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मेरा नाम लक्ष्मण गिरी है। मैं इंदौर का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 26 साल है। मेरी हाइट 5 फीट 10 इंच है और मेरे लंड का साइज 10.3 इंच है, जो किसी भी औरत को संतुष्ट करने के लिए काफी है।
मैं देखने में हैंडसम हूँ और मेरे दोस्त राहुल बैजल से मेरी गहरी दोस्ती है।
राहुल की एक बहन है नीलम, जो 21 साल की है और बेहद खूबसूरत है। उसका फिगर 32-30-32 है।
जब मैंने उसे पहली बार देखा, तो मेरा दिल धड़कने लगा।
वह दिखने में बेहद सेक्सी है और मैं उसे काफी समय से चोदने के बारे में सोच रहा था। वह कभी-कभी मुझे लाइन देती थी लेकिन कुछ बात नहीं बन पा रही थी।
राहुल की एक भाभी भी है रीना, जिनकी उम्र 29 साल है। वह दिखने में बेहद हॉट और सेक्सी हैं और उनका फिगर 36-34-40 है।
उनके बड़े-बड़े दूध और मोटी गांड देखकर मेरी नजर उन पर भी टिक गई थी। मैंने सोच लिया था कि एक दिन मैं इन दोनों को ज़रूर चोदूँगा।
मैं और राहुल कॉलेज के दिनों से दोस्त थे। वह अक्सर मुझे अपने घर पर बुलाता था।
वहाँ मेरी नजर पहली बार नीलम पर पड़ी थी। वह एक कॉलेज स्टूडेंट थी और उसकी मासूमियत और सेक्सी बदन मुझे बेहद आकर्षित करते थे।
एक दिन राहुल के घर पर एक पार्टी थी। मैं वहाँ पहुँचा।
नीलम ने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी जिसमें उसकी नाभि बाहर दिख रही थी और उसके बूब्स साड़ी में कसे हुए बेहद सेक्सी लग रहे थे। मेरी नजर उस पर टिक गई।
“हाय नीलम, तुम आज बेहद खूबसूरत लग रही हो,” मैंने कहा।
नीलम ने शर्माते हुए कहा, “धन्यवाद लक्ष्मण भैया… मतलब लक्ष्मण जी।”
“अरे भैया मत बोलो, मुझे अच्छा नहीं लगता। तुम मुझे लक्ष्मण ही बुलाओ,” मैंने कहा और उसकी आँखों में देखा।
नीलम ने हाँ में सिर हिलाया और मुस्कुरा दी। मुझे पता था कि वह भी मुझे पसंद करती थी लेकिन शर्म के मारे कुछ कह नहीं पाती थी।
पार्टी के दौरान, मैं और नीलम बालकनी में अकेले हो गए। रात का समय था और ठंडी हवा चल रही थी। नीलम ने अपने हाथों को रगड़ते हुए कहा, “थोड़ी ठंड लग रही है।”
मैंने अपनी जैकेट उतारी और उसके कंधों पर डाल दी, “यह लो, पहन लो।”
जैसे ही मैंने जैकेट उसके कंधों पर डाली, मेरे हाथ नीलम के गले को छू गए।
एक बिजली सी दौड़ गई हम दोनों के बीच। नीलम ने मेरी आँखों में देखा और मुझे उसकी आँखों में वही चाहत दिखी जो मैं महसूस कर रहा था।
“लक्ष्मण… मैं…” नीलम कुछ कहने वाली थी।
“क्या हुआ नीलम? तुम कुछ कहना चाहती हो?” मैंने पूछा।
“नहीं… कुछ नहीं,” नीलम ने शर्माते हुए कहा।
मैंने हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ लिया। नीलम ने विरोध नहीं किया। उसका हाथ नरम और गर्म था।
मैंने धीरे से उसके हाथ को सहलाना शुरू किया।
“नीलम, मुझे पता है कि तुम मुझे पसंद करती हो। मैं भी तुम्हें बहुत पसंद करता हूँ,” मैंने सच्चाई कही।
नीलम ने नीचे देखते हुए कहा, “सच में?”
“हाँ, बहुत ज्यादा। तुम्हारी मुस्कान, तुम्हारी आँखें, तुम्हारा बदन… सब कुछ मुझे पागल कर देता है,” मैंने कहा।
नीलम ने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराई, “मैं भी तुम्हें देखकर बहुत कुछ महसूस करती हूँ लक्ष्मण।”
उसी पल, मैंने नीलम को अपनी बाहों में भर लिया। नीलम ने भी मुझे कसकर पकड़ लिया।
मैंने धीरे से उसके बालों को सहलाया और उसके गाल पर एक चुंबन दिया। नीलम ने आँखें बंद कर लीं और उस क्षण का आनंद लिया।
“मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ नीलम,” मैंने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा।
नीलम ने शर्माते हुए कहा, “हाँ… मैं भी यही चाहती हूँ।”
कुछ दिनों बाद, राहुल के घर पर एक और कार्यक्रम था। इस बार राहुल के बड़े भाई रोहित और उनकी पत्नी रीना भी आए थे।
रीना भाभी 29 साल की थीं और उनका फिगर 36-34-40 था। वह एक परिपक्व औरत की तरह दिखती थीं और उनके बूब्स बेहद बड़े और सेक्सी थे।
जब मैं रीना भाभी से मिला, तो मैं उनकी सुंदरता देखकर मंत्रमुग्ध हो गया।
रीना ने काले रंग की साड़ी पहनी हुई थी जिसमें उनका क्लीवेज दिख रहा था और उनकी गांड बेहद मोटी और आकर्षक लग रही थी।
“नमस्ते रीना भाभी, मैं लक्ष्मण, राहुल का दोस्त,” मैंने परिचय दिया।
“अरे हाँ, राहुल ने तुम्हारे बारे में बताया है। बहुत हैंडसम हो तुम,” रीना भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा।
“धन्यवाद भाभी, आप भी बेहद खूबसूरत हैं,” मैंने कहा और उनकी आँखों में देखा।
रीना भाभी ने एक नॉटी सी मुस्कान दी और कहा, “चलो, तुम्हें घर दिखाती हूँ।”
घर दिखाते समय, रीना भाभी और मैं अकेले हो गए।
रीना भाभी ने कहा, “मैंने देखा है कि तुम नीलम को घूरते रहते हो।”
मैं थोड़ा शर्मा गया, “भाभी, वो…”
“अरे डरो मत, मैंने तुम्हारी और नीलम की केमिस्ट्री देखी है। वह भी तुम्हें पसंद करती है,” रीना भाभी ने कहा।
“सच में भाभी?” मैंने पूछा।
“हाँ, और मुझे भी तुम पसंद आए हो। तुम बेहद सेक्सी हो,” रीना भाभी ने कहा और मेरे सीने पर हाथ रख दिया।
मैं समझ गया कि रीना भाभी भी मुझे चाहती हैं।
मैंने हिम्मत करके उनका हाथ पकड़ लिया, “भाभी, आप बेहद हॉट हो।”
रीना भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा, “तो फिर कब ले रहे हो इस हॉट भाभी का मज़ा?”
मैंने कहा, “जब भी आप कहें भाभी।”
“ठीक है, कल दोपहर को मैं अकेली हूँ घर पर। राहुल और रोहित ऑफिस जाएंगे और नीलम कॉलेज। तुम आ जाना,” रीना भाभी ने कहा।
“ठीक है भाभी, मैं ज़रूर आऊँगा,” मैंने कहा।
अगले दिन, मैं समय पर राहुल के घर पहुँचा। मैंने सोचा था कि रीना भाभी अकेली होंगी, लेकिन जब मैं अंदर गया, तो मैंने देखा कि नीलम भी वहाँ है।
“नीलम, तुम कॉलेज नहीं गई?” मैंने पूछा।
नीलम ने मुस्कुराते हुए कहा, “नहीं, मैंने आज छुट्टी ली है। मुझे पता था कि तुम आओगे और मैं भी इस पल का हिस्सा बनना चाहती हूँ।”
रीना भाभी ने कहा, “अरे वाह, तो तुम दोनों पहले से ही एक-दूसरे को चाहते हो। फिर तो और मज़ा आएगा।”
मैं समझ गया कि आज तीनों के बीच कुछ खास होने वाला है।
रीना भाभी ने कहा, “चलो बेडरूम में चलते हैं, यहाँ कोई आ सकता है।”
तीनों बेडरूम में गए। रीना भाभी ने दरवाज़ा बंद कर दिया और फिर मेरे पास आकर मेरे होठों पर किस करने लगीं।
नीलम भी पास आ गई और रीना भाभी के बालों को सहलाने लगी।
“आज हम तीनों मिलकर सेक्स का आनंद लेंगे,” रीना भाभी ने कहा।
मैंने दोनों को अपनी बाहों में भर लिया। मैं एक हाथ से नीलम को पकड़े हुए था और दूसरे हाथ से रीना भाभी की कमर को सहला रहा था।
मैंने पहले नीलम को अपनी ओर खींचा और उसके होठों पर एक गहरा किस किया।
नीलम ने भी पूरा साथ दिया और उसकी जीभ मेरी जीभ से मिलाने लगी। रीना भाभी पीछे से मेरे गले पर किस करने लगीं।
“उम्म्ह… हाँ… बहुत मज़ा आ रहा है,” नीलम ने कहा।
मैंने नीलम के कपड़े उतारने शुरू किए। मैंने पहले उसकी साड़ी खोली, फिर ब्लाउज के बटन खोल दिए।
नीलम का सफेद रंग का ब्रा उसके बूब्स को बेहद सेक्सी दिखा रहा था।
“वाह नीलम, तुम्हारे दूध तो बेहद सुंदर हैं,” मैंने कहा।
रीना भाभी ने कहा, “मेरे दूध भी देखो, इनसे भी बड़े हैं।”
मैंने रीना भाभी की ओर मुड़कर उनके ब्लाउज के बटन खोलने शुरू किए।
रीना भाभी ने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी जो उनके बड़े बूब्स को बेहद आकर्षक बना रही थी।
“भाभी, आपके दूध तो बेहद बड़े और मस्त हैं,” मैंने कहा।
“हाँ जानू, इन्हें पी लो, बहुत दिनों से कोई नहीं पीता,” रीना भाभी ने गंदी बातें करते हुए कहा।
मैंने रीना भाभी की ब्रा खोली और उनके बड़े-बड़े बूब्स बाहर आ गए।
उनके निप्पल गहरे भूरे रंग के थे और बेहद मोटे थे। मैंने एक निप्पल को मुँह में ले लिया और चूसने लगा।
“अह्ह्ह… हाँ… चूसो इन्हें… बहुत मज़ा आ रहा है,” रीना भाभी ने कहा।
नीलम भी पास आ गई और मेरे बालों को सहलाने लगी। मैंने एक हाथ से नीलम के बूब्स को सहलाना शुरू कर दिया।
मैं एक-एक करके दोनों के बूब्स चूस रहा था।
फिर मैंने नीलम को बेड पर लिटाया और उसके पेट पर किस करने लगा।
मैं धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ रहा था। नीलम ने स्कर्ट पहनी हुई थी जिसे मैंने ऊपर किया और उसकी पैंटी दिखने लगी।
“नीलम, तुम्हारी बुर तो बेहद सुंदर है,” मैंने कहा।
नीलम ने शर्माते हुए कहा, “हाँ… इसे चाटो… बहुत मज़ा आएगा।”
मैंने नीलम की पैंटी उतार दी और उसकी चूत को देखा। वह बिल्कुल साफ शेव थी और गुलाबी रंग की।
मैंने अपनी जीभ से उसकी बुर को चाटना शुरू किया।
“उम्म्ह… हाँ… और जोर से… बहुत मज़ा आ रहा है,” नीलम ने कहा।
रीना भाभी भी बेड पर आ गईं और नीलम के बूब्स चूसने लगीं। नीलम बेहद उत्तेजित हो रही थी।
मैंने अपनी उंगली नीलम की बुर में डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा।
“अह्ह्ह… हाँ… और गहरा… बहुत अच्छा लग रहा है,” नीलम ने कहा।
फिर मैंने रीना भाभी की ओर मुड़ा। रीना भाभी ने अपनी साड़ी खोल दी थी और वह केवल पैंटी में थीं।
उनकी गांड बेहद मोटी थी और पैंटी उसे बेहद सेक्सी दिखा रही थी।
“भाभी, आपकी गांड तो बेहद मस्त है,” मैंने कहा।
“हाँ जानू, इसे चाटो… बहुत दिनों से किसी ने नहीं चाटी,” रीना भाभी ने गंदी बातें करते हुए कहा।
मैंने रीना भाभी को डॉगी स्टाइल में घुटनों पर बैठाया और उनकी गांड को चाटना शुरू किया।
मैंने अपनी जीभ उनके एनल होल पर फिराई और वह बेहद उत्तेजित हो गईं।
“अह्ह्ह… हाँ… रंडी की बुर तरह चाटो… बहुत मज़ा आ रहा है,” रीना भाभी ने गाली देते हुए कहा।
“हाँ रंडी भाभी, मैं तुम्हें बहुत चाटूँगा… तुम्हारी गांड बेहद स्वादिष्ट है,” मैंने भी गंदी बातें करते हुए कहा।
नीलम यह सब देख रही थी और अपनी बुर को सहला रही थी।
मैंने रीना भाभी की पैंटी उतार दी और उनकी बुर को भी चाटना शुरू किया।
रीना भाभी की बुर थोड़ी मोटी थी और बालों वाली थी, जो एक परिपक्व औरत की पहचान थी।
“उम्म्ह… हाँ… और जोर से चाटो… बहुत गंदी हूँ मैं… मुझे चोदो… बहुत तेज़ से चोदो,” रीना भाभी ने कहा।
मैंने अपनी दो उंगलियाँ रीना भाभी की बुर में डाल दीं और जोर-जोर से अंदर-बाहर करने लगा।
रीना भाभी बेहद उत्तेजित हो रही थीं और जोर-जोर से आवाज़ें निकाल रही थीं।
“अह्ह्ह… हाँ… और तेज़… बहुत गंदी भाभी हूँ मैं… मुझे अपनी रंडी बना लो… बहुत तेज़ से चोदो,” रीना भाभी ने गालियाँ देते हुए कहा।
“हाँ रंडी भाभी, तुम मेरी रंडी हो… मैं तुम्हें आज रंडी की तरह चोदूँगा… तुम्हारी बुर को फाड़ दूँगा,” मैंने भी गंदी बातें करते हुए कहा।
नीलम यह सब सुनकर बेहद उत्तेजित हो गई।
उसने कहा, “मुझे भी चोदो लक्ष्मण… मैं भी तुम्हारी रंडी बनना चाहती हूँ।”
“हाँ नीलम, तुम भी मेरी रंडी बनोगी… दोनों को आज मैं बहुत चोदूँगा,” मैंने कहा।
मैंने अपने कपड़े उतारने शुरू किए। मैंने अपनी शर्ट उतारी और फिर पैंट खोली।
जैसे ही मैंने अंडरवियर उतारा, मेरा 10.3 इंच का लंड बाहर निकल आया। वह बेहद मोटा और लंबा था।
“वाह… यह तो बेहद बड़ा है,” नीलम ने कहा।
“हाँ जानू, इसे मुँह में लो… इसे चूसो,” मैंने कहा।
नीलम ने झुककर मेरे लंड को पकड़ा और उसे चूमने लगी। फिर उसने धीरे से उसे अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।
“उम्म्ह… हाँ… बहुत अच्छा लग रहा है नीलम… और जोर से चूसो,” मैंने कहा।
रीना भाभी भी नीचे आ गईं और नीलम के साथ मिलकर मेरे लंड को चूसने लगीं। दोनों औरतें बारी-बारी से मेरे लंड को चूस रही थीं।
“वाह… दोनों रांडियाँ मेरे लंड को चूस रही हैं… बहुत मज़ा आ रहा है,” मैंने गंदी बातें करते हुए कहा।
“हाँ… हम तुम्हारी रांडियाँ हैं… हमें और चूसने दो,” रीना भाभी ने कहा।
नीलम ने मेरे लंड को गहरे तक अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। मैं बेहद उत्तेजित हो रहा था।
मैंने नीलम के सिर को पकड़ा और उसके मुँह को मेरे लंड पर दबाया।
“उम्म्ह… हाँ… और गहरा… बहुत अच्छा लग रहा है,” मैंने कहा।
रीना भाभी मेरे अंडकोषों को चूस रही थीं।
वह एक-एक करके उन्हें अपने मुँह में ले रही थीं और चाट रही थीं।
“भाभी, आप भी बहुत अच्छा चूस रही हैं… बहुत मज़ा आ रहा है,” मैंने कहा।
“हाँ जानू, मैं तुम्हारी गंदी भाभी हूँ… मुझे सब कुछ करना आता है,” रीना भाभी ने कहा।
मैंने नीलम को बेड पर लिटाया और उसके पैरों को फैला दिया।
नीलम की बुर बेहद गीली हो चुकी थी। मैंने अपने लंड को उसकी बुर के मुँह पर रगड़ा।
“नीलम, तुम तैयार हो?” मैंने पूछा।
“हाँ… डालो अपना लंड… बहुत तेज़ से चोदो मुझे,” नीलम ने कहा।
मैंने धीरे से अपने लंड का सिरा नीलम की बुर में डाला। नीलम ने दर्द से आँखें बंद कर लीं।
“अह्ह्ह… धीरे… थोड़ा दर्द हो रहा है,” नीलम ने कहा।
“डरो मत जानू, थोड़ी देर में मज़ा आने लगेगा,” मैंने कहा और धीरे-धीरे अपना लंड अंदर डालता रहा।
जब पूरा लंड अंदर चला गया, तो नीलम बेहद उत्तेजित हो गई। मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए।
“उम्म्ह… हाँ… अब मज़ा आ रहा है… और तेज़ से करो,” नीलम ने कहा।
मैंने अपनी गति बढ़ा दी और जोर-जोर से नीलम की बुर में धक्के लगाने लगा।
साथ ही, मैंने अपना एक हाथ रीना भाभी की ओर बढ़ाया और उनकी बुर में दो उंगलियाँ डाल दीं।
“अह्ह्ह… हाँ… मुझे भी मज़ा दो… मुझे भी फिंगर करो,” रीना भाभी ने कहा।
मैं एक हाथ से रीना भाभी की बुर को फिंगर कर रहा था और दूसरे हाथ से नीलम के बूब्स को दबा रहा था।
मैं नीलम की बुर में जोर-जोर से धक्के लगा रहा था।
“हाँ… और तेज़… बहुत अच्छा लग रहा है… मुझे चोदो… बहुत तेज़ से चोदो,” नीलम ने कहा।
“तुम मेरी रंडी हो नीलम… मैं तुम्हें बहुत चोदूँगा… तुम्हारी बुर को फाड़ दूँगा,” मैंने गंदी बातें करते हुए कहा।
“हाँ… मैं तुम्हारी रंडी हूँ… मुझे रंडी की तरह चोदो… बहुत गंदी हूँ मैं,” नीलम ने कहा।
रीना भाभी मेरे हाथ से फिंगरिंग का आनंद ले रही थीं। उनकी बुर भी बेहद गीली हो चुकी थी।
“और गहरा… अपनी पूरी उंगली डालो… बहुत मज़ा आ रहा है,” रीना भाभी ने कहा।
मैंने अपनी दो उंगलियाँ रीना भाभी की बुर में पूरी गहराई तक डाल दीं और जोर-जोर से अंदर-बाहर करने लगा।
“अह्ह्ह… हाँ… बहुत अच्छा लग रहा है… और तेज़ करो,” रीना भाभी ने कहा।
नीलम बेहद उत्तेजित हो रही थी और उसकी साँसें तेज़ हो गई थीं। मैंने अपनी गति और तेज़ कर दी और नीलम की बुर में पूरा लंड पेलने लगा।
“मैं झड़ने वाली हूँ… और तेज़… हाँ… बस… अह्ह्ह…” नीलम ने कहा और झड़ गई।
मैंने अपना लंड नीलम की बुर से बाहर निकाला और उसे चूमने लगा।
अब बारी रीना भाभी की थी। मैंने रीना भाभी को बेड पर लिटाया और उनके पैरों को फैला दिया।
रीना भाभी की बुर बेहद गीली थी और उनके बूब्स बेहद बड़े थे।
“भाभी, आज मैं आपको बहुत चोदूँगा… आपकी बुर को फाड़ दूँगा,” मैंने गंदी बातें करते हुए कहा।
“हाँ जानू… मुझे अपनी रंडी बना लो… बहुत दिनों से इतना बड़ा लंड नहीं मिला… आज मेरी बुर की प्यास बुझा दो,” रीना भाभी ने कहा।
मैंने अपने लंड को रीना भाभी की बुर के मुँह पर रगड़ा और फिर एक जोरदार धक्का लगाया। पूरा लंड एक ही बार में अंदर चला गया।
“अह्ह्ह… हाँ… बहुत मज़ा आ रहा है… और तेज़ से चोदो,” रीना भाभी ने कहा।
मैंने जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू किए। रीना भाभी की बुर थोड़ी ढीली थी लेकिन बेहद गर्म थी। मुझे बेहद मज़ा आ रहा था।
“हाँ… और तेज़… मुझे रंडी की तरह चोदो… बहुत गंदी हूँ मैं… मेरी बुर को फाड़ दो,” रीना भाभी ने गालियाँ देते हुए कहा।
“हाँ रंडी… तुम मेरी गंदी भाभी हो… मैं तुम्हें आज रंडी की तरह चोदूँगा… तुम्हारी बुर को रगड़-रगड़ कर चोदूँगा,” मैंने भी गंदी बातें करते हुए कहा।
नीलम पास में बैठी थी और अपनी बुर को सहला रही थी।
मैंने अपना एक हाथ उसकी ओर बढ़ाया और उसकी बुर में दो उंगलियाँ डाल दीं।
“अह्ह्ह… हाँ… मुझे भी फिंगर करो… बहुत मज़ा आ रहा है,” नीलम ने कहा।
मैं एक हाथ से नीलम की बुर को फिंगर कर रहा था और दूसरे हाथ से रीना भाभी के बड़े बूब्स को दबा रहा था।
मैं रीना भाभी की बुर में जोर-जोर से धक्के लगा रहा था।
“और तेज़… बहुत अच्छा लग रहा है… मैं झड़ने वाली हूँ… हाँ… बस… अह्ह्ह…” रीना भाभी ने कहा और झड़ गईं।
रीना भाभी की बुर से पानी निकलने लगा और मेरा लंड भीग गया।
अब मैंने एक अलग पोजीशन सोची। मैंने रीना भाभी को मिशनरी पोजीशन में लिटाया और उनके पैरों को अपने कंधों पर रखा।
फिर मैंने नीलम को कहा, “नीलम, तुम रीना भाभी के चेहरे पर बैठो।”
नीलम समझ गई और वह रीना भाभी के चेहरे पर बैठ गई। उसकी बुर रीना भाभी के मुँह के ठीक ऊपर थी।
“भाभी, आप नीलम की बुर चाटो… उसे मज़ा दो,” मैंने कहा।
रीना भाभी ने अपनी जीभ नीलम की बुर पर लगा दी और चाटने लगीं। नीलम बेहद उत्तेजित हो गई।
“उम्म्ह… हाँ… बहुत अच्छा लग रहा है… और जोर से चाटो,” नीलम ने कहा।
मैंने इस बीच अपना लंड रीना भाभी की बुर में डाल दिया और जोर-जोर से धक्के लगाने लगा।
रीना भाभी नीचे से चुद रही थीं और ऊपर से नीलम की बुर चाट रही थीं।
“हाँ… और तेज़… बहुत मज़ा आ रहा है… तुम दोनों मेरी रांडियाँ हो… मैं तुम दोनों को बहुत चोदूँगा,” मैंने गंदी बातें करते हुए कहा।
“हाँ… हम तुम्हारी रांडियाँ हैं… बहुत गंदी हैं हम… हमें और चोदो,” नीलम ने कहा।
रीना भाभी की जीभ नीलम की बुर में घुस रही थी और वह बेहद उत्तेजित हो रही थीं।
मैं भी नीचे से रीना भाभी की बुर को जोर-जोर से चोद रहा था।
“अह्ह्ह… हाँ… मैं झड़ने वाली हूँ… और तेज़… हाँ… बस… अह्ह्ह…” नीलम ने कहा और झड़ गई।
नीलम का पानी रीना भाभी के मुँह में चला गया और उन्होंने सब पी लिया।
“वाह… बहुत स्वादिष्ट है तुम्हारा पानी नीलम,” रीना भाभी ने कहा।
मैंने अपनी गति और तेज़ कर दी और रीना भाभी की बुर में पूरे जोश से धक्के लगाने लगा।
“और तेज़… मुझे भी झाड़ दो… हाँ… बहुत गंदी हूँ मैं… मेरी बुर को फाड़ दो,” रीना भाभी ने कहा।
“हाँ रंडी… ले मेरा लंड… पूरा ले… बहुत तेज़ से चोद रहा हूँ मैं तुम्हें,” मैंने कहा।
कुछ मिनटों की तेज़ चुदाई के बाद, रीना भाभी भी झड़ गईं और मैंने अपना वीर्य उनकी बुर में ही छोड़ दिया।
यह चुदाई लगभग 35 मिनट तक चली। इस दौरान मैंने नीलम और रीना भाभी को कई पोजीशन में चोदा।
मैंने नीलम को डॉगी स्टाइल में चोदा, रीना भाभी को काउगर्ल पोजीशन में चोदा, और फिर से मिशनरी पोजीशन में दोनों को बारी-बारी से चोदा।
मैं नीलम के गले के पीछे किस करता था, उसके पेट पर किस करता था, उसके निप्पल्स को चूसता था।
रीना भाभी की गांड को चाटता था, उनके बड़े बूब्स को दबाता था, और उनकी बुर को बेहद तेज़ी से चोदता था।
“तुम दोनों बेहद सेक्सी हो… मैं तुम दोनों से बहुत प्यार करता हूँ,” मैंने रोमांटिक अंदाज़ में कहा।
“हम भी तुमसे बहुत प्यार करते हैं लक्ष्मण,” नीलम ने कहा।
“हाँ जानू, तुम बेहद हैंडसम और सेक्सी हो… तुम्हारा लंड बेहद मस्त है,” रीना भाभी ने कहा।
तीनों एक-दूसरे को गले लगाए हुए थे। मैं दोनों के बीच में था और दोनों औरतें मुझे चूम रही थीं।
“आज का दिन मेरी ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत दिन है,” मैंने कहा।
“हाँ, हमें भी बहुत मज़ा आया,” नीलम ने कहा।
“हमें यह सिलसिला जारी रखना चाहिए,” रीना भाभी ने कहा।
“हाँ, ज़रूर,” मैंने कहा।
कुछ महीनों तक यह सिलसिला चलता रहा। मैं, नीलम और रीना भाभी अक्सर मिलते और सेक्स का आनंद लेते।
लेकिन फिर एक दिन, मुझे नई दिल्ली में एक नौकरी का ऑफर आया।
“मुझे नई दिल्ली जाना होगा… मेरे लिए यह एक बड़ा मौका है,” मैंने दोनों को बताया।
नीलम और रीना भाभी दोनों उदास हो गईं।
“हम तुम्हें बहुत याद करेंगे,” नीलम ने कहा।
“हाँ, यह रिश्ता यहीं समाप्त होता है… लेकिन यादें हमेशा रहेंगी,” रीना भाभी ने कहा।
“मैं भी तुम दोनों को बहुत याद करूँगा… यह मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत यादें हैं,” मैंने कहा।
अंतिम दिन, हम तीनों ने फिर से सेक्स किया। इस बार यह और भी रोमांटिक और भावुक था।
मैंने नीलम और रीना भाभी दोनों को बेहद प्यार से चोदा और उन्हें अपनी बाहों में भर लिया।
“अलविदा मेरी प्यारी रांडियों,” मैंने मुस्कुराते हुए कहा।
“अलविदा हमारे सेक्सी हीरो,” नीलम और रीना भाभी ने एक साथ कहा।
मैं नई दिल्ली चला गया और यह रिश्ता वहीं समाप्त हो गया।
लेकिन इंदौर की यह यादें मेरे दिल में हमेशा के लिए बस गईं। आज मैं एक छोटी से कंपनी का मालिक हूँ लकिन न जाने क्यों मुझे नीलम और रीना भाभी की याद हमेशा आती है।
कभी कभी सोचता हूँ ये तो सिर्फ सेक्स हित था लेकिन मेरा डील नहीं मानता है, मेरी शादी हो गयी है लेकिन मैं उन दोनों को कभी नहीं बुला। हमेश लगता है की वही रिश्ता सच्चा था।
मेरा मन हमेशा कहता है की काश मैं उस रिश्ते में जी पाता। मैं अक्सर रात उठ बैठता हूँ, नीलम और रीना भाभी हमेशा मेरी यादों में रहेंगी।
मैं अपने दिल के हाथों मजबूर को अपनी यह दास्ताँ लिखी है। पढ़ने के लिए धन्यवाद।
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नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Very nice story….
Hi Kavita ji
Hlo kavita ji
Chat krogi