maami x chudai kahani
मैं राकेश, दिल्ली का रहने वाला एक 25 साल का जवान लड़का। मेरी उम्र 25 साल है और मेरा कद 5 फुट 7 इंच है।
मेरे शरीर का एक खास हिस्सा, मेरा लंड, पूरे 9 इंच का है जो किसी भी औरत को पागल बना देने के लिए काफी है।
यह कहानी मेरी और मेरी मामी लीला की है। मेरी मामी की उम्र 43 साल है लेकिन वो उम्र से कहीं ज्यादा जवान और खूबसूरत दिखती हैं।
उनका फिगर 34-32-36 है जो कि उनकी उम्र के हिसाब से बहुत ही सेक्सी और आकर्षक है।
उनके बड़े-बड़े दूध और गोल-मटोल गांड को देखकर कोई भी मर्द उनके लिए तड़प उठे।
यह कहानी उस समय की है जब मैं अपने मामा के घर गया था। मामा एक बिजनेसमैन हैं और अक्सर टूर पर रहते हैं।
मामी लीला घर पर अकेली रहती थीं। मैं कॉलेज की छुट्टियों में वहां कुछ दिन रहने गया था।
जब मैं वहां पहुंचा तो मामी ने मुझे बड़े प्यार से गले लगाया।
उनके बदन की खुशबू और उनके दूध मेरे सीने से टच हो रहे थे, बस उसी पल से मैं उनके लिए दीवाना हो गया।
मामी लीला बहुत ही खूबसूरत महिला हैं। उनकी साड़ी में कमर बहुत पतली है और ऊपर के दूध इतने बड़े और उभारे हुए हैं कि किसी का भी दिल धड़क जाए।
उनके निप्पल हमेशा साड़ी के ऊपर से ही खड़े दिखाई देते हैं, जैसे दो छोटे-छोटे पहाड़ हों।
उनके गाल गुलाबी और होंठ मोटे-मोटे हैं जिन्हें देखकर किसी का भी मन उन्हें चूमने का कर जाए।
पहले दिन से ही मैंने उन्हें पटाने की योजना बनानी शुरू कर दी।
मैं उनकी हर बात मानता, उनकी मदद करता और उनका ख्याल रखता।
धीरे-धीरे मैं उनके करीब होने लगा। रात के खाने में मैं उनके साथ बैठता और उनकी आंखों में आंखें डालकर बातें करता।
वो भी मुझे देखकर मुस्कुराने लगीं और कभी-कभी मेरे हाथ पर अपना हाथ रख देतीं।
एक दिन मामा फिर से बिजनेस टूर पर चले गए। घर पर सिर्फ मैं और मामी थे।
रात का समय था और बारिश हो रही थी। मामी ने साड़ी पहनी हुई थी जो गीली होकर उनके बदन से चिपक गई थी।
उनके दूध और बुर का आकार साफ दिखाई दे रहा था। मेरा लंड उनको देखकर तुरंत खड़ा हो गया और पैंट में तम्बू बनाने लगा।
मैंने मामी से कहा, “मामी, आप बहुत खूबसूरत लग रही हैं।”
वो शरमा गईं और बोलीं, “राकेश, तुम भी ना…”
मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और कहा, “सच मामी, मैं आपको बहुत पसंद करता हूं।” वो चुप हो गईं और नीचे देखने लगीं।
मैं समझ गया कि वो भी मेरे लिए तड़प रही हैं बस इंतजार हैं किसी की पहल का।
मैंने धीरे से उनका चेहरा ऊपर उठाया और उनके माथे पर प्यार से चूमा। उनकी आंखें बंद हो गईं।
फिर मैंने उनके गालों पर चूमना शुरू किया, पहले एक गाल फिर दूसरा गाल। उनकी सांसें तेज होने लगीं।
फिर मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। शुरू में धीरे-धीरे चूमा, फिर प्रेशर बढ़ा दिया।
यह एक प्यार भरा लिप किस था जो धीरे-धीरे स्मूच किस में बदल गया।
हम दोनों एक-दूसरे की जीभ को चूस रहे थे, एक-दूसरे के मुंह में जीभ डालकर खेल रहे थे।
मैंने मामी को पीछे से गले लगाया और उनकी गर्दन पर किस करना शुरू किया।
उनकी गर्दन बहुत मुलायम थी, मैं वहां चूमता और काटता रहा।
वो आहें भरने लगीं, “आह… राकेश… धीरे…” मैंने उनकी पीठ पर भी किस किया, धीरे-धीरे नीचे आता गया।
उनकी पीठ बहुत चिकनी थी, मैं जीभ से चाटता हुआ नीचे आया और उनके गोल-मटोल कूल्हों पर पहुंच गया।
मैंने उनके कूल्हों को साड़ी के ऊपर से ही किस किया और चाटा।
फिर मैंने उन्हें सोफे पर बैठने को कहा। मैं उनके पैरों के बीच बैठ गया और धीरे से उनकी साड़ी ऊपर उठाई।
वो सफेद पैंटी पहने हुए थीं जो गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी के ऊपर से ही उनकी बुर को चूमना शुरू किया। वो तड़प उठीं।
फिर मैंने पैंटी हटा दी और उनकी खूबसूरत बुर सामने आ गई। वो गुलाबी रंग की थी और बिल्कुल साफ शेव की हुई थी।
मैंने अपनी जीभ से उनकी बुर को चाटना शुरू किया, पहले धीरे-धीरे फिर तेजी से।
मामी की आहें निकल रही थीं, “उह्ह… हां… और तेज… चाट मेरी बुर को…” मैं उनकी बुर के अंदर जीभ डाल-डालकर चाट रहा था, उनके क्लिटोरिस को चूस रहा था। वो पागल हो रही थीं।
इसके बाद मामी ने मेरा लंड पैंट के ऊपर से ही सहलाना शुरू किया। वो मेरे 9 इंच के लंड को देखकर हैरान रह गईं।
उन्होंने मेरी पैंट खोली और मेरा लंड बाहर निकाल लिया। वो इतना बड़ा और मोटा था कि मामी के हाथ कांपने लगे।
उन्होंने धीरे से अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया। ऊह्ह… क्या मजा आ रहा था।
मामी के गर्म मुंह में मेरा लंड अंदर-बाहर हो रहा था।
वो मेरे लंड को चूस रही थीं, मेरे टोपे को जीभ से चाट रही थीं।
मैं उनके मुंह में अपना लंड पेल रहा था।
अब हम दोनों पूरी तरह से नंगे हो गए थे। मामी का बदन बिल्कुल देवी की तरह सुंदर लग रहा था।
उनके बड़े-बड़े दूध मेरे सामने थे, निप्पल खड़े हो रहे थे। मैंने उनके दूधों को अपने हाथों में लिया और दबाना शुरू किया।
वो आहें भर रही थीं। फिर मैंने उनके निप्पलों को मुंह में लेकर चूसना शुरू किया, पहले एक निप्पल फिर दूसरा निप्पल।
मैं निप्पलों को काट-काटकर चूस रहा था, उनके दूधों को जोर-जोर से दबा रहा था।
अब हम बेडरूम में आ गए थे। मैंने मामी को बिस्तर पर लिटा दिया।
वो बिल्कुल नंगी लेटी हुई थीं, उनके पैर फैले हुए थे और बुर पूरी तरह से तैयार थी मेरा लंड लेने के लिए।
मैं उनके ऊपर आ गया और उनके होंठों पर किस करने लगा।
वो भी मेरा साथ दे रही थीं, हम दोनों स्मूच कर रहे थे।
मैंने अपने लंड का टोपा उनकी बुर के मुंह पर रखा और धीरे से अंदर धकेलना शुरू किया।
“ऊह्ह… राकेश… धीरे… बहुत बड़ा है तेरा लंड…” मामी चीखीं।
मैंने धीरे-धीरे अपना पूरा 9 इंच का लंड उनकी बुर में घुसा दिया। वो दर्द से कराह रही थीं लेकिन मजा भी आ रहा था।
मैंने उनके दूधों को पकड़ लिया और दबाते हुए धक्के लगाने शुरू कर दिए।
मिशनरी पोजिशन में हम दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए थे।
मैं ऊपर से नीचे की तरफ धक्के मार रहा था, कभी तेज तो कभी धीरे।
मामी की बुर बहुत टाइट थी लेकिन गीली होने की वजह से मेरा लंड आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था।
मैं कभी उनके दूधों को दबाता, कभी उनके निप्पलों को चूसता, और कभी उनके होंठों पर kiss करता।
हम दोनों पसीने से लथपथ हो गए थे।
मामी की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं, “हां… और तेज… चोद मुझे… अपनी मामी को चोद… बहुत मजा आ रहा है…”
मैंने उनके पैर अपने कंधों पर रख लिए और और गहरे धक्के लगाने शुरू कर दिए।
मेरा लंड उनकी बुर की सबसे गहरी जगह तक पहुंच रहा था।
वो बार-बार झड़ने लगी थीं, उनकी बुर का रस मेरे लंड पर लग रहा था।
अब हमने पोजिशन बदली। मैं खड़ा हो गया और मामी को भी खड़ा कर लिया।
मैंने उन्हें दीवार से सटा दिया और उनके एक पैर को उठाकर अपने हाथ से पकड़ लिया।
इस स्टैंडिंग पोजीशन में मैंने फिर से अपना लंड उनकी बुर में डाल दिया।
वो मेरे गले लगी हुई थीं और मैं उन्हें किस करते हुए धक्के लगा रहा था।
हम दोनों एक-दूसरे के होंठों को चूस रहे थे और मैं नीचे से ऊपर की तरफ धक्के मार रहा था।
“ऊह्ह… राकेश… तू तो बहुत अच्छा चोदता है… तेरे मामा कभी इतना मजा नहीं देते…” मामी कह रही थीं।
मैं और तेजी से धक्के लगाने लगा। उनके दूध मेरे सीने से रगड़ खा रहे थे।
मैंने एक हाथ से उनके दूध को पकड़ा और दबाने लगा, दूसरे हाथ से उनकी कमर को पकड़कर धक्के मार रहा था।
हम दोनों की सांसें तेज हो गई थीं, हम पसीने से लथपथ थे।
लगभग आधे घंटे तक मैंने उन्हें इसी पोजिशन में चोदा। फिर हम वापस बिस्तर पर आ गए।
इस बार मामी मेरे ऊपर आ गईं और मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़कर अपनी बुर में डाल लिया।
वो मेरे ऊपर उछल-उछलकर चुदवा रही थीं।
उनके दूध मेरे मुंह के सामने थे, मैं उनके निप्पलों को चूस रहा था और वो मेरे लंड पर बैठकर कूद रही थीं।
“आह्ह… राकेश… मैं झड़ने वाली हूं… तू भी मेरे साथ झड़ जा…” मामी चिल्लाईं।
मैंने उन्हें नीचे लिटाया और तेजी से धक्के लगाने शुरू कर दिए।
मेरा लंड उनकी बुर में पूरी तरह से अंदर-बाहर हो रहा था।
वो पागलों की तरह चीख रही थीं। अचानक मैंने महसूस किया कि मेरा वीर्य निकलने वाला है।
मैंने अपना लंड बाहर निकाला और मामी के दूधों पर अपना सारा वीर्य छोड़ दिया।
वो भी उसी समय झड़ गईं और हम दोनों एक-दूसरे से लिपटकर पड़े रहे।
उस रात के बाद मामी मेरे लंड की दीवानी हो गईं।
वो हमेशा मुझसे चुदवातीं और मैं उन्हें खूब खुश रखता।
मैंने अपनी मामी को चोदकर न सिर्फ उन्हें खुश किया बल्कि उन्हें अपने 9 इंच के लंड का दीवाना भी बना दिया।
अब जब भी मामा बाहर जाते, मामी मुझे बुला लेतीं और हम दोनों पूरी रात एक-दूसरे के शरीर का मजा लेते।
मामी की बुर अब सिर्फ मेरे लंड के लिए तरसती थी और मैं हमेशा उन्हें संतुष्ट करता था।
हम दोनों के बीच का यह रिश्ता अब और भी गहरा हो गया था।
मैं अपनी मामी से बहुत प्यार करता था और वो भी मुझसे।
हमारा यह अफेयर बहुत खूबसूरत था, जिसमें बहुत सारा प्यार और बहुत सारी चुदाई होती थी।
मामी अब हमेशा खुश रहती थीं और उनके चेहरे पर एक अलग सी चमक रहती थी।
मैंने अपनी मामी को वो खुशी दी जो उन्हें कभी नहीं मिली थी।
और मामी ने मुझे वो प्यार दिया जो मैं हमेशा याद रखूंगा।
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Very nice 🙂👍