नाना ने चोदकर मम्मी को प्रेगनेंट कर दिए

nana mummy chudai story

मेरी मम्मी काव्या ने एक दिन मुझे सब कुछ बताया। यह बात उस समय की है जब मैं 18 साल की थी और मुझे अभी-अभी पता चला था कि दीदी ईशा पापा की बेटी नहीं है।

{अगर आपने फर्स्ट पार्ट नहीं पढ़ी तो पढ़े ताकि आप जाने की कैसे पापा ने पहले दीदी की फिर मेरी चुदाई की}

उस दिन मम्मी ने मुझे अपने कमरे में बुलाया और दरवाज़ा बंद कर लिया। वो बहुत भावुक हो रही थीं।

“ईरा, मुझे तुमसे कुछ बात करनी है,” मम्मी ने कहा।

“क्या हुआ मम्मी?” मैंने पूछा।

“तुम्हें पता है न कि ईशा तुम्हारी सगी बहन नहीं है?” मम्मी ने कहा।

“हाँ मम्मी, मुझे पता है। वो नाना की बेटी है,” मैंने कहा।

मम्मी ने सिर हिलाया और कहा, “हाँ, लेकिन तुम्हें नहीं पता कि यह सब कैसे शुरू हुआ।”

फिर मम्मी ने मुझे सब कुछ बताया:

“यह बात लगभग 30 साल पहले की है। जब मैं 23 साल की थी, तब तुम्हारी नानी का देहांत हो गया। वो कैंसर से पीड़ित थीं। उनके जाने के बाद नाना बहुत अकेले हो गए थे।”

“मैं उनकी इकलौती बेटी थी। मैं रोज़ उनके पास जाती थी उनका ख्याल रखने के लिए। शुरू में तो सब ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे नाना मुझे अलग नज़रों से देखने लगे।”

“एक दिन की बात है। मैं नाना के घर गई थी। वो बहुत उदास थे। मैंने उनसे पूछा, ‘पापा, क्या हुआ?'”

“नाना ने कहा, ‘काव्या, मैं बहुत अकेला महसूस कर रहा हूँ। तुम्हारी मम्मी के जाने के बाद मुझे नींद नहीं आती।'”

“मैंने उन्हें सांत्वना दी और उनके पास बैठ गई। अचानक नाना ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा, ‘काव्या, तुम बहुत सुंदर हो। तुम बिल्कुल अपनी मम्मी जैसी दिखती हो।'”

“मैंने कहा, ‘पापा, ये आप क्या कह रहे हैं?'”

“नाना ने मेरे गाल पर हाथ फेरा और कहा, ‘काव्या, मुझे माफ़ करना, लेकिन मैं तुम्हें देखकर बेकाबू हो जाता हूँ।'”

“मैं समझ गई थी कि नाना क्या चाहते हैं। मैंने पहले तो मना किया, लेकिन फिर मुझे नाना पर दया आ गई। वो इतने अकेले थे।”

“उस दिन नाना ने मुझे अपनी गोद में बिठाया और मेरे होंठों पर चूमा। मैंने भी उनका साथ दे दिया। फिर नाना ने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए।”

“मैंने कुछ नहीं कहा। नाना ने मेरी साड़ी खोल दी और मेरे ब्लाउज के हुक खोल दिए। मेरे दूध बाहर आ गए। नाना उन्हें देखते ही रह गए।”

“‘वाह काव्या, क्या दूध हैं तुम्हारे,’ नाना ने कहा और एक दूध को मुँह में ले लिया।”

“वो मेरे दूधों को बहुत ज़ोर-ज़ोर से चूस रहे थे। मुझे भी मज़ा आने लगा था। फिर नाना ने मेरी पेटीकोट उठाई और मेरी बुर को चाटने लगे।”

“आह्ह्ह… पापा… और ज़ोर से चाटो…” मैंने कहा था।

“नाना ने मेरी बुर को अच्छी तरह से चाटा। फिर उन्होंने अपने कपड़े उतारे। उनका लंड बहुत बड़ा था, लगभग 9 इंच का।”

“मैंने उसे देखकर कहा, ‘पापा, ये तो बहुत बड़ा है।'”

“नाना ने मुझे बिस्तर पर लेटाया और मेरे पैर फैलाए। उन्होंने अपने लंड को मेरी बुर पर रखा और धीरे से अंदर डाला।”

“उफ्फ्फ… पापा… धीरे… बहुत मोटा है…” मैंने कहा था।

“नाना ने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड मेरी बुर में डाल दिया। वो बहुत टाइट थी। फिर वो मुझे चोदने लगे।”

“वो मुझे लगभग 1 घंटे तक चोदते रहे। मैं बहुत बार झड़ी। अंत में नाना ने अपना सारा माल मेरी बुर में भर दिया।”

“उसके बाद नाना मुझे रोज़ चोदने लगे। जब भी मैं उनके घर जाती, वो मुझे चोदते। कभी-कभी वो हमारे घर भी आ जाते और रात को मेरे कमरे में आकर मुझे चोदते।”

“यही कारण था कि मैं प्रेगनेंट हो गई। जब मुझे पता चला कि मैं प्रेगनेंट हूँ, तो मैं बहुत डर गई। लेकिन नाना ने कहा कि वो सब संभाल लेंगे।”

“नाना ने तुरंत मेरी शादी विवान से करवा दी। विवान को पैसों की ज़रूरत थी इसलिए वो मान गया। शादी के 8 महीने बाद ही ईशा पैदा हो गई।”

“सबको लगा कि ईशा प्रीमैच्योर है, लेकिन असल में वो नाना की बेटी थी।”

“नाना ईशा से बहुत प्यार करते थे। वो हमारे घर आते रहते और ईशा को खिलाते-पिलाते। लेकिन जब ईशा 5 साल की हुई, तब नाना का भी देहांत हो गया।”

“उनके जाने से पहले नाना ने मुझसे वादा लिया था कि मैं ईशा का ख्याल रखूँगी और उसे कभी भी यह नहीं बताऊँगी कि उसके असली पिता कौन हैं।”

“लेकिन जब ईशा बड़ी हुई, तो मैंने देखा कि वो बिल्कुल नाना जैसी दिखने लगी थी। उसके चेहरे पर नाना की हरकतें थीं।”

“मैंने सोचा कि क्यों ना ईशा को उसके असली पिता के बारे में बताया जाए। लेकिन फिर मैंने सोचा कि यह बात उसे तब बताई जाए जब वो समझदार हो जाए।”

“लेकिन तुम्हारे पापा विवान ने जब ईशा को देखा, तो वो भी उसे देखकर बेकाबू हो गए। ईशा बिल्कुल मेरी तरह दिखती थी, और मैं भी नाना को बहुत पसंद आती थी।”

“विवान ने एक दिन मुझसे कहा कि वो ईशा को चोदना चाहते हैं। मैंने पहले तो मना किया, लेकिन फिर मुझे लगा कि यह नाना की इच्छा पूरी करने जैसा होगा।”

“इसलिए मैंने विवान को हाँ कह दी। और देखो, आज ईशा विवान की बेटी बन गई है और वो भी खुश है।”

मम्मी ने यह सब बताकर मुझे गले लगा लिया।

“ईरा, अब तुम भी इस परिवार का हिस्सा हो। तुम्हें भी नाना की तरह ही प्यार मिलेगा,” मम्मी ने कहा।

मैं मम्मी की बातें सुनकर बहुत उत्तेजित हो गई। मैंने सोचा कि काश नाना आज जिंदा होते, तो वो मुझे भी चोदते।

लेकिन फिर मुझे याद आया कि पापा भी तो नाना जैसे ही हैं। उनका लंड भी उतना ही बड़ा है।

उसी रात से मैंने पापा को अपने करीब आने के संकेत देने शुरू कर दिए।

और फिर जैसा कि मैंने पहले बताया, पापा ने मेरी भी बुर की सील तोड़ दी।

आज मैं, मम्मी, और दीदी तीनों एक साथ पापा से चुदवाते हैं।

कभी-कभी हम तीनों एक साथ बिस्तर पर होते हैं और पापा बारी-बारी से हम तीनों की बुर चोदते हैं।

यह हमारे परिवार की खासियत है। हम सब एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और यह प्यार शारीरिक रूप में भी जताते हैं।

नाना और मम्मी की कहानी मुझे हमेशा प्रेरित करती है।

मैंने भी सोच लिया है कि मैं भी अपने पापा से बच्चा पैदा करूँगी और उसे उतना ही प्यार दूँगी जितना नाना ने ईशा दीदी को दिया।

हमारा परिवार अजीब ज़रूर है, लेकिन हम सब बहुत खुश हैं। और खुश रहने का और क्या तरीका हो सकता है?

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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