विधायक जी अपने एक सहयोगी के साथ मेरे बुर और गांड चोदी

vidhaayak ji chudai story

24 साल की प्रिया एक राजनीतिक कार्यक्रम में विधायक रघुवीर और उनके सहयोगी विक्रम द्वारा दोहरी संतुष्टि का शिकार बनती है।

मेरा नाम प्रिया है और मेरी उम्र 24 साल है। मैं एक निजी कंपनी में मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव के पद पर काम करती हूं।

मेरा फिगर 34-26-36 है और मेरी हाइट 5 फुट 5 इंच है। मैंने अपनी पढ़ाई दिल्ली से पूरी की है और फिर नौकरी के सिलसिले में मुंबई आ गई।

मेरी शादी नहीं हुई है और मैं अकेली रहती हूं।

मेरे माता-पिता छोटे शहर में रहते हैं। मैं खुद को आधुनिक और खुले विचारों वाली लड़की मानती हूं।

मैंने कुछ रिश्ते बनाए और तोड़े भी हैं, लेकिन कभी भी ऐसा अनुभव नहीं हुआ जो मैं आज आपको सुनाने जा रही हूं।

यह बात तीन महीने पहले की है। मेरी कंपनी को एक राजनीतिक कार्यक्रम का प्रचार करने का ठेका मिला था।

यह कार्यक्रम स्थानीय विधायक रघुवीर सिंह के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा था।

रघुवीर सिंह एक प्रभावशाली विधायक हैं और उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में है।

मुझे इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी गई।

मुझे विधायक जी से मिलकर उनके विजन और योजनाओं के बारे में जानकारी लेनी थी ताकि हम उसका प्रचार कर सकें।

मैंने उनके ऑफिस में अपॉइंटमेंट लिया और निर्धारित समय पर पहुंच गई।

विधायक जी का ऑफिस एक बड़े बंगले में था जो उनकी निजी संपत्ति थी।

मैंने गेट पर अपना परिचय दिया और अंदर जाने की अनुमति मिल गई।

अंदर एक बड़ा लॉन था और फिर एक भव्य मुख्य भवन। मैंने गाड़ी पार्क की और अंदर गई।

रिसेप्शन पर एक व्यक्ति बैठा था। मैंने उसे अपना परिचय दिया।

उसने कहा कि विधायक जी अभी एक मीटिंग में हैं और मुझे थोड़ा इंतजार करना होगा।

मैंने वेटिंग एरिया में बैठकर इंतजार करना शुरू कर दिया।

लगभग आधे घंटे बाद एक व्यक्ति आया और मुझे विधायक जी के केबिन में ले गया।

केबिन बेहद आलीशान था। एक बड़ी मेज थी, कई सोफे, और दीवारों पर तस्वीरें लगी हुई थीं। विधायक जी एक कुर्सी पर बैठे थे।

रघुवीर सिंह की उम्र लगभग 45 साल की थी। वह एक खूबसूरत आदमी थे – ऊंचा कद, मजबूत बदन, और एक आकर्षक चेहरा।

उन्होंने सफेद कुर्ता-पायजामा पहना हुआ था जो उन पर बेहद फब रहा था।

“आइए बेटी, बैठिए,” उन्होंने मुझे आते देखा।

“धन्यवाद विधायक जी,” मैंने कहा और उनके सामने वाले सोफे पर बैठ गई।

“तो आप प्रिया हैं? मैंने आपके बारे में सुना है। आपकी कंपनी बहुत अच्छा काम करती है,” उन्होंने कहा।

“जी, धन्यवाद। हम आपके कार्यक्रम का प्रचार बेहतरीन तरीके से करेंगे,” मैंने कहा।

“मुझे पूरा भरोसा है। लेकिन इससे पहले मुझे आपसे कुछ निजी बात करनी है,” उन्होंने कहा और अपने सहयोगी से कमरा खाली करने के लिए कहा।

अब कमरे में सिर्फ हम दोनों थे। विधायक जी उठे और मेरे पास आकर बैठ गए। वह मुझे घूर रहे थे।

“आप बहुत खूबसूरत हैं प्रिया,” उन्होंने कहा।

“धन्यवाद विधायक जी,” मैंने शर्माते हुए कहा।

“मुझे आपकी आंखें बहुत पसंद आईं। और आपकी स्माइल तो कमाल है,” उन्होंने कहा और मेरा हाथ पकड़ लिया।

मैं समझ गई कि यह कहां जा रहा है। लेकिन मैंने विरोध नहीं किया।

कहीं न कहीं मुझे भी उनमें कुछ अलग आकर्षण महसूस हो रहा था।

“विधायक जी, आप बहुत काइंड हैं,” मैंने कहा।

“नहीं, मैं सच कह रहा हूं। आप बेहद खूबसूरत हैं,” उन्होंने कहा और मेरे हाथ को सहलाने लगे।

फिर उन्होंने मेरे बालों में हाथ फेरा। “कितने सिल्की बाल हैं आपके,” उन्होंने कहा।

मैं चुप रही। वह मेरे करीब आ गए और मेरे गाल पर हाथ रखा।

“क्या मैं आपको किस कर सकता हूं?” उन्होंने पूछा।

मैंने हामे में सिर हिलाया। उन्होंने मेरे गाल पर चूमा, फिर मेरे होठों पर।

उनके चुंबन में एक अलग ही जादू था। वह अनुभवी थे और जानते थे कि किसी औरत को कैसे उत्तेजित किया जाता है।

उन्होंने मेरी जीभ को अपनी जीभ से खेलना शुरू कर दिया।

मैं भी उनका साथ देने लगी। हम दोनों एक-दूसरे को कसकर गले लगाए और गहरे चुंबन करने लगे।

कुछ देर बाद वह मुझे खड़ा करने लगे। मैं खड़ी हो गई।

उन्होंने मेरे पीछे आकर मेरी कमर पकड़ी और मेरे गर्दन पर चुंबन करने लगे।

“ओहhhhh विधायक जी,” मैंने सिसकी।

“रघुवीर कहो, प्रिया,” उन्होंने कहा।

“रघुवीर जी,” मैंने कहा।

उन्होंने मेरे कान को चूमा और फिर मेरे गले को चाटने लगे।

मैं कांप रही थी। उनके हाथ आगे बढ़े और मेरे स्तनों को पकड़ लिया।

“क्या मस्त फिगर है तुम्हारा,” उन्होंने कहा।

मैंने एक गहरी सांस ली। उन्होंने मेरी साड़ी का पल्लू हटाया और मेरे ब्लाउज पर हाथ फेरा।

मैंने गहरे गले का ब्लाउज पहना था जो मेरे स्तनों को आकर्षक दिखा रहा था।

“आज तुम्हें मैं अपना बनाऊंगा,” उन्होंने कहा और मेरे ब्लाउज के हुक खोलने शुरू किए।

एक-एक करके सारे हुक खुल गए और मेरा ब्लाउज खुल गया।

अंदर मैंने एक काले रंग की लेस वाली ब्रा पहनी थी जो मेरे स्तनों को बेहद सेक्सी दिखा रही थी।

“वाह, क्या नजारा है,” उन्होंने कहा और मेरी ब्रा को ऊपर खींच लिया।

मेरे स्तन बाहर आ गए। वह मेरे गोल और मुलायम स्तनों को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए।

उन्होंने दोनों स्तनों को हाथों में लिया और दबाना शुरू कर दिया।

“कितने नरम हैं,” उन्होंने कहा।

फिर वह एक स्तन का निप्पल अपने मुंह में लेकर चूसने लगे। मैं आहें भरने लगी।

उनकी जीभ मेरे निप्पल पर घूम रही थी और मुझे बेहद मजा आ रहा था।

“ओहhhhh… बहुत अच्छा लग रहा है,” मैंने कहा।

वह दूसरे स्तन को भी चूसने लगे।

मैंने उनका सिर अपने स्तनों पर दबा दिया। वह लगभग 10 मिनट तक मेरे स्तनों को चूसते रहे।

फिर वह नीचे बैठ गए और मेरी साड़ी को ऊपर उठाने लगे।

मेरी गोरी जांघें दिखाई देने लगीं। उन्होंने मेरी साड़ी को कमर तक उठा लिया और मेरी पैंटी देखने लगे।

मैंने एक लाल रंग की पैंटी पहनी थी।

उन्होंने मेरी पैंटी पर हाथ फेरा और फिर उसे एक तरफ करके मेरी चूत को देखने लगे।

“कितनी सुंदर चूत है तुम्हारी,” उन्होंने कहा और उस पर चुंबन किया।

फिर उन्होंने अपनी जीभ निकाली और मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया।

“ओहhhhh… रघुवीर जी… यह क्या कर रहे हैं,” मैंने कहा।

“तुम्हें स्वर्ग का आनंद दे रहा हूं,” उन्होंने कहा और चाटना जारी रखा।

उनकी जीभ मेरी चूत में घुस रही थी और मैं कांप रही थी।

उन्होंने मेरी क्लिटोरिस को भी चाटा और मैं सातवें आसमान पर पहुंच गई।

“ओहhhhh… बहुत मजा आ रहा है… और जोर से,” मैं चीखने लगी।

वह मेरी चूत को जोर-जोर से चाट रहे थे और मेरी जांघों को सहला रहे थे। मैं उनके मुंह पर अपनी चूत दबाने लगी।

कुछ ही देर में मैं झड़ गई। उन्होंने मेरा सारा रस पी लिया और खड़े हो गए।

“अब मेरी बारी,” उन्होंने कहा और अपने कपड़े उतारने शुरू किए।

उन्होंने अपना कुर्ता उतारा। उनका बदन मजबूत था और छाती पर बाल थे।

फिर उन्होंने अपना पायजामा उतारा। अंदर उन्होंने अंडरवियर पहना था जिसमें से उनका लंड तनकर खड़ा था।

“देखो, तुम्हारे लिए कितना बेकरार है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने अपना अंडरवियर उतारा और उनका लंड बाहर आ गया।

वह लगभग 8 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा था। उसका सिर बैंगनी रंग का हो चुका था।

“कितना बड़ा है,” मैंने कहा।

“तुम्हें पसंद आया?” उन्होंने पूछा।

“बहुत,” मैंने कहा।

“तो फिर चूसो इसे,” उन्होंने कहा और मेरे सामने खड़े हो गए।

मैं घुटनों के बल बैठ गई और उनके लंड को हाथ में लिया।

वह गर्म और कड़ा था। मैंने उसे अपने मुंह में लिया और चूसना शुरू कर दिया।

“ओहhhhh… बहुत अच्छा कर रही हो,” उन्होंने कहा और मेरे सिर को पकड़कर अपने लंड पर दबाने लगे।

मैं उनके लंड को गहरे तक अपने मुंह में ले रही थी।

उनका लंड मेरे गले तक जा रहा था। मैं उसे अपनी जीभ से चाट भी रही थी।

“क्या मुंह है तुम्हारा… बहुत मजा आ रहा है,” वह कहने लगे।

मैं लगभग 15 मिनट तक उनका लंड चूसती रही।

फिर वह मुझे खड़ा करने लगे और सोफे पर बैठने लगे।

“आओ, मेरे ऊपर बैठो,” उन्होंने कहा।

मैं उनके ऊपर बैठ गई। उन्होंने अपना लंड मेरी चूत के मुहाने पर रखा।

“तुम खुद डालो,” उन्होंने कहा।

मैंने धीरे-धीरे नीचे बैठना शुरू किया और उनका लंड मेरी चूत में घुस गया।

“ओहhhhh… बहुत बड़ा है,” मैंने कहा।

“धीरे-धीरे लो पूरा,” उन्होंने कहा।

मैंने पूरा लंड अपनी चूत में ले लिया।

वह मेरे गहरे तक जा चुका था। फिर मैं ऊपर-नीचे होने लगी।

“ओहhhhh… बहुत मजा आ रहा है,” मैं कहने लगी।

“और तेज करो,” उन्होंने कहा।

मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी।

मैं उनके ऊपर उछल-उछल कर उनका लंड अपनी चूत में ले रही थी। वह भी नीचे से धक्के मार रहे थे।

पच पच पच की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।

मेरे स्तन उछल रहे थे और वह उन्हें पकड़कर दबा रहे थे।

“क्या चूत है तुम्हारी… इतनी टाइट,” वह कहने लगे।

“आपका लंड भी बहुत मोटा है,” मैंने कहा।

हम दोनों पसीने-पसीने हो चुके थे। मैं लगातार उनके ऊपर उछल रही थी और वह मेरे स्तनों को चूस रहे थे।

तभी कमरे का दरवाजा खुला और एक और आदमी अंदर आया।

मैं घबरा गई और रुक गई, लेकिन विधायक जी ने मुझे रुकने से मना किया।

“डरो मत, यह विक्रम है, मेरा सहयोगी,” उन्होंने कहा।

विक्रम की उम्र लगभग 35 साल की थी। वह एक जिम बॉडी वाला आदमी था। उसने टी-शर्ट और जींस पहनी हुई थी।

“वाह विधायक जी, क्या माल पकड़ा है,” विक्रम ने कहा।

“हां, आज इसी का जश्न मना रहे हैं। आओ, तुम भी शामिल हो जाओ,” विधायक जी ने कहा।

मैं समझ नहीं पा रही थी कि क्या हो रहा है।

लेकिन विधायक जी ने मुझे रुकने से मना किया था, इसलिए मैं उनके ऊपर बैठी रही।

विक्रम ने अपने कपड़े उतारने शुरू किए।

उसने अपनी टी-शर्ट उतारी और उसका मजबूत बदन दिखाई दिया। फिर उसने अपनी जींस और अंडरवियर उतारा।

उसका लंड भी बेहद बड़ा था, लगभग 9 इंच लंबा और बहुत मोटा। वह तनकर खड़ा था।

“देखा, विक्रम भी तुम्हारे लिए तैयार है,” विधायक जी ने कहा।

“लेकिन…” मैंने कहा।

“कोई लेकिन-वेकिन नहीं। आज तुम हम दोनों की हो,” विधायक जी ने कहा।

विक्रम मेरे पीछे आया और मेरी गांड पर हाथ मारा।

“क्या मोटी गांड है,” उसने कहा।

मैं डरी हुई थी, लेकिन साथ ही उत्तेजित भी। दो आदमियों के साथ यह मेरा पहला अनुभव था।

विक्रम ने मेरी गांड को सहलाना शुरू कर दिया। उसने अपनी उंगली पर थूका और मेरी गांड की छेद पर लगाया।

“धीरे से करना,” मैंने कहा।

“डरो मत बेबी, मैं एक्सपर्ट हूं,” उसने कहा और अपनी उंगली मेरी गांड में डाल दी।

“ओहhhhh… दर्द हो रहा है,” मैंने कहा।

“थोड़ी देर में मजा आएगा,” उसने कहा और अपनी उंगली अंदर-बाहर करने लगा।

विधायक जी भी नीचे से धक्के मार रहे थे और विक्रम मेरी गांड को तैयार कर रहा था।

कुछ देर बाद विक्रम ने अपना लंड मेरी गांड के मुहाने पर रखा।

“तैयार हो?” उसने पूछा।

“हां, लेकिन धीरे से,” मैंने कहा।

उसने धीरे से धक्का मारा और उसका लंड का सिरा मेरी गांड में घुस गया।

“ओहhhhh… बहुत मोटा है,” मैं चीखी।

“सांस लो गहरी,” उसने कहा और और अंदर डालने लगा।

धीरे-धीरे उसने अपना पूरा लंड मेरी गांड में डाल दिया।

अब मेरे अंदर दो लंड थे – एक चूत में और एक गांड में।

“ओहhhhh… बहुत गहरा है… मैं मर जाऊंगी,” मैं चीखने लगी।

“नहीं मरेगी, बहुत मजा आएगा,” विधायक जी ने कहा।

फिर वे दोनों एक साथ धक्के मारने लगे।

जब विधायक जी अंदर करते तो विक्रम बाहर निकालता, और जब विक्रम अंदर करता तो विधायक जी बाहर निकालते। यह एक अद्भुत अनुभव था।

“ओहhhhh… बहुत मजा आ रहा है… और जोर से,” मैं चीखने लगी।

“देखा, अब मजा आ रहा है ना,” विक्रम ने कहा।

वे दोनों मुझे जोर-जोर से चोद रहे थे। मैं बीच में फंसी हुई थी और दोनों तरफ से धक्के खा रही थी।

मेरे स्तन उछल रहे थे और विक्रम ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया।

वह मेरे स्तनों को दबा रहा था और विधायक जी मेरे चूस रहे थे।

“क्या मस्त माल है यह… दोनों छेदों में ले रही है,” विक्रम ने कहा।

“हां, आज इसकी दोनों तरफ से चुदाई करेंगे,” विधायक जी ने कहा।

लगभग 20 मिनट तक वे दोनों मुझे इसी तरह चोदते रहे।

मैं तीन बार झड़ चुकी थी और वे अभी भी जारी थे।

“मैं झड़ने वाला हूं,” विधायक जी ने कहा।

“मैं भी,” विक्रम ने कहा।

“अंदर ही निकाल दो,” मैंने कहा।

वे दोनों एक साथ जोर से धक्के मारे और मेरे अंदर ही अपना वीर्य निकाल दिया।

मैं उनके वीर्य को अपने अंदर महसूस कर रही थी। वह गर्म था और मुझे बेहद अच्छा लग रहा था।

थककर हम तीनों सोफे पर गिर पड़े। मैं उन दोनों के बीच में थी। वे दोनों मेरे शरीर को सहला रहे थे।

“कैसा लगा?” विधायक जी ने पूछा।

“अद्भुत… यह मेरा सबसे बेहतरीन अनुभव था,” मैंने कहा।

“अब तुम हमारी खास हो,” विक्रम ने कहा।

“मैं हमेशा आपकी रहूंगी,” मैंने कहा।

उस दिन के बाद मैं अक्सर विधायक जी के बंगले पर जाती।

कभी-कभी वह अकेले होते, तो कभी विक्रम भी मौजूद होता। वे दोनों मुझे हर तरह से संतुष्ट करते।

मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक राजनीतिक कार्यक्रम मेरे लिए इतना सुखद साबित होगा।

विधायक जी और विक्रम ने मुझे वह आनंद दिया जो मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

अब भी जब मुझे समय मिलता है, मैं उनके बंगले पर जाती और वे दोनों मेरी चूत और गांड की जमकर चुदाई करते हैं।

यह मेरा और उनका एक गुप्त रिश्ता है जो हमेशा के लिए बना रहेगा।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

1 thought on “विधायक जी अपने एक सहयोगी के साथ मेरे बुर और गांड चोदी”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top