पहले सेक्स का मजा फेसबुक वाली ने दिया

nai chut ki chudai kahani

नई चूत की चुदाई कहानी में फेसबुक से एक लड़की मेरी दोस्त बनी, बहुत बातें हुई सेक्स की भी. हमने एग्जाम के बहाने से मिलने का प्रोग्राम बनाया और मैं उसे होटल रूम में ले गया.

नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम अक्षय है और मैं इटावा, उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ।
मेरी उम्र 24 साल है।

यह मेरी पहली सेक्स स्टोरी है, इसमें कोई भी गलती हो तो क्षमा करें।

दोस्तो, मैं अपनी नई चूत की चुदाई कहानी में आज आपको सुनाने वाला हूँ कि कैसे मैंने अपनी सेक्सी गर्लफ्रेंड को रात भर चोद कर जन्नत की सैर कराई।
मेरी लंबाई 5.7 फीट की है और मेरे लंड का साइज 6 इंच का है, जो किसी भी बुर को आराम से फाड़ सकता है।

तो एक दिन मेरे फेसबुक पर एक रिक्वेस्ट आई।
मैंने रिक्वेस्ट स्वीकार करके उसे हेलो बोला.
तो उसने अगले दिन जवाब दिया “हेलो”।

काफी दिनों तक हमारी साधारण बात होती रही।
फिर एक दिन उसका रात में मैसेज आया।

“क्या कर रहे हो?” उसने पूछा।
“दूध पी रहा हूँ।” मैंने कहा।

उसने मजाक में पूछा, “किसका?”
मैंने कहा, “तुम्हारा!”

वह शर्मा गई।
ऐसे ही हमारी सेक्स चैट होती रही.

लेकिन अपनी गर्लफ्रेंड से बात करते-करते मेरा मन अब उसको चोदने को करता था।
वह सांवले रंग की एक कमसिन लड़की थी, उसका नाम हुस्ना था (बदला हुआ)।
वह बिहार की थी लेकिन दिल्ली में जॉब करती थी।
उसकी उम्र 25 साल थी और उसका पहले कोई बॉयफ्रेंड नहीं था, इस वजह से वह आज तक किसी से नहीं चुदी थी।
उसकी लंबाई 5 फीट 5 इंच थी व उसका फिगर 30-28-32 का था।

हम दोनों ने मिलने का प्लान बनाया.
लेकिन वह घर से किसी कारण से कहीं जा नहीं सकती थी।

तो मैंने एग्जाम का बहाना बनाकर उसे आने को कहा।
मेरा एग्जाम लखनऊ में था तो मैंने उसका टिकट बुक कर दिया।

जैसे-जैसे दिन पास आ रहे थे, मैं उसको चोदने के लिए तड़पा जा रहा था।
आखिरकार वह दिन आ ही गया जब हम दोनों मिलने वाले थे।

उस दिन हुस्ना नई दिल्ली से ट्रेन में बैठ गई।
मैं उसको इटावा में मिलता।

जैसे ही मेरा स्टेशन आया, मैं भी अपनी सीट पर आकर बैठ गया।
उसे देखते ही मेरी तो हालत ही खराब हो गई!

हुस्ना अपनी सीट पर सो रही थी और उसकी गांड… आय हाय! क्या मस्त गांड थी उसकी!
ऐसा मन कर रहा था कि उसको ट्रेन में ही पकड़कर चोद दूँ.
लेकिन लोग बैठे हुए थे तो मैंने अपने मन को कंट्रोल किया।

थोड़ी देर बाद हुस्ना उठी।
“हेलो!” उसने मुझे देखकर बोला।
मैंने भी उसके हाल-चाल जाने।

थोड़ी देर बाद लखनऊ आ गया और मैंने मोबाइल पर होटल देखा।
हम दोनों होटल आ गए।
फिर हम दोनों ने फ्रेश होकर खाना खाया।

खाना खाकर ही हम दोनों एक दूसरे पर ऐसे टूट पड़े जैसे कई जन्मों से बिछड़े हों!

मैं उसे 45 मिनट तक किस करता रहा।
फिर उसने मेरे कपड़े उतारे और मैंने उसके।

उसने लाल कलर की ब्रा और काली पैंटी पहनी थी।
उसके चॉकलेटी बूब्स ऐसे लग रहे थे जैसे उनको खा जाऊं!

मैंने उसको पूरी नंगी किया, वह किसी चॉकलेट से कम नहीं लग रही थी।
फिर मैंने उसकी 10 मिनट तक चूत चाटी, फिर वह झड़ गई।

मैंने उससे अपना अंडरवियर उतारने को कहा।
जैसे ही उसने अंडरवियर उतारा, मेरा 6 इंच लम्बा लंड एकदम लोहे जैसा मजबूत खड़ा था!
उसको देखकर उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं।

मैंने उसे अपना लंड चूसने को कहा.
तो उसने मना कर दिया।

मैंने भी ज्यादा समय नष्ट न करते हुए अपने लंड को उसकी चूत पर सेट किया और धक्का मारा.
लेकिन मेरा लंड फिसल गया क्योंकि उसकी चूत बहुत टाइट थी।

मैंने आराम से लंड डालना चाहा लेकिन वह अंदर नहीं गया।

फिर मैंने उसकी चूत चाटकर गीली की और इस बार जोरदार धक्का मारा!

जोरदार धक्का मारते ही हुस्ना की चूत चीरते हुए मेरा आधा लंड अंदर चला गया।
हुस्ना एकदम से तड़प उठी और लंड को बाहर निकालने के लिए कहने लगी।

मैंने अपनी स्पीड थोड़ी कम की, फिर आराम-आराम से स्पीड बढ़ा दी।

मैंने तभी देखा कि हुस्ना को मजा आने लगा है तो मैंने फिर से एक ज़ोर का झटका दे दिया! अब मैंने पूरा लंड उसके चूत के अंदर डाल दिया था।

उसकी चीख निकल पड़ी!
“छोड़ो अक्षय, मुझे बहुत दर्द हो रहा है!” वह चिल्लाई।

मैं फिर भी नहीं रुका।
तकरीबन आधे घंटे तक लगातार मैंने उसको मिशनरी पोजीशन में चोदा।

हम दोनों झड़ गए और सो गए।

रात को एक बजे मेरी नींद खुली।
मेरे सामने हुस्ना बिना कपड़ों के थी और मेरा लंड बुर्ज खलीफा की तरह खड़ा था।
फिर मैंने हुस्ना को कुतिया वाली पोजीशन में चोदा।

अब मेरी नजर हुस्ना की गांड पर थी। क्या चिकनी गांड थी उसकी!

“हुस्ना, मैं तुम्हारी गांड मारना चाहता हूँ!” मैंने उससे कहा।
उसने साफ तौर पर मना कर दिया।

फिर मैंने देखा कि हुस्ना की चूत फूल गई थी और उसे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन चुदने में मज़ा भी आ रहा था।

उस रात मैंने उसको चार बार चोदा, फिर हम दोनों सो गए।

जब सुबह मेरी आँख खुली तो मैंने देखा हुस्ना बाथरूम में नहा रही थी।

उसे देखते ही मेरे लंड ने फिर सलामी दी और मैं बाथरूम में आ गया।

हुस्ना ने जैसे ही मुझे देखा, वह गाली देने लगी।
“मादरचोद! पूरी रात चोदा है तुमने मुझे, मेरी चूत को फाड़ दिया. मैं चल भी नहीं पा रही हूँ!” वह गुस्से में बोली।

उसने अबकी बार चुदने से साफ मना कर दिया था.
लेकिन मेरे मनाने पर वह मान गई।

मैंने उसे नहाते हुए दीवार से सटा कर आधे घण्टे तक चोदा और अपना वीर्य उसके अंदर ही निकाल दिया।

फिर दोपहर में मैंने एग्जाम दिया और हम दोनों घर वापस निकल आए।

हमारी सात-आठ दिन बात नहीं हुई।

अचानक एक दिन उसका फोन आया।
उसने मुझसे गाली देकर कहा, “मादरचोद! तूने ये क्या किया? मेरे पीरियड नहीं आए हैं, मैं शायद प्रेग्नेंट हो गई हूँ!”
वह घबराई हुई थी।

मैंने उसे शांत रहने के लिए कहा और किट खरीदकर चेक करने को कहा।
वह सच में प्रेग्नेंट हो गई थी।

मैंने उसे दवाई लेने को कहा तो वह मान गई।

अब मैं उसको जुलाई में मिलूँगा और उसकी गांड मारूँगा।

दोस्तो, अब मैं अपनी अगली सेक्स कहानी में बताऊंगा कि मैंने कैसे हुस्ना की गांड की चुदाई की।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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