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अगर आपने फर्स्ट पार्ट नहीं पढ़ी है तो पहले फर्स्ट पढ़ें ताकि आप ज्यादा आनंद ले सकें मेरा ऑफिस बन गया रंडी खाना-2
अगली सुबह जब अर्जुन स्टाइल फैशन इंडिया के दफ्तर पहुँचा, तो माहौल बिल्कुल बदल चुका था।
शर्मा की मेज खाली पड़ी थी और उसके सामान को कल रात ही हटा दिया गया था।
कर्मचारी आपस में फुसफुसा रहे थे, लेकिन किसी को भी पूरी जानकारी नहीं थी कि आखिर हुआ क्या था।
अर्जुन अपनी मेज पर बैठा और अपने कंप्यूटर को खोला।
तभी उसके फोन पर एक मैसेज आया – सीईओ साहब का। “अर्जुन, मेरी केबिन में आ जाओ।”
अर्जुन उठकर सीईओ के केबिन की तरफ बढ़ा। रास्ते में उसकी नज़र प्रिया से मिली।
वो लाल रंग की साड़ी में थी और उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी।
उसने अर्जुन को देखकर एक शरारती मुस्कान दी, जैसे कह रही हो – “रात को बहुत मज़ा आया।”
सीईओ के केबिन में पहुँचकर अर्जुन ने देखा कि वहाँ प्रिया भी मौजूद थी। सीईओ साहब बहुत खुश दिख रहे थे।
“अर्जुन, बैठो,” सीईओ ने कहा। “मैंने तुम्हारी सिफारिश पर शर्मा को निकाल दिया है। लेकिन अब मुझे एक नया प्रबंधक चाहिए जो इस कंपनी को सही तरीके से चला सके। और मुझे लगता है कि तुम ही वो आदमी हो।”
अर्जुन थोड़ा चौंका, “लेकिन साहब, मैं तो अभी नया हूँ…”
“तुम्हारे पास वो दृष्टि है जो किसी और में नहीं है,” सीईओ ने कहा। “और प्रिया ने भी मुझे बताया है कि तुम कितने होशियार हो। isn’t it, प्रिया?”
प्रिया ने शरारत से मुस्कुराते हुए कहा, “जी साहब, अर्जुन तो बहुत टैलेंटेड है।”
अर्जुन समझ गया कि प्रिया अब उसकी तरफ है। सीईओ ने उसे प्रबंधक का पद दे दिया था, लेकिन असली ताकत अब अर्जुन के हाथ में थी।
“ठीक है साहब, मैं ये जिम्मेदारी स्वीकार करता हूँ,” अर्जुन ने कहा।
सीईओ ने उसे शर्मा का पूरा केबिन सौंप दिया।
अब अर्जुन की मेज सबसे बड़ी थी, सबसे अलग थी।
उसके केबिन में एक अलग ही कमरा था जहाँ वो आराम कर सकता था।
जब अर्जुन अपने नए केबिन में पहुँचा, तो प्रिया भी उसके पीछे-पीछे आ गई।
“क्या बात है अर्जुन, तुम तो बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहे हो,” प्रिया ने कहा और दरवाज़ा बंद कर दिया।
“ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है प्रिया,” अर्जुन ने कहा और उसे अपनी तरफ खींच लिया।
प्रिया ने कहा, “अब तुम्हें कंपनी की सारी लड़कियों को अपने कंट्रोल में लेना होगा। शर्मा ने जो किया था, उससे बेहतर तुम कर सकते हो। लेकिन मेरी एक शर्त है – मैं तुम्हारी खास रहूँगी।”
अर्जुन ने उसके गाल को छूते हुए कहा, “तुम तो हमेशा से मेरी खास थी।”
प्रिया ने शरमाते हुए कहा, “पर अभी तो तुमने मुझे छुआ भी नहीं है सही से। रात को तो बस मैंने सीईओ को खुश किया, लेकिन मेरा दिल तो तुम्हारे लिए धड़क रहा है।”
अर्जुन ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया।
प्रिया की साड़ी का पल्लू सरक गया और उसके गोल दूध अब अर्जुन के सामने थे।
अर्जुन ने धीरे से अपने हाथ उसके ब्लाउज में डाल दिए।
वो मुलायम थे, बिल्कुल गुलाब की पंखुड़ियों जैसे।
“आह्ह्ह… अर्जुन…” प्रिया ने सांसें तेज़ कर दीं।
अर्जुन ने उसके ब्लाउज के हुक खोल दिए।
अब प्रिया का ब्लाउज खुला पड़ा था और उसके सफेद दूध बाहर झाँक रहे थे।
अर्जुन ने एक दूध को मुँह में ले लिया और चूसने लगा।
“उम्म्म… हाँ… और ज़ोर से…” प्रिया ने अर्जुन के सिर को अपने दूधों पर दबा दिया।
अर्जुन दूसरे हाथ से उसकी दूसरी चूची को दबा रहा था।
उसकी उँगलियाँ उसके निप्पल को कस-कसकर मसल रही थीं।
प्रिया बुरी तरह उत्तेजित हो चुकी थी।
उसने अर्जुन का शर्ट खींचकर उतार दिया और उसकी छाती पर अपने नाखून चलाने लगी।
“अर्जुन, मुझे अभी चाहिए तुम्हारा लंड… बहुत दिनों से मैं तुम्हें देखकर तरस रही हूँ,” प्रिया ने कहा।
अर्जुन ने उसे खड़ा किया और उसकी साड़ी खोलनी शुरू कर दी।
प्रिया ने अपनी पेटीकोट और ब्लाउज भी उतार दिया। वो अब पूरी नंगी थी।
उसकी बुर गीली हो चुकी थी और उसमें से चमक दिख रही थी।
अर्जुन ने अपनी पैंट उतारी और उसका मोटा लंड बाहर आ गया।
वो लगभग 8 इंच का था और बहुत मोटा। प्रिया की आँखें खुली रह गईं।
“वाह… अर्जुन… तुम्हारा तो बहुत बड़ा है… ये तो मेरी बुर फाड़ देगा,” प्रिया ने कहा।
“डरो मत, मैं आराम से करूँगा,” अर्जुन ने कहा और उसे अपनी मेज पर बिठा दिया।
प्रिया ने अपने पैर फैला दिए। उसकी गुलाबी बुर खुली हुई थी।
अर्जुन ने अपने लंड को उसके मुँह पर रखा और धीरे से अंदर धकेलना शुरू किया।
“उफ्फ्फ… अर्जुन… धीरे… बहुत मोटा है…” प्रिया ने दर्द से चीखते हुए कहा।
अर्जुन ने उसके होठों पर चुम्बन करते हुए धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया।
प्रिया की बुर टाइट थी, बिल्कुल कसी हुई। अर्जुन को बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर वो धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगा। उसके हर धक्के पर प्रिया की सांसें तेज़ हो जातीं।
उसके दूध हिल रहे थे और अर्जुन उन्हें दबाते हुए चोद रहा था।
“आह्ह्ह… हाँ… और ज़ोर से… मेरी बुर फाड़ दो…” प्रिया चीख रही थी।
लगभग 20 मिनट तक अर्जुन ने उसे अपनी मेज पर चोदा।
फिर उसने प्रिया को घुमाकर कुत्ते की तरह बना दिया और पीछे से उसकी बुर में अपना लंड डाल दिया।
“ओह्ह्ह… ये पोज़िशन और भी मज़ेदार है…” प्रिया ने कहा।
अर्जुन ने उसकी कमर पकड़कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने शुरू किए। “फच… फच… फच…” की आवाज़ें केबिन में गूँज रही थीं।
अंत में अर्जुन झड़ने वाला था।
उसने अपना लंड बाहर निकाला और प्रिया के मुँह में डाल दिया।
प्रिया ने उसे पूरा चूस लिया और सारा माल पी गई।
“बहुत मज़ा आया अर्जुन,” प्रिया ने कहते हुए अपने होठ साफ किए।
“अब तुम जाओ, और नेहा को भेजो,” अर्जुन ने कहा।
प्रिया ने कपड़े पहने और बाहर चली गई। कुछ देर बाद नेहा अंदर आई।
वो एक काले रंग की स्कर्ट और टॉप में थी। उसके बाल खुले हुए थे और वो बहुत खूबसूरत लग रही थी।
“सर, आपने बुलाया?” नेहा ने पूछा।
“हाँ नेहा, बैठो,” अर्जुन ने कहा। “मुझे पता है कि तुम भी शर्मा के साथ सोती थीं। लेकिन अब शर्मा नहीं है, तो क्या तुम मेरे साथ रहना चाहोगी?”
नेहा थोड़ी शर्मा गई, “सर, मैं…”
“डरो मत, मैं तुम्हें प्रमोशन दूँगा, तुम्हारी सैलरी बढ़ा दूँगा। बस तुम्हें मेरी थोड़ी सेवा करनी होगी,” अर्जुन ने कहा।
नेहा ने सिर झुकाते हुए कहा, “जी सर, मैं तैयार हूँ।”
अर्जुन ने उसे अपने पास बुलाया। नेहा उसके पास आकर खड़ी हो गई।
अर्जुन ने उसकी स्कर्ट उठानी शुरू की। नेहा ने कुछ नहीं कहा, बस शर्माती रही।
अर्जुन ने देखा कि नेहा ने अंदर काली पैंटी पहनी हुई थी। उसने धीरे से उसे नीचे खींचा।
नेहा ने अपने पैर थोड़े फैला दिए। अब उसकी चिकनी बुर दिख रही थी। वो गुलाबी रंग की थी और बिल्कुल साफ।
“बहुत सुंदर है तुम्हारी बुर नेहा,” अर्जुन ने कहा और उस पर अपनी उँगली फिराई।
“आह्ह्ह… सर…” नेहा ने कांपते हुए कहा।
अर्जुन ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया और उसके टॉप को ऊपर उठाया।
नेहा के छोटे-छोटे दूध बाहर आ गए। वो अखरोट के आकार के थे, लेकिन बहुत कड़क। अर्जुन ने एक दूध को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया।
“उम्म्म… सर… ये क्या कर रहे हैं…” नेहा ने कहा, लेकिन उसे भी मज़ा आ रहा था।
अर्जुन ने दूसरे हाथ से उसकी बुर को सहलाना शुरू कर दिया।
उसकी उँगली गीली हो चुकी थी। नेहा बुरी तरह उत्तेजित हो गई थी।
“सर, प्लीज़… अब और मत तड़पाइए…” नेहा ने कहा।
अर्जुन ने उसे खड़ा किया और अपना लंड बाहर निकाला।
नेहा ने उसे देखकर कहा, “सर, ये तो बहुत बड़ा है… मुझे डर लग रहा है…”
“कुछ नहीं होगा, आ जाओ,” अर्जुन ने कहा।
नेहा ने अपनी स्कर्ट उतार दी और अर्जुन की गोद में बैठकर उसके लंड को अपनी बुर पर रखा। फिर धीरे-धीरे नीचे बैठने लगी।
“उफ्फ्फ… सर… बहुत मोटा है…” नेहा ने दर्द से चीखते हुए कहा।
थोड़ी देर में पूरा लंड अंदर चला गया। नेहा की बुर बहुत टाइट थी। अर्जुन को बहुत मज़ा आ रहा था।
“अब तुम ऊपर-नीचे हो,” अर्जुन ने कहा।
नेहा धीरे-धीरे उछलने लगी। उसके छोटे दूध हिल रहे थे। अर्जुन ने उन्हें पकड़ लिया और दबाने लगा।
“आह्ह्ह… हाँ… और तेज़…” नेहा चीख रही थी।
अर्जुन ने उसे उठाकर अपनी मेज पर लेटा दिया और खड़े होकर उसकी बुर चोदने लगा।
उसके धक्के बहुत तेज़ थे। नेहा की चीखें केबिन में गूँज रही थीं।
“फच… फच… फच…” की आवाज़ें आ रही थीं।
लगभग आधे घंटे तक अर्जुन ने नेहा को अलग-अलग तरीकों से चोदा।
फिर जब वो झड़ने वाला था, तो उसने अपना लंड बाहर निकालकर नेहा के दूधों पर अपना सारा माल निकाल दिया।
“थैंक यू सर,” नेहा ने कहते हुए अपने दूध साफ किए।
“अब तुम जाओ, और कल से नई ड्रेस में आना। मैं तुम्हें एक अच्छा प्रमोशन दूँगा,” अर्जुन ने कहा।
नेहा चली गई। अब अर्जुन कंपनी का असली मालिक बन चुका था।
उसके पास अब सीईओ का भी सपोर्ट था और प्रिया जैसी खास लड़की भी।
अगले कुछ दिनों में अर्जुन ने कंपनी की सारी लड़कियों को अपने कंट्रोल में ले लिया।
वो हर रोज़ एक नई लड़की के साथ सोता था।
कभी वो एकाउंट्स की रीना को चोदता, तो कभी एचआर की सोनिया को।
रीना एक शादीशुदा औरत थी, लेकिन उसका पति अक्सर बाहर रहता था। अर्जुन ने एक दिन उसे अपने केबिन में बुलाया।
“रीना जी, मुझे पता है कि आप अकेली रहती हैं,” अर्जुन ने कहा।
“जी सर,” रीना ने कहा।
“क्या आप मुझे अपने घर पर बुला सकती हैं? मुझे कुछ ज़रूरी काम है,” अर्जुन ने कहा।
रीना समझ गई। उसने कहा, “आइए शाम को मेरे घर पर।”
शाम को अर्जुन रीना के घर पहुँचा। वो एक अच्छे अपार्टमेंट में रहती थी। रीना ने गुलाबी रंग की नाइटी पहनी हुई थी जिसमें से उसके दूध झाँक रहे थे।
“आइए सर,” रीना ने उसे अंदर बुलाया।
अर्जुन ने देखा कि घर में कोई नहीं था। रीना ने कहा, “मेरा पति तो महीने में एक बार ही आता है। मैं बहुत अकेली रहती हूँ।”
अर्जुन ने उसे अपनी बाहों में भर लिया। रीना ने अपने हाथ उसकी पीठ पर फेरे।
अर्जुन ने उसकी नाइटी उठानी शुरू की और देखा कि उसने अंदर कुछ नहीं पहना था।
“वाह रीना जी, आप तो पहले से ही तैयार थीं,” अर्जुन ने कहा।
“सर, मुझे पता था कि आप क्यों आए हैं,” रीना ने शरमाते हुए कहा।
अर्जुन ने उसे सोफे पर बिठाया और उसके बीच के पैर फैला दिए।
रीना की बुर थोड़ी ढीली थी, शायद उसका पति उसे अच्छे से नहीं चोद पाता था। अर्जुन ने अपनी दो उँगलियाँ उसकी बुर में डाल दीं।
“आह्ह्ह… सर… और अंदर डालिए…” रीना ने कहा।
अर्जुन ने उँगलियों से उसकी बुर को फैलाना शुरू कर दिया। रीना बुरी तरह उत्तेजित हो गई।
उसने अर्जुन का शर्ट खोल दिया और उसकी छाती पर चूमना शुरू कर दिया।
फिर अर्जुन ने अपना लंड बाहर निकाला। रीना ने उसे देखकर कहा, “सर, ये तो मेरे पति से बहुत बड़ा है…”
“चूसो इसे,” अर्जुन ने कहा।
रीना ने उसे अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। वो उसे पूरा गले तक ले जा रही थी। अर्जुन को बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर अर्जुन ने उसे खड़ा किया और उसे दीवार से सटा दिया।
उसने एक पैर उठाकर अपने कंधे पर रखा और अपना लंड उसकी बुर में डाल दिया।
“ओह्ह्ह… सर… बहुत गहरा जा रहा है…” रीना ने कहा।
अर्जुन ने ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने शुरू किए। रीना की चीखें पूरे कमरे में गूँज रही थीं।
उसके बड़े दूध हिल रहे थे और अर्जुन उन्हें दबा-दबाकर चोद रहा था।
“फच… फच… फच…” की आवाज़ें आ रही थीं।
लगभग 40 मिनट तक अर्जुन ने रीना को दीवार से सटाकर चोदा।
फिर उसने उसे बेडरूम में ले जाकर बिस्तर पर पटक दिया और उसके ऊपर चढ़कर चोदने लगा।
रीना की बुर से पानी निकल रहा था। वो बार-बार झड़ रही थी। अंत में अर्जुन ने भी अपना माल उसकी बुर में ही छोड़ दिया।
“थैंक यू सर, बहुत मज़ा आया,” रीना ने कहते हुए अर्जुन को चूमा।
अर्जुन ने उसे कहा, “अब से तुम मेरी खास औरत हो। जब भी मैं बुलाऊँ, तुम्हें आना होगा।”
“जी सर, मैं हमेशा तैयार रहूँगी,” रीना ने कहा।
अगले दिन अर्जुन ने कंपनी की एक और लड़की को अपने कंट्रोल में लिया।
उसका नाम था पूजा। वो मार्केटिंग डिपार्टमेंट में काम करती थी और बहुत ही खूबसूरत थी। उसके लंबे बाल और बड़ी आँखें थीं।
अर्जुन ने उसे अपने केबिन में बुलाया। पूजा डरी हुई लग रही थी।
“पूजा, मुझे पता है कि तुम मुझसे डरती हो,” अर्जुन ने कहा।
“नहीं सर, बस थोड़ी घबराहट हो रही है,” पूजा ने कहा।
“आओ मेरे पास,” अर्जुन ने कहा।
पूजा धीरे-धीरे उसके पास आई।
अर्जुन ने उसका हाथ पकड़ा और अपने पास खींच लिया।
पूजा ने कुछ नहीं कहा, बस सिर झुकाकर खड़ी रही।
अर्जुन ने उसकी ठोड़ी उठाकर उसकी आँखों में देखा।
पूजा बहुत मासूम लग रही थी। अर्जुन ने धीरे से उसके होठों पर चुम्बन किया।
पूजा ने कहा, “सर, ये ठीक नहीं है…”
“शhh… कुछ मत बोलो,” अर्जुन ने कहा और उसे और ज़ोर से चूमने लगा।
पूजा भी धीरे-धीरे रिस्पॉन्ड करने लगी। उसने अपने हाथ अर्जुन की पीठ पर रख दिए।
अर्जुन ने उसके कुर्ते के बटन खोलने शुरू किए। पूजा ने अंदर सफेद ब्रा पहनी हुई थी।
अर्जुन ने उसे पीछे मुड़वाया और ब्रा का हुक खोल दिया। अब पूजा के गोल दूध बाहर आ गए।
वो बिल्कुल संतरे के आकार के थे और बहुत कड़क।
अर्जुन ने उन्हें अपने हाथों में ले लिया और दबाने लगा। पूजा की सांसें तेज़ हो गईं।
“सर… प्लीज़…” पूजा ने कहा, लेकिन वो रोक नहीं रही थी।
अर्जुन ने उसे घुमाकर अपनी मेज पर बिठाया और उसके पैर फैला दिए।
पूजा ने स्कर्ट पहनी हुई थी। अर्जुन ने उसे ऊपर उठाया और देखा कि उसने अंदर सफेद पैंटी पहनी थी।
उसने पैंटी को एक तरफ खींचा और पूजा की गुलाबी बुर देखी। वो बिल्कुल साफ थी और एक भी बाल नहीं था।
“क्या बात है पूजा, तुम्हारी बुर तो बिल्कुल साफ है,” अर्जुन ने कहा।
“सर, मैं रोज़ शेव करती हूँ,” पूजा ने शरमाते हुए कहा।
अर्जुन ने अपनी उँगली उसकी बुर में डाल दी। पूजा ने “आह्ह्ह” की आवाज़ निकाली। वो गीली हो चुकी थी।
अर्जुन ने अपना लंड बाहर निकाला। पूजा ने उसे देखकर कहा, “सर, ये तो बहुत बड़ा है… मुझे दर्द होगा…”
“पहली बार है क्या?” अर्जुन ने पूछा।
“जी सर, मैंने आज तक किसी के साथ…” पूजा ने शर्माते हुए कहा।
अर्जुन समझ गया कि पूजा कुंवारी थी। उसने कहा, “डरो मत, मैं बहुत प्यार से करूँगा।”
उसने अपने लंड को पूजा की बुर के मुँह पर रखा और धीरे से अंदर धकेलना शुरू किया।
पूजा ने दर्द से चीखते हुए अपनी आँखें बंद कर लीं।
“उफ्फ्फ… सर… बहुत दर्द हो रहा है…” पूजा ने कहा।
अर्जुन ने उसके होठों पर चुम्बन करते हुए धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया।
पूजा की आँखों से आँसू निकल आए, लेकिन फिर दर्द कम होने लगा और मज़ा आने लगा।
“कैसा लग रहा है अब?” अर्जुन ने पूछा।
“अब अच्छा लग रहा है सर… और ज़ोर से कीजिए…” पूजा ने कहा।
अर्जुन ने तेज़ी से धक्के लगाने शुरू कर दिए। पूजा की बुर से खून निकला था, लेकिन अब वो पूरी तरह गीली हो चुकी थी।
“आह्ह्ह… हाँ… और तेज़… मेरी बुर फाड़ दो…” पूजा चीख रही थी।
अर्जुन ने लगभग आधे घंटे तक उसे चोदा। फिर जब वो झड़ने वाला था, तो उसने अपना लंड बाहर निकालकर पूजा के मुँह में डाल दिया।
पूजा ने पहले तो झिझकी, लेकिन फिर उसे चूस लिया और सारा माल पी गई।
“थैंक यू सर, आपने मुझे औरत बना दिया,” पूजा ने कहते हुए अर्जुन को गले लगा लिया।
अब अर्जुन की कंपनी में एक से बढ़कर एक खूबसूरत लड़कियाँ उसकी थीं।
प्रिया, नेहा, रीना, पूजा, और भी कई लड़कियाँ जो उसके लिए कुछ भी करने को तैयार थीं।
एक दिन अर्जुन ने सोचा कि क्यों ना एक साथ दो लड़कियों को चोदा जाए। उसने प्रिया और नेहा को अपने केबिन में बुलाया।
“आज मैं तुम दोनों को एक साथ चोदना चाहता हूँ,” अर्जुन ने कहा।
प्रिया और नेहा ने एक-दूसरे को देखा और मुस्कुरा दीं।
“जी सर, हम तैयार हैं,” दोनों ने एक साथ कहा।
अर्जुन ने प्रिया को अपनी मेज पर लेटा दिया और नेहा को उसके ऊपर 69 की पोज़िशन में बिठा दिया।
अब नेहा का मुँह प्रिया की बुर के पास था और प्रिया का मुँह नेहा की बुर के पास।
“अब तुम दोनों एक-दूसरे की बुर चाटो,” अर्जुन ने कहा।
प्रिया और नेहा ने एक-दूसरे की बुर चाटना शुरू कर दिया। दोनों की आवाज़ें “उम्म्म… आह्ह्ह…” की आ रही थीं।
अर्जुन ने पहले प्रिया की बुर में अपना लंड डाला और उसे चोदने लगा।
नेहा उसकी बुर चाट रही थी और साथ-साथ अर्जुन के लंड को भी चाट रही थी।
फिर अर्जुन ने अपना लंड बाहर निकाला और नेहा की बुर में डाल दिया।
अब प्रिया नेहा की बुर चाट रही थी और अर्जुन का लंड भी चाट रही थी।
ये सिलसिला काफी देर तक चला। अर्जुन बारी-बारी से दोनों की बुर चोद रहा था।
दोनों लड़कियाँ बुरी तरह उत्तेजित हो चुकी थीं।
अंत में अर्जुन ने अपना लंड बाहर निकाला और दोनों के मुँह में बारी-बारी से डालकर अपना माल निकाल दिया।
दोनों ने सब कुछ पी लिया और एक-दूसरे को चूमा।
“बहुत मज़ा आया सर,” प्रिया ने कहा।
“हाँ सर, ये तो बहुत ही अच्छा था,” नेहा ने भी कहा।
अब अर्जुन पूरी तरह से कंपनी का मालिक बन चुका था।
सीईओ साहब भी उससे खुश थे क्योंकि कंपनी का प्रॉफिट बढ़ गया था।
लड़कियाँ भी खुश थीं क्योंकि उन्हें अच्छे प्रमोशन और सैलरी मिल रही थी।
अर्जुन ने एक दिन सोचा कि क्यों ना कंपनी की सारी लड़कियों के साथ एक साथ मज़े किए जाएँ। उसने एक पार्टी का आयोजन किया।
पार्टी में कंपनी की सभी 40 लड़कियाँ मौजूद थीं। सभी ने सुंदर-सुंदर कपड़े पहने हुए थे।
अर्जुन ने सभी को खूब सारा पीने-पीने को दिया और फिर उसने एक गेम खेला।
“सुनो सब लोग,” अर्जुन ने कहा। “आज मैं तुम सबके साथ मज़ा करना चाहता हूँ। जो जो मेरे साथ सोना चाहती है, वो अपने कपड़े उतार दे।”
पहले तो कुछ लड़कियाँ शर्माईं, लेकिन फिर प्रिया और नेहा ने अपने कपड़े उतारने शुरू किए।
देखते-देखते सभी 40 लड़कियाँ नंगी हो गईं। सभी की गोल-गोल चूचियाँ और गुलाबी बुरें दिख रही थीं।
अर्जुन ने भी अपने कपड़े उतार दिए। उसका मोटा लंड खड़ा था। सभी लड़कियाँ उसे देखकर खुश हो गईं।
“आओ, एक-एक करके मेरा लंड चूसो,” अर्जुन ने कहा।
लड़कियाँ लाइन में खड़ी हो गईं। एक-एक करके सभी ने अर्जुन का लंड चूसा।
कुछ ने तो उसे पूरा गले तक ले लिया। अर्जुन को बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर अर्जुन ने एक-एक करके सभी लड़कियों को चोदा।
वो पहली लड़की की बुर में अपना लंड डालता, कुछ देर चोदता, फिर बाहर निकालकर दूसरी की बुर में डाल देता।
ये सिलसिला पूरी रात चलता रहा। अर्जुन ने सभी 40 लड़कियों को चोदा। कुछ लड़कियों ने तो दो-दो बार भी करवाया।
सुबह जब सब उठे, तो सभी लड़कियाँ बहुत खुश थीं। उन्होंने अर्जुन को धन्यवाद दिया।
“थैंक यू सर, ये रात हमें हमेशा याद रहेगी,” एक लड़की ने कहा।
“कोई बात नहीं, अब से हर महीने ऐसी पार्टी होगी,” अर्जुन ने कहा।
अब अर्जुन पूरी तरह से खुश था। उसके पास पैसा था, पावर थी, और सबसे ज़्यादा खूबसूरत लड़कियाँ थीं।
उसने कंपनी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया और साथ-साथ अपने मज़े भी लिए।
कुछ महीनों बाद अर्जुन ने एक और कंपनी खरीद ली। अब वो दो कंपनियों का मालिक था।
दोनों कंपनियों में सिर्फ लड़कियाँ काम करती थीं और सभी अर्जुन की रंडियाँ बन चुकी थीं।
अर्जुन ने अपने लिए एक बड़ा सा घर खरीदा जहाँ वो रोज़ अलग-अलग लड़कियों को बुलाता था।
कभी वो प्रिया और नेहा के साथ मज़े करता, तो कभी रीना और पूजा के साथ।
एक दिन अर्जुन ने सोचा कि क्यों ना विदेश की किसी लड़की को भी चोदा जाए।
उसने एक विदेशी लड़की को कंपनी में नौकरी पर रखा। उसका नाम था जेसिका। वो बहुत ही खूबसूरत थी, गोरी चिट्टी, नीली आँखें, और बड़े-बड़े दूध।
जेसिका को अर्जुन बहुत पसंद आया। एक दिन अर्जुन ने उसे अपने केबिन में बुलाया।
“जेसिका, तुम मुझे पसंद आती हो,” अर्जुन ने कहा।
“थैंक यू सर, मुझे भी आप अच्छे लगते हैं,” जेसिका ने अपनी टूटी-फूटी हिंदी में कहा।
“क्या तुम मेरे साथ सोना चाहोगी?” अर्जुन ने सीधे पूछा।
जेसिका ने मुस्कुराते हुए कहा, “यस सर, आई वुड लव टू।”
अर्जुन ने उसे अपनी तरफ खींच लिया। जेसिका ने उसे कसकर गले लगा लिया।
अर्जुन ने उसके गोरे गालों पर चूमना शुरू कर दिया।
फिर उसने उसकी शर्ट उतारी। जेसिका ने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी।
उसके बड़े-बड़े दूध बाहर आ गए। वो बिल्कुल तरबूज के आकार के थे और बहुत मुलायम।
अर्जुन ने उन्हें अपने हाथों में ले लिया और दबाने लगा। जेसिका ने आँखें बंद कर लीं और मज़े लेने लगी।
फिर अर्जुन ने उसकी स्कर्ट उतारी। जेसिका ने अंदर लाल रंग की पैंटी पहनी थी।
अर्जुन ने उसे भी उतार दिया। अब जेसिका पूरी नंगी थी। उसकी बुर भी गोरी थी और बिल्कुल साफ।
अर्जुन ने अपना लंड बाहर निकाला। जेसिका ने उसे देखकर कहा, “वाओ, इट्स सो बिग।”
“चूसो इसे,” अर्जुन ने कहा।
जेसिका ने उसे अपने मुँह में ले लिया और बहुत ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी।
वो उसे पूरा गले तक ले जा रही थी। अर्जुन को बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर अर्जुन ने उसे बिठाया और अपना लंड उसकी बुर में डाल दिया। जेसिका की बुर थोड़ी ढीली थी, लेकिन बहुत गर्म थी।
“ओह यस… फक मी हार्डर…” जेसिका चीख रही थी।
अर्जुन ने ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए।
जेसिका के बड़े दूध हिल रहे थे। अर्जुन ने उन्हें पकड़ लिया और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा।
“ओह गॉड… यस… आई एम कमिंग…” जेसिका ने चीखते हुए कहा।
अर्जुन ने भी अपनी स्पीड तेज़ कर दी। लगभग आधे घंटे तक उसने जेसिका को चोदा।
फिर जब वो झड़ने वाला था, तो उसने अपना लंड बाहर निकालकर जेसिका के दूधों पर अपना सारा माल निकाल दिया।
“थैंक यू सर, दैट वाज़ अमेजिंग,” जेसिका ने कहा।
अब अर्जुन की लाइफ पूरी तरह से सेट थी।
उसके पास पैसा, पावर, और प्यार था। वो हर रोज़ नई लड़की के साथ मज़े करता था और कंपनी भी बहुत अच्छे से चलाता था।
एक दिन अर्जुन ने सोचा कि क्यों ना शादी कर ली जाए।
उसने प्रिया से शादी करने का फैसला किया। प्रिया बहुत खुश हुई।
शादी के बाद भी अर्जुन ने अपनी लाइफ नहीं बदली।
वो अब भी दूसरी लड़कियों के साथ मज़े करता था, लेकिन प्रिया को इससे कोई दिक्कत नहीं थी। वो खुद भी दूसरे लड़कों के साथ मज़े करती थी।
अर्जुन और प्रिया की जोड़ी कंपनी में बहुत फेमस हुई।
दोनों मिलकर कंपनी चलाते थे और रात को मिलकर मज़े करते थे।
कुछ सालों बाद अर्जुन ने स्टाइल फैशन इंडिया को दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बना दिया।
उसके पास अब सैकड़ों लड़कियाँ थीं जो उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहती थीं।
अर्जुन अपनी लाइफ में पूरी तरह से खुश था।
उसने वो सब कुछ हासिल कर लिया था जो उसने कभी सोचा था।
और ये सब उसकी स्मार्टनेस और उसके लंड की वजह से हुआ था।
एक दिन अर्जुन ने अपनी ज़िंदगी के बारे में सोचा।
उसे याद आया कि कैसे वो एक छोटे से कर्मचारी से आज इतना बड़ा मालिक बना था।
उसने सोचा कि ये सब उसकी मेहनत और उसकी समझदारी का नतीजा था।
अर्जुन ने तय किया कि वो अब एक किताब लिखेगा जिसमें वो अपनी सफलता का राज बताएगा।
उसने किताब लिखनी शुरू की और उसका नाम रखा “कामयाबी का राज”।
किताब बहुत हिट हुई। लोगों को अर्जुन की कहानी बहुत पसंद आई। उसे कई अवार्ड्स भी मिले।
अर्जुन आज भी स्टाइल फैशन इंडिया का मालिक है।
वो अपनी पत्नी प्रिया और अपनी दूसरी रंडियों के साथ खुशी-खुशी रह रहा है।
उसकी कंपनी दिन-ब-दिन बढ़ रही है और वो नई-नई लड़कियों को नौकरी पर रखता रहता है।
और यही थी अर्जुन की कहानी, जिसने एक छोटे से कर्मचारी से शुरूआत करके खुद को एक बड़े मालिक के रूप में स्थापित किया।
उसने न सिर्फ पैसा कमाया, बल्कि बहुत सारी खूबसूरत लड़कियों का दिल भी जीता।
कहानी यहीं खत्म होती है लेकिन अगले पार्ट बाकी है, लेकिन अर्जुन की ज़िंदगी आज भी जारी है, नई लड़कियों के साथ, नए मज़ों के साथ, और नई कामयाबियों के साथ।
- मेरे कलुआ विदेशी बालम का 11 इंच का लौड़ा
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Nice sotry 😘😘😘
Very nice