चूत चुदवा कर एग्जाम पास किया

chut chudwa kar exam pass kiya

हेलो दोस्तों, मैं ईशा गुप्ता अपनी चुदाई कहानी लेके आप सब के सामने हाजिर हूं। मैं 23 साल की हूं, और मुंबई से हूं। मेरा फिगर 34-29-36 है और रंग मेरा गोरा है। ज्यादा नहीं बोल रही अपने बारे में, बस इतना ही बोलूंगी कि हर लड़का मुझे देख कर चोदना चाहेगा। इतनी सेक्सी होने की यही समस्या है, लड़के को पीछे नहीं छोड़ते। चलिए अब कहानी शुरू करती हूं।

ये कहानी 4 साल पहले की है। तब मैं 19 साल की थी, और कॉलेज प्रथम वर्ष में थी। दोस्तों स्कूल से ही मेरी इंग्लिश काफी कमजोर थी। लेकिन जैसे-तैसे मैं परीक्षा पास कर लेती थी।

कॉलेज जाने के बाद धीरे-धीरे मेरा बंटा धार होने लगा। अब सारे विषय इंग्लिश मीडियम में थे, और इंग्लिश मेरी कमजोर थी। तो घर वालो ने मेरी ट्यूशन एक इंग्लिश कोचिंग सेंटर में रखवा दी।

वहां अतुल नाम का बंदा इंग्लिश पढ़ाता था। बहुत सुना था उसके बारे में कि वो जानवर को भी इंग्लिश सिखा दे। फिर मैंने वहां जाना शुरू कर दिया। मैं हर तरह के कपड़े पहनती थी, कभी जींस और टी-शर्ट, कभी लेगिंग्स के साथ शर्ट, और मेरे सारे कपड़े पूरे साइज के होते थे, जिसमें से मेरी बॉडी की फुल शेप दिखती थी। इससे लड़के आकर्षित होते है, और मुझे लड़कों को आकर्षित करना अच्छा लगता था।

अब कुछ दिन हो गए थे मुझे ट्यूशन पर जाते हुए। सर सही में अच्छा समझाता था। वैसे सर शादी-शुदा थे, और उनका एक बेटा भी था, लेकिन फिर भी सर कोचिंग सेंटर पर आने वाली लड़कियों को देखते थे, और मौका मिलने पर उनको टच भी करते थे। मेरे साथ भी उन्होंने कई बार ऐसा किया। वो ऊपर से नीचे तक मुझे देखते थे, और कभी मेरी पीठ पर, और कभी बाजू पर हाथ फेर लेते थे।

2 महीने हो चुके थे, और मेरे एग्जाम आ चुके थे। फिर मैंने थोड़े दिन ट्यूशन जाना बंद कर दिया। जिस दिन इंग्लिश की परीक्षा हुई, तो क्वेश्चन पेपर देखते ही मैं समझ गई कि मैं फेल होने वाली थी। जैसे-तैसे मैंने पेपर तो दे दिया, लेकिन मुझे पता था मैं फेल होने वाली थी।

अब मेरे दिमाग में डर था कि फेल होने पर मैं घर पर क्या बोलूंगी? ट्यूशन पढ़ने के बाद भी मेरा ये हाल था, और घर वाले मुझे बहुत जूते मारने वाले थे। फिर मैं शाम को सर के पास चली गई। मैंने लेगिंग्स-सूट पहना था, और मैं दुपट्टा नहीं लेती थी।
हमें वक्त सर की सारी क्लास खत्म हो चुकी थी, और सर क्लास में बैठे टेस्ट चेक कर रहे थे। मैंने सर को गुड इवनिंग बोला, और कहा-

मैं: सर मैं फेल हो जाउंगी।

सर: अरे,‌ अभी फैसला कैसे कर लिया तुमने? क्या पता पास हो जाओ।

मैं: सर मुझे पता है ना। जब मैंने कुछ सही लिखा ही नहीं, तो पास कैसे हो जाऊंगी?

सर: ऐसा करते हैं, तुम्हारे प्रोफेसर को मैं जानता हूं। मैं उसको कॉल करके तुम्हारा रिजल्ट पूछ लेता हूं।

मैं: ठीक है सर।

फ़िर सर ने मेरे प्रोफेसर को कॉल किया। उनकी बातों से वो दोनों अच्छे दोस्त लग रहे थे। सर ने उनसे मेरा रिजल्ट पूछा। प्रोफेसर ने मेरा पेपर चेक करके बताया कि मैं फेल हो गयी थी। फिर सर ने फोन कट किया और बोले-

सर: हां ईशा, तुम सच में फेल हो।

मैं: सर मेरे घर वाले मुझे मार डालेंगे। आप प्लीज़ मुझे पास करा दो। मेरे प्रोफेसर आपके दोस्त हैं, प्लीज उनको बोल दो कि वो मुझे इस बार पास कर दे। अगली बार मैं और मेहनत करूंगी।

सर: देखो ईशा, ये सच है कि तुम्हारे प्रोफेसर मेरे दोस्त हैं। और वो मेरे बोलने पर तुम्हें पास भी कर देंगे। लेकिन इसके बदले में मुझे क्या मिलेगा?

मैं: सर आपको क्या चाहिए?

सर खड़े हुए और मेरे पास आये। फिर मेरे पास खड़े हो कर बोले-

सर: ईशा तुम बहुत खूबसूरत हो। कोई भी लड़का तुम्हारा दीवाना हो जाएगा। अब मैं भी तो एक लड़का हूं। अगर तुम मुझे तुमको प्यार करने दो, तो मैं अभी तुम्हें पास करा दूंगा। नहीं तो मैं कुछ नहीं कर सकता।

मैं समझ गई कि सर मेरे साथ सेक्स करना चाहते थे। अब मेरे सामने घर वालो की मार और तानो से बचने का यहीं रास्ता था। फिर मैंने सर को बोला-

मैं: सर आप कब करना चाहते हैं?

सर: अभी, यहीं पर।

मैं: लेकिन मैं ये दोबारा नहीं करूंगी।

सर: सिर्फ अभी होगा, दोबारा नहीं।

मैं: और मुझे अच्छे मार्क्स चाहिए।

सर: 80 में से 70+ हो जायेंगे।

मैं: ठीक है, फिर कर लीजिये।

ये सुनते ही सर ने जल्दी से क्लासरूम का दरवाजा बंद कर दिया, और मेरे पास आ गए। उनको मुझे खड़ा किया, और अपनी बाहों में भर लिया। फिर उन्हें अपने होठों से चिपका दिया, और पागलों की तरह मेरे होठों को चूसने लगे। उनके हाथ मेरी गांड पर थे, और वो मेरे चूतड़ दबा रहे थे।

कुछ मिनटों में मैं भी गरम हो गई, और उनका साथ देने लगी। फ़िर सर ने मेरे होंठ छोड़े, और मेरी गर्दन पर चुंबन करने लगे। वो मेरे शर्ट के गले को खींच कर मेरी क्लीवेज चाटने लगे। उनके ऐसे करने से मैं मदहोश हो रही थी।

उसके बाद सर ने मेरा शर्ट उतार दिया। मेरे ब्रा में कसे स्तन देख कर उनकी आंखें चमक उठी। उन्हें मुझे घुमाया, और मेरी पीठ चूमने लगे। फिर उन्हें ब्रा का हुक खोला, और मुझे अपनी तरफ घुमा कर ब्रा निकाल दी।

अब मेरे नंगे स्तनों पर हाथ डाले, और उनको दबाने लगे। मैं आह आह कर रही थी। वो बड़ी ज़ोर-ज़ोर से मेरे निपल्स चूस रहे थे, जिसमें मुझे दर्द हो रहा था।

कुछ देर स्तन चूसने के बाद वो नीचे बैठ कर मेरी चूत को छूने लगे। फ़िर उन्होंने मेरी लेगिंग्स और पैंटी दोनों नीचे कर दी। मेरी चूत क्लीन शेव्ड थी, और गीली हो चुकी थी। सर ने मेरी चूत पर मुँह लगाया, जिससे मेरी आह निकल गई। फ़िर वो मेरी चूत चाटने लगे। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मेरी आंखें बंद हो गई, और मैं उनके बाल सहलाने लगी।

उसके बाद सर खड़े हुए, और अपनी पैंट और अंडरवियर निकाल दिये। उनका लंड मोटा और काला था। मुझे लगा वो मुझे लंड चुसवाएंगे, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं किया। उनको मुझे घुमाया, और टेबल पर हाथ रखवा कर घोड़ी बना लिया। फिर उन्हें अपने मुँह से थूक निकाल कर लंड के टोपे पर लगाया, और लंड चूत पर सेट कर लिया।

जैसे ही उन्हें पहला धक्का मारा, मेरी चीख निकल गई। उनके मुँह से भी आह निकली। फिर वो आगे-पीछे हुए, और लंड मेरी चूत में पूरा घुस गया। अब उनका लंड मेरी चूत में एडजस्ट हो गया था, और मुझे भी बहुत मजा आ रहा था।

वो मेरी गांड पकड़ कर तेजी से मेरी चूत चुदाई कर रहे थे। खाली क्लासरूम में थप-थप और आह आह की काफी आवाज़ आ रही थी। 10 मिनट वो ऐसे ही मेरी चुदाई करते रहे। फिर अचानक उन्हें अपनी स्पीड बहुत तेज़ कर दी, और फिर लंड बाहर निकाल कर अपना माल मेरी गांड पर ही निकल दिया। मेरा भी पानी निकल चुका था।

फिर सर कपड़े पहनने लगे, और उनको देख कर मैंने भी कपड़े पहन लिये। उन्हें अपना वक्त फोन करके मेरे नंबर बढ़ाए, और फिर मैं घर वापस आ गई।

दोस्तों आपकी सेक्स कहानी कैसी लगी?

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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