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हाय दोस्तों, मेरा नाम शाहरुख है। मेरी उम्र 25 साल है, और मेरी हाइट 5 फीट 9 इंच है। मेरा लंड 7 इंच लंबा है, और काफी मोटा भी है।
मैं आज आपको अपनी मौसी रबीना के साथ हुई एक सच्ची घटना बता रहा हूं।
यह बात 3 महीने पहले की है, और आज तक मैंने यह किसी को नहीं बताया था।
मेरी मौसी रबीना की उम्र 40 साल है, लेकिन वो दिखने में बिल्कुल 30 साल की लगती हैं।
उनका फिगर 36-30-38 है—बड़े बूब्स, कसी हुई कमर, और उभरी हुई गांड। वो गोरी हैं, और उनकी आंखें बहुत सुंदर हैं।
मैं बचपन से ही उनका दीवाना था, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हुई कि उनसे कुछ कह सकूं।
एक दिन मेरी मां ने मुझे कहा, “शाहरुख, तेरी रबीना मौसी अकेली हैं अपने घर पर। तेरे मौसा जी तो 6 महीनों से दुबई में हैं। तू जाकर कुछ दिन रुक आ, उनका साथ दे।”
मैंने तुरंत हां कर दी।
मौका मिल गया था, और मैंने सोचा कि कुछ तो करूंगा।
मैं शाम को 5 बजे उनके घर पहुंचा। यह एक बड़ा सा अपार्टमेंट था, दिल्ली के एक अच्छे इलाके में।
मैंने डोरबेल बजाई। कुछ देर बाद, मौसी ने दरवाजा खोला।
वो क्या लग रही थीं! उन्होंने हल्की नारंगी रंग की साड़ी पहनी थी, और ब्लाउज थोड़ा डीप था।
उनके बूब्स बाहर को निकले हुए थे, और मेरा दिल जोर से धड़कने लगा।
“आओ शाहरुख, कैसे हो?” मौसी ने पूछा, मुस्कुराते हुए।
“ठीक हूं मौसी,” मैंने कहा, अपनी नजरें उनके बूब्स से हटाने की कोशिश करते हुए।
मैं अंदर आ गया। हमने सोफे पर बैठकर बातचीत की।
मौसी ने मुझे जूस दिया। हम बातें कर रहे थे—उनके बारे में, मेरे बारे में, मेरे काम के बारे में।
शाम को खाना खाने के बाद, हम टीवी देखने लगे।
मौसी मेरे बगल में बैठी थीं, और उनकी साड़ी का पल्लू गिर गया था।
मैं उनकी बांहें देख रहा था—गोरी, चिकनी, और बिल्कुल स्मूथ।
रात को सोने का समय आया।
मौसी ने मुझे गेस्ट रूम दिखाया। “यहां सोना शाहरुख,” उन्होंने कहा।
“ठीक है मौसी,” मैंने कहा।
मैं सोने चला गया, लेकिन नींद नहीं आ रही थी।
मैं मौसी के बारे में सोच रहा था—उनके बूब्स, उनकी गांड, उनकी सुंदर सी मुस्कान। मेरा लंड खड़ा हो गया था।
मैंने सोचा कि क्यों ना कुछ किया जाए।
मैं उठा, और चुपके से मौसी के रूम की तरफ गया।
उनका रूम थोड़ा खुला था। मैंने झांका—मौसी बेड पर लेटी हुई थीं, और वो सिर्फ नाइटी में थीं। उन्होंने अपनी साड़ी उतार दी थी।
मैं वापस अपने रूम में आ गया, लेकिन मेरा मन नहीं मान रहा था।
मैंने फैसला किया कि आज कुछ तो करूंगा, चाहे जो हो।
अगले दिन सुबह, मैं जल्दी उठ गया। मौसी नहाने गई थीं। मैंने सोचा कि यह मौका है।
मैंने उनके बेडरूम में जाकर उनकी अलमारी खोली।
मैंने उनकी एक ब्रा और पैंटी निकाली—गुलाबी रंग की, लेस वाली।
मैंने उसे अपने चेहरे पर रखा और सुंघा। वो बहुत खुशबूदार थी।
मैंने उसी पैंटी में अपना लंड निकालकर मुठ मारना शुरू कर दिया।
मैं सोच रहा था कि मौसी अचानक आ जाएं और मुझे पकड़ लें। और वही हुआ।
मौसी नहाकर आईं, और उन्होंने मुझे अपनी पैंटी में मुठ मारते हुए देख लिया।
“शाहरुख! यह क्या कर रहे हो?” मौसी ने चिल्लाया।
मैं घबरा गया, लेकिन फिर भी मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला।
वो अभी भी मौसी की पैंटी में था, और मैं मौसी को देख रहा था।
“मौसी, मैं… मैं सॉरी,” मैंने कहा, लेकिन मेरी आवाज में कोई पछतावा नहीं था।
“तुमने मेरी पैंटी गंदी कर दी! तुम्हें शर्म नहीं आती?” मौसी गुस्से में बोलीं।
“मौसी, प्लीज किसी को मत बताना,” मैंने कहा, लेकिन मैं उठा और उनके पास गया।
“रुको, मैं अभी तुम्हारी मां को फोन करती हूं,” मौसी ने कहा।
“नहीं मौसी, प्लीज,” मैंने उनका हाथ पकड़ा।
मैंने उन्हें अपनी ओर खींचा। वो मेरे करीब आ गईं।
मैंने उनका हाथ अपने लंड पर रखा। वो उसे छूने लगीं—गर्म, कड़ा, और कांपता हुआ।
“यह… यह बहुत बड़ा है,” मौसी ने धीरे से कहा, और उनकी आवाज में गुस्सा नहीं, बल्कि हैरानी थी।
“मौसी, मैं आपको बहुत पसंद करता हूं। बचपन से,” मैंने कहा।
मैंने उनका चेहरा अपने हाथों में लिया और उनके होठों पर चुंबन किया।
वो पहले तो पीछे हटीं, लेकिन फिर रुक गईं। मैंने उन्हें कसकर पकड़ा और गहरा किस किया।
“शाहरुख, यह गलत है। मैं तुम्हारी मौसी हूं,” उन्होंने कहा, लेकिन उनकी आवाज कमजोर थी।
“मौसी, प्यार में कुछ गलत नहीं होता,” मैंने कहा।
मैंने उनकी नाइटी उतारने शुरू की।
वो पहले तो रुकने की कोशिश की, लेकिन फिर हार मान गईं।
मैंने उनकी नाइटी उतार दी। वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थीं—गुलाबी रंग की, लेस वाली।
“वाह मौसी, क्या बॉडी है आपकी,” मैंने कहा।
उनके बूब्स ब्रा से बाहर निकलने को थे। मैंने उनकी ब्रा खोली।
उनके बड़े-बड़े गोरे बूब्स बाहर आ गए।
मैंने उन्हें पकड़ा और चूसना शुरू कर दिया।
“ओह शाहरुख… धीरे…,” मौसी ने कहा, लेकिन वो मेरे सिर को अपनी ओर दबा रही थीं।
मैं उनके बूब्स चूस रहा था, कभी दायां, कभी बायां।
उनकी निपल्स कड़ी हो गई थीं।
मैंने उन्हें काटा भी, जिससे वो चीख उठीं।
“आह… दर्द हो रहा है,” मौसी ने कहा।
“सहन करो मौसी, मजा आएगा,” मैंने कहा।
मैं नीचे गया। मैंने उनकी पैंटी उतारी। उनकी योनि गोरी, गुलाबी, और बिल्कुल स्मूथ थी।
मैंने उसे चाटना शुरू कर दिया।
“ओह… यह क्या कर रहे हो… आह…” मौसी की आवाजें निकल रही थीं।
मैं उनकी योनि को चाट रहा था—कभी क्लाइटोरिस, कभी छेद, कभी अंदर।
मेरी जीभ उनकी योनि में घुस रही थी। मौसी पागल हो रही थीं।
“हां शाहरुख… और तेज… चाटो…,” मौसी ने कहा।
मैंने उनकी टांगें फैलाई और और गहराई से चाटना शुरू कर दिया।
मौसी झड़ने वाली थीं। उन्होंने मेरे सिर को अपनी योनि पर कसकर दबाया।
“आह… मैं झड़ने वाली हूं…,” मौसी ने कहा।
“झड़ो मौसी, मुझे पसंद है,” मैंने कहा।
मौसी झड़ गईं। उनकी योनि से पानी निकला, और मैंने उसे चाट लिया। मौसी थककर बेड पर गिर गईं।
लेकिन मैंने अभी अपना काम खत्म नहीं किया था।
मैंने अपने कपड़े उतारे।
मेरा लंड पूरी तरह खड़ा था—7 इंच लंबा, मोटा, और कड़ा।
मौसी ने उसे देखा और हैरान रह गईं।
“यह… यह तो बहुत बड़ा है। तुम्हारे मौसा जी का तो आधा भी नहीं है,” मौसी ने कहा।
“मौसी, आज आपको असली मजा दूंगा,” मैंने कहा।
मैंने उन्हें बेड पर लिटाया और उनकी टांगें फैलाईं।
मैंने अपने लंड का सिरा उनकी योनि पर रखा और धीरे से धक्का दिया।
मौसी चीखीं—”आह… दर्द हो रहा है… बहुत बड़ा है…”
“सहन करो मौसी, थोड़ी देर में मजा आएगा,” मैंने कहा।
मैंने अपना पूरा लंड उनकी योनि में डाल दिया।
वो बहुत टाइट थीं। मैंने रुककर उन्हें किस किया। फिर मैंने हिलना शुरू किया।
धीरे-धीरे, फिर तेजी से।
मौसी की आवाजें निकल रही थीं—”आह… हां… और तेज… चोदो मुझे…”
मैंने तेजी से धक्के लगाने शुरू कर दिए। बेड हिल रहा था।
मैं उनके बूब्स पकड़कर उन्हें दबा रहा था, और साथ में चोद भी रहा था।
“कैसा लग रहा है मौसी?” मैंने पूछा।
“बहुत अच्छा… तुम बहुत अच्छा चोदते हो…,” मौसी ने कहा।
मैंने उनकी टांगें अपने कंधों पर रख दी और और गहराई से चोदने लगा।
मेरा लंड उनकी योनि की गहराई में जा रहा था। मौसी झड़ने वाली थीं फिर से।
“मैं फिर से झड़ने वाली हूं…,” मौसी ने कहा।
“मैं भी आ रहा हूं…,” मैंने कहा।
हम एक साथ झड़े।
मैंने अपना वीर्य उनकी योनि में भर दिया—गर्म, गाढ़ा, और बहुत सारा।
मौसी ने मुझे कसकर पकड़ लिया।
कुछ देर बाद, जब हमारी सांसें सामान्य हुईं, मौसी ने मुझे गले लगाया।
“तुमने आज मुझे वो मजा दिया जो मुझे कभी नहीं मिला। तुम्हारे मौसा जी तो 2 मिनट में ही झड़ जाते हैं।”
“मौसी, अब मैं हमेशा आपको यही मजा दूंगा,” मैंने कहा।
उस दिन के बाद, मैंने मौसी को रोज चोदा।
हमने हर तरह की पोजीशन ट्राई की—डॉगी स्टाइल, 69, वुमन ऑन टॉप, स्टैंडिंग पोजीशन। मौसी अब पूरी तरह से मेरी हो गई थीं।
एक दिन, मैंने मौसी की गांड मारने की कोशिश की।
पहले वो मना करती रहीं, लेकिन फिर मान गईं।
मैंने उनकी गांड में क्रीम लगाई और धीरे से अपना लंड डाला।
मौसी चीखीं—”आह… बहुत दर्द हो रहा है… निकालो…”
लेकिन मैंने निकाला नहीं।
मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए।
कुछ देर बाद मौसी को भी मजा आने लगा।
“हां… अब अच्छा लग रहा है… और तेज करो…,” मौसी ने कहा।
मैंने उनकी गांड जमकर मारी।
20 मिनट तक चोदने के बाद, मैं उनकी गांड में ही झड़ गया।
आज भी, जब भी मौसी अकेली होती हैं, मैं उनके पास जाता हूं।
हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं, और यह रिश्ता हमारा सीक्रेट है।
मौसी अब मुझसे बहुत खुश हैं, और मैं भी।
तो यह थी मेरी कहानी।
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