metro girl sex story
मेरा नाम सुरेश है। मैं जयपुर का रहने वाला हूं और दिल्ली में रहकर जॉब करता हूं।
मेरी उम्र 30 साल है और मेरी हाइट 5 फीट 8 इंच है। मेरे लंड की साइज 9 इंच है जो काफी मोटा और बड़ा है।
मैं एक हैंडसम और आकर्षक युवक हूं जो अपने काम में भी काफी व्यस्त रहता हूं।
एक दिन की बात है, मैं सुबह-सुबह मेट्रो में जा रहा था। मेट्रो में काफी भीड़ थी लेकिन मैंने एक सीट पा ली थी।
तभी एक लड़की मेरे सामने खड़ी हुई। जब मैंने उसे देखा तो मेरा दिल धड़कने लगा।
वह इतनी खूबसूरत थी कि मैं उसकी सुंदरता को देखता ही रह गया।
उसने डार्क चॉकलेट रंग का टॉप पहना हुआ था जो उसके गोरे बदन पर बेहद खूबसूरत लग रहा था और सफेद रंग की पैंट जो उसकी पतली कमर और सुडौल गांड को और भी आकर्षक बना रही थी।
मैंने ध्यान से देखा तो लगा कि उसकी चुचियों का साइज करीब 34 इंच होगा।
उसकी चुचियां टॉप में से साफ झलक रही थीं और उनका आकार इतना सुंदर था कि कोई भी उन्हें देखकर मोहित हो जाए।
उसकी कमर बेहद पतली थी, लगभग 28 इंच की, जो उसके बदन को एक आकर्षक आकृति दे रही थी।
उसकी गांड भी काफी सुडौल थी, लगभग 32 इंच की, जो पैंट में से उभरी हुई थी और बेहद सेक्सी लग रही थी।
मुझे उसे देखते ही प्यार हो गया। मेरा दिल तेज़ी से धड़कने लगा और मैं सोचने लगा कि कैसे इस खूबसूरत लड़की से बातचीत शुरू करूं।
मेट्रो की भीड़ में वह मेरे पास ही खड़ी थी और मुझे उसकी खुशबू सूंघने लगी जो मुझे पागल कर रही थी।
मैंने हिम्मत करके उससे बात करना शुरू किया।
“एक्सक्यूज़ मी, क्या आप भी राजीव चौक उतरेंगी?” मैंने पूछा।
उसने मुस्कुराते हुए कहा, “हां, लेकिन आपको कैसे पता?”
मैंने कहा, “बस ऐसे ही, आपके चेहरे से लग रहा है कि आप भी ऑफिस जा रही हैं।”
वह हंसी और कहने लगी, “हां, मैं अनीता हूं और कनेॉट प्लेस में जॉब करती हूं।”
उसका नाम अनीता था और वह बात करने में बेहद प्यारी और सरल थी।
हमारी बातचीत धीरे-धीरे शुरू हुई और मेट्रो की यात्रा में समय कैसे बीत गया पता ही नहीं चला।
हमने एक-दूसरे को अपने बारे में बताया।
मैंने उसे बताया कि मैं जयपुर का हूं और दिल्ली में रहकर काम करता हूं।
वह भी दिल्ली में ही रहती थी और अपने दोस्तों के साथ एक फ्लैट में रहती थी।
जब राजीव चौक स्टेशन आया तो हम दोनों को उतरना था।
भीड़ में वह अचानक मुझसे सट गई और मैंने महसूस किया कि उसके बदन की गर्मी मुझे पागल कर रही थी।
मेरा लंड अपने आप खड़ा होने लगा था।
जब हम स्टेशन पर उतरे तो मैंने उससे पूछा, “क्या मैं आपका नंबर ले सकता हूं? मैं आपसे दोस्ती करना चाहता हूं।”
अनीता ने शरमाते हुए मुझे अपना नंबर दे दिया।
उसने कहा, “मैं तुम्हें कॉल करूंगी शाम को।” मैंने अपना नंबर भी उसे दिया और हम अलग-अलग रास्तों पर चले गए लेकिन मेरा दिन उसी के ख्यालों में बीत गया।
शाम को जब मैं ऑफिस से घर आया तो मेरे फोन की घंटी बजी।
अनीता का मैसेज था, “हाय सुरेश, कैसे हो?” मैं खुशी से झूम उठा।
हमारी बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे हम दोनों एक-दूसरे के करीब आने लगे।
हम रोज रात को घंटों फोन पर बातें करते, कभी-कभी वीडियो कॉल भी करते।
एक हफ्ते बाद अनीता ने मुझे कहा, “सुरेश, क्या हम कहीं मिल सकते हैं? मैं तुमसे मिलना चाहती हूं।”
मैंने तुरंत हां कर दी और हमने जानकी नगर में एक अच्छे होटल में मिलने का फैसला किया।
वह शनिवार का दिन था और हम दोनों छुट्टी पर थे।
मैं होटल पहले पहुंचा और एक खूबसूरत सा कमरा बुक किया।
जब अनीता आई तो मैं उसे देखकर हैरान रह गया।
उसने एक लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी जो उसके गोरे बदन पर बेहद खूबसूरत लग रही थी।
उसके बाल खुले हुए थे और हल्का मेकअप किया हुआ था। वह एक परी लग रही थी।
हमने एक-दूसरे को देखा और मुस्कुराए। कमरा बेहद रोमांटिक था।
कमरे में हल्की सी गुलाबी रोशनी थी, बिस्तर पर गुलाब के फूल बिछे हुए थे और खिड़की से बाहर शहर का खूबसूरत नजारा दिखाई दे रहा था।
कमरे में एक बड़ा सा बिस्तर था जो सफेद चादरों से बिछा हुआ था और कमरे में हल्की सी महक थी जो रोमांस का माहौल बना रही थी।
यह सब व्यवस्था मैंने पहले ही होटल वाले से कह कर करा लिया था। जो देखने में बिलकुल किसी फिल्मी टाइप लग रहा था।
अनीता कमरे में आई और खिड़की से बाहर देखने लगी।
मैं उसके पीछे गया और धीरे से उसकी कमर में हाथ डाल दिया।
वह मेरे हाथों को महसूस करके शरमा गई और अपना सिर मेरी छाती पर रख दिया।
और बोली, “सुरेश, तुमने कमरे को बहुत ही अच्छे से सजवाया है।”
“यह सब तुम्हारे लिए है” जवाब देते हुए मैंने उसके बालों को सहलाया और उसकी खुशबू सूंघी।
“तुम बेहद खूबसूरत हो अनीता,” मैंने उसके कान में धीरे से कहा।
वह मुड़ी और मेरी आंखों में देखने लगी। उसकी आंखों में प्यार और चाहत थी।
मैंने धीरे से उसका चेहरा अपने हाथों में लिया और उसके होंठों पर एक प्यार भरा चुंबन किया।
वह मेरे होंठों को महसूस करके कांपने लगी। मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और गहरा चुंबन करने लगा।
हमारे होंठ एक-दूसरे से मिले और हम एक-दूसरे को चूमने लगे।
मैंने अपनी जीभ उसके मुंह में डाली और उसकी जीभ से खेलने लगा।
वह भी मेरा साथ दे रही थी और हम दोनों प्यार के समंदर में डूबने लगे।
मैंने धीरे से उसकी साड़ी खोलनी शुरू की। उसने नीचे एक सेक्सी सा ब्लाउज और पेटीकोट पहना हुआ था।
मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोलने शुरू किए और उसकी चुचियों को देखकर मेरा दिल तेज़ी से धड़कने लगा।
उसने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी जो उसके दूध को और भी आकर्षक बना रही थी।
“सुरेश, धीरे से,” अनीता ने शरमाते हुए कहा।
“डरो मत मेरी जान, मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं,” मैंने कहा और उसकी ब्रा खोल दी।
जैसे ही उसकी ब्रा खुली, उसकी चुचियां बाहर आ गईं।
उसके दूध इतने सुंदर और गोल थे कि मैं उन्हें देखता ही रह गया।
उसके निप्पल गुलाबी रंग के थे और कड़े हो रहे थे।
मैंने धीरे से एक निप्पल अपने मुंह में लिया और चूसने लगा।
“ओह सुरेश, यह क्या कर रहे हो,” अनीता ने सिसकते हुए कहा।
“मैं तुम्हें प्यार कर रहा हूं मेरी जान,” मैंने कहा और दूसरे निप्पल को भी चूसने लगा।
मैं उसके दोनों निप्पल्स को बारी-बारी से चूस रहा था और वह मेरे बालों में हाथ फेरकर मुझे और पास खींच रही थी।
उसके दूध इतने नरम और मुलायम थे कि मैं उन्हें चूसते ही रहना चाहता था।
मैंने उसके निप्पल्स को काटा भी जिससे वह और ज्यादा उत्तेजित हो गई।
“आह्ह्ह, सुरेश, बहुत मजा आ रहा है,” अनीता ने कहा।
मैंने उसका पेटीकोट भी उतार दिया और अब वह सिर्फ पैंटी में थी।
उसकी जांघें इतनी सुडौल और गोरी थीं कि मैं उन्हें चूमने लगा।
मैंने उसकी जांघों पर चूमना शुरू किया और धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ने लगा।
“सुरेश, प्लीज, अब और मत तड़पाओ,” अनीता ने कहा।
“थोड़ा सब्र रखो मेरी जान, प्यार में सब्र का भी मजा है,” मैंने कहा और उसकी पैंटी उतार दी।
अब वह पूरी तरह नंगी थी। उसकी बुर इतनी खूबसूरत थी कि मैं उसे देखकर मंत्रमुग्ध हो गया।
उसकी बुर पर हल्के-हल्के बाल थे और वह गुलाबी रंग की थी।
मैंने धीरे से उसकी बुर को चूमा और उसकी टांगें फैला दीं।
“ओह गॉड, सुरेश,” अनीता चीख उठी।
मैंने अपनी जीभ उसकी बुर में डाली और उसे चाटने लगा।
वह पागलों की तरह कांप रही थी और मेरे बालों को खींच रही थी।
मैंने उसकी बुर के अंदर-बाहर जीभ करनी शुरू की और उसकी क्लिटोरिस को भी चूसा।
“आह्ह्ह, हां, और जोर से, प्लीज,” अनीता चिल्लाने लगी।
मैं उसकी बुर को जोर-जोर से चाट रहा था और वह मेरे मुंह में झड़ने लगी।
उसका पूरा बदन कांप रहा था और वह अपने आप को रोक नहीं पा रही थी।
अब मेरी बारी थी।
मैंने अपने कपड़े उतार दिए और अनीता ने मेरे 9 इंच के लंड को देखकर हैरान रह गई।
“वाह, सुरेश, तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है,” उसने कहा।
“क्या तुम इसे अपने मुंह में लोगी?” मैंने पूछा।
“हां, मैं तुम्हारे इस खूबसूरत लंड को अपने मुंह में लूंगी,” अनीता ने कहा और नीचे बैठकर मेरे लंड को हाथ में ले लिया।
उसने मेरे लंड को चूमा और फिर धीरे से अपने मुंह में ले लिया।
वह मेरे लंड को चूसने लगी और मैं सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसके मुंह की गर्मी और नमी मुझे पागल कर रही थी।
“ओह अनीता, बहुत अच्छा लग रहा है,” मैंने कहा।
वह मेरे लंड को और जोर-जोर से चूस रही थी और मैं उसके मुंह में आगे-पीछे करने लगा।
उसने मेरे लंड को पूरा अपने गले तक ले लिया जिससे मुझे बेहद मजा आया।
अब हम दोनों पूरी तरह तैयार थे। मैंने अनीता को बिस्तर पर लिटाया और उसकी टांगें फैला दीं।
उसकी बुर पूरी तरह गीली हो चुकी थी और मेरा लंड भी पत्थर जैसा कड़ा था।
“सुरेश, प्लीज, अब डाल दो अपना लंड मेरी बुर में,” अनीता ने विनती की।
“थोड़ा सा दर्द होगा पहले, लेकिन फिर मजा आएगा,” मैंने कहा और अपने लंड का सुपाड़ा उसकी बुर पर रख दिया।
मैंने धीरे से एक धक्का लगाया और मेरे लंड का आधा हिस्सा उसकी बुर में घुस गया।
“ओह्ह्ह, दर्द हो रहा है,” अनीता चीखी।
“शांत रहो मेरी जान, थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा,” मैंने कहा और उसके होंठों पर चुंबन करने लगा।
थोड़ी देर रुकने के बाद मैंने दूसरा धक्का लगाया और मेरा पूरा 9 इंच का लंड उसकी बुर में समा गया।
“आह्ह्ह्ह, हां, अब अच्छा लग रहा है,” अनीता ने कहा।
मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए। पहले धीरे-धीरे और फिर तेज़ी से।
हमारे बदन एक-दूसरे से टकरा रहे थे और अनीता की सिसकियां कमरे में गूंज रही थीं।
“और जोर से सुरेश, और तेज़,” अनीता चिल्लाने लगी।
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर-जोर से धक्के लगाने लगा।
मेरा लंड उसकी बुर के अंदर-बाहर हो रहा था और हम दोनों पसीने से लथपथ हो चुके थे।
“तुम्हारी बुर बहुत टाइट है अनीता,” मैंने कहा।
“और तुम्हारा लंड बहुत मोटा है, मेरी बुर को पूरी तरह भर रहा है,” अनीता ने जवाब दिया।
हम दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे और प्यार भरी बातें कर रहे थे।
मैंने उसकी चुचियों को भी सहलाया और उसके निप्पल्स को कसकर दबाया।
“ओह सुरेश, मैं झड़ने वाली हूं,” अनीता ने कहा।
“रुको मेरी जान, थोड़ी देर और,” मैंने कहा और और तेज़ी से धक्के लगाने लगा।
हम दोनों एक साथ झड़ गए। मैंने अपना सारा वीर्य उसकी बुर में ही छोड़ दिया और वह भी कांपते हुए झड़ गई।
हम दोनों एक-दूसरे की बाहों में पड़े रहे और सांसें तेज़-तेज़ ले रहे थे।
“मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं सुरेश,” अनीता ने कहा।
“मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूं अनीता,” मैंने जवाब दिया और उसे अपनी बाहों में कसकर पकड़ लिया।
हमने पूरी रात एक-दूसरे के साथ बिताई और कई बार प्यार किया। वह रात हम दोनों के लिए यादगार रही और हमारा प्यार और भी गहरा हो गया।
- मैंने एक बढ़िया प्लान बनाकर अपनी साली को चोदा
- मैं अपनी मामी को चोदकर अपने लौड़े का दीवाना बनाया
- मैं और मेरी दोनों बहने अपने भाई से चुदवाई
- मैं अपने दोस्त की बहन और भाभी को चोदा
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Main bhi Delhi mein rahati hun aur south ex mein rahkar job karti hun. Kash ki koi mera kharch uthata aur mujhe apani randi ya rakhail bankar rakhta aur chodta.
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South ex me kaha milogi
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