full sex with hot mami kahani
नमस्तार, सभी पाठकों को मेरा प्रणाम!
मेरा नाम रितेश है और मैं गुजरात के अहमदाबाद शहर का रहने वाला हूँ।
मेरी उम्र 23 साल है और मैं एक बहुत अमीर बिजनेसमैन का बेटा हूँ।
मेरा लंड 7.5 इंच लंबा और 2 इंच मोटा है, जो किसी भी औरत को संतुष्ट करने के लिए काफी है।
ये कहानी उस समय की है जब मैंने अपनी मामी कविता को चोदा।
मामी मेरी मम्मी की बड़ी बहन हैं और उनकी उम्र 36 साल है।
उनका फिगर 36-32-38 है और वे दिखने में बहुत ही गर्म माल हैं।
उनके 36 इंच के भारी स्तन और 38 इंच की गोल गांड किसी भी मर्द को पागल बना सकती है।
मेरे मामा रमेश मुंबई में एक बड़ी कंपनी में मैनेजर हैं।
उनकी शादी को 12 साल हो चुके हैं लेकिन उनके कोई बच्चा नहीं है।
मामा अक्सर बिजनेस ट्रिप पर बाहर रहते हैं और मामी अकेली घर में रहती हैं।
गर्मियों की छुट्टी में मैं मामा के घर मुंबई गया था।
मैं पहुंचा तो पता चला कि मामा को अचानक एक जरूरी काम से गोवा जाना पड़ रहा है।
मामी ने कहा कि वो भी साथ चलेंगी लेकिन मामा ने मना कर दिया क्योंकि वो सिर्फ 2 दिन के लिए जा रहे थे।
मामा ने मुझे भी साथ चलने के लिए कहा। हम लोग सुबह 5 बजे निकले और शाम 6 बजे गोवा पहुंचे।
मामा ने एक 5 स्टार रिसॉर्ट में 2 रूम बुक किए – एक रूम में मैं और दूसरे रूम में मामा-मामी थे।
रात को खाना खाने के बाद मामा ने मुझे अपने रूम में बुलाया और कहा, “रितेश, मुझे कुछ जरूरी काम से बाहर जाना है। तुम मामी का ध्यान रखना। अगर मामी पूछे तो कह देना कि मैं अपने दोस्त से मिलने गया हूँ और सुबह तक आऊंगा।”
मैं समझ गया कि मामा कहीं और मस्ती करने जा रहे हैं।
मैंने कहा, “ठीक है मामा, आप जाइए, मैं मामी को संभाल लूंगा।”
मामा चले गए और मैं अपने रूम में आ गया।
मुझे पूरी रात मामी के बारे में सोचते रहा।
मामी की वो 36 इंच की चूचियां और 38 इंच की गांड मेरे दिमाग में घूम रही थीं।
सुबह हुई तो मैं मामा के रूम में गया।
मामी अभी भी सो रही थीं और उनकी चूचियां कंबल के ऊपर से भी साफ झलक रही थीं।
मैं समझ गया कि कल रात मामा ने मामी को खूब चोदा होगा।
मामा ने मुझे जगाया और कहा, “चलो घूमने चलते हैं।”
मामी ने मना कर दिया क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। मैं और मामा घूमने निकल गए।
शाम को जब हम वापस आए तो मामा ने मुझे कहा, “रितेश, आज रात तू मामी के साथ सो जाना। मैं तेरे रूम में सोता हूँ। मुझे एक जरूरी मीटिंग है और मैं देर से आऊंगा।”
मैंने पूछा, “क्यों मामा, क्या हुआ?” मामा ने कहा, “बस ऐसे ही, तू चिंता मत कर।”
मैं समझ गया कि मामा फिर से किसी और के साथ मस्ती करने जा रहे हैं।
मैंने मामा के बैग से एक कंडोम का पैकेट चुरा लिया और मामी के रूम में चला गया।
मामी ने पूछा, “मामा कहाँ हैं?” मैंने वही कह दिया जो मामा ने सिखाया था, “मामा अपने दोस्त से मिलने गए हैं और सुबह तक आएंगे।”
मामी थोड़ा नाराज दिखीं लेकिन कुछ नहीं बोलीं। हमने खाना मंगवाया और खाना खाया। खाने के बाद मामी ने कहा, “मैं नहाने जा रही हूँ।”
मैंने कहा, “ठीक है मामी।”
मामी नहाने चली गईं। मैं बेड पर बैठकर टीवी देखने लगा।
थोड़ी देर बाद मामी नहाकर आईं। उन्होंने एक हल्की सी नाइटी पहनी हुई थी जिसमें से उनकी चूचियां साफ झलक रही थीं।
उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी और उनके निपल्स नाइटी से बाहर दिख रहे थे।
मैं उन्हें देखता रह गया। मामी ने मुस्कुराते हुए कहा, “क्या देख रहे हो रितेश?”
मैंने शर्माते हुए कहा, “कुछ नहीं मामी।”
मामी मेरे पास बैठ गईं और कहने लगीं, “रितेश, तुम बड़े हो गए हो। अब तो शादी के लायक भी हो गए हो।”
मैंने कहा, “हां मामी, लेकिन अभी तो मुझे कोई लड़की पसंद नहीं आई।”
मामी ने कहा, “कैसी लड़की चाहिए तुम्हें?”
मैंने हिम्मत करके कहा, “मामी जैसी कोई लड़की चाहिए।”
मामी थोड़ा शर्मा गईं और कहने लगीं, “चलो सो जाओ, कल सुबह जल्दी उठना है।”
हम दोनों एक ही बेड पर लेट गए।
मामी ने अपनी नाइटी उतार दी और सिर्फ पैंटी में हो गईं।
उनके वो 36 इंच के भारी स्तन आजाद होकर मुझे बुला रहे थे।
मैं भी अपनी शर्ट उतार दी और सिर्फ अंडरवियर में हो गया।
मेरा लंड अंडरवियर में खड़ा होकर मामी की तरफ इशारा कर रहा था।
मामी ने मेरा खड़ा लंड देख लिया और कहने लगीं, “रितेश, तुम्हारा तो बहुत बड़ा है।”
मैंने कहा, “मामी, आप भी तो बहुत सेक्सी हैं।”
मामी ने कहा, “पागल, मैं तुम्हारी मामी हूँ।”
मैंने कहा, “मुझे पता है मामी, लेकिन मैं आपको बचपन से ही पसंद करता हूँ।”
मामी ने मुझे गले लगा लिया और मेरे होठों पर किस कर दी।
मैंने भी उनका साथ दिया और उनके होठों को चूसने लगा।
मामी ने मेरे अंडरवियर में हाथ डालकर मेरा लंड पकड़ लिया।
उन्होंने मेरा अंडरवियर उतार दिया और मेरा 7.5 इंच का लंड बाहर आ गया।
मामी ने कहा, “वाह, कितना मोटा और कड़क है तुम्हारा।”
मैंने मामी की पैंटी उतार दी।
उनकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे और वो बहुत गीली हो चुकी थी।
मैंने मामी को कहा, “मामी, मैं आपको बहुत प्यार करता हूँ।”
मामी ने कहा, “मुझे भी तुमसे प्यार है रितेश, लेकिन ये गलत है।”
मैंने कहा, “प्यार में कुछ गलत नहीं होता मामी।”
मैंने मामी को बेड पर लिटाया और उनके स्तनों को चूसने लगा।
उनके 36 इंच के भारी स्तन मेरे हाथों में आ रहे थे।
मैंने उनके निपल्स को काटा और वो कराहने लगीं, “आह … रितेश … धीरे … बहुत मजा आ रहा है …”
मैंने 15 मिनट तक उनके स्तन चूसे और फिर नीचे उनकी चूत की तरफ बढ़ा।
मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू किया।
मामी पागल हो रही थीं और कह रही थीं, “आह … रितेश … और जोर से चाटो … मेरी चूत को फाड़ दो … बहुत दिनों से नहीं चटवाई …”
मैंने 20 मिनट तक उनकी चूत चाटी और वो दो बार झड़ गईं। उनकी चूत का रस मैंने पी लिया।
फिर मामी ने मुझे कहा, “रितेश, अब डालो अपना लंड। मुझे बहुत तड़प हो रही है।”
मैंने कंडोम निकाला और अपने लंड पर पहना लिया।
मैंने मामी की टांगें फैलाई और अपने लंड का सिरा उनकी चूत पर रखा।
मामी ने कहा, “धीरे से डालो रितेश, तुम्हारा बहुत मोटा है।”
मैंने धीरे से एक धक्का मारा और मेरा आधा लंड अंदर चला गया।
मामी चीख उठीं, “आह … बहुत दर्द हो रहा है … धीरे …”
मैंने रुक कर उनके स्तन दबाए और फिर दूसरा धक्का मारा। मेरा पूरा 7.5 इंच लंड उनकी चूत में समा गया।
मामी कहने लगीं, “आह … रितेश … तुमने तो मेरी चूत फाड़ दी … बहुत मोटा है तुम्हारा …”
मैंने धक्के मारने शुरू किए। धीरे-धीरे मामी को भी मजा आने लगा और वो कहने लगीं, “आह … हां … और जोर से … चोदो मुझे … मेरी चूत फाड़ दो … बहुत मजा आ रहा है …”
मैंने पूरी ताकत से धक्के मारने शुरू किए।
बेड हिल रहा था और मामी की चूचियां भी हिल रही थीं। मैंने उनके स्तनों को दबाते हुए उन्हें चोदा।
25 मिनट तक चोदने के बाद मामी झड़ गईं और मैं भी उनकी चूत में ही झड़ गया।
हम दोनों थक गए थे।
मामी ने मुझे गले लगाया और कहा, “रितेश, तुमने तो मुझे बहुत मजा दिया। तुम्हारे मामा कभी इतना मजा नहीं देते।”
मैंने कहा, “मामी, मैं तो रोज आपको ऐसे मजा दे सकता हूँ।”
मामी ने मुस्कुराते हुए कहा, “पागल, रोज कौन करता है।”
थोड़ी देर बाद मामी ने मेरा लंड फिर से चूसना शुरू कर दिया और वो फिर से खड़ा हो गया।
मामी ने कहा, “चलो इस बार मेरी गांड मारो।”
मैंने कहा, “मामी, आपकी गांड तो बहुत मोटी है।”
मामी ने कहा, “आज तक किसी ने नहीं मारी, तुम ही मारो।”
मैंने मामी को घोड़ी बनाया और उनकी गांड में थूक लगाया। मामी की गांड बहुत मोटी और गोल थी। मैंने अपने लंड का सिरा उनकी गांड पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा।
मामी चीख उठीं, “आह … बहुत दर्द हो रहा है … बाहर निकालो …”
मैंने उनका मुँह बंद किया और धीरे-धीरे अपना पूरा लंड उनकी गांड में डाल दिया।
थोड़ी देर में मामी को भी मजा आने लगा और वो कहने लगीं, “आह … रितेश … और जोर से … मेरी गांड फाड़ दो …”
मैंने उनकी गांड 20 मिनट तक मारी और फिर उनकी गांड में ही झड़ गया।
मामी बहुत थक गई थीं। हम दोनों सो गए।
सुबह जब मेरी आंख खुली तो मामी मेरे बगल में थीं और मेरा लंड फिर से खड़ा था।
मैंने मामी को जगाया और कहा, “मामी, एक बार और कर लेते हैं।”
मामी ने कहा, “रितेश, मैं बहुत थक गई हूँ, लेकिन तुम्हारे लिए एक बार और कर लेती हूँ।”
मैंने मामी को फिर से चोदा और इस बार 30 मिनट तक चोदने के बाद उनकी चूत में झड़ गया।
मामा सुबह 10 बजे आए और हम तीनों नाश्ता किया।
मामा ने मुझे धन्यवाद कहा और मामी ने भी मुस्कुराते हुए मुझे देखा।
उसके बाद जब भी मौका मिलता है, मैं मामी को चोदता हूँ।
मामी भी अब मुझसे बहुत प्यार करती हैं और हम दोनों जब भी अकेले मिलते हैं, खूब सेक्स करते हैं।
धन्यवाद।
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
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