मैं और मेरी सहेली अनजान आदमी से चुदवाई

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अंजलि और उनकी सहेली प्रिया सरकारी नौकरी की तैयारी के दौरान जयपुर में एक विदेशी व्यक्ति डेविड से मिलती हैं और उनके साथ एक यादगार रात बिताती हैं।

हाय फ्रेंड्स मेरा नाम अंजलि है, मेरी उम्र 27 साल है और मेरा फिगर 36-34-38 है, मैं दिल्ली से हूं।

मेरे पति एक बड़े संस्थान में नौकरी करते हैं और मैं भी सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर रही हूं।

यह मेरी असली सेक्स कहानी है। यह मेरी और मेरी कोचिंग की क्लासमेट प्रिया की है।

हम लोग कोचिंग में हमेशा एक साथ बैठते हैं और वापस घर भी एक साथ ही आते हैं।

प्रिया की उम्र 30 साल है और उसका फिगर 38-34-40 है।

वह मुझसे थोड़ी मोटी है और उसके बड़े-बड़े स्तन और बड़ी-बड़ी गांड मुझसे भी ज्यादा बड़े और सेक्सी लगते हैं।

वह कोचिंग में हमेशा टाइट कपड़े पहनकर आती है और कोचिंग के टीचर और बाकी स्टूडेंट उसे घूर-घूर कर देखते रहते हैं।

कोचिंग के बाद जब हम घर आते हैं तो कई बार वह मेरे साथ मेरे घर आ जाती है क्योंकि वह भी दिल्ली में अकेले रहकर ही तैयारी कर रही है।

उसकी फैमिली उदयपुर में रहती है और उसका पति कोलकाता में नौकरी करता है।

वह सेक्स में बहुत इंटरेस्ट लेती है और मुझसे भी मेरे और मेरे पति की सेक्स लाइफ के बारे में रोज पूछती रहती है।

एक बार हम कोचिंग से घर आए तो प्रिया और मैं एक साथ बैठकर फिल्म देखने लगे।

फिल्म देखते देखते हम दोनों गर्म हो गई थीं, तो प्रिया मुझे चूमने लगी और मैं भी उसे वापस चूमने लगी।

हम एक-दूसरे के स्तन दबाने लगे और वह मेरे कपड़े उतारने लगी।

उसने मेरे सारे कपड़े उतारकर मुझे नंगा कर दिया और खुद भी पूरी नंगी हो गई।

फिर वह आई और अपना स्तन मेरे मुंह में दे दिया और बोली कि तुम इसे जोर-जोर से चूसो।

और मैं उसके स्तन को चूसने लगी, वह मेरे स्तन को दबा रही थी और मैं उसके स्तन को चूस रही थी।

कुछ देर बाद उसने मुझे सोफे पर लिटा दिया और मेरी बुर चाटने लगी।

वह अपनी जीभ मेरी बुर के अंदर तक डालकर चाट रही थी और मेरे स्तन को सहला रही थी।

फिर उसने अपनी बुर मेरे मुंह पर रखी और हम लोग 69 की पोजीशन में एक-दूसरे की बुर चाट रहे थे।

कुछ देर बाद हमारी बुर से पानी झड़ गया और हम एक-दूसरे से अलग होकर सोफे पर नंगे ही बैठ गए।

फिर उसने मुझसे पूछा कि तुम्हारे पास कोई खिलौना है क्या, तो मैंने कहा नहीं मेरे पास तो नहीं है।

तो फिर वह बोली कि घर में लंड के जैसा क्या है, तो मैंने कहा कि फ्रिज में खीरा रखा है। तो वह बोली तो लेकर आओ।

फिर मैं किचन में गई और एक लंबा खीरा लेकर आई।

प्रिया ने मुझसे कहा कि तुम्हारे पति का सुरक्षा कवच कहां रखा है।

तो मैंने कहा कि वह अलमारी के अंदर है।

तो उसने एक कवच लिया और खीरे पर वह चढ़ा लिया।

फिर वह सोफे पर टांगें चौड़ी करके बैठ गई और मुझसे कहा कि तुम मेरी बुर में खीरे को अंदर-बाहर करो।

मैं उस लंबे खीरे को अपने हाथ में पकड़कर प्रिया की बुर में डालने लगी।

वह बहुत ज्यादा गर्म हो गई थी, इसलिए आहें भर रही थी।

6-7 मिनट तक खीरा डालते रहने के बाद उसकी बुर ने पानी छोड़ दिया था।

और उसकी बुर में खीरा करने के कारण मैं भी गर्म हो गई।

तो मैंने प्रिया से कहा कि अब मुझे कौन शांत करेगा।

प्रिया बोली कि तुझे तो रोज रात में तेरे पति का लंड मिलता है, तुझे खीरे की क्या जरूरत।

मैंने बोली कि पति तो रात में आकर चोदेगा। करीब 5-6 मिनट तक लगातार खीरा डालने के बाद मेरी बुर ने भी पानी छोड़ दिया।

फिर हम लोगों ने कपड़े पहने और खाना खाकर मेरे घर पर ही सो गए।

कुछ दिनों बाद हमारा सरकारी नौकरी का परीक्षा जयपुर में होने वाला था।

मेरा और प्रिया का केंद्र जयपुर में आया, तो मैंने अपने पति से पूछा कि क्या आप हमारे साथ चलोगे।

तो वह बोले कि मैं नहीं चल पाऊंगा, मुझे ऑफिस जाना पड़ेगा, तुम और प्रिया एक साथ चले जाओ।

फिर मैंने थर्ड एसी के दो टिकट बुक कराए और प्रिया के साथ जयपुर जाने की तैयारी कर ली।

प्रिया बोली कि दिसंबर का महीना है और जयपुर में दिसंबर के महीने में पर्यटक बहुत आते हैं।

तो हम भी एक-दो दिन बाहर रुककर वापस आएंगे। तो मैंने परीक्षा के दो दिन बाद वापस दिल्ली आने का टिकट बुक किया।

रविवार को दिन में हमारा परीक्षा था, इसलिए हम शनिवार की रात को दिल्ली से ट्रेन में बैठे और सुबह जयपुर पहुंच गए।

वहां जाकर हम सीधे होटल गए और वहां से तैयार होकर मैं अपने परीक्षा केंद्र की तरफ निकल गई और प्रिया अपने केंद्र की तरफ निकल गई।

शाम को पांच बजे तक हम दोनों वापस होटल आए।

थोड़ी देर हम लोगों ने आराम किया और फिर हम लोग जयपुर शहर घूमने चले गए।

मैं और प्रिया ने टाइट जींस और टाइट टी-शर्ट पहने हुए थे और उसके ऊपर स्वेटर पहने हुए थे, जिसमें हमारा फिगर बहुत ज्यादा सेक्सी लग रहा था।

लोग जयपुर के बाजार में घूम रहे थे, जो जंतर मंतर के पास था।

वहां पर बहुत सारे पर्यटक भी आए हुए थे।

वहां पर लोग हमें घूर-घूर कर देख रहे थे।

काफी देर घूमने के बाद हम लोग खाना खाने एक अच्छे होटल में चले गए।

वहां पर काफी पर्यटक भी खाना खा रहे थे। वहां पर सारी मेज बुक थीं।

इसलिए हमने थोड़ी देर में ही खड़े रहकर इंतजार किया।

फिर हमने देखा कि एक विदेशी व्यक्ति बैठा है और उसकी मेज पर और कोई नहीं बैठा है।

वह अकेला ही वहां बैठा था।

तो प्रिया ने उससे पूछा कि क्या हम यहां पर बैठ सकते हैं।

तो उसने कहा कि हां, आप यहां बैठ जाइए।

फिर हम लोग वहां बैठ गए और हमने ऑर्डर दिया।

हम और प्रिया उससे बातें करने लगे।

वह व्यक्ति जयपुर किसी व्यापारिक बैठक के लिए आया था और अकेला ही था।

वह अमेरिका में रहता था, उसका नाम डेविड था।

बातों ही बातों में उसने बताया कि उसकी उम्र 45 साल है और उसकी पत्नी फ्रांस की है और उसकी उम्र 28 साल है।

उन्होंने प्रेम विवाह किया है।

प्रिया ने पूछा कि वह तो आपसे बहुत ज्यादा छोटी है, तो प्रेम विवाह कैसे हुई।

तो उसने बताया कि वह मेरे कार्यालय में काम करती थी और हमें आपस में प्यार हो गया और हम लोगों ने शादी कर ली।

फिर उसने अपने फोन में अपनी और अपनी पत्नी की तस्वीर दिखाई, जो किसी समुद्र तट पर थी।

जिसमें वह दोनों किसी समुद्र तट के किनारे खड़े होकर तस्वीर खिंचवा रहे थे।

जिसमें उसकी पत्नी बिकनी पहने हुए थी और डेविड ने केवल अंडरवियर पहना हुआ था।

फिर डेविड ने हमसे पूछा कि आप लोग कहां रुके हो।

तो मैंने बताया कि हम यही एक होटल में रुके हैं।

फिर डेविड ने बताया कि वह भी यही पास ही एक होटल में रुका हुआ है।

फिर खाना खाने के बाद वह भी थोड़ी देर हमारे साथ घूमने लगा और फिर वह बोला कि आप मेरे कमरे पर चलो, वहां हम लोग थोड़ी देर बातें करेंगे।

तो प्रिया बोली कि हम लोग आज परीक्षा देकर आए हैं और हमें थोड़ी थकान है, इसलिए हम जाकर आराम करेंगे।

तो वह बोला कि वह हमारी थकान उतार देगा।

प्रिया बोली कि कैसे उतारोगे। तो डेविड ने कहा कि जैसा आप कहोगे, वैसे आपकी थकान उतार दूंगा।

वैसे उसकी पत्नी उसकी बहुत तारीफ करती है क्योंकि वह बहुत अच्छी मालिश करता है।

और अगर आप कहो तो आपकी भी मालिश कर सकता हूं।

मैंने कहा कि मालिश की कोई जरूरत नहीं है, हम ऐसे ही चलते हैं।

फिर हम लोग डेविड के कमरे पर आ गए और वहां पर थोड़ी देर रुके।

बातें करने के बाद हम अपने होटल के लिए निकलने लगे।

तो डेविड ने निकलते समय हम दोनों को गले लगाया और बोला कि कल सुबह मैं आपका इंतजार करूंगा।

प्रिया बोली कि कल हम लोग जयपुर घूमने का प्लान कर रहे हैं।

तो वह बोला कि मैं भी आपके साथ घूमना चाहता हूं।

तो हमने उसे कह दिया कि ठीक है, हम तीनों कल एक साथ जयपुर घूम लेंगे।

फिर हम लोग अपने होटल आ गए।

मैंने प्रिया से कहा कि प्रिया, मुझे उस डेविड का इरादा ठीक नहीं लगता।

तो प्रिया बोली कि वह विदेशी है, उसके पास लंबा लंड है और हमारे पास एक अच्छा मौका है बड़े लंड से चुदवाने का।

इसलिए ज्यादा मत सोचो और कल घूमने चलो।

फिर दूसरे दिन सुबह मैं और प्रिया वन पीस ड्रेस पहनकर डेविड के होटल पहुंच गए।

वहां पर वह हमारा इंतजार कर रहा था।

डेविड के साथ ही नाश्ता करने के बाद हम लोग कार में जयपुर घूमने चले गए।

उस दिन हमने उसके साथ आमेर किला, नाहरगढ़ किला, हवा महल, जंतर मंतर, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय और कई जगह घूमी।

दिन में हमने डेविड के साथ भोजन भी किया।

दिन में जब हम घूम रहे थे, तब डेविड रह-रहकर कभी प्रिया, तो कभी मेरे साथ पास आने की कोशिश करता था।

शाम को वह हमें अपने साथ अपने होटल लेकर गया और वहां हमने साथ में कॉफी पी।

मैं बोली कि अब हम लोग अपने होटल जाते हैं। तो वह बोला कि खाना यहीं खाकर जाना। तो मैं बोली कि हमें देर हो जाएगी।

तो वह बोला कि आज यहीं रुक जाओ। तो प्रिया ने कहा कि यहां तो सिर्फ एक बिस्तर है, हम तीनों कैसे रुक सकते हैं।

तो डेविड बोला कि हम तीनों एक साथ भी तो सो सकते हैं।

प्रिया बोली कि तुम्हें कोई तकलीफ तो नहीं होगी।

डेविड बोला कि तुम दो सुंदरियां अगर मेरे साथ रात में रुकेंगी, तो मुझे क्या तकलीफ होगी।

प्रिया बोली कि डेविड, तुम्हारा इरादा क्या है, बता दो। तो डेविड बोला कि अब तुम समझ ही रही हो कि मेरा इरादा क्या है।

मैं तुम दो सुंदरियों के साथ आज रात आनंद लेना चाहता हूं, क्या तुम तैयार हो। तो प्रिया बोली कि हमें क्या फायदा होगा।

डेविड, तुम्हें तो हमारी दो बुर चोदने को मिलेगी, हमें क्या मिलेगा।

तो डेविड बोला कि तुम्हें क्या चाहिए, मैं तुम्हें देने को तैयार हूं।

तो प्रिया बोली कि क्या तुम हमें कुछ दे सकते हो।

तो डेविड बोला कि तुम जितना कहोगी, मैं उतना दे दूंगा। बस तुम दोनों आज रात मेरे साथ रुक जाओ। फिर प्रिया बोली ठीक है।

फिर डेविड के साथ हम लोगों ने खाना खाया और वापस उसके कमरे में चले गए।

वहां हम लोग सोफे पर बैठकर बातें कर रहे थे।

थोड़ी देर बातें करने के बाद डेविड ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और मेरे स्तन को दबाने लगा। उसने प्रिया को भी अपने पास बुला लिया।

मेरे वन पीस सूट के ऊपर से ही मेरे स्तन को दबा रहा था। थोड़ी देर स्तन दबाने के बाद वह बोला, तुम दोनों नंगी हो जाओ।

फिर वह खड़ा हुआ और उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और नंगा हो गया।

हम उसके लंबे लंड को देखते रह गए। उसका लंड बहुत ज्यादा काला और 10 इंच लंबा और 4 इंच मोटा था।

मैंने प्रिया से कहा कि प्रिया, आज तो यह हमें मार ही देगा। प्रिया बोली कि ऐसा लंड लेने का मौका हमें बार-बार नहीं मिलेगा।

इसलिए आज से जी भर के चुदाई करने का मौका है, इसलिए हम दोनों मजे से सेक्स का आनंद लो। फिर डेविड ने हमें भी नंगा कर दिया।

हम तीनों नंगे खड़े थे। डेविड ने खड़े-खड़े ही मुझे चूमना शुरू कर दिया।

वह मुझे चूमते हुए मेरी गांड को दबा रहा था। वह अपने बड़े-बड़े हाथों से मेरी गांड को बहुत ज्यादा दबा रहा था।

फिर सोफे पर बैठ गया और मुझे अपने लंड पर बिठा लिया। उसका लंड बहुत ज्यादा लंबा था, इसलिए मुझे दर्द होने लगा।

लेकिन उसने कोई परवाह नहीं की और जोर से मेरी बुर में अपना लंबा काला लंड घुसा दिया।

उसने प्रिया को पास बुलाया और उसका स्तन अपने मुंह में लेकर चूसने लगा।

मैं उसके लंड पर ऊपर-नीचे हो रही थी और उसका पूरा लंबा काला लंड मेरी बुर में घुस रहा था।

मुझे ऐसा लग रहा था कि आज मेरी बुर फट जाएगी, क्योंकि डेविड का लंड मेरे पति से कई गुना ज्यादा बड़ा था।

थोड़ी देर बाद वह उठा और बिस्तर पर लेट गया।

उसने प्रिया को अपने लंड पर बिठा लिया और मुझे बोला कि तुम अपनी बुर मेरे मुंह पर रख दो। मैं उसके मुंह पर अपनी बुर रखकर बैठ गई।

और प्रिया उसके लंड पर बैठकर चुदवाने लगी। वह मेरी बुर के बहुत अंदर तक जीभ डालकर चोद रहा था।

प्रिया और मैं एक-दूसरे के स्तन दबा रहे थे। डेविड बहुत तेजी से हम दोनों को एक साथ चोदने का मजा ले रहा था।

थोड़ी देर बाद मेरी बुर ने पानी छोड़ दिया और डेविड मेरी बुर का सारा पानी पी गया।

फिर मैं हटकर पास में बैठ गई और प्रिया अभी भी उसके लंड पर ऊपर-नीचे होकर सेक्स का मजा ले रही थी।

कुछ देर बाद डेविड ने प्रिया की बुर में ही अपना वीर्य गिरा दिया और फिर वह दोनों भी अलग हो गए।

दस-पंद्रह मिनट तक हम लोग आपस में बातें करते रहे। फिर डेविड का लंड वापस खड़ा हो गया।

तो वह बोला कि प्रिया, तुम बिस्तर पर बैठ जाओ। अंजलि तुम्हारी बुर चाटेगी और मैं अंजलि को पीछे से चोदूंगा।

फिर प्रिया बिस्तर पर बैठ गई। मैंने उसकी टांगों को फैलाया और उसकी बुर चाटने लगी।

और डेविड ने मुझे पीछे से किया और मेरी चुदाई करने लगा।

अब उसका लंबा लंड मेरी बुर की गहराई तक अंदर जा रहा था और वापस बाहर निकालकर वह बहुत तेज तेज धक्के लगा रहा था।

प्रिया अपनी बुर चटवाते हुए मेरे स्तन को मसल रही थी और मेरा सिर पकड़कर बुर पर दबा रही थी।

डेविड मेरी गांड पर तेजी से मार भी रहा था, इस कारण मुझे दर्द भी हो रहा था।

लेकिन उसके लंबे लंड के कारण मुझे मजा भी बहुत आ रहा था। डेविड करीब 10 मिनट तक इसी पोजीशन में हमें चोदता रहा।

मेरी बुर ने दो बार पानी छोड़ दिया था, लेकिन डेविड का लंड अभी भी उतना ही कड़ा था और वह तेजी से चोद रहा था।

डेविड ने फिर कहा कि अब तुम दोनों अपनी पोजीशन बदल लो, अब मैं बिस्तर पर बैठ गई।

और प्रिया मेरी जगह पीछे से चुदवाने लगी।

थोड़ी देर बाद प्रिया बोली कि डेविड, तुमने मेरी बुर को तो अपने वीर्य से भर दिया है, अंजलि की बुर में भी तो अपना वीर्य गिराओ।

तो बोला कि कोई बात नहीं, इस बार मेरा वीर्य अंजलि की बुर में ही गिरेगा।

फिर थोड़ी देर बाद उसने प्रिया की बुर से अपना लंड निकाला और बिस्तर पर आकर मुझे चोदने लगा।

वह बहुत तेज स्पीड से धक्के लगा रहा था।

करीब दो-तीन मिनट तक उसने मेरी बुर में बहुत तेज तेज धक्के लगाए और अपना सारा वीर्य मेरी बुर में भर दिया।

फिर उसने अपना लंड बाहर निकाला। मेरी बुर से उसका वीर्य बाहर आने लगा, तो मैंने उसे तौलिये से साफ किया।

फिर हम लोगों ने आराम किया और थोड़ी देर बातें करते रहे।

फिर डेविड ने बोला कि तुम दोनों 69 की पोजीशन में एक-दूसरे की बुर चाटो।

फिर मैं बिस्तर पर लेट गई और प्रिया मेरे मुंह पर अपनी बुर रखकर मेरी बुर चाटने लगी और मैं उसकी बुर चाटने लगी।

फिर डेविड आया और उसने प्रिया की गांड पर क्रीम लगाई और अपनी एक उंगली अंदर करने लगा।

प्रिया बोली कि डेविड, तुम्हारा बहुत बड़ा है, तुम धीरे-धीरे करना।

तो वह धीरे-धीरे अपनी उंगली अंदर-बाहर कर रहा था।

फिर उसने अपनी दो उंगलियां प्रिया की गांड में डाल दीं और कुछ देर बाद उसने अपने लंड पर क्रीम लगाई और वह प्रिया की गांड मारने लगा।

प्रिया को दर्द हो रहा था, इसलिए वह आहें भरने लगी। डेविड पांच-छह मिनट तक उसकी गांड मारता रहा।

फिर उसने मुझे अपने सामने झुकाया और बोला कि अब मैं तुम्हारी गांड में अपना लंड डालूंगा।

तो मैंने कहा, धीरे-धीरे डालना। फिर उसने मेरी गांड पर भी क्रीम लगाई और धीरे-धीरे अपना लंड अंदर घुसने लगा।

थोड़ी देर बाद उसने अपना पूरा लंड मेरी गांड में घुसा दिया और 5 मिनट तक लगातार उसने मेरी गांड मारी।

फिर उसने मुझे अपने सामने बैठाया और मेरे स्तन पर अपना वीर्य गिरा दिया।

फिर हम तीनों थक चुके थे, तो हम तीनों सो गए। रात में 3:00 बजे डेविड उठा और उसने प्रिया को चोदना शुरू कर दिया।

मेरी भी नींद खुल गई थी। मैंने देखा कि डेविड बहुत तेज स्पीड से प्रिया की बुर में धक्के लगा रहा था।

यह देखकर मैं भी गर्म हो गई और मैं भी प्रिया के स्तन को दबाने लगी और डेविड को चूमने लगी।

थोड़ी देर बाद उसने मुझे सामने से गोद में उठाया और मेरी बुर में अपना लंड डालकर चोदने लगा।

वह खड़े-खड़े मुझे बहुत तेज स्पीड से चोद रहा था। प्रिया बिस्तर पर देखकर यह देख रही थी।

डेविड करीब छह-सात मिनट तक इसी तरह खड़े-खड़े मुझे चोदता रहा।

फिर प्रिया बोली कि डेविड, अंजलि को अकेले ही चोदोगे या मुझे भी चोदोगे।

तो डेविड ने प्रिया को भी अपनी गोद में उठा लिया और खड़े-खड़े चोदने लगा।

फिर उसने हम दोनों को अपने सामने बैठाया और हम दोनों के मुंह पर अपना वीर्य गिरा दिया और बोला कि तुम इसे चाट लो।

तो हमने उसका वीर्य चाट लिया। फिर हम लोग सो गए।

सुबह सात बजे हम लोग उठे, तो प्रिया बोली कि डेविड, अब हम अपने होटल जा रहे हैं।

तो डेविड बोला कि अभी एक बार और चुदाई करने दो, फिर तुम चली जाना।

प्रिया बोली कि डेविड, हमने तो चुदाई करने दी, लेकिन तुमने अपना वादा नहीं निभाया।

तो डेविड बोला कि मुझे मेरा वादा याद है और उसने एक लिफाफा प्रिया को दिया।

प्रिया ने वह लिफाफा खोलकर देखा, तो उसमें पैसे थे। डेविड बोला कि तुम खुश हो या और चाहिए। तो प्रिया बोली कि डेविड, हम खुश हैं।

फिर डेविड नंगा ही बिस्तर से खड़ा हुआ और बोला कि तुम दोनों मेरा लंड मुंह में लेकर चूसो।

फिर मैं और प्रिया बारी-बारी से उसका लंड अपने मुंह में ले रहे थे।

फिर डेविड ने हमें बिस्तर पर लिटा दिया और मुझे चोदने लगा।

वह करीब छह-सात मिनट तक तेज स्पीड से मुझे चोदता रहा।

फिर बोला कि प्रिया, अब तुम आ जाओ। फिर वह पांच-छह मिनट तक चोदता रहा।

फिर उसने मेरे मुंह में अपना पूरा वीर्य गिरा दिया और बोला कि अंजलि, तुम इसे पी जाओ।

फिर मैं उसका पूरा वीर्य पी गई। फिर उसने प्रिया को पीछे से चोदना शुरू किया।

वह प्रिया को दस मिनट तक तेज स्पीड से चोदता रहा।

फिर उसने प्रिया को सामने बैठाया और अपना लंड प्रिया के मुंह में डाल दिया और अपना वीर्य प्रिया के मुंह में गिरा दिया।

फिर हम वहां से वापस अपने होटल आ गए। उस दिन हम दिन में जयपुर घूमने गए।

प्रिया ने मुझे कुछ पैसे दिए और बोली कि ये लो, डेविड का तोहफा।

फिर उस दिन शाम को हम वापस ट्रेन से दिल्ली आ गए।

उसके बाद डेविड कई बार दिल्ली आया, मैंने और प्रिया ने उसके साथ चुदाई की।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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