मेरे दोस्त ने अपनी माँ को मुझसे चुदवाया

instagram sexy model chudai

हाय दोस्तों, मेरा नाम मृत्युंजय है। मैं एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर हूं, और मेरी उम्र 28 साल है।

मेरा लंड 7.5 इंच लंबा है, और मैं मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से हूं।

मैं आज आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूं जो मेरे साथ पिछले महीने हुई।

यह कहानी एक फोटोशूट के बारे में है जो मेरी जिंदगी बदल गया।

मेरा एक दोस्त है बेनी।

उसकी मां का नाम अनुराधा है, और वो एक मॉडल हैं।

वैसे तो उनकी उम्र 45 साल है, लेकिन वो दिखने में बिल्कुल 30-32 साल की लगती हैं।

उनका फिगर 36-28-38 है—बड़े बूब्स, कसी हुई कमर, और उभरी हुई गांड।

वो बहुत गोरी हैं, और उनकी आंखें बहुत सुंदर हैं।

वो हमेशा टाइट कपड़े पहनती हैं जिससे उनके उभार साफ दिखते हैं।

एक दिन बेनी ने मुझे फोन किया।

“भाई, मेरी मां को कुछ फोटोशूट करवाना है। क्या तुम कर सकते हो?”

मैंने कहा, “हां, बिल्कुल। किस तरह का फोटोशूट?”

बेनी ने कहा, “वो एक ब्रांड के लिए मॉडलिंग कर रही हैं। उन्हें कुछ बोल्ड फोटोज चाहिए।”

मैंने समझा कि यह नॉर्मल फोटोशूट होगा।

लेकिन मुझे नहीं पता था कि यह क्या बनने वाला था।

अगले दिन, मैं बेनी के घर गया।

अनुराधा आंटी ने मुझे दरवाजे पर ही रोक लिया।

वो एक काले रंग की साड़ी में थीं, और ब्लाउज बहुत डीप था।

उनके बूब्स आधे बाहर निकले हुए थे, और मैं उन्हें देखकर चौंक गया।

“आओ मृत्युंजय,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा।

“नमस्ते आंटी,” मैंने कहा, अपनी नजरें उनके बूब्स से हटाने की कोशिश करते हुए।

हम उनके बेडरूम में गए जो उन्होंने स्टूडियो में बदल दिया था।

वहां लाइट्स, कैमरा, और बैकड्रॉप सब तैयार था।

“तो किस तरह के फोटोज चाहिए आंटी?” मैंने पूछा।

अनुराधा ने मुस्कुराते हुए कहा, “थोड़े बोल्ड। मैं चाहती हूं कि मेरी सेक्सीनेस दिखे। मेरे पति मुझे छोड़कर चले गए हैं 5 साल पहले, और मैं अब भी जवान हूं। मैं दिखाना चाहती हूं कि 45 की उम्र में भी मैं कितनी हॉट हूं।”

मैं समझ गया कि यह किस तरह का शूट होने वाला था।

हमने शूट शुरू किया।

पहले तो नॉर्मल फोटोज थे—साड़ी में, स्माइलिंग पोजेज में।

लेकिन फिर अनुराधा ने अपना पल्लू हटा दिया।

उनका ब्लाउज बहुत डीप था, और उनके बूब्स की क्लीवेज साफ दिख रही थी।

“कैसा लग रहा है?” उन्होंने पूछा।

“बहुत अच्छा आंटी,” मैंने कहा, और मेरा लंड खड़ा होने लगा था।

फिर उन्होंने अपनी साड़ी उतार दी।

वो सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थीं।

उनके नाभि दिख रही थी, और मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था।

“थोड़े और बोल्ड शॉट्स लेते हैं,” उन्होंने कहा।

वो बेड पर लेट गईं, और मैंने फोटोज ली।

वो अपने बूब्स को अपने हाथों से ऊपर धकेल रही थीं, और उनकी निपल्स ब्लाउज से साफ दिख रही थीं।

“आंटी, क्या मैं थोड़ा ऑफ कैमरा कुछ कहूं?” मैंने पूछा।

“हां बोलो,” उन्होंने कहा।

“आंटी, आप बहुत सेक्सी हैं। मेरा मन कर रहा है कि मैं आपको…” मैंने अपनी बात अधूरी छोड़ दी।

“क्या करना चाहते हो मृत्युंजय? बोलो,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा।

“आपको छूना चाहता हूं,” मैंने कहा।

अनुराधा ने मुझे देखा, और फिर वो उठीं। वो मेरे पास आईं, और मेरे कान में फुसफुसाईं, “तो छू लो।”

मैंने अपना हाथ बढ़ाया और उनके बूब्स को छुआ।

वो बहुत सॉफ्ट थे, और मैं उन्हें दबाने लगा।

“ओह मृत्युंजय… धीरे…,” उन्होंने कहा।

मैंने उनका ब्लाउज खोल दिया।

उनके बड़े-बड़े गोरे बूब्स बाहर आ गए।

मैंने उन्हें पकड़ा और चूसना शुरू कर दिया।

“वाह… यह बहुत अच्छा लग रहा है…,” उन्होंने कहा।

मैं एक बूब्स चूस रहा था, और दूसरे को हाथ से दबा रहा था।

अनुराधा आंखें बंद करके आनंद ले रही थीं।

तभी दरवाजा खुला।

बेनी आ गया।

मैं घबरा गया, लेकिन अनुराधा शांत थीं।

“मां, मैंने तुमसे कहा था ना कि मृत्युंजय बहुत अच्छा है,” बेनी ने मुस्कुराते हुए कहा।

मैं समझ नहीं पाया। “क्या मतलब?”

बेनी ने कहा, “भाई, मैं जानता था कि तुम मेरी मां को पसंद करते हो। इसीलिए मैंने यह प्लान बनाया। मेरी मां भी तुम्हें पसंद करती हैं। और हां, हम दोनों ने यह डिसाइड किया है कि आज रात तुम हमारे यहीं रुकोगे।”

मैं हैरान था। यह सब एक प्लान था?

अनुराधा ने मेरे चेहरे को अपने हाथों में लिया। “डरो मत मृत्युंजय। मैं चाहती हूं कि तुम मुझे चोदो। मैं 5 साल से अकेली हूं, और मुझे किसी मर्द की जरूरत है।”

मैंने उनके होठों पर चुंबन किया।

वो एक लंबा, गहरा किस था। हमारी जीभें एक-दूसरे से खेल रही थीं।

बेनी ने कहा, “मैं बाहर जा रहा हूं। तुम दोनों मस्ती करो।”

बेनी चला गया। अब मैं और अनुराधा अकेले थे।

मैंने उन्हें गोद में उठाया और बेड पर लिटा दिया।

मैंने उनके बाकी कपड़े भी उतार दिए। वो पूरी तरह नंगी थीं।

उनकी चूत गुलाबी, साफ शेव, और बिल्कुल स्मूथ थी।

“कितनी सुंदर चूत है आपकी आंटी,” मैंने कहा।

“आज इसे जमकर चोदो,” उन्होंने कहा।

मैंने उनकी चूत चाटना शुरू कर दिया।

मेरी जीभ उनकी क्लाइटोरिस पर घूम रही थी, और वो सिसकारियां ले रही थीं।

“ओह मृत्युंजय… और तेज चाटो… मजा आ रहा है…,” उन्होंने कहा।

मैंने उनकी टांगें फैलाई और और गहराई से चाटना शुरू कर दिया।

मेरी जीभ उनकी चूत के अंदर-बाहर हो रही थी।

वो झड़ने वाली थीं।

“मैं झड़ने वाली हूं…,” उन्होंने कहा।

“झड़ो आंटी, मुझे पसंद है,” मैंने कहा।

वो झड़ गईं। उनकी चूत से पानी निकला, और मैंने उसे चाट लिया।

अब मैंने अपने कपड़े उतारे।

मेरा लंड पूरी तरह खड़ा था—7.5 इंच लंबा, मोटा, और कड़ा।

“यह तो बहुत बड़ा है,” अनुराधा ने कहा।

“आप सहन कर पाएंगी?” मैंने पूछा।

“कोशिश करूंगी,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा।

मैंने उनकी टांगें फैलाई और अपने लंड का सिरा उनकी चूत पर रखा।

धीरे से धक्का दिया। वो तंग थीं, लेकिन गीली भी थीं।

“ओह… धीरे… थोड़ा दर्द हो रहा है…,” उन्होंने कहा।

“सहन करो आंटी, अभी मजा आएगा,” मैंने कहा।

मैंने अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया।

वो चिल्लाईं, लेकिन फिर शांत हो गईं।

मैंने हिलना शुरू किया—धीरे-धीरे, फिर तेजी से।

“हां मृत्युंजय… यह बहुत अच्छा लग रहा है… और तेज करो…,” उन्होंने कहा।

मैंने तेजी से धक्के लगाने शुरू कर दिए। बेड हिल रहा था, और उनके बूब्स उछल रहे थे।

मैंने उनके बूब्स पकड़े और उन्हें दबाते हुए चोदना जारी रखा।

“कैसा लग रहा है आंटी?” मैंने पूछा।

“बहुत अच्छा… तुम बहुत अच्छा चोदते हो… मेरे पति से बहुत बेहतर…,” उन्होंने कहा।

लगभग 30 मिनट तक चोदने के बाद, मैं झड़ने वाला था।

“मैं झड़ने वाला हूं आंटी,” मैंने कहा।

“मेरे अंदर ही छोड़ दो,” उन्होंने कहा।

मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में भर दिया—गर्म, गाढ़ा, और बहुत सारा।

वो भी झड़ गईं, और हम दोनों एक-दूसरे में खो गए।

कुछ देर बाद, जब हमारी सांसें सामान्य हुईं, अनुराधा ने मुझे गले लगाया। “यह बहुत अच्छा था।”

“मुझे भी बहुत मजा आया,” मैंने कहा।

तभी बेनी का फोन आया।

वो कह रहा था कि वो अगले दिन सुबह आएगा। रात को हम दोनों अकेले थे।

हमने रात भर मजे किए।

मैंने अनुराधा को हर पोजीशन में चोदा—डॉगी स्टाइल, वुमन ऑन टॉप, 69, स्टैंडिंग।

वो हर बार झड़ती थीं, और मैं उनकी चूत में ही झड़ता था।

सुबह जब बेनी आया, तो हम दोनों थके हुए थे लेकिन खुश थे।

बेनी ने मुझे 50,000 रुपये दिए। “यह तुम्हारी फीस है,” उसने मुस्कुराते हुए कहा।

मैंने पैसे लिए, लेकिन मैं जानता था कि यह सिर्फ पैसों के लिए नहीं था।

मैं अनुराधा से प्यार करने लगा था।

उसके बाद, मैं हर हफ्ते उनके घर जाता हूं।

बेनी भी खुश है क्योंकि उसकी मां खुश है।

हम तीनों एक अजीब सा रिश्ता बना चुके हैं, लेकिन यह हमारा सीक्रेट है।

अनुराधा अब और भी जवान दिखती हैं।

उनकी त्वचा में एक नई चमक है, और वो हमेशा मुस्कुराती हैं।

मैंने उन्हें वो मजा दिया जो वो सालों से तलाश रही थीं।

तो यह थी मेरी कहानी।

अगर आपको पसंद आई हो तो जरूर बताना।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

2 thoughts on “मेरे दोस्त ने अपनी माँ को मुझसे चुदवाया”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top