अपनी दो रंडी ममेरी बहनों को चोदने का मौका मिला

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मैं आपको अपनी जिंदगी की सबसे यादगार और सुखद रात की कहानी सुनाने जा रहा हूं। मेरा नाम नागेंद्र यादव है।

मैं अंधेरी, मुंबई का रहने वाला हूं। अभी मैं 19 साल का हूं और मेरी हाइट 5 फीट 11 इंच है।

मैं रोज जिम जाता हूं जिसकी वजह से मैं काफी स्ट्रॉन्ग और मस्कुलर बन गया हूं।

तीन साल पहले मैंने एक बार अपने लंड को बड़ा करने की दवा खाई थी जो मुझ पर कमाल कर गई।

मेरे लंड का साइज 6 इंच से बढ़कर 10.6 इंच का हो गया। अब मेरे पास एक विशालकाय और मोटा लंड है जो किसी भी औरत को पागल बना दे।

मेरे मामा की दो बेटियां हैं और दोनों ही रंडी हैं। मैं यह नहीं कह सकता कि कोई ऐसा पड़ोसी होगा जिसने उन्हें ना चोदा हो।

एक का नाम राधा है जिसकी उम्र 26 साल है और दूसरी का नाम अनुराधा है जिसकी उम्र 23 साल है।

राधा की चूचियां 34 साइज की हैं और अनुराधा की 36 साइज की हैं। उनकी गांड भी इसी तरह 32 और 40 साइज की है।

राधा की कमर थोड़ी पतली है जबकि अनुराधा की कमर थोड़ी मोटी और भरपूर है।

जब भी मैं अपने दोस्तों से सुनता था कि उन्होंने राधा और अनुराधा को चोदा है, तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था उन्हें चोदने के लिए।

मैं रात-रात भर उनके बारे में सोचता और अपने लंड को सहलाता था।

मैंने फैसला किया कि मुझे अपनी दो रंडी ममेरी बहनों को चोदने का मौका मिला ही चाहिए।

मैंने उन्हें पटाने का प्लान बनाया। पहले मैंने उन दोनों के साथ अपना रिश्ता मजबूत करना शुरू किया।

मैं अक्सर उनके घर जाता था और उनके साथ वक्त बिताता था। राधा बड़ी थी इसलिए थोड़ी शर्मीली थी, लेकिन अनुराधा बहुत खुली-खुली और बोल्ड थी।

एक दिन मैंने देखा कि दोनों बहनें छत पर कपड़े सुखा रही थीं।

मैं भी छत पर चला गया। राधा ने साड़ी पहनी हुई थी और उसकी नाभि दिख रही थी।

अनुराधा ने सूट पहना था और उसके बूब्स बाहर निकलने को तरस रहे थे।

मैंने उनसे बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे मजाकिया अंदाज में बातें करने लगा।

मैंने राधा को कहा, “दीदी, तुम तो बहुत खूबसूरत हो। तुम्हारे पति को तो बहुत नसीब है जो तुम जैसी हसीना को पा गया।”

राधा शर्मा गई और बोली, “अरे छोटे, तू भी ना…”

मैंने कहा, “सच कह रहा हूं दीदी, तुम्हारी कमर तो देखते ही बंदूक खड़ी हो जाती है।”

यह सुनकर अनुराधा हंस पड़ी और बोली, “अरे वाह, नागेंद्र, तू तो बड़ा शरारती हो गया है।”

मैंने अनुराधा से कहा, “तुम दोनों बहनों की जोड़ी तो जन्नत से कम नहीं है। अगर कोई तुम दोनों को एक साथ पा ले तो उसकी जिंदगी धन्य हो जाए।”

अनुराधा ने आंख मारते हुए कहा, “अच्छा, तो तू भी वही सोच रहा है जो बाकी लड़के सोचते हैं?”

मैंने हां में सिर हिलाया और कहा, “लेकिन मैं उन लड़कों से अलग हूं, मेरे पास कुछ खास है जो उनके पास नहीं है।”

उन दिनों मैंने उन दोनों के साथ बहुत घुलना-मिलना शुरू कर दिया।

मैं उनके लिए उपहार लाता, उनकी मदद करता, और उनसे दिल की बातें करता।

धीरे-धीरे हम तीनों के बीच एक अजीब सा रिश्ता बन गया।

वे दोनों मुझे अपना छोटा भाई मानती थीं लेकिन मेरे बर्ताव में वो अपने लिए एक पुरुष को महसूस करने लगी थीं।

एक रात जब मामा-मामी बाहर गए हुए थे, मैं उनके घर रुका।

हम तीनों छत पर बैठकर बातें कर रहे थे। मौसम बहुत सुहाना था, हल्की हवा चल रही थी और चांदनी रात थी।

राधा ने कहा, “आज तो मजा आ रहा है, इतना अच्छा मौसम है।”

मैंने कहा, “हां दीदी, और अगर तुम दोनों साथ हो तो मौसम और भी खूबसूरत लगता है।”

अनुराधा ने मुझे चुटकी लेते हुए कहा, “अच्छा, तो हमारी वजह से मौसम खूबसूरत लगता है?”

मैंने कहा, “बिल्कुल, तुम दोनों की खूबसूरती के सामने तो चांद भी फीका पड़ जाता है।”

यह सुनकर दोनों बहनें हंस पड़ीं। मैंने धीरे से राधा का हाथ पकड़ लिया। वह पहले तो हिचकिचाई, लेकिन फिर शांत हो गई। फिर मैंने अनुराधा का भी हाथ पकड़ लिया।

मैंने कहा, “मैं तुम दोनों से बहुत प्यार करता हूं। मैं चाहता हूं कि आज हम तीनों एक दूसरे के करीब आएं।”

राधा ने कहा, “लेकिन नागेंद्र, यह ठीक नहीं है, हम तेरी बहनें हैं…”

मैंने उसके होठों पर उंगली रखते हुए कहा, “शांत रहो दीदी, प्यार में कोई रिश्ता नहीं होता। बस आज की रात हमारी है।”

इतना कहकर मैंने राधा को अपनी बाहों में भर लिया और उसके होठों पर अपने होठ रख दिए।

पहले तो वह विरोध करने की कोशिश की, लेकिन फिर वह भी मेरे साथ देने लगी।

हमारे बीच गहरा लिप किस शुरू हो गया। मैं उसकी जीभ को अपने मुंह में खींच रहा था और वह भी मेरी जीभ को चूस रही थी।

यह एक लंबा स्मूच किस था जिसमें हम दोनों एक दूसरे की सांसों में समा रहे थे।

अनुराधा यह सब देख रही थी और उसकी सांसें तेज हो गई थीं।

मैंने राधा से अलग होकर अनुराधा को अपनी ओर खींचा और उसके भी होठों को चूमना शुरू कर दिया।

अनुराधा तो बिल्कुल आग की तरह गरम हो चुकी थी।

वह मेरे मुंह को अपने मुंह में भरकर चूस रही थी। हमारी जीभें आपस में लड़ रही थीं और एक दूसरे का रस पी रही थीं।

कुछ देर बाद मैंने दोनों को एक साथ अपनी बाहों में भर लिया। मैं एक बार राधा के होठ चूमता तो दूसरी बार अनुराधा के।

फिर मैंने दोनों को एक साथ खड़ा किया और उनके बीच में खड़ा होकर दोनों के गालों पर, गर्दन पर किस करने लगा।

मेरे हाथ उनकी पीठ पर घूम रहे थे और धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ रहे थे।

मैंने राधा की साड़ी का पल्लू खींचा और उसके ब्लाउज के ऊपर से ही उसकी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया।

राधा की चूचियां 34 साइज की थीं लेकिन बहुत टाइट और उभरी हुई थीं।

मैंने उसके निप्पलों को अपनी उंगलियों से मसलना शुरू किया। राधा की सांसें तेज हो गईं और वह आहें भरने लगी।

दूसरी तरफ अनुराधा खुद ही मेरे शर्ट के बटन खोलने लगी। उसने मेरी शर्ट उतार दी और मेरे मस्कुलर चेस्ट को देखकर उसकी आंखें चौड़ी हो गईं।

वह मेरे निपल्स को चूमने लगी और मेरे सीने पर किस करने लगी। मेरा लंड तो पहले ही खड़ा हो चुका था और मेरे पैंट में एक तंबू बना हुआ था।

अनुराधा ने मेरे पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड को पकड़ लिया और बोली, “वाह, यह तो बहुत बड़ा है। मेरे पति का तो इसका आधा भी नहीं है।”

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “आज तुम्हें इसका पूरा मजा दूंगा।”

मैंने राधा का ब्लाउज खोल दिया। उसने ब्रा नहीं पहनी थी और उसकी चूचियां बाहर निकल आईं।

उसके गोल-गोल बूब्स और बीच में भूरे रंग के निप्पल मुझे पागल बना रहे थे।

मैंने राधा की एक चूची को पकड़कर उसके निप्पल को मुंह में ले लिया और चूसने लगा।

राधा ने मेरे सिर को अपनी चूची पर दबा दिया और बोली, “और जोर से चूसो, पूरा दूध पी जाओ मेरा।”

मैं राधा की चूची को जोर-जोर से चूस रहा था और उसके दूध को पीने की कोशिश कर रहा था।

दूसरी तरफ अनुराधा ने मेरे पैंट का नाड़ा खोल दिया और मेरा लंड बाहर निकाल लिया।

जब उसने मेरा 10.6 इंच का लंड देखा तो वह हैरान रह गई।

वह बोली, “यह तो मेरी बुर में पूरा समा जाएगा और बाहर भी निकलेगा।”

अनुराधा ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और उसे सहलाने लगी। फिर वह नीचे बैठ गई और मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया।

वह मेरे लंड को बड़े चाव से चूस रही थी।

वह मेरे लंड के टोपे को अपनी जीभ से चाट रही थी और फिर पूरा लंड अपने गले तक ले जा रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

राधा भी अब पूरी तरह गरम हो चुकी थी। उसने अपनी साड़ी उतार दी और पेटीकोट भी उतार दिया।

वह सिर्फ पैंटी में खड़ी थी। मैंने उसकी पैंटी भी नीचे खींच दी और उसकी बुर को देखा।

उसकी बुर पूरी तरह से भरपूर थी और उस पर थोड़े-थोड़े बाल थे। मैंने उसकी बुर को चाटना शुरू कर दिया।

राधा की बुर बहुत रसीली थी। मैंने अपनी जीभ उसकी बुर के अंदर डाल दी और उसके क्लिटोरिस को चाटने लगा।

राधा पागलों की तरह चीख रही थी, “आह… हां… और जोर से चाटो… बहुत मजा आ रहा है…” मैं उसकी बुर को चूस रहा था और उसका रस पी रहा था।

अनुराधा भी मेरे लंड को चूस रही थी और मेरे अंडकोषों को भी अपने हाथों से दबा रही थी।

मैं एक तरफ राधा की बुर चाट रहा था और दूसरी तरफ अनुराधा मेरा लंड चूस रही थी।

हम तीनों एक दूसरे के शरीर का पूरा आनंद ले रहे थे।

कुछ देर बाद मैंने राधा को नीचे लिटा दिया और उसकी टांगें फैला दीं।

उसकी बुर पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और उसमें से पानी टपक रहा था।

मैंने अपने लंड को उसकी बुर के मुंह पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा।

मेरा आधा लंड उसकी बुर में घुस गया और राधा चीख पड़ी, “आह… बहुत बड़ा है… धीरे करो…”

मैंने धीरे-धीरे अपने लंड को अंदर-बाहर करना शुरू किया। राधा की बुर बहुत टाइट थी लेकिन मेरे बड़े लंड को वह समा रही थी।

मैंने उसकी टांगों को अपने कंधों पर रख लिया और जोर-जोर से धक्के मारने लगा।

राधा की चूचियां हर धक्के के साथ उपर-नीचे हो रही थीं और मैं उन्हें देखकर और जोश में आ रहा था।

अनुराधा भी नंगी हो चुकी थी। उसने राधा की चूचियों को पकड़ लिया और उनके निप्पलों को चूसने लगी।

राधा को दो तरफ से मजा मिल रहा था – नीचे से मैं उसकी बुर चोद रहा था और ऊपर से अनुराधा उसकी चूचियां चूस रही थी।

यह एक असली थ्रीसम का मजा था।

मैंने राधा को डॉगी स्टाइल में घुटनों के बल बैठने को कहा। वह घुटनों के बल हो गई और अपनी गांड मेरी तरफ उठा दी।

मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारा और फिर उसकी बुर में अपना लंड घुसा दिया।

इस बार पूरा लंड एक ही बार में अंदर चला गया। राधा की चीखें निकल रही थीं लेकिन वह मजा भी ले रही थी।

मैं राधा की बुर को पीछे से चोद रहा था और अनुराधा उसके नीचे लेटकर उसकी चूचियों को चूस रही थी।

फिर अनुराधा राधा की बुर के नीचे आ गई और मेरे लंड को चाटने लगी जब वह राधा की बुर में अंदर-बाहर हो रहा था।

अनुराधा मेरे लंड को और राधा की बुर दोनों को एक साथ चाट रही थी।

इसके बाद मैंने अनुराधा को बुलाया और उसे लिटा दिया। अब मेरी बारी अनुराधा की बुर चोदने की थी।

अनुराधा की बुर थोड़ी मोटी और बड़ी थी। मैंने उसकी टांगें फैलाईं और अपने लंड को उसकी बुर पर रखा।

एक जोरदार धक्के के साथ मैंने अपना पूरा लंड उसकी बुर में उतार दिया।

अनुराधा चीख उठी, “आह… मर गई… इतना बड़ा लंड… बहुत गहरा जा रहा है…”

मैंने उसे शांत रहने को कहा और धीरे-धीरे अपने लंड को अंदर-बाहर करने लगा।

अनुराधा की बुर बहुत गरम और रसीली थी। वह मेरे हर धक्के का जवाब अपनी कमर उठाकर दे रही थी।

राधा अब उठकर अनुराधा के पास बैठ गई और उसकी चूचियों को चूसने लगी।

राधा अनुराधा के निप्पलों को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी और अनुराधा मजे से कराह रही थी।

मैं नीचे से अनुराधा की बुर चोद रहा था और राधा ऊपर से उसकी चूचियां चूस रही थी।

हमने पोजीशन बदली। मैं नीचे लेट गया और अनुराधा मेरे ऊपर बैठ गई। उसने मेरा लंड अपने हाथ में लिया और अपनी बुर में घुसा लिया।

अब वह मेरे ऊपर उछल-कूद कर रही थी और मेरा लंड उसकी बुर में पूरा अंदर-बाहर हो रहा था।

राधा भी हमारे पास आ गई और अनुराधा की गांड सहला रही थी।

फिर राधा ने अनुराधा की जगह ले ली। राधा मेरे ऊपर बैठी और मेरे लंड को अपनी बुर में ले लिया।

वह धीरे-धीरे कूद रही थी और मजे ले रही थी। अनुराधा ने अपनी बुर राधा के मुंह पर रख दी और राधा उसे चाटने लगी।

यह एक अद्भुत नजारा था – मैं नीचे से राधा की बुर चोद रहा था और राधा ऊपर से अनुराधा की बुर चाट रही थी।

हमने काउगर्ल पोजीशन भी ट्राई की। अनुराधा मेरे ऊपर बैठी और मेरे लंड को अपनी बुर में लिए हुए आगे-पीछे हो रही थी।

उसकी चूचियां मेरे चेहरे के ऊपर थीं और मैं उन्हें चूस रहा था।

राधा पीछे से अनुराधा की गांड को सहला रही थी और कभी-कभी मेरे अंडकोषों को भी चूम लेती थी।

फिर हमने स्पून पोजीशन ट्राई की। मैं पीछे से अनुराधा को गले लगाकर उसकी बुर में अपना लंड डालकर चोद रहा था।

राधा सामने खड़ी होकर अनुराधा के मुंह में अपनी चूची डाल रही थी। अनुराधा राधा की चूची चूस रही थी और मैं पीछे से उसकी बुर चोद रहा था।

हमने स्टैंडिंग पोजीशन भी की। मैंने अनुराधा को दीवार से सटाकर खड़ा किया और उसकी एक टांग उठाकर उसकी बुर में अपना लंड डाल दिया।

राधा ने उसकी दूसरी टांग पकड़ ली ताकि अनुराधा संतुलन न खो दे। मैं जोर-जोर से धक्के मार रहा था और अनुराधा की चीखें छत पर गूंज रही थीं।

इसके बाद हमने रिवर्स काउगर्ल पोजीशन ट्राई की। राधा मेरे ऊपर बैठी लेकिन पीछे की तरफ मुंह किए हुए।

मैं उसकी गांड देखकर उसे चोद रहा था और अनुराधा मेरे पैरों के पास बैठकर मेरे अंडकोषों को चूस रही थी और राधा की बुर को भी चाट रही थी जहां मेरा लंड अंदर-बाहर हो रहा था।

हम तीनों पसीने में नहा चुके थे लेकिन हमारा जोश कम नहीं हो रहा था।

मैंने दोनों बहनों को एक साथ लिटाया और उनकी टांगें फैला दीं। मैं एक-एक करके दोनों की बुर चोद रहा था।

पहले राधा की बुर में धक्के मारता फिर अनुराधा की बुर में।

दोनों बहनें एक दूसरे के शरीर को सहला रही थीं और किस कर रही थीं।

मैंने दोनों को 69 पोजीशन में लेटा दिया। राधा नीचे थी और अनुराधा उसके ऊपर।

वे एक दूसरे की बुर चाट रही थीं। मैंने अपना लंड राधा की बुर में डाला और अनुराधा की बुर को अपने हाथों से सहलाने लगा।

फिर मैंने अपना लंड अनुराधा की बुर में डाल दिया और राधा की बुर को चाटने लगा।

हमने और भी कई पोजीशन ट्राई कीं – मिशनरी, डॉगी स्टाइल, काउगर्ल, स्पून, स्टैंडिंग, और भी बहुत कुछ।

मैं दोनों बहनों की बुर को बारी-बारी से चोद रहा था और वे दोनों मजे से चीख रही थीं।

आखिर में मैंने दोनों को अपने सामने घुटनों के बल बैठने को कहा।

दोनों बहनें घुटनों के बल हो गईं और अपने मुंह खोल दिए।

मैंने अपने लंड को हिलाना शुरू किया और कुछ ही देर में मेरा पानी निकलने वाला था।

मैंने राधा के मुंह में अपना वीर्य छोड़ दिया और फिर बचा हुआ अनुराधा के मुंह में।

दोनों ने मेरे वीर्य को बड़े चाव से पिया और एक-एक बूंद चाटकर खत्म कर दी।

इसके बाद हम तीनों एक दूसरे से लिपटकर लेट गए।

हमारी सांसें तेज चल रही थीं और हम तीनों बहुत संतुष्ट थे।

राधा ने कहा, “नागेंद्र, तू तो कमाल है। मैंने आज तक इतना मजा नहीं लिया।”

अनुराधा ने भी कहा, “हां, तेरा लंड तो बहुत शक्तिशाली है। हम दोनों को पूरी तरह संतुष्ट कर दिया।”

मैंने दोनों को अपनी बाहों में भर लिया और कहा, “आज की रात हम तीनों के बीच हमेशा याद रहेगी। मैं तुम दोनों से बहुत प्यार करता हूं।” हम तीनों एक दूसरे को किस करते रहे और एक दूसरे के शरीर को सहलाते रहे।

अचानक हमने नीचे से किसी के आने की आवाज सुनी।

जब हमने नीचे देखा तो मेरी मामी वहां खड़ी थीं और वह हम तीनों को इस हालत में देखकर हैरान रह गईं।

उन्होंने देखा कि हम तीनों नंगे हैं और एक दूसरे से लिपटे हुए हैं।

मामी ने गुस्से में कहा, “यह क्या हो रहा है? नागेंद्र, तू और मेरी दोनों बेटियां…” लेकिन फिर उनका गुस्सा शांत हो गया जब उन्होंने देखा कि हम तीनों कितने खुश हैं।

राधा ने मामी को समझाया, “मां, हम तीनों एक दूसरे से प्यार करते हैं। नागेंद्र ने हम दोनों को बहुत खुशी दी है।”

मामी ने मेरे लंड को देखा जो अभी भी मोटा और तना हुआ था।

उनकी आंखों में एक अजीब सी चमक दिखी।

उन्होंने कहा, “तो तू अपनी दोनों बहनों को चोद रहा था?” मैंने शरमाते हुए हां में सिर हिलाया।

मामी ने मुस्कुराते हुए कहा, “अच्छा, तो अगर मैं भी शामिल हो जाऊं तो?” यह सुनकर हम तीनों हैरान रह गए।

राधा और अनुराधा ने मामी को खींच लिया और कहा, “हां मां, आप भी आ जाइए। नागेंद्र का लंड इतना बड़ा है कि हम तीनों को एक साथ संतुष्ट कर सकता है।”

मैंने मामी को अपनी ओर खींचा और उनके होठों पर किस कर दिया।

वह पहले तक शर्माई लेकिन फिर मेरे साथ देने लगीं। राधा और अनुराधा ने मामी के कपड़े उतारने में मेरी मदद की।

जल्द ही मामी भी नंगी हो गईं और हम चारों एक दूसरे से लिपटकर छत पर ही लेट गए।

मैंने सोचा कि अब तो असली मजा आएगा जब मैं अपनी मामी को भी चोदूंगा।

मामी की चूचियां और भी बड़ी थीं, करीब 38 साइज की।

उनकी बुर भी भरपूर थी और उसमें अनुभव की गहराई थी।

मैंने मामी की बुर में अपनी उंगली डाली और उसे गीला करना शुरू कर दिया।

राधा और अनुराधा मामी की चूचियों को चूस रही थीं और मैं मामी की बुर चाट रहा था।

मामी की सांसें तेज हो गईं और वह बोलीं, “आह… नागेंद्र… तू तो बहुत शरारती है… जल्दी से अपना लंड डाल मेरी बुर में…”

मैंने मामी की टांगें फैलाईं और अपने बड़े लंड को उनकी बुर के मुंह पर रखा।

एक जोरदार धक्के के साथ मैंने अपना पूरा लंड मामी की बुर में घुसा दिया।

मामी चीख पड़ीं, “आह… बहुत बड़ा है… धीरे करो…” लेकिन मैंने उन्हें धीरे-धीरे अपने धक्कों की गति बढ़ा दी।

राधा और अनुराधा मामी की चूचियों को चूस रही थीं और मैं मामी की बुर चोद रहा था।

मामी पूरी तरह से मजे में थीं और बोली जा रही थीं, “हां… और जोर से… मुझे पूरा चोद दे… आज तक मैंने इतना मोटा लंड नहीं लिया…”

हम चारों एक दूसरे के शरीर का पूरा आनंद ले रहे थे।

मैं बारी-बारी से मामी, राधा और अनुराधा की बुर चोद रहा था।

तीनों औरतें मजे से कराह रही थीं और एक दूसरे को किस कर रही थीं।

यह एक अद्भुत रात थी जो मैं कभी नहीं भूलूंगा।

आखिर में मैंने तीनों के मुंह में अपना वीर्य छोड़ा और उन्होंने बड़े चाव से पिया।

हम चारों एक दूसरे से लिपटकर छत पर ही सो गए।

अगली सुबह जब हम उठे तो मामी ने कहा, “आज से तू हर रोज यहीं आएगा और हम तीनों को चोदेगा।”

मैंने खुशी से हां कर दी और उन्हें फिर से किस किया।

तो यह थी मेरी कहानी जब मुझे अपनी दो रंडी ममेरी बहनों को चोदने का मौका मिला और फिर मामी भी हमारे साथ शामिल हो गईं।

अब तो हम चारों रोज मिलकर चुदाई का मजा लेते हैं और एक दूसरे को पूरा संतुष्ट करते हैं।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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