sister gangbang sex on raksha bandhan
मेरा नाम प्रिया है। रक्षाबंधन के दिन अमित ने मुझे अपना लंड गिफ्ट में दिया था और हमने पूरी रात चुदाई की अगर आपने वह कहानी नहीं पढ़ी है तो पढ़ें बहन ने भाई से रक्षाबंधन पर लंड गिफ्ट माँगा।
अगले साल जब रक्षाबंधन आया, तो मैंने सोचा कि इस बार कुछ और खास करूँगी।
मैंने अमित से कहा, “भैया, इस बार मुझे एक अलग गिफ्ट चाहिए।”
अमित ने पूछा, “क्या गिफ्ट चाहिए दीदी?”
मैंने कहा, “पिछले साल तुमने अपना एक लंड दिया था। इस बार मुझे 6 लंड चाहिए। मैं चाहती हूँ कि तुम 6 लोगों को बुलाओ और वो सब मुझे एक साथ चोदें। तुम भी साथ में रहना और देखना।”
अमित हैरान रह गया।
उसने कहा, “दीदी, ये क्या बोल रही हो? 6 लोग? तुम्हारी चूत और गांड कहाँ से झेलेंगी?”
मैंने कहा, “मेरी चूत और गांड बहुत मजबूत हैं। मैं 6 लंडों से एक साथ चुदवा सकती हूँ। तुम बस लोगों को बुला लो।”
अमित ने सोचा और कहा, “ठीक है दीदी, मैं अपने 6 दोस्तों को बुला लेता हूँ। लेकिन वो सब मेरे जैसे जवान और मस्त लंड वाले हैं। तुम्हें दर्द होगा।”
मैंने कहा, “दर्द से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे बस लंड चाहिए।”
अमित ने अपने 6 दोस्तों को फोन किया – राहुल, विक्रम, सुनील, राजेश, करन और नवीन।
ये सब उसके कॉलेज के दोस्त थे और सब 22-24 साल के जवान लड़के थे।
उसने उन्हें बताया कि उसकी बहन को ग्रुप सेक्स करना है और वो सब आएँ।
शाम को 6 बजे, 6 लोग हमारे घर आ गए।
मैंने उस दिन एक बेहद सेक्सी लाल रंग की साड़ी पहनी थी जो मेरे बदन पर बहुत सुंदर लग रही थी।
ब्लाउज भी बहुत गहरे गले वाला था जिसमें से मेरे बड़े-बड़े स्तन आधे बाहर निकले हुए थे।
जब वो 6 लोग मुझे देखे तो उनके होश उड़ गए।
राहुल बोला, “वाह अमित, तेरी बहन तो बहुत मस्त है।”
विक्रम ने कहा, “हाँ यार, इतनी खूबसूरत और सेक्सी बहन तेरी है और तूने हमें आज तक नहीं बताया।”
सुनील बोला, “आज तो हम सब मिलकर इसकी चूत और गांड की सील तोड़ेंगे।”
मैंने उन्हें देखा। सब जवान और हैंडसम थे।
मैंने कहा, “आओ लड़कों, मुझे अपने लंड दिखाओ।”
6 में से सबसे पहले राहुल आगे बढ़ा। उसने अपनी टी-शर्ट और जींस उतारी।
उसका लंड अंडरवियर से बाहर निकलने को तरस रहा था।
जब उसने अंडरवियर उतारी तो मेरी साँसें अटक गईं।
उसका लंड करीब 9 इंच लंबा और बहुत मोटा था।
विक्रम ने भी अपने कपड़े उतारे। उसका लंड 8 इंच का था लेकिन इतना मोटा कि मेरा मुँह खुला रह गया।
सुनील, राजेश, करन और नवीन ने भी एक-एक करके अपने कपड़े उतारे।
सबके लंड 7-9 इंच के थे और सब मोटे-मोटे थे।
मैंने कहा, “वाह, आज तो मेरी चूत और गांड दोनों की फाड़ने की तैयारी कर रखी है तुम लोगों ने। आओ अब मुझे चोदो।”
अमित ने कहा, “पहले राखी तो बांध लो दीदी।”
मैंने हँसते हुए कहा, “हाँ, ये तो भूल ही गई।”
मैंने थाली सजाई और एक-एक करके सब 6 लोगों की कलाई पर राखी बांधी।
फिर मैंने अमित की भी कलाई पर राखी बांधी।
अब मैं 7 लोगों की बहन बन चुकी थी और ये सब मुझे चोदने वाले थे।
राखी बांधने के बाद मैंने कहा, “अब मुझे मेरा गिफ्ट दो।”
राहुल सबसे पहले आगे बढ़ा।
उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए।
वो मुझे जोर-जोर से किस करने लगा। उसकी जीभ मेरे मुँह में घुस गई और मेरी जीभ से खेलने लगी।
विक्रम पीछे से मेरी गांड सहलाने लगा।
सुनील और राजेश मेरी चूचियों से खेलने लगे।
करन और नवीन मेरे हाथों में अपने लंड दे दिए। अमित एक तरफ खड़ा होकर देख रहा था।
मैं 6 लोगों के बीच में फँसकर बुरी तरह उत्तेजित हो गई। मेरी चूत में पानी आने लगा था।
राहुल ने मेरी साड़ी खोलनी शुरू कर दी।
वो मेरी साड़ी, ब्लाउज, पेटीकोट, ब्रा और पैंटी – सब कुछ उतार दिया।
अब मैं पूरी नंगी थी और 6 मर्दों के बीच में खड़ी थी।
राहुल ने मुझे घुटनों के बल बिठाया और अपना 9 इंच का मोटा लंड मेरे मुँह के सामने कर दिया।
मैंने उसे अपने हाथ में लिया और देखा। वो गरम और सख्त था। मैंने उसके सुपाड़े को चूमा और फिर धीरे से अपने मुँह में ले लिया।
वो इतना मोटा था कि मेरे मुँह में आते ही मेरी गालें फैल गईं।
मैंने जीभ से उसे चाटना शुरू किया और गले तक लेने की कोशिश की।
“आह्ह… क्या मुँह है तेरा प्रिया… बहुत मस्त चूसती है तू!” राहुल कराह उठा।
मैंने उसका लंड चूसते हुए दूसरे हाथ से विक्रम का लंड पकड़ लिया।
वो भी मोटा और गरम था। मैंने उसे भी हिलाना शुरू कर दिया।
सुनील ने अपना लंड मेरे दूसरे हाथ में दे दिया।
अब मैं एक लंड मुँह में चूस रही थी और दो हाथों से दो लंड हिला रही थी।
राजेश, करन और नवीन मेरी चूचियों और गांड से खेल रहे थे।
वो मेरे स्तनों को मसल रहे थे, निप्पलों को काट रहे थे और मेरी गांड के छेद में उंगली कर रहे थे।
अमित देख रहा था और अपना लंड हिला रहा था। मैंने उसे इशारा किया कि वो भी आए।
राहुल का लंड मुँह से निकालकर मैंने अमित को बुलाया।
वो आया और मैंने उसका लंड भी मुँह में ले लिया। अब मैं 7 लंडों से खेल रही थी।
फिर राहुल ने मुझे उठाया और बेड पर लिटा दिया।
उसने मेरी टाँगें फैलाईं और अपना मोटा लंड मेरी चूत के मुँह पर रखा।
“आज तेरी चूत का भोसड़ा बनाऊँगा मैं!” कहकर उसने एक जोरदार धक्का मारा और उसका पूरा 9 इंच का लंड मेरी चूत में घुस गया।
“आह्ह… मर गई… इतना मोटा… मेरी चूत फट जाएगी!” मैं चीखी।
राहुल मुझे जोर-जोर से चोदने लगा। उसके हर धक्के के साथ मेरी चूचियाँ उछल रही थीं। वो बहुत तेजी से चोद रहा था।
“फच्च-फच्च-फच्च” की आवाजें कमरे में गूँज रही थीं।
विक्रम ने मेरे मुँह में अपना लंड घुसा दिया।
अब मेरी चूत में एक लंड और मुँह में दूसरा था। दोनों एक साथ मुझे चोद रहे थे।
सुनील ने मेरी एक चूची पकड़ी और उसे चूसने लगा।
राजेश ने दूसरी चूची पकड़ी। करन और नवीन मेरी टाँगों को पकड़कर फैलाए हुए थे।
अमित मेरी गांड सहला रहा था और धीरे-धीरे उंगली कर रहा था।
करीब 20 मिनट तक राहुल मेरी चूत चोदता रहा।
फिर उसने अपना पानी मेरी चूत में छोड़ दिया। उसका गर्म पानी मेरी चूत में भर गया।
राहुल हटा तो विक्रम आगे बढ़ा। उसने भी अपना 8 इंच का मोटा लंड मेरी चूत में घुसाया और चोदने लगा।
मेरी चूत अब राहुल के पानी से गीली थी इसलिए विक्रम का लंड आसानी से घुस गया।
“आह्ह… विक्रम… और चोदो… मेरी चूत फाड़ डालो!” मैं चीख रही थी।
विक्रम ने मुझे डॉगी स्टाइल में बिठाया और पीछे से चोदना शुरू किया।
सुनील ने मेरे मुँह में अपना लंड घुसा दिया। राजेश ने मेरी एक चूची पकड़ी और करन ने दूसरी।
अब विक्रम मेरी चूत में, सुनील मेरे मुँह में और बाकी मेरी चूचियों से खेल रहे थे।
अमित, राहुल और नवीन मेरी गांड और चूतड़ों से खेल रहे थे।
करीब 25 मिनट बाद विक्रम भी झड़ गया।
उसने भी अपना पानी मेरी चूत में छोड़ दिया।
अब मेरी चूत दो लोगों के पानी से भरी हुई थी।
सुनील ने मुझे लिटाया और अपना लंड मेरी चूत में डाला।
वो 7 इंच का था लेकिन बहुत मोटा। उसने मुझे मिशनरी पोजीशन में चोदना शुरू किया।
राजेश ने मेरे मुँह में अपना लंड घुसा दिया। करन और नवीन मेरी टाँगें उठाकर पकड़े हुए थे।
अमित, राहुल और विक्रम मेरी चूचियों से खेल रहे थे।
“ओह्ह… सुनील… और तेज… मेरी चूत फाड़ डालो… आह्ह!” मैं चीख रही थी।
सुनील ने मुझे 20 मिनट तक चोदा। फिर उसने अपना पानी भी मेरी चूत में छोड़ दिया।
अब बारी थी राजेश की। उसने मुझे उठाया और खिड़की के पास ले गया।
उसने मुझे खिड़की से बाहर झुकाया और पीछे से मेरी चूत में लंड घुसा दिया।
“आह्ह… राजेश… धीरे… बाहर लोग देख सकते हैं…” मैंने कहा।
लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। वो मुझे खिड़की से झुकाकर जोर-जोर से चोदने लगा।
करन ने मेरे मुँह में अपना लंड घुसा दिया। नवीन ने मेरी एक चूची पकड़ी।
खिड़की से बाहर गली दिख रही थी और लोग गुज़र रहे थे।
कोई भी देख सकता था कि एक लड़की खिड़की से झुकी हुई है और पीछे से कोई उसे चोद रहा है।
लेकिन मुझे कोई परवाह नहीं थी। मैं तो तीन लंडों से चुद रही थी।
करीब 30 मिनट बाद राजेश झड़ गया।
उसने अपना पानी मेरी चूत में छोड़ दिया। अब मेरी चूत चार लोगों के पानी से भरी हुई थी।
करन ने मुझे बेड पर लिटाया और अपना लंड मेरी चूत में डाला। वो 8 इंच का था और बहुत सख्त।
उसने मुझे बहुत तेजी से चोदा।
“आह्ह… करन… मर गई… और तेज… आह्ह!” मैं चीख रही थी।
नवीन ने मेरे मुँह में अपना लंड घुसा दिया। अमित, राहुल, विक्रम, सुनील और राजेश मेरी चूचियों, चूतड़ों और हाथों में अपने लंड देकर मुझे हिला रहे थे।
करीब 25 मिनट बाद करन झड़ गया। उसने भी अपना पानी मेरी चूत में छोड़ दिया।
अब बारी थी नवीन की। उसने मुझे डॉगी स्टाइल में बिठाया और पीछे से मेरी चूत में लंड डाला। वो 9 इंच का था और सबसे मोटा।
“आह्ह… नवीन… इतना मोटा… मेरी चूत फट जाएगी…” मैं चीखी।
लेकिन वो नहीं रुका। उसने एक ही धक्के में पूरा लंड अंदर डाल दिया और जोर-जोर से चोदने लगा।
अमित ने मेरे मुँह में अपना लंड घुसा दिया। बाकी 5 लोग मेरी चूचियों और चूतड़ों से खेल रहे थे।
“ओह्ह… नवीन… और चोदो… फाड़ डालो मेरी चूत… आह्ह!” मैं चीख रही थी।
करीब 30 मिनट बाद नवीन झड़ गया। उसने अपना पानी मेरी चूत में छोड़ दिया।
अब मेरी चूत 6 लोगों के पानी से भरी हुई थी और बाहर बह रही थी।
मैंने सोचा कि अब खत्म हुआ, लेकिन ये तो शुरुआत थी। अमित ने कहा, “अब मेरी बारी है।”
उसने मुझे उठाया और बेड पर लिटाया। उसने अपना लंड मेरी चूत में डाला और चोदने लगा।
मेरी चूत अब बहुत फैल चुकी थी और 6 लोगों के पानी से गीली थी।
“आह्ह… अमित… तुम्हारी बहन की चूत कैसी लग रही है… आह्ह!” मैं चीख रही थी।
अमित ने कहा, “बहुत मस्त है दीदी, आज तो मैं तुम्हें खूब चोदूँगा।”
बाकी 6 लोग मेरी चूचियों, मुँह और हाथों में अपने लंड देकर मुझे संतुष्ट कर रहे थे।
करीब 20 मिनट बाद अमित झड़ गया। उसने अपना पानी भी मेरी चूत में छोड़ दिया।
अब मैंने कहा, “अब मेरी गांड भी चोदो।”
राहुल ने कहा, “ठीक है, आज तेरी गांड भी फाड़ते हैं।”
उसने मुझे बेड पर लिटाया और मेरी टाँगें उठाकर मेरी गांड पर थूका।
फिर उसने अपना मोटा 9 इंच का लंड मेरी गांड के छेद पर रखा और धक्का मारा।
“आह्ह… राहुल… दर्द हो रहा है… धीरे…” मैं चीखी।
लेकिन वो नहीं रुका। उसने धीरे-धीरे पूरा लंड मेरी गांड में घुसा दिया और जोर-जोर से चोदने लगा।
“फच्च-फच्च-फच्च” की आवाजें फिर से गूँजने लगीं।
विक्रम ने मेरे मुँह में अपना लंड घुसा दिया।
सुनील और राजेश मेरी चूचियों से खेल रहे थे।
करन, नवीन और अमित मेरी चूत में उंगली कर रहे थे।
करीब 25 मिनट तक राहुल मेरी गांड मारता रहा। फिर उसने अपना पानी मेरी गांड में छोड़ दिया।
विक्रम ने भी मेरी गांड में अपना लंड डाला और चोदा।
फिर सुनील ने, फिर राजेश ने, फिर करन ने, फिर नवीन ने और अंत में अमित ने भी मेरी गांड चोदी।
मेरी गांड भी 7 लोगों के पानी से भरी हुई थी।
अब मैंने कहा, “अब मुझे डबल पेनेट्रेशन चाहिए।”
अमित ने पूछा, “क्या होता है ये?”
मैंने कहा, “एक लंड मेरी चूत में और एक लंड मेरी गांड में – दोनों एक साथ।”
राहुल और विक्रम आगे बढ़े। राहुल ने मुझे बेड पर लिटाया और अपना लंड मेरी चूत में डाला।
फिर विक्रम ने अपना लंड मेरी गांड में डालने की कोशिश की।
दोनों मोटे लंड मेरी चूत और गांड में घुसते ही मैं चीख पड़ी, “आह्ह… फट गई… मेरी चूत और गांड फट गई!”
दोनों एक साथ मुझे चोद रहे थे।
मेरी चूत और गांड पूरी तरह फैल गई थीं। दर्द के साथ-साथ अजीब सा मज़ा भी आ रहा था।
सुनील ने मेरे मुँह में अपना लंड घुसा दिया।
राजेश, करन, नवीन और अमित मेरी चूचियों और हाथों में अपने लंड दे रहे थे।
“ओह्ह… दोनों तरफ… मर गई… आह्ह!” मैं चीख रही थी।
करीब 40 मिनट तक ये लोग मुझे इसी तरह चोदते रहे।
फिर राहुल और विक्रम एक साथ झड़ गए। उन्होंने अपना पानी मेरी चूत और गांड में छोड़ दिया।
फिर सुनील और राजेश ने डबल पेनेट्रेशन किया। फिर करन और नवीन ने। अंत में अमित और राहुल ने।
मैं 7 बार डबल पेनेट्रेशन से चुदी। मेरी चूत और गांड दोनों फैल गई थीं और दोनों से पानी बह रहा था।
अब मैंने कहा, “अब मैं तुम सबसे एक साथ चुदवाऊँगी।”
मैंने राहुल को बेड पर लिटाया और उसके ऊपर बैठकर उसका लंड अपनी चूत में ले लिया।
फिर विक्रम को पीछे से बुलाया और उसका लंड अपनी गांड में ले लिया।
सुनील और राजेश को बगल में बुलाया और उनके लंड अपने हाथों में ले लिए।
करन और नवीन ने मेरी चूचियों पर अपने लंड रगड़ने शुरू कर दिए। अमित ने अपना लंड मेरे मुँह में घुसा दिया।
अब मैं 7 लंडों से भरी हुई थी – चूत में एक, गांड में एक, मुँह में एक, हाथों में दो, और चूचियों पर दो।
मैं सबको एक साथ हिला रही थी और मज़ा ले रही थी।
“ओह्ह… ये तो जन्नत है… आह्ह… और चोदो… मुझे और चोदो!” मैं कराह रही थी।
7 लोग मिलकर मुझे करीब 2 घंटे तक इसी पोजीशन में चोदते रहे।
वो एक-एक करके झड़ रहे थे और फिर से खड़े हो रहे थे। मेरी चूत और गांड दोनों में कम से कम बीस बार पानी गिर चुका था।
फिर अमित ने मुझे उठाया और खिड़की के पास ले गया। उसने मुझे खिड़की से बाहर झुकाया और पीछे से मेरी चूत में लंड घुसा दिया।
राहुल ने मेरी गांड में लंड डाल दिया। विक्रम, सुनील, राजेश, करन और नवीन ने मेरे मुँह, चूचियों और हाथों में अपने लंड दे दिए।
खिड़की से बाहर गली दिख रही थी और लोग गुज़र रहे थे।
कोई भी देख सकता था कि एक लड़की खिड़की से झुकी हुई है और पीछे से कई लोग उसे चोद रहे हैं।
लेकिन मुझे कोई परवाह नहीं थी। मैं तो 7 लंडों की गुलाम बन चुकी थी।
करीब 30 मिनट बाद वो सब एक साथ झड़ गए। मेरी चूत, गांड और मुँह तीनों से उनका पानी बह रहा था।
मैं खिड़की से झुकी हुई ही बेहोश हो गई।
जब मुझे सुबह होश आया, तो मैं बेड पर लेटी हुई थी।
7 लोग जा चुके थे। मेरी हालत खराब थी।
मेरी चूत और गांड दोनों फैल गई थीं और दोनों से पानी बह रहा था।
मेरे चेहरे पर, चूचियों पर, पेट पर – हर जगह वीर्य था।
मैं उठकर बाथरूम गई। शीशे में देखा तो मेरी हालत देखकर मैं खुद ही हँस पड़ी।
मैंने शॉवर लिया और सोचा कि ये रक्षाबंधन कभी नहीं भूलूँगी।
शाम को अमित आया और पूछा, “दीदी, कैसा लगा आपको आज का गिफ्ट?”
मैंने कहा, “बहुत मस्त था भैया। अगले साल और ज़्यादा लोग बुला लेना।”
अमित ने कहा, “ठीक है दीदी, अगले साल 10 लोगों को बुलाऊँगा।”
मैंने कहा, “हाँ, 10 लोग बुला लेना। मेरी चूत और गांड अभी और फैल सकती हैं।”
अब हर रक्षाबंधन पर अमित मुझे 6-7 लोगों को बुलाकर चुदवाता है और मैं जमकर चुदवाती हूँ।
ये हमारा सीक्रेट है जो हम दोनों के बीच ही रहेगा।
मुझे अपने भाई का लंड और उसके दोस्तों के लंड बहुत पसंद हैं।
मैं उनसे हर रोज़ चुदवाती हूँ और मज़ा लेती हूँ।
यही मेरी जिंदगी है और इसमें मैं बहुत खुश हूँ।
इस रक्षा बंधन की चुदाई अगले साल लिखूंगी …. तबतक के लिए सभी लौड़ों को सलाम… आपकी प्रिया
- रक्षाबंधन का गिफ्ट: भाई का लंड
- अनीता की खूबसूरत चुदाई
- दादी मस्ती के साथ मुझसे चुदवाई
- मामा ने चोदकर मुझे अपने बच्चे का माँ बनाये
- पति ने मुझे अपने बाप, उनके भाई और अपने जीजा से चुदवाया
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Amazing chudai gift bro.
Best gift for any sister. great 👍👍
Very nice.