bhai ki biwi sex kahani
दोस्तों, मैं जो कहानी आपको सुनाने जा रहा हूँ, यह एक सच्ची घटना पर आधारित है।
मैंने कई औरतों को संतुष्ट किया है, लेकिन यह कहानी मेरी भाभी की है जो मेरी सबसे बड़ी मरीज़ बन गई।
मेरा नाम डॉक्टर इंद्रजीत है। मैं लखनऊ से हूँ। मेरी उम्र 35 साल है और मैं एक सफल जनरल फिजिशियन हूँ। मेरा क्लिनिक शहर के सबसे अच्छे इलाके में है।
मेरे छोटे भाई श्याम की शादी 2 साल पहले हुई थी।
उसकी बीवी का नाम राखी है। राखी एक बेहद खूबसूरत लड़की है, उसकी उम्र 24 साल है और उसका फिगर 34-28-36 है।
वह देखने में बिल्कुल फिल्मी हीरोइन जैसी लगती है।
मेरे भाई श्याम एक आईटी कंपनी में काम करता है और अक्सर टूर पर रहता है।
राखी हमारे साथ ही रहती है क्योंकि उसके ससुराल वाले गाँव में रहते हैं।
यह कहानी शुरू हुई 6 महीने पहले जब राखी मेरे क्लिनिक पर आई थी।
वह कह रही थी कि उसे सीने में दर्द हो रहा है और साँस लेने में तकलीफ हो रही है।
जब मैंने उसका चेकअप किया, तो मुझे पता चला कि वह पूरी तरह स्वस्थ है।
उसकी समस्या सिर्फ तनाव था।
लेकिन जब मैंने उसका स्टेथोस्कोप से चेकअप किया, तो मैंने महसूस किया कि वह मुझे घूर-घूर कर देख रही थी।
उस दिन के बाद राखी अक्सर बहाने से मेरे क्लिनिक पर आने लगी।
कभी सर दर्द, कभी पेट दर्द, कभी कमर दर्द। मैं समझ गया था कि वह कुछ और ही चाहती है।
एक दिन मैंने उससे सीधे पूछ लिया, “राखी, तुम्हें असल में क्या चाहिए?”
वह शर्मा गई और बोली, “भैया, मैं… मैं बहुत अकेली महसूस करती हूँ। श्याम महीने में सिर्फ 10 दिन ही घर पर रहता है।”
मैंने कहा, “तो तुम्हें क्या चाहिए मुझसे?”
उसने नीचे देखते हुए कहा, “आप समझदार हैं, आप ही बताइए।”
मैंने उसका हाथ पकड़ा और कहा, “क्या तुम मुझसे प्यार करती हो?”
वह सिर हिलाने लगी और बोली, “हाँ, लेकिन मैं आपकी भाभी हूँ।”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “तो क्या हुआ? दिल की बात सुननी चाहिए।”
उस दिन के बाद हमारे बीच की दूरी खत्म हो गई।
राखी रोज़ मेरे क्लिनिक पर आने लगी और हम एक-दूसरे से फ्लर्ट करने लगे।
एक दिन मैंने उसे अपने केबिन में किस किया।
वह पहले तो शर्माई, लेकिन फिर वह भी रिस्पॉन्ड करने लगी।
उसके होंठ बहुत नरम थे और उसकी साँसें तेज़ हो रही थीं।
मैंने उसके बूब्स को सहलाना शुरू किया।
वह मुझे रोकने की कोशिश करती रही लेकिन उसका रोकना भी कमज़ोर था।
मैं समझ गया कि वह चाहती है लेकिन शर्मा रही है।
फिर मैंने उसे कहा, “राखी, कल रात मेरे साथ डिनर पर चलो।”
वह बोली, “लेकिन घर पर क्या कहूँगी?”
मैंने कहा, “कह देना कि सहेली के यहाँ जा रही हो।”
वह मान गई।
अगली रात हम एक अच्छे रेस्टोरेंट में गए।
वह रेड साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही थी।
हमने डिनर किया और वाइन पी।
राखी थोड़ी नशे में हो गई और वह और भी बोल्ड हो गई।
रात के 11 बजे रहे थे जब मैंने उसे कहा, “चलो, मैं तुम्हें एक खास जगह ले चलता हूँ।”
मैं उसे एक 5-स्टार होटल में ले गया। जब हम रूम में पहुँचे, तो राखी थोड़ा घबरा गई।
मैंने उसे प्यार से कहा, “डरो मत, मैं हूँ ना।”
उसने कहा, “भैया, मैं पहली बार… मतलब श्याम के अलावा किसी और के साथ…”
मैंने उसके होठों पर उंगली रखी और कहा, “आज से मैं तुम्हारा हूँ और तुम मेरी।”
फिर मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसे किस करने लगा।
उसके होंठ मधुर थे और उसकी साँसें गर्म। मैंने उसकी साड़ी को खोलना शुरू किया।
राखी ने मेरे कपड़े उतारने में मेरी मदद की।
जब मैंने उसका ब्लाउज खोला, तो उसके 34 इंच के बूब्स ब्रा में कैद थे।
मैंने उसकी ब्रा को भी खोल दिया और उसके गोल-गोल बूब्स को देखकर मेरा लंड तन गया।
राखी ने मेरे लंड को देखा और कहा, “वाह, यह तो बहुत बड़ा है। श्याम का तो आधा है।”
मैंने कहा, “आज तुम्हें इसी का मजा दूँगा।”
मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसके बूब्स को चूसने लगा।
वह आहें भरने लगी। मैंने उसके निप्प्स को काटा और वह सिसकने लगी।
फिर मैंने उसकी पैंटी उतारी। उसकी चूत बिल्कुल साफ शेव की हुई थी और गुलाबी।
मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया। राखी पागल हो गई और बोली, “ओह माय गॉड, श्याम ने कभी ऐसा नहीं किया।”
मैंने उसकी चूत को अच्छी तरह चाटा और उसे ऑर्गेज्म दिया।
वह 2 मिनट में ही झड़ गई और बोली, “यह क्या था? मैंने ऐसा कभी महसूस नहीं किया।”
मैंने कहा, “यह तो सिर्फ शुरुआत है।”
फिर मैंने अपना 8 इंच का लंड उसके मुँह में दिया।
राखी उसे चूसने लगी। वह पहले तो उल्टी करने लगी लेकिन फिर वह मजे से चूसने लगी।
मैंने उसे कहा, “अब तैयार हो जाओ असली मजे के लिए।”
मैंने उसकी टांगें खोली और अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ा।
वह बेसब्र होकर कहने लगी, “अंदर डालो जल्दी।”
मैंने एक धक्का लगाया और मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया।
वह दर्द से चीखी, “आह, धीरे करो, बहुत दर्द हो रहा है।”
मैंने उसे किस किया और धीरे-धीरे अपना पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया।
वह बड़ी तंग थी लेकिन मैंने उसे आराम दिया।
थोड़ी देर बाद वह मजे लेने लगी और बोली, “अब जोर-जोर से चोदो।”
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और उसे जोर-जोर से चोदने लगा।
बेड की आवाज़ें “चर-चर” की गूंज रही थीं। राखी बोलने लगी, “हाँ, और जोर से, मारो मेरी चूत को, फाड़ दो इसे।”
मैंने उसे 20 मिनट तक चोदा और फिर मैं झड़ गया।
राखी भी संतुष्ट थी और बोली, “यह बेस्ट सेक्स था मेरी जिंदगी का।”
उस रात हमने 3 बार सेक्स किया। राखी मेरी दीवानी हो गई।
अगले दिन जब वह घर वापस आई, तो उसकी सास निर्मला ने पूछा, “कहाँ थी रात भर?”
राखी ने कहा, “सहेली के यहाँ रुक गई थी।”
निर्मला शक की नज़र से देखती रही।
कुछ दिन बाद एक और घटना हुई। राखी की सहेली सुषमा, जो मेरी पत्नी जया की कज़िन है, मेरे क्लिनिक पर आई।
सुषमा एक 28 साल की विधवा है और बहुत ही सेक्सी है। उसका फिगर 36-30-38 है।
सुषमा ने मुझे बताया, “डॉक्टर साहब, मुझे नींद नहीं आती और बहुत तनाव रहता है।”
मैंने उसका चेकअप किया और पाया कि वह पूरी तरह स्वस्थ है। मैंने उसे कुछ विटामिन दिए।
जब वह जाने लगी, तो उसने मुझे कहा, “डॉक्टर साहब, राखी ने मुझे सब कुछ बता दिया है।”
मैं थोड़ा घबराया लेकिन फिर बोला, “क्या बताया है?”
सुषमा ने मुस्कुराते हुए कहा, “कि आप बहुत अच्छे डॉक्टर हैं और मरीज़ों की पूरी देखभाल करते हैं।”
मैं समझ गया कि वह क्या कहना चाह रही है।
मैंने पूछा, “तो तुम्हें भी देखभाल चाहिए?”
वह बोली, “क्या आप मेरी देखभाल कर सकते हैं?”
मैंने कहा, “जरूर, लेकिन यहाँ नहीं, कहीं और।”
हमने प्लान बनाया और अगले दिन मैं उसे उसके घर पर मिला।
उसका घर शहर के बाहर एक फार्महाउस में था।
जब मैं वहाँ पहुँचा, तो सुषमा ने बहुत ही छोटी स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था। वह बेहद हॉट लग रही थी।
उसने मुझे अंदर बुलाया और कहा, “डॉक्टर साहब, मैं 2 साल से अकेली हूँ। मेरे पति की मृत्यु हो गई थी और मुझे बहुत तड़प होती है।”
मैंने उसे प्यार से कहा, “आज मैं तुम्हारी सारी तड़प दूर कर दूँगा।”
मैंने उसे किस किया और उसके बूब्स को सहलाने लगा। वह बहुत मस्त थी और बोलने लगी, “हाँ, और जोर से दबाओ।”
मैंने उसकी स्कर्ट उतारी और देखा कि उसने अंदर कुछ नहीं पहना था। उसकी चूत बहुत गीली थी।
मैंने उसे सोफे पर बैठाया और उसकी चूत चाटने लगा। सुषमा बहुत जोर-जोर से चिल्लाने लगी, “आह, हाँ, और जोर से चाटो।”
मैंने उसे 10 मिनट तक चाटा और वह 3 बार झड़ी।
फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में दिया। वह पूरा लंड गले तक ले गई और बहुत अच्छी तरह चूसने लगी।
मैंने उसे कहा, “अब तुम्हारी चूत की बारी है।”
मैंने उसे डॉगी स्टाइल में बनाया और पीछे से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया।
सुषमा बहुत चिल्लाई, “आह, मर गई, इतना बड़ा लंड है आपका।”
मैंने उसे जोर-जोर से चोदा और उसकी चूत को लाल कर दिया।
वह बोलने लगी, “फाड़ दो मेरी चूत, आज 2 साल बाद कोई मुझे चोद रहा है।”
मैंने उसे 30 मिनट तक चोदा और फिर उसके मुँह में झड़ गया।
वह सारा वीर्य पी गई और बोली, “यह तो बहुत मीठा है।”
उस दिन के बाद सुषमा भी मेरी दीवानी हो गई।
अब मेरे पास दो औरतें थीं – राखी और सुषमा।
एक दिन राखी ने मुझे फोन करके कहा, “भैया, मैं अपने मायके जा रही हूँ। क्या आप भी आ सकते हो?”
मैंने पूछा, “क्यों?”
वह बोली, “मेरी बहन समीरा भी वहाँ है। वह आपसे मिलना चाहती है।”
मैंने पूछा, “क्यों मिलना चाहती है?”
राखी ने कहा, “मैंने उसे आपके बारे में बताया है और वह भी आपके साथ…”
मैं समझ गया।
अगले दिन मैं राखी के मायके गया जो कानपुर में था।
राखी की माँ रुबी एक 45 साल की औरत है लेकिन अभी भी बहुत सेक्सी है। उसका फिगर 38-34-40 है।
रुबी ने मुझे देखते ही कहा, “आप तो बहुत हैंडसम हैं डॉक्टर साहब।”
मैंने शुक्रिया अदा किया।
शाम को राखी की बहन समीरा आई।
वह 22 साल की थी और कॉलेज में पढ़ती थी। उसका फिगर 32-26-34 था। वह बहुत ही सुंदर थी।
रात को खाने के बाद रुबी सो गई। राखी, समीरा और मैं बैठे हुए थे।
राखी ने समीरा से कहा, “बता ना डॉक्टर साहब को क्या चाहिए तुझे?”
समीरा शर्मा गई और बोली, “दीदी, आप ही बताओ ना।”
राखी ने मुझे कहा, “भैया, समीरा की बॉयफ्रेंड ने उसे धोखा दिया है। वह कुँवारी है और अपनी सील तुड़वाना चाहती है। क्या आप मदद कर सकते हो?”
मैंने समीरा को देखा और पूछा, “क्या तुम तैयार हो?”
वह सिर झुकाकर हाँ में सर हिलाने लगी।
मैंने उसे अपने पास बुलाया और उसके होठों पर किस किया।
वह पहली बार किस कर रही थी इसलिए थोड़ी अजीब महसूस कर रही थी।
मैंने उसे प्यार से सिखाया और फिर उसके कपड़े उतारने शुरू किए। राखी भी मदद कर रही थी।
जब समीरा पूरी नंगी हुई, तो मैंने देखा कि उसकी चूत पर बिल्कुल बाल नहीं थे। वह एकदम साफ थी।
मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी चूत को चाटना शुरू किया।
वह दर्द से चीखी, “आह, यह क्या कर रहे हो?”
राखी ने उसे कहा, “चुप रह, मजा आएगा।”
थोड़ी देर में समीरा को मजा आने लगा और वह आहें भरने लगी।
फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में दिया।
वह उसे चूसने लगी। राखी भी नंगी हो गई और मुझे किस करने लगी।
मैंने समीरा से कहा, “अब तैयार हो जाओ, थोड़ा दर्द होगा लेकिन फिर मजा आएगा।”
मैंने उसकी चूत पर थूक लगाया और अपने लंड को उसकी चूत पर रखा।
एक जोरदार धक्का लगाया और मेरा आधा लंड उसकी कुँवारी चूत में घुस गया।
समीरा बहुत जोर से चीखी, “आह, मर गई, बाहर निकालो।”
राखी ने उसे चुप कराया और कहा, “सहन कर ले, फिर मजा आएगा।”
मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया।
खून निकला लेकिन मैंने उसे चोदना जारी रखा।
10 मिनट बाद समीरा को मजा आने लगा और वह बोली, “हाँ, और जोर से चोदो, मेरी सील तोड़ दो पूरी तरह।”
मैंने उसे 25 मिनट तक चोदा और फिर उसकी चूत में ही झड़ गया।
समीरा की चूत से खून और वीर्य बह रहा था।
राखी ने उसे क्लीन किया और कहा, “अब तू भी औरत बन गई।”
समीरा ने मुझे गले लगाया और कहा, “थैंक यू डॉक्टर साहब, आपने मुझे पूरी औरत बना दिया।”
अगले दिन रुबी ने मुझे अकेले में बुलाया और कहा, “डॉक्टर साहब, मैंने कल रात सब देख लिया। आप बहुत माहिर हैं।”
मैंने कहा, “आपको बुरा लगा?”
वह बोली, “नहीं, बल्कि मैं भी…”
मैंने पूछा, “क्या?”
वह बोली, “मैं 5 साल से विधवा हूँ और मुझे भी…”
मैंने उसे किस कर लिया और उसके बूब्स दबाने लगा।
रुबी बहुत गरम थी। उसने कहा, “मेरी उम्र ज़्यादा है, क्या आप मुझे चोदोगे?”
मैंने कहा, “उम्र सिर्फ एक नंबर है, मैं तुम्हें भी संतुष्ट करूँगा।”
मैंने उसे उसी दिन दोपहर को चोदा जब सब सो रहे थे।
रुबी की चूत बहुत गहरी थी और वह बहुत अनुभवी थी। उसने मुझे बहुत से पोज़िशन सिखाए।
3 दिन मैं वहाँ रहा और रोज़ रात को पहले समीरा को चोदता, फिर राखी को और दोपहर को रुबी को। यह सिलसिला 3 दिन तक चला।
जब मैं वापस आया, तो मेरी पत्नी जया ने पूछा, “कहाँ थे इतने दिन?”
मैंने कहा, “मेडिकल कॉन्फ्रेंस में गया था।”
जया ने शक की नज़र से देखा लेकिन कुछ नहीं बोली।
कुछ दिन बाद जया ने मुझे कहा, “मैंने सुना है कि तुम राखी के साथ…”
मैं घबरा गया लेकिन जया ने कहा, “डरो मत, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। वैसे भी तुम मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते रोज़।”
मैंने पूछा, “तो?”
वह बोली, “मैंने भी एक दोस्त बना लिया है। विजय, जो जिम ट्रेनर है।”
मैंने कहा, “ठीक है, जैसी तुम्हारी मर्जी।”
उस रात हमने एक अग्रीमेंट किया कि हम एक-दूसरे की पर्सनल लाइफ में दखल नहीं देंगे।
अगले दिन विजय हमारे घर आया। वह एक 6 फीट का बॉडीबिल्डर था।
जया उसके साथ बेडरूम में चली गई और मैं बाहर बैठा रहा।
आधे घंटे बाद जया बाहर आई और उसके चेहरे पर संतुष्टि थी।
विजय ने मुझे कहा, “भाई साहब, आपकी बीवी बहुत मस्त है।”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “धन्यवाद।”
उस रात से हमारा रिलेशनशिप ओपन हो गया।
मैं राखी, सुषमा, समीरा और रुबी के साथ मजे करता और जया विजय के साथ।
एक दिन राखी ने मुझे कहा कि वह प्रेग्नेंट है। मैंने पूछा, “श्याम का है या मेरा?”
वह बोली, “श्याम 3 महीने से बाहर है, यह तो आपका ही है।”
मैंने कहा, “तो क्या करना है?”
वह बोली, “मैं यह बच्चा जनना चाहती हूँ। श्याम को लगेगा कि यह उसका है।”
मैंने मान लिया।
9 महीने बाद राखी ने एक लड़के को जन्म दिया।
श्याम बहुत खुश था और उसने बड़ी पार्टी दी। किसी को नहीं पता कि वह लड़का मेरा बेटा है।
आज वह लड़का 1 साल का हो गया है और मैं उसे अपने क्लिनिक पर अक्सर मिलने जाता हूँ।
राखी अब भी मेरी दीवानी है और हम हफ्ते में कम से कम 2 बार मिलते हैं।
सुषमा ने भी शादी कर ली है लेकिन वह अभी भी मुझसे चुदवाती है।
उसका पति उसे संतुष्ट नहीं कर पाता।
समीरा की भी शादी हो गई है और वह अपने पति को खुश रखती है लेकिन जब भी मौका मिलता है, वह मुझसे मिलने आ जाती है।
रुबी तो अब मेरी रेगुलर सेक्स पार्टनर है। वह अक्सर लखनऊ आती है और हम होटल में मिलते हैं।
जया और विजय का रिश्ता भी चल रहा है।
विजय अक्सर हमारे घर आता है और जया उसके साथ मजे करती है।
यह है मेरी असल जिंदगी।
मैं एक डॉक्टर हूँ जो अपनी मरीज़ों की पूरी देखभाल करता है – शरीर की भी और दिल की भी।
अगर कोई औरत मुझसे संतुष्ट होना चाहती है, तो वह मेरे क्लिनिक पर आ सकती है। मेरा नंबर है 98XXXXXXXX।
धन्यवाद!
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Wow! gajab ka chodu hai