group sex story with black negro
मैंने अपने पति राजेश को सब कुछ बता दिया। वो एक कमजोर आदमी था, उसका लंड छोटा था और वो मुझे संतुष्ट नहीं कर पाता था।
मैंने उसे कहा, “राजेश, मैं तुमसे प्यार करती हूँ लेकिन तुम मुझे संतुष्ट नहीं कर सकते। मुझे बड़े लंड चाहिए। आज मैं तुम्हें दिखाऊंगी कि असली मर्द कैसे चोदते हैं।”
{अगर आपने पहली कहानी नहीं पढ़ी हैं तो उसे पढ़ें की कैसे मैं श्याम की रानी और रखैल बनी और फिर कैसे 5 बस ड्राइवर्स से गैंगबैंग चुदवाकर रंडी बनी}
राजेश ने पूछा, “क्या मतलब?”
मैंने कहा, “आज रात दिल्ली के एक होटल में मैंने 8 आफ्रिकन नीग्रो बुलाए हैं। वो सब बहुत बड़े लंड वाले हैं। तुम मेरे सामने बैठकर देखोगे कि वो मुझे कैसे चोदते हैं।”
राजेश ने विरोध किया, “नहीं निर्मला, ये गलत है। मैं ये सब नहीं देख सकता।”
मैंने उसे थप्पड़ मारा और कहा, “चुप करो साले! तुम्हारा लंड तो काम का नहीं है। आज तुम देखोगे कि असली मर्द कैसे अपनी औरत को चोदते हैं। अगर तुमने मना किया तो मैं तुम्हें छोड़कर चली जाऊँगी।”
राजेश डर गया और मान गया।
उस शाम हम दिल्ली के एक 5 स्टार होटल में गए।
मैंने एक बड़ा सुइट बुक किया था। मैंने एक बेहद सेक्सी ब्लैक लैंगरी पहनी थी जो मेरी चूचियों को आधा ढक रही थी और मेरी गांड पूरी खुली थी।
मैंने हाई हील्स और नेट वाली स्टॉकिंग्स भी पहनी थी।
शाम को 8 बजे, 8 आफ्रिकन नीग्रो आ गए। वो सब 6 फीट से लंबे, काले, मस्कुलर बदन वाले थे।
उनके लंड मुझे दिख रहे थे – वो सब शॉर्ट्स पहने हुए थे और उनके लंड उनकी शॉर्ट्स से बाहर निकलने को तरस रहे थे।
मैंने उन्हें अंदर बुलाया। राजेश एक कोने में कुर्सी पर बैठा था और काँप रहा था।
मैंने कहा, “ये मेरे पति हैं राजेश। इनका लंड छोटा है और ये मुझे संतुष्ट नहीं कर सकते। आज तुम सब मिलकर मुझे इनके सामने चोदोगे। मुझे दिखाओ कि असली मर्द कैसे चोदते हैं।”
8 में से सबसे बड़ा आदमी, जिसका नाम जुम्बा था, आगे बढ़ा।
वो करीब 6 फीट 4 इंच का था, उसकी चौड़ी छाती और मोटी भुजाएं थीं। उसने अपनी शॉर्ट्स उतारी और मेरे सामने खड़ा हो गया।
जब मैंने उसका लंड देखा तो मेरी साँसें अटक गईं।
वो लंड करीब 12 इंच लंबा और 4 इंच मोटा था। काला, मोटा, नसों से भरा हुआ – ऐसा लंड मैंने आज तक नहीं देखा था।
“ओह्ह माई गॉड… ये तो बहुत बड़ा है!” मैं चीखी।
राजेश ने देखा तो उसके होश उड़ गए।
उसका लंड तो सिर्फ 4 इंच का था और ये 12 इंच का लंड था।
जुम्बा ने कहा, “तुम्हारी बीवी को ये पसंद आया। आज हम सब मिलकर इसकी चूत और गांड की सील तोड़ेंगे।”
मैंने कहा, “आओ जुम्बा, मुझे अपना लंड चखाओ।”
मैंने घुटनों के बल बैठकर उसका मोटा काला लंड अपने हाथ में लिया।
वो इतना मोटा था कि मेरे हाथ में भी नहीं आ रहा था।
मैंने उसके सुपाड़े को चूमा और फिर धीरे से अपने मुँह में लेने की कोशिश की।
वो इतना मोटा था कि मेरे मुँह में आते ही मेरी गालें फटने लगीं।
मैंने जीभ से उसे चाटना शुरू किया और फिर अपने गले तक लेने की कोशिश की।
“आह्ह… तुम्हारा लंड बहुत मस्त है जुम्बा!” मैंने कहा।
राजेश ये सब देख रहा था और उसका चेहरा लाल हो गया था।
उसे अपनी बीवी का ये हाल देखकर बहुत बुरा लग रहा था लेकिन वो कुछ नहीं कर सकता था।
फिर बाकी 7 नीग्रो भी अपने कपड़े उतारने लगे।
उनके लंड भी 10 से 11 इंच के थे। सब मोटे, काले, नसों से भरे हुए लंड थे।
मैं तो 8 लंडों को देखकर पागल हो गई।
मैंने कहा, “आओ सब मेरे पास आओ। मैं तुम सबका लंड चूसूँगी।”
8 में से 4 ने अपने लंड मेरे मुँह के सामने कर दिए। मैं बारी-बारी से सबके लंड चूसने लगी।
एक को मुँह में लेती, दूसरे को हाथ से हिलाती, तीसरे को जीभ से चाटती।
मैं पागलों की तरह उनके लंडों को चाट-चाटकर खड़े कर रही थी।
राजेश बोला, “निर्मला, ये क्या कर रही हो तुम?”
मैंने उसे गुस्से से देखा और कहा, “चुप करो साले! तुम्हारा लंड तो काम का नहीं है। देखो इनके लंड कितने बड़े हैं। आज तुम देखोगे कि तुम्हारी बीवी कैसे इन बड़े लंडों से चुदती है।”
फिर जुम्बा ने मुझे उठाया और बेड पर पटक दिया।
उसने मेरी टाँगें फैलाईं और अपना 12 इंच का मोटा लंड मेरी चूत के मुँह पर रखा।
“आज तेरी चूत का भोसड़ा बनाऊँगा मैं!” कहकर उसने एक जोरदार धक्का मारा।
उसका लंड मेरी चूत में घुसते ही मैं चीख पड़ी, “आह्ह… मर गई… इतना मोटा… मेरी चूत फट गई!”
वो मुझे जोर-जोर से चोदने लगा। “फच्च-फच्च-फच्च” की आवाजें कमरे में गूँज रही थीं। उसके हर धक्के के साथ मेरी चूचियाँ उछल रही थीं और मैं कराह रही थी।
“ओह्ह… जुम्बा… धीरे… मेरी चूत फट जाएगी… आह्ह!” मैं चीख रही थी।
लेकिन वो रुका नहीं। वो मुझे और जोर से चोदने लगा।
उसका मोटा काला लंड मेरी चूत को पूरी तरह फैला रहा था।
मेरी चूत से खून भी निकलने लगा था लेकिन मज़ा भी बहुत आ रहा था।
इतने में दूसरा नीग्रो, जिसका नाम मुसा था, आगे बढ़ा और मेरे मुँह में अपना 11 इंच का लंड घुसा दिया।
अब मेरी चूत में एक लंड था और मुँह में दूसरा। दोनों एक साथ मुझे चोद रहे थे।
“आह्ह… दोनों तरफ… मर गई… आह्ह!” मैं चीख रही थी।
राजेश ये सब देख रहा था और उसकी आँखों में आँसू थे।
उसे अपनी बीवी का ये हाल देखकर बहुत दुख हो रहा था लेकिन वो कुछ नहीं कर सकता था।
फिर तीसरा नीग्रो, केबो, ने मुझे उठाया और डॉगी पोजीशन में बिठा दिया।
जुम्बा मेरी चूत में ही था, केबो ने अपना लंड मेरी गांड में घुसा दिया। “आह्ह… दोनों तरफ… मर गई… आह्ह!” मैं चीखी।
अब मेरी चूत में जुम्बा, गांड में केबो और मुँह में मुसा – तीनों एक साथ मुझे चोद रहे थे।
मैं तीनों लंडों की गुलाम बन गई थी।
बाकी 5 नीग्रो हमें देख रहे थे और अपने लंड हिला रहे थे।
फिर चौथा नीग्रो, टोम्बा, ने मेरी एक चूची पकड़ी और उस पर अपना लंड रगड़ने लगा।
पाँचवें ने दूसरी चूची पकड़ी। छठे ने मेरे हाथ में अपना लंड दे दिया।
मैं 6 लंडों से घिरी हुई थी – चूत में एक, गांड में एक, मुँह में एक, चूचियों पर दो, और हाथों में एक। मैं सबको एक साथ संतुष्ट कर रही थी।
“ओह्ह… ये तो जन्नत है… आह्ह… और चोदो… मुझे और चोदो!” मैं कराह रही थी।
राजेश कोने में बैठकर ये सब देख रहा था। उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया था।
उसे अपनी बीवी का ये हाल देखकर बहुत बुरा लग रहा था लेकिन वो कुछ नहीं कर सकता था।
करीब 30 मिनट तक ये तीनों मुझे इसी तरह चोदते रहे।
फिर जुम्बा ने अपना पानी मेरी चूत में छोड़ दिया।
उसका गर्म पानी मेरी चूत में भर गया। मैं भी खलास हो गई।
जुम्बा हटा तो दूसरा नीग्रो, लुकु, आगे बढ़ा।
उसने भी अपना 11 इंच का लंड मेरी चूत में घुसाया और चोदने लगा।
अब लुकु मेरी चूत में, केबो मेरी गांड में और मुसा मेरे मुँह में – तीनों मिलकर मुझे चोद रहे थे।
बाकी 5 नीग्रो मेरी चूचियों, हाथों और चूतड़ों से खेल रहे थे।
मैं 8 लंडों के बीच में फँसी हुई थी और मज़े ले रही थी।
“ओह्ह… माँ… मर गई… आह्ह… और चोदो… फाड़ डालो मेरी चूत!” मैं चीख रही थी।
राजेश ने देखा कि मैं कितना मज़ा ले रही हूँ।
उसे समझ आया कि मैं उससे कभी संतुष्ट नहीं हो सकती थी।
उसका छोटा लंड कभी मुझे ये मज़ा नहीं दे सकता था।
करीब 25 मिनट तक ये तीनों मुझे चोदते रहे।
फिर लुकु ने अपना पानी मेरी चूत में छोड़ दिया।
केबो ने भी अपना पानी मेरी गांड में छोड़ दिया।
मुसा ने मेरे मुँह में अपना पानी छोड़ा और मैंने सब कुछ पी लिया।
मैं सोची कि अब खत्म हुआ, लेकिन ये तो शुरुआत थी।
जुम्बा फिर से खड़ा हो गया और बोला, “अभी तो हमने इसकी डबल पेनेट्रेशन नहीं की। आओ इसकी चूत में दो लंड डालते हैं।”
मैंने कहा, “क्या? दो लंड एक साथ?”
जुम्बा ने कहा, “हाँ, तेरी चूत फैल जाएगी लेकिन तुझे बहुत मज़ा आएगा।”
मैंने कहा, “ठीक है, आओ डालो। मुझे दिखाओ कि तुम कितने बड़े मर्द हो।”
जुम्बा ने मुझे बेड पर लिटाया और खुद मेरे ऊपर लेट गया।
उसने अपना लंड मेरी चूत में घुसाया।
फिर लुकु आया और उसने अपना लंड भी मेरी चूत में घुसाने की कोशिश की।
दोनों मोटे काले लंड मेरी चूत में घुसते ही मैं चीख पड़ी, “आह्ह… फट गई… मेरी चूत फट गई!”
दोनों एक साथ मुझे चोद रहे थे। मेरी चूत पूरी तरह फैल गई थी।
दर्द के साथ-साथ अजीब सा मज़ा भी आ रहा था।
मेरी चूत से खून और पानी दोनों बह रहे थे।
“ओह्ह… माँ… मर गई… आह्ह… और चोदो!” मैं चीख रही थी।
राजेश ये सब देख रहा था और रो रहा था।
उसे अपनी बीवी का ये हाल देखकर बहुत दुख हो रहा था।
लेकिन मुझे कोई परवाह नहीं थी। मैं तो दो बड़े काले लंडों से चुद रही थी।
इतने में केबो ने मेरी गांड में अपना लंड घुसा दिया।
अब मेरी चूत में दो लंड और गांड में एक – तीन लंड एक साथ मुझे चोद रहे थे।
मैं तीनों लंडों की गुलाम बन गई थी।
“आह्ह… तीनों तरफ… मर गई… आह्ह!” मैं चीख रही थी।
बाकी 5 नीग्रो मेरे मुँह, चूचियों और हाथों में अपने लंड देकर मुझे चोद रहे थे।
मैं 8 लंडों से घिरी हुई थी और पूरी तरह संतुष्ट हो रही थी।
करीब 40 मिनट तक ये लोग मुझे इसी तरह चोदते रहे।
फिर जुम्बा और लुकु एक साथ झड़ गए। उन्होंने अपना पानी मेरी चूत में छोड़ दिया।
केबो ने भी अपना पानी मेरी गांड में छोड़ दिया।
मैं बेहोश हो गई।
जब मुझे होश आया, तो मैं बेड पर लेटी हुई थी और 8 नीग्रो मेरे चारों तरफ खड़े थे। उनके लंड फिर से खड़े हो गए थे।
मैंने कहा, “अब मैं तुम सबसे एक साथ चुदवाऊँगी।”
मैंने जुम्बा को बेड पर लिटाया और उसके ऊपर बैठकर उसका लंड अपनी चूत में ले लिया।
फिर लुकु को पीछे से बुलाया और उसका लंड अपनी गांड में ले लिया।
फिर केबो और मुसा को बगल में बुलाया और उनके लंड अपने हाथों में ले लिए।
टोम्बा और लुकु ने मेरी चूचियों पर अपने लंड रगड़ने शुरू कर दिए।
बाकी दो ने मेरे मुँह में अपने लंड घुसा दिए।
अब मैं 8 लंडों से भरी हुई थी – चूत में एक, गांड में एक, मुँह में दो, हाथों में दो, और चूचियों पर दो।
मैं सबको एक साथ हिला रही थी और मज़ा ले रही थी।
“ओह्ह… ये तो जन्नत है… आह्ह… और चोदो… मुझे और चोदो!” मैं कराह रही थी।
राजेश कोने में बैठकर रो रहा था।
उसे अपनी बीवी का ये हाल देखकर बहुत दुख हो रहा था।
लेकिन मुझे कोई परवाह नहीं थी। मैं तो 8 बड़े काले लंडों से चुद रही थी।
करीब 2 घंटे तक ये लोग मुझे इसी पोजीशन में चोदते रहे।
वो एक-एक करके झड़ रहे थे और फिर से खड़े हो रहे थे।
मेरी चूत और गांड दोनों में कम से कम पंद्रह बार पानी गिर चुका था।
फिर जुम्बा ने मुझे उठाया और खिड़की के पास ले गया।
उसने मुझे खिड़की से बाहर झुकाया और पीछे से मेरी चूत में लंड घुसा दिया।
बाकी 7 नीग्रो मेरे चारों तरफ खड़े थे और मुझे चोद रहे थे – एक मेरे मुँह में, एक मेरी गांड में, दो मेरी चूचियों में, और तीन मेरे हाथों में।
खिड़की से बाहर दिल्ली की सड़क दिख रही थी और लोग गुज़र रहे थे।
कोई देख भी सकता था, लेकिन मुझे कोई परवाह नहीं थी। मैं तो 8 काले लंडों की गुलाम बन चुकी थी।
करीब 30 मिनट बाद वो सब एक साथ झड़ गए।
मेरी चूत, गांड और मुँह तीनों से उनका पानी बह रहा था। मैं खिड़की से झुकी हुई ही बेहोश हो गई।
जब मुझे होश आया, तो मैं बेड पर लेटी हुई थी।
8 नीग्रो मेरे चारों तरफ लेटे हुए थे। राजेश कोने में बैठा रो रहा था।
मैंने उसे बुलाया और कहा, “आओ राजेश, देखो मेरी चूत और गांड का क्या हाल हुआ है।”
राजेश आया और देखा कि मेरी चूत और गांड दोनों फैल गई हैं और उनसे काले लंडों का पानी बह रहा है।
मैंने कहा, “अब तुम समझे कि तुम्हारा लंड कितना छोटा है? तुम कभी मुझे संतुष्ट नहीं कर सकते। आज से मैं इन 8 नीग्रों की रंडी हूँ। वो मुझे जब चाहेंगे चोदेंगे और तुम देखोगे।”
राजेश रोते हुए मान गया।
फिर 8 नीग्रों ने मुझे फिर से चोदना शुरू किया।
इस बार उन्होंने मुझे बाथरूम में ले जाकर चोदा।
वहाँ उन्होंने मुझे शॉवर के नीचे खड़ा किया और एक-एक करके मुझे चोदा।
मेरी चूत, गांड और मुँह – तीनों को उन्होंने अपने पानी से भर दिया।
फिर उन्होंने मुझे बेड पर लिटाया और मेरे पूरे बदन पर अपना पानी छोड़ दिया।
मेरे चेहरे पर, चूचियों पर, पेट पर, चूत पर, गांड पर – हर जगह उनका काला पानी था।
मैंने उस पानी को अपने हाथों से लेकर चाटा। राजेश ये सब देख रहा था।
अब रात के 2 बजे थे। 8 नीग्रो जा चुके थे। मैं और राजेश होटल के कमरे में अकेले थे।
मैंने राजेश से कहा, “आओ अब तुम मेरी चूत चाटो।”
राजेश ने मना किया, “नहीं, वहाँ तो उनका पानी है।”
मैंने उसे थप्पड़ मारा और कहा, “चाटो साले! तुम्हारी बीवी की चूत में जो पानी है वो चाटो।”
राजेश डरकर मेरी चूत चाटने लगा।
उसने उन 8 नीग्रों का पानी मेरी चूत से चाट-चाटकर साफ किया।
फिर मैंने उसे अपनी गांड भी चाटवाई।
उसके बाद मैंने उसे अपना पति मानने से मना कर दिया।
मैंने कहा, “आज से तुम मेरे नौकर हो। तुम मेरी चूत और गांड चाटोगे जब भी मैं कहूँगी। और जब भी ये 8 नीग्रो आएंगे, तुम उनके सामने बैठकर देखोगे कि वो मुझे कैसे चोदते हैं।”
राजेश मान गया।
अब मैं हर हफ्ते दिल्ली में इन 8 नीग्रों से मिलती हूँ।
वो मुझे अपने अपार्टमेंट में ले जाते हैं और पूरी रात मुझे चोदते हैं।
राजेश उनके सामने बैठकर देखता है और रोता है।
मेरी चूत और गांड अब इन 8 काले लंडों की दीवानी हो गई है।
मैं इनसे हर रोज चुदवाती हूँ और मज़ा लेती हूँ। राजेश अब मेरा नौकर है और मेरी चूत और गांड चाटता है।
यही मेरी जिंदगी है और इसमें मैं बहुत खुश हूँ।
मुझे बड़े काले लंड चाहिए और मैं उनसे चुदवाऊँगी।
राजेश को ये देखना ही पड़ेगा।
जब मेरा पति राजेश यह देखते देखते परेशान हो गया तो फिर वह गाँव से अपने पिता जी और उनके भाई और अपने जीजा को चोदने के लिए बुलाया …..
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नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Wow! amazing chudai story. I love these all three stories. Thank you Nirmala Ji.
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