truck drivers group chudai story
नमस्ते दोस्तों, मैं प्रिया शर्मा, आज आपको अपनी एक सच्ची और अनोखी कहानी सुनाने जा रही हूं।
यह कहानी उस समय की है जब मैंने अपने जीवन में एक ऐसा अनुभव किया जिसने मेरी सोच ही बदल दी।
मेरी उम्र उस समय 28 साल थी और मैं शादीशुदा थी, लेकिन मेरे पति अक्सर बाहर रहते थे काम से।
यह बात उस समय की है जब मैं अपने मायके से ससुराल जा रही थी।
मेरे पति का फोन आया था कि उन्हें एक जरूरी काम से दिल्ली जाना है और वो मुझे स्टेशन से नहीं लेने आ पाएंगे।
उन्होंने कहा कि मैं बस या टैक्सी से आ जाऊं।
मैंने सोचा कि दिन का समय है, कोई दिक्कत नहीं होगी।
मैंने अपने मायके से निकलने का फैसला किया।
मैंने एक सुंदर साड़ी पहनी हुई थी – नीले रंग की, जिसमें मैं बहुत अच्छी लगती थी।
मेरे फिगर का साइज 36-30-38 है, और मेरी हाइट 5 फुट 2 इंच है। मेरे बूब्स पूर्ण आकार के हैं और मेरी गांड उभरी हुई है।
मैं दोपहर 2 बजे के करीब अपने गांव के बस स्टैंड पर पहुंची।
वहां मुझे पता चला कि बस खराब हो गई है और अगली बस शाम 6 बजे तक नहीं आएगी।
मैं परेशान हो गई क्योंकि मुझे शाम तक पहुंचना था।
तभी एक ट्रक वाला मेरे पास आया।
वो करीब 35-36 साल का आदमी था, काला रंग, मजबूत बदन, और दाढ़ी थी।
उसने पूछा – “बहनजी, कहां जाना है?”
मैंने कहा – “मुझे शहर जाना है, लेकिन बस खराब हो गई है।”
वो बोला – “मैं भी उसी तरफ जा रहा हूं, अगर आप चाहें तो मैं छोड़ सकता हूं।”
मैंने सोचा कि दिन का समय है, कोई दिक्कत नहीं होगी। मैंने हां कर दी।
ट्रक में चढ़ी तो देखा कि ड्राइवर की सीट के पीछे एक और आदमी बैठा था।
ड्राइवर ने बताया – “यह मेरा साथी है रमेश, हम दोनों साथ में ही ट्रक चलाते हैं।”
मैंने कहा – “ठीक है, कोई बात नहीं।”
मैं बीच की सीट पर बैठी। ट्रक चल पड़ा।
शुरू में तो सब ठीक था, लेकिन आधे घंटे बाद जब हम हाईवे पर पहुंचे तो ड्राइवर ने रेडियो पर गाने बजाने शुरू किए।
वो गाने थोड़े अश्लील प्रकार के थे – “मुंडे पटियाला शाही के” जैसे गाने।
मुझे थोड़ा अजीब लगा लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा।
फिर ड्राइवर ने कहा – “बहनजी, आप बहुत सुंदर हो। आपके पति बहुत लकी हैं।”
मैंने शर्माते हुए धन्यवाद कहा।
थोड़ी देर बाद रमेश ने पीछे से कहा – “भाई, यह तो इतनी सुंदर है कि मन तो कर रहा है देखने का।”
मैंने सोचा यह कैसी बात कर रहे हैं, लेकिन फिर भी चुप रही।
फिर ड्राइवर ने अपना हाथ मेरी जांघ पर रख दिया।
मैंने हटाने की कोशिश की लेकिन उसने हाथ नहीं हटाया।
वो बोला – “बहनजी, इतना मत शर्माओ। हम भी तो इंसान हैं, हमें भी तो कुछ चाहिए। आप इतनी सुंदर हो, मन तो कर रहा है आपको छूने का।”
मैंने कहा – “यह क्या कर रहे हो? मैं शादीशुदा हूं, मुझे छोड़ दो।”
वो हंसा और बोला – “अरे, हम भी शादीशुदा हैं। लेकिन जो मजा अकेले में है वो कहां भीड़ में है। आज हम तुम्हें इतना मजा देंगे कि तुम भूल जाओगे अपने पति को।”
मुझे समझ में आया कि यह लोग मुझे छोड़ने वाले नहीं हैं।
मैं डर गई लेकिन साथ ही साथ एक अजीब सी उत्तेजना भी हो रही थी।
मेरे पति तो महीने में एक बार आते थे और मेरी जवानी तड़प रही थी।
ड्राइवर ने मेरी साड़ी का पल्लू खींच लिया।
मेरी साड़ी थोड़ी नीचे खिसक गई और मेरे बूब्स ऊपर से ही दिखने लगे।
उसने एक हाथ से मेरे बूब दबाया। मैंने “आह…” की आवाज निकाली।
रमेश पीछे से आ गया और मेरे पीछे बैठ गया।
उसने अपने हाथ मेरी पीठ पर फेरने शुरू किए और फिर मेरी साड़ी का नाड़ा खोल दिया।
मेरी साड़ी खुल गई और मैं ब्लाउज और पेटीकोट में रह गई।
ड्राइवर ने ट्रक साइड में रोक दिया। वो दोनों मुझे घूरने लगे। मैंने कहा – “प्लीज, मुझे जाने दो।”
लेकिन वो नहीं माने। ड्राइवर ने मेरा ब्लाउज खोल दिया और मेरे बूब्स बाहर निकाल लिए।
वो दोनों मेरे बूब्स देखकर पागल हो गए। ड्राइवर बोला – “यह तो दूध जैसे सफेद और रसीले हैं।”
वो मेरे एक बूब को मुंह में लेकर चूसने लगा और रमेश दूसरे को।
मैं विरोध करने की कोशिश कर रही थी लेकिन मेरे शरीर ने विरोध करना बंद कर दिया था। मुझे मजा आने लगा था।
फिर ड्राइवर ने मुझे पीछे की तरफ खींच लिया जहां ट्रक में सोने की जगह थी।
वहां थोड़ी जगह थी। उसने मेरा पेटीकोट उतार दिया। मैंने नीचे पैंटी पहनी हुई थी जो पूरी गीली हो चुकी थी।
ड्राइवर ने मेरी पैंटी सूंघी और बोला – “यह तो पहले से ही तैयार है। देखो कितनी गीली है।”
मैंने शर्म से चेहरा झुका लिया। फिर रमेश ने मेरी पैंटी उतार दी और मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया। मैं “आह… ऊह…” करने लगी। मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं भूल गई कि यह जबरदस्ती है।
ड्राइवर ने अपने कपड़े उतारे। उसका लौड़ा बहुत बड़ा था, करीब 8 इंच का और काफी मोटा।
उसने मेरे मुंह में अपना लौड़ा दे दिया। मैंने पहले तो मना किया लेकिन फिर चूसने लगी। वो मेरे मुंह को चोदने लगा।
रमेश नीचे मेरी चूत चाट रहा था और मैं ऊपर ड्राइवर का लौड़ा चूस रही थी।
10 मिनट तक यह चलता रहा। फिर ड्राइवर ने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी चूत में अपना लौड़ा डाल दिया।
मैं दर्द से चीखी – “आह… धीरे… बहुत बड़ा है…”
वो बोला – “पहली बार ले रही हो ना इतना बड़ा? डरो मत, अभी मजा आएगा।”
वो धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। शुरू में दर्द हुआ लेकिन फिर मजा आने लगा।
मेरी चूत गीली थी इसलिए लौड़ा आसानी से अंदर जा रहा था।
रमेश ने अपना लौड़ा मेरे मुंह में दे दिया।
अब मैं दोनों का ले रही थी – एक चूत में और एक मुंह में। वो दोनों मुझे एक साथ चोद रहे थे।
ड्राइवर ने मेरी चूत 15 मिनट तक मारी और फिर अपना माल मेरी चूत में ही छोड़ दिया।
वो इतना ज्यादा था कि बाहर बहने लगा।
फिर रमेश ने मेरी चूत में अपना लौड़ा डाला और वो भी 10 मिनट में झड़ गया।
मैं थककर लेट गई। लेकिन वो दोनों का मन नहीं भरा था।
उन्होंने मुझे आधे घंटे बाद फिर से चोदना शुरू किया।
इस बार ड्राइवर ने मेरी गांड मारी जबकि रमेश ने मेरी चूत में डाला।
दोनों एक साथ अंदर थे और मैं बीच में थी।
मुझे बहुत दर्द हुआ लेकिन साथ में बहुत मजा भी आया।
वो दोनों 20 मिनट तक मुझे चोदते रहे और फिर एक साथ झड़ गए। मेरी चूत और गांड दोनों में उनका माल भर गया।
फिर उन्होंने मुझे कपड़े पहनाए और मुझे शहर छोड़ दिया। लेकिन यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
रास्ते में उन्होंने अपने और दो दोस्तों को बुलाया जो आगे अपने ट्रक में जा रहे थे।
वो चारों ने मिलकर मुझे एक खाली गोदाम में ले जाकर पूरी रात चोदा।
मैंने उस रात चार लौड़े एक साथ लिए – एक मुंह में, एक चूत में, एक गांड में, और एक हाथ में।
वो मुझे पूरी रात बारी-बारी से चोदते रहे। मेरी चूत और गांड दोनों फट गई थीं लेकिन मजा इतना आया कि मैं उनकी होकर रह गई।
सुबह जब वो मुझे छोड़ने आए तो मैंने कहा – “क्या मैं फिर से मिल सकती हूं आप लोगों से?”
वो हंसे और बोले – “अब तो तुम हमारी रंडी बन चुकी हो। जब चाहो फोन करो, हम तैयार रहेंगे।”
मैंने उनके नंबर ले लिए और अब हर महीने मैं उनसे मिलने जाती हूं।
मेरे पति को कुछ पता नहीं है।
वो समझते हैं कि मैं अपनी सहेली के यहां जाती हूं, लेकिन असल में मैं इन ट्रक ड्राइवरों के साथ मजे करती हूं।
यह थी मेरी कहानी दोस्तों।
उम्मीद है आपको पसंद आई होगी।
अगर आप भी ऐसा अनुभव चाहते हैं तो हाईवे पर ट्रक वालों से दोस्ती कर लीजिए।
वो सबसे अच्छा मजा देते हैं।
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नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
amazing chudai
Very nice …👍👍