हिल स्टेशन पर कपल स्वैपिंग सेक्स

cuckold couple porn kahani

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम आलिया है। मेरी उम्र 28 साल है।

मेरा फिगर 36-30-38 है, और मेरी हाइट 5 फीट 5 इंच है।

मेरी शादी को 4 साल हो चुके हैं। मेरे हसबैंड का नाम राघव है, उनकी उम्र 30 साल है।

वो एक आईटी कंपनी में काम करते हैं। हमारी लाइफ बहुत अच्छी चल रही है, लेकिन हमारी सेक्स लाइफ में थोड़ी समस्या थी।

राघव को हमेशा से नई-नई चीजें ट्राई करने का शौक रहा है।

वो अक्सर इंटरनेट पर अलग-अलग तरह की सेक्स स्टोरीज पढ़ते हैं।

एक दिन उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने कपल स्वैपिंग के बारे में पढ़ा है।

मैं पहले तो चौंक गई, लेकिन फिर धीरे-धीरे मुझे भी यह आइडिया इंटरेस्टिंग लगने लगा।

हमने कुछ महीनों तक इसके बारे में बातचीत की। राघव ने मुझे समझाया कि यह सिर्फ सेक्स है, प्यार नहीं।

हमारा रिलेशनशिप मजबूत रहेगा। आखिरकार, मैं मान गई। हमने एक स्विंगर्स वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाया।

कुछ हफ्तों बाद, हमें एक कपल मिला। उनका नाम था सुनील और कविता।

सुनील की उम्र 35 साल थी और कविता की 32 साल।

वो भी दिल्ली से ही थे, और उनकी शादी को 8 साल हो चुके थे। कविता का फिगर 38-34-40 था, वो थोड़ी मोटी लेकिन बहुत सेक्सी थीं।

हमने पहले ऑनलाइन चैट की, फिर वीडियो कॉल पर बात की।

हम चारों एक-दूसरे से काफी कंफर्टेबल हो गए। हमने तय किया कि हम गोवा में मिलेंगे।

वहां एक रिजॉर्ट में हमने 3 दिनों का प्लान बनाया। मैं थोड़ी नर्वस थी, लेकिन राघव ने मुझे हिम्मत दी।

15 अगस्त को हम गोवा पहुंचे। रिजॉर्ट बहुत खूबसूरत था, समुद्र किनारे।

हमने शाम को 6 बजे मिलने का प्लान बनाया। हमारा कमरा नंबर 302 था, और उनका 305। शाम को 6:30 बजे, दरवाजे पर नॉक हुआ।

राघव ने दरवाजा खोला। सुनील और कविता खड़े थे।

सुनील लंबे-चौड़े, आठ इंच के करीब हाइट, गोरा रंग, और एथलेटिक बॉडी। कविता ने नीले रंग की साड़ी पहनी थी, उनका ब्लाउज थोड़ा डीप था, और उनके बड़े-बड़े बूब्स साफ झल रहे थे।

“हाय, आलिया और राघव,” सुनील ने मुस्कुराते हुए कहा।

“आओ, अंदर आओ,” राघव ने कहा।

हम चारों लिविंग एरिया में बैठ गए। राघव ने वाइन निकाली। हमने दो-दो पेग लिए।

बातचीत शुरू हुई। हमने अपनी लाइफ्स के बारे में बताया, अपने इंटरेस्ट के बारे में। धीरे-धीरे, माहौल हल्का होने लगा।

“तो, आलिया, तुम पहली बार कर रही हो?” कविता ने पूछा।

“हां,” मैंने शरमाते हुए कहा।

“डरो मत, मजा आएगा,” कविता ने मेरी थाइ पर हाथ रखते हुए कहा।

उनका हाथ गर्म था। मैंने राघव की तरफ देखा, वो मुस्कुरा रहे थे।

सुनील ने कहा, “क्यों ना हम बीच पर घूमने चलें? वहां माहौल अच्छा रहेगा।”

हम चारों बीच की तरफ निकले। समुद्र की लहरें, रेत, और शाम का माहौल।

हमने वहां एक घंटे बिताए। सुनील मेरे पास आया और मुझे समुद्र किनारे घुमाने ले गया। राघव और कविता पीछे रहे।

“तुम बहुत खूबसूरत हो, आलिया,” सुनील ने कहा।

“थैंक्यू,” मैंने कहा।

उसने मेरा हाथ पकड़ा। मैंने विरोध नहीं किया।

हम लहरों में पैर डालते हुए चल रहे थे।

धीरे-धीरे, उसका हाथ मेरी कमर पर आ गया। फिर वो मेरी गांड पर थपथपाने लगा। मैं गर्म होने लगी थी।

वापस रिजॉर्ट आने के बाद, हमने डिनर ऑर्डर किया।

रूम में ही खाना आया। हम चारों ने साथ में खाना खाया। खाने के बाद, राघव ने म्यूजिक लगाया।

वाइन का असर था, या माहौल, मुझे हल्का-हल्का चक्कर आ रहा था।

“चलो, डांस करते हैं,” कविता ने कहा।

राघव ने कविता का हाथ पकड़ा और डांस फ्लोर की तरफ ले गया।

मैं और सुनील उनके पीछे थे। स्लो म्यूजिक बज रहा था। सुनील ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया।

मेरे बूब्स उसकी छाती से टच हो रहे थे। उसका एक हाथ मेरी कमर पर था, दूसरा मेरी गांड पर।

मैंने राघव की तरफ देखा। वो कविता को पकड़े हुए थे, उसके बूब्स उसकी छाती पर दबे हुए थे।

राघव का एक हाथ कविता की गांड पर था। मुझे अजीब सा लगा, लेकिन साथ ही उत्तेजना भी हो रही थी।

डांस करते-करते, सुनील ने मेरे गाल पर चुंबन किया।

फिर धीरे से मेरे गर्दन पर। मैंने अपनी आंखें बंद कर लीं। उसके होंठ गर्म थे।

वो मेरे कान के पास आया और धीरे से बोला, “मैं तुम्हें चाहता हूं, आलिया।”

मैंने कुछ नहीं कहा। मेरा मुंह बंद था, लेकिन मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था।

उसने मेरे होठों पर चुंबन किया। मैंने जवाब दिया। हम एक-दूसरे को किस करने लगे। उधर, राघव और कविता भी किस कर रहे थे।

“क्यों ना हम बेडरूम में चलें?” राघव ने कहा।

हम चारों बेडरूम की तरफ बढ़े। राघव ने कविता का हाथ पकड़ा, और सुनील ने मेरा।

हम अलग-अलग बेड पर गए। राघव और कविता एक बेड पर, और मैं और सुनील दूसरे पर।

सुनील ने मुझे बेड पर लिटाया। वो मेरे ऊपर झुक गया और मेरे होठों को चूसने लगा।

उसके हाथ मेरे बूब्स को मसल रहे थे। मैं गर्म हो चुकी थी, पूरी तरह से।

उसने मेरी टी-शर्ट उतारी। फिर मेरी ब्रा। मेरे बूब्स आजाद हो गए। उसने उन्हें पकड़ा और चूसना शुरू कर दिया।

“ओह…” मैंने आवाज निकाली।

उधर, राघव कविता की साड़ी खोल रहे थे। कविता सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी।

राघव ने उसका ब्लाउज खोला। कविता के बड़े-बड़े बूब्स बाहर आ गए। राघव उन्हें चूसने लगे।

सुनील ने मेरी जींस उतारी। मैं सिर्फ पैंटी में थी। उसने मेरी पैंटी भी उतार दी।

मैं पूरी तरह नंगी थी। उसने मेरी टांगें फैलाई और मेरी योनि को देखा। “वाह, कितनी सुंदर है,” उसने कहा।

उसने अपनी जीभ से मेरी योनि को चाटना शुरू किया।

मैं पागल हो रही थी। उसकी जीभ मेरी क्लाइटोरिस पर घूम रही थी। मैंने अपने हाथ उसके सिर पर रख दिए और उसे और अपनी तरफ दबाया।

“हां, सुनील, हां…” मैंने कहा।

उधर, कविता राघव का लंड चूस रही थी।

राघव का लंड 6 इंच का था, और कविता उसे पूरा अपने मुंह में ले रही थी। राघव आंखें बंद करके आनंद ले रहे थे।

सुनील ने मुझे चाटते हुए मेरी योनि में एक उंगली डाल दी।

मैं गीली थी, बहुत ज्यादा। उसकी उंगली आसानी से अंदर चली गई। वो अंदर-बाहर करने लगा। मैं झड़ने वाली थी।

“रुको, मैं झड़ जाऊंगी,” मैंने कहा।

“झड़ो, मुझे पसंद है,” उसने कहा।

उसने अपनी उंगली और तेज कर दी, और अपनी जीभ से मेरी क्लाइटोरिस को चाटना जारी रखा।

मैं झड़ गई। मेरा पूरा शरीर कांप उठा। मैंने आंखें बंद कर लीं और आनंद लिया।

सुनील ने अपने कपड़े उतारे। उसका लंड बाहर आया। वो 7 इंच लंबा था, और काफी मोटा।

मैंने इतना मोटा लंड पहले कभी नहीं देखा था। उसने कंडोम पहना और मेरे ऊपर आ गया।

“तैयार हो?” उसने पूछा।

“हां,” मैंने कहा।

उसने अपने लंड का सिरा मेरी योनि पर रखा और धीरे से धक्का दिया।

मैं तंग थी, और उसका लंड मोटा था। मुझे दर्द हुआ, लेकिन साथ ही मजा भी आया।

“थोड़ा धीरे,” मैंने कहा।

उसने धीरे-धीरे अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया।

मैंने अपने पैर उठाकर उसकी कमर पर रख दिए। वो हिलना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे, फिर तेजी से।

“ओह, सुनील, तुम बहुत अच्छे हो,” मैंने कहा।

“तुम भी,” उसने कहा।

वो मुझे चोद रहा था, और मैं उसकी हर धक्के का जवाब दे रही थी।

उधर, राघव कविता को डॉगी स्टाइल में चोद रहे थे।

कविता के बड़े-बड़े चूतड़ हिल रहे थे। राघव उन्हें पकड़कर तेजी से धक्के लगा रहे थे।

“हां, राघव, और तेज,” कविता कह रही थी।

सुनील ने मेरी टांगें अपने कंधों पर रख दी और और गहराई से चोदने लगा।

उसका लंड मेरी योनि की गहराई में जा रहा था। मैं फिर से झड़ने वाली थी।

“मैं झड़ने वाली हूं,” मैंने कहा।

“मैं भी,” सुनील ने कहा।

हम एक साथ झड़े। मैंने अपने नाखून उसकी पीठ में गाड़ दिए।

उसने अपना वीर्य कंडोम में छोड़ दिया। हम दोनों थककर एक-दूसरे पर गिर पड़े।

कुछ देर बाद, जब हमारी सांसें सामान्य हुईं, हमने देखा कि राघव और कविता भी खत्म हो चुके थे।

कविता राघव के बगल में लेटी थी, और राघव उसके बूब्स को सहला रहे थे।

“कैसा रहा?” राघव ने मुस्कुराते हुए पूछा।

“अमेजिंग,” मैंने कहा।

हम चारों ने एक साथ शॉवर लिया। बाथरूम में भी हमने एक-दूसरे को छुआ, चूमा। फिर हमने रात का खाना खाया।

खाने के बाद, सुनील ने कहा, “क्यों ना हम एक साथ सोएं? एक बेड पर?”

मैंने राघव की तरफ देखा। उन्होंने हां में सिर हिलाया।

हम चारों एक बड़े बेड पर लेट गए। मैं राघव और सुनील के बीच में थी, और कविता दूसरी तरफ।

रात को, जब सब सो रहे थे, मैंने महसूस किया कि कोई मेरे बूब्स को छू रहा था।

मैंने आंखें खोलीं। सुनील जाग रहा था, और वो मुझे छू रहा था। मैंने मुस्कुराया और उसे अपनी ओर खींचा।

हम धीरे-धीरे एक-दूसरे को चूमने लगे। राघव और कविता भी जाग गए।

राघव ने कविता को पकड़ा, और हम दो जोड़े एक साथ प्यार करने लगे।

इस बार, राघव मेरे पास आए और सुनील कविता के पास गए। हमने स्विच किया।

राघव ने मुझे चूमा, और मैंने उन्हें। यह अलग अनुभव था—अपने पति को दूसरी औरत के साथ देखना, और खुद दूसरे मर्द के साथ होना।

“मैं तुमसे प्यार करता हूं,” राघव ने मेरे कान में कहा।

“मैं भी,” मैंने कहा।

हमने फिर से प्यार किया। इस बार धीरे-धीरे, रोमांटिक तरीके से।

राघव मुझे चोद रहे थे, और सुनील कविता को। हम चारों एक साथ आनंद ले रहे थे।

अगली सुबह, हम चारों नंगे बेड पर लेटे हुए थे। सुनील ने कहा, “क्या हम फिर से मिल सकते हैं?”

“जरूर,” राघव ने कहा।

हमने अगले महीने मिलने का प्लान बनाया। इस बार हमारे घर पर।

गोवा से वापस आने के बाद, मेरी और राघव की लाइफ बदल गई।

हम और करीब आ गए। हम अक्सर उस रात के बारे में बात करते, और फिर सेक्स करते।

हमारी सेक्स लाइफ और भी बेहतर हो गई।

हमने सुनील और कविता से कई बार मिला। हमने नई-नई चीजें ट्राई कीं।

हमने थ्रीसम किया, हमने ग्रुप सेक्स किया, हमने अलग-अलग पोजीशंस ट्राई कीं।

लेकिन सबसे अच्छी बात यह थी कि मेरा और राघव का रिश्ता और भी मजबूत हो गया।

हम एक-दूसरे को और अच्छे से समझने लगे।

हमने सीखा कि प्यार और सेक्स अलग-अलग चीजें हो सकती हैं।

हम एक-दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन सेक्स में हम खुले विचारों वाले थे।

एक साल बाद, हमने एक और कपल के साथ भी ट्राई किया। राहुल और सरिता।

वो भी बहुत अच्छे थे।

लेकिन सुनील और कविता के साथ हमारा कनेक्शन सबसे स्पेशल था।

आज, 2 साल बाद, हम अभी भी मिलते हैं। हमारी एक छोटी सी ग्रुप बन गई है।

हम पार्टीज करते हैं, ट्रिप्स पर जाते हैं, और एक-दूसरे के साथ आनंद लेते हैं।

मैं यह नहीं कहूंगी कि यह लाइफस्टाइल सबके लिए है।

लेकिन हमारे लिए यह काम करता है।

हम खुश हैं, हमारी शादी मजबूत है, और हमारी सेक्स लाइफ अमेजिंग है।

तो यह थी मेरी कहानी।

अगर आप भी यह सोच रहे हैं, तो मेरी सलाह है—पहले अपने पार्टनर से खुलकर बात करें, ट्रस्ट बनाएं, और फिर ही आगे बढ़ें।

और हां, सेफ सेक्स का ध्यान जरूर रखें।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

1 thought on “हिल स्टेशन पर कपल स्वैपिंग सेक्स”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top