meri biwi cuckold chudai
मेरा नाम विशाल पांडे है। मैं 30 साल का एक साधारण आदमी हूँ। मेरी हाइट 6 फीट है – लंबा, दुबला-पतला, डीसेंट पर्सनैलिटी।
लेकिन मेरी जिंदगी में एक ऐसी कमी है जो मेरी पूरी एग्जिस्टेंस को शैडो कर देती है – मेरा लंड सिर्फ 4 इंच का है।
हाँ, सिर्फ 4 इंच। जब मैं छोटा था, मुझे लगा था कि सब कुछ ठीक है। लेकिन जब मैं बड़ा हुआ और रिलेशनशिप्स में आया, तब मुझे अपनी इस कमजोरी का एहसास हुआ।
मेरा लंड छोटा था, पतला था, और जब खड़ा होता था तो भी कोई खास इम्प्रेसिवनेस नहीं थी।
मेरी पहली शादी रितु से हुई थी। वो एक खूबसूरत लड़की थी – 26 साल की, गोरा रंग, भरे हुए दूध, और एक मस्त फिगर।
हमारी शादी बड़े धूम-धाम से हुई। सुहागरात के दिन, मैं बहुत एक्साइटेड था। मैंने सोचा था कि मैं अपनी बीवी को इतना प्यार दूंगा कि वो कभी मुझसे दूर नहीं जाएगी।
लेकिन भगवान की मर्जी कुछ और थी। जब हम बेडरूम में गए, मैंने अपनी दुल्हन को गले लगाया।
उसने मेरा लंड देखा… और उसके चेहरे पे वो एक्सप्रेशन आया जो मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकता।
वो हल्की सी मुस्कुराई, फिर उसने कहा, “इतना छोटा?”
मैं शर्मिंदा हो गया।
मैंने कहा, “साइज मैटर नहीं करता, प्यार मैटर करता है।”
लेकिन जब मैंने उसे चोदने की कोशिश की, तो मेरी 4 इंच की चीज उसकी बुर में जाने के बाद भी उसको फील ही नहीं हुई।
वो ऊपर से चिल्लाई, “क्या कर रहे हो? अंदर घुसा भी कि नहीं?”
मैंने कहा, “घुस गया है…”
उसने नीचे हाथ लगाया, छुआ, और फिर चिल्लाई, “यह क्या है? फिंगर डाल रखी है क्या?”
उस रात मेरी जिंदगी की सबसे शर्मिंदा घड़ी थी। मैंने कोशिश की, बहुत कोशिश की, लेकिन वो कभी संतुष्ट नहीं हुई।
चार महीने तक मैंने हर तरह की कोशिश की – ओरल सेक्स, फोरप्ले, टॉयज़ – लेकिन एक औरत को असली मजा सिर्फ एक बड़े और मोटे लंड से ही मिलता है। यह बात मैं समझ गया।
फिर एक दिन रितु ने मुझपर इल्जाम लगाया।
उसने कहा, “तुम मर्द ही नहीं हो। तुमसे चुदाई नहीं होती। मैं तुमसे छुटकारा चाहती हूँ।”
मैंने बहुत रोका, बहुत मनाया, लेकिन वो चली गई।
उसने तलाक लिया और किसी और के साथ चली गई – किसी ऐसे के साथ जिसका लंड उसकी बुर को पूरा भर सके।
वो वक्त मेरे लिए बहुत मुश्किल था। मैं डिप्रेशन में चला गया। मैंने सोचा कि मैं कभी शादी नहीं करूंगा। लेकिन मेरे मां-बाप जिद करने लगे।
उन्होंने कहा, “बेटा, दूसरी शादी कर लो। शायद इस बार सब ठीक हो।”
मैंने सोचा बहुत। और फिर एक डिसीजन लिया। अगर मैं अपनी बीवी को खुश नहीं रख सकता अपने लंड से, तो मैं किसी और से चुदवा दूंगा।
हाँ, यह सुनने में अजीब लगता है, लेकिन यही सच है। मैं अपनी बीवी की खुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार था।
मेरी दूसरी शादी प्रिया से तय हुई। प्रिया भी एक डिवोर्सी थी – उसका पहला पति एक्सीडेंट में मर गया था।
वो 28 साल की थी, थोड़ी हेल्दी, गोरी, और बहुत ही खूबसूरत। उसकी नजरें ऐसी थीं कि कोई भी मर्द उसका दीवाना हो जाए।
जब मैंने पहली बार प्रिया को देखा, मेरा दिल धड़कने लगा। उसके दूध इतने बड़े और उभरे हुए थे कि कोई भी देख कर पागल हो जाए।
उसके निप्पल ब्लाउज के अंदर से भी दिख रहे थे। मैं सोचने लगा – अगर इसको भी मेरी वही प्रॉब्लम पता चल गई, तो यह भी चली जाएगी।
शादी के दिन मैं बहुत नर्वस था। सारे रस्में हुईं, लेकिन मेरा दिमाग सिर्फ एक ही बात सोच रहा था – आज रात। सुहागरात। वो रात जब मैं फिर से फेल हो सकता था।
शाम को, जब मेहमान चले गए, मैं अपने कमरे में बैठा था। प्रिया बाथरूम में थी, तैयार हो रही थी। मैंने अपने फोन से सुनील को मैसेज किया।
सुनील मेरा कॉलेज का दोस्त था। उसके बारे में एक बात बहुत फेमस थी – उसका लंड 9 इंच का था। हाँ, 9 इंच।
मैंने एक बार उसकी गर्लफ्रेंड से सुना था कि वो उससे चुदवाने के बाद हमेशा संतुष्ट रहती है।
सुनील का लंड मोटा भी था और लंबा भी – एकदम परफेक्ट टूल जो किसी भी औरत की बुर को पूरा भर दे।
मैंने सुनील से पहले ही बात कर ली थी। मैंने उसे सब कुछ बता दिया था – मेरी प्रॉब्लम, मेरी पहली बीवी का छोड़कर जाना, और अब मेरी नई बीवी।
मैंने उसे कहा, “भाई, मेरी मदद कर। मैं अपनी बीवी को खुश देखना चाहता हूँ। तू ही चोद दे उसे सुहागरात पर। मैं बाहर खड़ा रहूंगा।”
सुनील पहले तो मना कर रहा था, लेकिन फिर उसने हाँ कर दी। शायद उसको भी प्रिया की फोटो देखकर लालच आ गया था।
अब वो वक्त आ गया था। प्रिया बाथरूम से बाहर आई। वो एक रेड ब्राइडल नाइटी में थी।
उसकी नाइटी इतनी ट्रांसपेरेंट थी कि उसके दूध साफ दिख रहे थे। उसकी बुर का शेप भी नाइटी में से उभर रहा था।
वो मेरे पास आई, शर्मा रही थी। मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे बेड पर बिठाया।
“प्रिया,” मैंने कहा, “मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ।”
“क्या?” उसने पूछा, आंखें झुकाए हुए।
“तुम बहुत खूबसूरत हो,” मैंने कहा। “और मैं तुम्हें खुश देखना चाहता हूँ। लेकिन…”
लेकिन कहने से पहले ही मैं रुक गया। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कैसे शुरू करूं। फिर मैंने सोचा, सीधा एक्शन ही बेस्ट है।
मैंने कहा, “एक मिनट, मैं अभी आया।”
मैं उठा और रूम की लाइट्स बुझा दीं। सिर्फ एक डिम रेड बल्ब जल रहा था जो रूम में एक रोमांटिक और सेन्सुअल माहौल बना रहा था।
फिर मैंने दरवाजा खोला। सुनील अंदर आया। वो एक ब्लैक वेस्ट और शॉर्ट्स में था। उसका बदन जिम-टोन्ड था।
और उसकी शॉर्ट्स के अंदर से उसका लंड का शेप दिख रहा था – वो अलरेडी खड़ा होने लगा था एक्साइटमेंट में।
मैंने सुनील को अपनी बीवी की तरफ इशारा किया। प्रिया ने पीछे मुड़कर देखा। वो शॉक्ड हो गई।
“यह… यह कौन है?” उसने पूछा, डर से।
मैंने कहा, “प्रिया, यह सुनील है। और यह आज तुम्हें वो देगा जो मैं नहीं दे सकता।”
प्रिया समझ नहीं पाई। वो कंफ्यूज्ड थी। तभी सुनील आगे बढ़ा। उसने प्रिया का हाथ पकड़ा और उसे उठाया।
“डोंट वरी, प्रिया,” सुनील ने कहा, उसकी आवाज में एक डोमिनेटिंग टोन थी। “आज रात तुम्हें असली मजा आएगा। तुम्हारा पति जानता है कि तुम्हें क्या चाहिए।”
प्रिया ने मुझे देखा। मैंने सिर्फ हाँ में सर हिलाया। उसके चेहरे पर कंफ्यूजन, डर, और थोड़ी सी क्यूरियोसिटी थी।
सुनील ने प्रिया को अपनी बाहों में भर लिया। वो उसे जबरदस्ती नहीं कर रहा था, लेकिन उसकी ग्रिप टाइट थी।
उसने प्रिया के कान में कुछ कहा – मैंने नहीं सुना, लेकिन प्रिया का चेहरा लाल हो गया।
फिर सुनील ने प्रिया की नाइटी के स्ट्रैप्स नीचे किए। नाइटी धीरे-धीरे उसके शोल्डर्स से स्लिप होने लगी।
प्रिया की नाइटी उसके दूध तक आ गई। सुनील ने उसके हाथ ऊपर किए और नाइटी को पूरा उतार दिया।
अब प्रिया सिर्फ एक रेड पैंटी में थी। उसके बूब्स बिल्कुल गोल, बड़े, और टाइट थे।
उसके निप्पल भूरे और इरेक्ट हो गए थे ठंड या एक्साइटमेंट से – शायद दोनों से।
सुनील ने प्रिया को बेड पर बैठने को कहा। वो उसके सामने खड़ा हो गया। उसने अपनी शॉर्ट्स उतारी।
जब सुनील का लंड बाहर आया, तो प्रिया की आंखें फट की फट रह गईं।
वो 9 इंच का, मोटा, गहरा काला लंड था – एकदम खड़ा, नसों से भरा हुआ, और एकदम पावरफुल दिख रहा था।
प्रिया ने ऐसा लंड कभी नहीं देखा होगा। मेरा तो उसके सामने कुछ भी नहीं था।
“ओ माय गॉड,” प्रिया ने कहा, हल्की सी आवाज में।
सुनील ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह सिर्फ तुम्हारे लिए है, जान। आज रात यह तुम्हारी बुर को पूरा भर देगा। तुम्हें वो मजा मिलेगा जो तुम्हारा पति कभी नहीं दे सकता।”
यह डर्टी टॉक था। वो प्रिया को वर्बली स्टिमुलेट कर रहा था। और काम कर रहा था।
प्रिया के चेहरे पर एक अजीब सा एक्सप्रेशन आया – शर्म मिक्स्ड विथ डिजायर।
सुनील ने अपना लंड प्रिया के चेहरे के पास लाया। “चूसो,” उसने ऑर्डर किया।
प्रिया ने पहले तो हेसिटेट किया, लेकिन फिर उसने अपने हाथ से उसके लंड को पकड़ा।
उसके हाथ में वो पूरा नहीं आ रहा था। वो बहुत मोटा था। उसने धीरे से अपनी जीभ निकाली और लंड के टॉप पर चाटना शुरू किया।
“ओह्ह्ह… येस्स्स…” सुनील ने मोन किया। “ऐसे ही, रांडी की तरह चूसो। अपने पति को दिखाओ कि तू कितनी बड़ी कॉक सकर है।”
प्रिया ने ब्लोजॉब शुरू कर दी। वो उसके लंड को अपने मुंह में जितना आ रहा था उतना अंदर ले रही थी।
वो 9 इंच का लंड पूरा तो नहीं जा सकता था, लेकिन वो कोशिश कर रही थी।
सुनील ने उसके बाल पकड़ लिए और उसका मुंह अपने लंड पर जोर-जोर से पेलने लगा।
प्रिया गैगिंग हो रही थी, लेकिन वो रुक नहीं रही थी। उसके मुंह से थूक निकल रहा था जो उसके दूध पर गिर रहा था।
वो एकदम प्रोफेशनल ब्लोजॉब दे रही थी।
मैं एक कोने में खड़ा था, यह सब देख रहा था। मेरा अपना लंड खड़ा हो गया था छोटा सा, लेकिन मैं खुद को कंट्रोल कर रहा था।
मुझे अपनी बीवी को ऐसे मजा लेते देखना अच्छा लग रहा था।
सुनील ने प्रिया को रोका। “बस, बहुत हो गया। अब और नहीं रहा जा रहा। तुझे चोदना है।”
उसने प्रिया को बेड पर लेटा दिया। प्रिया की पैंटी अभी भी पहनी हुई थी। सुनील ने उसके पैर फैलाए और उसकी पैंटी को धीरे से नीचे किया।
प्रिया की बुर साफ थी, शेव्ड, गुलाबी, और एकदम चिकनी। वो अलरेडी गीली हो चुकी थी एक्साइटमेंट में।
सुनील ने उसकी बुर को छुआ तो वो कांप उठी।
“कितनी गीली है तेरी बुर,” सुनील ने डर्टी टॉक किया। “तेरा पति देख रहा है कि तू कितनी बड़ी चुदक्कड़ है। मेरे सामने तेरी बुर पानी छोड़ रही है।”
प्रिया शर्मा रही थी, ले उसकी बुर सच में गीली थी। सुनील ने अपनी जीभ निकाली और उसकी बुर पर रख दी।
“ओह्ह्ह…” प्रिया ने एक लंबा सांस लिया जब सुनील ने उसकी बुर चाटना शुरू किया। वो प्रोफेशनल था – वो उसकी क्लिटोरिस को जीभ से सर्कल कर रहा था, कभी अंदर जीभ घुसा रहा था, कभी पूरी बुर चाट रहा था।
प्रिया पागल हो रही थी। उसकी टांगें ऊपर उठ गई थीं। वो सुनील का सिर अपनी बुर पर दबा रही थी।
“और करो… प्लीज… और करो…” वो बोल रही थी।
सुनील ने कहा, “क्या करूं? बोल के दिखा। अपने पति के सामने बता कि तुझे क्या चाहिए।”
प्रिया ने कहा, “चोदो मुझे… प्लीज… अपने बड़े लंड से चोदो…”
यह सुनके मेरा दिल धड़का। मेरी बीवी खुद मांग रही थी किसी और से चुदवाने को। लेकिन मैं खुश था। यही तो मैं चाहता था।
सुनील ने अपनी जीभ प्रिया की बुर से निकाली। वो ऊपर आया और उसके बूब्स पर कंसंट्रेट करने लगा।
उसने प्रिया के दूध को दोनों हाथों से पकड़ा और जोर-जोर से दबाना शुरू कर दिया।
“क्या मस्त दूध है तेरे,” सुनील बोला। “तेरा पति इन्हें कितना चूसता होगा, लेकिन असली मजा तो मैं दूंगा।”
उसने प्रिया के निप्पल को अपने मुंह में ले लिया। वो एक निप्पल चूस रहा था और दूसरे को उंगली से ट्विस्ट कर रहा था।
प्रिया की सिसकियां निकल रही थीं। “आह्ह्ह… ओह्ह्ह… हाँ… वहां… वहीं…”
मैं देख रहा था कि प्रिया कैसे रिएक्ट कर रही थी। जब मैं उसके निप्पल चूसता था, तो वो इतना रिएक्ट नहीं करती थी।
लेकिन सुनील के साथ वो बिल्कुल अलग थी – वो पूरा एंजॉय कर रही थी।
सुनील ने प्रिया के बूब्स पर किस करते हुए नीचे आया। उसने उसकी थाइज़ पे किसेज दिए, फिर उसके नीज़, फिर वो उल्टा हो गया।
अब वो प्रिया के पैरों के बीच में था, लेकिन उसका मुंह उसकी गांड की तरफ था।
मैंने सोचा कि यह क्या कर रहा है, तभी मैंने देखा कि सुनील ने प्रिया की गांड उठाई और उसकी गांड के छेद पर अपनी जीभ लगा दी।
“ओह्ह्ह… नहीं… वहां मत…” प्रिया ने कहा, लेकिन उसकी आवाज में वही मजा था।
सुनील ने एस लिकिंग शुरू कर दी। वो प्रिया की गांड चाट रहा था, उसके छेद को अपनी जीभ से गीला कर रहा था।
यह बहुत ही इंटीमेट और डर्टी एक्ट था। प्रिया पहले तो शर्मा रही थी, लेकिन फिर उसको मजा आने लगा।
“कैसा लग रहा है?” सुनील ने पूछा, अपनी जीभ से उसकी गांड चाटते हुए।
“अच्छा… बहुत अच्छा…” प्रिया ने कहा, शर्म से उसका चेहरा लाल हो गया था।
सुनील ने कहा, “तेरा पति कभी यह नहीं किया होगा। मैं जानता हूं। छोटे लंड वाले ऐसे काम नहीं करते। वो सिर्फ अपना काम खत्म करना चाहते हैं। लेकिन मैं तुझे पूरा प्लेजर दूंगा।”
अब वक्त आ गया था असली काम का। सुनील ने प्रिया को सीधा किया। वो उसके ऊपर आ गया।
उसने अपना 9 इंच का लंड अपने हाथ में पकड़ा और प्रिया की बुर के मुहाने पर सेट किया।
“तैयार हो?” सुनील ने पूछा।
प्रिया ने हाँ में सर हिलाया। उसके चेहरे पर एक्साइटमेंट और थोड़ा डर भी था – इतना बड़ा लंड उसने पहले कभी अंदर लिया नहीं था।
सुनील ने धीरे से पुश किया। लंड का टोपा अंदर घुसा। प्रिया की चीख निकली। “आह्ह्ह… बहुत बड़ा है… दर्द हो रहा है…”
सुनील ने कहा, “श्श्श… अराम से… पहले थोड़ा दर्द होगा, फिर सिर्फ मजा आएगा। ट्रस्ट मी।”
वो धीरे-धीरे पुश करने लगा। थोड़ा लंड अंदर गया, फिर बाहर, फिर ज्यादा अंदर, फिर बाहर।
प्रिया की बुर टाइट थी, लेकिन गीली होने की वजह से लंड अंदर जा रहा था।
“कितनी टाइट है तेरी बुर,” सुनील ने डर्टी टॉक किया। “तेरा पति कितनी बार चोदा है तुझे? लगता है इससे पहले किसी ने ठीक से चोदा ही नहीं।”
प्रिया ने कहा, “वो… वो जल्दी खत्म हो जाता था… और… और छोटा था…”
यह सुनकर मेरा लंड झटके से खड़ा हो गया।
मेरी बीवी मेरे सामने किसी और से कह रही थी कि मैं छोटा हूं और जल्दी खत्म हो जाता हूं। लेकिन मुझे बुरा नहीं लगा। सच तो यही था।
सुनील ने जोर से एक पुश मारा और आधा लंड अंदर घुस गया। प्रिया चिल्ला उठी। “आह्ह्ह… बहुत गहरा है… रुको… प्लीज…”
लेकिन सुनील रुका नहीं। वो धीरे-धीरे स्ट्रोक्स लगाने लगा। अंदर-बाहर, अंदर-बाहर।
प्रिया की बुर अब एडजस्ट कर रही थी उसके लंड को। दर्द धीरे-धीरे मजा बन रहा था।
“ओह्ह्ह… हाँ… अब अच्छा लग रहा है…” प्रिया ने कहा।
सुनील ने स्पीड बढ़ा दी। अब वो तेजी से ढक्के मार रहा था। पूरा 9 इंच का लंड अंदर-बाहर हो रहा था।
प्रिया की बुर से आवाजें आ रही थीं – “फच फच” की मस्त आवाजें।
“चोदो मुझे… और जोर से चोदो…” प्रिया अब खुद बोलने लगी थी। “अपने बड़े लंड से मेरी बुर फाड़ दो…”
सुनील ने कहा, “देख रहा है अपनी बीवी को?” वो मुझसे बोल रहा था। “देख कैसे मजे ले रही है। यह मजा तू कभी नहीं दे सकता। तेरा 4 इंच का लंड इसको क्या खाक देगी?”
मैं चुप खड़ा था, यह सब देख रहा था। प्रिया की आंखें बंद थीं, वो सिर्फ मजा ले रही थी।
उसके दूध ऊपर-नीचे हो रहे थे हर स्ट्रोक के साथ। उसके निप्पल टाइट हो गए थे।
सुनील ने प्रिया के बूब्स पकड़ लिए और जोर-जोर से दबाने लगा चोदते हुए। “क्या मस्त दूध है… मैं इन्हें पूरा चूस जाऊंगा…”
वो प्रिया के निप्पल को बाइट करने लगा। प्रिया दर्द और मजा दोनों में चिल्ला रही थी। “आह्ह्ह… हाँ… काट लो… चोदो मुझे… और चोदो…”
अब प्रिया ने अपने पैर सुनील की कमर पर रैप कर लिए। वो उससे और अंदर लेने की कोशिश कर रही थी।
पूरा लंड उसकी बुर के अंदर था – 9 इंच का पूरा लेंथ।
“मैं झड़ने वाला हूं,” सुनील ने कहा। “कहां झाड़ूं? अंदर या बाहर?”
प्रिया ने कहा, “अंदर… प्लीज… अंदर ही झड़ जाओ… मुझे अपना स्पर्म दो…”
सुनील ने जोर-जोर से ढक्के मारे – 5-6 तेज स्ट्रोक्स। फिर उसका बदन कांप गया।
वो प्रिया की बुर के अंदर झड़ गया। पूरा स्पर्म उसकी बुर के अंदर गया।
प्रिया भी साथ में झड़ गई।
उसने कहा, “मैं भी झड़ रही हूं… ओह्ह्ह… हाँ…”
दोनों साथ में ऑर्गेज्म हुए। सुनील प्रिया के ऊपर ही पड़ा रहा, उसका लंड अभी भी उसकी बुर के अंदर था, धीरे-धीरे छोटा होता जा रहा था।
कुछ मिनट बाद सुनील उठा। उसका लंड बाहर आया तो वो अभी भी 5-6 इंच का था – सेमी-इरेक्ट। उस पर प्रिया की बुर का पानी और उसका स्पर्म लगा हुआ था।
प्रिया बेड पर लेटी हुई थी, पूरी थकी हुई, लेकिन संतुष्ट। उसके चेहरे पर वो ग्लो था जो सिर्फ अच्छी चुदाई के बाद आता है।
सुनील ने कहा, “एक बार और हो सकता है? मेरा लंड अभी भी काम कर सकता है।”
प्रिया ने हाँ में सर हिलाया। वो भी और चाहती थी।
इस बार सुनील ने पोजीशन बदली। उसने प्रिया को डॉगी स्टाइल में आने को कहा। प्रिया घुटनों पर आई, अपनी गांड ऊपर कर दी।
सुनील ने उसकी गांड पर थप्पड़ मारा। “क्या मस्त गांड है तेरी। तेरा पति ने इससे पहले यहां कुछ किया है?”
प्रिया ने कहा, “नहीं… पहली बार…”
सुनील ने कहा, “आज मैं तेरी गांड भी मारूंगा। लेकिन पहले बुर तो पूरी तरह भर दूं।”
उसने अपना लंड प्रिया की बुर में घुसा दिया पीछे से। इस पोजीशन में लंड और भी गहरा जा रहा था। प्रिया चिल्ला उठी। “आह्ह्ह… बहुत अंदर जा रहा है… रुको…”
लेकिन सुनील नहीं रुका। वो पीछे से ढक्के मारने लगा। प्रिया की गांड हिल रही थी हर स्ट्रोक में। वो अपने दूध को बेड के शीट पर रगड़ रही थी।
“चोदो… और चोदो…” प्रिया बोल रही थी। “मैं तुम्हारी रांडी हूं… जितना चाहो चोदो…”
यह डर्टी टॉक प्रिया से ही आ रहा था। वो पूरी तरह ओपन हो गई थी। सुनील ने उसके बाल पकड़ लिए और पीछे खींच लिए। “हाँ, तू मेरी रांडी है। और तेरा पति देख रहा है कि कैसे तेरी बुर मैं भर रहा हूं।”
मैं अब भी कोने में खड़ा था। मेरा लंड अब खड़ा हो गया था। मैंने अपना पैंट उतारा और अपने 4 इंच के लंड को हिलाने लगा।
सुनील ने देखा और हंसा। “देख, तेरा पति हिला रहा है अपना छोटा लंड। तू मेरे बड़े लंड से चुद रही है और वो अपने हाथ से काम चला रहा है।”
प्रिया ने पीछे मुड़कर देखा। उसने मुझे देखा अपना लंड हिलाते हुए। उसके चेहरे पर एक अजीब सा एक्सप्रेशन आया – शायद दया, शायद एक्साइटमेंट।
सुनील ने स्पीड बढ़ा दी। वो प्रिया की बुर को पूरा भर रहा था। थप्पड़ थप्पड़ की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।
“मैं फिर झड़ने वाला हूं,” सुनील ने कहा।
“अंदर झाड़ो… प्लीज…” प्रिया ने कहा।
सुनील ने जोर से धक्का मारा और अंदर ही झड़ गया। पूरा स्पर्म प्रिया की बुर के अंदर। वो दूसरी बार झड़ चुकी थी।
सुनील ने अपना लंड बाहर निकाला। प्रिया की बुर से स्पर्म और उसके पानी का मिक्सचर बाहर बह रहा था। वो पूरी गीली थी, संतुष्ट थी।
सुनील ने अपना लंड साफ किया और कपड़े पहने। उसने मुझसे कहा, “तुम्हारी बीवी बहुत मस्त है। कभी भी बुलाना हो, मैं आ जाऊंगा।”
मैंने हाँ में सर हिलाया। प्रिया बेड पर लेटी हुई थी, पूरी थकी हुई, लेकिन खुश।
सुनील चला गया। मैं प्रिया के पास गया। मैंने कहा, “तुम ठीक हो?”
प्रिया ने आंखें खोलीं।
उसने कहा, “हाँ… मैं बहुत खुश हूं। थैंक यू… मुझे यह मजा देने के लिए।”
मैंने कहा, “मैं तुम्हें खुश देखना चाहता था। और अब से, जब भी तुम्हें जरूरत होगी, मैं सुनील को बुला लूंगा। या किसी और को। तुम्हारी खुशी ही मेरी खुशी है।”
प्रिया ने मेरा हाथ पकड़ा। उसके हाथ में अभी भी सुनील के लंड की गर्मी बची हुई थी।
उसने मेरी ओर देखा, उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी – शायद दया, शायद कृतज्ञता, या शायद वो अभी भी उस 9 इंच के लंड के नशे में थी।
“तुम बहुत अच्छे हो,” प्रिया ने धीमी आवाज में कहा। “मैंने कभी सोचा नहीं था कि कोई पति अपनी बीवी के लिए इतना कर सकता है।”
मैंने उसके माथे पर चूमा। “मैं तुमसे प्यार करता हूं। और प्यार में सब कुछ जायज है।”
प्रिया ने मेरी ओर देखा, फिर नीचे मेरे 4 इंच के खड़े लंड की ओर। वो मुस्कुराई – वो मुस्कान मुझे समझ नहीं आई। क्या वो मेरे छोटे लंड पर हंस रही थी, या उसे प्यार आ रहा था?
“आओ,” उसने कहा, “अब तुम्हारी बारी है।”
मैंने कहा, “लेकिन मेरा लंड तो…”
“श्श्श…” उसने मेरे होठों पर उंगली रखी। “मुझे पता है। लेकिन मैं तुमसे भी प्यार करती हूं। आओ, मेरी बुर को चाटो। सुनील के लंड ने उसे बहुत गीला कर दिया है।”
यह सुनकर मेरा लंड झटके से खड़ा हो गया।
मेरी बीवी मुझे उसकी बुर चाटने के लिए कह रही थी जो अभी-अभी किसी और के लंड से भरी हुई थी।
यह एक अलग ही तरह का मजा था – क्लीनअप ड्यूटी।
मैं नीचे झुका। प्रिया ने अपने पैर फैला दिए। उसकी बुर पूरी तरह से गीली थी, लाल हो गई थी चुदाई से, और उसके अंदर से सुनील का गाढ़ा स्पर्म बाहर बह रहा था।
वो दृश्य बहुत ही एरोटिक था – मेरी बीवी की चूत जो अभी-अभी 9 इंच के लंड से चुदी थी।
मैंने अपनी जीभ निकाली और उसकी बुर के छेद पर लगाई।
वो पूरी तरह से स्लिपरी थी – उसके अपने पानी, सुनील के स्पर्म, और उन दोनों के मिक्सचर से भरी हुई थी।
“चाटो…” प्रिया ने डर्टी टॉक में कहा। “चाटो अपनी बीवी की बुर को जो अभी-अभी दूसरे मर्द से चुदी है। देखो कितना मजा आया है उसे। तुम्हारी जीभ से और मजा आएगा।”
मैंने उसकी बुर चाटना शुरू किया। वो नमकीन थी, मीठी थी, और एक अजीब सी गंध थी – दो लोगों के सेक्स की गंध।
मैंने अपनी जीभ उसके अंदर घुसाई और सुनील का स्पर्म चाटने लगा।
“ओह्ह्ह… हाँ…” प्रिया ने कराहते हुए कहा। “और अंदर जाओ… सारा स्पर्म चाट लो… मेरी बुर साफ कर दो अपनी जीभ से…”
मैं पागलों की तरह चाट रहा था। उसकी बुर के अंदर से और स्पर्म बाहर आ रहा था – सुनील ने इतना सारा निकाला था।
मैंने वो सब चाट लिया। प्रिया की बुर फिर से गीली होने लगी।
“अब मेरे दूध चूसो,” प्रिया ने कहा। “सुनील ने उन्हें बहुत कसकर दबाया है।”
मैं ऊपर आया। उसके बूब्स अभी भी लाल हो रखे थे – सुनील के दांतों के निशान थे उन पर। उसके निप्पल टाइट थे। मैंने एक निप्पल अपने मुंह में लिया और चूसने लगा।
“कैसे लग रहे हैं?” प्रिया ने पूछा। “सुनील ने इन्हें बहुत जोर से चूसा था। तुम भी वैसे ही चूसो।”
मैंने जोर से चूसना शुरू किया। उसके दूध बड़े और नरम थे। मैं दूसरे निप्पल को भी चूसने लगा। प्रिया की सिसकियां निकल रही थीं।
“अब मेरी गांड चाटो,” प्रिया ने अचानक कहा। “सुनील ने वहां भी अपनी जीभ लगाई थी। मुझे बहुत मजा आया था।”
मैंने उसे पलट दिया। उसकी गांड गोल और सफेद थी। बीच में गुलाबी छेद था। मैंने अपनी जीभ वहां लगाई और एस लिकिंग शुरू कर दी।
“ओह्ह्ह… हाँ…” प्रिया ने कराहा। “वहीं… वहीं चाटो… जहां सुनील ने चाटा था…”
मैं उसकी गांड चाट रहा था। वो अभी भी गीली थी सुनील के थूक से। मैंने अपनी जीभ उसके गांड के छेद में थोड़ा घुसाने की कोशिश की।
“बस… बस…” प्रिया ने कहा। “अब मुझे और नहीं रुकता जा रहा। अपना लंड डालो अंदर।”
मैंने अपना 4 इंच का लंड पकड़ा। वो खड़ा तो था, लेकिन सुनील के लंड के बाद इतना छोटा लग रहा था। मैंने उसे प्रिया की बुर पर सेट किया।
“डालो…” प्रिया ने कहा।
मैंने धक्का मारा। मेरा लंड आसानी से अंदर चला गया।
प्रिया की बुर इतनी ढीली हो गई थी सुनील के 9 इंच से, कि मेरा 4 इंच का लंड उसमें कुछ भी महसूस नहीं हो रहा था। वो पूरी तरह से खाली लग रही थी उसे।
“कैसा लग रहा है?” मैंने पूछा।
“अच्छा…” प्रिया ने कहा, लेकिन उसकी आवाज में वो उत्साह नहीं था जो सुनील के समय था।
मैंने धक्के मारने शुरू किए। इन-आउट, इन-आउट। लेकिन मुझे लग रहा था कि मेरा लंड हवा में ही चल रहा है। प्रिया की बुर में कोई फ्रिक्शन ही नहीं था – वो इतनी चौड़ी हो गई थी।
“जल्दी करो…” प्रिया ने कहा। “मुझे नींद आ रही है…”
यह सुनकर मुझे थोड़ा बुरा लगा, लेकिन मैं समझ सकता था। 9 इंच के लंड के बाद 4 इंच क्या कर सकता था?
मैंने जल्दी-जल्दी ढक्के मारे। कुछ ही सेकंड में मैं झड़ गया। मेरा स्पर्म उसकी बुर में गया – सुनील के स्पर्म के साथ मिक्स होकर।
मैं उसके ऊपर गिर पड़ा। प्रिया ने मुझे गले लगाया। “कोई बात नहीं,” उसने कहा। “तुमने मुझे खुश करने की कोशिश की। यही मायने रखता है।”
मैंने कहा, “मुझे माफ करना। मैं तुम्हें उतना मजा नहीं दे सकता जितना सुनील दे सकता है।”
प्रिया ने मेरा चेहरा पकड़ा। “लेकिन तुम मुझे प्यार दे सकते हो। और तुमने मुझे सुनील का लंड दिया – यह सबसे बड़ा तोहफा है।”
हम दोनों लेटे रहे। प्रिया की बुर से दोनों का स्पर्म बाहर बह रहा था। मैंने सोचा – यह शुरुआत है।
आगे हमारी जिंदगी में और भी मर्द आएंगे जो प्रिया को वो देंगे जो मैं नहीं दे सकता।
लेकिन मैं खुश था। मेरी बीवी मेरे साथ थी, खुश थी, और हमारी शादी मजबूत थी – भले ही उसकी बुर दूसरे मर्दों के लंड से भरी रहती थी।
दुनिया किस तरफ जा रही है क्या चुदाई ही सब कुछ है प्यार नहीं? आज सच्चा प्रेम देखने को नहीं मिलता है। क्या सेक्स साड़ी रिश्तों या चीजों पर भरी हो गया?
क्या पहले जैसे रिश्ते होते थे जिसमें सिर्फ प्रेम होता था पति और पत्नी एक दुसरे के कमियों को छिपाते थे और प्रेम करते थे की जैसे कोई कमी थी ही नहीं।
मैं एक ऐसी ही दुनिया देखना चाहता था। प्रिया के सोने के बाद, मैं अपने मन में सोच रहा था, भाड़ में जाये ऐसी दुनिया जहाँ प्रेम नाम की कोई सत्य नही है। और मैं इस साली प्रिया को रंडी बना दूंगा।
जिसको प्रेम का मतलब नहीं पता है ऐसी औरत को रंडी बनने में ही अच्छाई है, मेरी वाइफ साली रंडी प्रिया।
आप अपने विचार मुझे कमेंट में बताये की मुझे प्रिया के साथ क्या करना चाहिए?
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Amazing story. Bahut achchha kiya Vishal bhai aapne…
Hiiii
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