मेरे सामने मेरी वाइफ अपने एक्स बॉयफ्रेंड से चुदवाई

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मेरा नाम अजय है और मेरी उम्र 30 साल है। मैं एक साधारण सा लड़का था जो जिंदगी में सच्चे प्यार की तलाश में था।

एक दिन मेरी जिंदगी में एक लड़की आई जिसका नाम पूनम था। उसे देखते ही मैं उस पर फिदा हो गया।

वह इतनी खूबसूरत थी कि शब्द कम पड़ जाएँ।

उसके बाल काले और लंबे थे, आँखें काजल की तरह काली और चेहरा फूल की तरह कोमल। उसकी स्माइल तो ऐसी थी जैसे सूरज की पहली किरण हो।

किसी तरह मैंने उसका नंबर ढूंढा और उससे बात करना शुरू किया। बातचीत के दौरान पता चला कि वह तलाकशुदा है और उसकी एक छोटी बेटी भी है।

लेकिन मैंने इस बात को कोई मायने नहीं दिया क्योंकि मैं उससे सच्चा प्यार करने लगा था।

उसका फिगर 34-30-36 का था जो किसी भी लड़की के लिए आदर्श माना जाता है। उसकी छाती उभरी हुई थी और कमर पतली, हिप्स भरे हुए थे।

धीरे-धीरे हमारी बातचीत बढ़ती गई और हम करीब आने लगे। लेकिन एक बात जो मुझे हमेशा खटकती थी वो ये कि पूनम अक्सर अपने शादी से पहले वाले आशिक की बातें करती रहती थी।

उसका नाम राजेश था। पूनम बताती थी कि राजेश बहुत हैंडसम था, उसका ख्याल रखता था, उसे बहुत प्यार करता था।

वह अक्सर उसे रेस्टोरेंट में ले जाता था, अपनी गोद में बिठाकर अपने हाथों से खिलाता था, उसकी पीठ सहलाता था, उसकी जांघों को छूता था और फिर उसे टेबल पर बिठाकर चोदता था।

ये बातें सुनकर मेरा दिल टूट जाता था लेकिन पूनम को इसकी कोई परवाह नहीं थी।

वह इन बातों को इस तरह बताती जैसे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता हो।

लेकिन मैं उससे इतना प्यार करता था कि मैंने सब कुछ सहन कर लिया। मुझे लगा कि शायद शादी के बाद सब ठीक हो जाएगा।

राजेश की शादी हो चुकी थी और वह अपनी जिंदगी में व्यस्त था। मैंने पूनम से शादी का प्रस्ताव रखा और वह मान गई।

हमारी शादी हो गई और सुहागरात के दिन हम एक-दूसरे के करीब आए। मेरे लंड की साइज़ 5 इंच थी और मैंने उस रात पूनम चोदा।

लेकिन पूनम इससे संतुष्ट नहीं हुई। उसने कहा कि उसे अपने एक्स राजेश से चुदवाना है।

पूनम ने मुझे इमोशनली ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

वह कहने लगी, “तुम तो मुझसे बहुत प्यार करते हो ना, तो मुझे एक बार फिर से उससे चुदवाने दो। मुझे वही संतुष्ट कर सकता है। तुम्हारा लंड छोटा है और वह मुझे वो खुशी नहीं दे पाता जो राजेश देता था।”

मैं बहुत थक गया, परेशान हो गया अंत में पूनम की खुशी के लिए मैंने हाँ कर दी। मैंने सोचा कि अगर मेरी पत्नी खुश रहेगी तो मैं भी खुश रहूँगा।

फिर एक दिन पूनम ने अपने कमरे को बहुत ही खूबसूरत तरीके से सजाया।

उसने गुलाबी रंग की चादरें बिछाईं, मोमबत्तियाँ जलाईं, गुलाब के फूल बिखेरे और अपने पुराने आशिक राजेश को बुलाया।

मैं भी कमरे में ही मौजूद था, एक कोने में बैठा हुआ।

जब राजेश कमरे में आया तो वह बहुत हैंडसम दिख रहा था। उसकी हाइट अच्छी थी, बॉडी बनी हुई थी और चेहरे पर वो आत्मविश्वास था जो मुझमें नहीं था।

राजेश ने पूनम को देखते ही अपनी बाहों में भर लिया और वे दोनों एक-दूसरे को किस करने लगे।

वह दृश्य देखकर मेरा दिल धड़क रहा था लेकिन मैं चुपचाप बैठा रहा।

राजेश ने पूनम को अपनी बाहों में कसकर पकड़ लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।

वह एक लंबा और गहरा किस कर रहा था। पूनम भी पूरी तरह से उसमें खो गई थी।

उसने अपने हाथ राजेश की पीठ पर रख दिए और उसे और करीब खींच लिया।

“ओह राजेश, मैंने तुम्हें बहुत मिस किया,” पूनम ने कहा, “तुम्हारे बिना मैं अधूरी थी।”

राजेश ने धीरे से उसके कान में कहा, “मैं भी तुम्हें बहुत याद करता था पूनम। आज मैं तुम्हें वो सब दूँगा जो तुम्हें चाहिए।”

राजेश ने पूनम के कपड़ों को धीरे-धीरे उतारना शुरू किया।

पहले उसने उसकी साड़ी का पल्ला हटाया, फिर ब्लाउज के बटन खोलने लगा।

पूनम ने आँखें बंद कर ली और राजेश के हाथों का इंतजार करने लगी।

जैसे ही ब्लाउज खुला, पूनम की सफेद ब्रा में कैद उभरी हुई चूचियां दिखाई दी।

राजेश ने पीछे से हाथ घुमाकर उसकी ब्रा का हुक खोला। जैसे ही हुक खुला, ब्रा ढीली हो गई। राजेश ने उसे भी हटा दिया और फेंक दिया।

जैसे ही ब्रा हटी, पूनम के दोनों दूध आज़ाद होकर बाहर आ गए। वे गोल, मुलायम और बिल्कुल सही आकार में थे।

ऊपर गुलाबी निप्पल खड़े हो चुके थे, वासना से तने हुए और कड़े हो चुके थे। वे इतने सुंदर थे कि राजेश उन्हें देखता ही रह गया।

“वाह, तुम्हारे दूध तो आज भी बिल्कुल वैसे ही हैं जैसे पहले थे,” राजेश ने कहा और पीछे से आकर पूनम के दोनों दूधों को अपने हाथों में ले लिया।

पूनम के दूध बहुत ही सुंदर और गोल थे। उनके निप्पल गुलाबी रंग के थे और खड़े हो चुके थे उत्तेजना से।

उसने धीरे-धीरे उन दोनों दूधों को दबाना शुरू किया। उसके हाथ बड़े और मज़बूत थे जो पूनम के मुलायम दूधों को पूरी तरह से कवर कर रहे थे।

पूनम की साँसें तेज़ हो गईं और वह राजेश के हाथों को अपने दूधों पर महसूस कर रही थी।

वह अपने हाथों से राजेश के हाथों को दबा रही थी ताकि वह और ज़ोर से दबाए।

“आह… राजेश… और तेज़ दबाओ… बहुत मज़ा आ रहा है,” पूनम ने आँखें बंद करके कहा।

राजेश ने उसके दोनों निपल्स को अपनी उंगलियों से मसलना शुरू किया। वह उन्हें घुमाता, खींचता और दबाता।

पूनम के निपल्स और भी ज़्यादा कड़े हो गए। उसने अपना सिर पीछे की ओर झुकाकर राजेश के कंधे पर रख दिया और आँखें बंद कर लीं।

“मेरी रानी, आज मैं तुम्हें आसमान की सैर कराऊँगा,” राजेश ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा, “मैं तुम्हें वो मज़ा दूँगा जो तुम्हारे पति नहीं दे सकता।”

वह पूनम को घुमाकर सामने किया। अब वे दोनों आमने-सामने थे।

राजेश ने झुककर पूनम के एक दूध को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा।

वह निप्पल को अपनी जीभ से चाट रहा था, कभी हल्के से काटता तो कभी ज़ोर से चूसता।

वह उसे अपने दाँतों से हल्का सा काटता और फिर जीभ से चाटता।

“ऊह्ह… हाँ… और चूसो… मेरे निप्पल्स को चूसो राजेश,” पूनम ने अपने हाथों से राजेश के सिर को अपने दूधों पर दबाते हुए कहा।

मैं कोने में बैठकर ये सब देख रहा था। मेरे अंदर अजीब सी उत्तेजना थी। मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और हिलाने लगा।

मेरी पत्नी को दूसरे मर्द के साथ मजे लेते देखना मुझे अजीब तरह से उत्तेजित कर रहा था।

राजेश ने पूनम के दोनों दूधों को खूब चूसा। उसने उन पर अपने दाँतों के निशान भी छोड़े जो लाल हो गए थे।

फिर वह नीचे झुका और पूनम के पेट पर किस करने लगा।

वह उसकी नाभि में अपनी जीभ घुसाने लगा जिससे पूनम कांप उठी और अपनी कमर उठाने लगी।

फिर राजेश ने अपना हाथ नीचे ले जाकर पूनम की साड़ी के पल्ले में डाल दिया। उसने पूनम की जांघों को सहलाना शुरू किया और धीरे-धीरे ऊपर बढ़ता गया।

“तुम्हारी जांघें अभी भी उतनी ही मुलायम हैं जितनी पहले थीं,” राजेश ने कहा।

पूनम ने शर्माते हुए कहा, “सिर्फ तुम्हारे लिए राजेश, सिर्फ तुम्हारे लिए।”

राजेश ने पूनम की साड़ी को पूरी तरह से खोल दिया और पेटीकोट भी उतार दिया।

अब पूनम सिर्फ पैंटी में थी। राजेश ने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी बुर को सहलाना शुरू कर दिया। पूनम की बुर पैंटी में गीली हो चुकी थी।

वह उसकी नाभि में अपनी जीभ घुसाने लगा जिससे पूनम कांप उठी और अपनी कमर उठाने लगी।

“अजय, देख रहे हो ना कि एक असली मर्द कैसे अपनी औरत को खुश करता है?” राजेश ने मेरी तरफ देखते हुए कहा।

मैंने हाँ में सिर हिलाया। “हाँ राजेश, मैं देख रहा हूँ। तुम पूनम को बहुत खुश कर रहे हो।”

“देखो तुम कितनी गीली हो गई हो,” राजेश ने मुस्कुराते हुए कहा।

“ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है,” पूनम ने कहा।

राजेश ने पूनम को बिस्तर पर लिटा दिया और उसके पैरों के बीच में आ गया।

उसने पूनम की पैंटी को धीरे से नीचे खींचा और उसकी बुर देखने लगा। पूनम की बुर बिल्कुल साफ शेव की हुई थी और गुलाबी रंग की थी।

“क्या खूबसूरत बुर है तुम्हारी,” राजेश ने कहा और उसकी बुर पर किस कर दिया।

पूनम ने अपने पैरों को फैला दिया। राजेश ने अपनी जीभ निकाली और पूनम की बुर को चाटना शुरू कर दिया।

वह उसकी बुर की फांकों को चाट रहा था और कभी-कभी क्लिटोरिस पर भी जीभ फेर देता था।

“ओह… हाँ… वहीं… वहीं चाटो राजेश… बहुत मजा आ रहा है,” पूनम चीख रही थी।

राजेश लगातार पूनम की बुर चाट रहा था। उसने अपनी उंगली पूनम की बुर में डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा।

पूनम की कमर ऊपर उठने लगी। वह बहुत उत्तेजित हो चुकी थी।

“प्लीज राजेश… अब और मत तड़पाओ… अपना लंड डाल दो अंदर,” पूनम ने गिड़गिड़ाते हुए कहा।

पूनम ने कहा, “अजय, तुम्हें पता है राजेश का लंड कितना बड़ा है? 9 इंच का। वो तुम्हारे 5 इंच के लंड से बहुत अच्छा है। वो मुझे पूरा संतुष्ट करता है।”

यह सुनकर मुझे थोड़ी शर्मिंदगी हुई लेकिन मैंने कहा, “हाँ पूनम, मुझे पता है। इसीलिए तो मैंने तुम्हें राजेश के पास भेजा है। मैं चाहता हूँ कि तुम खुश रहो।”

राजेश ने अपने कपड़े उतारने शुरू किए। जब उसने अपना अंडरवियर उतारा तो उसका विशालकाय लंड बाहर आ गया।

वह लंड 9 इंच लंबा था और 4 इंच मोटा। मैंने कभी इतना बड़ा लंड सिर्फ एडल्ट मूवीज में देखा था। मेरा तो उसके सामने कुछ भी नहीं था।

पूनम ने राजेश के लंड को देखा और उसकी आँखों में चमक आ गई। “मुझे याद था कि तुम्हारा लंड इतना बड़ा और खूबसूरत है,” पूनम ने कहा।

राजेश ने पूनम से कहा, “आओ, इसे अपने मुँह में लो।”

पूनम उठकर बैठ गई और राजेश के लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया। उसने उसे धीरे-धीरे सहलाया और फिर उसके सुपारे पर किस कर दिया। फिर उसने लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।

“ऊँह… क्या मुँह है तुम्हारा पूनम… बहुत अच्छा लग रहा है,” राजेश ने कहा।

पूनम पूरे जोश से रंडियों की तरह राजेश का लंड चूस रही थी।

वह उसे गहरे तक अपने गले में ले जा रही थी और फिर बाहर निकालकर फिर से अंदर कर रही थी।

उसने अपनी जीभ से लंड के सुपारे को चाटा और फिर नीचे की तरफ चली गई।

उसने राजेश की आड़ियों को भी चूसा जो लंड के नीचे थीं।

“बहुत मजा आ रहा है पूनम… रुको मत… और चूसो,” राजेश उत्तेजित होकर बोला।

पूनम लगातार राजेश का लंड चूस रही थी। उसने लार से पूरा लंड गीला कर दिया था।

फिर राजेश ने उसे रोक दिया और कहा, “अब मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ।”

राजेश ने पूनम को बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर आ गया।

उसने पूनम के पैरों को फैलाया और अपने बड़े लंड को उसकी बुर के मुँह पर रख दिया।

“तुम तैयार हो पूनम?” राजेश ने पूछा।

“हाँ राजेश… प्लीज… डाल दो अपना लंड… मुझे बहुत दिनों से इसकी जरूरत थी,” पूनम ने कहा।

राजेश ने एक जोरदार धक्का मारा और उसका आधा लंड पूनम की बुर में घुस गया।

“आह… ओह… बहुत बड़ा है… थोड़ा धीरे करो,” पूनम चीखी।

“बस थोड़ी देर में मजा आएगा,” राजेश ने कहा और फिर से धक्का मारा।

इस बार पूरा 9 इंच का लंड पूनम की बुर में समा गया। पूनम की आँखें बड़ी-बड़ी हो गईं।

वह इतने बड़े लंड को अपने अंदर महसूस कर रही थी।

“कितना अच्छा लग रहा है ना?” मैंने कोने से पूछा।

पूनम ने मेरी तरफ देखा और कहा, “हाँ अजय… बहुत अच्छा लग रहा है… तुम्हारे लंड से कहीं ज्यादा अच्छा।”

ये सुनकर मुझे थोड़ा बुरा तो लगा लेकिन मैं खुश था कि मेरी पत्नी खुश थी।

राजेश ने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। वह पूनम की बुर में अपना लंड अंदर-बाहर कर रहा था। पूनम की सिसकियाँ कमरे में गूंज रही थीं।

“ओह… हाँ… और तेज… और तेज राजेश… बहुत मजा आ रहा है,” पूनम चिल्ला रही थी।

राजेश की स्पीड बढ़ती जा रही थी। वह पूनम को जोर-जोर से चोद रहा था।

बिस्तर की आवाजें आ रही थीं “किच… किच… किच”। पूनम के दूध उछल-उछल कर हिल रहे थे और राजेश बार-बार उन्हें पकड़कर दबा रहा था।

“तुम्हारी बुर तो और भी टाइट हो गई है पूनम,” राजेश ने कहा।

“ये सब तुम्हारे लिए ही है राजेश… चोदो मुझे… और जोर से चोदो,” पूनम ने कहा।

राजेश ने पूनम के पैरों को अपने कंधों पर रख लिया और और गहरे धक्के मारने लगा।

उसका लंड पूनम की बुर के सबसे गहरे हिस्से को छू रहा था।

करीब 30 मिनट की चुदाई के बाद.. पूनम रुक रुक के बोली।

“मैं झड़ने वाली हूँ… ओह… हाँ… अब… अब…,” पूनम चीखी और उसका शरीर कांपने लगा।

उसने झड़ना शुरू कर दिया और उसकी बुर ने रस छोड़ना शुरू कर दिया।

राजेश भी झड़ने वाला था।

उसने पूनम से कहा, “मैं झड़ने वाला हूँ… कहाँ निकालूँ?”

पूनम ने कहा, “अपना लंड मेरे मुँह में डालो… मैं तुम्हारा सारा वीर्य पी जाऊँगी।”

राजेश ने तुरंत अपना लंड बाहर निकाला और पूनम के मुँह के पास ले आया।

पूनम ने अपना मुँह खोला और राजेश ने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया।

कुछ ही सेकंड में राजेश झड़ गया और उसका गर्म वीर्य पूनम के मुँह में भर गया।

पूनम ने एक-एक बूंद को चूसकर पी लिया।

जब राजेश का लंड खाली हो गया तो पूनम ने उसे अपने मुँह से बाहर निकाला और उसने उसके लंड पर लगा अपना और उसका रस पूरी तरह से चाटकर साफ किया।

वह उसके लंड को अपनी जीभ से चाटती रही जब तक कि वह पूरी तरह से साफ नहीं हो गया।

उसने राजेश के लंड को साफ किया और फिर उसे चूमते हुए कहा, “तुम्हारा वीर्य बहुत स्वादिष्ट है राजेश।”

राजेश थककर पूनम के बगल में लेट गया। पूनम ने उसे गले लगा लिया और उसके सीने पर अपना सिर रख दिया।

“मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ राजेश,” पूनम ने कहा।

“मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूँ पूनम,” राजेश ने जवाब दिया।

मैंने कोने से कहा, “मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूँ पूनम। मुझे खुशी है कि तुम खुश हो।”

पूनम ने मेरी तरफ देखा और कहा, “थैंक यू अजय… तुमने मेरी खुशी का ख्याल रखा। मैं तुमसे भी प्यार करती हूँ लेकिन राजेश के साथ जो मजा है वो तुम्हारे साथ नहीं।”

राजेश ने कहा, “अजय, तुम एक अच्छे पति हो। तुमने अपनी पत्नी की खुशी के लिए ये किया। मैं तुम्हारी इस बात की इज्जत करता हूँ।”

मैंने कहा, “मैं बस पूनम को खुश देखना चाहता हूँ। और आज मैंने देखा कि वो तुम्हारे साथ सच में खुश है।”

थोड़ी देर बाद राजेश फिर से तैयार हो गया। उसका लंड फिर से खड़ा हो गया था।

पूनम ने उसे देखा और कहा, “ओह… तुम्हारा लंड तो फिर से तैयार हो गया?”

“हाँ… आज तो मैं तुम्हें पूरी रात चोदूँगा,” राजेश ने कहा।

इस बार राजेश ने पूनम को घोड़ी बनने के लिए कहा। पूनम चारों खानों पर हो गई और उसने अपनी गांड ऊपर उठा दी।

राजेश ने उसकी गांड को सहलाया और फिर उसकी बुर में अपना लंड डाल दिया।

“आह… ये पोजीशन और भी गहरी है,” पूनम ने कहा।

राजेश ने पीछे से पूनम को पकड़ा और जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए।

उसके हर धक्के के साथ पूनम की गांड हिल रही थी और उसके दूध झूल रहे थे।

“ओह… हाँ… और तेज… पेलो मुझे… मैं तुम्हारी हूँ राजेश… चोदो मुझे,” पूनम चिल्ला रही थी।

राजेश पूरी ताकत से अपने लंड को पूनम की बुर में पेल रहा था।

उसके हाथ पूनम की कमर पर थे और वह उसे अपनी तरफ खींच-खींचकर चोद रहा था।

पूनम की बुर से आवाजें आ रही थीं “पच… पच… पच” जो बहुत उत्तेजक थीं।

मैं देख रहा था कि कैसे मेरी पत्नी दूसरे मर्द से चुदवा रही थी और पूरी तरह से मजे ले रही थी।

मेरा लंड भी फिर से खड़ा हो गया था और मैं उसे हिला रहा था।

“मैं फिर से झड़ने वाली हूँ… ओह… हाँ… राजेश… और तेज…,” पूनम चीखी और फिर से झड़ गई।

राजेश ने अपना लंड बाहर निकाला और पूनम को लिटा दिया।

इस बार उसने पूनम के पैरों को अपने हाथों से पकड़ा और ऊपर उठा दिया।

पूनम की बुर पूरी तरह से खुली हुई थी और राजेश ने फिर से अपना लंड अंदर डाल दिया।

“इस पोजीशन में मेरा लंड तुम्हारी बुर में पूरी तरह से घुसेगा।,” राजेश ने कहा।

“हाँ… बहुत अन्दर तक जा रहा है….ऐसा लग रह की मेरी बच्चेदानी को पूरी तरह से छु रहा है…. बहुत अच्छा लग रहा है, आज तुम मुझे अपनी रंडी समझ कर चोदो।” पूनम ने कहा।

राजेश ने धक्के मारने शुरू किए। वह पूनम के पैरों को पकड़े हुए था और पूनम उसे देख रही थी।

उनकी आँखों में एक-दूसरे के लिए प्यार और वासना दोनों थे।

“तुम मेरी रंडी हो पूनम… सिर्फ मेरी रंडी,” राजेश ने कहा।

“हाँ… मैं सिर्फ तुम्हारी रंडी हूँ राजेश… चोदो मुझे… चोदकर चोदकर मेरी बुर को भोसड़ा बना दो।” पूनम ने कहा।

राजेश ने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। वह इतनी तेजी से पूनम को चोद रहा था कि बिस्तर हिल रहा था।

पूनम की सिसकियाँ और चीखें कमरे में गूंज रही थीं।

“मैं झड़ने वाला हूँ… इस बार मैं तुम्हारी बुर में ही झड़ूँगा,” राजेश ने कहा।

“हाँ… डाल दो अपना वीर्य मेरी बुर में… भर दो मुझे, तुम मुझे अपने बच्चे की माँ बना दो।” पूनम ने कहा।

“बहुत अच्छा! मेरी रंडी,…. मैं तुझे अपने बच्चे की माँ बनाऊँगा। ठीक है न अजय?” वह पूनम को जवाब देते हुए मुझसे पूछा।

मैंने कहा, “ठीक है राजेश, तुम पूनम को अपने बच्चे की माँ बना दो। मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है।”

कुछ ही सेकंड में राजेश झड़ गया और उसने अपना गर्म वीर्य पूनम की बुर में छोड़ दिया।

पूनम ने उसे कसकर पकड़ लिया और राजेश भी उसके ऊपर गिर गया।

वे दोनों कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे। फिर राजेश ने अपना लंड बाहर निकाला और पूनम की बुर से वीर्य बहता हुआ दिखाई दिया।

पूनम ने अपनी उंगली से उसे छुआ और अपने मुँह में डाल लिया।

“तुम्हारा वीर्य बहुत अच्छा लगता है,” पूनम ने कहा।

राजेश ने पूनम को किस किया और कहा, “मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।”

मैंने उठकर उनके पास गया और कहा, “मैं तुम दोनों को देखकर बहुत खुश हूँ। पूनम, तुम्हारी खुशी में ही मेरी खुशी है।”

पूनम ने मुझे गले लगाया और कहा, “थैंक यू अजय… तुम सच में एक अच्छे पति हो।”

राजेश ने भी मुझे थैंक यू कहा और फिर उसने अपने कपड़े पहनने शुरू किए। पूनम भी उठकर अपने कपड़े पहनने लगी।

“क्या मैं फिर कभी आ सकता हूँ?” राजेश ने पूछा।

“हाँ… जब भी तुम चाहो, मेरी बीवी तुम्हारी रंडी बनने के लिए हमेशा तैयार है। हो न मेरी जान पूनम?” मैंने राजेश को जवाब देते हुए पूनम से पूछा।

“बिलकुल मैं तुम्हारे लंड की इंतज़ार में तुम्हारी रंडी बनकर हमेशा तैयार रहूंगी। मैं भी चाहती हूँ कि तुम जब चाहो तब आओ और मुझे चोदो, मेरे बुर को तुम्हारे लंड का सहारा है राजेश।,” पूनम ने कहा।

“मैं तुम्हारे बुर में अपना लंड पेलता रहूँगा मेरी जान” राजेश ने जवाब दिया।

राजेश चला गया और मैंने पूनम को गले लगाया। वह थकी हुई लेकिन खुश थी।

“मुझे माफ कर देना अजय कि मैंने तुम्हें ये सब करने के लिए मजबूर किया,” पूनम ने कहा।

“कोई बात नहीं पूनम… मैं तुम्हें खुश देखकर खुश हूँ,” मैंने कहा।

उस रात हम दोनों एक-दूसरे से लिपटकर सो गए। मुझे पता था कि पूनम का दिल अब भी राजेश के लिए धड़कता है लेकिन मैंने स्वीकार कर लिया था।

मैंने सोच लिया था कि मैं उसे राजेश से मिलने से नहीं रोकूँगा क्योंकि उसकी खुशी मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती थी।

कुछ दिनों बाद राजेश फिर से आया। इस बार पूनम ने खुद उसे बुलाया था।

मैं फिर से कमरे में बैठा था और वे दोनों एक-दूसरे के साथ मजे कर रहे थे।

इस बार पूनम ने खुद राजेश का लंड चूसा और फिर उस पर चढ़कर उसे चोदा। वह राजेश के ऊपर उछल-उछल कर मजे ले रही थी। उसके दूध हिल रहे थे और वह चिल्ला रही थी।

“ओह… बहुत मजा आ रहा है… तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है राजेश,” पूनम ने कहा।

राजेश ने पूनम के दूधों को पकड़ा और उन्हें दबाते हुए कहा, “तुम भी बहुत अच्छी हो पूनम… मैं तुम्हें कभी नहीं भूल सकता।”

मैं देख रहा था कि कैसे मेरी पत्नी दूसरे मर्द के साथ संतुष्ट हो रही थी। मुझे कोई ईर्ष्या नहीं थी, बस खुशी थी कि मैं उसकी खुशी का कारण बन सका।

राजेश पूनम को अलग-अलग पोजीशन में चोदता था।

कभी वह उसे खड़ा करके पीछे से चोदता तो कभी उसे अपनी गोद में बिठाकर।

पूनम हर बार झड़ रही थी और बार-बार कह रही थी कि ये उसकी जिंदगी का सबसे अच्छा सेक्स है।

“तुमने मुझसे शादी क्यों नहीं की राजेश?” पूनम ने एक बार पूछा।

“वक्त का फेर था पूनम… लेकिन अब हम एक-दूसरे के पास हैं,” राजेश ने कहा।

“हाँ… और अजय की वजह से हम मिल पा रहे हैं,” पूनम ने कहा।

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं हमेशा तुम दोनों के लिए यही करता रहूँगा।”

राजेश ने पूनम को फिर से घोड़ी बनाया और इस बार उसने उसकी गांड में अपनी उंगली डाली। पूनम ने कहा, “क्या तुम मेरी गांड मारना चाहते हो?”

“क्या तुम मुझे अपनी गांड दोगी?” राजेश ने पूछा।

“हाँ… लेकिन धीरे से… मैं पहली बार करवा रही हूँ,” पूनम ने कहा।

राजेश ने अपने लंड पर तेल लगाया और पूनम की गांड के छेद पर रख दिया। धीरे-धीरे उसने लंड को अंदर धकेलना शुरू किया।

“आह… दर्द हो रहा है… धीरे… धीरे करो,” पूनम चीखी।

राजेश ने धीरे-धीरे अपना लंड पूनम की गांड में डाल दिया। पूनम दर्द से कराह रही थी लेकिन फिर धीरे-धीरे मजा आने लगा।

“अब अच्छा लग रहा है… थोड़ा तेज करो,” पूनम ने कहा।

राजेश ने धक्के मारने शुरू किए। वह पूनम की गांड मार रहा था और पूनम को भी मजा आ रहा था। उसकी बुर से पानी बह रहा था और वह झड़ने वाली थी।

“ओह… हाँ… और तेज… मारो मेरी गांड… बहुत मजा आ रहा है,” पूनम चिल्ला रही थी।

राजेश ने पूरी ताकत से पूनम की गांड मारी और फिर वह उसके अंदर ही झड़ गया। पूनम भी झड़ गई और वह बिस्तर पर गिर गई।

राजेश ने अपना लंड बाहर निकाला और पूनम की गांड से वीर्य बहता हुआ दिखाई दिया।

पूनम ने मुड़कर राजेश को किस किया और कहा, “ये बहुत अच्छा था।”

मैंने उनके पास जाकर पूनम के माथे पर प्यार से चूमा और कहा, “मुझे खुशी है कि तुम इतनी खुश हो।”

पूनम ने मुझे देखा और कहा, “तुम सच में एक अच्छे इंसान हो अजय… मैं तुमसे प्यार करती हूँ।”

“मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूँ पूनम… और मैं हमेशा तुम्हारी खुशी चाहता हूँ,” मैंने कहा।

उसके बाद से राजेश अक्सर हमारे घर आने लगा। वह और पूनम साथ में समय बिताते और मैं उन्हें देखता।

कभी-कभी पूनम मुझे भी अपने पास बुलाती और मुझे किस करती, लेकिन सेक्स वह सिर्फ राजेश से ही करती थी।

मैंने ये स्वीकार कर लिया था कि पूनम की बॉडी की जरूरतें मैं पूरी नहीं कर सकता।

मेरा लंड छोटा था और मैं जल्दी झड़ जाता था, जबकि राजेश का 9 इंच का लंड और उसकी सेक्स पावर पूनम को पूरी तरह से संतुष्ट करती थी।

एक दिन पूनम ने मुझसे कहा, “क्या तुम मुझे राजेश के साथ एक होटल में भेज सकते हो? हम दोनों अकेले में कुछ समय बिताना चाहते हैं।”

मैंने हाँ कर दिया। मैंने उनके लिए एक अच्छे होटल का कमरा बुक किया और पूनम वहाँ राजेश के साथ चली गई। वे दोनों दो दिन वहाँ रहे और जब पूनम वापस आई तो वह बहुत खुश थी।

“हमने बहुत मजे किए अजय… राजेश ने मुझे पूल में, बाथटब में, बालकनी में हर जगह चोदा,” पूनम ने मुझे बताया।

मैंने उसकी बात सुनी और खुश हुआ। मुझे पता था कि पूनम अब पूरी तरह से राजेश की हो चुकी थी, और मैं सिर्फ एक दोस्त की तरह था जो उसकी देखभाल करता था।

लेकिन मैं इससे खुश था क्योंकि मैंने सच्चे प्यार का मतलब समझ लिया था।

सच्चा प्यार किसी को अपना बनाना नहीं, बल्कि उसकी खुशी में खुश होना होता है।

और पूनम की खुशी राजेश में थी, इसलिए मैंने उन्हें एक-दूसरे के करीब आने दिया।

अब भी जब राजेश आता है, मैं कमरे में बैठकर उन्हें देखता हूँ।

मैं देखता हूँ कि कैसे वह पूनम के दूधों को चूसता है, उसकी बुर को चाटता है, और अपने बड़े लंड से उसे चोदता है।

और हर बार पूनम झड़ने के बाद मुझे देखकर मुस्कुराती है और मैं भी मुस्कुराता हूँ।

यही मेरी जिंदगी है अब।

एक पति जो अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ खुश देखकर खुश होता है।

और मुझे इसमें कोई शर्म नहीं, कोई पछतावा नहीं।

बस प्यार है, खुशी है, और संतोष है। आप कमेंट में बताये की क्या मैंने कुछ गलत किया?

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

2 thoughts on “मेरे सामने मेरी वाइफ अपने एक्स बॉयफ्रेंड से चुदवाई”

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