ठेले वाले ने मालिश करके मुझे चोदा

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मेरा नाम रूबी है। आज मेरी उम्र 26 साल है। मैं भुवनेश्वर, ओडिशा की रहने वाली हूँ और मेरी फिगर की साइज़ 34-30-36 है।

मेरी हाइट 5 फुट 7 इंच है और मैं गोरी और सुंदर हूँ। यह घटना तब की है जब मैं अपनी ग्रेजुएशन पूरी करके घर आई थी।

मेरे पिता एक सरकारी अफसर हैं और मेरी माँ गृहिणी हैं। हमारे घर में सिर्फ़ हम तीन लोग रहते हैं।

मेरे पिता की उम्र 55 साल है और मेरी माँ 48 साल की हैं। मैं उनकी इकलौती बेटी हूँ इसलिए वह मुझे बहुत प्यार करते हैं।

मैंने अपनी ग्रेजुएशन भुवनेश्वर के एक प्रसिद्ध कॉलेज से पूरी की थी। वहाँ मेरे कई बॉयफ्रेंड थे और मैंने काफी मजे किए थे।

लेकिन अब घर आकर मैं थोड़ी बोर हो रही थी क्योंकि मेरे पिता मुझे बाहर ज्यादा नहीं जाने देते थे।

मेरी एक आदत है कि मैं सुबह-सुबह उठकर घर के पास के पार्क में टहलने जाती हूँ।

वह पार्क हमारे घर से सिर्फ़ 5 मिनट की दूरी पर है। वहाँ सुबह-सुबह काफी भीड़ होती है और कई लोग आते-जाते रहते हैं।

एक दिन सुबह जब मैं पार्क में टहल रही थी तो मैंने देखा कि पार्क के बाहर एक नया ठेला लगा है।

वह एक आयुर्वेदिक दवाओं का ठेला था और उस पर एक युवक बैठा था। वह युवक करीब 28-29 साल का लग रहा था और बहुत हैंडसम था।

उसकी हाइट करीब 6 फुट थी और उसका बदन बहुत मजबूत लग रहा था।

मैंने उसे देखा और वह भी मुझे देखकर मुस्कुराया। मैंने उसकी मुस्कुराहट का जवाब देते हुए भी मुस्कुरा दिया और आगे बढ़ गई।

उस दिन मैंने उस युवक को देखकर अनदेखा कर दिया।

लेकिन अगले दिन फिर वह वहीं बैठा था और इस बार वह मुझे आवाज़ देकर बोला, “मैडम, एक बार आइए ना, आपके लिए कुछ खास है।”

मैंने सोचा कि यह कौन है और यह मुझे क्यों बुला रहा है। मैं उसके पास गई और पूछा, “क्या है? मैं तो सिर्फ़ टहलने आई हूँ।”

वह बोला, “मैडम, मैं राजू हूँ और मैं आयुर्वेदिक दवाइयां बेचता हूँ। मेरे पास ऐसी दवाइयां हैं जो आपकी सुंदरता को और बढ़ा देंगी।”

मैंने कहा, “मुझे कोई दवा नहीं चाहिए, मैं पहले से ही सुंदर हूँ।”

राजू मुस्कुराया और बोला, “हाँ मैडम, यह तो मैं देख ही रहा हूँ। लेकिन मेरे पास एक खास तेल है जो आपकी त्वचा को और भी नरम और चमकदार बना देगा।”

मैंने सोचा कि चलो देखती हूँ यह क्या बेच रहा है। मैंने उससे वो तेल माँगा। उसने एक छोटी सी बोतल निकाली और मुझे दी।

“यह तेल रात को सोने से पहले चेहरे पर लगाइए, सुबह तक आपकी त्वचा बदल जाएगी,” राजू ने कहा।

मैंने वो तेल ले लिया और उससे पूछा, “कितने पैसे हुए?”

“सिर्फ़ 100 रुपये मैडम,” राजू ने कहा।

मैंने उसे 100 रुपये दिए और वापस घर आ गई।

रात को मैंने वो तेल लगाया। वाकई में वो तेल बहुत अच्छा था।

मेरी त्वचा पर एक अलग सी चमक आ गई थी। मैंने सोचा कि यह राजू सच में अच्छी दवाइयां बेचता है।

अगले दिन मैं फिर से उसी पार्क में गई और राजू फिर से वहीं बैठा था। इस बार वह मुझे देखकर बहुत खुश हुआ।

“कैसा लगा मैडम तेल?” राजू ने पूछा।

“बहुत अच्छा था,” मैंने कहा।

“देखा मैंने कहा था ना,” राजू मुस्कुराया, “मेरे पास और भी बहुत सारी दवाइयां हैं।”

“कैसी दवाइयां?” मैंने पूछा।

राजू थोड़ा झुककर मेरे कान में बोला, “ऐसी दवाइयां जो आपके शरीर के हर अंग को सुंदर बना देंगी।”

मैं समझ गई कि वह किस बारे में बात कर रहा है। मेरी समझ में आया कि यह मुझे कुछ और ही बेचना चाहता है।

“क्या मतलब?” मैंने शरमाते हुए पूछा।

“मतलब यह मैडम कि मेरे पास ऐसी दवाइयां हैं जो आपकी चूचियों को और भी मोटा और कसा हुआ बना देंगी,” राजू ने कहा।

मैं शर्मा गई। वाकई में मेरी चूचियाँ थोड़ी ढीली हो गई थीं क्योंकि मैंने कॉलेज में काफी मजे किए थे और मेरे कई बॉयफ्रेंड मेरी चूचियाँ खूब दबाते और चूसते थे।

“कैसी दवा है?” मैंने पूछा।

“यह एक खास तेल है मैडम, जिसे मालिश करने से आपकी चूचियाँ फिर से कसी हो जाएंगी,” राजू ने कहा।

मैंने सोचा कि चलो लेकर देखती हूँ। “ठीक है, दो वो तेल,” मैंने कहा।

“मैडम, यह तेल तो मैं दे दूँगा, लेकिन इसकी मालिश तो किसी को करनी पड़ेगी,” राजू ने कहा।

“मैं खुद कर लूँगी,” मैंने कहा।

“नहीं मैडम, इसकी मालिश तो एक्सपर्ट को ही करनी पड़ती है, वरना असर नहीं होगा,” राजू ने कहा।

मैं समझ गई कि यह मुझे कहाँ लेकर जा रहा है।

शाम को मैं फिर से राजू के ठेले पर गई। इस बार वहाँ कोई नहीं था क्योंकि शाम हो चुकी थी और लोग घर जा चुके थे।

“राजू, क्या तुम सच में मेरी मालिश करोगे?” मैंने पूछा।

“जी मैडम, मैं एक्सपर्ट हूँ,” राजू ने कहा।

“कहाँ करोगे?” मैंने पूछा।

“मेरे पास पीछे एक छोटी सी झोपड़ी है, वहाँ कर लेते हैं,” राजू ने कहा।

मैं थोड़ा हिचकिचाई लेकिन फिर मान गई। मैं उसके साथ उसकी झोपड़ी में गई।

झोपड़ी छोटी थी लेकिन साफ-सुथरी थी। अंदर एक बिस्तर था और कुछ बक्से रखे हुए थे।

“आइए मैडम,” राजू ने कहा।

मैं अंदर गई। राजू ने झोपड़ी का दरवाज़ा बंद कर दिया।

“मैडम, आप अपने ऊपर के कपड़े उतार दीजिए,” राजू ने कहा।

मैं शर्मा रही थी। “पूरे कपड़े?” मैंने पूछा।

“नहीं मैडम, सिर्फ़ ऊपर का ब्लाउज और ब्रा,” राजू ने कहा।

मैंने धीरे-धीरे अपना ब्लाउज उतारा। फिर मैंने अपनी ब्रा भी उतार दी। मेरी चूचियाँ बाहर आ गईं। वह गोरी और मोटी थीं।

राजू उन्हें देखकर मंत्रमुग्ध हो गया। “वाह मैडम, क्या चूचियाँ हैं आपके,” उसने कहा।

“शर्म मत करो राजू, तेल लगाओ,” मैंने कहा।

राजू ने तेल की बोतल खोली और थोड़ा तेल अपने हाथों में लिया। फिर उसने मेरी चूचियों पर तेल लगाना शुरू किया।

उसके हाथ बहुत नरम थे। वह मेरी चूचियों को अच्छे से मल रहा था। वह तेल को हर जगह फैला रहा था।

“ओह राजू, बहुत मजा आ रहा है,” मैंने कहा।

“मैडम, अब और मजा आएगा,” राजू ने कहा।

वह मेरी चूचियों को दबाने लगा। उसने मेरे निप्पलों को अपनी उंगलियों से मसला। मेरे निप्पल कड़क हो गए।

“मैडम, आपके निप्पल तो कड़क हो गए,” राजू ने कहा।

“हाँ, तुम्हारे हाथों का जादू है,” मैंने कहा।

राजू ने अचानक मेरा एक निप्पल अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा।

“ओह राजू, यह क्या कर रहे हो?” मैंने कहा।

“मैडम, यह भी तो मालिश का ही हिस्सा है,” राजू ने कहा और चूसता रहा।

मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने उसका सिर अपनी चूची पर दबा दिया।

राजू ने दूसरी चूची भी चूसी। फिर वह नीचे गया और उसने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया।

“राजू, यह क्या?” मैंने कहा।

“मैडम, नीचे का तेल भी लगाना है,” राजू ने कहा।

उसने मेरी सलवार उतार दी। मैं सिर्फ़ पैंटी में थी। उसने मेरी पैंटी भी उतार दी। मेरी चूत दिख गई।

“क्या सुंदर चूत है मैडम,” राजू ने कहा।

उसने तेल मेरी चूत पर लगाया और मालिश करने लगा। मैं तो पागल हो गई।

“ओह राजू, और अंदर करो,” मैंने कहा।

राजू ने अपनी उंगली मेरी चूत में डाल दी।

“आह!” मैं चीखी।

राजू ने उंगली को अंदर-बाहर करना शुरू किया। मैं झड़ने वाली थी।

राजू ने अपने कपड़े उतार दिए। उसका लंड बहुत बड़ा था। करीब 10 इंच लंबा और बहुत मोटा।

“राजू, यह तो बहुत बड़ा है,” मैंने कहा।

“मैडम, इससे आपको बहुत मजा आएगा,” राजू ने कहा।

उसने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरी टाँगें फैला दीं। उसने अपने लंड को मेरी चूत पर रखा।

“मैडम, थोड़ा दर्द होगा लेकिन बाद में मजा आएगा,” राजू ने कहा।

उसने एक जोर का धक्का लगाया और उसका लंड का सिरा अंदर चला गया।

“आह! बहुत दर्द हो रहा है राजू,” मैंने कहा।

राजू ने रुककर मेरी चूचियाँ दबाई। फिर उसने एक और धक्का लगाया और आधा लंड अंदर कर दिया।

“ओह मैडम, आपकी चूत तो बहुत टाइट है,” राजू ने कहा।

“तुम्हारा बहुत मोटा है,” मैंने कहा।

राजू ने एक और जोर का धक्का लगाया और पूरा लंड अंदर घुसा दिया।

“आह!” मेरी चीख निकल गई।

राजू ने रुकर मुझे किस किया। फिर वह धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा।

“फच्… फच्… फच्…” की आवाज़ गूँज रही थी।

“ओह राजू, अब मजा आ रहा है,” मैंने कहा।

“मैडम, अब और मजा आएगा,” राजू ने कहा।

उसने अपनी गति तेज कर दी। वह जोर-जोर से मुझे चोद रहा था। मेरी चूचियाँ हिल रही थीं।

“ओह हाँ राजू, और जोर से,” मैं चिल्लाई।

राजू ने मेरी टाँगें उठाकर अपने कंधों पर रख दीं और और जोर से धक्के लगाने लगा।

“थप… थप… थप…” उसके अंडकोश मेरी गांड से टकरा रहे थे।

मैं 2 बार झड़ चुकी थी। राजू भी झड़ने वाला था।

“मैडम, मैं झड़ने वाला हूँ,” राजू ने कहा।

“मेरे दूध पर निकाल दो,” मैंने कहा।

राजू ने अपने लंड को अपने हाथ से दबाते हुए अपना गर्म वीर्य मेरी चुचियों पर गिरा दिया।

फिर मैं अपने हाथों से उन पर थोड़ा मॉल ली और और थोड़ा ऊँगली से चाट ली, मुझे बहुत मजा आया.

हम दोनों थककर एक-दूसरे से लिपट गए।

इसके बाद मैं रोज़ राजू से मिलने लगी। सुबह पार्क में टहलने के बहाने मैं उसकी झोपड़ी में चली जाती और वह मुझे जमकर चोदता।

राजू ने मुझे हर तरह से चोदा। कभी कुतिया बनाकर तो कभी खड़े होकर अपने लंड पर टांगकर तो कभी बैठाकर।

एक दिन राजू ने मेरी गांड मारी। पहले तो बहुत दर्द हुआ लेकिन फिर मजा आने लगा।

“ओह राजू, गांड में भी बहुत मजा आता है,” मैंने कहा।

“मैडम, आपकी गांड तो बहुत मोटी है,” राजू ने कहा।

राजू मुझे कभी भी निराश नहीं करता था। वह हर बार मुझे नए-नए तरीकों से चोदता।

एक दिन मेरी माँ को हमारे बारे में पता चल गया। वह मुझे राजू के साथ झोपड़ी से निकलते हुए देख ली थीं।

घर आकर माँ ने मुझसे पूछा, “क्या चल रहा है तुम्हारे और उस दवा वाले के बीच?”

मैं चुप हो गई।

“मैंने सब देख लिया है। वह तुम्हें चोदता है ना?” माँ ने पूछा।

मैंने सिर झुकाकर हाँ में जवाब दिया।

माँ ने कहा, “ठीक है, लेकिन ध्यान रखना। अगर तुम्हारे पापा को पता चला तो वह तुम्हें मार देंगे।”

मैंने कहा, “माँ, मैं सावधान रहूँगी।”

6 महीने बाद राजू ने मुझे शादी के लिए प्रपोज किया।

“रूबी, मैं तुमसे शादी करना चाहता हूँ,” राजू ने कहा।

“लेकिन राजू, मेरे पिता मानेंगे नहीं। तुम एक दवा वाले हो और मैं एक सरकारी अफसर की बेटी,” मैंने कहा।

“मैं अपना काम बड़ा कर लूँगा रूबी, मुझे मौका दो,” राजू ने कहा।

मैंने अपने पिता से बात की। पहले तो वह नाराज़ हुए लेकिन फिर माँ ने उन्हें समझाया और वह मान गए।

राजू और मेरी शादी हो गई। अब राजू मेरे पति हैं और वह एक बड़ी दुकान खोल चुके हैं।

हम दोनों बहुत खुश हैं और रोज़ रात को मजे करते थे। लेकिन एक दिन मैंने कई लंड से चुदने वाली विडियो देखी, मुझे भी चुदवाने का मन करने लगा फिर मैंने ये बात अपनी पति को बताई.

वो पहले मुझे समझाए पर मैं नहीं मानी. तो वह बोले , “ठीक है मैं लंडों का जुगाड़ करता हूँ.”

नेक्स्ट पार्ट में पढियें कैसे मेरे हस्बैंड ने मुझे ग्रुप में चोदवाया….

NEXT PART: मेरे हस्बैंड ने मुझे 5 लोगों से चोदवाया

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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