wife sister sex kahani
ये कहानी मेरे एक फ्रेंड की है जिसे मैंने अपने शब्दों में लिखा जो उन्होंने बताई उसी पर। तो चलिए इस कहानी को एन्जॉय करते हैं।
प्रिया शर्मा एक २२ साल की खूबसूरत लड़की थी। उसकी उम्र हो चुकी थी लेकिन अभी तक उसकी शादी नहीं हुई थी। वो अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करके अब घर पर ही थी। उसकी बड़ी बहन नेहा की शादी तीन साल पहले रोहित से हो गई थी। रोहित एक ३० साल का सफल बिजनेसमैन था जो अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहता था।
प्रिया हमेशा से ही अपनी बहन से ईर्ष्या करती थी। नेहा को हमेशा सब कुछ आसानी से मिल जाता था – अच्छे माता-पिता, अच्छी पढ़ाई, और अब एक अमीर पति। लेकिन प्रिया की नजर में सबसे बड़ी चीज जो नेहा के पास थी, वो था रोहित – उसका जीजा।
रोहित एक आकर्षक आदमी था। ६ फीट की लंबाई, एथलेटिक बॉडी, और वो आत्मविश्वास जो किसी भी औरत को उसकी तरफ खींच लेता था। प्रिया को पहली बार जब रोहित शादी में मिला था, तभी से वो उसके बारे में सोचने लगी थी। उसके सपने रातोंरात बदलने लगे थे – अब उसके सपनों में रोहित आने लगा था।
तीन साल बीत चुके थे लेकिन प्रिया की चाहत कम नहीं हुई थी, बल्कि और बढ़ गई थी। हर बार जब वो रोहित को देखती, उसके अंदर कुछ कुंठित हो जाता। वो रोहित की मुस्कान, उसकी आवाज, उसके हाथ, और उसके पैंट में छिपे उस अंग के बारे में सोचती रहती जिसे वो कभी देख नहीं पाई थी लेकिन जिसके बारे में उसकी कल्पनाएं हद से ज्यादा वासनामय थीं।
अगस्त की एक गर्म दोपहर थी। प्रिया के माता-पिता किसी रिश्तेदार के यहां शादी में गए हुए थे। उन्होंने प्रिया को भी साथ चलने को कहा था लेकिन उसने मना कर दिया, कहा कि उसे कुछ दिन शांति चाहिए। लेकिन असल में वो ये जानती थी कि नेहा और रोहित इसी हफ्ते उसके घर आने वाले थे।
नेहा ने फोन पर बताया था कि वो दोनों शुक्रवार को आएंगे और रविवार तक रहेंगे। प्रिया ने योजना बनाई। उसके माता-पिता शनिवार रात को लौटेंगे, यानी उसके पास शुक्रवार रात और शनिवार का पूरा दिन होगा जब वो अकेली होगी अपने जीजा के साथ।
शुक्रवार की शाम जब रोहित की कार घर के सामने रुकी, प्रिया का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। उसने एक खास ड्रेस पहनी थी – हल्की पीली रंग की साड़ी जिसकी बॉर्डर गहरे नारंगी रंग की थी। ब्लाउज थोड़ा गहरा कटा हुआ था जो उसके उभरे हुए स्तनों को और भी आकर्षक बना रहा था।
“प्रिया!” नेहा गाड़ी से उतरते हुए चिल्लाई और अपनी बहन को गले लगा ली।
रोहित भी बाहर निकला। उसने हल्की नीली रंग की शर्ट और डार्क जींस पहनी थी। उसके बाल थोड़े बिखरे हुए थे और चेहरे पर थकान साफ झलक रही थी।
“कैसी हो प्रिया?” रोहित ने मुस्कुराते हुए पूछा।
“ठीक हूं जीजू,” प्रिया ने शरमा कर जवाब दिया, जानबूझकर अपनी आंखें झुकाई और फिर एक नजर उठाकर रोहित को देखा।
उस रात खाने की मेज पर प्रिया ने जानबूझकर रोहित के सामने बैठने की कोशिश की। नेहा खाना बनाने में मदद करने के लिए रसोई में गई तो प्रिया और रोहित अकेले बैठे।
“तुम बहुत बदल गई हो प्रिया,” रोहित ने कहा, “पहले छोटी सी लड़की थी, अब बड़ी हो गई हो।”
“हां जीजू, समय के साथ सब बदलता है,” प्रिया ने कहते हुए जानबूझकर अपनी साड़ी का पल्लू सिर से हटाया जिससे उसका क्लीवेज थोड़ा और साफ दिखने लगा।
रोहित की नजर वहां गई और फिर तुरंत हट गई। लेकिन प्रिया ने नोटिस कर लिया। उसके अंदर एक शैतानी मुस्कान आई। उसे पता था कि रोहित उसे देख रहा है।
रात को सोने के लिए बिस्तर लगाने का सिलसिला शुरू हुआ। घर में तीन बेडरूम थे – माता-पिता का, प्रिया का, और मेहमानों के लिए एक। लेकिन प्रिया ने पहले ही मेहमान कमरे में अपना सामान रख दिया था।
“अरे प्रिया, ये तो तुम्हारा कमरा है,” नेहा ने कहा।
“नहीं दीदी, मैं मम्मी-पापा के कमरे में सो जाऊंगी। वैसे भी वो कल शाम तक आ जाएंगे। तुम और जीजू इस कमरे में आराम से रहो,” प्रिया ने कहा।
असल में प्रिया की योजना थी। माता-पिता का कमरा मेहमान कमरे के ठीक बगल में था, और दोनों कमरों के बीच की दीवार पतली थी। अगर वो ध्यान से सुने, तो उसे वहां की आवाजें सुनाई दे सकती थीं।
रात को जब सब सो गए, प्रिया अपने कमरे में लेटी हुई थी। उसने कान दीवार से लगाए और सुनने की कोशिश की। शुरू में कुछ नहीं सुनाई दिया, फिर धीरे-धीरे आवाजें आने लगीं।
“रोहित… धीरे…” नेहा की आवाज आई।
प्रिया का दिल तेजी से धड़कने लगा। वो जानती थी कि उसकी बहन और जीजा सेक्स कर रहे हैं। उसने अपना हाथ अपनी नाइटी के अंदर डाला और अपनी चूत को सहलाने लगी। वो कल्पना कर रही थी कि रोहित उसके ऊपर है, उसे चोद रहा है।
“ओह यस… हार्डर…” नेहा की आवाजें आ रही थीं।
प्रिया की उंगलियां तेजी से अपनी चूत में अंदर-बाहर हो रही थीं। वो अपनी आंखें बंद करके रोहित को कल्पना कर रही थी। उसके मन में विचार आ रहे थे – कैसे रोहित का लंड उसकी चूत में घुस रहा होगा, कैसे वो नेहा के स्तनों को चूस रहा होगा, कैसे वो उसे पेल रहा होगा।
“आह… रोहित… मैं आने वाली हूं…” नेहा की चीख सुनाई दी।
प्रिया भी अपने हाथ से झड़ गई। उसने महसूस किया कि उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी। लेकिन ये उसके लिए काफी नहीं था। वो असली चाहती थी – रोहित का लंड, रोहित का शरीर, रोहित का प्यार।
अगली सुबह प्रिया जल्दी उठ गई। उसने एक टाइट फिटिंग कुर्ता और लेगिंग पहनी जिसमें उसकी गांड और चूत की लाइनें साफ दिख रही थीं। वो आईने के सामने खड़ी होकर खुद को देख रही थी।
“आज तुझे ही पाना है रोहित,” उसने खुद से कहा।
नाश्ते की मेज पर रोहित बैठा था। उसने अखबार पढ़ रहा था। प्रिया नेहा से कहा, “दीदी, मुझे बाजार जाना है। कुछ सामान लाना है। क्या तुम मेरे साथ चलोगी?”
“अरे मैं तो थकी हूं यार, कल रात…” नेहा ने कहते हुए रुक गई और शरमा गई।
“कोई बात नहीं, मैं चली जाऊंगी,” प्रिया ने कहा।
“मैं छोड़ आता हूं,” रोहित ने अखबार नीचे रखते हुए कहा।
“नहीं जीजू, आप आराम करो। मैं ऑटो से चली जाऊंगी,” प्रिया ने कहा।
“अरे कोई बात नहीं, मैं भी घर पर बोर हो रहा हूं। चलो,” रोहित ने कहा।
कार में बैठे समय प्रिया ने जानबूझकर अपनी सीट थोड़ी पीछे की तरफ झुकाई ताकि रोहित को उसकी जांघें दिखें। वो हर ब्रेक पर आगे की तरफ झुकती और रोहित के हाथ को अपने स्तनों से छूती।
रोहित को भी महसूस हो रहा था। वो एक आदमी था और प्रिया की नियत साफ झलक रही थी। लेकिन वो नेहा का पति था, उसकी जिम्मेदारी थी।
“प्रिया, तुम बहुत सुंदर हो गई हो,” रोहित ने अचानक कहा।
“थैंक्स जीजू,” प्रिया ने शरमा कर कहा, “आप भी बहुत हैंडसम हो। दीदी की किस्मत अच्छी है।”
“तुम्हारी शादी कब हो रही है?” रोहित ने पूछा।
“अभी तो कोई लड़का ही नहीं मिला जो पसंद आए,” प्रिया ने कहते हुए रोहित की तरफ देखा, “मुझे तो कोई ऐसा चाहिए जो समझदार हो, अनुभवी हो… जैसे आप।”
रोहित चुप हो गया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या जवाब दे।
बाजार में प्रिया ने जानबूझकर कुछ ज्यादा ही सामान खरीदा ताकि रोहित को उसकी मदद करनी पड़े। वो एक कपड़े की दुकान पर गई और एक बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी नाइटी दिखाई।
“जीजू, ये कैसी लग रही है?” उसने नाइटी अपने शरीर पर लगाकर पूछा।
रोहित ने देखा – वो नाइटी बहुत छोटी थी, पारदर्शी थी, और बहुत ही सेक्सी लग रही थी।
“अच्छी है,” रोहित ने हिचकिचाते हुए कहा।
“ले लूं?” प्रिया ने पूछा।
“हां ले लो,” रोहित ने कहा।
वापसी में प्रिया ने कहा, “जीजू, एक बात पूछूं?”
“हां पूछो।”
“आप और दीदी… खुश हो ना?”
“हां, बहुत खुश हैं।”
“मतलब… सब कुछ ठीक है ना? मैंने कल रात कुछ आवाजें सुनी थीं,” प्रिया ने शरारत से कहा।
रोहित का चेहरा लाल हो गया। “वो… वो…”
“अरे जीजू, शर्माओ मत। मैं समझती हूं। आप दोनों पति-पत्नी हो। वैसे…” प्रिया ने रुककर कहा, “दीदी कितनी खुशकिस्मत है जिसे आप जैसा पति मिला।”
रोहित ने प्रिया की तरफ देखा। उसकी आंखों में वो चमक थी जो किसी भी आदमी को पागल कर दे। वो समझ गया कि प्रिया उसे चाहती है।
शाम को घर पर वापस आए तो नेहा सो रही थी। रोहित ने कहा, “मैं भी थोड़ा आराम कर लेता हूं।”
“ठीक है जीजू,” प्रिया ने कहा।
लेकिन प्रिया की योजना अभी पूरी नहीं हुई थी। उसने सोचा था कि रात को कुछ करेगी।
रात के खाने में प्रिया ने जानबूझकर थोड़ी ज्यादा शराब मिलाई थी जो नेहा के लिए थी। नेहा को पता नहीं चला और वो ज्यादा पी गई। खाने के बाद वो तुरंत सो गई।
रोहित भी थोड़ा नशे में था। वो बैठक में बैठा टीवी देख रहा था। प्रिया ने वो नाइटी पहनी जो दिन में खरीदी थी – लाल रंग की, बहुत छोटी, और पूरी तरह पारदर्शी। उसने अंदर कुछ नहीं पहना था।
वो रोहित के पास आकर बैठ गई। “जीजू, टीवी देख रहे हो?”
रोहित ने प्रिया को देखा और उसकी सांस रुक गई। प्रिया की नाइटी में उसके स्तन, उसकी चूत, सब कुछ साफ दिख रहा था।
“प्रिया… तुमने ये क्या पहना है?” रोहित ने हकलाते हुए पूछा।
“क्या हुआ जीजू? अच्छा नहीं लग रहा?” प्रिया ने कहते हुए अपना हाथ रोहित के जांघ पर रख दिया।
“प्रिया… ये ठीक नहीं है… तुम मेरी साली हो…” रोहित ने कहा लेकिन उसका लंड खड़ा हो चुका था।
“मैं जानती हूं जीजू,” प्रिया ने कहते हुए रोहित के करीब आ गई, “लेकिन मैं आपको चाहती हूं। बहुत समय से चाहती हूं।”
“लेकिन नेहा…” रोहित ने कहा।
“दीदी सो रही है। और वैसे भी, वो तो आपकी पत्नी है, मैं नहीं। मैं तो बस ये चाहती हूं कि एक बार… सिर्फ एक बार आप मुझे अपना लव दें,” प्रिया ने रोहित के कान में फुसफुसाते हुए कहा।
रोहित का संयम टूट रहा था। वो एक आदमी था और प्रिया बहुत खूबसूरत थी। उसकी जवानी, उसकी चाहत, सब कुछ उसे मोह रहा था।
“प्रिया… हम ये नहीं कर सकते…” रोहित ने कहा लेकिन उसका हाथ प्रिया की जांघ पर चला गया था।
“क्यों नहीं कर सकते जीजू? देखिए ना, मैं कितनी गर्म हूं आपके लिए,” प्रिया ने रोहित का हाथ अपनी चूत पर रख दिया।
रोहित ने महसूस किया – प्रिया की चूत पूरी तरह से गीली थी। वो गर्म थी, नरम थी, और बहुत ही उत्तेजित थी।
“ओह प्रिया…” रोहित ने कराहते हुए कहा।
“प्लीज जीजू… मुझे चोद दीजिए… मैं आपकी हूं…” प्रिया ने रोहित के होठों पर चूमते हुए कहा।
रोहित ने प्रिया को अपनी बाहों में भर लिया और उसके होठों पर एक जोरदार चुंबन दिया। वो तीन साल से जो दबाए हुए था, वो सब बाहर आने लगा।
रोहित और प्रिया एक-दूसरे को चूम रहे थे। रोहित का हाथ प्रिया की नाइटी के अंदर था और वो उसके स्तनों को मसल रहा था।
“ओह जीजू… हां… मसल दीजिए इन्हें…” प्रिया कराह रही थी।
रोहित ने प्रिया की नाइटी ऊपर उठाई और उसके स्तनों को आजाद कर दिया। वो गोल, कड़े, और बहुत खूबसूरत थे। रोहित ने एक स्तन को मुंह में लेकर चूसना शुरू किया।
“आह… हां जीजू… और जोर से… दांत से काटिए…” प्रिया सिसक रही थी।
रोहित ने दूसरे हाथ से प्रिया की चूत को सहलाना शुरू किया। वो उसकी चूत की दरार में उंगली फिरा रहा था।
“कितनी गीली हो तुम…” रोहित ने कहा।
“आपके लिए जीजू… सिर्फ आपके लिए…” प्रिया ने कहा, “चलिए ना… मुझे अपने कमरे में ले चलिए… यहां नहीं…”
रोहित ने प्रिया को गोद में उठाया और मेहमान कमरे की तरफ बढ़ा। लेकिन फिर उसे याद आया कि नेहा वहीं सो रही है।
“नेहा…” रोहित ने कहा।
“मम्मी-पापा के कमरे में चलिए… वो खाली है…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने प्रिया को माता-पिता के कमरे में ले जाकर बिस्तर पर पटक दिया। वो उसके ऊपर चढ़ गया और उसके होठों को फिर से चूमने लगा।
“आज मैं तुझे चोदूंगा प्रिया… तेरी चूत फाड़ दूंगा…” रोहित ने गंदी बातें करते हुए कहा।
“हां जीजू… फाड़ दीजिए मेरी चूत… मैं आपकी रंडी हूं… मुझे पेलिए…” प्रिया ने शरारती अंदाज में कहा।
रोहित ने प्रिया की नाइटी पूरी तरह से उतार दी। अब प्रिया पूरी तरह से नंगी थी। रोहित ने खुद के कपड़े भी उतार दिए। उसका लंड पूरी तरह से खड़ा था – ८ इंच का, मोटा, और बहुत ही आकर्षक।
“वाह जीजू… कितना बड़ा है आपका…” प्रिया की आंखें चौड़ी हो गईं।
“आज ये तेरी चूत में जाएगा…” रोहित ने कहा।
“प्लीज जीजू… पहले इसे चूसने दीजिए…” प्रिया ने कहते हुए रोहित का लंड पकड़ लिया।
वो उसे अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। वो उसके सुपाड़े को जीभ से चाट रही थी, फिर पूरा लंड अपने गले तक उतार रही थी।
“ओह फक… प्रिया… क्या चूस रही है तू…” रोहित कराह रहा था।
“आपको अच्छा लग रहा है जीजू?” प्रिया ने मुंह से लंड निकालकर पूछा।
“बहुत अच्छा… और जोर से चूस…” रोहित ने कहा।
प्रिया फिर से चूसने लगी। वो रोहित के लंड को अपने मुंह में लेकर आगे-पीछे कर रही थी। उसकी थूक से लंड पूरी तरह से गीला हो चुका था।
“बस… बस… रुक जा… नहीं तो मैं झड़ जाऊंगा…” रोहित ने कहा।
प्रिया ने लंड छोड़ दिया और बिस्तर पर लेट गई। उसने अपनी टांगें फैलाई और अपनी चूत दिखाई।
“आ जाइए जीजू… मेरी चूत तैयार है आपके लिए…” प्रिया ने कहा।
रोहित प्रिया के ऊपर आ गया। उसने अपने लंड का सुपाड़ा प्रिया की चूत के मुंह पर रखा।
“घुसाइए जीजू… पूरा अंदर…” प्रिया ने कहा।
“दर्द होगा…” रोहित ने कहा।
“मुझे दर्द चाहिए जीजू… मुझे आपका दर्द चाहिए…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने एक जोरदार धक्का दिया और उसका आधा लंड प्रिया की चूत में घुस गया।
“आह… माँ… दर्द…” प्रिया चीखी।
“रुक जाऊं?” रोहित ने पूछा।
“नहीं… और अंदर… पूरा…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने एक और धक्का दिया और पूरा लंड अंदर घुसा दिया।
“ओह जीजू… कितना गहरा गया है…” प्रिया सिसक रही थी।
रोहित धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा। वो प्रिया की चूत में अपना लंड आगे-पीछे कर रहा था।
“कैसा लग रहा है मेरी रंडी?” रोहित ने अश्लील भाषा में पूछा।
“बहुत अच्छा जीजू… और तेज… मुझे पेलिए… मेरी चूत फाड़ दीजिए…” प्रिया कराह रही थी।
रोहित ने गति बढ़ा दी। वो प्रिया की चूत में जोर-जोर से धक्के लगा रहा था। बिस्तर की चरपराहट गूंज रही थी।
“तू बहुत टाइट है प्रिया… तेरी चूत बहुत गर्म है…” रोहित ने कहा।
“सिर्फ आपके लिए जीजू… मैं आपकी हूं… मुझे अपनी बनाइए…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने प्रिया की टांगें अपने कंधों पर रख ली और और गहरे धक्के लगाने लगा। उसका लंड प्रिया की चूत की गहराई में जा रहा था।
“आह… जीजू… मैं झड़ने वाली हूं…” प्रिया ने कहा।
“मैं भी… एक साथ…” रोहित ने कहा।
“हां जीजू… अपना माल मेरी चूत में ही छोड़ दीजिए…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने कुछ और तेज धक्के लगाए और फिर प्रिया की चूत में ही झड़ गया। प्रिया भी उसी समय झड़ी।
दोनों एक-दूसरे में समा गए। रोहित प्रिया के ऊपर गिर गया और दोनों हांफ रहे थे।
अगली सुबह जब प्रिया उठी, रोहित बाथरूम में था। उसने सोचा कि आज और मौका है क्योंकि नेहा अभी भी सो रही थी।
प्रिया ने सिर्फ एक टॉवल लपेटा और बाथरूम में घुस गई। रोहित नहा रहा था।
“जीजू… मैं भी नहा लूं?” प्रिया ने कहा।
“प्रिया… ये…” रोहित ने कहते हुए देखा कि प्रिया ने टॉवल उतार दिया और वो भी नंगी हो गई।
“कल रात तो बहुत मजा आया जीजू… आज सुबह भी…” प्रिया ने कहते हुए शावर में घुस गई।
रोहित का लंड फिर से खड़ा हो गया। प्रिया ने उसे पकड़ लिया।
“फिर से तैयार हो गया?” प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा।
“तुम्हें देखकर हमेशा तैयार रहता है…” रोहित ने कहा।
प्रिया ने घुटनों पर बैठकर रोहित का लंड चूसना शुरू किया। पानी की बौछार के नीचे वो उसका लंड चूस रही थी।
“ओह यस… प्रिया… तू बहुत अच्छी है…” रोहित कराह रहा था।
प्रिया ने रोहित का लंड मुंह से निकाला और खड़ी हो गई। उसने अपने हाथ दीवार पर रखे और अपनी गांड रोहित की तरफ उठाई।
“आ जाइए जीजू… पीछे से…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने प्रिया की कमर पकड़ी और अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया।
“आह… हां…” प्रिया कराही।
रोहित ने पीछे से धक्के लगाने शुरू किए। पानी की बौछार में दोनों की बॉडी गीली थीं और एक-दूसरे से टकरा रही थीं।
“तेरी गांड बहुत मस्त है प्रिया…” रोहित ने कहते हुए प्रिया की गांड पर थप्पड़ मारा।
“आह… हां… मारिए जीजू… मारिए मेरी गांड…” प्रिया चीखी।
रोहित ने और जोर से धक्के लगाए। वो प्रिया की चूत को पीछे से पेल रहा था।
“मैं झड़ने वाला हूं…” रोहित ने कहा।
“मेरी गांड में छोड़ दीजिए जीजू…” प्रिया ने कहा।
“क्या? गांड में?” रोहित ने पूछा।
“हां जीजू… मैं तैयार हूं… मुझे अपनी गांड मरवानी है आपसे…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने अपना लंड चूत से निकाला और प्रिया की गांड के छेद पर रखा।
“धीरे से जीजू… पहली बार है…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने धीरे से दबाया और उसका सुपाड़ा प्रिया की गांड में घुस गया।
“आह… दर्द…” प्रिया चीखी।
“रुक जाऊं?” रोहित ने पूछा।
“नहीं… और अंदर…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर डाल दिया।
“कितनी टाइट है तेरी गांड…” रोहित ने कहा।
“चोदिए जीजू… मेरी गांड चोदिए…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने गांड में धक्के लगाने शुरू किए। शुरू में धीरे, फिर तेज।
“आह… हां… और तेज… मुझे पेलिए…” प्रिया कराह रही थी।
रोहित ने पूरी गति से प्रिया की गांड मारनी शुरू कर दी। पानी की बौछार में दोनों की सांसें तेज हो रही थीं।
“मैं झड़ रहा हूं…” रोहित ने कहा।
“मेरी गांड में ही छोड़ दीजिए…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने कुछ और धक्के लगाए और फिर प्रिया की गांड में ही झड़ गया।
दोनों थककर दीवार से सट गए। पानी अभी भी बह रहा था।
जब दोनों बाथरूम से बाहर निकले, नेहा अभी भी सो रही थी। लेकिन वो पूरी तरह से नशे में थी और उसे कुछ पता नहीं चला।
प्रिया और रोहित ने कपड़े पहने और नीचे आ गए। नाश्ते की मेज पर दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे।
“कल रात… मजा आया?” प्रिया ने शरारत से पूछा।
“बहुत…” रोहित ने कहा, “लेकिन ये सब गलत है प्रिया। नेहा…”
“नेहा दीदी को कुछ पता नहीं चलेगा जीजू। और वैसे भी, मैं आपसे प्यार करती हूं। सच्चा प्यार,” प्रिया ने कहा।
रोहित चुप हो गया। उसे भी प्रिया पसंद आने लगी थी। उसकी जवानी, उसकी चाहत, उसका जुनून – सब कुछ।
“मुझे भी तुम पसंद हो प्रिया… लेकिन…” रोहित ने कहा।
“कोई लेकिन-वेकिन नहीं जीजू। बस मुझे ये पल चाहिए। आपके साथ,” प्रिया ने कहा।
दिन भर दोनों ने जब भी मौका मिला, एक-दूसरे को छुआ, चूमा। रसोई में, बैठक में, बालकनी में – हर जगह।
शाम को जब नेहा उठी, उसे सिरदर्द था।
“मैंने कल रात क्या पी लिया था?” नेहा ने पूछा।
“तुम्हें पता नहीं, तुम तो बहुत नशे में थी,” रोहित ने कहा।
“सॉरी यार… मैंने तुम्हारा मजा खराब कर दिया,” नेहा ने प्रिया से कहा।
“कोई बात नहीं दीदी… जीजू ने मेरा ख्याल रखा,” प्रिया ने कहते हुए रोहित की तरफ देखा।
रोहित का चेहरा थोड़ा लाल हो गया लेकिन उसने संभाल लिया।
रात को फिर से वही हालत थी। नेहा जल्दी सो गई। प्रिया ने अपने कमरे से आवाज लगाई, “जीजू… एक मिनट आइए ना…”
रोहित चुपचाप प्रिया के कमरे में गया। प्रिया ने एक बहुत ही सेक्सी लाल रंग की लैंजरी पहनी थी।
“आज क्या खास है?” रोहित ने पूछा।
“आज मैं आपको पूरी तरह से अपना बनाना चाहती हूं जीजू। हर तरह से,” प्रिया ने कहा।
वो रोहित के पास आई और उसके कपड़े उतारने लगी। फिर उसे बिस्तर पर लेटा दिया।
“आज मैं आपकी सेवा करूंगी जीजू,” प्रिया ने कहा।
वो रोहित के पैरों से चूमना शुरू किया और धीरे-धीरे ऊपर बढ़ी। उसने रोहित की जांघों पर चूमे, फिर उसके लंड को।
“ओह… प्रिया…” रोहित कराहा।
प्रिया ने रोहित का लंड अपने मुंह में लिया और चूसने लगी। वो उसके लंड को अपने गले तक उतार रही थी, फिर ऊपर निकाल रही थी।
“तुम बहुत अच्छी हो प्रिया… बहुत अच्छी…” रोहित ने कहा।
प्रिया ने चूसना जारी रखा। वो रोहित के लंड को अपने हाथ से भी सहला रही थी। फिर उसने रोहित के अंडकोश को चूसना शुरू किया।
“ओह फक… ये क्या कर रही हो…” रोहित ने कहा।
“मजा आ रहा है ना जीजू?” प्रिया ने पूछा।
“बहुत…” रोहित ने कहा।
प्रिया फिर से लंड चूसने लगी। इस बार वो और तेज, और गहरा। रोहित कराह रहा था।
“रुक जा… मैं झड़ जाऊंगा…” रोहित ने कहा।
“नहीं जीजू… मुंह में ही छोड़ दीजिए…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने खुद को रोका नहीं और प्रिया के मुंह में ही झड़ गया। प्रिया ने सारा रस पिया और लंड चाटकर साफ किया।
“कैसा लगा जीजू?” प्रिया ने पूछा।
“अमेजिंग…” रोहित ने कहा।
“अब आपकी बारी…” प्रिया ने कहते हुए अपनी लैंजरी उतारी और बिस्तर पर लेट गई।
रोहित ने प्रिया की टांगें फैलाई और उसकी चूत को चाटना शुरू किया।
“आह… हां जीजू… और जोर से…” प्रिया कराह रही थी।
रोहित ने प्रिया की चूत में अपनी जीभ घुसाई और अंदर-बाहर करने लगा। फिर वो उसकी क्लिटoris को चूसने लगा।
“ओह माँ… जीजू… मैं झड़ने वाली हूं…” प्रिया ने कहा।
“झड़ जाओ… मेरे मुंह में…” रोहित ने कहा।
प्रिया झड़ गई। रोहित ने सारा रस चूस लिया।
रविवार की रात थी। कल सुबह नेहा और रोहित वापस जाने वाले थे। प्रिया ने सोचा कि ये आखिरी मौका है।
उसने एक खास सरप्राइज प्लान किया था। उसने नेहा के लिए एक और खास ड्रिंक बनाई जिसमें नींद की गोली मिलाई थी। नेहा फिर से जल्दी सो गई।
रोहित को प्रिया ने अपने कमरे में बुलाया। इस बार उसने मोमबत्तियां जलाई थीं, गुलाब की पंखुड़ियां बिछाई थीं, और एक खास परफ्यूम लगाया था।
“आज की रात सिर्फ हमारी है जीजू,” प्रिया ने कहा।
वो दोनों एक-दूसरे में खो गए। रोहित ने प्रिया को धीरे-धीरे चूमना शुरू किया – उसके माथे से, आंखों से, गालों से, गर्दन से, और फिर स्तनों से।
“आज मैं तुम्हें धीरे-धीरे चोदूंगा प्रिया… प्यार से…” रोहित ने कहा।
“हां जीजू… मुझे आपका प्यार चाहिए…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने प्रिया को बिस्तर पर लेटाया और उसके ऊपर आ गया। उसने अपना लंड प्रिया की चूत पर रखा और धीरे से अंदर डाला।
“ओह… जीजू…” प्रिया ने आंखें बंद करते हुए कहा।
रोहित ने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए। वो प्रिया के होठों को चूम रहा था, उसके स्तनों को सहला रहा था।
“तुम बहुत प्यारी हो प्रिया…” रोहित ने कहा।
“मैं आपकी हूं जीजू… हमेशा…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने गति बढ़ाई। वो प्रिया की चूत में जोर-जोर से धक्के लगा रहा था लेकिन प्यार से, वासना से।
“और तेज जीजू… मुझे पूरी तरह से अपना बनाइए…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने प्रिया की टांगें अपने कंधों पर रखी और गहरे धक्के लगाने लगा। उसका लंड प्रिया की चूत की गहराई में जा रहा था।
“मैं झड़ने वाला हूं प्रिया…” रोहित ने कहा।
“मेरी चूत में छोड़ दीजिए… मुझे अपने बच्चे की मां बनाइए…” प्रिया ने कहा।
ये सुनकर रोहित और उत्तेजित हो गया। उसने कुछ और जोरदार धक्के लगाए और फिर प्रिया की चूत में ही झड़ गया।
प्रिया भी उसी समय झड़ी। दोनों एक-दूसरे में समाए हुए थे।
“मैं तुमसे प्यार करता हूं प्रिया…” रोहित ने कहा।
“मैं भी जीजू… बहुत प्यार…” प्रिया ने कहा।
अगली सुबह नेहा और रोहित जाने वाले थे। प्रिया उदास थी लेकिन उसने रोहित से वादा लिया था कि वो फिर से मिलेंगे।
“जीजू, आप जल्दी वापस आइएगा,” प्रिया ने कहा।
“जरूर आऊंगा,” रोहित ने कहा।
कार में बैठे समय रोहित ने प्रिया को एक चिट्ठी दी। उसमें लिखा था, “तुम्हारे लिए मेरा दिल हमेशा धड़केगा। मैं तुमसे मिलने जरूर आऊंगा। तुम मेरी हो, हमेशा।”
प्रिया की आंखों में आंसू आ गए। वो रोहित को दूर जाते देखती रही।
घर में अकेली प्रिया अपने कमरे में बैठी थी। उसने अपनी चूत पर हाथ रखा जहां अभी भी रोहित का एहसास था।
“मैं आपकी हूं जीजू… हमेशा…” उसने खुद से कहा।
उसे पता था कि ये सिर्फ शुरुआत थी। रोहित फिर आएगा, और वो फिर से उसकी होगी। ये उनका रहस्य था, उनकी वासना थी, उनका प्यार था।
प्रिया ने अपने कपड़े उतारे और आईने में खुद को देखा। उसके शरीर पर रोहित के चुंबनों के निशान थे। वो मुस्कुराई।
“अगली बार और मजा आएगा…” उसने सोचा।
और वो सच हुआ। रोहित हर महीने किसी न किसी बहाने से मिलने आता। और हर बार प्रिया उसे नए तरीकों से खुश करती। वो दोनों एक-दूसरे के लिए बने थे, और ये रिश्ता, ये वासना, ये चाहत – हमेशा जारी रही।
छह महीने बीत चुके थे। प्रिया और रोहित का रिश्ता और गहरा हो गया था। वो हफ्ते में कम से कम एक बार तो मिल ही लेते थे – कभी होटल में, कभी किसी दोस्त के घर, कभी प्रिया के घर जब माता-पिता बाहर होते।
प्रिया की शादी की बात चल रही थी घर में। उसके माता-पिता एक लड़का देख रहे थे। ये सुनकर प्रिया घबरा गई। वो रोहित से मिली।
“जीजू, मेरी शादी की बात चल रही है… मैं क्या करूं?” प्रिया ने रोहित से पूछा।
रोहित ने सोचा और कहा, “प्रिया, तुम्हें अपनी जिंदगी जीनी होगी। मैं तुम्हारे साथ नहीं रह सकता हमेशा। मैं नेहा का पति हूं।”
“लेकिन मैं आपके बिना नहीं रह सकती जीजू… मैं आपसे प्यार करती हूं…” प्रिया ने रोते हुए कहा।
“मैं भी तुमसे प्यार करता हूं प्रिया… लेकिन ये सच्चाई है। हम एक नहीं हो सकते,” रोहित ने कहा।
प्रिया रोती रही। रोहित ने उसे गले लगाया।
“एक काम करते हैं… जब तक तुम्हारी शादी नहीं हो जाती, हम मिलते रहेंगे। और उसके बाद… हम देखेंगे,” रोहित ने कहा।
“सच जीजू?” प्रिया की आंखों में उम्मीद जगी।
“हां… लेकिन इस बीच हमें सावधान रहना होगा। किसी को पता नहीं चलना चाहिए,” रोहित ने कहा।
अगले कुछ महीनों में प्रिया और रोहित जब भी मिले, वो एक-दूसरे को पूरा जी भरकर चोदे। वो जानते थे कि उनके पास समय सीमित है।
एक बार प्रिया ने कहा, “जीजू, आज मैं आपको कुछ खास दिखाना चाहती हूं।”
वो एक होटल के कमरे में थे। प्रिया ने एक वीडियो कैमरा सेट किया था।
“क्या कर रही हो?” रोहित ने पूछा।
“आज हम अपना वीडियो बनाएंगे जीजू… ताकि जब आप दूर हों, मैं आपको देख सकूं…” प्रिया ने कहा।
रोहित को यह आइडिया पसंद आया। दोनों ने कपड़े उतारे और बिस्तर पर आ गए।
कैमरा चालू था। प्रिया ने रोहित का लंड चूसना शुरू किया। वो जानबूझकर कैमरे की तरफ देख रही थी।
“देखो कैमरे में… मैं अपने जीजू का लंड चूस रही हूं…” प्रिया ने कहा।
रोहित उत्तेजित हो गया। उसने प्रिया को बिस्तर पर लेटाया और उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी।
“ओह जीजू… कैमरे में देखिए… देखिए कैसे मेरी चूत चाट रहे हैं आप…” प्रिया कराह रही थी।
फिर रोहित ने प्रिया की चूत में अपना लंड घुसाया।
“आह… जीजू… और जोर से… कैमरा देखते रहिए…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने जोर-जोर से धक्के लगाए। वो कभी प्रिया की चूत मारता, कभी उसकी गांड मारता।
“मेरी गांड मारिए जीजू… कैमरे में देखते हुए…” प्रिया ने कहा।
रोहित ने प्रिया की गांड में लंड डाला और कैमरे की तरफ देखते हुए धक्के लगाने लगा।
“देखो… मैं अपनी साली की गांड मार रहा हूं…” रोहित ने कैमरे में कहा।
“हां जीजू… मेरी गांड मारिए… मैं आपकी रंडी हूं…” प्रिया ने कहा।
दोनों ने एक साथ झड़ने का फैसला किया और कैमरे के सामने ही एक-दूसरे को पूरा जी भरकर चोदा।
वो वीडियो उनके पास रहा। जब भी वो एक-दूसरे से दूर होते, वो उसे देखते और खुश होते।
आखिरकार प्रिया की शादी तय हो गई। एक अच्छे घर का लड़का था, अच्छी नौकरी थी। प्रिया ने मजबूरी में हां कर दी।
शादी से पहले रोहित और प्रिया की आखिरी मुलाकात हुई।
“जीजू, आज आखिरी बार…” प्रिया ने रोते हुए कहा।
“शांत हो जाओ प्रिया… मैं हमेशा तुमसे प्यार करूंगा…” रोहित ने कहा।
उस रात दोनों ने बहुत प्यार किया। रोहित ने प्रिया को हर तरह से चोदा। उसने उसकी चूत मारी, गांड मारी, मुंह में दिया – हर जगह अपना निशान छोड़ा।
“मैं हमेशा आपकी रहूंगी जीजू… चाहे जिससे भी शादी हो जाए…” प्रिया ने कहा।
“और मैं हमेशा तुम्हारा रहूंगा…” रोहित ने कहा।
शादी के बाद प्रिया अपने पति के साथ रहने लगी। लेकिन वो रोहित से मिलती रही। वो दोनों जब भी मौका मिलता, चुपके से मिलते और एक-दूसरे को चोदते।
ये रिश्ता कभी खत्म नहीं हुआ। प्रिया हमेशा रोहित की रही, और रोहित हमेशा प्रिया का रहा। उनकी वासना, उनकी चाहत, उनका प्यार – ये सदा रहा।
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