mom fuck in different sex position
मेरा नाम यश है और मेरी मम्मी का नाम गरीमा है। पिछली कहानियों में आपने पढ़ा कि कैसे मेरी मम्मी को शादी में 4 लड़कों ने चोदा, फिर 4 बुड्ढे सब्जी वालों ने चोदा, और फिर मैं और मम्मी आपस में मिलकर मज़े करने लगे।
एक दिन मेरे पापा ने फोन किया कि वो और मेरे दादाजी (पापा के पापा) शहर आ रहे हैं।
मेरे दादाजी का नाम रघुनाथ है और उनकी उम्र 65 साल है।
वो गाँव में रहते हैं और बहुत ही तंदुरुस्त हैं। मम्मी ने सुना तो वो खुश हो गईं।
दो दिन बाद पापा और दादाजी आ गए।
जब दादाजी ने मम्मी को देखा, तो उनकी आँखें चौड़ी हो गईं।
मम्मी ने उस दिन हल्के हरे रंग की साड़ी पहनी थी जो नाभि से नीचे बंधी हुई थी। ब्लाउज बहुत टाइट और डीप नेक वाला था जिसमें से उनके बड़े-बड़े चूचे आधे बाहर निकले हुए थे।
दादाजी बोले, “बहू, तुम तो बहुत सुंदर हो गई हो। इतने सालों में तुम्हें देखा नहीं, आज देखकर मज़ा आ गया।”
मम्मी ने शरमाते हुए कहा, “पापाजी, आप भी क्या बोल रहे हैं। मैं तो आपकी बहू हूँ।”
दादाजी ने कहा, “बहू हो तो क्या हुआ, सुंदर तो हो ही।”
रात को खाना खाने के बाद सब सो गए। मम्मी और मैं एक कमरे में थे, पापा और दादाजी दूसरे कमरे में।
लेकिन मम्मी को नींद नहीं आ रही थी।
उन्होंने मुझे जगाया और कहा, “यश, तुम्हें पता है, तुम्हारे दादाजी मुझे बहुत घूर रहे थे।”
मैंने कहा, “हाँ मम्मी, मुझे भी लगा। वो आपको पसंद कर रहे हैं।”
मम्मी ने कहा, “मुझे भी वो पसंद आए। इतने बुड्ढे होने के बावजूद बहुत तंदुरुस्त हैं।”
मैंने कहा, “तो फिर क्यों ना आप उनसे मिलें? मैं पापा को कहीं बाहर भेज देता हूँ।”
अगले दिन मैंने पापा से कहा कि वो ऑफिस का काम निपटा आएं।
पापा सुबह ही निकल गए। घर पर मैं, मम्मी और दादाजी थे।
मम्मी ने उस दिन बहुत ही सेक्सी कपड़े पहने।
उन्होंने एक हल्की सी साड़ी पहनी जिसमें से उनकी पीठ और नाभि साफ़ दिख रही थी।
ब्लाउज इतना टाइट था कि उनके चूचे बाहर निकलने को तरस रहे थे।
दादाजी बैठे हुए थे। मम्मी उनके लिए चाय बनाकर लाई।
जब वो झुककर चाय रखी, तो उनके बड़े चूचे दादाजी के सामने झूल गए। दादाजी उन्हें घूरने लगे।
मम्मी ने कहा, “पापाजी, क्या देख रहे हैं?”
दादाजी ने कहा, “बहू, तुम्हारे चूचे बहुत बड़े हैं। मुझे बहुत पसंद आए।”
मम्मी ने शरमाते हुए कहा, “पापाजी, ये क्या बोल रहे हैं। मैं आपकी बहू हूँ।”
दादाजी ने कहा, “बहू हो तो क्या हुआ। मैं तो तुम्हें बहुत पहले से चाहता था। आज मुझे मौका मिला है।”
मम्मी ने मेरी तरफ देखा। मैंने हाँ में सिर हिलाया। मम्मी ने कहा, “ठीक है पापाजी, लेकिन यश भी यहीं रहेगा।”
दादाजी ने कहा, “कोई बात नहीं, लड़का देखता रहेगा। आज तो मैं तुम्हें खूब चोदूँगा।”
दादाजी ने मम्मी को अपनी गोद में बिठाया और उनके होंठों पर किस करने लगे।
उनकी जीभ मम्मी के मुँह में घुस गई। फिर दादाजी ने मम्मी को बेड पर लिटाया। मम्मी की टाँगें फैलाकर दादाजी उनके ऊपर लेट गए।
दादाजी ने अपना 8 इंच का मोटा लंड मम्मी की चूत के मुँह पर रखा। एक धक्के में आधा लंड अंदर चला गया। मम्मी चीखीं, “आह्ह… पापाजी… इतना बड़ा… धीरे…”
दादाजी ने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर डाल दिया। फिर वो मम्मी को धक्के मारने लगे।
मम्मी की टाँगें दादाजी की कमर पर थीं और वो उनके धक्कों का मज़ा ले रही थीं।
“फच्च-फच्च-फच्च” की आवाजें कमरे में गूँज रही थीं।
मम्मी के चूचे दादाजी के हर धक्के के साथ उपर-नीचे हो रहे थे। दादाजी मम्मी के चूचों को भी चूस रहे थे।
“आह्ह… पापाजी… और चोदो… मेरी चूत फाड़ डालो…” मम्मी कराह रही थीं।
करीब 25 मिनट तक मिशनरी पोजीशन में चोदने के बाद दादाजी ने अपना पानी मम्मी की चूत में छोड़ दिया।
फिर दादाजी ने मम्मी को उठाया और घुटनों के बल बिठाया। मम्मी ने अपनी गांड उठा दी।
दादाजी ने मम्मी की गांड पर थूका और अपना लंड मम्मी की चूत में डाल दिया।
“आह्ह… पापाजी… पीछे से… और जोर से…” मम्मी चीख रही थीं।
दादाजी मम्मी की कमर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मार रहे थे।
मम्मी के चूचे आगे-पीछे झूल रहे थे। मैं एक तरफ बैठकर देख रहा था और अपना लंड हिला रहा था।
“थप्प-थप्प” की आवाजें आ रही थीं। दादाजी मम्मी की गांड पर भी चांटे मार रहे थे। मम्मी की गांड लाल हो गई थी।
“ओह्ह… पापाजी… मर गई… और चोदो… आह्ह…” मम्मी कराह रही थीं।
करीब 5 मिनट तक डॉगी स्टाइल में चोदने के बाद दादाजी ने पोजीशन बदली
फिर दादाजी बेड पर बैठे और अपनी टाँगें फैला दीं। मम्मी उनकी गोद में आकर बैठ गईं। दादाजी ने अपना लंड मम्मी की चूत में डाला। मम्मी ने अपनी टाँगें दादाजी की कमर के पीछे बांध लीं।
अब मम्मी और दादाजी एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। दादाजी मम्मी के कूल्हों को ऊपर-नीचे कर रहे थे और मम्मी उनके धक्कों का मज़ा ले रही थीं। ये बहुत ही इंटीमेट पोजीशन थी।
मम्मी के चूचे दादाजी के मुँह के पास थे और वो उन्हें चूस रहे थे। मम्मी भी दादाजी के कान में गंदी बातें कह रही थीं, “आह्ह… पापाजी… आप तो बहुत मस्त चोदते हो… मुझे बहुत मज़ा आ रहा है…”
दादाजी भी कराह रहे थे, “बहू… तुम्हारी चूत बहुत टाइट है… मज़ा आ गया…”
करीब 4 मिनट तक इस पोजीशन में चोदने के बाद दोनों फिर से पोजीशन बदली
फिर मम्मी ने दादाजी को लिटाया और उनके ऊपर चढ़ गईं। उन्होंने दादाजी का लंड अपनी चूत में लिया और ऊपर-नीचे उछलने लगीं।
मम्मी के बड़े-बड़े चूचे उछल-उछलकर दादाजी के मुँह पर आ रहे थे और वो उन्हें चूस रहे थे। मम्मी अपनी गांड घुमाकर दादाजी का लंड अपनी चूत में अंदर-बाहर कर रही थीं।
“आह्ह… बहू… और तेज… और उछलो…” दादाजी कराह रहे थे।
मम्मी बहुत तेजी से उछल रही थीं। उनके चूचे हवा में झूल रहे थे। मैं देखकर पागल हो रहा था।
“ओह्ह… पापाजी… मज़ा आ रहा है… आह्ह…” मम्मी चीख रही थीं।
करीब 8 मिनट तक काउगर्ल पोजीशन में चोदने के बाद दादाजी ने फिर से पोजीशन बदली
अब मम्मी घूमकर दादाजी की तरफ पीठ करके बैठ गईं। उन्होंने फिर से दादाजी का लंड अपनी चूत में लिया और ऊपर-नीचे उछलने लगीं।
इस पोजीशन में दादाजी मम्मी की गांड और कमर देख सकते थे। उन्होंने मम्मी की गांड पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और चांटे मारने लगे।
“थप्प-थप्प” की आवाजें आ रही थीं। मम्मी की गांड लाल हो गई थी लेकिन वो रुक नहीं रही थीं। वो तेजी से उछल रही थीं।
“आह्ह… पापाजी… मेरी गांड मत मारो… आह्ह… और चोदो…” मम्मी कराह रही थीं।
दादाजी मम्मी की कमर पकड़कर उन्हें ऊपर-नीचे कर रहे थे। मम्मी का पूरा बदन पसीने से लथपथ हो गया था।
करीब 20 मिनट तक रिवर्स काउगर्ल पोजीशन में चोदने के बाद दादाजी फिर से मम्मी की चूत में झड़ गए।
अब दादाजी थक गए थे। लेकिन मम्मी अभी भी और चाहती थीं।
उन्होंने मुझे बुलाया और कहा, “यश, अब तुम भी आ जाओ।”
मैंने अपने कपड़े उतारे और मम्मी के पास गया।
मम्मी ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगीं। दादाजी एक तरफ बैठकर देख रहे थे।
फिर मैंने मम्मी को मिशनरी पोजीशन में लिटाया और उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया।
मम्मी की चूत अब दादाजी के पानी से गीली थी इसलिए मेरा लंड आसानी से घुस गया।
“आह्ह… यश… तुम भी अपनी मम्मी को चोदो… और जोर से…” मम्मी कराह रही थीं।
मैंने मम्मी को 15 मिनट तक चोदा। फिर मैं भी मम्मी की चूत में झड़ गया।
दादाजी ने कहा, “बहू, तुम तो बहुत मस्त हो। आज मुझे बहुत मज़ा आया।”
मम्मी ने कहा, “पापाजी, मुझे भी बहुत मज़ा आया। आपके लंड ने मेरी चूत को खूब चोदा।”
अब दादाजी हमारे साथ ही रहने लगे हैं।
रोज़ रात को वो मम्मी को अलग-अलग पोजीशन में चोदते हैं और मैं भी साथ में मिलकर मज़े करता हूँ।
यही मेरी जिंदगी है।
- चाची की कसी चूत चोदकर भोसड़ा बनाया -1
- रखैल बनी संस्कारी माँ अंकल की अब वाइफ बनी
- 8 अफ्रीकन नीग्रो से अपने पति के सामने चुदवाई
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Mast zindagi hai aapka