मैं, मेरा दोस्त और उसकी बहन

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हॉट सिस्टर Xxx स्टोरी में मेरे दोस्त की बहन मस्त माल है. वह मुझे अपना जिस्म दिखाकर ललचाया करती थी. मेरा दोस्त भी अपनी बहन को चोदना चाहता था.

दोस्तो, मेरा नाम बँटी है।
यह हॉट सिस्टर Xxx स्टोरी मेरे दोस्त गुड्डू और उसकी दीदी बेबी दी की है।

मैं और गुड्डू एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त थे।
हम आपस में सब कुछ किया करते थे— जैसे कि चुदाई की बातें, एक दूसरे के सामने नंगे हो जाना और कभी-कभी बहुत ज़्यादा बहक जाने पे एक दूसरे की मूठ भी मार दिया करते थे।

हम दोनों से थोड़ी बड़ी थी गुड्डू की बहन बेबी दी।
मैं बेबी दी से बहुत क्लोज था।
मैं और बेबी दी एक ही कोचिंग में पढ़ते थे और साथ में ही आया-जाया करते थे।

बेबी दी पूरी रण्डी टाइप माल थी!
उनकी चूचियाँ ज़बरदस्त थीं और उनकी गाँड की तो बात ही अलग थी।

उनके घर में बाथरूम के बाहर एक नल लगा हुआ था।
कभी-कभी उनके घर की औरतें वहीं पे मूत लेती थीं।
मैंने भी बेबी दी को एक-दो बार वहाँ मूतते देखा था।

उनकी नंगी गांड देख कर मेरे लंड ने तो पानी छोड़ दिया था!

एक बार मैं और गुड्डू एक दूसरे का मूठ मार रहे थे।
मैंने गुड्डू को बोला, “यार, मैंने तुम्हारी बेबी दी की गांड देखी है, एकदम चिकनी थी यार!”
इस पर गुड्डू थोड़ा गुस्सा होकर बोला, “यार वो मेरी बड़ी बहन है, उसके बारे में तो ऐसा मत सोचो!”

मैंने जवाब दिया, “देख यार, यदि तुम्हें बुरा लगा तो सॉरी। पर हम दोनों दोस्त हैं, मैं अपना लंड तेरे हाथ में दिए हुए हूँ, फिर शर्माने वाली कोई बात नहीं है! मुझे पता है कि तुझे भी बेबी दी को नंगा देखना है। और इसमें गलत क्या है यार? जब घर में ही इतनी मस्त चूत हो तो बाहर क्यों जाना! मेरी भी कोई बहन होती ना, तो हम दोनों मिलकर उसको चोदते!”

ऐसा बोलकर मैंने उसके लंड को ज़ोर से दबा दिया।

गुड्डू बोला, “यार बात तो सही है, पर डर लगता है कि बेबी दी मम्मी को ना बता दे!”

मैंने उसे समझाया, “अबे यार, तेरी बहन पूरी रण्डी है! मेरे साथ जब भी होती है ना, जान-बूझकर मुझे अपनी चूचियाँ दिखा देती है। उसे भी चुदने का मन होता रहता है!”

गुड्डू ने हामी भरी, “यार तू सही बोला! कल बेबी दी मेरे कमरे में आयी थी और बिस्तर पर बैठकर बात कर रही थी। उसने जान-बूझकर अपनी स्कर्ट को जाँघों तक खींच रखा था। उसकी पूरी जाँघ देख कर मेरा दिमाग खराब हो रहा था। मन कर रहा था कि पटक कर चोद दूँ साली राँड को!”

मैंने कहा, “तू टेंशन मत ले। मैं तेरी बेबी दी को पटाता हूँ, फिर हम दोनों मिलकर साली की गांड और चूत को चोदेंगे!”

गुड्डू एकदम से खुश हो गया और उसके लंड से फव्वारा छूट गया।
मेरा भी पानी निकल गया।
हम दोनों ने एक दूसरे का लंड साफ़ किया और बेबी दी की चूत का ख्याल मन में रखकर अपने-अपने घर चले गए।

अगले दिन मैं और बेबी दी कोचिंग से वापस घर आ रहे थे।
बेबी दी ने एकदम टाइट जींस पहनी थी जिसमें उनकी गांड का उभार साफ़ दिख रहा था।

मैंने बातों-बातों में कहा, “बेबी दी, आज आप बहुत सेक्सी लग रही हो! आज क्लास में सारे लड़के आप पे लाइन मार रहे थे!”

बेबी दी ने हंसते हुए कहा, “अच्छा! तू भी बड़ा बदमाश हो गया है। सारे लड़कों में तो तू भी है, तब तो तू भी मुझपे लाइन मारता होगा!”
मैंने जवाब दिया, “क्या करूँ बेबी दी, आप हो ही ऐसी! मेरी छोड़ो, आपका भाई गुड्डू भी आप पे लाइन मारता है!”

बेबी दी बोली, “तू सही बोल रहा है, कल वो मेरी जाँघों को बड़े गौर से देख रहा था!”
मैंने चुटकी ली, “यार, उसको अपनी जाँघें दिखाओगी तो वो बेचारा क्यों नहीं देखेगा!”

बातें करते-करते हम घर आ गए, पर उन बातों ने मुझे गरम कर दिया था।
मैं अपने कमरे में जाकर उस राँड को याद करके मूठ ही मार रहा था कि तभी उनका कॉल आ गया।

बेबी दी ने कहा, “क्या कर रहा है बँटी? आ जा मेरी छत पे, बातें करते हैं!”
मैं समझ गया कि वो भी गरम है और आज बात बन सकती है।

थोड़ी देर बाद हम दोनों छत पे थे।

बेबी दी बोली, “यार, मैं अभी जब घर आयी तो गुड्डू एकदम से मुझे ताड़ रहा था!”
मैंने पूछा, “क्या देख रहा था वो आपका, दी?”

बेबी दी ने कहा, “तू भी ना, सब समझता है पर मेरे मुँह से सुनना चाहता है!”
मैंने हिम्मत जुटाकर कहा, “तो ठीक है मैं बोल देता हूँ, यदि आपको बुरा ना लगे तो! गुड्डू आपकी गांड का दीवाना है। चोरी-चोरी आपको ताड़ता रहता है!”

इतना बोलते हुए मैंने उनके चूतड़ पे एक चपत लगा दी!
बेबी दी शर्म से लाल हो गई और कुछ बोल ना पायी।
मैं डर गया कि कहीं उन्हें बुरा तो नहीं लग गया।

मैंने पूछा, “बेबी दी, आपको बुरा तो नहीं लगा?”
बेबी दी बोली, “ना-ना, बुरा तो नहीं लगा, पर साले तुम दोनों बड़े हरामी हो!”

मैंने कहा, “अब क्या करें दीदी, आप इतनी कंटॉप माल हो कि हम दोनों से कंट्रोल नहीं होता! मैंने तो आपकी नंगी गांड भी देखी है एक बार, जब आप बाहर वाले नल पे मूत रही थीं!”

बोलते-बोलते मैं उनके चूतड़ों को बाहर से ही दबाने लगा।
बेबी दी ने तब स्कर्ट पहनी हुई थी।

अब बेबी दी से भी रहा नहीं जा रहा था।
वो भी मेरे लंड को पैंट के ऊपर से सहलाते हुए बोली, “साले हरामी! तुम दोनों तो मुझे चोदने का ख्याल भी दिमाग में लाते होगे!”
मैंने कहा, “हम दोनों डेली आपकी चूत और गांड को याद करके मूठ मारते हैं!”

इतना बोलते ही मैंने उनकी चूचियों को टी-शर्ट के ऊपर से ज़ोर से मसल दिया।

हम दोनों पूरी तरह गरम हो गए थे।
बेबी दी तो पहले से ही चुदने को तैयार बैठी थी, बस थोड़ा भाव खा रही थी।

मैंने उनकी एक चूची को फिर ज़ोर से मसला, तो वो “ऊई!” करके चिल्ला उठी और बोली, “अबे हरामी, दर्द होता है!”

मैंने रिक्वेस्ट की, “बेबी दी, अपनी चूत दिखाओ ना प्लीज़!”
बेबी दी ने कहा, “भोसड़ी के! इधर छत पे क्या मैं नंगी हो जाऊँ? तुझे इतना मन है तो पैंटी में हाथ डाल कर मज़े ले ले। पर एक शर्त है, मेरे सामने तुझे अभी मूठ मारनी होगी!”
मैंने ऑफर दिया, “एक काम करते हैं, मैं आपकी चूत मसलता हूँ और आप मेरी मूठ मारो!”

बेबी दी मान गई, “ठीक है, अपना लंड निकाल!”

मैंने अपना लंड निकाल कर उनके हाथों में दे दिया।
मेरा लंबा और मोटा लंड देखकर वो उसे ज़ोर से पकड़कर बोली, “साले बँटी! तेरा लंड तो ज़बरदस्त है, इससे चुदने में मज़ा आ जाएगा यार!”

मैं इधर बेबी दी की पैंटी में हाथ डाल कर उनकी चूत मसल रहा था और बीच-बीच में उँगली भी कर देता था।
एकदम चिकनी चूत थी, जैसे अभी शेव की हो!

मैंने कहा, “आपको गुड्डू भी चोदना चाहता है दी। आप बोलो तो हम दोनों मिलकर आपकी गांड और चूत बजाएं!”

बेबी दी ने जवाब दिया, “तू अभी गुड्डू को कुछ मत बताना। आज उसको मैं अपने तरीके से आज़माती हूँ!”

बेबी दी मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से ऊपर-नीचे कर रही थी और मैंने चूत छोड़कर उनकी गांड में उँगली डाल दी।
मेरा झड़ने वाला था और अगले 5 सेकंड में मैं उनके हाथों में झड़ गया।
बेबी दी ने मुस्कुराकर अपनी स्कर्ट से मेरा लंड साफ़ किया।

जाते-जाते मैंने उनकी ब्रा में हाथ डालकर चूचियों को फिर मसल दिया।

बेबी दी थोड़ा गुस्सा होकर बोली, “अबे चूतिये! क्या कर रहा है? मेरी चूची है भोसड़ी के, कोई रबर की बॉल नहीं! शुक्र मना कि तेरी कोई बहन नहीं है, वरना उसकी चूचियों को तेरे सामने मैं गुड्डू से मसलवाती और उसकी चूत चुदवा-चुदवा कर भोसड़ा बनवा देती!”
मैंने कहा, “अरे दीदी, गुस्सा क्यों करती हो? आप भी तो मेरी बहन हो, मैंने बचपन से आपको ही अपनी दीदी माना है!”

बेबी दी बोली, “चल ठीक है, और अब छोड़ मेरे चूतड़ मसलना, मैं चलती हूँ!”
वो मेरे गाल पर एक पप्पी देकर अपनी गांड मटकाती हुई चली गई।

अब आगे की कहानी बेबी दी की ज़ुबानी:

दोस्तो, कैसे हो आप? बँटी ने मेरे जिस्म के बारे में तो बता ही दिया है इसलिए अब सीधे कहानी आगे बढ़ाते हैं।

बँटी के लंड का पानी गिरा कर मैं छत से नीचे आ गई।
गुड्डू अपने कमरे में पढ़ रहा था।

मुझे ज़ोर की पेशाब आयी थी तो मैंने बाहर नल पे ही मूतना शुरू कर दिया।

बँटी ने मेरी चूत को इतना मसला था कि पेशाब करते समय “सी-सी” की आवाज़ आ रही थी।
और ये आवाज़ गुड्डू के कमरे तक जा रही थी।

पेशाब करके मैं अपने कमरे में आई और कपड़े बदलकर एक पतली सी नाइटी पहन ली
ब्रा और पैंटी मैंने नहीं पहनी क्योंकि शरीर में थोड़ा दर्द था।

नाइटी के नीचे मेरी चिकनी चूत बिल्कुल नंगी थी।

मैं गुड्डू के कमरे में गई और पूछा, “क्या कर रहा है भाई?”
गुड्डू बोला, “कुछ नहीं दी, आप कहाँ थी?”
मैंने कहा, “मैं छत पे थी, बँटी आया था। तेरे बारे में भी बहुत कुछ बताया उसने!”

इतना बोलते हुए मैंने नाइटी जाँघों के ऊपर कर ली।
गुड्डू की नज़र मेरी चिकनी जाँघों पर थी।

मैं खुद इतनी गरम थी कि मन कर रहा था गुड्डू से कहूँ कि लंड निकाल और चोद डाल मुझे! पापा-मम्मी भी पड़ोस में गए थे, तो मैंने मौके का फायदा उठाने की सोची।

मैंने कहा, “भाई, गर्मी बहुत हो रही है!”
गुड्डू बोला, “हाँ दी, इसलिए तो मैंने टी-शर्ट खोल रखी है और सिर्फ पैंट पहना है!”

मैंने उकसाते हुए कहा, “तुम लड़कों का अच्छा है। हम लड़कियों को पूरा कपड़ा पहनना पड़ता है। मन तो कर रहा है नाइटी उतार दूँ!”

इतना कहकर मैंने नाइटी के दो बटन खोल दिए।
गुड्डू को मेरी चूचियाँ साफ़ दिख रही थीं।

गुड्डू बोला, “खोल दो कपड़े फिर दीदी, मुझसे क्या शर्माना!”
मैंने हंसकर कहा, “अच्छा! बड़ा शरारती हो रहा है। खोल देती, पर अंदर ब्रा और पैंटी भी नहीं पहनी है!”

मेरे इतना बोलते ही गुड्डू समझ गया कि बँटी ने मुझे पटा लिया है।
उसकी आँखें मेरी चूचियों और जाँघों पे गड़ी थीं।

गुड्डू ने कहा, “अभी तो मेरे अलावा घर पे कोई नहीं है दी, आप चाहो तो सिर्फ ब्रा-पैंटी में रह सकती हो। वैसे भी आपकी नंगी जाँघें तो दिख ही रही हैं!”
मैंने कहा, “साले! कितना हरामी है तू। बँटी ने तेरे बारे में सब बता दिया है!”

गुड्डू ने पूछा, “आप गुस्सा तो नहीं हुई ना दी? मैं और बँटी बहुत डरे हुए थे!”
मैंने जवाब दिया, “अब गुस्सा होकर क्या करूँ? मेरा भाई अपनी बहन का माल देखना चाहता है तो मना थोड़ी कर सकती हूँ। वैसे तेरे दोस्त ने आज शुभारंभ कर दिया है!”

गुड्डू की आँखें फटी की फटी रह गईं!
उसने पूछा, “क्या बात कर रही हो दी? बँटी को आपने अपनी चूत दिखा दी आज?”

मैंने बताया, “अरे ना भाई, दिखाया नहीं, पर उसने आज मेरी चूत मसल दी!”

गुड्डू गिड़गिड़ाया, “प्लीज़ दी, मुझे भी अपनी चूत दिखा दो ना! मुझसे रहा नहीं जा रहा। अभी आप मूत रही थी तो आवाज़ आ रही थी, प्लीज़ दिखा दो!”
मैंने कहा, “ठीक है, पर अभी सिर्फ देखना!”

गुड्डू एक्साइटेड होकर बोला, “बेबी दी, हम ब्लू फिल्म जैसा रोल प्ले करते हैं। आप पहले पीछे मुड़कर अपनी गांड दिखाओ, फिर मैं जैसा बोलूँगा वैसा करना। बहुत मज़ा आएगा!”
मैंने कहा, “साले हरामी! मुझे पूरा रण्डी समझ रखे हो तुम दोनों!”

गुड्डू हँसते हुए मेरी जाँघें मसलने लगा और “प्लीज़ दी” कहने लगा।
मैं गुड्डू की तरफ गांड करके खड़ी हो गई और धीरे-धीरे नाइटी उतारकर पूरी नंगी हो गई।

मेरा नंगा बदन देख कर गुड्डू दंग रह गया!
गुड्डू बोला, “बेबी दी, आपकी गांड तो ज़बरदस्त है! थोड़ा झुक कर गांड का छेद दिखाओ अब जल्दी से!”

मैं झुक गई और चूतड़ फैलाकर उसे अपनी गांड दिखाई।
गुड्डू मेरे चूतड़ सहलाने लगा और गांड में उँगली करने लगा।
फिर उसने पीछे से मेरी चूत सहलाते हुए कहा, “बेबी दी, आज मैंने पहली बार किसी लड़की की चूत सामने से देखी है। आपकी चूत बहुत मस्त है दी!”

इतना बोलते ही उसने मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया!
उसने मुझे सीधा लिटा दिया और अपनी जीभ मेरी चूत के अंदर-बाहर करने लगा।
मैं सिसकारियाँ लेने लगी, “गुड्डू मेरे भाई! खा जा अपनी रंडी बहन की चूत को!”

मैंने उसके सिर को अपने पैरों के बीच दबा लिया।
थोड़ी देर बाद गुड्डू उठा और अपना बड़ा सा लंड मेरे मुँह में डाल दिया।

मैं उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। फिर हम “69” पोजीशन में एक-दूसरे को चाटने लगे।

थोड़ी देर बाद गुड्डू ने मुझे घोड़ी बनाया और मेरे चूत में अपना लंड डाल दिया।
हॉट सिस्टर Xxx चुदाई चालू हो गई.

पूरा कमरा हमारी “आह-आह” की आवाज़ों से गूंज रहा था।

गुड्डू चिल्लाया, “बेबी दी, मैं अब झरने वाला हूँ! आपकी चूत में ही डाल दूँ?”
मैंने कहा, “भोसड़ी के! चूत के अंदर मत डाल!”

उसने तुरंत लंड बाहर निकाला और मेरा सारा माल मेरी चूचियों पर गिरा दिया।
कुछ देर हम नंगे ही सोए रहे।

फिर मुझे पेशाब लगी तो मैं बाथरूम गई, वो भी पीछे आ गया।

मैंने पूछा, “मैं मूतने जा रही हूँ, तू क्यों आ गया?”
उसने कहा, “मुझे आपको मूतते हुए देखने में बड़ा मज़ा आता है दी!”

फिर हम दोनों ने एक-दूसरे के सामने पेशाब किया।
उसने मेरी चूत पर हल्की सी पप्पी ली और हमने कपड़े पहन लिए।

थोड़ी देर बाद मम्मी-पापा भी आ गए।
हमने खाना खाया और सोने चले गए।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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