फूफा ने रात भर मेरी कुंवारी चूत चोदी

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नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम रेखा है। मेरी उम्र 24 साल है, और मैं एक कॉलेज की छात्रा हूं।

मेरा फिगर 34-28-36 है, और मेरी हाइट 5 फीट 5 इंच है।

मैं दिखने में काफी सुंदर हूं, और मेरे बाल लंबे और काले हैं।

आज मैं आपको अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रही हूं जो पिछले साल गर्मियों की छुट्टी में हुई।

मेरी मौसी रेशमा की उम्र 42 साल है, और वो दिखने में बिल्कुल 35 साल की लगती हैं।

उनका फिगर 36-30-38 है—बड़े बूब्स, मोटी गांड, और बिल्कुल गोरा रंग।

उनके पति का नाम सुरेश है, और वो 45 साल के हैं। वो एक बहुत बड़े बिजनेसमैन हैं, और उनकी कई कंपनियां हैं।

वो दिखने में बहुत हैंडसम हैं—6 फीट की हाइट, एथलेटिक बॉडी, और बहुत चार्मिंग पर्सनैलिटी।

मेरी मौसी और मौसा जी का कोई बच्चा नहीं है।

वो 20 साल पहले शादी हुए थे, लेकिन किसी कारणवश उन्हें बच्चे नहीं हुए।

वो दोनों अपनी लाइफ में काफी बिजी रहते हैं, लेकिन एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं।

पिछले साल गर्मियों की छुट्टी में, मेरी मां ने मुझे मौसी के यहां भेज दिया।

हमारे घर में रेनोवेशन का काम चल रहा था, और धूल-मिट्टी बहुत थी।

मेरी मां ने सोचा कि मैं कुछ दिन मौसी के यहां रहकर आऊं।

मैं भी राजी हो गई क्योंकि मुझे मौसी के यहां का बड़ा घर और स्विमिंग पूल बहुत पसंद था।

मैं मौसी के घर पहुंची।

यह एक बहुत बड़ा बंगला था, जिसमें 6 बेडरूम, एक बड़ा गार्डन, और एक प्राइवेट स्विमिंग पूल था।

मौसी ने मुझे गले लगाया, और मौसा जी ने भी बहुत प्यार से मुझे अंदर बुलाया।

“रेखा बेटा, कितनी बड़ी हो गई हो तुम,” मौसा जी ने मुस्कुराते हुए कहा।

मैं शरमा गई।

मौसा जी की आंखें मुझे कुछ अलग तरह से देख रही थीं, लेकिन मैंने इस पर ध्यान नहीं दिया।

पहले दो दिन तो सब कुछ ठीक चला।

मैं स्विमिंग पूल में तैराकी करती, मौसी के साथ शॉपिंग जाती, और शाम को मौसा जी के साथ बातें करती।

मौसा जी बहुत इंटेलिजेंट थे, और उनसे बात करना मुझे बहुत अच्छा लगता था।

तीसरे दिन की बात है।

मौसी को अचानक अपने मायके जाना पड़ा क्योंकि उनकी मां बीमार थीं।

वो 3 दिन के लिए जा रही थीं।

मौसा जी ने कहा कि वो ऑफिस से छुट्टी ले लेंगे और मेरे साथ रहेंगे।

शाम को, हमने साथ में डिनर किया।

मौसा जी ने वाइन निकाली, और हम दोनों ने पी।

मैं पहली बार वाइन पी रही थी, और थोड़ी चक्कर आने लगी।

मौसा जी ने मुझे सोफे पर बिठाया और मेरे सिर को अपनी गोद में रखा।

“रेखा, तुम बहुत सुंदर हो,” मौसा जी ने अचानक कहा।

“क्या मतलब मौसा जी?” मैंने पूछा।

“मतलब यह कि तुम्हारी मौसी की उम्र जब तुम्हारी उम्र की थी, तब वो भी इतनी ही सुंदर थीं। लेकिन अब… अब मैं उनसे थोड़ा बोर हो गया हूं,” मौसा जी ने कहा।

मैं समझ नहीं पाई कि क्या कहूं।

मौसा जी ने मेरे बालों को सहलाया, और उनका हाथ धीरे-धीरे मेरे चेहरे पर आया।

“रेखा, क्या तुम मुझे पसंद करती हो?” मौसा जी ने पूछा।

“हां मौसा जी, आप बहुत अच्छे हैं,” मैंने कहा।

“नहीं, मेरा मतलब और था। क्या तुम मुझे एक मर्द की तरह पसंद करती हो?” उन्होंने पूछा।

मैं चौंक गई। मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा।

मैं जानती थी कि यह गलत है, लेकिन सच तो यह था कि मैं मौसा जी को बहुत पसंद करती थी।

उनकी पर्सनैलिटी, उनका स्टाइल, और हां, उनकी बॉडी भी।

मैंने कुछ नहीं कहा।

मौसा जी ने मेरे चेहरे को अपने हाथों में लिया और मेरे होठों पर चुंबन कर दिया।

यह एक हल्का सा चुंबन था, लेकिन मेरे शरीर में आग लगा दी।

“मौसा जी, यह गलत है,” मैंने कहा, लेकिन मेरी आवाज कमजोर थी।

“प्यार में कुछ गलत नहीं होता रेखा,” मौसा जी ने कहा।

उन्होंने फिर से मुझे किस किया।

इस बार यह गहरा और लंबा था।

उनकी जीभ मेरे मुंह में घुस गई, और मैंने भी जवाब दिया।

हम एक-दूसरे को किस कर रहे थे—जैसे कोई प्यासा यात्री पानी पी रहा हो।

मौसा जी ने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए।

पहले मेरी टी-शर्ट, फिर मेरी जींस।

मैंने ब्रा और पैंटी पहनी थी।

मौसा जी ने मेरी ब्रा खोली, और मेरे बूब्स बाहर आ गए। वो उन्हें देखते रहे।

“कितने सुंदर बूब्स हैं तुम्हारे,” उन्होंने कहा।

उन्होंने मेरे बूब्स को पकड़ा और चूसना शुरू कर दिया।

मैं आंखें बंद करके आनंद ले रही थी।

उनकी जीभ मेरी निपल्स पर घूम रही थी, और वो कभी-कभी हल्का सा काट भी लेते थे।

“ओह मौसा जी… यह बहुत अच्छा लग रहा है,” मैंने कहा।

“सुरेश बोलो,” उन्होंने कहा।

“सुरेश…,” मैंने धीरे से कहा।

वो और तेजी से चूसने लगे।

मेरे दोनों बूब्स को वो बारी-बारी से चूस रहे थे।

मैं गर्म हो चुकी थी, और मेरी चूत पानी छोड़ने लगी थी।

मौसा जी ने नीचे गए और मेरी पैंटी उतार दी।

मेरी चूत उनके सामने थी—गुलाबी, गीली, और बिल्कुल साफ।

“वाह, कितनी सुंदर चूत है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया।

उनकी जीभ मेरी क्लाइटोरिस पर घूम रही थी, और मैं पागल हो रही थी।

“ओह सुरेश… और तेज चाटो… मजा आ रहा है…,” मैंने कहा।

मौसा जी ने मेरी टांगें फैलाई और और गहराई से चाटना शुरू कर दिया।

उनकी जीभ मेरी चूत के अंदर-बाहर हो रही थी।

मैं झड़ने वाली थी।

“मैं झड़ने वाली हूं…,” मैंने कहा।

“झड़ो मेरी जान, मुझे पसंद है,” मौसा जी ने कहा।

मैं झड़ गई।

मेरी चूत से पानी निकला, और मौसा जी ने उसे चाट लिया। मैं थककर सोफे पर गिर गई।

लेकिन मौसा जी ने अभी अपना काम खत्म नहीं किया था।

उन्होंने अपने कपड़े उतारे। उनका लंड बाहर आया—लगभग 8 इंच लंबा, मोटा, और बिल्कुल कड़ा।

मैंने इतना बड़ा लंड आज तक नहीं देखा था।

“यह… यह तो बहुत बड़ा है,” मैंने कहा।

“डरो मत रेखा, मजा आएगा,” मौसा जी ने कहा।

उन्होंने मुझे बेडरूम में ले जाया और बेड पर लिटाया।

उन्होंने मेरी टांगें फैलाई और अपने लंड का सिरा मेरी चूत पर रखा। धीरे से धक्का दिया।

मैं चिल्लाई—दर्द हो रहा था, लेकिन साथ ही मजा भी आ रहा था। वो धीरे-धीरे अंदर जाने लगे।

“सहन करो रेखा, थोड़ी देर में मजा आएगा,” मौसा जी ने कहा।

उन्होंने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया।

मेरी चूत फटने वाली थी, लेकिन वो इतनी गीली थी कि लंड अंदर चला गया।

मौसा जी ने हिलना शुरू किया—धीरे-धीरे, फिर तेजी से।

“ओह सुरेश… यह बहुत अच्छा है… और तेज करो…,” मैंने कहा।

मौसा जी ने तेजी से धक्के लगाने शुरू कर दिए।

बेड हिल रहा था, और मेरे बूब्स उछल रहे थे।

मैंने उनके कंधे पकड़े, और वो मुझे कसकर चोद रहे थे।

“कैसा लग रहा है?” मौसा जी ने पूछा।

“बहुत अच्छा… आप बहुत अच्छा चोदते हो…,” मैंने कहा।

लगभग 40 मिनट तक चोदने के बाद, मौसा जी झड़ने वाले थे।

“मैं झड़ने वाला हूं,” उन्होंने कहा।

“मेरे अंदर ही छोड़ दो,” मैंने कहा।

उन्होंने अपना वीर्य मेरी चूत में भर दिया—गर्म, गाढ़ा, और बहुत सारा।

मैंने महसूस किया कि वो मेरे अंदर भर रहे हैं। हम दोनों एक-दूसरे में खो गए।

उस रात के बाद, मेरी और मौसा जी की रिश्ता बदल गया।

हम अब प्रेमी थे। मौसी के आने के बाद भी, हम चुपके से मिलते रहे।

जब मौसी सो जातीं, मौसा जी मेरे रूम में आ जाते।

या जब मौसी शॉपिंग पर जातीं, हम घर पर मजे करते।

एक दिन, मैंने मौसी को फोन पर किसी से बात करते सुना।

वो किसी पुरुष से बात कर रही थीं, और वो बहुत इंटीमेट बातें कर रही थीं।

मैं चौंक गई। क्या मौसी का भी किसी के साथ चक्कर था?

मैंने मौसा जी को यह बताया।

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे पता है। मेरी और रेशमा की अंडरस्टैंडिंग है। हम दोनों अपनी-अपनी लाइफ जीते हैं, लेकिन एक-दूसरे का सम्मान करते हैं।”

मैं समझ गई कि यह रिश्ता क्या था।

यह एक ओपन रिलेशनशिप थी, जहां दोनों पार्टनर फ्री थे, लेकिन एक-दूसरे से प्यार भी करते थे।

मेरी छुट्टी खत्म होने वाली थी।

आखिरी रात, मौसा जी ने मुझे बहुत देर तक चोदा।

हमने हर पोजीशन ट्राई की—डॉगी स्टाइल, 69, वुमन ऑन टॉप, स्टैंडिंग।

वो मेरी चूत में झड़े, फिर मेरे मुंह में, फिर मेरी गांड में।

हां, उन्होंने मेरी गांड भी मारी। पहले वो मेरी गांड में उंगली करके उसे ढीला किया, फिर क्रीम लगाकर धीरे से अपना लंड डाला।

पहले दर्द हुआ, लेकिन फिर मजा आने लगा।

“ओह सुरेश… और तेज… मेरी गांड फाड़ दो…,” मैंने कहा।

वो 30 मिनट तक मेरी गांड मारते रहे, फिर मेरी गांड में ही झड़ गए।

अगली सुबह, मैं वापस अपने घर चली गई।

मौसा जी ने मुझे एक सोने का हार और 100,000 रुपये दिए। “यह तुम्हारी पढ़ाई के लिए,” उन्होंने कहा।

मैंने पैसे लिए, लेकिन मैं जानती थी कि यह सिर्फ पैसों के लिए नहीं था। मैं मौसा जी से प्यार करती थी, और वो भी मुझसे प्यार करते थे।

आज भी, जब भी मौसी के यहां जाती हूं, हम मिलते हैं। मेरी शादी हो गई है, लेकिन मेरे पति को कुछ पता नहीं है।

मौसा जी भी अब और भी ज्यादा हैंडसम हो गए हैं, और हमारा रिश्ता उतना ही मजबूत है।

तो यह थी मेरी कहानी।

अगर आपको पसंद आई हो तो जरूर बताना।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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