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मेरा नाम साजिद है। मैं बिहार के पुर्निया जिले का रहने वाला हूं। यह कहानी 25 जनवरी 2023 की है। उस समय मेरी उम्र 33 साल थी। मेरी हाइट 5 फीट 6 इंच है और मेरे लंड का साइज करीब 6 इंच है।
मैं एक साधारण मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखता हूं। मेरे पिता की छोटी सी दुकान है और मैं उनके साथ काम करता हूं।
हमारी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसकी वजह से मेरी शादी नहीं हो पा रही है। मेरी उम्र 33 साल हो गई है और अभी तक मैं कुंवारा हूं।
मैंने कभी किसी लड़की या औरत को नहीं चोदा था। मैं एक धार्मिक मुसलमान हूं और हमेशा अपने इस्लामी नियमों का पालन करता था।
मुझे पता था कि शादी से पहले किसी भी महिला के साथ संबंध बनाना गुनाह है। लेकिन इंसान का मन क्या करे?
जब भी मैं अपने दोस्तों को उनकी शादीशुदा जिंदगी के बारे में बात करते सुनता, तो मेरे अंदर भी एक अजीब सी उत्तेजना महसूस होती।
मेरी कई सारी लड़कियों और औरतों से दोस्ती थी। मैं बात करने में अच्छा हूं और लोग मुझसे जल्दी घुल मिल जाते हैं।
लेकिन मैं इस्लामिक होने के नाते कभी किसी के साथ गलत हरकत नहीं करता था।
मेरे दोस्त अक्सर मुझे मजाक उड़ाते थे कि 33 साल का हो गया है और अभी तक कुंवारा है।
उनकी बातें सुनकर मुझे भी किसी औरत या लड़की को चोदने का मन होता था। लेकिन मैं अपने ईमान को कायम रखता था।
रूबी मेरी एक खास दोस्त थी। वह शादीशुदा थी और उसका पति सऊदी अरब में काम करता था।
वह 2 साल में एक बार ही आता था। रूबी सांवले रंग की थी लेकिन उसके चेहरे में एक अलग ही कशिश थी।
जब वह मुस्कुराती थी तो उसके गाल पर एक गड्ढा पड़ता था जो उसे बहुत खूबसूरत बनाता था।
उसकी उम्र 42 साल थी लेकिन वह दिखने में 35 की लगती थी।
उसके चूचियों का साइज 34 था, कमर 32 की थी और गांड 36 की थी। देखने में वह काफी सेक्सी थी।
उसके शरीर के ये साइज़ मुझे उन फोन कॉल्स के दौरान पता चले थे जब हम कभी-कभी एडल्ट बातें करते थे।
रूबी का पति सऊदी अरब में रहता था इसलिए वह अक्सर अकेली रहती थी।
हमारी दोस्ती एक लड़की के नंबर शेयर करने से शुरू हुई थी और धीरे-धीरे फोन पर बातचीत होने लगी।
शुरू में तो हम सामान्य बातें करते थे लेकिन फिर धीरे-धीरे हमारी बातें और भी गहरी होने लगीं।
एक दिन रूबी ने मुझे बताया कि उसकी आंख में कुछ प्रॉब्लम हो रही है और वह डॉक्टर को दिखाना चाहती है।
मैंने उसे कहा कि मैं उसे ले जाऊंगा। हम लोग डॉक्टर के यहां गए। डॉक्टर ने उसकी आंख देखी और दवाई दी।
वापस आते समय हम बस में थे। बस बहुत भीड़ थी। मैं और रूबी खड़े थे। भीड़ की वजह से हम एक-दूसरे से सटे हुए थे।
अचानक एक झटके से मेरा हाथ रूबी के स्तनों पर लग गया। मैं समझा कि वह नाराज होगी लेकिन उसने कुछ नहीं कहा। बल्कि वह मुस्कुरा दी।
मैंने हिम्मत करके थोड़ा दबाया। उसके चूचियां बहुत नरम थे। उसने आंखें बंद कर लीं और मैंने उसके चूचियों को काफी देर तक दबाया।
बस में लोगों की भीड़ थी इसलिए किसी को पता नहीं चला। यह मेरे लिए एक नया अनुभव था। मेरा लंड खड़ा हो गया था और मैं बहुत उत्तेजित महसूस कर रहा था।
उस दिन के बाद हमारे बीच कुछ बदल गया। हमारी फोन पर बातचीत और भी निजी हो गई।
रूबी अब मुझसे खुलकर बात करने लगी थी। वह बताती थी कि उसका पति 2 साल में एक बार आता है और उसकी जरूरतें पूरी नहीं होती हैं।
मुझे भी अब रूबी को चोदने का मन होने लगा था। यह पहली बार था जब मैंने अपने इस्लामी नियमों को तोड़ने का सोचा था।
मैं जानता था कि यह गुनाह है लेकिन मेरा शरीर मुझे कुछ और ही कह रहा था।
एक दिन रूबी ने मुझे कहा, “साजिद, मुझे तुमसे मिलना है। मैं तुम्हारे साथ समय बिताना चाहती हूं।”
मैं समझ गया कि उसका क्या मतलब है। मैंने एक होटल में कमरा बुक किया।
यह एक छोटा सा होटल था शहर के बाहरी इलाके में जहां किसी की नजर नहीं पड़ेगी। मैंने 25 जनवरी 2023 की तारीख तय की।
उस दिन मैं बहुत घबराया हुआ था। मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था।
मैंने नहाया, अच्छे कपड़े पहने और होटल पहुंचा। रूबी थोड़ी देर बाद आई।
उसने सलवार सूट पहना था जो उस पर बहुत अच्छा लग रहा था।
जैसे ही रूबी कमरे में आई, मेरा दिल और भी तेज धड़कने लगा। कमरे में एक बिस्तर था, एक टीवी था और बाथरूम था।
रूबी ने दरवाजा बंद किया और मेरी तरफ देखा।
“तुम घबरा क्यों रहे हो, साजिद?” उसने पूछा।
“यह मेरा पहला अनुभव है रूबी जी,” मैंने कहा, “मैंने कभी किसी औरत के साथ ऐसा नहीं किया।”
वह मुस्कुराई और मेरे पास आई। “डरो मत। मैं हूं ना। मैं सब सिखाऊंगी तुम्हें।”
वह मेरे सामने खड़ी हो गई। मैं उसे देखता रहा। उसके होठ बहुत रसीले लग रहे थे।
उसने अपने बालों को खोला और वे उसकी कमर तक आ गए।
“चलो, पहले मुझे किस करो,” उसने कहा।
मैंने हिम्मत जुटाई और उसके गाल पर एक किस किया। फिर मैंने उसके गले पर चूमना शुरू किया। वह आंखें बंद करके मजे लेने लगी।
“और नीचे,” उसने फुसफुसाते हुए कहा।
मैंने उसके गले से होठ नीचे ले गया। उसने सूट का गला खोला हुआ था। मैंने उसकी क्लेवेज पर चूमना शुरू किया। वह सिसकियां भरने लगी।
“आह… साजिद… बहुत अच्छा लग रहा है,” वह बोली।
मैंने उसके सूट के बटन खोलने शुरू किए। एक-एक करके सारे बटन खोल दिए।
अंदर उसने गुलाबी रंग का ब्रा पहना था। उसके चूचियां ब्रा से बाहर निकलने को बेताब लग रहे थे।
मैंने उसे बिस्तर पर बिठाया। वह बैठ गई और मैं उसके सामने घुटनों के बल बैठ गया।
मैंने उसके पैरों को छूना शुरू किया। उसने पायल पहनी हुई थी। मैंने उसके पैरों को चूमा, फिर टखनों को, फिर घुटनों को।
“तुम बहुत अच्छे हो साजिद,” रूबी ने कहा, “धीरे-धीरे करो। कोई जल्दी नहीं है।”
मैंने उसके सलवार का नाड़ा खोला। वह थोड़ा ऊपर हो गई और मैंने उसकी सलवार नीचे खींची।
अब वह केवल ब्रा और पैंटी में थी। उसकी जांघें बहुत गोरी और मुलायम लग रही थीं।
मैंने उसकी जांघों पर चूमना शुरू किया। वह कांपने लगी। “आह… हां… वहीं… और ऊपर,” वह बड़बड़ा रही थी।
मैं धीरे-धीरे ऊपर बढ़ रहा था। उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी बुर को सहलाया।
“ऊह… साजिद… बहुत मजा आ रहा है,” वह चिल्लाई।
फिर मैं उसके ऊपर आ गया। हम एक-दूसरे को देख रहे थे। उसकी आंखों में वासना की आग जल रही थी।
मैंने उसके होठों पर अपने होठ रखे।
पहले तो धीरे-धीरे चूमा। फिर मैंने अपनी जीभ उसके मुंह में डाल दी।
हम एक-दूसरे की जीभ चूसने लगे। वह बहुत प्यासी लग रही थी। हम करीब दस मिनट तक एक-दूसरे को चूमते रहे।
फिर मैंने उसकी ब्रा खोली। उसके चूचियां बाहर आ गए। वे बहुत बड़े और गोल थे। निप्पल गहरे भूरे रंग के थे और कड़े हो रहे थे।
“इन्हें चूसो… प्लीज…” रूबी ने विनती की।
मैंने एक चूची को अपने हाथ में लिया और दूसरे को अपने मुंह में। मैं उसके निप्पल को चूसने लगा। वह जोर-जोर से सांसें लेने लगी।
“आह… हां… ऐसे ही… और जोर से… ऊह… मेरे दूध पी लो साजिद… पी लो…” वह बड़बड़ा रही थी।
मैं एक चूची को चूस रहा था और दूसरे को दबा रहा था। उसके दूध बहुत नरम थे।
मैं उन्हें दबा-दबा कर मजे ले रहा था। वह अपने हाथों से मेरे सिर को अपनी छाती पर दबा रही थी।
“बहुत अच्छा लग रहा है… मेरे राजा… चूसो इन्हें… अपनी रूबी के दूध चूसो…” वह बोल रही थी।
मैंने दूसरी चूची भी चूसी। दोनों निपल्स को मैंने अपने दांतों से हल्का काटा भी। वह तड़प उठी।
“ऊह… दर्द… लेकिन मजा आ रहा है… और करो…”
मैंने करीब पंद्रह मिनट तक उसके चूचियों को चूसा और दबाया। उसके निप्पल और भी कड़े हो गए थे। फिर मैं नीचे बढ़ा।
मैंने उसकी पैंटी खोली। उसकी बुर बिल्कुल साफ थी। थोड़े-थोड़े बाल थे लेकिन बहुत साफ-सुथरी लग रही थी। वह गीली हो चुकी थी।
“चाटो इसे… प्लीज साजिद… बहुत दिनों से किसी ने नहीं चाटा…” रूबी ने कहा।
मैंने पहली बार किसी औरत की बुर देखी थी। वह गुलाबी रंग की थी और पानी से तर थी। मैंने अपनी जीभ निकाली और उसकी बुर पर लगाई।
“ऊह… हां… ऐसे ही… चाटो… और अंदर डालो जीभ…” वह चीखी।
मैंने अपनी जीभ उसकी बुर के अंदर डाल दी। वह बहुत गर्म और रसीली थी।
मैं ऊपर-नीचे करके उसकी बुर चाट रहा था। वह अपनी कमर उठा-उठा कर मेरे मुंह पर रगड़ रही थी।
“आह… साजिद… तुम बहुत अच्छा चाटते हो… हां… वहीं… क्लिटोरिस को चूसो… ऊह… बहुत मजा आ रहा है…”
मैंने उसकी क्लिटोरिस को अपने होठों में ले लिया और चूसने लगा। वह पागल हो रही थी।
उसने अपने पैर मेरे कंधों पर रख दिए और मेरे मुंह को अपनी बुर पर जोर-जोर से दबाया।
“चाटो… और चाटो… मैं झड़ने वाली हूं… ऊह… हां… आ रहा है… आ रहा है…”
अचानक उसका शरीर कांपने लगा और एक गर्म तरल पदार्थ मेरे मुंह में आ गया। वह झड़ चुकी थी।
मैंने उसका सारा रस पी लिया। वह बिस्तर पर गिर गई और हांफने लगी।
“बहुत मजा आया… तुम बहुत अच्छे हो…” उसने कहा।
कुछ देर बाद रूबी उठी और मेरे कपड़े खोलने लगी। “अब तुम्हारी बारी,” उसने कहा।
उसने मेरी शर्ट उतारी, फिर बनियान। फिर उसने मेरी पैंट खोली।
मेरा लंड अंडरवियर से बाहर निकलने को बेताब था। उसने मेरा अंडरवियर नीचे किया और मेरा लंड बाहर आ गया।
“वाह… कितना बड़ा है… 6 इंच पूरा है,” उसने कहा और उसे अपने हाथ में ले लिया।
वह मेरे लंड को सहलाने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया।
“ऊह… रूबी जी…” मैंने कहा।
वह मेरे लंड को चूसने लगी। उसने अपनी जीभ से मेरे लंड के सुपारे को चाटा। फिर पूरा लंड अपने गले तक ले लिया। वह बहुत अच्छा चूस रही थी।
“आह… बहुत अच्छा लग रहा है…” मैंने कहा।
करीब पांच मिनट चूसने के बाद उसने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरे ऊपर चढ़ गई।
उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया और अपनी बुर पर सेट किया।
“अब तुम्हारा लंड मेरी बुर के अंदर जायेगा साजिद… तैयार हो?” उसने पूछा।
“हां रूबी जी… करो…” मैंने कहा।
वह धीरे-धीरे नीचे बैठी और मेरा लंड उसकी बुर में चला गया। वह बहुत टाइट थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। वह धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगी।
“आह… कितना अच्छा लग रहा है… तुम्हारा लंड बहुत मोटा है…” वह बोल रही थी।
मैं उसके चूचियों को दबा रहा था। वह तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था।
लेकिन यह मेरा पहला अनुभव था और मैं बहुत उत्तेजित था।
करीब एक मिनट के बाद ही मुझे लगा कि मैं रोक नहीं पाऊंगा। “रूबी जी… मैं… मैं झड़ने वाला हूं…” मैंने कहा।
“अभी नहीं… रुको…” उसने कहा।
लेकिन मैं रोक नहीं पाया। मैं उसकी बुर में ही झड़ गया। मेरा सारा माल उसकी बुर में चला गया।
मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई। “सॉरी रूबी जी… मैं… मैं रोक नहीं पाया… यह मेरा पहला अनुभव था…” मैंने हिचकिचाते हुए कहा।
वह मुस्कुराई और मेरे ऊपर लेट गई। “कोई बात नहीं साजिद। यह नॉर्मल है। पहली बार में ऐसा ही होता है। तुम घबराओ मत।”
हम दोनों कुछ देर लेटे रहे। रूबी मुझे चूम रही थी और मेरे बालों में हाथ फेर रही थी। “तुम्हारा लंड अभी भी कड़ा है,” उसने कहा।
“हां… मुझे अभी भी मन कर रहा है…” मैंने कहा।
“ठीक है। इस बार हम धीरे-धीरे करेंगे। और तुम ज्यादा देर तक चल पाओगे,” उसने कहा।
हमने फिर से शुरुआत की। इस बार रूबी ने मेरे लंड को अपने मुंह में लिया और उसे फिर से कड़ा किया।
वह बहुत अच्छे से चूस रही थी। मेरा लंड फिर से पूरे 6 इंच का हो गया।
“अब मुझे डॉगी स्टाइल में चोदो,” उसने कहा।
वह बिस्तर पर घुटनों के बल आ गई और अपनी गांड मेरी तरफ उठा दी। उसकी गांड बहुत गोल और बड़ी थी। मैंने उसकी गांड को सहलाया।
“चोदो मुझे… अपनी रूबी को चोदो…” वह बोली।
मैंने अपना लंड उसकी बुर पर रखा और एक जोरदार धक्का दिया। मेरा लंड पूरा अंदर चला गया।
“आह… हां… ऐसे ही… जोर से…” वह चिल्लाई।
मैंने उसकी कमर पकड़ी और धक्के लगाने शुरू किए। पहले धीरे-धीरे, फिर तेज। “थप… थप… थप…” की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।
“ऊह… बहुत मजा आ रहा है… और जोर से… मेरी बुर फाड़ दो…” वह चिल्ला रही थी।
मैंने पूरे जोर से धक्के लगाए। उसकी गांड की थपथपाहट मुझे और उत्तेजित कर रही थी। मैंने उसके बाल पकड़े और पीछे खींचा।
“आह… हां… मुझे अपनी रखैल बना लो… चोदो मुझे… और जोर से…”
मैं लगातार धक्के लगा रहा था। दस मिनट तक मैंने उसे डॉगी स्टाइल में चोदा। फिर मैंने उसे पलट दिया।
अब वह बिस्तर पर लेट गई और मैं उसके ऊपर आ गया। मैंने उसके पैर अपने कंधों पर रखे और अपना लंड उसकी बुर में डाल दिया।
“ऊह… हां… अंदर तक… पूरा अंदर डालो…” वह बोली।
मैंने धक्के लगाने शुरू किए। इस मुद्रा में मैं उसके चूचियों को भी दबा पा रहा था। वह अपनी आंखें बंद करके मजे ले रही थी।
“चूसो मेरे दूध… चूसो…” उसने कहा।
मैंने झुककर उसके निप्पल चूसने शुरू किए और साथ में धक्के भी लगा रहा था।
दस मिनट इस मुद्रा में चोदने के बाद, रूबी बोली, “अब मैं तुम्हारे ऊपर आती हूं।”
हम पलट गए। अब मैं नीचे लेटा था और रूबी मेरे लंड पर बैठ गई। उसने मेरा लंड अपने हाथ में लिया और अपनी बुर में डाल लिया।
“आह… कितना गहरा जा रहा है…” वह बोली।
वह ऊपर-नीचे उछलने लगी। उसके चूचियां हिल रहे थे। मैंने उन्हें पकड़ लिया और दबाने लगा।
“ऊह… हां… मजा आ रहा है… बहुत अच्छा लग रहा है… तुम्हारा लंड मेरी बुर को भर रहा है…”
वह तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थी। मैं नीचे से भी धक्के दे रहा था। हम दोनों की सांसें तेज हो गई थीं।
“अब एक और मुद्रा में करते हैं,” रूबी ने कहा।
वह उठी और मुझे बिस्तर के किनारे बिठाया। फिर वह मेरी गोद में आकर बैठ गई।
मैंने अपना लंड उसकी बुर में डाल दिया। अब हम एक-दूसरे को गले लगाए हुए थे।
“चोदो मुझे… अपनी गोद में बैठाकर चोदो…” वह फुसफुसा रही थी।
मैंने उसकी कमर पकड़ी और ऊपर-नीचे उठाने लगा।
वह मेरे गले से लिपटी हुई थी। मुझे उसकी सांसें अपने कान में महसूस हो रही थीं।
“आह… साजिद… तुम बहुत अच्छा चोदते हो… मुझे बहुत मजा आ रहा है… और जोर से… मैं फिर से झड़ने वाली हूं…”
मैंने गति तेज कर दी। पंद्रह मिनट तक मैं उसे इसी मुद्रा में चोदता रहा। फिर वह झड़ गई।
उसकी बुर ने मेरे लंड को कस लिया और मुझे भी झड़ने का मन होने लगा।
“मैं भी झड़ने वाला हूं रूबी जी…” मैंने कहा।
“अंदर ही झड़ जाओ… मुझे अपना माल दो…” उसने कहा।
मैंने एक जोरदार धक्का दिया और अपना सारा वीर्य उसकी बुर में छोड़ दिया। हम दोनों थककर एक-दूसरे से लिपट गए।
कुल मिलाकर इस बार हमने तकरीबन 32 मिनट तक चुदाई की। रूबी बहुत खुश थी।
चुदाई के बाद हम दोनों बिस्तर पर लेटे रहे। रूबी मेरे सीने पर सिर रखे हुए थी। “तुमने मुझे बहुत खुश किया साजिद,” उसने कहा।
“आपको मजा आया रूबी जी?” मैंने पूछा।
“बहुत मजा आया। तुम पहली बार थे फिर भी इतनी देर तक चोदे। अगली बार और भी मजा आएगा,” उसने कहा।
हमने नहाया और कपड़े पहने। फिर हम एक दुकान पर गए और लंच किया। रूबी बार-बार मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी।
“मुझे आज बहुत अच्छा लगा। तुमसे मिलकर अच्छा लगा,” उसने कहा।
“मुझे भी रूबी जी। शायद अब मैं शादी कर पाऊंगा। आपने मुझे आत्मविश्वास दिया है,” मैंने कहा।
वह हंस पड़ी। “हां, अब तुम किसी भी लड़की को खुश कर सकते हो।”
हमने खाना खाया और फिर अलग-अलग रास्ते चल पड़े।
यह मेरा पहला अनुभव था और यह मुझे हमेशा याद रहेगा। उसके बाद फिर हमारी कभी मुलाकात नहीं हुयी। मैं दिल्ली चला गया जॉब के लिए।
अभी मैं 36 साल का हूँ मेरी लाइफ बड़ी मुश्किल से चल रही है। अभी तक मैं शादी भी नहीं कर पाया, मेरे पिताजी काफी कर्ज लिए थे मैं उस को भर रहा हूँ।
रूबी के बाद मैं किसी को नहीं चोदा पाया, लाइफ बहुत मुश्किल में है।
शादी करने का सोचता हूँ पर परेशानिया बहुत है। देखते है फिर कब सेक्स कर पाते हैं, अगर कभी सेक्स करूँगा तो जरुर अपनी कहानी लिखूंगा।
सच कहूँ तो रूबी ने मुझे एक औरत को खुश करना सिखाया था, और इसके लिए मैं उसका हमेशा आभारी रहूंगा।
क्या मैंने सही किया? अपना राय कमेंट्स करके जरुर बताये, मैं कोई गुनाह तो नहीं किया या फिर……..
- आंटी को पहले होटल और फिर घर पर चोदा
- मेरे मामा के लड़के ने मेरी माँ को चोदा
- मेरी आपी को खेत में चोदकर सील तोड़ी
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Thik kiya bhai……..👍
Very good story 🙂💜🥰🐒