आखिरकार मैंने अपनी दीदी को चोदा दिया

elder sister and brother chudai story

PART 1: मेरी दीदी मेरे सामने दोस्तों से चुद गयी

दोस्तों, जैसा कि मैंने आपको बताया था कि मैंने अपनी बहन सोनिका को चोदने के लिए एक नया प्लान बनाया था।

ये प्लान मैंने बहुत सोच-समझकर बनाया था और इसमें मैंने किसी भी दोस्त को शामिल नहीं किया था।

मैं जानता था कि अगर इस बार भी कुछ गड़बड़ हुई तो मेरी बहन हमेशा के लिए मुझसे दूर हो जाएगी और मुझे कभी मौका नहीं मिलेगा।

मेरा नया प्लान कुछ इस तरह था। मैंने देखा था कि आमिर, जय और सैम ने मेरी बहन को ब्लैकमेल कर रखा था और वो रोज उसे अपने फार्महाउस पर बुलाते थे।

सोनिका दीदी को रोज वहां जाना पड़ता था और वो लोग उसे जिससे चाहें उससे चुदवाते थे।

मैं भी रोज दीदी के साथ वहां जाता था और उसे चुदते हुए देखता था।

मेरी हालत बहुत खराब होती थी क्योंकि मैं ही इस प्लान का मास्टरमाइंड था लेकिन मुझे ही अपनी बहन को चोदने का मौका नहीं मिल रहा था।

एक दिन मैंने देखा कि दीदी बहुत परेशान थी। वो रात को देर से घर आई थी और सीधे अपने कमरे में चली गई थी।

मैंने उसके कमरे के दरवाजे के पास जाकर कान लगाया तो सुनने में आया कि वो रो रही थी।

मुझे थोड़ा बुरा भी लग रहा था लेकिन साथ ही मुझे लगा कि यही सही मौका है जब मैं दीदी के करीब जा सकता हूँ और उसे अपना हमदर्द बना सकता हूँ।

अगले दिन जब दीदी कॉलेज से आई तो मैंने उसे बुलाया। “दीदी, क्या बात है? तुम कल रात से बहुत उदास लग रही हो। कुछ हुआ है क्या?” मैंने पूछा।

दीदी ने मुझे देखा और फिर नजरें झुका लीं। “कुछ नहीं गौरव, बस थोड़ी तबीयत ठीक नहीं है,” वो बोली।

मैंने कहा, “दीदी, मैं तुम्हारा भाई हूँ। तुम मुझसे कुछ भी छुपा सकती हो? मुझे पता है कि तुम्हें कुछ परेशानी है। बताओ ना, शायद मैं कुछ मदद कर सकूँ।”

दीदी की आँखों में आँसू आ गए। उसने कहा, “गौरव, मैं तुम्हें कैसे बताऊँ? मैं बहुत बड़ी मुसीबत में हूँ।”

मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा और कहा, “दीदी, डरो मत। मैं हूँ ना तुम्हारे साथ। बताओ क्या हुआ है?”

दीदी रोते हुए बोली, “गौरव, वो जय, आमिर और सैम… वो लोग मुझे ब्लैकमेल कर रहे हैं। उनके पास मेरी कुछ वीडियोज हैं और वो मुझे रोज उनके पास बुलाते हैं और… और मुझे बहुत गंदे काम करने के लिए मजबूर करते हैं।”

मैंने अपने चेहरे पर हैरानी का भाव दिखाया, हालांकि मुझे सब पता था। “क्या? ये क्या बोल रही हो दीदी? वो लोग तुम्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं? लेकिन क्यों? क्या वीडियोज हैं उनके पास?”

दीदी ने सारी बात बताई कि कैसे जय ने उसे ट्रेनर बनकर फंसाया और फिर उसकी न्यूड वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा।

मैंने सोचा कि यही सही मौका है। मैंने कहा, “दीदी, तुम चिंता मत करो। मैं तुम्हारी मदद करूँगा। लेकिन इसके लिए हमें सोच-समझकर काम करना होगा।”

दीदी ने मुझे आशा भरी नजरों से देखा, “तुम सच में मेरी मदद करोगे गौरव?”

मैंने कहा, “हाँ दीदी, मैं तुम्हारा भाई हूँ। मैं तुम्हें किसी भी मुसीबत से बचाऊँगा। लेकिन इसके लिए तुम्हें मेरी बात माननी होगी।”

दीदी ने सिर हिलाया, “हाँ गौरव, मैं तुम्हारी हर बात मानूँगी। बस तुम मुझे इस मुसीबत से निकालो।”

मैंने अपना प्लान बताया। “दीदी, देखो, अगर हम सीधे उन लोगों के खिलाफ जाएँगे तो वो तुम्हारी वीडियोज लीक कर देंगे। हमें उन वीडियोज को पहले हासिल करना होगा। इसके लिए मुझे उनके फार्महाउस पर जाना होगा और उनके कंप्यूटर या फोन से वो वीडियोज डिलीट करने होंगे।”

दीदी ने पूछा, “लेकिन वो तुम्हें कैसे जाने देंगे?”

मैंने कहा, “इसीलिए तुम्हें मेरी मदद करनी होगी। कल जब वो तुम्हें बुलाएँगे तो तुम मुझे भी साथ लेकर जाना। कहना कि मुझे भी कुछ पैसों की जरूरत है और मैं भी कुछ काम करना चाहता हूँ। वो लोग मुझे भी अपने साथ रख लेंगे क्योंकि उन्हें लगेगा कि मुझे कुछ पता नहीं है।”

दीदी को ये प्लान ठीक लगा।

अगले दिन जब आमिर ने दीदी को फोन किया तो दीदी ने मेरी बात उसे बता दी।

आमिर ने सोचा कि अगर मुझे भी अपने साथ रखेंगे तो मैं उनका एक और नौकर बन जाऊँगा जो उनके लिए और लड़कियाँ ढूंढेगा। उन्होंने हामी भर दी।

शाम को मैं और दीदी आमिर के फार्महाउस पर पहुँचे। आमिर, जय और सैम तीनों वहां थे।

उन्होंने मुझे देखा तो मुस्कुराए। “अरे गौरव, तू भी आ गया? बहुत अच्छा हुआ। अब तो और मजा आएगा,” आमिर ने कहा।

मैंने नाटक किया, “भाई, मुझे भी कुछ पैसे कमाने हैं। आप लोग मेरी मदद करो।”

जय ने कहा, “ठीक है, तू हमारे साथ रह सकता है। लेकिन तुझे हमारी हर बात माननी होगी।”

मैंने सिर हिलाया, “जी भाई, मैं आपकी हर बात मानूँगा।”

फिर उन्होंने दीदी को अंदर के कमरे में ले जाने लगे। मैंने कहा, “भाई, मैं भी चलूँ?”

आमिर ने मना किया, “नहीं, तू यहीं रुक। अभी तुझे बुलाएँगे तब आना।”

मैंने कहा, “ठीक है भाई,” और वहां बैठ गया।

थोड़ी देर बाद मुझे अंदर से दीदी की आवाजें आने लगीं। वो चीख रही थी और कराह रही थी।

मुझे पता था कि वो लोग उसे चोद रहे हैं। मेरा लंड खड़ा हो गया लेकिन मैंने खुद को कंट्रोल किया। मुझे अपना प्लान पूरा करना था।

लगभग 1 घंटे बाद वो लोग बाहर आए। दीदी का चेहरा लाल था और वो थकी हुई लग रही थी।

आमिर ने मुझे बुलाया, “गौरव, अंदर आ।”

मैं अंदर गया। कमरे में बेड पर दीदी बैठी थी।

उसके कपड़े उतरे हुए थे और उसकी चूत से सफेद वीर्य बह रहा था।

मुझे देखकर दीदी ने शर्म से अपने चेहरे को हाथों से ढक लिया।

आमिर ने कहा, “गौरव, देख तेरी बहन कितनी रांड बन चुकी है। अब तू भी इसे चोद। हमें देखना है भाई-बहन का सेक्स।”

मैंने सोचा कि यही सही मौका है। मैंने कहा, “भाई, मैं तो इसे चोदना चाहता हूँ लेकिन यहाँ नहीं। क्या हम किसी दूसरे कमरे में जा सकते हैं?”

जय ने कहा, “क्यों? यहीं चोद ना। हमें भी देखना है।”

मैंने कहा, “नहीं भाई, पहली बार है। थोड़ी शर्म आ रही है। बाद में आप जितना देखना चाहें देख सकते हैं।”

सैम ने कहा, “ठीक है, ले जा उसे दूसरे कमरे में। लेकिन वीडियो जरूर बनाना।”

मैंने कहा, “जी भाई,” और दीदी को उठाकर दूसरे कमरे में ले गया।

उस कमरे में कोई और नहीं था। मैंने दरवाजा बंद कर दिया और दीदी से बोला, “दीदी, डरो मत। मैं तुम्हें बचाने आया हूँ।”

दीदी ने मुझे देखा और रोने लगी, “गौरव, मुझे बचाओ। ये लोग मुझे रोज तड़पाते हैं।”

मैंने उसे गले लगाया और कहा, “दीदी, चिंता मत करो। मैं सब ठीक कर दूँगा।”

मैंने उसे बेड पर बिठाया और उसके कंधे सहलाने लगा।

धीरे-धीरे मेरा हाथ उसकी पीठ पर चला गया।

दीदी ने कुछ नहीं कहा। मैंने उसे और पास खींच लिया और उसके गाल पर किस कर लिया।

दीदी ने मुझे धक्का देकर अलग किया, “गौरव, ये क्या कर रहा है? तू मेरा भाई है।”

मैंने कहा, “दीदी, मैं जानता हूँ। लेकिन देखो, वो लोग तुम्हें चोद रहे हैं। मैं तुम्हें बचा नहीं सकता अगर तुम मेरी बात नहीं मानोगी। हमें उनकी वीडियोज चाहिए और वो उनके फोन में हैं। अगर तुम मुझे खुश करोगी तो मैं उनके फोन से वीडियोज निकाल लूँगा।”

दीदी समझ गई। उसने कहा, “ठीक है गौरव, लेकिन ये हमारे बीच में रहेगा। किसी को पता नहीं चलना चाहिए।”

मैंने कहा, “वादा करता हूँ दीदी।”

फिर मैंने दीदी को फिर से गले लगाया और इस बार उसने मुझे धक्का नहीं दिया।

मैंने उसके गालों पर किस करना शुरू किया और धीरे-धीरे उसके होंठों की तरफ बढ़ा। दीदी ने अपने होंठ मेरे होंठों से मिला दिए।

हम दोनों एक-दूसरे को किस करने लगे। उसके होंठ बहुत नरम थे और मुझे बहुत मजा आ रहा था।

मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी और उसकी जीभ के साथ खेलने लगा। दीदी भी अब गर्म होने लगी थी।

मैंने उसकी नाइटी को ऊपर उठाया और उसके स्तनों को देखा। वो ब्रा में थी।

मैंने उसकी ब्रा खोल दी और उसके 32 इंच के स्तन बाहर आ गए। उसके निपल्स गुलाबी थे और थोड़े कड़े हो रहे थे।

मैंने एक स्तन को पकड़ा और उसे चूसने लगा। दीदी ने सिसकी, “आह… गौरव… धीरे…”

मैंने दूसरे स्तन को भी चूसा और दोनों को बारी-बारी से चाटने लगा।

दीदी का सिर पीछे की तरफ झुक गया और वो मजे लेने लगी।

फिर मैंने नीचे हाथ बढ़ाया और उसकी पैंटी में हाथ डाल दिया।

उसकी चूत गीली थी। मैंने उसकी पैंटी निकाल दी और उसकी चूत को देखा। उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे और वो गुलाबी रंग की थी।

मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी। दीदी ने कहा, “आह… गौरव… ये क्या कर रहा है…”

मैंने कहा, “दीदी, मजा आ रहा है ना?”

दीदी ने शर्माते हुए सिर हिलाया। मैंने उंगली अंदर-बाहर करनी शुरू कर दी। दीदी की साँसें तेज हो गईं और वो कराहने लगी।

कुछ देर बाद मैंने उंगली निकाली और अपने कपड़े उतार दिए।

मेरा लंड 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा था और पूरी तरह खड़ा था।

दीदी ने मेरे लंड को देखा और कहा, “गौरव, तेरा तो बहुत बड़ा है।”

मैंने कहा, “दीदी, अब इसे अपने मुँह में लो।”

दीदी ने थोड़ी हिचकिचाहट के बाद मेरे लंड को पकड़ा और अपने मुँह में ले लिया।

उसने धीरे-धीरे चूसना शुरू किया। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

उसके मुँह की गर्मी और उसकी जीभ का स्पर्श मुझे पागल बना रहा था।

मैंने उसके सिर को पकड़ा और अपना लंड उसके मुँह में आगे-पीछे करने लगा।

दीदी ने बिना विरोध किए मेरा लंड चूसा। 10 मिनट तक चुसाई के बाद मैंने अपना लंड उसके मुँह से निकाल लिया।

फिर मैंने दीदी को बेड पर लिटा दिया और उसकी टाँगें फैला दीं।

उसकी चूत अभी भी गीली थी और उसमें से वीर्य बह रहा था जो आमिर और उसके दोस्तों ने निकाला था।

मैंने अपने लंड का सिरा उसकी चूत पर रखा और धीरे से अंदर डालना शुरू किया।

दीदी ने कहा, “आह… धीरे गौरव… दर्द हो रहा है…”

मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। उसकी चूत बहुत टाइट थी लेकिन गीली होने के कारण मेरा लंड आसानी से अंदर जा रहा था। थोड़ी देर में मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया।

मैंने धक्के मारने शुरू किए। धीरे-धीरे मेरी स्पीड बढ़ती गई। दीदी भी अब मजे लेने लगी थी। वो कहने लगी, “आह… हाँ गौरव… और जोर से… चोद मुझे…”

मैंने पूरी ताकत से धक्के मारने शुरू किए। बेड हिल रहा था और हम दोनों की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।

मैंने दीदी की टाँगें अपने कंधों पर रख दीं और और गहराई से चोदने लगा।

दीदी बोली, “आह… गौरव… मैं झड़ने वाली हूँ… और तेज…”

मैंने और तेज धक्के मारे और कुछ ही देर में दीदी झड़ गई। उसकी चूत ने मेरे लंड को कसकर पकड़ लिया और मुझे और मजा आने लगा।

मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया।

अब मैं उसकी गांड भी देख पा रहा था जो बहुत गोल और मुलायम थी। मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारा और चोदना जारी रखा।

दीदी चिल्ला रही थी, “आह… गौरव… मेरी चूत फाड़ दी… और जोर से… मजा आ रहा है…”

मैंने लगभग 20 मिनट तक उसे इसी तरह चोदा और फिर मैं झड़ने वाला था। मैंने कहा, “दीदी, मैं निकालने वाला हूँ…”

दीदी ने कहा, “अंदर ही निकाल दे… मैं सेफ हूँ…”

मैंने एक जोरदार धक्का मारा और अपना सारा वीर्य उसकी चूत में छोड़ दिया।

मेरा लंड कांप रहा था और उसकी चूत भी सिकुड़ रही थी। हम दोनों एक साथ झड़ गए और बेड पर गिर पड़े।

कुछ देर बाद जब हमारी साँसें ठीक हुईं तो दीदी ने मुझे गले लगाया और कहा, “गौरव, तूने तो मुझे बहुत मजा दिया।”

मैंने कहा, “दीदी, मैं तुमसे प्यार करता हूँ।”

दीदी ने मुझे किस किया और कहा, “मैं भी तुझसे प्यार करती हूँ गौरव।”

फिर हमने कपड़े पहने और बाहर आए। आमिर, जय और सैम हमारा इंतजार कर रहे थे। आमिर ने पूछा, “कैसा रहा मजा?”

मैंने कहा, “बहुत मजा आया भाई।”

आमिर ने कहा, “अब तू भी हमारी गैंग में शामिल हो गया। अब हम सब मिलकर तेरी बहन को चोदेंगे।”

मैंने मन ही मन मुस्कुराते हुए सोचा कि मेरा प्लान तो काम कर गया।

अब मैं रोज अपनी बहन को चोद सकता हूँ और कोई मुझे रोक नहीं सकता।

दीदी भी अब मेरी हो गई थी और वो मुझसे प्यार करने लगी थी।

उसके बाद से मैं और दीदी रोज सेक्स करते थे।

कभी घर में जब मम्मी-पापा नहीं होते तो कभी आमिर के फार्महाउस पर।

मेरी जिंदगी अब बहुत मजेदार हो गई थी और मैं अपनी बहन को बहुत खुश रखता था।

दीदी भी अब खुश थी क्योंकि उसे मुझमें एक ऐसा भाई मिल गया था जो उसकी हर इच्छा पूरी करता था।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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