sister ki chudai uske dost ke sath ki
बहन के प्रेमी के साथ उसकी चुदाई का लाइव शो देखने और उसमें शामिल होने की कहानी।
दोस्तों, पिछली कहानी में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपनी बहन टीना की चूत की सील तोड़ी और उसे वादा लिया कि वो अपने प्रेमी राहुल को घर लाएगी और मेरे सामने चुदेगी।
यह उसी वादे को पूरा करने की कहानी है।
टीना की चूत मैंने तोड़ी थी उस दिन, लेकिन मेरा मन अभी भी नहीं भरा था।
मैं चाहता था कि टीना को मैं अपने सामने किसी और से चुदवाऊँ।
यह सोचकर ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था कि मेरी बहन किसी और के लंड के नीचे कैसे कराहेगी।
करीब एक हफ्ते बाद टीना मुझे स्कूल से आते समय मिली।
वो बहुत उत्तेजित दिख रही थी।
उसने कहा, “भैया, मैंने राहुल से बात कर ली है। वो कल दोपहर को हमारे घर आएगा। मम्मी-पापा कल ऑफिस जाएँगे, हम दोनों घर पर होंगे।”
मैंने कहा, “ठीक है, लेकिन उसे बता देना कि मैं भी घर पर हूँ। मैं छुपकर तुम दोनों को देखना चाहता हूँ।”
टीना ने कहा, “ठीक है भैया, मैं उसे बता दूँगी।”
उस रात मैं सो नहीं पाया। मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था कि कल मेरी बहन किसी और से चुदेगी और मैं उसे देखूँगा।
यह सोचकर मेरा लंड बार-बार खड़ा हो रहा था।
अगले दिन सुबह मम्मी-पापा ऑफिस चले गए। मैं और टीना घर पर अकेले थे।
टीना ने आज खास तरह से तैयारी की थी।
उसने एक गुलाबी रंग की छोटी सी स्कर्ट पहनी थी जिसमें उसकी गांड साफ झलक रही थी और ऊपर एक टाइट टॉप जिसमें उसके बूब्स उभरे हुए थे।
उसने मेकअप भी किया था और बहुत खूबसूरत लग रही थी।
मैंने उससे कहा, “आज तो तू बिल्कुल रंडी लग रही है। राहुल तो तुझे देखकर पागल हो जाएगा।”
वो शर्माते हुए बोली, “भैया, आप भी ना। मैं तो सिर्फ आपके लिए ही ऐसे तैयार हुई हूँ।”
मैंने कहा, “अच्छा, तो फिर आज मजा आएगा।”
दोपहर को करीब 12 बजे राहुल आ गया।
वो दिखने में 19-20 साल का लड़का था, हाइट 5 फुट 8 इंच, और एथलेटिक बॉडी थी।
टीना ने उसे अंदर बुलाया।
जब वो अंदर आया तो उसने मुझे देखकर पूछा, “यह कौन है?”
टीना ने कहा, “यह मेरे भैया हैं, रोहन। वो भी घर पर हैं, लेकिन तुम चिंता मत करो, वो हमें परेशान नहीं करेंगे। वो अपने कमरे में रहेंगे।”
राहुल ने कहा, “ठीक है, लेकिन मुझे थोड़ा अजीब लग रहा है।”
मैंने कहा, “अरे यार, कोई बात नहीं। तुम दोनों मस्ती करो, मैं तो बस अपने कमरे में ही हूँ।”
मैं अपने कमरे में चला गया लेकिन दरवाज़ा थोड़ा खुला छोड़ दिया ताकि मैं बाहर का नज़ारा देख सकूँ।
टीना और राहुल ड्राइंग रूम में बैठे थे। मैंने देखा कि राहुल टीना को घूर-घूर कर देख रहा था और उसका हाथ उसकी जांघ पर था।
कुछ देर बाद टीना उठी और राहुल से बोली, “चलो मेरे कमरे में चलते हैं, वहाँ ज़्यादा आराम है।”
राहुल मान गया और वो दोनों टीना के कमरे में चले गए।
मैं चुपचाप उनके पीछे गया और कमरे के बाहर से झाँकने लगा।
कमरे का दरवाज़ा बंद नहीं था, बस आधा बंद था।
अंदर का नज़ारा देखकर मेरा दिल धड़कने लगा।
टीना और राहुल बेड पर बैठे थे। राहुल ने टीना को अपनी बाहों में भर लिया और किस करने लगा।
टीना भी उसका पूरा साथ दे रही थी। वो एक-दूसरे के होंठ चूस रहे थे।
करीब 10 मिनट तक वो किस करते रहे।
फिर राहुल ने टीना का टॉप उतारना शुरू किया।
उसने टीना का टॉप खोला और उसकी ब्रा भी।
टीना के गोरे-गोरे बूब्स बाहर आ गए। राहुल उन्हें देखकर पागल हो गया।
उसने तुरंत एक बूब मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया।
टीना आहें भरने लगी, “आह्ह्ह… राहुल… धीरे… बहुत मज़ा आ रहा है…”
राहुल बारी-बारी से दोनों बूब्स चूस रहा था।
उसने टीना के निप्पल्स काटे तो वो और ज़्यादा उत्तेजित हो गई।
फिर राहुल नीचे की तरफ बढ़ा और टीना की स्कर्ट खोलने लगा। उसने स्कर्ट उतार दी।
टीना ने अंदर गुलाबी रंग की पैंटी पहनी थी जो गीली हो चुकी थी।
राहुल ने टीना की पैंटी उतार दी। उसकी चूत सामने आ गई।
राहुल ने कहा, “वाह टीना, तेरी चूत तो बहुत खूबसूरत है।”
टीना शर्माते हुए बोली, “अब चूसो इसे…”
राहुल ने अपना मुँह टीना की चूत पर लगाया और चाटना शुरू कर दिया।
टीना पागल हो रही थी, “आह्ह्ह… हाँ… और चाटो… बहुत मज़ा आ रहा है…”
मैं बाहर से यह सब देख रहा था और मेरा लंड पागलों की तरह खड़ा था।
मैंने अपना लंड निकाला और हिलाने लगा।
करीब 15 मिनट बाद टीना झड़ गई। उसने राहुल के मुँह में अपना पानी छोड़ दिया।
राहुल ने सब पी लिया। फिर टीना ने राहुल के कपड़े उतारे।
राहुल का लंड 6 इंच का था, मोटा और काला। टीना उसे देखकर खुश हो गई।
वो नीचे बैठी और राहुल का लंड चूसने लगी। वो बहुत अच्छे से चूस रही थी, जैसे कोई एक्सपर्ट हो।
राहुल उसके बाल पकड़कर उसके मुँह को आगे-पीछे कर रहा था।
करीब 10 मिनट बाद राहुल ने उसे उठाया और बेड पर लिटाया।
राहुल ने टीना की टांगें फैलाईं और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा।
फिर धीरे से अंदर डाला। टीना चीखी, “आह्ह्ह… धीरे…”
राहुल धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा। टीना को पहले दर्द हुआ लेकिन फिर मज़ा आने लगा।
वो बोली, “हाँ… और तेज़ करो…”
राहुल ने स्पीड बढ़ा दी। थप-थप-थप की आवाज़ कमरे में गूँजने लगी।
टीना के बूब्स हिल रहे थे। करीब 20 मिनट बाद राहुल झड़ गया और उसने अपना वीर्य टीना की चूत में ही छोड़ दिया।
मैं यह सब देखकर पागल हो रहा था।
मैंने सोचा कि अब मेरी बारी है। मैंने दरवाज़ा खोला और अंदर गया।
टीना और राहुल मुझे देखकर चौंक गए।
राहुल ने कहा, “यह क्या है? तुम यहाँ क्या कर रहे हो?”
मैंने कहा, “अरे यार, मैं तो बस देख रहा था। तुम दोनों मजे कर रहे थे, सोचा मैं भी जॉइन कर लूँ।”
टीना ने कहा, “भैया, यह क्या कर रहे हो?”
मैंने कहा, “टीना, तूने वादा किया था कि मेरे सामने चुदेगी। अब मैं भी शामिल होना चाहता हूँ।”
राहुल गुस्से में बोला, “यह क्या बकवास है? मैं जा रहा हूँ।”
मैंने उसे रोका और कहा, “अरे रुको यार, गुस्सा मत करो। आज तो तुम्हें मेरी बहन को दोबारा चोदना है, लेकिन इस बार मेरे साथ मिलकर।”
राहुल थोड़ा सोचने के बाद मान गया।
टीना भी खुश हो गई। अब मेरी बारी थी।
मैंने अपने कपड़े उतारे और अपना 7 इंच का मोटा लंड निकाला।
टीना उसे देखकर खुश हो गई।
वो बोली, “आज तो मज़ा आएगा, दो-दो लंड मिलेंगे मुझे।”
मैंने टीना को घोड़ी बनाया।
राहुल उसके सामने खड़ा हो गया और अपना लंड उसके मुँह में दे दिया।
मैंने पीछे से उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया।
अब टीना दोनों तरफ से चुद रही थी। वो आगे से राहुल का लंड चूस रही थी और पीछे से मैं उसकी चूत मार रहा था।
वो पागल हो रही थी, “आह्ह्ह… बहुत मज़ा आ रहा है… और तेज़ करो दोनों…”
हम दोनों ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगा रहे थे। करीब 30 मिनट तक हम तीनों इसी पोजीशन में रहे।
फिर हमने पोजीशन बदली।
अब राहुल नीचे लेट गया और टीना उसके ऊपर बैठकर उसका लंड अपनी चूत में लेने लगी।
मैं पीछे से उसकी गांड में अपना लंड डालने लगा।
टीना चीख रही थी, “आह्ह्ह… दोनों तरफ से… मर गई… बहुत अंदर जा रहे हो…”
हम दोनों ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगा रहे थे।
टीना दो बार झड़ चुकी थी।
अंत में राहुल ने अपना वीर्य टीना की चूत में छोड़ा और मैंने उसकी गांड में ही झड़ दिया।
हम तीनों थककर बेड पर गिर गए।
टीना बोली, “यह तो बहुत ही अच्छा था। आज मैं पूरी तरह संतुष्ट हूँ।”
उस दिन के बाद हम तीनों मिलकर कई बार चुदाई करते रहे।
टीना अब मेरी और राहुल दोनों की रंडी बन चुकी थी और वो इससे बहुत खुश थी।
नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Lovely story.