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नमस्ते दोस्तों, मैं अमित (बदला नाम) हूं। आज मैं आपको अपनी जिंदगी की सबसे यादगार और कामुक कहानी सुनाने जा रहा हूं।
यह कहानी मेरी गर्लफ्रेंड की दीदी रिया (बदला नाम) के साथ मेरे रिश्ते की है, जो शुरू में एक छोटी सी मदद से शुरू हुई और फिर इतनी आगे बढ़ गई कि मैंने कभी सोचा भी नहीं था।
सेक्सी गर्ल चुदाई स्टोरी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने बारे में कुछ बता देता हूं।
मेरी उम्र 27 साल है और मैं कोलकाता में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूं।
मेरा शारीरिक बनावट काफी अच्छा है क्योंकि मैं एक स्पोर्ट्स प्लेयर भी हूं।
रोजाना जिम जाना और एक्सरसाइज करना मेरी आदत है। इस वजह से मेरे शरीर में एक अलग ही आकर्षण है।
मेरे चेहरे पर एक स्मार्ट सी मुस्कान और आंखों में वो चमक है जो किसी भी लड़की को अपनी ओर खींच सकती है।
लेकिन आज मैं आपको अपने शरीर के उस हिस्से के बारे में बताना चाहता हूं जिसने मेरी जिंदगी बदल दी।
मेरे लंड की लंबाई 7 इंच है और मोटाई करीब 3 इंच है।
यह आकार मुझे हमेशा से काफी आत्मविश्वास देता था, लेकिन मैंने कभी सोचा नहीं था कि यही मेरे लिए इतनी बड़ी खुशी लेकर आएगा।
मेरी गर्लफ्रेंड का नाम प्रिया है।
हम दो साल से रिलेशनशिप में थे।
प्रिया एक साधारण लड़की है, मतलब वो खूबसूरत तो है लेकिन उसमें वो बात नहीं है जो मुझे पूरी तरह संतुष्ट कर सके।
हमारा रिलेशनशिप ठीक-ठाक चल रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर मैं कुछ और ही सोचता था।
प्रिया की एक बड़ी बहन है रिया। जब मैंने पहली बार रिया को देखा था, तभी मेरा दिल धड़क उठा था।
वो प्रिया से कहीं ज्यादा खूबसूरत, कहीं ज्यादा सेक्सी, और कहीं ज्यादा आकर्षक थी।
उसकी उम्र करीब 30 साल थी और वो शादीशुदा थी।
उसके पति ओडिशा में नौकरी करते थे और दो-तीन महीने में एक बार ही घर आते थे।
रिया का फिगर बस कातिलाना था।
उसका साइज 36-30-40 था। मतलब उसके बूब्स 36 इंच के पूर्ण गोल और उभरे हुए, कमर 30 इंच की पतली और सुडौल, और गांड 40 इंच की भारी और मोटी।
उसकी गांड देखकर कोई भी मर्द पागल हो जाए।
वो गोरी थी, बिल्कुल दूध जैसी सफेद त्वचा, और उसकी आंखें हल्की भूरी।
बाल लंबे और काले, जो उसकी कमर तक आते थे।
जब भी मैं प्रिया के घर जाता था और रिया वहां मिल जाती थी, तो मेरी नजरें उसी पर टिकी रहती थीं।
वो भी मुझे देखती थी और मुस्कुराती थी, लेकिन मैं समझ नहीं पाता था कि वो मुस्कुराहट क्या कह रही थी।
शायद वो भी मुझे पसंद करती थी, लेकिन हम दोनों के बीच एक दीवार थी – वो शादीशुदा थी और मैं उसकी बहन का बॉयफ्रेंड।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
यह बात पिछले साल अक्टूबर महीने की है।
मैं नाइट शिफ्ट में काम कर रहा था इसलिए दिन में सोता था।
उस समय रिया के ससुराल में उसके सास-ससुर दोनों किसी रिश्तेदार की शादी में गए हुए थे।
वो एक हफ्ते बाद घर लौटने वाले थे।
उस समय घर में कोई नहीं था, इसलिए रिया अकेली थी।
उस दिन दोपहर करीब 2 बजे का समय था।
मैं अपने कमरे में गहरी नींद में सो रहा था।
मेरा मोबाइल बजने लगा। मैंने उठाया तो देखा रिया का फोन है।
मैंने फोन उठाया और उसकी आवाज सुनी तो वो रो रही थी।
मैंने पूछा – “क्या हुआ दीदी, इतनी तकलीफ में क्यों हो?”
वो रोते हुए बोली – “अमित, मैं नहाते वक्त बाथरूम में गिर गई। मेरा पैर फिसल गया और मैं जोर से गिरी। मेरे हाथ, कमर और गांड की हड्डी में बहुत दर्द हो रहा है। मैं उठ भी नहीं पा रही हूं।”
मैं चौंक गया। मैंने पूछा – “कहां हो अभी?”
वो बोली – “मैं बाथरूम के फर्श पर पड़ी हूं। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा। घर में कोई नहीं है। कृपया मेरी मदद करो।”
मैंने तुरंत कहा – “रुको, मैं आ रहा हूं।”
मैं उठा और तुरंत तैयार होने लगा।
मेरा रूम उसके ससुराल से सिर्फ 5 किलोमीटर दूर था।
मैंने सोचा कि रास्ते में मेडिकल स्टोर से कुछ दर्द निवारक ले लूंगा।
जाते वक्त मैंने मेडिकल स्टोर से मूव क्रीम और कुछ दर्द की गोलियां लीं और तेजी से उसके घर की ओर निकल पड़ा।
रास्ते में मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था।
मैं सोच रहा था कि रिया कैसी हालत में होगी, लेकिन साथ ही साथ एक अजीब सी उत्तेजना भी थी कि मैं उसे अकेले में देख पाऊंगा।
15 मिनट में मैं उसके घर पहुंचा। दरवाजा थोड़ा सा खुला हुआ था।
मैं अंदर गया और बोला – “रिया दीदी, कहां हो?”
बाथरूम से उसकी आवाज आई – “यहां हूं, अंदर आ जाओ।”
मैं बाथरूम की ओर बढ़ा।
दरवाजा खुला था।
जैसे ही मैंने अंदर देखा, मेरा दिल रुक सा गया।
रिया बाथरूम के फर्श पर उल्टी लेटी हुई थी।
उसने अपने नंगे बदन पर जैसे-तैसे एक छोटा सा तौलिया लपेटा हुआ था, लेकिन वो तौलिया उसके शरीर को ढक नहीं पा रहा था।
उसकी पीठ का एक हिस्सा खुला था, उसकी जांघें नजर आ रही थीं, और उसकी गांड का ऊपरी हिस्सा भी दिख रहा था।
उसका गोरा बदन, उसकी मुलायम त्वचा, और उसकी वो हालत देखकर मैं दंग रह गया।
मेरा लंड अपने आप खड़ा होने लगा।
मैंने खुद को संभाला और पूछा – “दीदी, क्या हुआ? कहां दर्द हो रहा है?”
वो मुड़कर मुझे देखी। उसके चेहरे पर दर्द के भाव थे, लेकिन फिर भी वो इतनी खूबसूरत लग रही थी।
उसके बाल गीले थे, शायद नहाते वक्त गिरी थी।
उसने कहा – “मेरे हाथ में, कमर में, और गांड में बहुत दर्द हो रहा है। मैं उठ नहीं पा रही।”
मैंने कहा – “पहले उठकर बेड पर लेट जाओ, फिर देखते हैं।”
मैंने उसे उठने में मदद की।
वो जैसे-तैसे खड़ी हुई।
उसने मेरा सहारा लिया और मैंने उसे बाथरूम से बेडरूम तक ले जाने में मदद की।
वो लंगड़ा रही थी और दर्द से कराह रही थी।
बेडरूम में पहुंचकर वो सोफे पर उल्टी लेट गई।
उसने कहा – “मुझे मूव लगा दो, शायद दर्द कम होगा।”
मैंने कहा – “ठीक है, लेकिन किसी को पता चल गया तो क्या सोचेंगे? मैं तो प्रिया का बॉयफ्रेंड हूं और तुम उसकी दीदी।”
उन्होंने जवाब दिया, “मूव लगाना है तो सोचने वाली बात है! घर में कोई नहीं है और मैं किसी को कुछ बताऊंगी भी नहीं। तो किसी को पता कैसे चलेगा? बस जल्दी से मूव लगा दो, बहुत दर्द हो रहा है।”
मैंने कहा – “लेकिन तौलिया के ऊपर से मूव कैसे लगाऊंगा? तेल को तो स्किन में जाना चाहिए।”
उन्होंने मेरी आंखों में देखा और फिर धीरे से अपना तौलिया हटा दिया।
जैसे ही तौलिया हटा, मेरा दिल मुंह में आ गया।
रिया पूरी तरह नंगी थी। उसका गोरा, मुलायम, और कामुक बदन मेरे सामने था।
उसके बूब्स 36 इंच के पूर्ण गोल थे, निप्पल हल्के गुलाबी रंग के और कड़े हुए थे।
उसकी कमर 30 इंच की पतली और उसकी गांड 40 इंच की भारी और मोटी।
उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे, और वो थोड़ी गीली भी लग रही थी, शायद नहाने के पानी से या फिर… कुछ और वजह से।
मैं मदहोश हो गया।
मेरी आंखें उसके शरीर पर घूम रही थीं।
मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं रिया को इस हालत में देख पाऊंगा।
उसने कहा – “क्या देख रहे हो? जल्दी से मूव लगाओ।”
मैंने हिम्मत की और मूव की ट्यूब खोली। मैंने पहले उसके हाथ में मूव लगाया।
मेरे हाथ उसके गोरे हाथों पर फिसल रहे थे।
उसकी त्वचा इतनी मुलायम थी कि मुझे छूते ही मजा आने लगा।
फिर मैंने उसकी कमर में मूव लगाया।
मैंने अपने हाथों को उसकी पीठ पर फेरा, उसकी कमर को सहलाया, और मूव को अच्छी तरह मालिश किया।
वो “आह…” की हल्की सी आवाज निकाली।
अब बारी थी उसकी गांड की। मैंने कहा – “गांड में भी लगाना है?”
वो बोली – “हां, वहां सबसे ज्यादा दर्द है।”
मैंने अपने हाथ उसकी गांड पर रखे।
उसकी गांड इतनी मोटी और नरम थी कि मेरे हाथ उसमें डूब से गए।
मैंने मूव लगाना शुरू किया और साथ ही साथ उसकी गांड को मसलना भी शुरू कर दिया।
वो कुछ नहीं बोल रही थी, बस हल्की-हल्की सांसें ले रही थी।
मैंने देखा कि वो आंखें बंद करके लेटी हुई है और मुझे करने दे रही है।
मैंने हिम्मत करके अपनी उंगली उसकी गांड के छेद के पास फेरनी शुरू कर दी।
वो हल्की सी कांपी लेकिन कुछ नहीं बोली।
मैंने और हिम्मत की और अपनी उंगली उसकी चूत के ऊपरी हिस्से पर फेरनी शुरू कर दी।
उसकी चूत पहले से ही थोड़ी नम थी।
मुझे समझ में नहीं आया कि यह पानी है या कुछ और।
लेकिन जैसे ही मेरी उंगली उसकी चूत को छूई, उसकी देह में हल्की सी सिहरन दौड़ गई।
उसकी सांसें थोड़ी तेज हो गईं, लेकिन वो कुछ नहीं बोलीं।
मैं समझ गया कि वो भी इसका आनंद ले रही हैं।
मेरे अंदर हिम्मत आई और मैंने धीरे-धीरे अपनी मोटी उंगली उसकी गीली चूत में अंदर डालने की कोशिश की।
उंगली डालते ही उसने “आह…” की आवाज निकाली।
मैंने रुककर देखा, लेकिन उसने कहा – “लगाते रहो, दर्द में आराम मिल रहा है।”
यह सुनकर मैं समझ गया कि वो मना नहीं कर रही है।
मैंने पूरी उंगली अंदर तक घुसा दी और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा।
उसकी चूत की गर्माहट और नमी मेरी उंगली को पूरी तरह भिगो रही थी।
अब वो हल्के-हल्के सिसकारियां भरने लगी थीं – “आह… हां… और अंदर…” लेकिन फिर भी चुप रहीं।
उनका ये मौन मुझे और उत्तेजित कर रहा था।
मैं समझ गया कि वो भी इसका आनंद ले रही हैं।
मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था और मेरी पैंट फटने को हो रही थी।
मैंने अपनी दूसरी उंगली भी अंदर डाल दी।
अब दो उंगलियों से मैं उसकी चूत को चोद रहा था।
वो अपनी गांड थोड़ी-थोड़ी उठाने लगी थी, मेरा साथ देने लगी थी।
फिर मैंने हिम्मत करके अपना पूरा तना हुआ, 7 इंच लंबा और मोटा लंड बाहर निकाला।
उसने आंखें खोली और मेरे लंड को देखा। उसकी आंखें बड़ी-बड़ी हो गईं।
मैंने अपने लंड की नोक को उसकी चूत के छेद पर रखा और धीरे से दबाव डाला।
“आहह…” उन्होंने हल्की सी चीख मारी जब मेरा मोटा लंड का सिरा उनकी चूत में घुसा।
मैंने रुककर उन्हें सहलाया और फिर एक जोरदार धक्का दिया।
एक झटके में मेरा पूरा लंड उनकी तंग और गर्म चूत में घुस गया।
उनकी आंखें बंद हो गईं, मुंह से एक लंबी सिसकारी निकली, और उन्होंने अपने निचले होंठ को काट लिया।
उनकी चूत मेरे मोटे लंड को जकड़कर चूस रही थी, जैसे वो उसे अंदर ही रोक लेना चाहती हों।
मैंने कुछ सेकंड रुककर उन्हें सहलाया।
फिर धीरे-धीरे लंड को आधा बाहर निकाला और फिर से जोर से अंदर ठेल दिया।
“उफ्फ… धीरे…” उन्होंने पहली बार मुंह खोला।
लेकिन उनकी आवाज में दर्द के साथ मिठास भी थी।
मैंने उनकी कमर को दोनों हाथों से मजबूती से पकड़ लिया और रफ्तार बढ़ा दी।
अब घपा-घप की आवाज कमरे में गूंजने लगी थी।
हर धक्के के साथ उनकी गांड हिल रही थी और उनके दूध भी ऊपर-नीचे उछल रहे थे।
मैं उन्हें पीछे से चोद रहा था और उनके बूब्स को हाथों से दबा रहा था।
धीरे-धीरे उनकी सिसकारियां बढ़ने लगीं, “आह… आह… उम्म्म…”
उनकी चूत अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी।
मेरे हर जोरदार धक्के पर वो अपनी कमर थोड़ा-थोड़ा उठाने लगी थीं।
मैं समझ गया कि अब उन्हें भी मजा आने लगा है।
मैंने उन्हें पूरी तरह घोड़ी बनने का इशारा किया। उन्होंने बिना कुछ कहे अपने घुटनों के बल होकर गांड ऊपर कर दी।
उनकी गोरी, मोटी और नाजुक गांड अब पूरी तरह मेरे सामने थी।
मैंने उनकी गांड को चूमा, काटा, और फिर अपना लंड फिर से उनकी चूत में घुसाया — इस बार और गहराई तक।
“हाय… मार डाला…!” वो कराह उठीं।
लेकिन अपनी गांड पीछे की तरफ दबाने लगीं, जैसे और गहरा चाहती हों।
मैंने अब पूरी रफ्तार से उन्हें चोदना शुरू कर दिया।
घपा-घप… घपा-घप… कमरे में सिर्फ चुदाई की आवाज और उनकी सिसकारियां गूंज रही थीं।
उनका पति बाहर रहता था इसलिए उनकी चूत में भी आग लगी हुई थी। वो महीनों से तड़प रही थीं।
फिर क्या था! फिर मैं घपा-घप करते हुए आधा घंटा तक उन्हें घोड़ी बनाकर चोदता रहा।
सेक्सी गर्ल चुदाई के इस दौरान दो बार झड़ चुकी थीं। उनका पानी मेरे लंड को और भी ज्यादा चिकना बना रहा था।
कुछ समय बाद मैं भी उनकी चूत में अपनी पिचकारी छोड़ दी।
मेरा गर्म वीर्य उनकी चूत में भर गया। वो भी एक बार फिर झड़ गईं और हम दोनों एक साथ संतुष्ट हुए।
अब मैं उनके ऊपर ही लेट गया। हम दोनों हांफ रहे थे। पसीने से लथपथ थे।
तब उन्होंने मुझे बताया, “मैंने जानबूझकर तुम्हें मूव लगाने को कहा था! मुझे चुदाई का मन था, लेकिन पति नहीं होने के कारण झूठा बहाना बनाकर तुमसे चुदवाई!”
और आगे कहा, “तुम्हारा चोदने का तरीका मुझे बहुत पसंद आया! इतने महीनों बाद मुझे असली मजा आया है।”
ये सुनकर मैं मन ही मन बहुत खुश हो रहा था।
जिसे चोदने के लिए मैं दो साल से तरस रहा था, वो मुझे आसानी से मिल गया।
फिर मैंने दोबारा उन्हें चूमा-चाटी करने लगा और उनके दूध दबाने लगा।
उनके बूब्स इतने रसीले थे कि मैं उन्हें छोड़ना नहीं चाहता था।
इससे वो फिर गर्म हो गईं और बोलीं, “मेरी चिकनी चूत चाटो!”
तो मैं 69 पोजिशन में आ गया।
मैं उनकी चूत चाटने लगा और वो मेरा लंड मुंह में लेने लगी।
वो मेरा लंड इतने मजे से चूस रही थीं जैसे कोई लॉलीपॉप हो।
दस मिनट बाद मैंने उन्हें बेड पर लिटा दिया।
उनकी गांड के नीचे तकिया रखकर मस्त घपा-घप चुदाई की।
इस बार वो भी अपना गांड उठा-उठाकर मेरा पूरा साथ दे रही थीं।
पंद्रह मिनट बाद वो एक बार फिर झड़ गईं।
फिर मैंने उन्हें अपने लंड पर बिठाया और उन्हें अपनी लंड की सवारी करवाई।
वो ऊपर-नीचे उछल रही थीं और मजे ले रही थीं।
करीब आधा घंटा बाद मैंने भी अपना वीर्य उनकी चूत में ही छोड़ दिया और फिर लंड उनकी चूत में डाले रखकर ही सो गया।
शाम को जब मेरी नींद खुली तो उनकी नंगी बदन देखकर फिर से मूड बन गया।
इस बार मैंने उनकी गांड मारने की बात की।
पहले उन्होंने मना कर दिया, पर मैं उन्हें मनाने में कामयाब हो गया।
मैंने उनकी गांड में तेल लगाकर उनकी गांड की एकदम मस्त चुदाई की। वो दर्द से चिल्ला रही थीं लेकिन मजे भी ले रही थीं।
फिर मैंने उन्हें पिंक कलर की नेट वाली ब्रा और पैंटी अपने हाथों से पहना दी और अपने काम पर चला गया।
उस दिन के बाद मैं हर सप्ताह में दो दिन उन्हें अपने रूम लाकर खूब चुदाई करने लगा।
जिस वजह से वो अब एक बच्चे की मां बन चुकी हैं और मेरी रखैल भी।
यह थी मेरी कहानी का पहला भाग।
अगले भाग में मैं बताऊंगा कि कैसे हमारा रिश्ता आगे बढ़ा और कैसे उसके पति के आने के बाद भी हम चुदाई करते रहे।
NEXT PART: गर्लफ्रेंड की बहन को चोदकर माँ बनाया
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
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