nude chachi sex story
दोस्तो, मेरा नाम सुनील है और मैं मुंबई का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र अब 24 साल है।
ये मेरी पहली सेक्स कहानी है जो मैं आज आपको बताने जा रहा हूँ।
आशा करता हूँ कि आपको पसंद आएगी।
यह घटना डेढ़ साल पुरानी है।
उस वक्त मैं अपने घर वापिस आया हुआ था।
न्यूड चाची स्टोरी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपने बारे में बताता हूँ।
मैं दिखने में भी काफी सही हूँ।
मैं रोज जिम जाता हूँ, जिसकी वजह से मेरे शरीर को देखकर लड़की तो क्या कोई शादीशुदा भाभी तक मेरी ओर खिंची चली आती है।
फिर मेरा लंड भी 8.5 इंच लम्बा है तो एक बार जिसकी चुत में घुस गया वह दुबारा मुझे छोड़ना ही नहीं चाहती है।
मेरा लंड एकदम काला नाग है किसी नीग्रो की तरह।
इस सेक्स कहानी में मैंने अपनी हसीन जिस्म वाली चाची को मैंने किस तरह से अपने लौड़े की महबूबा बनाया, उसे लिखा है।
चाची हमारे घर से थोड़ी ही दूरी पर है पर वे शादी की वजह से अभी हमारे घर में ही थीं।
रात को वे अपने घर में सोने चली जाती हैं क्योंकि उधर सामान आदि की देखभाल भी जरूरी है।
उनका नाम अभिलाषा है। वे 38 साल की हैं।
उनका भरा हुआ जिस्म एकदम गोरा है और वे किसी पोर्न स्टार से कम नहीं दिखती हैं।
उसका कारण भी है क्योंकि उनके 36 इंच के बड़े बड़े दूध से भरे थन एकदम मस्त हैं।
गांड के ऊपर 32 की एकदम चिकनी गहरी नाभि वाली कमर और बड़े बड़े मटकों के जैसे आकार वाले चर्बीदार हिलते हुए 40 इंच के चूतड़ हैं।
मेरी चाची को देख कर किसी मुर्दे का भी लंड खड़ा हो जाएगा।
ये बात उन दिनों की है, जब मैं बाहर पढ़ाई किया करता था।
एक दिन मुझे मेरे घर से फोन आया कि मेरे ताऊ के लड़के की शादी फिक्स हो गयी है।
अगले बीस दिन में ही शादी है और काम बहुत ज्यादा है। जल्दी आने को कहा।
मैं भी उस वक्त फ्री ही था क्योंकि मेरी परीक्षाएं खत्म हो गयी थीं। मैं अपने घर के लिए रवाना हो गया।
अगले ही दिन मैं अपने घर आ गया। पर जब मैं घर में आया तो वहां कोई नहीं था, सिर्फ मेरी सेक्सी चाची ही थीं।
उनके अलावा और कोई नहीं था। मैं अन्दर गया तो मैंने देखा कि यहां तो कोई नहीं है। पर मुझे कहीं से कुछ आवाज सुनाई दे रही थी जैसे कोई बाथरूम में नहा रहा है और नहाने के साथ साथ वह गाना भी गुनगुना रहा है।
मुझे ये आवाज कुछ जानी पहचानी सी लगी।
फिर जब मैं उस आवाज के थोड़ा करीब को गया, तो मैंने देखा कि घर में कोई के ना होने के कारण मेरी चाची एक कमरे के बाथरूम का दरवाजा खोलकर नहा रही हैं।
उनकी पायल व चूड़ियों की आवाज भी आ रही थी। चाची को पहले से ही बजने वाली पायलें पहनना पसंद हैं।
मैंने काफी बार देखा था कि वे जब नहाने जाती थीं, तो उनकी पायलें ही बता देती थीं कि वे नहा रही हैं।
अब मैंने हिम्मत करके कुछ और अन्दर को जाकर देखा तो पाया कि चाची मेरी तरफ अपनी गांड करके अपनी चूचियों को मसल रही थीं।
उफ दोस्तो … मैं वह पल आपको लिख कर नहीं बता सकता … क्या मस्त उठी हुई गांड थी चाची की! मुझे तो बस ऐसा लग रहा था जैसे मेरे सामने खुद सनी लियोनी खड़ी हो एकदम गोरी जांघें मांस से भरी हुईं।
मैं तो न्यूड चाची को देखता ही रह गया। मेरे मन में काम वासना ने घर कर लिया था और ना जाने कब मेरा हाथ मेरे लंड के ऊपर जाकर उसको मसलने लगा।
मेरा मन कर रहा था कि अभी यहीं चाची को कुतिया बनाकर बेहरमी से चोद दूँ, पर मैंने खुद पर नियंत्रण बनाए रखा और वहां से दबे पांव बाहर निकल आया।
थोड़ी देर में चाची भी बाहर आ गईं। उफ यार … उन कपड़ों मैं भी चाची क्या मस्त पटाखा माल लग रही थीं।
उन्होंने चुस्त सलवार सूट पहना हुआ था, जिसका गला काफी गहरा था।
नीचे पजामी थी जो उनकी गांड से एकदम टाइट चिपकी हुई थी। उन्हें देख कर मेरी हालत फिर से खराब होने लगी।
चाची मुझे देख कर एकदम से खुश हो गईं और मेरा हाल चाल पूछने लगीं।
वे मुझसे बोलीं- तू बैठ जा … थक गया होगा। मैं तेरे लिए कुछ ठंडा लाती हूँ।
ये कह कर चाची किचन में चली गईं। उनकी ठुमकती गांड देख कर मेरे अन्दर तो अब एक अलग ही हवसी दानव जग चुका था। मैं भी चाची के पीछे पीछे चला गया।
वे मुझे देखती हुई बोलीं- तू चल कर आया है तो थक गया होगा बेटा, वहीं आराम से बैठ कर टीवी देख।
मैंने भी सोचा कि आज चाची के साथ थोड़ी मस्ती कर लेता हूँ।
मेरी और चाची की पहले से ही काफी अच्छी जमा करती थी।
हम दोनों काफी देर देर तक बातें किया करते थे;
मतलब मेरी चाची मेरे साथ एकदम खुली हुई थीं।
मैंने इसी का फायदा उठाते हुए उनसे कहा- जब इतनी सुंदर लड़की मेरे साथ हो तो कैसे अकेला छोड़ दूँ! मैं हंस दिया।
मेरी ये बात सुनकर चाची भी मुस्करा दीं और बोलीं- हट बेशरम, अब तू बड़ा हो गया है। अपनी चाची से ऐसे बोलेगा क्या! वैसे भी अब मेरी उम्र हो गयी है, तू अपनी उम्र की लड़कियों को ढूंढ और उनसे ही फ्लर्ट कर।
यह सब कह कर वे भी हंस दीं। उनकी बात सुनकर मैं बोला- चाची, अगर में किसी लड़की को आपके बाजू में खड़ा कर दूँ। तब भी कोई आप दोनों में फर्क नहीं बता पाएगा कि आपकी उम्र कितनी है।
सब यही बोलेंगे कि दो सहेलियां खड़ी हैं … सच कह रहा हूँ चाची आप अभी भी काफी जवान हो।
चाची अपनी आंखें झुकाती हुई मुस्कुराईं और बोलीं- तुझे बड़ा पता है इन सबके बारे में! वहां पढ़ने गया था या ये सब सीखने?
मैंने कहा- चाची गया तो पढ़ने ही था, पर आपकी याद ने पढ़ने नहीं दिया। रात रात भर बस आहें ही भरता रहा!
इस बात पर चाची ने मेरी तरफ देखा और बोलीं- चल भाग इधर से, मैं उधर ही चाय लाती हूँ। तू बहुत बिगड़ गया है बेटा … तेरा कुछ इलाज करना पड़ेगा … हम्म।
ये सुनकर मैं हंस दिया और चुपचाप बाहर चला गया।
अभी मैं कुछ कहता कि इतनी देर में सब लोग वापस आ गए।
मैंने सबके पैर छुए और थोड़ी देर उनके साथ बातचीत करके अन्दर चला गया।
मेरा मन नहीं लग रहा था, उस दिन का सोच सोच कर अब मेरी आंखों के आगे चाची की गांड और उनका वह गोरा व मस्त जिस्म आ रहा था, जिसके कारण मेरा लंड इतना टाइट हो गया था मानो अभी फट जाएगा।
मैं अपने लौड़े को शांत करने ऊपर वाले स्टोर रूम में चला गया।
ऊपर का यह स्टोर रूम बंद ही रहता था। वहां पर पुराना सामान रखा रहता है।
मैं पहले वहीं मुट्ठी मारा करता था।
उधर एक खाट पड़ी थी।
मैं वहां जाकर अपने लंड को हिलाने लगा।
मेरी आंखों के सामने न्यूड चाची का सेक्सी बदन ही बार बार आ रहा था।
उफ दोस्तो, झड़ने से इतना ज्यादा माल पहले कभी मेरे लौड़े से नहीं निकला था, जितना आज चाची के नंगे जिस्म को देख कर आ गया था।
मैं जैसे ही उस रूम से बाहर निकला, तो पसीने से पूरा लथपथ हो गया था।
मैंने देखा कि चाची ऊपर आकर रस्सी से सूखे कपड़े उतार कर ले जा रही थीं।
उन्होंने मुझे देख कर रोका और पूछा- यहां क्या कर रहा है तू … और इतना पसीने में क्यों?
उसी वक्त उनकी नजर मेरी टांगों के बीच जा पड़ी।
मेरे कच्छे पर माल की बूंदें गिरी हुई थीं तो उनका हल्का सा धब्बा दिख रहा था।
मेरे लंड में अभी भी तनाव था। चाची सब कुछ भांप चुकी थीं कि मामला क्या था।
वे बोलीं- चल, नीचे चल कर खाना खाते हैं। मैं चाचा के बारे में बताना भूल गया था कि मेरे चाचा बाहर जॉब करते हैं, तो वे 6 महीने में ही एक बार आ पाते हैं। इस बार भी वे आकर जल्दी चले गए थे थे। मेरी चाची उनके बिना घर में अकेली ही रहती हैं।
मैंने और चाची ने खाना खाया।
उसी वक्त मेरी मादरचोद नजरें बार बार चाची के उन बड़े बड़े मम्मों पर जा रही थीं, जो मेरे लौड़े की मम्मी चोदने पर तुले हुए थे।
मेरा लंड मेरे शॉर्ट्स में ही कड़क होने लगा और हल्का हल्का दिखने लगा था।
चाची मेरी हालत को देख कर समझ गयी थीं कि इस बार ये लौंडा उनकी चूत में अपना माल झाड़ कर ही वापिस जाएगा।
जब मेरी नजरें चाची की नजरों से टकराईं तो मैंने देखा कि चाची मुझे किसी कातिलाना और कामुक आंखों से देख रही थीं।
वे बोलीं- मैं तेरे लिए बनाना शेक बना कर लाती हूँ। तूने स्टोर रूम में बहुत मेहनत की है … और क्या पता कि आज रात भी करनी पड़ जाए। आज तू मेरे घर में सोने आ जाना।
उफ दोस्तो … एक तो चाची की वह कातिलाना मुस्कान और ऊपर से मेरे दिल और लंड को खुश करने वाली बात सुनकर तो मैं एकदम से सातवें आसमान पर आ गया था।
रात में मैं चाची के घर आ गया था।
चाची मेरे लिए केले का शेक बनाकर लाईं। मैंने देखा कि चाची मेरे लिए गिलास ऐसे ला रही थीं … जैसे आज हमारी सुहागरात हो।
वे मुझे गिलास देकर बाहर जाने लगीं और जाते जाते बोलीं- इसे पीकर मेरे ही रूम में आ जाना सोने के लिए!
ये सुनकर तो मैं और भी खुशी से उछल पड़ा।
मैंने जल्दी से गिलास खत्म किया और चाची के कमरे में चला गया।
मैंने उस टाइम एक सिर्फ अंडरवियर पहनी थी।
वह वी-शेप वाली फ्रेंची थी। उसमें से मेरा तनतनाता हुआ 8.5 इंच का लंड साफ साफ दिख रहा था।
मेरे लौड़े को देख कर कोई भी महिला खुद को रोक नहीं सकती थी।
फ्रेंची के ऊपर से मैंने एक शॉर्ट पहना हुआ था।
मैं बिंदास चाची के रूम में घुसता चला गया।
अन्दर आते ही मैंने अपनी गांड से कमरे का दरवाजा बंद कर दिया।
पर मैंने देखा कि चाची तो उधर हैं ही नहीं! तभी मुझे वही आवाज पुनः सुनाई पड़ी, जो उस दिन चाची के नहाते समय आ रही थी। मैं देखा चाची अन्दर थीं और वे शायद कपड़े बदल रही थीं।
मैं कमरे में ही बैठा रहा और उनके आने का इंतजार करने लगा। जैसे ही चाची ने रूम में कदम रखा, आह क्या ही बताऊं … वह नजारा सोचते और लिखते हुए मेरे लंड की हर एक नस टाइट हो गयी थी।
चाची एटम बम लग रही थीं।
उन्होंने एक रेशमी सी हल्के कपड़े वाली नाइटी पहन रखी थी, जिसमें से उनके अन्दर की ब्लैक कलर की ब्रा दिख रही थी और ब्रा के अन्दर कसे हुए दूध स्पष्ट दिख रहे थे।
नीचे नजर गई तो उनकी गहरी नाभि के नीचे एक छोटी सी डोरी से बंधी एक काली रंग की पैंटी पहन रखी थी।
मेरा तो देख कर लंड उछाल मारने लगा।
वे इठलाती हुई मेरे करीब आकर बोलीं- क्या देख रहा है? ऐसे कभी कोई औरत नहीं देखी तूने?
मैंने इसका जवाब उनकी आंखों में आंखें डालकर दिया- देखी तो बहुत हैं मगर ऐसी अप्सरा पहली बार देख रहा हूँ!
ये सुनते ही चाची के गाल किसी टमाटर की तरह शर्म से लाल हो गए।
दोस्तो, उस रात चाची की बंद चुत को किस तरह से मैंने चोद चोद कर ढीला किया, वह सब सेक्स कहानी के अगले भाग में लिखूँगा।
उस रात मैंने चाची को तीन बार चोदा और उनकी चूत को भोसड़ा बना दिया।
अब चाची मेरी रखैल बनकर रहती हैं और जब भी मौका मिलता है, हम दोनों चुदाई करते हैं।
धन्यवाद!
NEXT PART: चाची की कसी चूत चोदा-2
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
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nice
Very nice story