suhagraat wife group chudai kahani
मेरा नाम राकेश पांडे है। मेरी उम्र 28 साल है और मेरी हाइट 5 फीट 10 इंच है।
मैंने हमेशा से अपने शरीर को लेकर गर्व महसूस किया था – मेरी एथलेटिक बॉडी, चौड़ी छाती, और मस्कुलर बाहें।
लेकिन जब बात आती थी मेरे निजी अंग की, तो मैं अंदर ही अंदर कांप उठता था। मेरा लंड सिर्फ 5 इंच का था, और यह बात मुझे हमेशा परेशान करती थी।
मैंने पॉर्न वीडियोज़ में देखा था कि कैसे लड़कियां बड़े-बड़े लंडों से चुदवाती हैं और फिर भी संतुष्ट नहीं होतीं।
मुझे लगता था कि मैं किसी भी औरत को खुश नहीं कर सकता। यह डर मेरे दिल में गहराई तक बैठ गया था।
फिर एक दिन मैंने एक डेटिंग ऐप पर संगीता से बातचीत शुरू की।
संगीता… उसका नाम सुनते ही मेरा दिल धड़कने लगता था।
वह 26 साल की खूबसूरत लड़की थी, उसकी फिगर 36-32-38 थी – गोल-गोल दूध, मीडियम साइज़ की कमर, और फैली हुई गांड। उसकी तस्वीरें देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था।
हम दोनों ने बहुत सारी बातें कीं। दिन रात चैटिंग होती रही।
एक दिन, जब हम रात को फोन पर बात कर रहे थे, तो संगीता ने अचानक पूछा, “राकेश, क्या मेरी बात सुनते हुए तुम्हारा लंड खड़ा होता है?”
मैंने शरमा कर कहा, “हां, बहुत जोर से।”
वह खुश हो गई और बोली, “यानी हम दोनों एक-दूसरे से सच्चा प्यार करते हैं। लंड का खड़ा होना ही सच्चे प्यार की निशानी है।”
उस दिन के बाद से हमारी बातचीत और भी गहरी हो गई।
हम फोन पर सेक्स की बातें करने लगे।
मैं उसे बताता कि मैं उसे कैसे चोदूंगा, कैसे उसके निप्पल चूसूंगा, कैसे उसकी बुर में अपना लंड घुसेड़ूंगा।
एक रात, जब हम दोनों गर्म हो रहे थे, तो संगीता ने पूछा, “राकेश, सच-सच बताओ, तुम्हारा लंड कितना बड़ा है?”
मैंने हिचकिचाते हुए कहा, “पांच इंच का है, मेरी जान।”
फोन पर एक लंबी खामोशी छा गई।
फिर संगीता ने कहा, “इतना छोटा? मुझे तो 10 इंच के लंड से चुदवाना था। मैंने हमेशा से सपना देखा था कि मेरी सुहागरात एक बहुत बड़े लंड वाले मर्द से होगी जो मुझे रात भर चोदेगा और मेरी बुर को ठीक से चोदकर मेरी प्यास बुझाएगा।”
मैं बहुत शर्मिंदा हुआ। मुझे लगा कि अब संगीता मुझे छोड़ देगी।
लेकिन उसने कहा, “कोई बात नहीं, प्यार तो प्यार है। लेकिन मेरी एक शर्त है – मेरी सुहागरात बहुत खास होनी चाहिए। मैं चाहती हूं कि मुझे बड़े-बड़े लंड वाले मर्द चोदें ताकि मैं उस याद को जिंदगी भर याद रख सकूं।”
मैंने सोचा, अगर मैं संगीता को सच्चा प्यार करता हूं, तो मुझे उसकी खुशी सबसे ज्यादा मायने रखती है। मैंने एक फैसला किया।
मैंने इंटरनेट पर खोजबीन शुरू की और दो नाइजीरियन मर्दों से संपर्क किया।
वे दोनों बहुत बड़े काले मर्द थे, उनके लंड 12 इंच से भी बड़े थे और मोटाई भी अजीब थी।
मैंने उनसे बात की और उन्हें पैसे देकर अपनी बीवी को चोदने के लिए राजी कर लिया।
हमने शादी गुरुग्राम में रखी। सारी रस्में निपटाने के बाद, सुहागरात की रात आ गई।
संगीता ने पारदर्शी शॉर्ट फ्रॉक पहनी थी, जिसके अंदर उसकी लाल ब्रा और पैंटी साफ दिख रही थीं।
उसके गोल-गोल चूचियां फ्रॉक में कैद होकर भी झांक रहे थे। उसके निप्पल नार्मल साइज़ से काफी बड़े और मोटे थे इसलिए कपड़े पर साफ़ नजर आ रहे थे।
मैं कमरे में गया। संगीता दुपट्टे से अपना चेहरा ढंके बैठी थी। मैंने धीरे से उसका दुपट्टा उठाया।
वह बहुत खूबसूरत लग रही थी – उसके गालों पर शराबी लाली थी, आंखों में कामुकता, और होंठों पर मुस्कान।
“राकेश,” उसने प्यार से कहा, “आज मेरी सुहागरात है। मुझे वादा करो कि तुम मुझे वो खुशी दोगे जिसकी मैं हकदार हूं।”
मैंने कहा, “प्यारी, मैंने तुम्हारे लिए एक सरप्राइज रखा है।”
हम दोनों बिस्तर पर बैठे और रोमांटिक बातें करने लगे।
मैंने उसके होंठ चूमे, उसके गालों पर किस किए। वह मेरे लंड को सहला रही थी।
“तुम्हारा लंड तो बहुत छोटा है,” उसने कहा, “काश यह 12 इंच का होता तो मजा आ जाता। मैं तो पूरी रांड की तरह चुदवाती।”
मैंने कहा, “अगर ऐसा हो तो?”
“तो मैं खुशी से मर जाती,” वह बोली।
ठीक उसी वक्त, दरवाजा खुला और दो काले नाइजीरियन मर्द अंदर आए।
वे दोनों नंगे थे, और उनके बीच में जो लंड लटक रहे थे, वह देखकर संगीता की आंखें खुली रह गईं।
एक का लंड तो 12 इंच से भी बड़ा था – काला, मोटा, और नसों से भरा हुआ। दूसरे का भी उतना ही बड़ा था, लेकिन थोड़ा और मोटा।
संगीता खुशी से उछल पड़ी।
“यह क्या है, राकेश?” उसने पूछा।
मैंने कहा, “यह तुम्हारी सुहागरात का तोहफा है, प्यारी। ये दोनों मर्द आज रात तुम्हें चोदेंगे। वो खुशी जो मैं तुम्हें नहीं दे सकता, ये दोनों देंगे।”
संगीता की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। वह उठी और उन दोनों की तरफ दौड़ी…
संगीता उन दोनों काले मर्दों के पास गई।
उसकी पारदर्शी फ्रॉक हवा में उड़ रही थी, और उसके अंदर का सफेद बदन चमक रहा था।
उसके चूचे – वो 36 इंच के गोल-गोल दूध भरे मांस के पहाड़ – फ्रॉक में कैद होकर भी हिलते हुए अपनी उपस्थिति का एहसास करा रहे थे।
उसके निप्पल मोटे होकर कपड़े पर नजर आ रहे थे, जैसे दो छोटे-छोटे पहाड़ हों।
“ओह माय गॉड,” संगीता ने कहा, उसकी आवाज कांप रही थी, “ये लंड तो इतने बड़े हैं।”
पहला नाइजीरियन, जिसका नाम उबा था, आगे बढ़ा।
उसका लंड 13 इंच लंबा था और इतना मोटा कि संगीता का हाथ उसे नहीं घेर सकता था।
दूसरा, जिसका नाम चुक्वुमा था, उसका लंड 12 इंच का था लेकिन उबा से भी ज्यादा मोटा – जैसे कोई लोहे की रॉड हो।
संगीता ने उबा के लंड को हाथ में लिया।
उसकी उंगलियां उस काले लंड के चारों ओर नहीं मिल पा रही थीं।
“यह तो इतना मोटा है,” उसने कहा, “मेरी बुर में यह कैसे जाएगा?”
चुक्वुमा पीछे से आया और संगीता की कमर पकड़ ली।
उसने अपना लंड संगीता की गांड पर रगड़ना शुरू कर दिया।
संगीता सिसकी, “उह्ह्ह… यह तो गर्म भी है।”
मैं कोने में बैठा देख रहा था।
मेरा छोटा सा 5 इंच का लंड पैंट में खड़ा हो रहा था, लेकिन मुझे पता था कि मैं कभी भी वो खुशी नहीं दे सकता जो ये दोनों देने वाले थे।
उबा ने संगीता का दुपट्टा खींचा और फेंक दिया। फिर उसने उसकी फ्रॉक के बटन खोलने शुरू किए।
एक-एक करके सारे बटन खुले और फ्रॉक नीचे गिर गई। अब संगीता सिर्फ सफेद ब्रा और पैंटी में थी।
“वाह,” चुक्वुमा ने कहा, “यह तो बहुत गोरी और खूबसूरत है। इसके दूध देखो कितने बड़े हैं।”
उबा ने संगीता की ब्रा के हुक खोले।
जैसे ही ब्रा खुली, संगीता के दोनों दूध बाहर आ गए – गोल, मुलायम, और उसके निप्पल गुलाबी रंग के, मोटे और खड़े हुए।
उबा ने दोनों हाथों से संगीता के स्तन पकड़ लिए और उन्हें दबाने लगा।
“उह्ह्ह… दबाओ और जोर से,” संगीता कराही, “मेरे निप्पलों को चूसो।”
उबा झुका और संगीता के एक निप्पल को मुंह में ले लिया।
वह जोर-जोर से चूसने लगा, कभी दांतों से काटता, कभी जीभ से रगड़ता। संगीता के मुंह से सिसकियां निकल रही थीं।
चुक्वुमा ने संगीता की पैंटी नीचे खींची। उसकी चूत साफ शेव की हुई थी, गुलाबी और गीली।
चुक्वुमा ने उंगली डाली और अंदर-बाहर करने लगा।
“ओह्ह्ह… यह तो बहुत गीली है,” चुक्वुमा बोला, “इसकी बुर तो पानी छोड़ रही है।”
संगीता ने उबा का लंड पकड़ा और उसे अपने मुंह के पास ले आई।
वह उस विशाल काले लंड को देखकर डरी भी थी और उत्साहित भी।
“इतना बड़ा लंड,” उसने कहा, “मैंने कभी नहीं देखा।”
वह जीभ निकालकर उबा के लंड के सुपारे पर चाटने लगी।
सुपारा बैंगनी रंग का था और इतना बड़ा कि संगीता का मुंह उस पर फिट नहीं हो रहा था।
फिर भी वह कोशिश करती रही, उसे चूसती रही, थूक लगाकर गीला करती रही।
चुक्वुमा ने संगीता को घुटनों के बल बैठा दिया और पीछे से उसकी गांड में अपनी उंगली डाल दी।
“आह्ह्ह… धीरे,” संगीता चीखी, “पहले मेरी बुर चोदो, फिर गांड मारना।”
लेकिन चुक्वुमा ने उसकी एक न सुनी। उसने अपना लंड संगीता की गांड के छेद पर रखा और धीरे-धीरे अंदर धकेलना शुरू किया।
“उह्ह्ह… मर गई,” संगीता चिल्लाई, “इतना मोटा लंड… मेरी गांड फट जाएगी।”
लेकिन चुक्वुमा धीरे-धीरे अपना लंड अंदर डालता रहा।
संगीता की गांड बहुत टाइट थी, लेकिन उसने धीरे-धीरे उसे ढीला कर दिया।
संगीता ने मुझे बताया था की कैसे वह कई लौड़े से बुर और गांड को पेलवा चुकी थी, इसलिए उसका गांड थोड़ा ढीला था लेकिन इन लंडों के आगे तो फिर भी ज्यादा फैला हुआ नहीं था.
अब संगीता दोनों छेदों में लंड ले रही थी – मुंह में उबा का और गांड में चुक्वुमा का।
मैं देख रहा था कि मेरी बीवी कैसे दो बड़े काले लंडों का आनंद ले रही थी।
उसके चेहरे पर वो खुशी थी जो मैं कभी नहीं दे सकता था।
दस मिनट तक चुक्वुमा ने संगीता की गांड मारी। वह जोर-जोर से धक्के लगा रहा था, और संगीता की गांड में उसका पूरा 12 इंच का लंड अंदर-बाहर हो रहा था।
संगीता चिल्ला रही थी, “ओह्ह्ह… चोदो… और जोर से चोदो… मेरी गांड फाड़ दो… मैं रांड हूं… मुझे चोदो…”
उबा ने अपना लंड संगीता के मुंह से बाहर निकाला और उसे बिस्तर पर लिटा दिया।
“अब मैं इसकी बुर चोदूंगा,” उबा बोला।
संगीता ने अपने पैर फैला दिए। उसकी बुर गीली और लाल हो चुकी थी।
उबा ने अपने लंड पर थूक लगाया और संगीता की बुर के मुंह पर रख दिया।
“धीरे से डालना,” संगीता ने कहा, “मेरी बुर छोटी है, तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है।”
उबा ने धीरे से धक्का लगाया।
उसका सुपारा अंदर घुसा और संगीता चीख पड़ी, “आह्ह्ह… मर गई… इतना मोटा…”
लेकिन उबा रुका नहीं। वह धीरे-धीरे अपना लंड अंदर डालता रहा।
एक इंच, दो इंच, तीन इंच… संगीता की बुर फैलती जा रही थी। उसके मुंह से आवाजें निकल रही थीं, “उह्ह्ह… अह्ह्ह… ओह्ह्ह…”
आखिरकार उबा का पूरा 13 इंच का लंड संगीता की बुर में समा गया। संगीता की आंखें बाहर निकलने को आई थीं।
“मेरी बुर में पूरा लंड घुस गया,” उसने कहा, “मुझे इतना गहरा कभी नहीं चोदा गया।”
उबा ने धक्के लगाने शुरू किए। धीरे-धीरे पहले, फिर तेजी से। बिस्तर कांपने लगा।
संगीता की चूचियां उछल रही थीं, उसके निप्पल खड़े होकर हवा में कांप रहे थे।
“चोदो मुझे,” संगीता चिल्ला रही थी, “तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है… मेरी बुर को फाड़ दो… मैं तुम्हारी रांड हूं… और जोर से चोदो…”
दस मिनट तक उबा ने संगीता की बुर मारी।
वह अलग-अलग पोजीशन में चोदता रहा – कभी मिशनरी, कभी डॉगी स्टाइल, कभी संगीता को अपनी गोद में बिठाकर। संगीता दो बार झड़ चुकी थी, उसकी बुर से पानी निकल रहा था।
अब चुक्वुमा की बारी थी। उसने संगीता को उल्टा लिटाया और उसकी गांड में अपना लंड डाला।
संगीता की गांड पहले से ही ढीली हो चुकी थी, इसलिए इस बार ज्यादा दर्द नहीं हुआ।
चुक्वुमा ने जोर-जोर से धक्के लगाए, और संगीता की गांड में अपना लंड पेलता रहा।
“मेरी गांड फाड़ दो,” संगीता चिल्ला रही थी, “मैं गांड मरवाने वाली रांड हूं… और जोर से… मरो मुझे…”
दस मिनट तक चुक्वुमा ने संगीता की गांड मारी।
वह झड़ने वाला था, इसलिए उसने अपना लंड बाहर निकाला और संगीता के मुंह में डाल दिया। संगीता ने उसका सारा वीर्य पी लिया।
अब उबा ने संगीता को कुतिया की तरह बनाया और पीछे से उसकी बुर में अपना लंड डाल दिया।
वह जोर-जोर से धक्के लगाने लगा, और संगीता की चूचियां हिल रही थीं।
उबा भी झड़ने वाला था, उसने अपना वीर्य संगीता की बुर में ही छोड़ दिया। गर्म वीर्य संगीता की बुर में भर गया और बाहर बहने लगा।
संगीता थक कर लेट गई, लेकिन उसकी आंखों में अभी भी लालसा थी। “और चाहिए?” मैंने पूछा।
“हां,” उसने कहा, “मैं दोनों को एक साथ लेना चाहती हूं। मेरी बुर में दोनों लंड एक साथ।”
संगीता ने खुद को तैयार किया। उबा बिस्तर पर लेट गया और संगीता उसके ऊपर बैठ गई, उसका लंड संगीता की बुर में चला गया।
अब चुक्वुमा आगे आया। उसने अपना लंड संगीता की बुर में पहले से मौजूद उबा के लंड के साथ डालने की कोशिश की।
“धीरे से,” संगीता कराही, “मेरी बुर बहुत टाइट है, दो लंड नहीं समाएंगे।”
लेकिन चुक्वुमा ने थूक लगाया और अपने लंड को उबा के लंड के ऊपर रखकर धकेलना शुरू किया।
संगीता की बुर फैल रही थी, उसे बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन वह सहन करती रही।
“आह्ह्ह… मेरी बुर फट रही है,” संगीता चीखी, “दोनों लंड एक साथ… इतने मोटे… मर गई…”
धीरे-धीरे, चुक्वुमा का लंड भी संगीता की बुर में घुस गया।
अब दोनों काले लंड उसकी एक बुर में थे – एक नीचे से, एक ऊपर से।
संगीता की बुर पूरी तरह से भरी हुई थी, उसकी चूत फैलकर लाल हो गई थी।
“अब चोदो,” संगीता ने कहा, “दोनों एक साथ धक्के लगाओ।”
उबा और चुक्वुमा ने एक साथ धक्के लगाने शुरू किए। जब एक अंदर जाता, तो दूसरा बाहर आता।
संगीता की बुर में दो मोटे लंड अंदर-बाहर हो रहे थे।
उसके मुंह से अजीब-अजीब आवाजें निकल रही थीं, “उह्ह्ह… अह्ह्ह… ओह्ह्ह… मादरचोद… बहनचोद… और जोर से… मेरी बुर फाड़ दो…”
संगीता की चूचियां दोनों मर्दों के बीच कुचली जा रही थीं।
उसके निप्पल दोनों ने पकड़ रखे थे और खींच रहे थे। संगीता को दर्द और मजा दोनों एक साथ मिल रहा था।
“मैं झड़ने वाली हूं,” संगीता चिल्लाई, “और जोर से… मेरी बुर को रगड़ो…”
दोनों मर्दों ने जोर से धक्के लगाए और संगीता झड़ गई। उसकी बुर से पानी निकला और दोनों लंडों को गीला कर दिया।
लेकिन वे रुके नहीं, वे चोदते रहे।
पंद्रह मिनट तक दोनों लंड संगीता की बुर में एक साथ अंदर-बाहर होते रहे। संगीता तीन बार झड़ चुकी थी। उसकी बुर पूरी तरह से लाल और फैली हुई थी।
अब चुक्वुमा ने अपना लंड बाहर निकाला और उसे संगीता की गांड पर रख दिया।
“अब गांड में दोनों एक साथ,” उसने कहा।
संगीता डरी, “नहीं, मेरी गांड में दोनों एक साथ नहीं जाएंगे, वह तो फट जाएगी।”
लेकिन चुक्वुमा ने धक्का लगाया। उबा का लंड पहले से ही गांड में था, और चुक्वुमा ने अपना लंड उसके साथ डालने की कोशिश की।
संगीता की गांड बहुत टाइट थी, लेकिन थूक और पसीने से दोनों लंड धीरे-धीरे अंदर घुसने लगे।
“आह्ह्ह… मर गई… मेरी गांड फट गई,” संगीता चीख रही थी, “दोनों लंड… इतने मोटे… मेरी गांड में…”
आखिरकार दोनों लंड संगीता की गांड में समा गए। उसकी गांड पूरी तरह से फैल गई थी, दोनों मोटे काले लंड उसके अंदर थे।
संगीता रो रही थी दर्द से, लेकिन उसकी चूत में मजा भी आ रहा था।
“अब चोदो,” उसने कहा, “मेरी गांड मारो… दोनों एक साथ…”
उबा और चुक्वुमा ने एक साथ धक्के लगाने शुरू किए। संगीता की गांड में दोनों लंड अंदर-बाहर हो रहे थे।
वह रंडियों की तरह चिल्ला रही थी, “उह्ह्ह… और जोर से… मेरी गांड फाड़ दो… मैं तुम्हारी रांड हूं… मारो मुझे… बहनचोद… मादरचोद…”
दस मिनट तक दोनों ने संगीता की गांड मारी। फिर दोनों एक साथ झड़ गए।
उनका गर्म वीर्य संगीता की गांड में भर गया और बाहर बहने लगा। संगीता भी झड़ गई, उसकी बुर से पानी निकलकर बिस्तर पर गिर गया।
दोनों मर्द अलग हो गए और संगीता बिस्तर पर गिर पड़ी। उसकी बुर और गांड दोनों लाल और फैली हुई थीं, से वीर्य बह रहा था।
उसके शरीर पर पसीना था, उसके स्तन उछल रहे थे, उसके निप्पल अभी भी खड़े थे।
मैं पास गया और पूछा, “कैसा लगा?”
संगीता ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह मेरी बेहतरीन सुहागरात थी। तुम्हारा छोटा लंड कभी यह मजा नहीं दे सकता था। अब मैं हमेशा इनसे चुदवाऊंगी।”
मैंने कहा, “मैं खुश हूं कि तुम खुश हो।”
संगीता ने मेरे छोटे लंड को हाथ में लिया और कहा, “तुम्हारा लंड तो इनके सामने कुछ भी नहीं है। लेकिन फिर भी, तुम मेरे पति हो, और मैं तुमसे प्यार करती हूं।”
उस रात, संगीता ने दोनों नाइजीरियन मर्दों से तीन-तीन बार और चुदवाया।
जब तक सुबह नहीं हुई, वह दोनों के लंडों का आनंद लेती रही। मैं देखता रहा और मुठ मारकर काम चलाता रहा, और मुझे अपनी बीवी की खुशी में खुशी मिली।
यह थी मेरी संगीता की सुहागरात – एक छोटे लंड वाले पति की बीवी, जिसे दो बड़े काले लंडों ने चोदकर खुश किया। और जैसा कि मैंने कहा, आगे मैं बताऊंगा कि कैसे मेरा छोटा लंड मेरी बेटी को पसंद आया और वह मेरी रखैल बनी… लेकिन वह कहानी फिर कभी।
NEXT PART: मेरी बेटी मेरी रखैल बनी (21 सितम्बर को पढ़ें)
- मैंने आलिया को अपने लंड से चोदकर अपना बनाया
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नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
This is really amazing 😍🤩 sex story. I loved reading it.
Main Nainital se hun. Aur kaun Nainital se is kahani ko padh raha hai?