहुत खूबसूरत हैं,” नागेंद्र ने कहा और अपनी उँगलियों से मेरे एक निप्पल को छूआ।
“उम्म्म्म…” मैंने साँसें तेज़ कर दीं।
नागेंद्र ने धीरे से मेरे निप्पल को मसलना शुरू किया। वह उसे घुमाता, खींचता, और फिर छोड़ देता।
मेरे दोनों निप्पल अब पूरी तरह से कड़े हो गए थे और उनका साइज़ भी बढ़ गया था।
फिर नागेंद्र ने अपना मुँह मेरे एक दूध पर रख दिया और चूसने लगा।
उसने अपनी जीभ से मेरे निप्पल को चाटना शुरू किया और फिर उसे अपने होंठों में भरकर चूसने लगा।
“अहहहह… हाँ… और चूसो…” मैंने अपने हाथ उसके बालों में फेरते हुए कहा।
नागेंद्र ने मेरे दूध को ज़ोर-ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया। वह एक दूध चूसता और दूसरे को हाथ से दबाता।
मेरे मुँह से आवाज़ें निकलने लगीं – “उम्म्म्म… हाँ… बहुत मज़ा आ रहा है…”
वह लगभग पाँच मिनट तक मेरे दूधों को चूसता रहा। मेरे दूधों पर उसके लार की चमक दिख रही थी।
फिर उसने दूसरे दूध को भी वैसे ही चूसा। मेरे निप्पल अब लाल हो गए थे और बहुत संवेदनशील हो गए थे।
नागेंद्र ने मुझे पूरी तरह से नंगा करने का फैसला किया। उसने मेरी लाल रंग की पैंटी को भी नीचे खींच दिया।
अब मैं बिल्कुल नंगी थी। उसने मेरे शरीर को देखा – मेरी चूचियाँ, मेरी पतली कमर, मेरी गीली बुर, और मेरी जाँघें।
“तुम पूरी तरह से परफेक्ट हो,” नागेंद्र ने कहा।
वह मेरे पैरों के पास बैठ गया और धीरे से मेरी जाँघों को सहलाना शुरू कर दिया।
लड़कियों की जाँघें अंदर से बहुत ही नरम होती हैं और वहाँ की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है।
नागेंद्र ने अपनी उँगलियों से मेरी जाँघों की अंदरूनी तरफ को सहलाया।
“अहहहह… उम्म्म्म…” मैंने कांपते हुए कहा।
नागेंद्र ने धीरे-धीरे अपने हाथ ऊपर की तरफ बढ़ाए।
वह मेरी जाँघों को सहलाते हुए मेरी बुर के पास आ गया, लेकिन उसने अभी वहाँ नहीं छुआ।
उसने मेरी पेट को सहलाना शुरू किया। मेरी पेट की त्वचा भी बहुत संवेदनशील है और उसके स्पर्श से मेरे शरीर में झनझनाहट हो रही थी।
“तुम्हारी त्वचा बहुत नरम है,” नागेंद्र ने कहा और मेरी पेट को चूमने लगा।
वह मेरी नाभि के आसपास चूम रहा था और अपनी जीभ से वहाँ चाट रहा था।
मैंने अपनी कमर उठाकर उसे और करीब आने का निमंत्रण दिया।
फिर नागेंद्र ने मुझे पलट दिया। अब मैं पेट के बल लेटी हुई थी। उसने मेरी पीठ को देखा और कहा, “तुम्हारी पीठ बहुत सेक्सी है।”
उसने मेरी पीठ पर अपने होंठ रखे और धीरे-धीरे चूमना शुरू कर दिया।
वह मेरी कमर के पास से शुरू हुआ और ऊपर की तरफ बढ़ता गया।
मेरी पीठ की त्वचा पर उसके होंठों का स्पर्श बहुत ही अच्छा लग रहा था।
“उम्म्म्म… नागेंद्र… बहुत अच्छा लग रहा है…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने मेरी गर्दन के पिछले हिस्से को चूमा और फिर मेरे कंधों को भी चूमा। उसके बाद उसने मुझे फिर से पीठ के बल लेटा दिया।
अब वह मेरी जाँघों के पीछे के हिस्से को सहलाने लगा।
मेरे घुटनों के पीछे का हिस्सा (बिहाइंड दी नीज़) बहुत ही संवेदनशील होता है और जब नागेंद्र ने वहाँ अपनी उँगलियों से छुआ तो मैं कांप उठी।
“यहाँ भी मज़ा आता है?” नागेंद्र ने पूछा।
“हाँ… बहुत…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने मेरी जाँघों के पीछे के हिस्से को चूमना और चाटना शुरू कर दिया।
वह धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ रहा था। मैंने अपनी टाँगें थोड़ी और फैला दीं ताकि वह मेरी बुर को भी देख सके।
नागेंद्र अब मेरी बुर के पास आ गया था। उसने मेरी टाँगें फैलाई और मेरी बुर को देखा।
मेरी बुर गुलाबी रंग की थी, थोड़ी बालों वाली, और गीली हो चुकी थी।
“कितनी खूबसूरत बुर है तुम्हारी,” नागेंद्र ने कहा।
“प्लीज़… इसे चाटो…” मैंने शर्माते हुए कहा।
नागेंद्र ने अपनी जीभ बाहर निकाली और मेरी बुर की फाँकों पर फेरनी शुरू कर दी।
वह धीरे-धीरे ऊपर से नीचे की तरफ चाट रहा था। जब उसकी जीभ मेरी क्लिटोरिस पर पहुँची तो मैं उछल पड़ी।
“अहहहह… वहीं… वहीं चाटो…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने मेरी क्लिटोरिस को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया।
वह उसे घुमाता, दबाता, और चूसता। मेरी क्लिटोरिस एक छोटी सी गुलाबी नस थी जो अब पूरी तरह से कड़ी हो चुकी थी।
“उम्म्म्म… हाँ… और ज़ोर से…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने मेरी पूरी बुर को अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगा।
उसने अपनी जीभ को मेरी बुर के अंदर डालने की कोशिश की। मेरी बुर से पानी निकलने लगा जो नागेंद्र चाट-चाट कर साफ़ कर रहा था।
वह जीभ को अन्दर बाहर कर रहा था और साथ में दो ऊँगली से मेरे बुर उपरी हिस्से को सहला रहा था फिर उसने एक ऊँगली मेरी बुर में डालकर अपने जीभ से चाटते हुए अन्दर बाहर करने लगा।
मैं तो मजे के सातवें आसमान पर थी।
“तुम्हारी बुर का स्वाद बहुत अच्छा है,” नागेंद्र ने कहा।
वह लगभग दस मिनट तक मेरी बुर को चाटता रहा। मैं एक बार झड़ चुकी थी और मेरी बुर पूरी तरह से गीली हो चुकी थी।
अब वह लंड लेने के लिए पूरी तरह से तैयार थी।
नागेंद्र ने मुझे कहा, “अब तुम मेरा लंड चूसो।”
मैं उठ बैठी और उसके लंड के पास गई। वह 9 इंच का मोटा लंड अब मेरे सामने था।
मैंने उसे हाथ में पकड़ा और उसके सुपाड़े को देखा। वह लाल रंग का था और उसमें से एक पतला सा तरल निकल रहा था।
मैंने अपनी जीभ से उसके सुपाड़े को चाटना शुरू कर दिया। वह तरल स्वादिष्ट था।
फिर मैंने उसके पूरे लंड को अपने हाथ से सहलाना शुरू किया – ऊपर से नीचे की तरफ।
“उम्म्म्म… हाँ… और चूसो…” नागेंद्र ने कहा।
मैंने उसके लंड के सुपाड़े को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।
वह इतना मोटा था कि मेरे मुँह में आसानी से नहीं आ रहा था। मैंने धीरे-धीरे उसे और अंदर लेने की कोशिश की।
नागेंद्र ने मेरे सिर को पकड़ा और मुझे ऊपर-नीचे करने लगा। मैं उसके लंड को गले तक लेने की कोशिश कर रही थी।
कुछ देर बाद मैंने उसके अंडकोश को भी सहलाना शुरू कर दिया। उसके अंडे बहुत बड़े और गरम थे।
“बहुत अच्छा चूस रही हो… मेरी रांडी…” नागेंद्र ने कहा।
मुझे “रांडी” कहकर वह मुझे और उत्तेजित कर रहा था। मैंने उसके लंड को और ज़ोर-ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया।
मैं उसे अपने मुँह से चोद रही थी।
कुछ देर बाद नागेंद्र ने कहा, “बस… अब मैं तुम्हारी बुर चोदूँगा…”
नागेंद्र ने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और मेरी टाँगें फैला दीं। वह मेरे ऊपर आ गया और उसने अपने लंड का सुपाड़ा मेरी बुर के मुँह पर रख दिया।
“निशा, अगर दर्द हो तो बताना,” नागेंद्र ने कहा।
“हाँ… धीरे से डालना…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने धीरे से अपने कूलों को आगे धकेलना शुरू किया। उसके लंड का सुपाड़ा मेरी बुर में घुस गया। वह बहुत मोटा था और मेरी बुर फटने लगी।
“अहहहह… दर्द हो रहा है…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने रुककर मेरे होंठों को चूमा और कहा, “डरो मत… थोड़ी देर में मज़ा आने लगेगा।”
वह धीरे-धीरे और अंदर धकेलने लगा। उसका लंड मेरी बुर की दीवारों को चीरता हुआ अंदर जा रहा था। मेरी बुर बहुत टाइट थी क्योंकि यह मेरी पहली बार थी।
“ओहhhhh… बहुत मोटा है…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने एक ज़ोरदार धक्का लगाया और उसका आधा लंड मेरी बुर में चला गया।
“आहhhhh…” मैंने चीखते हुए कहा और अपने नाखून उसकी पीठ में गड़ा दिए।
नागेंद्र ने रुककर मेरे दूधों को सहलाना शुरू कर दिया। वह मेरे निप्पलों को मसल रहा था ताकि मेरा ध्यान दर्द से हटकर मज़ा पर जाए।
फिर उसने एक और ज़ोरदार धक्का लगाया और पूरा 9 इंच का लंड मेरी बुर में उतार दिया।
“माँhhhh…” मैंने चीखते हुए कहा।
नागेंद्र का लंड पूरी तरह से मेरी बुर में था। मेरी बुर से खून निकल गया, मेरी बुर की झीली फट चुकी थी। उसके अंड मेरी चूतड़ों से टकरा रहा था। मेरी बुर बहुत टाइट होने की वजह से उसके लंड को कस रही थी।
“कैसा लग रहा है?” नागेंद्र ने पूछा।
“बहुत… बहुत बड़ा लग रहा है…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने धीरे से धक्के लगाने शुरू किए। वह धीरे-धीरे अपना लंड अंदर-बाहर कर रहा था। शुरुआत में दर्द हो रहा था, लेकिन फिर धीरे-धीरे मज़ा आने लगा।
“अहहहह… हाँ… अब अच्छा लग रहा है…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने अपनी स्पीड बढ़ा दी। वह अब तेज़ी से मेरी बुर को चोद रहा था।
उसका लंड मेरी बुर में पूरी तरह से अंदर-बाहर हो रहा था और “पच-पच-पच” की आवाज़ें आ रही थीं।
“उम्म्म्म… हाँ… और ज़ोर से चोदो…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने मेरी टाँगें अपने कंधों पर रख ली और और ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया।
वह पूरी तरह से मेरे ऊपर था और उसके लंड से मेरी बुर को भर रहा था।
“तुम्हारी बुर बहुत टाइट है… बहुत मज़ा आ रहा है…” नागेंद्र ने कहा।
“हाँ… मेरी बुर फाड़ दो… रांडी की तरह चोदो मुझे… जैसे उस विडियो में वह आदमी चोद रहा था।” मैंने कहा।
नागेंद्र ने मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया और साथ ही मेरी बुर को चोदता रहा।
मैंने अपने पैर उसकी कमर पर लपेट लिए और उसे और अपनी तरफ खींचा।
“और गहरा… और गहरा चोदो…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने मुझे उठाया और खुद नीचे लेट गया। अब मैं उसके ऊपर थी और उसका लंड मेरी बुर में ही था।
उसने कहा, “अब तुम ऊपर-नीचे होओ।”
मैंने अपने कूलों को ऊपर-नीचे करना शुरू किया। मैं उसके लंड पर बैठकर कूद रही थी।
मेरे दूध उछल-उछल कर नाच रहे थे और नागेंद्र उन्हें देख-देखकर मज़ा ले रहा था।
“क्या नज़ारा है… तुम बहुत सेक्सी लग रही हो…” नागेंद्र ने कहा।
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। मैं पूरी तरह से उसके लंड पर बैठकर कूद रही थी।
मेरी बुर से पानी निकलने लगा और उसके लंड पर लग रहा था।
“अहहहह… मैं झड़ने वाली हूँ…” मैंने कहा।
“मैं भी…” नागेंद्र ने कहा।
मैंने और ज़ोर-ज़ोर से कूदना शुरू कर दिया। फिर मैं एकदम रुक गई और मेरी बुर ने नागेंद्र के लंड को कसकर पकड़ लिया।
मैं झड़ गई और मेरी बुर से पानी निकलने लगा।
“आहhhhh…” मैंने चीखते हुए कहा।
नागेंद्र ने मुझे नीचे लिटाया और फिर से ऊपर आकर मेरी बुर को चोदने लगा। वह अब बहुत तेज़ी से धक्के लगा रहा था।
“मैं झड़ने वाला हूँ… कहाँ निकालूँ?” नागेंद्र ने पूछा।
“अंदर ही डाल दो… मेरे अंदर ही अपना पानी छोड़ दो…” मैंने कहा।
नागेंद्र ने कुछ और ज़ोरदार धक्के लगाए और फिर उसका लंड फूलने लगा। उसने अपना सारा गरम वीर्य मेरी बुर के अंदर छोड़ दिया।
“आहhhhh… माँ…” नागेंद्र ने चीखते हुए कहा।
उसका वीर्य मेरी बुर को भर रहा था। वह इतना सारा था कि मेरी बुर से बाहर बहने लगा।
नागेंद्र मेरे ऊपर पड़ा रहा और हम दोनों हाँफ रहे थे।
कुछ देर बाद उसने अपना लंड बाहर निकाला। उस पर उसका और मेरा पानी लगा हुआ था। मेरी बुर से भी वीर्य बाहर बह रहा था।
“कैसा लगा?” नागेंद्र ने पूछा।
“बहुत… बहुत अच्छा… तुमने मुझे रांडियों की तरह चोदा…” मैंने कहा और उसे अपनी बाहों में भर लिया।
हम दोनों पूरी रात भर एक-दूसरे को चोदते रहे। नागेंद्र ने मुझे कई तरीकों से चोदा। उसने मुझे सच में रांडियों की तरह चोदा और मुझे बहुत मज़ा आया।
तो यह थी मेरी चुदाई की कहानी, उम्मीद है आप लोगों को पढ़कर अच्छी लगी होगी। आप कमेन्ट में जरुर बताएं……….मुझे आपके कमेंट पढ़कर अच्छा लगेगा।
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badhiya kahani hai bhai…