virgin maid chudai kahani
मेरा नाम समीर है और मेरी उम्र 28 साल है। मैं एक प्राइवेट कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर काम करता हूँ।
मेरी शादी को 3 साल हो चुके हैं और मेरी पत्नी का नाम प्रिया है। प्रिया 26 साल की है और वह एक फैशन डिजाइनर है।
हमारी शादी एक लव मैरिज थी। हम दोनों कॉलेज में एक-दूसरे से मिले थे और 5 साल तक डेट करने के बाद शादी कर ली थी।
शादी के पहले साल तो सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे हमारे बीच झगड़े बढ़ने लगे। छोटी-छोटी बातों पर तकरार होने लगी।
प्रिया बहुत ज़िद्दी है और जब भी कोई झगड़ा होता है, वह तुरंत अपने मायके चली जाती है।
उसके माता-पिता दिल्ली में रहते हैं और हम मुंबई में रहते हैं। वह हर बार झगड़े के बाद वहाँ चली जाती है और एक-दो महीने तक वहीं रहती है।
इस वजह से हमारा वैवाहिक जीवन बिल्कुल खत्म हो चुका था।
हमारे बीच न तो कोई भावनात्मक जुड़ाव रहा था और न ही शारीरिक संबंध।
मैं लगभग 8 महीने से सेक्स से वंचित था और मेरी हालत बहुत खराब हो रही थी।
हमारे घर में एक नौकरानी काम करती है जिसका नाम काजल है। काजल की उम्र 19 साल है और वह एक गाँव से आई हुई है।
वह बहुत मासूम और सीधी लड़की है, लेकिन उसका फिगर बहुत ही आकर्षक है।
उसके स्तन बहुत बड़े हैं, कमर बहुत पतली है, और नितंब बहुत मोटे हैं। उसकी त्वचा गहरे रंग की है लेकिन बहुत चमकदार।
काजल मुझे हमेशा समीर साहब कहकर बुलाती है और बहुत सम्मान देती है।
वह जानती है कि प्रिया और मेरे बीच अच्छे संबंध नहीं हैं, इसलिए वह हमेशा मेरी देखभाल करने की कोशिश करती है।
प्रिया फिर से एक झगड़े के बाद अपने मायके चली गई थी। यह उसका 5वां दौरा था इस साल।
मुझे पता था कि वह कम से कम 25-30 दिन तक वापस नहीं आएगी।
उस रात मैं ऑफिस से लेट आया था और बहुत थका हुआ था। काजल ने मेरे लिए खाना बनाया था और मुझे परोसा।
“साहब, आप बहुत थके हुए लग रहे हैं। क्या मैं आपकी टाँगें दबा दूँ?” काजल ने पूछा।
मैंने सोचा कि चलो थोड़ा आराम मिल जाएगा। “ठीक है काजल, दबा दो,” मैंने कहा।
काजल ने मेरे पैरों को अपने गोद में रखा और दबाना शुरू किया।
वह बहुत अच्छे से दबा रही थी और मुझे बहुत आराम मिल रहा था।
लेकिन धीरे-धीरे वह अपने स्तनों को मेरे पैरों से रगड़ने लगी।
उसके बड़े-बड़े बूब्स मेरे पैरों को छू रहे थे और मेरा लंड खड़ा होने लगा।
मैंने उसे देखा तो वह मुस्कुरा रही थी। उसने कहा, “साहब, आप और आराम करना चाहते हैं?”
“क्या मतलब?” मैंने पूछा।
“मैं आपकी पूरी बॉडी मसाज कर सकती हूँ,” काजल ने कहा।
मैं समझ गया कि वह क्या कह रही है। लेकिन मैंने मना कर दिया। “नहीं काजल, यह ठीक नहीं होगा। तुम बहुत छोटी हो और मैं तुम्हारा आदमी हूँ।”
काजल थोड़ी उदास हो गई लेकिन बोली, “साहब, मैं जानती हूँ मैं छोटी हूँ, लेकिन मैं आपकी हर ज़रूरत पूरी कर सकती हूँ। जब भी आपको मेरी ज़रूरत हो, मैं हमेशा तैयार हूँ।”
मैंने उसे समझाया कि यह गलत है और वह चली गई। लेकिन उस रात मुझे नींद नहीं आई।
मैं सोच रहा था कि काश मैं काजल के साथ मजा कर पाता।
अगले कुछ दिन काजल रोज़ मुझे कुछ न कुछ बहाने से करीब आने की कोशिश करती।
कभी वह मुझे चाय देते समय अपने बूब्स मुझसे रगड़ती, तो कभी झाड़ू लगाते समय जानबूझकर झुककर अपनी गांड मुझे दिखाती।
एक दिन वह नहाने के बाद बाथरूम से निकली और उसका पल्लू गीला होकर उसके बूब्स से चिपक गया था।
वह मुझे देखकर शर्माने लगी और अपने कमरे में भाग गई। लेकिन मैं उसके गीले बदन को देखकर पागल हो गया था।
मैंने नोटिस किया कि काजल हमेशा ढीले-ढाले कपड़े पहनती है जिसमें से उसके बूब्स और गांड साफ झलकते हैं।
वह शायद जानबूझकर ऐसा करती है ताकि मेरा ध्यान उस पर जाए।
एक शनिवार को मैं घर पर था और काजल भी थी। मैं अपने कमरे में लेटा हुआ था और किताब पढ़ रहा था। काजल ने दरवाज़ा खटखटाया और अंदर आई।
“साहब, क्या मैं आपके कमरे में सफाई कर सकती हूँ?” उसने पूछा।
“ठीक है,” मैंने कहा।
काजल सफाई करने लगी। वह झुककर फर्श पोछ रही थी और उसकी गांड मुझे साफ दिख रही थी।
उसने एक बहुत छोटी सी स्कर्ट पहनी हुई थी जिसमें से उसकी जांघें और गांड बाहर निकली हुई थीं।
मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने कंबल ओढ़ लिया ताकि काजल न देख पाए।
लेकिन काजल ने देख लिया। वह मुस्कुराई और मेरे पास आई।
“साहब, आपको ठंड लग रही है?” उसने पूछा।
“नहीं, बस ऐसे ही,” मैंने कहा।
काजल ने अचानक कंबल खींच लिया और मेरा खड़ा लंड स्कर्ट में साफ दिख रहा था।
“साहब, आप तो…” काजल शर्मा गई।
मैं भी शर्मिंदा हो गया। “सॉरी काजल, मैं…”
“कोई बात नहीं साहब, यह तो होता है,” काजल ने कहा और अचानक अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया।
मैं चौंक गया। “काजल, यह क्या कर रही हो?”
“आपकी मदद कर रही हूँ साहब,” काजल ने कहा और मेरे लंड को सहलाने लगी।
मैंने उसका हाथ हटाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी।
वह मेरे लंड को सहलाती रही और फिर अपना मुँह उस पर ले आई।
काजल ने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।
वह बहुत अच्छे से चूस रही थी जैसे कि वह इस काम में एक्सपर्ट हो।
“ओह काजल, बहुत मजा आ रहा है,” मैंने कहा।
काजल मुस्कुराई और चूसती रही। उसने मेरे लंड को पूरा गले तक ले लिया और फिर बाहर निकाला।
वह मेरे अंडकों को भी चूस रही थी।
कुछ देर बाद मैं झड़ने वाला था। “काजल, मैं झड़ने वाला हूँ,” मैंने कहा।
काजल ने मेरा लंड मुँह से बाहर निकाला और अपने हाथ में पकड़ लिया।
मैंने अपना सारा माल उसके हाथों पर निकाल दिया।
काजल ने मेरा माल अपने हाथों में लिया और उसे अपने चेहरे पर मल लिया।
“साहब, आपका माल बहुत गाढ़ा है,” उसने कहा।
मैं थककर लेट गया। काजल उठी और बाथरूम में जाकर साफ हो आई।
फिर वह मेरे पास आई और बोली, “साहब, आपको और चाहिए?”
मैंने कहा, “काजल, यह गलत है। तुम बहुत छोटी हो और मैं शादीशुदा हूँ।”
“साहब, आपकी पत्नी तो आपको छोड़कर चली गई है। आपको किसी की तो ज़रूरत है,” काजल ने कहा।
मैंने सोचा और फिर कहा, “ठीक है, लेकिन किसी को पता नहीं चलना चाहिए।”
“वादा साहब,” काजल ने कहा और मुझे किस कर लिया।
उस रात हम दोनों ने बहुत मजा किया। काजल ने अपने कपड़े उतार दिए और वह पूरी नंगी हो गई।
उसका बदन बहुत सुंदर था। उसके बड़े-बड़े बूब्स मुझे पागल कर रहे थे।
मैंने उसे बिस्तर पर लेटाया और उसके बूब्स चूसने लगा। वह बहुत मजा ले रही थी।
“साहब, और ज़ोर से चूसो,” काजल ने कहा।
मैंने उसके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से चूसा और काटा। उसके निप्पल बहुत मोटे थे और मैं उन्हें चूसता रहा।
फिर मैंने उसकी चूत चाटनी शुरू की। वह बहुत गीली थी और उसका स्वाद बहुत अच्छा था।
“ओह साहब, बहुत मजा आ रहा है,” काजल चिल्लाई।
मैंने उसकी चूत को अच्छे से चाटा और फिर अपना लंड उसमें डालने के लिए तैयार हुआ।
“साहब, धीरे से डालना, मुझे दर्द होता है,” काजल ने कहा।
मैंने धीरे से अपना लंड उसकी चूत में डाला। वह बहुत टाइट थी और मेरा लंड आसानी से अंदर नहीं जा रहा था।
“आह साहब, बहुत मोटा है,” काजल ने कहा।
मैंने एक जोर का धक्का लगाया और मेरा आधा लंड अंदर चला गया। काजल की आँखों से आँसू निकल आए।
“साहब, रुको थोड़ा,” काजल ने कहा।
मैंने रुककर उसके बूब्स दबाए। फिर धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए।
कुछ देर बाद काजल को भी मजा आने लगा और वह अपनी कमर उठाकर मेरा साथ देने लगी।
“ओह साहब, और ज़ोर से चोदो,” काजल चिल्लाई।
मैंने जोर-ज़ोर से धक्के लगाए। बिस्तर की चरपराहट गूँज रही थी।
“फच्… फच्… फच्…” की आवाज़ आ रही थी।
मैंने लगभग 45 मिनट तक काजल को चोदा। वह 3 बार झड़ चुकी थी। अब मैं झड़ने वाला था।
“काजल, मैं झड़ने वाला हूँ,” मैंने कहा।
“साहब, अंदर ही निकाल दो,” काजल ने कहा।
मैंने जोर से धक्के लगाए और अपना सारा माल काजल की चूत में छोड़ दिया।
इसके बाद तो जैसे हम दोनों के बीच एक नया रिश्ता शुरू हो गया।
जब भी प्रिया नहीं होती थी, हम दोनों मजे करते थे। काजल मुझे हर रोज़ अलग-अलग तरीके से खुश करती।
कभी वह मुझे अपने मुँह से चूसकर खुश करती, तो कभी अपनी चूत में लेकर। कभी वह मुझे अपनी गांड में लेने देती और मैं उसकी गांड मारता।
एक दिन मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड डाला।
“ओह साहब, पीछे से बहुत मजा आता है,” काजल ने कहा।
मैंने उसकी गांड थपथपाई और जोर-ज़ोर से धक्के लगाए।
“साहब, मेरी गांड भी मारो,” काजल ने कहा।
मैंने अपना लंड उसकी चूत से निकाला और उसकी गांड के छेद पर रखा। थोड़ा थूक लगाया और एक जोर का धक्का लगाया।
“आह साहब, बहुत दर्द हो रहा है,” काजल चीखी।
“थोड़ी देर में मजा आएगा,” मैंने कहा।
धीरे-धीरे काजल को भी मजा आने लगा और वह अपनी गांड हिलाकर मेरा साथ देने लगी।
एक दिन जब मैं और काजल बिस्तर पर नंगे मजे कर रहे थे, तभी अचानक दरवाज़े की घंटी बजी। मैंने कपड़े पहने और दरवाज़ा खोला तो प्रिया खड़ी थी।
“प्रिया, तुम… तुम अचानक?” मैंने घबराते हुए कहा।
“हाँ, मैं अचानक आ गई। क्या तुम्हें अच्छा नहीं लगा?” प्रिया ने पूछा।
“नहीं, मतलब हाँ, अच्छा लगा,” मैंने कहा।
प्रिया अंदर आई और काजल को देखा। काजल किचन में काम करने का नाटक कर रही थी।
“काजल, तुम यहाँ क्या कर रही हो?” प्रिया ने पूछा।
“मैडम, मैं सफाई कर रही थी,” काजल ने कहा।
प्रिया को कुछ शक हुआ लेकिन वह चुप रही। रात को जब हम सो रहे थे तो प्रिया ने मुझसे पूछा, “तुम और काजल के बीच कुछ चल रहा है?”
“नहीं, ऐसा कुछ नहीं है,” मैंने कहा।
“मुझे पता है तुम झूठ बोल रहे हो। मैंने तुम्हारे फोन में तुम्हारे और काजल के मैसेज देखे,” प्रिया ने कहा।
मैं चुप हो गया।
“मैं तुम्हें डिवोर्स दे रही हूँ,” प्रिया ने कहा।
मैंने कहा, “ठीक है, लेकिन मुझे काजल से शादी करने दो।”
प्रिया हैरान रह गई। “क्या? वह तो एक नौकरानी है और तुमसे 9 साल छोटी है।”
“मुझे उससे प्यार हो गया है,” मैंने कहा।
प्रिया ने मुझे डिवोर्स दे दिया और वह अपने मायके चली गई। मैंने काजल से शादी कर ली। हालाँकि हमारी उम्र में 9 साल का फर्क था, लेकिन हम दोनों बहुत खुश थे।
काजल मेरी हर ज़रूरत का ख्याल रखती थी। वह मुझे रोज़ अलग-अलग तरीके से मजा देती। हमारे बीच बहुत अच्छी केमिस्ट्री थी।
मैंने काजल को पढ़ाने भी शुरू किया। वह अब अंग्रेजी बोलना सीख गई थी और कंप्यूटर भी चलाना सीख गई थी।
हमने मिलकर एक छोटी सी दुकान भी खोली।
2 साल बाद काजल ने एक बेटे को जन्म दिया। हम दोनों बहुत खुश थे। मेरी पूरी ज़िंदगी बदल गई थी।
कभी-कभी मैं सोचता था कि अगर प्रिया मुझे छोड़कर नहीं जाती तो शायद मैं काजल के करीब नहीं आता। लेकिन जो हुआ अच्छा हुआ।
आज भी मैं और काजल बहुत प्यार करते हैं। वह मेरी पत्नी है, मेरी दोस्त है, और मेरी जीवनसाथी है।
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Very nice story