पति का लंड छोटा था इसलिए पड़ोसियों से चुदवाई

meri aur padosi fuck story

हाय दोस्तों, मेरा नाम सुनीता है। मेरी उम्र 28 साल है, और मेरा फिगर 36-30-38 है।

मेरी हाइट 5 फीट 6 इंच है, और मैं दिखने में काफी सुंदर हूं।

मेरी शादी को 2 साल हो चुके हैं, लेकिन मैं अपने पति से बिल्कुल भी खुश नहीं हूं।

उनका नाम रमेश है, और वो एक सरकारी दफ्तर में क्लर्क हैं।

उनकी उम्र 35 साल है, लेकिन वो सेक्स के मामले में बिल्कुल भी अच्छे नहीं हैं।

रमेश का लंड बहुत छोटा है—लगभग 4 इंच का।

और सबसे बड़ी समस्या यह है कि वो बहुत जल्दी झड़ जाते हैं।

जब भी हम सेक्स करते हैं, वो 1-2 मिनट में ही अपना काम खत्म कर लेते हैं।

मैं हमेशा अधूरी रह जाती हूं।

मेरी चूत प्यासी रह जाती है, और मैं रात भर तड़पती रहती हूं।

मैं एक घर में काम करती हूं—खाना बनाने का काम।

उस घर के मालिक का नाम राघव है। उनकी उम्र 30 साल है, और वो एक बिजनेसमैन हैं।

उनकी शादी को सिर्फ 1 साल हुआ है, और उनकी पत्नी का नाम है ट्विंकल।

ट्विंकल बहुत सुंदर है—उसका फिगर 34-26-36 है, और वो मॉडल जैसी दिखती है।

पिछले महीने, ट्विंकल अपने मायके गई है—अपने पेरेंट्स के पास देहरादून।

वो 3 महीने के लिए गई है, क्योंकि उसकी मां बीमार हैं। अब राघव अकेले हैं उस बड़े से बंगले में।

राघव मुझे बहुत पसंद करते हैं। वो मेरे काम की तारीफ करते हैं, और मुझे अक्सर टिप्स भी देते हैं।

लेकिन मैंने कभी उनकी नीयत के बारे में नहीं सोचा था—जब तक कि उस दिन की बात नहीं हुई।

वो दिन शुक्रवार का था। मैं सुबह 9 बजे काम पर पहुंची।

राघव घर पर ही थे—ऑफिस से छुट्टी ली थी। मैंने नाश्ता बनाया, और हम दोनों ने साथ में खाया।

“सुनीता, तुम्हारे पति कैसे हैं?” राघव ने पूछा।

“ठीक हैं साहब,” मैंने कहा।

“और तुम? तुम खुश हो?” उन्होंने पूछा।

मैं चौंक गई। “क्या मतलब साहब?”

“मतलब यह कि मैंने देखा है—तुम्हारे चेहरे पर खुशी नहीं है। कुछ तो बात है,” राघव ने कहा।

मेरी आंखों में आंसू आ गए।

मैंने सब कुछ बता दिया—रमेश के छोटे लंड के बारे में, उनके जल्दी झड़ जाने के बारे में, और मेरी अधूरी प्यास के बारे में।

राघव ने मुझे धीरे से अपने कंधे पर हाथ रखा। “सुनीता, रो मत। मैं समझ सकता हूं तुम्हारी परेशानी।”

“आप कैसे समझ सकते हैं साहब? आपकी तो ट्विंकल बहुत सुंदर है, और आप दोनों तो…” मैंने कहा।

“ट्विंकल और मेरा रिश्ता ठीक नहीं चल रहा है। वो… वो सेक्स में इंटरेस्टेड नहीं है। वो हमेशा मना कर देती है। मैं भी 3 महीनों से अकेला हूं,” राघव ने कहा।

हम दोनों एक-दूसरे को देख रहे थे। दोनों अधूरे, दोनों प्यासे।

“सुनीता, क्या तुम…” राघव ने अपनी बात अधूरी छोड़ दी।

“क्या साहब?” मैंने पूछा।

“कुछ नहीं,” उन्होंने कहा।

लेकिन मैं समझ गई थी।

मैं खड़ी हुई और राघव के पास गई। “साहब, अगर आप चाहें तो…”

राघव ने मुझे देखा। उनकी आंखों में वो चमक थी जो मैं पहचानती थी—वो प्यास, वो लालसा।

उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और खींचा।

मैं उनकी गोद में बैठ गई।

उन्होंने मेरे चेहरे को अपने हाथों में लिया और मेरे होठों पर चुंबन किया।

वो एक लंबा, गहरा चुंबन था। उनकी जीभ मेरे मुंह में घुस गई, और मैंने भी जवाब दिया।

हम एक-दूसरे को किस कर रहे थे—जैसे दो प्यासे यात्री पानी पी रहे हों।

राघव ने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए।

पहले मेरी साड़ी, फिर मेरी ब्लाउज। मैंने ब्रा नहीं पहनी थी—घर में कौन पहनता है।

मेरे बूब्स बाहर आ गए—बड़े, गोल, और सुंदर।

“वाह सुनीता, क्या बूब्स हैं तुम्हारे,” राघव ने कहा।

उन्होंने मेरे बूब्स को पकड़ा और चूसना शुरू कर दिया।

मैं आंखें बंद करके आनंद ले रही थी।

यह अनुभब बहुत अलग था—रमेश कभी ऐसे नहीं करते थे। वो तो बस अपना काम निपटाते थे।

राघव ने मेरी पेटीकोट उतारी।

मैं सिर्फ पैंटी में थी। उन्होंने मेरी पैंटी भी उतार दी।

मेरी चूत साफ थी—मैंने कल ही शेव की थी। वो गुलाबी, सुंदर, और गीली थी।

“कितनी सुंदर चूत है तुम्हारी,” राघव ने कहा।

उन्होंने मुझे सोफे पर लिटाया और मेरी टांगें फैलाईं। फिर वो मेरी चूत को चाटने लगे।

उनकी जीभ मेरी चूत पर घूम रही थी—कभी क्लाइटोरिस, कभी छेद, कभी अंदर।

“ओह साहब… यह बहुत अच्छा लग रहा है,” मैंने कहा।

“राघव बोलो,” उन्होंने कहा।

“राघव… राघव जी…” मैंने कहा।

वो और तेजी से चाटने लगे। मैं झड़ने वाली थी।

मैंने उनके सिर को पकड़ा और अपनी चूत पर और जोर से दबाया।

“आह… आह… मैं झड़ने वाली हूं,” मैंने कहा।

“झड़ो, मुझे पसंद है,” राघव ने कहा।

मैं झड़ गई। मेरी चूत से पानी निकला, और राघव ने उसे चाट लिया।

मैं थककर लेट गई, लेकिन राघव ने अभी अपना काम खत्म नहीं किया था।

उन्होंने अपने कपड़े उतारे।

उनका लंड बाहर आया—8 इंच लंबा, मोटा, और कड़ा।

मैंने इतना बड़ा लंड आज तक नहीं देखा था। रमेश का तो आधा भी नहीं था।

“यह… यह बहुत बड़ा है,” मैंने कहा।

“डरो मत, मजा आएगा,” राघव ने कहा।

उन्होंने मुझे बेडरूम में ले गए और बेड पर लिटाया।

फिर वो मेरे ऊपर आ गए। उन्होंने अपने लंड का सिरा मेरी चूत पर रखा और धीरे से धक्का दिया।

मैं चिल्लाई—दर्द हो रहा था। लेकिन साथ ही मजा भी आ रहा था। वो धीरे-धीरे अंदर जाने लगे।

“सहन करो सुनीता, थोड़ी देर में मजा आएगा,” राघव ने कहा।

उन्होंने अपना पूरा लंड मेरे अंदर डाल दिया।

मेरी चूत फटने वाली थी, लेकिन वो इतनी गीली थी कि लंड अंदर चला गया।

राघव ने हिलना शुरू किया। धीरे-धीरे, फिर तेजी से।

मैं आंखें बंद करके आनंद ले रही थी। उनका लंड मेरी चूत की गहराई में जा रहा था—जहां रमेश का लंड कभी नहीं पहुंच पाता था।

“ओह राघव… यह बहुत अच्छा है… और तेज करो,” मैंने कहा।

राघव ने तेजी से धक्के लगाए। बेड हिल रहा था। मैं झड़ने वाली थी फिर से।

“मैं झड़ने वाली हूं,” मैंने कहा।

“मैं भी आ रहा हूं,” राघव ने कहा।

हम एक साथ झड़े। राघव ने अपना वीर्य मेरी चूत में छोड़ दिया—गर्म, गाढ़ा, और बहुत सारा। मैंने महसूस किया कि वो मेरे अंदर भर रहे हैं।

कुछ देर बाद, जब हमारी सांसें सामान्य हुईं, राघव ने मुझे गले लगाया। “तुम बहुत अच्छी हो सुनीता।”

“आप भी,” मैंने कहा।

“अब से, जब भी तुम आओ, हम यही करेंगे। तुम्हें कोई प्रॉब्लम तो नहीं?” राघव ने पूछा।

“बिल्कुल नहीं,” मैंने मुस्कुराते हुए कहा।

उस दिन के बाद, मेरी जिंदगी बदल गई। मैं रोज सुबह 9 बजे राघव के घर जाती, और शाम को 5 बजे तक हम दोनों मजे करते। रमेश को कुछ पता नहीं चला—वो अपने ऑफिस में व्यस्त रहते थे।

राघव मुझे हर तरह से चोदते—कभी मिशनरी में, कभी डॉगी स्टाइल में, कभी मेरे ऊपर बैठकर।

उन्होंने मुझे 69 पोजीशन भी सिखाई। मैं उनका लंड चूसती, और वो मेरी चूत चाटते।

एक दिन, राघव ने अपने दोस्त सलमान को भी बुला लिया।

सलमान की उम्र 32 साल थी, और वो भी बहुत हैंडसम था।

उसका लंड 7 इंच का था, और वो बहुत मजबूत था।

राघव ने मुझे प्रपोज किया—”सुनीता, क्या तुम सलमान के साथ भी करोगी?”

मैंने पहले तो मना किया, लेकिन फिर मान गई। सलमान आया, और हम तीनों ने मजे किए।

राघव मेरी चूत चोद रहे थे, और सलमान मेरे मुंह में थे। फिर उन्होंने स्विच किया।

वो दिन मेरे लिए अविस्मरणीय था। दो मर्द, एक औरत, और अनगिनत ऑर्गेज्म्स।

आज, 2 महीने बाद, ट्विंकल वापस आ गई है।

लेकिन राघव और मेरा रिश्ता जारी है।

हम अब भी मिलते हैं—चुपके से, जब ट्विंकल ऑफिस जाती है या शॉपिंग पर।

राघव ने मुझे एक फ्लैट भी दिलवा दिया है—उसी कॉलोनी में, उनके घर से कुछ दूर।

अब मैं वहां जाती हूं, और वो आते हैं। हमारा रिश्ता अब और भी सेफ हो गया है।

रमेश को अभी भी कुछ पता नहीं है।

वो अपनी दुनिया में खुश हैं, और मैं अपनी दुनिया में।

मैंने सोचा था कि शायद मैं रमेश को छोड़ दूंगी, लेकिन फिर मुझे लगा कि यह सही नहीं होगा।

रमेश अच्छे इंसान हैं, बस सेक्स में कमजोर हैं।

तो मैंने यह तय किया कि मैं दोनों को रखूंगी—रमेश को पति के रूप में, और राघव को प्रेमी के रूप में। यह डबल लाइफ मुझे सूट करती है।

कल राघव ने मुझे फोन किया।

उन्होंने कहा कि ट्विंकल अगले महीने फिर से अपने मायके जा रही है—इस बार 6 महीनों के लिए।

मैं बहुत खुश हूं। 6 महीने—यह बहुत लंबा समय है। हम बहुत मजे करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि वो एक और दोस्त को इनवाइट करना चाहते हैं—शाहरुख।

मैंने हां कह दी है। मैं अब खुले विचारों वाली हो गई हूं।

एक सेक्स, दो सेक्स, तीन सेक्स—मुझे अब कोई फर्क नहीं पड़ता।

मुझे बस मजा चाहिए, और वो मुझे मिल रहा है।

तो यह थी मेरी कहानी।

अगर आपको पसंद आई हो तो जरूर बताना।

मैं और भी कहानियां सुनाऊंगी।

धन्यवाद।

आपकी चुदकड़ सुनीता!

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

1 thought on “पति का लंड छोटा था इसलिए पड़ोसियों से चुदवाई”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top