sex during photoshoot
मेरा नाम सुनील है और मैं 28 साल का एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर हूँ।
मैं मुंबई के अंधेरी इलाके में अपना स्टूडियो चलाता हूँ।
मेरा स्टूडियो बहुत आधुनिक है और यहाँ पर मैं मॉडल्स, एक्टर्स, और आम लोगों की फोटोग्राफी करता हूँ।
मेरा एक खास शौक है – मैं खूबसूरत महिलाओं की फोटोग्राफी करना पसंद करता हूँ, खासकर शादीशुदा महिलाओं की।
एक दिन शाम को 4 बजे मेरी रिसेप्शनिस्ट ने मुझे बताया कि एक नई क्लाइंट आई है – कविता।
उन्होंने अपॉइंटमेंट लिया था एक पोर्टफोलियो फोटोशूट के लिए।
मैंने उनकी फाइल देखी तो पाया कि वह 32 साल की शादीशुदा महिला हैं और उन्हें एक पर्सनल फोटोशूट करवाना है।
मैंने उन्हें अंदर बुलाने के लिए कहा। कुछ देर बाद एक औरत अंदर आई।
जैसे ही मैंने उसे देखा, मेरा दिल धड़कने लगा। वह बहुत खूबसूरत थी।
उसकी हाइट लगभग 5 फीट 6 इंच थी और फिगर 36-30-38 था।
उसने एक हल्की सी साड़ी पहनी हुई थी जो उसके शरीर से चिपकी हुई थी और उसके कर्व्स साफ झलक रहे थे।
उसका रंग गोरा था और आँखें काली थीं।
मैंने अपने आप को संभाला और पूछा, “आइए बैठिए। आप कविता जी हैं?”
वह मुस्कुराई और बोली, “हाँ मैं कविता हूँ। आप सुनील जी हैं?”
मैंने कहा, “हाँ, मैं सुनील हूँ। तो आपको फोटोशूट करवाना है?”
कविता ने कहा, “हाँ, मैं एक पर्सनल फोटोशूट करवाना चाहती हूँ। वैसे मैं शादीशुदा हूँ लेकिन मेरे पति बहुत व्यस्त रहते हैं। उन्होंने मुझे गिफ्ट के तौर पर यह फोटोशूट दिया है।”
मैंने कहा, “ठीक है, कोई बात नहीं। हम आपके लिए बेहतरीन फोटोशूट करेंगे। लेकिन उसके लिए आपको चेंजिंग रूम में जाकर आउटफिट बदलने होंगे।”
मैंने उसे चेंजिंग रूम में ले जाया।
वहाँ कई सारे आउटफिट्स रखे थे।
मैंने कहा, “आप इनमें से कोई भी चुन सकती हैं। या फिर अगर आप चाहें तो अपनी साड़ी में भी फोटोशूट करा सकती हैं।”
कविता ने कहा, “मैं थोड़ी देर में तैयार होकर आती हूँ।”
मैं बाहर आ गया और अपना कैमरा सेट करने लगा।
करीब 15 मिनट बाद कविता बाहर आई।
जैसे ही मैंने उसे देखा, मेरा दिल मुँह में आ गया।
उसने एक हल्की सी रेड कलर की साड़ी पहनी थी जो बहुत पारदर्शी थी।
उसके अंदर का ब्लाउज और पेटीकोट साफ दिख रहा था।
उसने बैकलेस ब्लाउज पहना था और उसकी पीठ बिल्कुल नंगी थी।
मैंने कहा, “वाह कविता जी, आप तो बहुत खूबसूरत लग रही हैं।”
कविता शर्माते हुए बोली, “शुक्रिया। चलिए शुरू करते हैं।”
मैंने उसे स्टूडियो में खड़ा किया और फोटो लेना शुरू किया।
वह बहुत कैमरा फ्रेंडली थी और अच्छे पोज़ दे रही थी।
मैंने उससे कहा, “कविता जी, थोड़ा और करीब आइए।”
वह करीब आई तो मुझे उसकी खुशबू आई।
वह बहुत मस्त महक रही थी।
मैंने फोटो लेते हुए उसके बूब्स को देखा जो साड़ी में से साफ झलक रहे थे।
मेरा लंड खड़ा होने लगा था।
मैंने कहा, “कविता जी, एक सेक्सी पोज़ दीजिए। जैसे आप अपने पति के लिए पोज़ देती हैं।”
कविता मुस्कुराई और एक सेक्सी पोज़ दिया।
उसने अपनी साड़ी का पल्लू हटा दिया और उसके 36 इंच के बूब्स साफ दिखने लगे।
मैंने कई फोटो ली और फिर कहा, “बहुत अच्छा। अब थोड़ा और बोल्ड पोज़ दीजिए।”
कविता ने अपनी साड़ी को थोड़ा और ऊपर उठाया और उसकी जाँघें दिखने लगीं।
वह बहुत गोरी थी और उसकी जाँघें बहुत मुलायम लग रही थीं। मैंने कहा, “वाह, बहुत खूबसूरत।”
फोटोशूट चल रहा था और मैं उसे और भी बोल्ड पोज़ देने के लिए कह रहा था।
कविता भी पूरी तरह से कंफर्टेबल थी और मेरे कहने पर वह अपने कपड़े उतारने लगी।
पहले उसने अपनी साड़ी उतारी, फिर ब्लाउज। अब वह सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में थी।
मैंने कहा, “कविता जी, आप बहुत खूबसूरत हैं। क्या मैं कुछ और इंटीमेट फोटो ले सकता हूँ?”
कविता ने कहा, “कैसी फोटो?”
मैंने कहा, “जिसमें आप और भी कम कपड़ों में हों।”
कविता ने मुझे वासना से देखा और कहा, “ठीक है, लेकिन यह हमारे बीच ही रहेगा।”
मैंने कहा, “बिल्कुल, यह सिर्फ आपके लिए है।”
कविता ने अपना पेटीकोट उतार दिया।
अब वह सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी।
उसका पेट बिल्कुल सपाट था और नाभि बहुत गहरी थी।
मैंने उसकी कई फोटो ली। फिर मैंने कहा, “कविता जी, क्या मैं आपकी ब्रा में भी फोटो ले सकता हूँ?”
कविता शर्माई लेकिन फिर मान गई।
उसने अपनी ब्रा उतार दी।
उसके 36 इंच के बूब्स बाहर आ गए और मैं उन्हें देखकर पागल हो गया।
वह बिल्कुल गोरी थी और उसके निप्पल गुलाबी रंग के थे।
मैंने उसकी कई न्यूड फोटो ली।
फिर मैंने कहा, “कविता जी, मैं आपको छू सकता हूँ? फोटो के लिए पोज़ देने में मदद करने के लिए?”
कविता ने कहा, “ठीक है।”
मैं उसके पास गया और उसके बूब्स को अपने हाथों से पकड़ लिया।
वह कांप उठी लेकिन कुछ नहीं बोली।
मैंने उसके निप्पलों को दबाया तो वह आहें भरने लगी, “आह्ह्ह… धीरे से…”
मैंने कहा, “कविता जी, आप बहुत सेक्सी हैं। मेरा मन कर रहा है आपको चोदने का।”
कविता ने कहा, “सुनील जी, आप भी बहुत हैंडसम हैं। मेरे पति ने मुझे महीनों से नहीं छुआ है। मुझे भी मजा चाहिए।”
यह सुनकर मैं उसे किस करने लगा।
हम पागलों की तरह एक-दूसरे को चूसने लगे।
मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी और वह पूरी तरह से नंगी हो गई।
उसकी चूत बिल्कुल साफ शेव की हुई थी और गुलाबी रंग की थी।
मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और सोफे पर लिटा दिया।
फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा। कविता पागल हो गई, “ओह्ह्ह… हाँ… और जोर से चाटो… मेरी जान निकल गई…”
मैंने उसके क्लिटोरिस को चूसा और उंगली से उसकी चूत चोदने लगा।
10 मिनट में ही वह झड़ गई और उसका पानी मेरे मुँह में आ गया। मैंने उसे पी लिया और ऊपर आ गया।
मैंने अपने कपड़े उतारे और मेरा 7.5 इंच का लंड बाहर आ गया।
कविता ने उसे देखा और कहा, “वाह सुनील जी, यह तो मेरे पति से बहुत बड़ा है।”
मैंने कहा, “आज मैं आपको वो मजा दूँगा जो आपने कभी नहीं लिया।”
मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रखीं और अपने लंड को उसकी चूत के मुँह पर रखा।
एक धक्का लगाया और मेरा सुपाड़ा अंदर घुस गया।
कविता दर्द से चीखी, “आह्ह्ह… धीरे से… बहुत मोटा है…”
मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया।
उसकी चूत बहुत टाइट थी और मेरा लंड उसकी दीवारों से रगड़ खा रहा था।
मैंने धक्के लगाने शुरू किए। पहले धीरे-धीरे और फिर तेज़-तेज़।
कविता भी नीचे से कमर उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी।
उसकी चूत से “फच्च… फच्च…” की आवाज आ रही थी। वह बोली, “और जोर से… मेरी चूत फाड़ दो… आज मुझे अपनी बना लो… मैं आपकी रखैल बनना चाहती हूँ…”
मैंने उसकी टांगें और चौड़ी की और जोर-जोर से चोदने लगा।
सोफे की आवाज “किच… किच…” कर रही थी।
कविता के 36 इंच के बूब्स हर धक्के के साथ हिल रहे थे।
लगभग 40 मिनट तक चोदने के बाद मैं झड़ने वाला था।
मैंने पूछा, “कहाँ निकालूँ?”
वह बोली, “अंदर ही डाल दो… आज मैं आपकी हूँ… मेरी चूत में अपना माल छोड़ दो…”
मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और अपना सारा वीर्य उसकी चूत में छोड़ दिया।
वह भी झड़ गई और हम दोनों एक-दूसरे से लिपटकर रहे।
कुछ देर बाद जब हम उठे, तो कविता ने कहा, “सुनील जी, यह तो बहुत मजा आया। क्या हम फिर से कर सकते हैं?”
मैंने कहा, “क्यों नहीं कविता जी। लेकिन अब तुम मेरी रेगुलर क्लाइंट हो। जब भी तुम्हें फोटोशूट करवाना होगा या और कुछ करना होगा, तुम मेरे पास आ सकती हो।”
कविता मान गई और अब वह हफ्ते में एक बार मेरे पास आती है और हम जमकर चुदाई करते हैं।
उसके पति को कुछ पता नहीं है और कविता अब बहुत खुश रहती है।
धन्यवाद!
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bahut acchha sunil bhai 👌👌