Hot Chachi Chudai Story
हेलो दोस्तों! मेरा नाम राघव है! और मैं आपके लिए एक सच्ची कहानी लेकर आया हूँ। ये कहानी नहीं बल्कि एक घटना है जो मेरे और मेरी मौसी के साथ घटी।
मैं राजस्थान में जयपुर के एक छोटे से कस्बे का रहने वाला हूँ।
मेरा लंड 8 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है। मेरी उम्र 24 साल है और मैंने अभी तक किसी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था।
इस हॉट मौसी सेक्स स्टोरी में मैं अपनी मौसी कविता की चुदाई की घटना बताने जा रहा हूँ।
मेरी मौसी कविता मेरी मम्मी की छोटी बहन है। मेरे मौसा मुंबई में बिजनेस करते हैं और वहीं रहते हैं।
उनकी बीवी यानि मेरी मौसी का नाम कविता है।
वे दिखने में बहुत ही गर्म माल हैं। उनकी उम्र 32 साल है और उनका फिगर 36-30-38 है। वे 5 फीट 4 इंच की हैं और बहुत गोरी हैं।
एक दिन की बात है। तब मेरे मौसा मुंबई चले गए थे कुछ महीनों के लिए तो मेरी मौसी अकेली रह गई थीं।
मौसा के चले जाने से उन्हें अपने बड़े से बंगले में अकेली ही सोना पड़ रहा था।
मेरी मौसी ने मेरी मम्मी से कहा- दीदी, मुझे अकेले सोने में बहुत डर लगता है। क्या राघव को मेरे साथ सोने के लिए भेज सकती हो?
मेरी मम्मी ने कहा- ठीक है कविता, राघव आज से तेरे साथ ही सो जाया करेगा। वैसे भी वो बड़ा हो गया है और तुम्हारी देखभाल कर सकता है।
मम्मी ने मुझसे मौसी के साथ सोने की कह दी। मैं उसी दिन मौसी के बंगले में सोने के लिए चला गया।
मौसी का बंगला शहर के बाहर एक शांत इलाके में था। वहां आसपास कोई खास पड़ोसी नहीं थे।
हम दोनों एक ही बेडरूम में सो गए।
मौसी के बेडरूम में एक बहुत बड़ा बेड था जिस पर दो लोग आराम से सो सकते थे।
अभी तक मुझे उनकी चुदाई का ख्याल नहीं आया था। मैं तो बस उनकी देखभाल करने गया था।
वह ठंड का समय था तो मौसी ने मुझे अपने करीब ही लिटा लिया था। थोड़ी देर में मुझे नींद आ गई और मैं सो गया।
करीब रात के 2 बजे मेरी नींद खुल गई। उस वक्त मौसी ने मुझे अपनी बांहों में जकड़ रखा था।
यह महसूस करते ही मेरी उत्तेजना बढ़ने लगी।
मैं आंख बंद करके उनके नरम जिस्म का अहसास करने लगा।
मौसी ने हल्का सा नाइटी पहनी हुई थी और उनकी सांसें मेरे गाल पर महसूस हो रही थीं।
कुछ ही देर बाद मुझे उनके दूध अपने सीने से गड़ने लगे थे।
वे 36 इंच के स्तन थे जो मेरे सीने पर दब रहे थे।
यह महसूस करते ही मुझे उनकी चुदाई करने का मन करने लगा। मेरा लंड अंडरवियर में खड़ा हो गया था।
मैंने धीरे से अपने हाथ से उनके एक दूध को स्पर्श किया।
इस पर मौसी की तरफ से कोई हलचल नहीं हुई। इससे मेरा साहस और बढ़ गया।
मैंने ऊपर से ही उनके एक दूध को दबाना चालू कर दिया। उनका निप्पल मेरी उंगलियों का स्पर्श पाकर कुछ कड़क सा होने लगा।
चूंकि मैं अनुभवी नहीं था, वर्ना उसी समय समझ जाता कि मौसी की वासना मुझे अपना शिकार बना रही है।
अब मैंने हल्के हाथ से उनके नाइटी के गहरे गले में अपना हाथ डाल दिया और उनके दूध सहलाने लगा।
कुछ देर बाद मुझे चुल्ल होने लगी तो मैंने हाथ निकाल कर उनकी नाइटी ऊपर कर दी और उनके दोनों स्तनों को बाहर निकाल लिया।
मौसी के मम्मों को देखते ही मुझे मजा आने लगा। वे गोल और मुलायम थे।
मैं उनके दोनों बूब्स को बारी बारी से दबाने लगा। मौसी की तरफ से अभी भी कोई हलचल नहीं हो रही थी।
अब मैंने उनकी पैंटी का इलास्टिक खींचा और उसे नीचे सरका दिया।
मौसी ने पैंटी पहनी हुई थी लेकिन मैंने उसे नीचे कर दी।
उनकी रेशमी झांटों की मीठी चुभन से मुझे मजा आने लगा।
मैं कुछ देर झांटों से खेला और उसके बाद उनकी चूत में उंगली को डाल दिया।
उनकी चूत गीली सी थी लेकिन मैं समझ नहीं पाया कि चूत क्यों गीली है।
मैं उनकी चूत में उंगली चलाने लगा मगर अभी भी मौसी की तरफ से कोई हलचल नहीं हुई।
अब मैं समझ गया था कि वे जाग गई हैं और चूत में मेरी उंगली का मजा ले रही हैं।
यह सोचते ही मेरी हिम्मत काफी बढ़ गई। मैंने उनकी पैंटी को अपने पैरों की मदद से नीचे किया और उतार दिया।
अब वे नीचे से नंगी थीं। उसके बाद मैंने उनके नाइटी को भी निकाल दिया और उनसे चिपट गया।
मैं समझ गया था कि मौसी अब मेरे लौड़े से चुदने के लिए तैयार हैं।
अब मैंने उनकी चूचियों को अपने होंठों से चूमना और चूसना शुरू कर दिया।
थोड़ी देर चूचियां चूसने और मसलने के बाद मैंने अपने भी सारे कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया। मौसी पहले से ही पूरी नंगी थीं।
मैंने उनकी चूत को देखा, तो बस देखता ही रह गया। उनकी चूत गुलाबी और चिकनी थी।
मुझे वासना का नशा सा छाने लगा। मैंने उनकी दोनों टांगों को फैला दिया और उनकी चूत की दरार में अपना लंड रख कर रगड़ने लगा।
मौसी की टांगें पूरी तरह से फैली हुई थीं और चूत लगातार पानी टपका रही थी।
मैंने सुपारा फंसा कर एक धक्का लगाया, तो मेरा लंड फिसल गया। फिर मैंने दूसरा झटका लगाया।
इस बार मेरा आधा लंड मौसी की चूत में चला गया। लंड अन्दर जाते ही मौसी की जोर से आह निकलने को हुई।
पर मैंने झट से उनके होंठों को अपने होंठों से दबा लिया और उन्हें किस करने लगा।
कुछ देर तक लंड ने मौसी की चूत को दर्द दिया, पर अब वे भी मेरा साथ दे रही थीं।
मैंने चूत का सहयोग देखा तो एक और झटका दे मारा। इस बार मेरा पूरा 8 इंच लंबा लंड उनकी चूत में घुस गया था।
मौसी कसमसा रही थीं और किसी तरह से लंड को चूत में झेलने की कोशिश कर रही थीं।
मैं भी अन्दर बाहर करने लगा। कुछ ही देर में मौसी को भी मजा आने लगा और वह आराम से चुदाई का मजा लेने लगी थीं।
उसके बाद मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में ही गिरा दिया और झड़ गया। कुछ देर के बाद मैंने अपना लंड उनके मुँह में दे दिया।
अब वे मेरे लंड को बड़े मजे से चूस रही थीं। मेरा लंड खड़ा हो गया और दुबारा चूत चुदाई की स्थिति बन गई।
इस बार मैंने मौसी को घोड़ी बना दिया और अपने लंड पर थोड़ा तेल लगा कर चिकना कर लिया। वे गांड हिला रही थीं तो मैं उनकी गांड में लंड पेलने की कोशिश करने लगा।
मौसी ने कहा- राघव, गलत जगह जा रहा है। मैंने कहा- नहीं मौसी, सही जगह जा रहा है।
मैं आपकी गांड मारना चाह रहा हूँ। इस पर मौसी ने बताया कि मैंने आज से पहले कभी अपनी गांड नहीं मरवाई है। मैंने कहा- तो क्या हुआ मौसी, कभी तो शुरुआत होनी ही है।
यह कहते हुए मैंने एक जोरदार झटका मारा।
इस झटके मेरा लंड का टोपा उनकी गांड में चला गया और उनकी कराह निकल गई।
मैंने अपने हाथ से उनके मुँह को बंद कर दिया। उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। मैं थोड़ी देर तक रुका रहा।
जैसे ही उनका दर्द कम हुआ, तब मैंने धीरे धीरे करते हुए अपना पूरा 8 इंच लंबा लंड उनकी गांड में उतार दिया।
कुछ देर के दर्द के बाद अब उनको भी मजा आने लगा। मौसी बोलीं- थोड़ा और जोर से पेलो राघव!
मैं और जोर से उनकी गांड बजाने लगा।
वे मस्ती से बोलीं- आज तक तेरे मौसा मुझे इतना मजा नहीं दिया, जितना तुमने मुझे एक ही रात में दे दिया है।
मैंने कहा- मौसी, आप अब चिंता मत करना। मैं आपको रोजाना ऐसे ही मजा दूंगा।
वे बोलीं- जब तुम सो रहे थे, तब मैंने तुम्हारे लंड को अपने मुँह में लिया था। तुम्हें अहसास हुआ था क्या?
मैंने आश्चर्य से कहा- यह तो मुझे मालूम ही नहीं चला मौसी!
उसके बाद मैंने काफी देर तक उनकी गांड चुदाई की और उसके बाद मैं उनकी चूत में लंड डाल कर झड़ गया।
हम दोनों लंड घुसेड़े हुए ही एक दूसरे से चिपक कर सो गए।
मैं सुबह 6 बजे उठा तो देखा कि मौसी तो चूत पसारे सो रही हैं।
मैंने उनके ऊपर चढ़ कर अपना लंड उनकी फटी चूत में डाल दिया और उन्हें चोदने लगा।
वे भी जाग गई थीं और मुझे अपने दूध चुसवाती हुई चुदाई का मजा ले रही थीं।
मैंने मौसी को 25 मिनट तक चोदा और उसके बाद अपने कपड़े पहन कर बाहर चला गया।
अगली रात को मैं फिर से उनके पास सोने गया। उस दिन तो मैं उनको देखते ही दंग रह गया।
मैंने देखा कि मौसी एक लाल रंग की ट्रांसपेरेंट नाइटी में बिना ब्रा पैंटी के थीं।
मैं जैसे ही अन्दर गया, उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और मुझे धक्का देती हुई बिस्तर में आ गईं। एक ही कंबल में हम दोनों लेट गए।
थोड़ी देर तक हम दोनों ने एक दूसरे के साथ चूमाचाटी का मजा लेते हुए एक-दूसरे को गर्म किया।
उसके बाद मौसी मेरे लंड को मेरी पैंट के ऊपर से ही सहलाने लगीं।
फिर जैसे ही मेरा लंड कुछ कड़क सा हुआ, उन्होंने लंड को पैंट से निकाल कर अपने मुँह में ले लिया और मस्ती से चूसने लगीं।
थोड़ी देर बाद मैंने उनसे कहा- मौसी, अब रहा नहीं जा रहा यार!
वे हंस दीं और चूत पर हाथ फेर कर इशारा करने लगीं।
मैंने उनको लिटाया और उनकी चूत में अपनी जीभ लगा दी। वे मस्ती से चूत चटवाने लगीं।
फिर मैं अपना लंड चूत में सैट करने लगा तो मौसी बोलीं- राघव रुक जाओ, पहले कंडोम पहन लो।
मैंने कहा- कल तो रस अन्दर ही टपकाया था मौसी?
वे कहने लगीं- हां … पर रिस्क नहीं लेना चाहिए। यह कहते हुए उन्होंने मेरे लंड पर कंडोम पहना दिया।
मैंने कंडोम पहनने के बाद एक ही बार में अपना पूरा लंड उनकी चूत में घुसा दिया और देर तक उनकी चूत चोदता रहा।
मैं उनकी चूचियों को दबाता और चूसता रहा। वे गांड उठाती हुई चुद भी रही थीं
और बोल भी रही थीं- राघव थोड़ा आराम से कर ना … अभी पूरी रात बाकी है। मैंने लंड निकाल लिया और उनकी चूत को सहलाने लगा।
फिर मैंने उनकी चुदाई दूसरी पोजीशन में की। वे झड़ गईं तो मैं उनकी गांड में लंड डालकर अन्दर बाहर करने लगा।
अब मैंने कहा- मौसी, कंडोम लगा कर चोदने में मजा नहीं आ रहा है!
उन्होंने भी कहा- हां राघव, चमड़ी से चमड़ी की रगड़ का सुख नहीं मिल रहा है।
मैंने कहा- निकाल दूँ मौसी?
वे बोलीं- हां निकाल दो।
मैंने कंडोम निकाल दिया और उनकी गांड मारने लगा।
उस दिन मैंने पूरी रात हॉट मौसी सेक्स का मजा लिया, उनको बहुत चोदा।
अगले दिन सुबह मौसी को बुखार चढ़ आया था। मेरा बदन भी टूट रहा था।
इस तरह से हम दोनों रोजाना सेक्स करने लगे थे। गर्भवती होने से बचने के लिए मौसी दवा लेने लगी थीं।
फिर एक बार मैंने उनके साथ उनकी एक सहेली को भी चोदा। उनका नाम राधा है।
उस दिन जब मैं उनके पास सोने गया तो देखा कि वहां उनकी सहेली राधा भी आई हुई थी।
राधा 30 साल की थी और उसका फिगर 34-28-36 था। वो भी बहुत गोरी और सेक्सी थी।
मैंने मौसी से पूछा- मौसी, ये कौन हैं?
मौसी बोलीं- ये मेरी सहेली है राधा … ये आज यहीं सोएगी और कल अपने घर जाएगी।
मैंने कहा- ठीक है मौसी, आज आप लोग सो जाएं। मैं कल आ जाऊंगा।
राधा बोली- अरे राघव, सब लोग साथ में ही सो जाते हैं न! इतनी ठंड में अकेले कैसे सोओगे?
मौसी ने मुझे आंख मार कर इशारा किया तो मैं समझ गया। फिर हम तीनों लोग एक ही कंबल में सोने लगे।
मौसी बीच में थीं और मैं और राधा दोनों तरफ थे। थोड़ी देर बाद उनकी सहेली मेरे लंड को पकड़ने लगी।
मैंने कहा- राधा जी, आप ये क्या कर रही हैं?
मौसी ने कहा- राघव, आज हम तीनों सेक्स करेंगे। तुम्हें कोई दिक्कत तो नहीं है?
मैं बोला- मुझे क्या दिक्कत है मौसी? मैं तो दोनों को खुश करूंगा।
तब मौसी ने मुझे एक गोली दी, बताया कि इससे सेक्स करने की ताकत बढ़ेगी।
मैंने वो गोली खा ली। इसके बाद वे दोनों नंगी हो गईं और मुझे भी नंगा कर दिया।
वे दोनों मिलकर मेरे लंड को चूसने लगीं। थोड़ी देर बाद दवा असर करने लगी।
मैंने राधा से कहा- चलो राधा जी, आप लेट जाओ। वे लेट गईं।
मैंने उनकी दोनों टांगें उठा कर अपना लंड उनकी चूत में सैट कर दिया।
वे जब तक कुछ समझ पातीं, तब तक तो मैंने उनकी चूत में लंड डाल ही दिया। वे कराहने लगीं। मैं ताबड़तोड़ चुदाई में लग गया।
कुछ मिनट बाद मैंने उनको घोड़ी बनाया और उनकी गांड में लंड डाल दिया।
उनको गांड में दर्द होने लगा लेकिन वह पहले गांड मरवा चुकी थीं तो उनको ज्यादा देर दर्द नहीं हुआ।
उनके बाद मैंने मौसी कविता को घोड़ी बना कर उनकी गांड भी मारी। फिर उनकी चूत चोदी।
जब मौसी झड़ गईं, तो मैंने अपना लंड निकाल कर उन दोनों से चुसवाया।
मेरे लंड से वीर्य निकला, तो रस को उन दोनों के मुँह में ही निकाल दिया।
राधा को उस रात में मैंने 3 बार चोदा और मौसी को 2 बार!
अब ये सिलसिला चलने लगा था।
मौसी बहुत बड़ी चुदक्कड़ निकलीं।
मैं अभी तक उनकी 5 सहेलियों को चोद चुका हूँ।
उनकी चुदाई की कहानी को मैं अगली बार लिख कर बताऊंगा।
NEXT PART: रंडी चाची और उनकी सहेलियों चुदाई
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Nice story