मैं अपने दामाद के बड़े लंड से चुद गयी

damad sas chudai kahani

मेरा नाम निशा है। मैं छपरा, बिहार की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 38 साल है और मैं दिखने में काफी सेक्सी हूँ।

मेरी बॉडी मीडियम साइज़ की है – 36 इंच की चूचियाँ जो काफी खूबसूरत हैं और बहुत सारे पड़ोसी मर्द उनके दीवाने हैं।

मेरी कमर 34 इंच की है और मेरी गांड 40 इंच की है जो काफी भरी हुई और आकर्षक है।

मैं चुदाई की कहानियाँ पढ़ने का बहुत शौक रखती हूँ। शायद यही कारण है कि मेरे अंदर हमेशा सेक्स की लालसा जागृत रहती है।

मेरी शादी जब मैं 19 साल की थी तब मेरे पिताजी ने करा दी थी। शादी के एक साल बाद ही मैं एक बेटी की माँ बन गई।

मेरे पति के साथ शादी के बाद काफी चुदाई हुई है। उनके अलावा मेरे देवर ने भी मुझे चोदा है। यह सब मेरी यौन जीवन का हिस्सा रहा है।

लेकिन समय बीतता गया और मेरी बेटी बड़ी हो गई। जब वह 18 साल की हुई तो हमने उसकी शादी कर दी।

मेरे दामाद की उम्र 23 साल थी और वह दिखने में काफी हैंडसम थे। उनका नाम सुरेंद्र है। उनकी हाइट लगभग 5 फीट 7 इंच थी।

उनका बदन एकदम गठा हुआ था और चेहरा बिल्कुल हीरो जैसा।

जब मैंने उन्हें पहली बार देखा, तो मेरे मन में कुछ हिलोरें मारने लगीं, लेकिन मैंने उसे दबा लिया क्योंकि वह मेरी बेटी का पति था।

शादी के 6-7 महीने बाद मेरी बेटी मेरे पास रहने आई। साथ में उसके पति भी रहने आए।

घर में अचानक एक जवान मर्द का आना मेरे लिए एक अलग ही अनुभव था। सुरेंद्र बहुत ही विनम्र और सम्मानजनक थे।

वह मुझे “माँ जी” कहकर बुलाते थे, लेकिन उनकी आँखों में मुझे कुछ और ही नज़र आता था।

एक दिन रात के 11 बज रहे थे। मैं अपनी बेटी से कुछ कहने जा रही थी।

जैसे ही मैं उनके कमरे के पास पहुँची, तो दरवाज़े की झिरी से मैंने अंदर झाँका। जो दृश्य मैंने देखा, वह मेरी आँखों के सामने अब भी ताज़ा है।

मेरे दामाद सुरेंद्र मेरी बेटी को चोद रहे थे। उन्होंने अपना लंड बाहर निकाला हुआ था और वह इतना बड़ा था कि मेरी साँसें थम गईं।

उनका लंड कम से कम 10 इंच से कम नहीं होगा। वह मोटा, लंबा और एकदम कड़क खड़ा था। जब मैंने उसे देखा, तो मैं एकदम दीवानी हो गई।

मेरी बुर में तुरंत खुजली होने लगी। मैंने तुरंत अपनी साड़ी के पल्लू से अपनी बुर को सहलाया। मेरे मुँह से हल्की सी आह निकल गई।

मैंने सोच लिया कि मैं अपने दामाद से चुदवाऊँगी। मुझे वह लंड चाहिए था, चाहे कुछ भी हो जाए।

उस रात के बाद मैं सुरेंद्र को अलग ही नज़र से देखने लगी।

मैं जानबूझकर उनके सामने झुककर काम करती, ताकि मेरी चूचियाँ उनकी नज़र में आएं।

मैंने अपने ब्लाउज थोड़े गहरे कटवा लिए ताकि मेरे निप्पल कभी-कभी झाँक जाएँ।

सुरेंद्र भी मुझे देखने लगा था। वह समझ गया था कि मेरी नज़रें उसे क्या कह रही हैं।

एक दिन जब मैं रसोई में काम कर रही थी, तो वह पीछे से आया और मेरी कमर छूते हुए बोला, “माँ जी, कुछ चाहिए था।”

मैंने मुड़कर उसे देखा। उसकी आँखों में वासना की आग जल रही थी।

मैंने हल्की सी मुस्कान दी और बोली, “क्या चाहिए बेटा?”

“वही जो आप दे सकें,” उसने कहा और मेरी कमर पर हाथ फिराया।

मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया। मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपनी चूची पर रख दिया। “यह चाहिए?” मैंने पूछा।

उसने मेरी चूची को दबाया और बोला, “और भी बहुत कुछ।”

हमने तय किया कि हम एक दिन होटल में मिलेंगे। मैंने अपनी बेटी को कहा कि मैं अपनी सहेली के यहाँ जा रही हूँ।

सुरेंद्र ने कहा कि वह ऑफिस का काम बताकर बाहर जाएगा।

हमने शहर के एक अच्छे होटल में कमरा बुक किया। जब मैं वहाँ पहुँची, तो सुरेंद्र पहले से ही मौजूद था।

कमरा बहुत ही रोमांटिक तरीके से सजा हुआ था। दीवारों पर हल्के गुलाबी रंग की लाइटें लगी थीं जो एक अलग ही माहौल बना रही थीं।

बिस्तर पर लाल गुलाब की पंखुड़ियाँ बिछी हुई थीं। कमरे में हल्की सी खुशबू थी – गुलाब और चंदन की मिश्रित।

खिड़की से शहर का नज़ारा दिख रहा था और पर्दे हल्के से हवा में लहरा रहे थे।

बाथरूम का दरवाज़ा आधा खुला था, जहाँ से गर्म पानी की भाप निकल रही थी – शायद सुरेंद्र ने बाथटब भर रखा था।

मैंने साड़ी पहनी हुई थी जो हल्के नारंगी रंग की थी। मेरे बाल खुले थे और मैंने हल्का मेकअप किया था।

सुरेंद्र ने मुझे देखते ही कहा, “आज आप बहुत खूबसूरत लग रही हैं माँ जी।”

मैंने शरमाते हुए कहा, “अब माँ जी मत कहो। आज मैं तुम्हारी हूँ।”

सुरेंद्र ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अपनी बाहों में भर लिया। उसकी गोद में मैंने अपने को सौंप दिया।

उसने मेरे बालों को पीछे किया और मेरे गाल पर हल्का चुम्बन किया। फिर वह मेरे गले पर उतरा, फिर मेरी क्लीवेज पर।

“मैं तुम्हें बहुत दिनों से चाहता था,” उसने कान में फुसफुसाते हुए कहा।

“मैं भी,” मैंने कहा और उसके होठों पर अपने होठ रख दिए।

हमारा पहला चुम्बन बहुत ही नरम और रसीला था। उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाली और मेरी जीभ से खेला।

मैं भी पूरी तरह से उसमें खो गई। हम लगभग पाँच मिनट तक एक-दूसरे को चूसते रहे।

सुरेंद्र ने धीरे-धीरे मेरी साड़ी खोलनी शुरू की। वह मेरे पीछे खड़ा हुआ और मेरी कमर को चूमते हुए साड़ी को नीचे खींचा।

फिर उसने मेरे ब्लाउज के हुक खोले। मेरा ब्लाउज खुल गया और मेरी ब्रा में कैद चूचियाँ उसके सामने आ गईं।

“वाह माँ जी, क्या माल है आप,” उसने गंदी बात करते हुए कहा।

मैंने शरमाते हुए कहा, “अब देखो मत, छुओ इन्हें।”

उसने मेरी ब्रा उतार दी। मेरी चूचियाँ बाहर आ गईं। मेरे निपल्स कड़े हो रहे थे। उसने मेरी एक चूची को पकड़ा और दूसरी को मुँह में ले लिया।

सुरेंद्र मेरी चूचियों को पागलों की तरह चूसने लगा। वह एक चूची को मुँह में लेकर चूसता और दूसरी को हाथ से दबाता।

मेरे निप्पल्स को वह अपनी जीभ से चाटता, काटता, और फिर चूसता।

“ऊह्ह्ह… सुरेंद्र… और ज़ोर से,” मैं कराहने लगी।

“कैसा लग रहा है माँ जी?” उसने पूछा।

“बहुत अच्छा… तुम्हारी जीभ बहुत गर्म है,” मैंने कहा।

उसने मेरी दोनों चूचियों को बारी-बारी से चूसा। मेरा दूध निकलने को हो रहा था। वह मेरी चूचियों के बीच में अपना चेहरा घुसाकर सूंघता और चाटता।

फिर उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया। मैंने अपनी पेटीकोट ऊपर उठाया और अपनी गांड उठा दी।

सुरेंद्र मेरी गांड के पीछे आ गया। उसने मेरी गांड को दोनों हाथों से फैलाया और अपनी जीभ से मेरी गांड की दरार चाटनी शुरू कर दी।

“ओह्ह्ह… क्या कर रहे हो?” मैं चीखी।

“आपकी गांड चाट रहा हूँ माँ जी,” उसने कहा और और ज़ोर से चाटना शुरू किया।

उसकी जीभ मेरी गांड के छेद पर घूम रही थी। वह बार-बार अपनी जीभ अंदर बाहर कर रहा था।

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मेरी बुर पानी छोड़ने लगी थी।

फिर मैंने उसे खड़ा किया और उसकी पैंट खोल दी। उसका लंड बाहर निकल आया – 10 इंच का, मोटा और कड़ा। मैंने उसे देखते ही पागल हो गई।

“कितना बड़ा लंड है तुम्हारा,” मैंने कहा और उसे अपने हाथ में पकड़ लिया।

मैंने उसके लंड को अपने मुँह में ले लिया। वह इतना मोटा था कि मेरे मुँह में आसानी से नहीं आ रहा था।

मैंने धीरे-धीरे उसे अंदर लिया और चूसना शुरू किया।

“ऊह्ह्ह… माँ जी… क्या चूस रही हैं,” सुरेंद्र कराहने लगा।

मैं उसके लंड को ऊपर नीचे कर रही थी। मैं उसके टोपे को अपनी जीभ से चाटती, फिर पूरा अंदर लेती।

उसके लंड से पानी निकलने लगा था – प्रीकम। मैंने उसे चाट लिया। वह नमकीन था।

अब हम दोनों पूरी तरह से नंगे थे। सुरेंद्र ने मुझे बिस्तर पर लेटाया और मेरी टाँगें फैला दीं।

मेरी बुर पूरी तरह से गीली थी। उसने अपनी उँगली मेरी बुर में डाली।

“कितनी टाइट है आपकी बुर माँ जी,” उसने कहा।

“तुम्हारे लिए तैयार है,” मैंने कहा।

उसने अपने लंड को मेरी बुर के मुँह पर रखा और धीरे से अंदर धकेलना शुरू किया।

“ऊह्ह्ह… धीरे… बहुत बड़ा है,” मैं चीखी।

“माँ जी चिंता न करें आपकी चुदी हुयी बुर में मेरा लंड आसानी से चला जायेगा।” मेरे दामाद ने मुझसे कहा।

सुरेंद्र ने धीरे-धीरे अपना लंड मेरी बुर में उतारना शुरू किया। वह आधा अंदर गया, फिर बाहर निकाला, फिर थोड़ा और अंदर किया।

धीरे-धीरे पूरा 10 इंच का लंड मेरी बुर में समा गया।

“पूरा अंदर है माँ जी,” उसने कहा।

“हाँ… अब चोदो मुझे… ज़ोर-ज़ोर से,” मैंने कहा।

सुरेंद्र ने अपनी स्पीड बढ़ा दी। वह मुझे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। उसका लंड मेरी बुर में अंदर-बाहर हो रहा था। चप-चप की आवाज़ें कमरे में गूँज रही थीं।

“चोदो… और ज़ोर से चोदो… अपनी सास को चोदो,” मैं गंदी बातें कर रही थी।

“ले माँ जी… ले अपने दामाद का लंड… कितना मज़ा आ रहा है?” सुरेंद्र पूछ रहा था।

“बहुत मज़ा आ रहा है… तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है,” मैंने कहा।

हम दोनों पसीने-पसीने हो गए थे। फिर वह पीछे से चोदने लगा। मेरी गांड उसके हाथों में थी और वह ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगा रहा था।

“आह्ह्ह… मैं झड़ने वाली हूँ,” मैंने कहा।

“मैं भी,” सुरेंद्र ने कहा।

हम दोनों एक साथ झड़ गए। उसने अपना सारा माल मेरी बुर में छोड़ दिया और मैंने भी अपना पानी निकाल दिया।

हम दोनों एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए।

उसने मेरी चूचियों को सहलाते हुए कहा, “यह तो शुरुआत है माँ जी। आज पूरी रात बाकी है।”

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ… अभी तो बहुत कुछ बाकी है।”

यह मेरी पहली कहानी थी, उम्मीद है आपको पसंद आई होगी। कुछ गलती हुयी तो मुझे माफ़ करें।

मुझे कमेंट करके बताएं…………

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

8 thoughts on “मैं अपने दामाद के बड़े लंड से चुद गयी”

  1. Hello Nisha Ji
    Mai Bhi Bihar Patna Se Hoon Kya Aap Ek Baar Mujhse Milna Chahogi Real Me Promise Karta Hoon Sab Secret Rahega Full Privacy Hogi Please Contact My Gmail
    Am Body Massager Home Service Only Female Full Satisfaction Full Enjoy Full Privacy Hogi
    Kisi Bhi Housewife Ko Full Body Massage Chahiye Home Service To Please Contact Me Free Sarvice Full Satisfaction Dunga Jaise Bhi Aap Chaho

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top