sister-in-law chudai kahani
मेरा नाम नीलेश मिश्रा है। मेरी उम्र 29 साल है। मैं शिकोहाबाद, उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं।
मेरी हाइट 5 फीट 9 इंच है और दिखने में मैं काफी हैंडसम हूं। मेरी शादी को दो साल हो चुके हैं।
मेरी बीवी नीलू बहुत सेक्सी और हॉट है, लेकिन उससे भी ज्यादा हॉट उसकी बहन अर्चना है।
अर्चना के 34D साइज के दूध और 36 इंच की गांड देखकर मेरा लंड हमेशा खड़ा हो जाता था। वो जब भी घर आती, मेरे होश उड़ जाते।
उसकी चाल, उसकी मुस्कान, उसकी हर अदा में एक अलग ही नशा था।
मैंने उसे चोदने का प्लान बनाया, लेकिन यह कोई आसान काम नहीं था। मुझे धैर्य रखना पड़ा, मौके का इंतजार करना पड़ा।
मौका तब आया जब नीलू को अपने मायके जाना पड़ा किसी जरूरी काम से, और अर्चना हमारे यहां रुक गई कुछ दिनों के लिए।
यही वो समय था जब मैंने अपनी योजना पर अमल किया।
मैंने घर का माहौल ही ऐसा बनाया कि अर्चना को मेरे करीब आने में कोई झिझक न हो।
रोमांटिक संगीत, मोमबत्तियों की रोशनी, और मेरे बरताव में वो प्यार जो एक जीजा से ज्यादा एक प्रेमी जैसा था।
उस रात, जब पूरा घर खामोश था और बाहर बारिश हो रही थी, मैंने अर्चना को अपने कमरे में बुलाया।
वो आई, और मैंने उसे समझाया कि यह जो हमारे बीच हो रहा है, यह सिर्फ शारीरिक भूख नहीं, बल्कि दो आत्माओं का मिलन है।
उसने भी मेरे प्यार को स्वीकार किया, और फिर जो हुआ, वो मेरी जिंदगी का सबसे यादगार पल बन गया।
अब मैं तुम्हें वो रात की पूरी कहानी विस्तार से सुनाता हूं, जिसमें हर पल, हर छुअन, और हर जज्बात को मैंने जिया था…
उस रात का इंतजार मुझे महीनों से था।
जब नीलू ने मुझे बताया कि उसे अपने मायके जाना है और अर्चना कुछ दिनों के लिए हमारे यहां रुकेगी, तो मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई।
मैंने तुरंत अपनी योजना बनानी शुरू कर दी।
मैंने घर को पूरी तरह से बदल दिया।
लिविंग रूम में हल्की सी नीली रोशनी की व्यवस्था की, बेडरूम में ताजे गुलाब के फूल बिछाए, और अपने लिए एक नई सुगंधित परफ्यूम खरीदी।
मैं जानता था कि अर्चना को रोमांटिक माहौल पसंद है।
शाम को जब वो घर आई, तो मैंने उसके लिए खास खाना बनवाया।
डिनर के दौरान मैंने उससे बातें कीं, उसकी आंखों में देखा, और धीरे-धीरे अपने हाथ उसके हाथ पर रखने लगा।
वो शरमा रही थी, लेकिन मना नहीं कर रही थी।
“जीजू, आप आज बहुत अलग लग रहे हो,” उसने कहा, अपनी आंखें झुकाए।
“अर्चना, तुम्हें पता है, मैं हमेशा से तुम्हें…” मैंने अपनी बात अधूरी छोड़ दी, लेकिन मेरे हाथ उसके हाथ पर थे।
उस रात बारिश शुरू हो गई। गरजने की आवाजें आ रही थीं।
अर्चना डर गई, क्योंकि उसे बिजली की कड़क से हमेशा डर लगता था। मैंने इस मौके का फायदा उठाया।
“डरो मत, मैं हूं ना,” मैंने कहा और उसे अपने कंधे से लगा लिया।
हम लिविंग रूम में सोफे पर बैठे थे। मैंने धीरे से उसका चेहरा अपनी ओर किया।
उसकी आंखों में वो नशा था जो मुझे पागल कर रहा था।
मैंने धीरे से अपने होंठ उसके होंठों पर रखे।
“उम्म्म…” उसकी एक हल्की सी आवाज निकली।
मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया। पहले हल्का-हल्का, फिर जोर से।
लिप किस्सिंग का यह सिलसिला कई मिनटों तक चला। मेरे होंठ उसके नरम गुलाबी होंठों को चूस रहे थे।
फिर मैंने स्मूच किस्सिंग शुरू की। हम दोनों के मुंह एक दूसरे में समा गए।
मेरी जीभ उसके मुंह में घुसी और उसकी जीभ से खेलने लगी।
“जीजू… यह सही नहीं है…” वो कमजोर आवाज में बोली।
“शhhh… बस महसूस करो,” मैंने कहा और उसे और गहरा चूमा।
मैं उसके पीछे गया। यह मेरा पसंदीदा हिस्सा था। मैंने उसके बालों को एक तरफ किया और उसकी गर्दन पर होंठ रखे।
उसकी गर्दन इतनी कोमल थी, इतनी खूबसूरत। मैंने वहां किस करना शुरू किया, चूसना शुरू किया।
“आह्ह्ह… जीजू…” वो सिहर उठी।
मेरे होंठ उसकी गर्दन से होते हुए उसकी पीठ पर जा रहे थे।
मैंने उसकी पीठ पर अपने होंठों से प्यार किया। उसकी कमर इतनी पतली थी, इतनी सुंदर।
मैंने वहां भी किस किए, चूमन चाटन की।
फिर मैं नीचे गया। यह एक ऐसा हिस्सा था जिसे मैं हमेशा से छूना चाहता था।
मैंने उसकी गांड पर होंठ रखे और वहां भी प्यार किया। वो शर्म से पूरी लाल हो गई थी।
“जीजू, प्लीज… यह…” वो रुक गई।
“क्या हुआ? मैं तो बस तुमसे प्यार कर रहा हूं,” मैंने कहा और उसे बेडरूम में ले गया।
वहां मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया। वो सफेद साड़ी में इतनी खूबसूरत लग रही थी।
मैंने धीरे से उसकी साड़ी खोलनी शुरू की।
उसकी नाभि देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया था।
मैंने उसकी ब्लाउज के बटन खोले। उसके 34D साइज के दूध बाहर आने को बेकरार थे।
मैंने उसकी ब्रा उतारी और वो दोनों गोल-गोल, भारी भरकम दूध मेरे सामने थे।
उसके निप्पल गुलाबी रंग के थे, छोटे-छोटे लेकिन कड़े हो चुके थे।
मैंने उन दूध को अपने हाथों में लिया। वो कितने नरम थे, कितने मुलायम।
मैंने उन्हें दबाना शुरू किया, सहलाना शुरू किया।
फिर मैंने अपने मुंह में एक निपल्स लिया और चूसने लगा।
“ऊह्ह्ह… जीजू… ऐसे मत करो…” वो तड़प उठी।
“क्यों? मजा नहीं आ रहा?” मैंने पूछा और दूसरे निप्पल को भी चूसना शुरू कर दिया।
मैं उसके दोनों दूध को बारी-बारी से चूस रहा था, काट रहा था हल्के-हल्के।
वो पागल हो रही थी। उसकी सांसें तेज हो गई थीं।
अब मैं नीचे गया। उसकी साड़ी पूरी तरह से हटा दी। उसकी बुर अब मेरे सामने थी, सिर्फ एक छोटी सी पैंटी में।
मैंने वो भी उतार दी। उसकी बुर इतनी सुंदर थी, हल्के बालों से ढकी हुई, गुलाबी फांकों वाली।
मैंने वेजाइना लिकिंग शुरू की। मैंने अपनी जीभ उसकी बुर पर फिराई। वो पागल हो गई।
“आह्ह्ह… हां… और करो…” वो चिल्लाई।
मैंने उसकी बुर को अपने मुंह में ले लिया और वेजाइना सक करने लगा।
मैं उसकी क्लिटोरिस को चूस रहा था, उसकी फांकों में जीभ डाल रहा था। उसका पानी निकलने लगा, वो झड़ने वाली थी।
“जीजू, रुको… मैं… मैं झड़ने वाली हूं…” वो कांपते हुए बोली।
“झड़ जाओ, मेरी जान,” मैंने कहा और और जोर से चूसना शुरू कर दिया।
वो झड़ गई। उसका सारा रस मैंने पी लिया।
वो पूरी तरह से ढीली पड़ गई थी, लेकिन मैंने उसे आराम नहीं दिया।
“अब मेरी बारी,” मैंने कहा और अपने कपड़े उतारे।
मेरा लंड 9 इंच लंबा और काफी मोटा था। उसे देखकर अर्चना की आंखें खुली रह गईं।
“जीजू, यह तो बहुत बड़ा है… मुझे डर लग रहा है,” वो बोली।
“डरो मत, मैं आहिस्ता-आहिस्ता करूंगा,” मैंने कहा।
उसने मेरे लंड को सक करना शुरू की।
उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया और फिर मुंह में ले लिया।
वो उसे चूसने लगी, जीभ से चाटने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था।
“ऊह्ह्ह… हां… और चूसो…” मैं कराह उठा।
वो मेरे लंड को गहरा ले जाने लगी। उसका मुंह इतना गरम था।
मैंने उसके सिर को पकड़ा और अपना लंड उसके मुंह में अंदर-बाहर करने लगा।
कुछ देर बाद मैंने उसे रोका। अब मैं उसे चोदना चाहता था।
मैंने उसे मिशनरी पोजीशन में लिटाया। मैं उसके ऊपर आ गया।
मैंने अपने लंड को उसकी बुर पर रगड़ा और फिर धीरे से अंदर डालने लगा।
“आह्ह्ह… दर्द हो रहा है…” वो चीखी।
“थोड़ा सहन करो, फिर मजा आएगा,” मैंने कहा और धीरे से अपना पूरा लंड उसकी बुर में घुसा दिया।
वो चिल्लाई, लेकिन मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। स्मूच करते हुए मैंने उसे चोदना शुरू किया। धीरे-धीरे मेरी स्पीड बढ़ गई।
“ऊह्ह्ह… हां… जीजू… और तेज…” वो कहने लगी।
मैं उसे तेज-तेज चोद रहा था। मैंने उसके दूध को दबाना शुरू कर दिया, उन निपल्स को मसलने लगा।
फिर मैंने उन दूध को चूसना शुरू कर दिया, बारी-बारी से दोनों को।
मैं उसके होंठों को भी नहीं छोड़ रहा था। हम दोनों के मुंह एक दूसरे में थे, और मैं उसकी बुर में अपना लंड पेल रहा था।
हमारी जीभें एक दूसरे से लड़ रही थीं, और मैं उसे नीचे से जोर-जोर से धक्के दे रहा था।
“जीजू, मुझे बहुत मजा आ रहा है… और तेज चोदो…” वो पागल होकर बोली।
मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। बिस्तर की चरमराहट की आवाजें आ रही थीं।
उसकी बुर इतनी टाइट थी कि मेरा लंड पूरी तरह से घिरा हुआ था उसमें।
अब मैंने सोचा कि थोड़ा बदलाव किया जाए। मैंने उसे उठाया और एक टेबल पर बैठा दिया।
मैंने उसकी टांगें फैलाई और खड़े होकर उसकी बुर में अपना लंड डाल दिया।
यह पोजीशन बहुत गहरी थी।
मेरा लंड उसकी बुर के सबसे अंदर तक जा रहा था।
वो चीख रही थी,”आह्ह्ह… मर गई… और अंदर… हां… वहीं…”
मैं उसे चोदते हुए उसके होंठों को भी चूम रहा था।
उसके दूध मेरे सीने से टकरा रहे थे। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और जोर-जोर से धक्के लगाने लगा।
“जीजू, मैं फिर से झड़ने वाली हूं… प्लीज… रुको मत…” वो कांप रही थी।
“मैं भी झड़ने वाला हूं… साथ में आओ…” मैंने कहा।
हम दोनों एक साथ झड़े। मैंने अपना गरम गाढ़ा वीर्य उसकी बुर के अंदर ही छोड़ दिया।
वो भी पूरी तरह से झड़ चुकी थी। मैंने उसे कसकर गले लगा लिया।
“जीजू, यह रात मैं कभी नहीं भूलूंगी,” उसने मेरी गोद में सिर रखते हुए कहा।
“मैं भी नहीं, मेरी प्यारी साली,” मैंने कहा और उसके माथे पर किस किया।
उस रात हमने दो बार और चुदाई की। हर बार नई पोजीशन, नई जगह।
बाथरूम में, किचन में, सोफे पर… हर जगह हमने अपने प्यार की दास्तां लिखी।
अब जब भी नीलू नहीं होती, अर्चना आ जाती है।
और हम वो सब कुछ दोहराते हैं जो उस रात हुआ था।
यह हमारा राज है, हमारा प्यार है, जो हमेशा रहेगा…
- माँ को चुदते देख बहन को चोदा भाई ने
- मास्टर जी ने मुझे चोदकर गाभिन किया
- मैंने अपनी वर्जिन वाइफ को चोदा
- मैंने पड़ोसन भाभी को मस्ती के साथ चोदा
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Nice story, koi uttam nagarzse hai?