मैंने पड़ोसन भाभी को मस्ती के साथ चोदा

desi padosan bhabhi sex kahani

यह कहानी प्रलव की है, जिसकी पत्नी नैना गर्भवती होने के कारण उसे शारीरिक संबंध बनाने से मना कर देती है। प्रलव एक नए घर में शिफ्ट होता है जहाँ उसकी मुलाकात पड़ोस में रहने वाली निषा से होती है, जो अपने पति के विदेश जाने के बाद अकेली रहती है। धीरे-धीरे दोनों के बीच नज़दीकियाँ बढ़ती हैं और अंततः वे शारीरिक संबंध बनाते हैं।

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम प्रलव है और मैं इंदौर, मध्य प्रदेश का रहने वाला हूँ।

मेरी उम्र 28 साल है और मैं एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत हूँ।

मेरे लंड की लंबाई 7.5 इंच है और मोटाई 3 इंच है जो किसी भी औरत को पूरी तरह से संतुष्ट कर सकता है।

ये कहानी मेरी और मेरी पड़ोसन निषा भाभी की है।

यह घटना 3 महीने पहले की है जब मैं अपने नए घर में शिफ्ट हुआ था।

मेरी पत्नी नैना गर्भवती थी, इसलिए डॉक्टर ने उसे शारीरिक संबंध बनाने से मना किया था।

मैं लगभग 4 महीने से चूत के लिए तरस रहा था।

हम लोगों ने एक नए सोसाइटी में फ्लैट खरीदा था। मेरे घर के ठीक बगल में निषा भाभी रहती थीं।

उनकी उम्र 30 साल थी लेकिन वो दिखती 24-25 साल की थीं।

उनका रंग गेहुआं था, आँखें बड़ी-बड़ी और होंठ मोटे-मोटे।

उनके दूध इतने बड़े और गोल थे कि कोई भी देखकर पागल हो जाए।

उनकी कमर पतली और गांड बहुत मोटी थी।

उनका पति ध्रुवित एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था और वो 6 महीने पहले ही दुबई शिफ्ट हो गया था। निषा अकेली रहती थी।

एक दिन शनिवार को मैं अपने घर की बालकनी में खड़ा था।

तभी मेरी नज़र निषा भाभी पर पड़ी। वो अपने घर के बरामदे में झाड़ू लगा रही थीं।

उन्होंने नीले रंग की साड़ी पहनी हुई थी जो बहुत ही सेक्सी लग रही थी।

उनकी नाभि दिख रही थी और उनके दूध साड़ी के ब्लाउज में कसे हुए थे।

जब वो झुककर झाड़ू लगा रही थीं, तो उनके ब्लाउज से उनके गोल दूध झाँक रहे थे।

मैं उन्हें देखता ही रह गया। मेरा लंड पैंट में खड़ा हो गया।

मैंने सोचा कि ये तो कमाल की औरत है। ये अगर चोदने को मिल जाए तो मज़ा ही आ जाए।

अगले दिन मैंने सुबह-सुबह जानबूझकर अपने घर का दरवाज़ा खुला रखा।

मैं जानता था कि निषा भाभी सुबह 8 बजे कूड़ा फेंकने आती हैं।

जैसे ही वो आईं, मैंने उन्हें देखा और कहा, “नमस्ते भाभी, मैं प्रलव, आपके पड़ोस में रहता हूँ।”

निषा भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा, “नमस्ते, मैं निषा।”

मैंने कहा, “भाभी, आप बहुत खूबसूरत हैं।”

निषा भाभी शर्मा गईं और बोलीं, “अरे प्रलव जी, आप भी कमेंट कर रहे हैं।”

मैंने कहा, “नहीं भाभी, सच कह रहा हूँ। आपके पति बहुत लकी हैं जिन्हें आप जैसी पत्नी मिली है।”

निषा भाभी का चेहरा उतर गया।

उन्होंने कहा, “पति तो विदेश में हैं, 6 महीने से अकेली हूँ।”

मैंने कहा, “ओह, मुझे माफ़ करें भाभी, मुझे नहीं पता था।”

निषा भाभी ने कहा, “कोई बात नहीं। अगर कभी ज़रूरत हो तो बता देना, पड़ोसी हूँ ना।”

मैंने कहा, “ज़रूर भाभी।”

उसके बाद मैं रोज़ सुबह-सुबह अपने घर के बाहर आकर निषा भाभी का इंतज़ार करता।

जब वो आतीं, तो हम बातें करते। धीरे-धीरे हमारी दोस्ती हो गई।

एक दिन मैंने निषा भाभी से कहा, “भाभी, कल शाम को मेरे घर आ जाएए, मेरी पत्नी आपसे मिलना चाहती है।”

निषा भाभी ने कहा, “ठीक है प्रलव जी, मैं आ जाऊँगी।”

अगले दिन शाम को निषा भाभी मेरे घर आईं।

उन्होंने गुलाबी रंग का सूट पहना हुआ था जो बहुत ही सेक्सी लग रहा था।

उनके दूध सूट में कसे हुए थे और उनकी गांड बहुत मोटी लग रही थी।

मेरी पत्नी नैना ने उनका स्वागत किया। हम तीनों बैठकर बातें करने लगे।

बातों-बातों में निषा भाभी ने कहा, “नैना, तुम बहुत लकी हो कि तुम्हें प्रलव जैसा पति मिला है। वो तो बहुत हैंडसम हैं।”

नैना ने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ भाभी, लेकिन अभी मैं गर्भवती हूँ, इसलिए हमारे बीच वो सब नहीं हो पाता।”

निषा भाभी ने कहा, “ओह, मुझे समझ में आया। प्रलव जी, इसलिए तुम रोज़ सुबह मुझसे बातें करते हो।”

मैंने शरारती अंदाज़ में कहा, “हाँ भाभी, आपसे बात करके ही दिन अच्छा जाता है।”

निषा भाभी ने मुझे एक शरारती नज़र से देखा।

मैं समझ गया कि भाभी तैयार हैं।

कुछ देर बाद नैना सोने चली गई।

निषा भाभी ने कहा, “प्रलव जी, मैं भी चलती हूँ।”

मैंने कहा, “रुकिए ना भाभी, थोड़ी देर और बैठिए।”

निषा भाभी रुक गईं।

मैंने उनके पास जाकर बैठ गया और हल्के से उनके हाथ पर हाथ रख दिया।

“भाभी, मैं आपको बहुत पसंद करने लगा हूँ,” मैंने कहा।

निषा भाभी ने कहा, “प्रलव जी, ये ठीक नहीं है। तुम्हारी पत्नी घर में ही है।”

“पत्नी सो रही है भाभी, और वैसे भी वो 4 महीने से मना कर रही है,” मैंने कहा।

निषा भाभी ने कहा, “लेकिन फिर भी…”

मैंने उनका चेहरा उठाया और उनके होंठों पर चूमा।

निषा भाभी ने पहले तो विरोध किया, लेकिन फिर वो भी रिस्पांड करने लगीं।

मैंने उनके सूट के ऊपर से ही उनके दूधों को दबाना शुरू कर दिया।

वो इतने मुलायम थे कि मेरा लंड पैंट में तनकर खड़ा हो गया।

“आह्ह्ह… प्रलव… धीरे…” निषा भाभी ने कहा।

मैंने उनके सूट का कुर्ता उठाया और उनके पेट पर चूमना शुरू कर दिया।

फिर मैंने उनकी सलवार का नाड़ा खोल दिया।

“प्रलव, प्लीज़… यहाँ नहीं… कहीं और चलते हैं,” निषा भाभी ने कहा।

मैंने उन्हें उठाया और अपने बेडरूम में ले गया जहाँ नैना सो रही थी, लेकिन हम बाथरूम में चले गए।

बाथरूम में मैंने निषा भाभी को दीवार से सटाया और उनके होंठों पर ज़ोर-ज़ोर से चूमने लगा।

वो भी मेरा साथ दे रही थीं। उन्होंने अपने हाथ मेरी पीठ पर फेरे।

मैंने उनका कुर्ता उतार दिया। अब वो सिर्फ ब्रा और सलवार में थीं।

उनके गोल-गोल दूध ब्रा में कसे हुए थे। मैंने उनकी ब्रा के हुक खोल दिए और उनके दूध बाहर आ गए।

“वाह भाभी, क्या दूध हैं आपके,” मैंने कहा और एक दूध को मुँह में ले लिया।

“उम्म्म… प्रलव… और ज़ोर से चूसो…” निषा भाभी ने आँखें बंद करते हुए कहा।

मैंने दूसरे हाथ से उनकी दूसरी चूची को भी दबाना शुरू कर दिया।

उनके निप्पल कड़क हो चुके थे। मैं उन्हें चूस रहा था और काट रहा था।

फिर मैंने नीचे झुककर उनकी सलवार नीचे खींची।

उन्होंने अंदर गुलाबी रंग की पैंटी पहनी हुई थी।

मैंने उसे भी उतार दिया। अब निषा भाभी पूरी नंगी थीं।

उनकी बुर बिल्कुल साफ थी, एक भी बाल नहीं था।

वो गुलाबी रंग की थी और गीली हो चुकी थी।

मैंने उनके पैर फैलाए और उनकी बुर को चाटने लगा।

“आह्ह्ह… हाँ… और ज़ोर से चाटो…” निषा भाभी चीख उठीं।

मैंने अपनी जीभ उनकी बुर के अंदर डाल दी और चाटने लगा।

उनकी बुर से पानी निकल रहा था जो मैं पी रहा था। उनका स्वाद बहुत अच्छा था।

“ओह प्रलव… बहुत मज़ा आ रहा है…” निषा भाभी ने कहा।

मैंने उनकी बुर को अच्छी तरह से चाटा और फिर खड़ा हो गया।

मैंने अपने कपड़े उतार दिए। मेरा 7.5 इंच का लंड खड़ा था जिसे देखकर निषा भाभी की आँखें खुली रह गईं।

“इतना बड़ा लंड?” निषा भाभी ने कहा।

“हाँ भाभी, ये आपकी बुर को पूरी तरह से संतुष्ट करेगा,” मैंने कहा।

निषा भाभी ने मेरा लंड हाथ में लिया और उसे सहलाने लगीं।

फिर वो नीचे झुकीं और उसे अपने मुँह में ले लिया।

“उम्म्म… ग्लुप…” वो मेरा लंड चूस रही थीं।

उन्होंने उसे पूरा गले तक ले लिया। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

मैंने उनके सिर को पकड़कर अपने लंड पर दबाया।

“और ज़ोर से चूसो भाभी…” मैंने कहा।

निषा भाभी तेज़ी से मेरा लंड चूस रही थीं।

उन्होंने मेरे अंडों को भी चूमा।

फिर मैंने उन्हें खड़ा किया और उनके पैर फैलाए।

मैंने अपने लंड को उनकी बुर के मुँह पर रखा और धीरे से अंदर धकेलना शुरू किया।

“उफ्फ्फ… बहुत मोटा है… धीरे करो…” निषा भाभी ने दर्द से चीखते हुए कहा।

मैंने उनके होठों पर चूमा और धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया।

निषा भाभी की बुर बहुत टाइट थी क्योंकि उन्हें 6 महीने से कोई नहीं चोद रहा था।

“आह्ह्ह… प्रलव… तुम्हारा बहुत बड़ा है…” निषा भाभी ने कहा।

मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए।

निषा भाभी की बुर से आवाज़ें आ रही थीं “फच… फच… फच…” मैं उनके दूधों को भी दबा रहा था।

थोड़ी देर बाद निषा भाभी को भी मज़ा आने लगा। उन्होंने अपनी कमर उठानी शुरू कर दी।

“हाँ… और ज़ोर से… चोदो मुझे…” निषा भाभी चीखने लगीं।

मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब मैं पूरे ज़ोर से निषा भाभी की बुर चोद रहा था।

उनके दूध इतनी तेज़ी से हिल रहे थे कि देखने में बहुत मज़ा आ रहा था।

“भाभी, आपके दूध बहुत अच्छे हैं,” मैंने कहते हुए उन्हें और ज़ोर से दबाया।

“आह्ह्ह… हाँ… और ज़ोर से चोदो… मेरी बुर फाड़ दो…” निषा भाभी चीख रही थीं।

लगभग 25 मिनट तक मैंने निषा भाभी की बुर चोदी।

फिर मैंने उन्हें घुमाकर कुत्ते की तरह बना दिया। अब मैं पीछे से उनकी बुर में अपना लंड डालकर चोदने लगा।

“ओह्ह्ह… ये पोज़िशन और भी अच्छी है…” निषा भाभी ने कहा।

मैंने उनकी कमर पकड़ी और ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए।

उनकी गांड बहुत मोटी थी और मेरे धक्कों से वो हिल रही थी। मैंने एक हाथ से उनकी गांड भी थपथपानी शुरू कर दी।

“आह्ह्ह… हाँ… मारो… और ज़ोर से…” निषा भाभी चीख रही थीं।

मैंने लगभग 20 मिनट तक उन्हें इसी पोज़िशन में चोदा। फिर मैं झड़ने वाला था। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और निषा भाभी के मुँह में डाल दिया।

निषा भाभी ने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया। मैंने अपना सारा माल उनके मुँह में निकाल दिया। निषा भाभी ने सब कुछ पी लिया और फिर मेरे लंड को चाट-चाटकर साफ कर दिया।

“कैसा लगा भाभी?” मैंने पूछा।

“बहुत मज़ा आया प्रलव, तुम्हारा लंड तो बहुत अच्छा है,” निषा भाभी ने कहा।

हम दोनों एक दूसरे से लिपटकर बाथरूम में ही लेट गए।

मैंने उनके दूधों को सहलाना शुरू कर दिया। 15 मिनट बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।

“ओह, फिर से तैयार हो गया?” निषा भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा।

“हाँ भाभी, अभी तो मैंने आपकी गांड भी मारनी है,” मैंने कहा।

“नहीं प्रलव, गांड में बहुत दर्द होता है,” निषा भाभी ने कहा।

“डरो मत भाभी, मैं आराम से करूँगा,” मैंने कहा और उन्हें उठाकर बेडरूम में ले गया।

बेडरूम में मैंने निषा भाभी को बिस्तर पर लेटा दिया और उनके पैर फैलाए। मैंने उनकी बुर में फिर से अपना लंड डाल दिया और चोदने लगा।

“आह्ह्ह… हाँ… और ज़ोर से…” निषा भाभी चीख रही थीं।

मैंने लगभग 15 मिनट तक उनकी बुर चोदी और फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला।

मैंने उनकी गांड पर तेल लगाना शुरू कर दिया।

मैंने अपनी उँगली उनकी गांड में डाली और अंदर-बाहर करने लगा।

निषा भाभी को भी मज़ा आने लगा। फिर मैंने अपने लंड को उनकी गांड के मुँह पर रखा और धीरे से अंदर धकेलना शुरू किया।

“उफ्फ्फ… बहुत मोटा है… धीरे…” निषा भाभी चीखीं।

मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड उनकी गांड में डाल दिया। वो बहुत टाइट थी। मैंने धक्के लगाने शुरू किए।

“आह्ह्ह… हाँ… अच्छा लग रहा है…” निषा भाभी ने कहा।

मैंने 15 मिनट तक उनकी गांड मारी और फिर उनकी बुर में ही झड़ गया। हम दोनों थककर बिस्तर पर लेट गए।

“भाभी, आप बहुत अच्छी हैं,” मैंने कहा।

“तुम भी कम नहीं हो प्रलव,” निषा भाभी ने कहा।

रात के 11 बजे निषा भाभी अपने घर चली गईं।

उसके बाद मैं रोज़ रात को उनके घर जाता या वो मेरे घर आती। हम दोनों खूब मज़े करते।

एक दिन निषा भाभी ने कहा, “प्रलव, कल मेरी सहेली निधि भी आएगी, वो भी अपने पति से अलग रहती है। क्या तुम उसे भी संतुष्ट कर सकते हो?”

मैंने हाँ कह दिया।

अगले दिन मैंने निषा भाभी और निधि दोनों को एक साथ चोदा। वो रात बहुत यादगार थी।

आज भी मैं निषा भाभी को चोदता हूँ और हम दोनों बहुत खुश हैं।

ये मेरी और निषा भाभी की कहानी थी।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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