rubi group chudai kahani
राजू से शादी के बाद मेरी ज़िंदगी बहुत बदल गई थी।
वह मुझे बहुत प्यार करता था और रोज़ रात को मुझे खूब चोदता था।
{अगर आपने फर्स्ट पार्ट नहीं पढ़ा है तो पढ़ें की कैसे मुझे ठेले वाले ने मालिश करके मुझे चोदा}
लेकिन धीरे-धीरे मुझे एक ही लंड से मन नहीं भर रहा था।
मैं और ज़्यादा चाहती थी, और ज़्यादा मोटे लंड चाहती थी।
एक दिन जब राजू ऑफिस गया हुआ था, तो मैंने इंटरनेट पर एक वीडियो देखी।
उस वीडियो में एक औरत को 5-6 आदमी एक साथ चोद रहे थे।
एक उसके मुँह में, एक उसकी चूत में, एक उसकी गांड में, और बाकी उसके हाथों में।
वह औरत बहुत मजे ले रही थी और चिल्ला रही थी, “और जोर से चोदो, फाड़ दो मेरी चूत को!”
यह वीडियो देखकर मेरी चूत पानी से तर हो गई।
मैंने सोचा, काश मुझे भी ऐसा मिले। एक से ज़्यादा लंड एक साथ, हर छेद में एक लंड।
शाम को जब राजू आया, तो मैंने उसे वो वीडियो दिखाई।
“देखो राजू, यह औरत कितने मजे ले रही है,” मैंने कहा।
राजू ने वीडियो देखी और कहा, “हाँ, यह तो ग्रुप सेक्स है।”
“मुझे भी ऐसा करना है राजू,” मैंने कहा।
राजू हैरान हो गया। “क्या? तुम पागल हो गई हो? मैं तुम्हें किसी और के साथ कैसे सोने दूँ?”
“प्लीज़ राजू, मुझे भी यह अनुभव करना है। मैं चाहती हूँ कि एक साथ कई लंड मुझे चोदें,” मैंने कहा।
राजू ने पहले तो मना किया। उसने मुझे समझाया कि यह गलत है, कि यह खतरनाक हो सकता है।
लेकिन मैं नहीं मानी। मैं रोज़ उसे वीडियो दिखाती और कहती कि मुझे भी ऐसा चाहिए।
आखिरकार एक दिन राजू मान गया। “ठीक है, मैं लंडों का जुगाड़ करता हूँ। लेकिन एक शर्त है – मैं भी वहाँ रहूँगा और सब कुछ देखूँगा।”
मैं खुश हो गई। “ठीक है, तुम भी रहना और देखना कि तुम्हारी पत्नी कैसे चुदवाती है।”
राजू ने अगले हफ्ते तक 4 आदमियों का इंतजाम किया।
वह सभी उसके ऑफिस के सहकर्मी थे और विश्वसनीय थे।
उनके नाम थे – विकास, सुरेश, अमित और राहुल। सभी की उम्र 25-35 साल के बीच थी।
राजू ने उन्हें बताया कि उसकी पत्नी को ग्रुप सेक्स करना है और वह सभी राजी हो गए।
“शनिवार को आ जाना, उस दिन ऑफिस छुट्टी है और हम पूरा दिन मजे करेंगे,” राजू ने कहा।
मैं उस पूरे हफ्ते बेकरार थी।
मैंने एक खास लाल रंग की साड़ी खरीदी जो बहुत पारदर्शी थी। नीचे मैंने कुछ भी नहीं पहना था।
शनिवार की सुबह आ गई। मैंने नहा-धोकर तैयारी की।
मैंने अपनी चूत को साफ शेव किया और पूरे शरीर पर परफ्यूम लगाया।
दोपहर को 12 बजे सभी आदमी आ गए। राजू ने उन्हें अपने बेडरूम में बुलाया जहाँ मैं इंतजार कर रही थी।
जब मैंने देखा कि 4 आदमी राजू के साथ आए हैं, तो मेरी चूत पानी से तर हो गई।
सभी मुझे देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। मेरी लाल साड़ी में से मेरा पूरा बदन झलक रहा था।
“यह मेरी पत्नी रूबी है,” राजू ने कहा, “और आज तुम सब इसे चोदोगे।”
विकास पहले आगे आया।
उसकी उम्र 30 साल थी और वह बहुत मजबूत था। उसने मेरा हाथ पकड़ा और किस किया।
“क्या सुंदर पत्नी है तुम्हारी राजू,” विकास ने कहा।
“धन्यवाद,” राजू ने कहा।
मैंने सभी को बैठने के लिए कहा। फिर मैंने अपनी साड़ी उतारना शुरू की।
धीरे-धीरे मैंने पल्लू खोला, फिर ब्लाउज उतारा। मैंने ब्रा भी खोल दी। मेरे मोटे चूची बाहर आ गए।
“वाह!” सभी ने एक साथ कहा।
फिर मैंने अपनी पेटीकोट भी उतार दी। मैं पूरी नंगी हो गई। मेरी चूत साफ शेव थी और गीली हो चुकी थी।
“आओ,” मैंने कहा।
विकास पहले आगे आया। उसने मुझे बिस्तर पर लेटाया और मेरी टाँगें फैला दीं।
उसने अपना लंड निकाला। वह 7 इंच लंबा और मोटा था।
“चोदो मुझे,” मैंने कहा।
विकास ने अपना लंड मेरी चूत में डाला और धक्के लगाने लगा।
“ओह हाँ, और जोर से,” मैं चिल्लाई।
विकास ने जोर-जोर से धक्के लगाए। राजू कोने में बैठकर देख रहा था और अपना लंड सहला रहा था।
कुछ देर बाद विकास झड़ गया। उसने अपना माल मेरी चूत में ही छोड़ दिया।
अब सुरेश की बारी थी। उसने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से मेरी चूत में लंड डाला।
“ओह, पीछे से बहुत मजा आता है,” मैंने कहा।
सुरेश ने मेरी गांड भी मारी। उसका लंड थोड़ा छोटा था लेकिन बहुत कड़क था।
“आह, गांड में भी डालो,” मैंने कहा।
सुरेश ने मेरी गांड में लंड डाला और चोदने लगा।
अमित और राहुल ने मेरे चूची चूसने शुरू कर दिए।
वह दोनों एक-एक चूची मुँह में लेकर चूस रहे थे।
मैं बीच में थी और चारों तरफ से मजा ले रही थी।
अब राजू ने कहा, “अब मैं भी आता हूँ।”
राजू ने मुझे लेटाया और अपना लंड मेरी चूत में डाला।
साथ ही उसने राहुल से कहा कि वह मेरी गांड में लंड डाले।
“ओह, दो लंड एक साथ!” मैं चीखी।
राजू की चूत में और राहुल की गांड में दोनों एक साथ धक्के लगाने लगे।
“फाड़ दो मुझे, और जोर से!” मैं चिल्लाई।
विकास और सुरेश ने अपने लंड मेरे मुँह में दे दिए।
अब मैं पूरी तरह से भरी हुई थी। चूत में, गांड में, और मुँह में – हर जगह लंड था।
“ओह हाँ, ऐसे ही चोदो मुझे!” मैं चिल्लाई।
मैं पहली बार इतने मजे में थी। मेरी हर इच्छा पूरी हो रही थी।
लगभग एक घंटे की चुदाई के बाद सभी झड़ने लगे।
विकास ने मेरे मुँह में झड़ दिया, सुरेश ने मेरी चूचियों पर, अमित ने मेरी गांड में, और राहुल ने मेरी चूत में।
राजू ने भी मेरी चूत में अपना माल छोड़ दिया। मैं पूरी तरह से वीर्य से लथपथ थी।
मेरी चूत से वीर्य बह रहा था, मेरी गांड से भी, और मेरे मुँह में भी भरा हुआ था।
“बहुत मजा आया,” मैंने कहा।
“तुम्हें और चाहिए?” राजू ने पूछा।
“हाँ, लेकिन थोड़ी देर बाद,” मैंने कहा।
हम सबने आराम किया और फिर दूसरे राउंड की तैयारी की।
शाम को 5 बजे फिर से सब तैयार थे। इस बार मैंने कहा कि मैं सबको एक साथ लूँगी।
मैंने विकास को बिस्तर पर लेटाया और उसकी गोद में बैठकर उसका लंड अपनी चूत में ले लिया।
फिर मैंने पीछे से सुरेश को इशारा किया और उसने अपना लंड मेरी गांड में डाल दिया।
अमित और राहुल ने अपने लंड मेरे हाथों में दे दिए। राजू ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया।
“ओह, पाँच लंड एक साथ!” मैं चीखी।
सभी एक साथ धक्के लगाने लगे।
मैं ऊपर-नीचे हो रही थी और हर तरफ से मजा ले रही थी।
“यह तो जन्नत है!” मैंने मन में सोचा।
रात को जब सभी चले गए, तो राजू ने मुझे गले लगाया।
“कैसा लगा?” राजू ने पूछा।
“बहुत मजा आया राजू, तुमसे बहुत प्यार करती हूँ,” मैंने कहा।
“मैं भी तुमसे प्यार करता हूँ। तुम्हारी खुशी मेरी खुशी है,” राजू ने कहा।
“क्या हम फिर से ऐसा कर सकते हैं?” मैंने पूछा।
“जब भी तुम चाहो,” राजू ने कहा।
मैं खुश हो गई। अब मुझे हर हफ्ते नए-नए लंड मिलेंगे और मैं अपनी हर इच्छा पूरी कर सकूँगी।
अगले हफ्ते राजू ने फिर से 5 नए आदमियों का इंतजाम किया।
इस बार वह सब अलग-अलग जगहों के थे – एक डॉक्टर, एक इंजीनियर, एक टीचर, और दो बिजनेसमैन।
मैंने उस दिन एक ब्लैक लिंगरी पहनी थी जो बहुत सेक्सी लग रही थी।
सभी ने मुझे बारी-बारी से चोदा और फिर एक साथ।
मैंने हर पोजीशन में मजा लिया – बिस्तर पर, सोफे पर, फर्श पर, खड़ी होकर, और बाथरूम में।
अब तो यह हमारी हर हफ्ते की आदत बन गई है।
राजू हर हफ्ते नए-नए लंडों का इंतजाम करता है और मैं उन सबसे मजे लेती हूँ।
राजू भी खुश है क्योंकि वह देखता है कि मैं खुश हूँ। हमारी शादी और भी मजबूत हो गई है।
मैं अब ग्रुप सेक्स की एक्सपर्ट बन चुकी हूँ। मैं एक साथ 5-6 लंड ले सकती हूँ और हर एक को संतुष्ट कर सकती हूँ।
धन्यवाद राजू, तुमने मेरी हर इच्छा पूरी की।
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Bhaut hi achha kiya raju tumne jo rubi ko group mein chudwakar uski ichchaa puri ki