साली को जबरदस्ती चोदा ठरकी जीजा ने

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मेरी उम्र 51 साल है और मुंबई में नौकरी करता हूं। मैं सामान्य कद-काठी का हूं। मेरी ऊंचाई लगभग 5 फिट 6 इंच होगी। मैं नवंबर में 20 दिन की छुट्टी पर गांव आया हुआ था। मेरे गांव में ही मेरी सगी साली ब्याही है। साली भोपाल में रहती है। साढू भाई भोपाल में सरकारी नौकरी में है। Jija Sali Bathroom Chudai

साली की उम्र 40 साल है। वह लगभग 5 फिट 5 इंच की है। उनको एक लड़का और एक लड़की है। दोनों बड़े-बड़े हो गए हैं और कॉलेज में पढ़ते हैं। साली बहुत ही सुंदर और गोरे रंग की है। उसका माध्यम शरीर है जिसे ना तो मोटा कहा जा सकता है और ना ही दुबला-पतला।

साली साहिबा ने आज भी अपने आपको पूरी तरह मेंटेन कर रखा है। 40 साल की उम्र में भी वह 35 साल की जवान और आकर्षक लगती है। जबकि मेरी बीबी काली है। वह सुंदर नहीं लगती। गांव में रहने के कारण वह बूढ़ी दिखने लगी है। जबकि नेहा मेरी बीबी से सिर्फ 7 साल छोटी है।

फिर भी आज भी वह बेहद खूबसूरत और जवान दिखती है। उसकी त्वचा चमकदार है। उसकी चाल में एक खास आकर्षण है। साली जब जवान हुई तब से शादी के बाद से ही मेरी नियत साली को चोदने की थी। पर साली मेरे परिवार से ज्यादा खेती-बाड़ी वाली और धनी परिवार में है। साढू भाई और साली के बीच खूब पटती भी है।

मैं साली को देख-देख कर सिर्फ आहें भरता था। कभी मौका ही नहीं मिला कि उसे चोद सकूं। पर भगवान ने यह मौका दे ही दिया। साली और साढू दोनों एक साथ कार से आते हैं और गांव से गेहूं-चावल ले जाते हैं सीजन में। पर इस बार साढू को छुट्टी नहीं मिली। इसलिए साली अकेले ही ट्रेन से गांव आई।

और एक दिन अपनी बड़ी बहन मेरी बीबी से कही कि जीजा जी को कहिए तो मेरा सामान ट्रेन में चढ़वा दे। मेरी बीबी ने मुझे आदेश दिया। जाओ नेहा का सामान ट्रेन में चढ़वा देना। मैं खुशी-खुशी तैयार हो गया। रेलवे स्टेशन गांव से 80 किलोमीटर दूर है और ट्रेन सुबह 3 बजे मिलती है।

साढू भाई के बड़े भाई साली के जेठ का मकान है उस शहर में जहां पर रेलवे स्टेशन है। उनके मकान में रात भर रुकना है और सुबह ट्रेन में सामान चढ़वाना है। साली ने अपना सारा सामान बांध लिया। और हम दोनों बस में दोपहर 12 बजे चढ़ गए। बस में हम दोनों एक साथ एक ही सीट पर सटकर बैठे रहे।

एक बार तो गलती से साली के कंधे में हाथ भी रख दिया। तो वह कुछ नहीं बोली। मैं पूरे रास्ते बस में साली की जांघों से अपनी जांघ सटाए बैठा रहा। उसकी जांघों की गर्माहट मेरे शरीर में समा रही थी। साली की नरम और गर्म जांघों का स्पर्श लगातार महसूस होता रहा। साली को बस में उल्टी बहुत होती है।
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रास्ते में साली उल्टी करते-करते सुस्त पड़ गई। तो मेरे कंधे में अपना सर रख कर आराम करने लगी। उसका सिर मेरे कंधे पर टिका था। उसकी सांसों की हल्की गर्माहट मेरी गर्दन पर पड़ रही थी। कुछ देर बाद मैं साली का सर अपनी गोद में रख लिया। और बोला नेहा सो जाओ। तो नेहा मेरी गोद में सिर रख कर आधा लेट गई।

कुछ देर बाद नेहा अपने शरीर का और हिस्सा मेरी गोद में रख दिया। तब उनकी चूचियां मेरे जांघों से टकराने लगीं। नरम, भारी और गर्म चूचियों का दबाव मेरी जांघों पर पड़ रहा था। पूरे रास्ते 3 घंटे तक साली मेरी गोद में ही अपनी चूचियों को रगड़ती रही। हर बस की हरकत के साथ उसकी चूचियां मेरी जांघों पर दबती और रगड़ती जा रही थीं।

मैं एक-दो बार नेहा के गालों पर हाथ भी घुमा दिया। बाल हटाने के बहाने। जब नेहा बस से उतरने के लिए उठी तो मुझसे सॉरी जीजू मैंने आपको तकलीफ दी यह कहा। और इस तरह 4 बजे तक शहर के मकान में पहुंच गए। पर मकान में ताला लगा था। तो साली ने उनके किरायेदार से पूछा।

तो किरायेदार ने चाबी दी और बोला कि भाभी साली की जेठानी तो आज ही अपने मायके चली गई है। जरूरी काम था। चाबी दे गई। बाकी आप बात कर लीजिये। साली के जेठानी का मकान दो मंजिला है। नीचे किरायेदार रहते हैं और ऊपर की मंजिल में खुद रहते हैं। मैंने घर की चाबी ली और ताला खोलकर अंदर गए।

अंदर जाते ही साली सीधे बिस्तर पर लेट गई। उनकी साड़ी का पल्लू स्तनों से बाहर जा गिरा। तब बड़े-बड़े मादक स्तनों की उभार दूर से ही साफ दिखाई देने लगी। उल्टी करते-करते वह इतनी सुस्त पड़ गई थी कि उन्हें यह भी नहीं पता था कि ब्लाउज के दो हुक खुल चुके थे।

इससे उनकी गहरी खाई वाली चूचियों का ऊपरी हिस्सा और भी ज्यादा उभरकर सामने आ रहा था। मैं भी उसी बिस्तर पर बैठ गया जिसमें नेहा लेटी हुई थी। नेहा ने मुझे वहां बैठे हुए देखा तो बोली कि जीजू आप आगे वाले कमरे में चले जाइए। मैं थोड़ा आराम कर लूं फिर चाय बनाती हूं।

तब मैं वहां से उठकर आगे के कमरे में चला गया और बिस्तर पर लेट गया। टीवी ऑन करके देखने लगा। 20 मिनट बाद मैं कमरे के अंदर गया तो देखा कि नेहा गहरी नींद में सोई हुई है। उनके बड़े-बड़े स्तन बहुत ही सेक्सी लग रहे थे। सांस लेने के साथ-साथ वे ऊपर-नीचे हिल रहे थे।

ब्लाउज का कपड़ा उन पर तना हुआ था। मैं स्तनों को देखते हुए बिस्तर पर ही चुपचाप बैठ गया। तो 5 मिनट बाद नेहा की नींद खुली। तो अचकचाकर जल्दी से बैठ गई उठकर और बोली कि आप यहां क्या कर रहे हैं जीजू। तो मैं बेशर्मी से हंसते हुए बोला कि बहुत सुंदर हो नेहा।

पहली बार इतने नजदीक से देखा इस कारण तुम्हें देखने के लिए बैठ गया तुम्हारे पास। तब नेहा ने कहा कि ठीक है अब जाइए आगे वाले कमरे में। मैं कपड़े बदलूंगी। तब मैं उठकर चला आया वहां से और फिर से टीवी देखने लगा। 15 मिनट बाद नेहा चाय लेकर आई। मुझे दिया और सोफे में बैठकर चाय पीने लगी।

नेहा ने एक गाउन पहन रखा था अपनी जेठानी का। जिसके बड़े-बड़े गले से नेहा की ब्रा दिख रही थी। ब्रा का लेस वाला किनारा और गोरी चूचियों का आधा हिस्सा साफ नजर आ रहा था। मैं नेहा का फिर से तारीफ किया और बोला कि क्या सुंदर लगती हो नेहा।

आप तो शरमाते हुए बोली कि चलिए बनाइए मत। मुझे झूठी तारीफ नहीं करें। तब मैंने बोला कि कसम से बहुत सुंदर लगती हो आप। तो नेहा ने कहा जी जीजू आप मुझे आप नहीं कहिए। नाम लीजिए। आपके मुंह से नाम ही अच्छा लगता है। तब मैंने कहा कि ठीक है नेहा पर तुम हो बहुत सुंदर।

तब नेहा ने कहा कि अब बंद करिए झूठी तारीफ। और उठकर चली गई। और जाते-जाते बोल गई जीजू मैं नहा लूं तो फ्रेश हो जाऊंगी। उल्टी करके मन खराब हो गया है। तब मैं बोला ठीक है नहा लो आप। तो नेहा फिर से पलटकर बोली कि ना ना जीजू अब आप नहीं बोलना मुझे ठीक है। नहीं तो आपसे बात नहीं करूंगी।

तब मैं हंसते हुए बोला ठीक हां सॉरी। और कान पकड़ लिया। तो नेहा हंसने लगी और बोली कि कान मत पकड़िए। और हंसते हुए चली गई। और जाते-जाते बाहर से दरवाजा लगा दिया बेड रूम का। नल चलने की आवाज आने लगी। तब मैंने टीवी की आवाज बढ़ाकर चुपचाप दबे पांव से गया।

खिड़की के पास जाकर खड़ा हो गया। वहां से बाथरूम के अंदर क्या हो रहा है यह नहीं दिखाई दे रहा था। मैं निराश होकर वापस होने लगा। तो नेहा बाथरूम के सामने ओपन जगह पर पेटीकोट और ब्लाउज में दिखाई दी। मैं रुक गया। तो देखा कि नेहा वहीं पर नहाने की तैयारी करने लगी।

नेहा का ध्यान खिड़कियों की तरफ नहीं था। मैं खिड़कियों से नेहा का नहाना देखने लगा। मोबाइल की रिकॉर्डिंग ऑन कर लिया और नहाते हुए की रिकॉर्डिंग करने लगा। नेहा ने सबसे पहले ब्लाउज को उतारा। फिर पेटीकोट को उतार दिया। और ब्रा व पैंटी में कपड़े धोने लगी।

क्या सेक्सी और गठीला बदन है नेहा का। जरा सा भी पेट बाहर नहीं निकला हुआ है। मोटी-मोटी सुडौल जांघें बहुत ही सेक्सी लग रही थीं। चिकनी त्वचा पर हल्का पानी चमक रहा था। कुछ समय में नेहा ने अपनी ब्रा और पैंटी को भी उतार दिया। और एकदम से नंगी होकर नहाने लगी।

मैं बड़े आराम से नेहा के नहाने की रिकॉर्डिंग करने लगा। नेहा अपने बड़े-बड़े स्तनों को साबुन लगा-लगाकर मसलती। जांघों को साबुन से धोती। लगातार नेहा ने 7 मिनट तक नहाई। मैं नेहा को बड़े आराम से देखता रहा। नेहा के पेट जरा सा भी बाहर नहीं निकला हुआ है।

दो-दो लड़के पैदा करने के बाद भी पेट की चमड़ी नहीं फटी हुई है। नेहा की सुंदरता को देखकर मैंने सोचा कि एक फोटो ले लूं। जैसे ही लिया तो मोबाइल का फ्लैश चमका। तो नेहा जान गई और अपने हाथों से अपनी चूत और चूची को छिपाने लगी। और जल्दी से दरवाजे के आड़ में आकर खड़ी हो गई। तो मैं डरकर टीवी वाले रूम में चला गया।

करीब एक मिनट बाद नेहा बेड रूम में एक टॉवेल लगाकर आई। टॉवेल जांघों के ऊपर स्तनों को आधा छिपाए हुए थी। नेहा आते ही आगे वाले कमरे और बेडरूम के बीच का दरवाजा लगाने लगी। तो मैं जल्दी से उठा और दरवाजे को बंद करने से रोक दिया।

मैं नेहा से बोला कि मुझे टॉयलेट जाना है। मैं चला जाऊं फिर लगा लेना दरवाजा। तो नेहा बोली कि जीजू थोड़ी देर रुक जाओ। मैं कपड़े पहन लूं फिर चले जाना। तब मैंने बोला कि मुझे जोर से लगी है। फिर भी नेहा दरवाजा बंद करने लगी। तो मैं दरवाजे को धक्का देते हुए नेहा को पकड़ लिया। और टॉवेल को खींचकर अलग कर दिया। नेहा नंगी हो गई।

तो नेहा की चूचियों को दबा दिया और गाल पर किस लिया। तब नेहा जल्दी से अपने स्तनों को हाथ से छिपाते हुए फर्श पर बैठ गई। तब मैं नेहा की पीठ की तरफ बैठ गया। और पीठ पर किस करने लगा। मेरे होंठ उसकी नरम, गर्म पीठ की चिकनी त्वचा पर बार-बार लग रहे थे।

मैंने एक हाथ को नेहा के चूतड़ों के नीचे डालकर उसकी चूत को सहलाने लगा। मेरी उंगलियां उसकी गीली, गर्म चूत की फांकों को धीरे-धीरे छू रही थीं। दूसरे हाथ से मैं नेहा के स्तन को दबाने की कोशिश करने लगा। पर नेहा ने स्तनों को अपने दोनों हाथों से कसकर पकड़ रखा था। “Jija Sali Bathroom Chudai”

तब मैं नेहा की पीठ को सहलाने लगा। एक हाथ से चूत को सहलाने लगा। चूत में हल्की सी उंगली डाल दी। और 2 मिनट तक चूत को सहलाते रहा। नेहा गर्म पड़ने लगी। उसकी सांसें तेज हो गईं। तब नेहा कहने लगी क्या कर रहे हो जीजू। प्लीज मत करो। ऐसा नहीं तो मैं दीदी को बता दूंगी।

इतना कहकर एक हाथ से धक्का देकर मुझे गिरा दिया। और जल्दी से खड़ी होकर टॉवेल लगा लिया। तब मैं नेहा के पैर पर अपना सर रखकर गिड़गिड़ाने लगा। और हाथ जोड़ने लगा। और कहने लगा कि नेहा एक बार सिर्फ एक बार करवा ले मेरे से। इसके बाद कभी नहीं करूंगा। तो नेहा ने बोला कि नहीं। और नेहा जोर से चिल्लाई और बोली उठो जीजू। पांव को छोड़ो मेरे।

तब भी मैं नेहा के पांव में सिर रखे रहा। और पांव को जीभ से चाटने लगा। मेरी गर्म जीभ उसकी उंगलियों के बीच से होकर पैर की तलहटी तक घूम रही थी। और बार-बार हाथ जोड़कर कहने लगा नेहा प्लीज प्लीज प्लीज सिर्फ एक बार करवा लो। बस इसके बाद कभी नहीं कहूंगा।

तब नेहा ने फिरसे मना कर दिया। और बोली कि छोड़ो मेरे पांव को। मैं अभी दीदी को फोन करती हूं। और आपकी सभी हेकड़ी निकाल लेती हूं। नेहा की ओरिजनल पिक। रुको। और नेहा मोबाइल लेने के लिए बढ़ी। तो मैंने नेहा की जांघों को कसकर पकड़ लिया। और बोला कि कर देना मोबाइल। बता देना दीदी को। फांसी पर चढ़वा देना। पर प्लीज एक बार करवा लो मेरे साथ।

और इतना कहकर फिर से नेहा के पांव पर सिर रख दिया। और पांव को चाटने लगा। नेहा के हाथ में मोबाइल आ गया पर नेहा मोबाइल में नंबर डायल नहीं कर रही थी। मैं अभी भी नेहा के पांव की उंगलियां जीभ से चाटने लगा। और लगातार 5 मिनट तक नेहा के पांव को चाटते रहा। “Jija Sali Bathroom Chudai”

तब नेहा बोली कि उठो जीजू। ऐसा नहीं करो। मुझे नर्क में नहीं डालो। मेरे पांव पड़कर। तब मैं उठकर खड़ा हो गया। और नेहा की टॉवेल को खींचकर अलग करने लगा। तो नेहा ने टॉवेल को जोर से पकड़ लिया। पर मैं जबरदस्ती टॉवेल को खींचकर बिस्तर पर फेंक दिया। और स्तनों को दबाने लगा।

स्तनों को पीने लगा। मेरे मुंह में नेहा की मोटी, भारी चूची आ गई। मैं जोर-जोर से चूसने लगा। तो नेहा बोली कि अभी नहीं। रात में कर लेना। अभी कोई आ जाएगा। तब मैं बोला कि रात में तो भाभी नेहा की जेठानी आ जाएगी। तब नेहा ने बताया कि वह आज रात नहीं आएगी।

मैं मन ही मन खुश हो गया। पर अभी तो लंड खड़ा हो गया है। इसे ठंडा करना ही है। फिर भी नहीं माना। और नेहा की स्तनों को चूसता रहा खड़े-खड़े। और एक हाथ से नेहा की चूत को सहलाने लगा। करीब 2 मिनट बाद नेहा ने मेरे सिर पर हाथ रखा। और बालों को सहलाने लगी।

मैं समझ गया कि अब नेहा चुदाने के लिए तैयार हो रही है। नेहा की चूचियां बहुत ही रसीली थीं। मजा आने लगा चूसने में। बिना रस के भी रसभरी थीं। नेहा अब बार-बार मेरे बालों को सहलाने लगी। कभी कंधे पर हाथ घुमाती तो कभी सिर पर। नेहा ने पहली बार गालों को किस किया।

तब मैं नेहा के ओठों को किस करने लगा। और नेहा जीभ की जीभ को मुंह से लॉलीपॉप की तरह चूसने लगा। नेहा भी मेरी जीभ को चूसने लगी। ये सब खड़े-खड़े ही हो रहा था। अब नेहा सेक्सी होने लगी। तो मैंने नेहा को बिस्तर में बिठा दिया। और अपने मोबाइल से बहुत सारी फोटो ली। नेहा भी बड़े प्यार से फोटो खिंचवा रही थी।

नेहा की चूचियों का रसपान करने लगा। एक हाथ को नेहा की चूत में लगा दिया। और उंगलियों से चूत को सहलाने लगा। अब नेहा मेरे लंड को टटोलने लगी। चड्डी के ऊपर से। और कुछ देर में चड्डी के अंदर हाथ डाल दिया। और लंड को छेड़ने लगी। लंड तो पहले से ही काले नाग की तरह फुफकार रहा था। “Jija Sali Bathroom Chudai”

नेहा चड्डी को उतारने लगी। तो मैं लोवर और चड्डी को उतार दिया। बनियान भी उतार दिया। और नंगा हो गया। नेहा मेरे लंड से खेलने लगी। मैं नेहा की चूचियों से खेलने लगा। नेहा गर्म तवे की तरह गर्म पड़ गई। तब मैं नेहा को बिस्तर पर पीठ के बल लिटा दिया। और नेहा के ऊपर लेटते हुए लंड को चूत में फंसा दिया।

नेहा की चूत मस्त मुलायम थी। और चूत गीली हो चुकी थी। लंड जैसे ही नेहा की चूत में घुसा। नेहा के चेहरे में एक अजीब सी चमक और संतुष्टि थी। मेरा लंड ज्यादा लंबा तो नहीं है पर मोटा बहुत है। लंड की लंबाई 6 इंच के आसपास होगी। और मोटाई नेहा के हाथों से भी ज्यादा है। मेरा लंड आगे से पतला और पीछे से बहुत मोटा है।

मैं नेहा को झटके मार-मारकर चोदने लगा। नेहा भी मस्त अंदाज में हर झटके में अपने ओठों को मादक अंदाज में दबाती। और इस्स्स् स्स्स्स्स्स्स सी सी सी सी सी उउ उउउउ कि हल्की-हल्की आवाज निकालती। मुंह मैं बहुत ज्यादा गर्म पड़ गया। और 20-25 झटके मारने के बाद मेरा वीर्य निकल गया।

नेहा की चूत में वीर्य निकलने के बाद भी कुछ झटके मारा। पर लंड सुस्त पड़कर चूत से बाहर निकल गया। पर नेहा अभी तक गर्म थी। नेहा ने अपनी दोनों जांघों को जोर से दबा लिया। और करावट लेकर घूम गई। मैं समझ गया कि नेहा स्खलित नहीं हुई अभी तक।

मेरे साथ ये पुरानी समस्या है। मैं बिना कंडोम लगाए ज्यादा देर तक किसी औरत को चोद नहीं पाता हूं। मुंबई में तो कई बार लज्जित भी होना पड़ा है दूसरी औरतों के साथ। नेहा कुछ करीब 2 मिनट तक बिस्तर में जांघों को दबाए हुए पड़ी रही। फिर उठी और गाउन पहनकर बाथरूम में घुस गई।

जब नेहा वापस आई तो मैंने नेहा को सॉरी बोला। तो नेहा ने कहा कि क्या जीजू काहे को इतने उतावले हो गए। कुछ देर तक रुकना तो था। काहे को जल्दी किया। और हंसने लगी। कुछ देर तक दोनों ने टीवी देखा। फिर नेहा ने कहा कि मैं स्वेटर गांव के घर में भूल आई हूं। चलिए बाजार चलेंगे। एक स्वेटर लेना है। तब मैंने हां कर दिया। और दोनों तैयार होने लगी। “Jija Sali Bathroom Chudai”

नेहा एक शर्ट और टाइट जींस पहनकर चल दी। शर्ट कपड़ा इतना पतला था कि रेड कलर की ब्रा हल्की-हल्की दिखाई दे रही थी। तब मैं नेहा से पूछा कि क्या भोपाल में भी यह पहनती हो। तो नेहा ने कहा कि हां पहनती हूं। उनको बहुत पसंद है। फिर जेठानी की स्कूटी थी। उससे हम दोनों बाजार गए।

रास्ते भर नेहा बड़े आराम से मेरे साथ बैठी रही। चिपककर। क्योंकि इस शहर में हम दोनों को कम लोग ही पहचानते हैं। एक दुकान पर गया। वहां से नेहा ने अपने लिए एक 1500 रुपये का स्वेटर लिया। और एक 2500 का कंबल लिया। दोनों के बिल का भुगतान मैंने मेरी क्रेडिट कार्ड से कर दिया। तो नेहा बहुत खुश हो गई।

मैंने नेहा को एटीएम से निकालकर 5000 रुपये दे दिया कि रख लो। मेरी तरफ से इसी तरह की जींस और शर्ट ले लेना। नेहा बहुत खुश हो गई। मैंने एक मेडिकल की दुकान से कोहिनूर कंडोम और वियाग्रा की चार टेबलेट ली। और हम दोनों घर आ गए। मैं रात की जोरदार चुदाई का प्लान बना लिया।

नेहा ने खाना बनाया। और हम दोनों ने रात में 9 बजे तक खाना खाकर सोने के लिए बिस्तर में चले गए। मैं नेहा के साथ ही एक ही बिस्तर पर लेट गए। मैं साढ़े आठ बजे एक वियाग्रा की टेबलेट खा लिया था जो असर दिखाने लगी। मैंने पहली बार वियाग्रा खाया है।

मेरे लंड में ऐसा तनाव आया कि जवानी में भी ऐसा तनाव नहीं आता था। लंड और मोटा हो गया। उसकी नसें फूल गई थीं। सिर चमक रहा था। बिस्तर पर आते ही मैंने नेहा को नंगा कर दिया। नेहा भी इस बार जरा सा भी नखरे नहीं किया। नेहा के ऊपर 7000 रुपये खर्च कर दिया इसलिए नेहा ज्यादा ही मेहरबान हो गई।

मैं नेहा की जांघों को, नितंबों को, चूचियों को तेल लगाकर खूब मालिश किया। मेरे हाथ उसकी चिकनी त्वचा पर फिसल रहे थे। तेल की चिकनाहट और नेहा की गर्मी का मिश्रण कमाल का लग रहा था। नेहा गर्म तवे की तरह। जैसे गर्म तवे में पानी के छींटे मारो। छन छन की आवाज आती है। “Jija Sali Bathroom Chudai”

नेहा मेरी एक-एक हरकत पर आअअअअअअ उउउ उउउ ऊआआआसीसीसी स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स आस आस कलवव्रहड़ तरह-तरह की अजीब सी आवाजें निकालने लगी। उसकी सांसें भारी हो गईं। उसकी चूत से रस टपकने लगा। और मेरे लंड को हाथ में पकड़कर अपनी चूत में डालने लगी।

तो मैं लेट गया। लंड को खड़ा करके। तब नेहा मेरे ऊपर चढ़ गई। और लंड को अपनी चिकनी, मुलायम चूत में डाल लिया। लंड पूरी तरह से फिट हो गया। न तो ढीला और ना ही टाइट। मस्त इंजन के पिस्टन की तरह। और अपने चूतड़ों को ऊपर-नीचे करने लगी। मैंने इस बार लंड के आगे की चमड़ी खिसकाए बिना कंडोम लगा लिया। ज्यादा देर तक चुदाई करने के लिए।

मैं नेहा के चूतड़ों के नीचे हाथ लगाकर नेहा का सहयोग करने लगा। और हल्का सा उठकर नेहा की चूचियों को चूसने लगा। नेहा बार-बार अपनी चूचियों को मेरे मुंह से खींचकर अलग कर देती। पर मैं बार-बार चूचियों को चूसने लगता। नेहा ने लगातार 4 मिनट तक अपनी चूचियों को उछाल-उछालकर खूब कूदी मेरे लंड के ऊपर।

उसकी चूत मेरे मोटे लंड को बार-बार निचोड़ रही थी। गर्म रस चारों तरफ फैल रहा था। जब नेहा थक गई तब मैंने नेहा को दोनों घुटनों के बल खड़ा कर दिया। और पीछे से लंड घुसेड़कर नेहा की चुदाई करने लगा। नेहा बार-बार घूम-घूमकर मेरे को किस करती। मैं एक हाथ से नेहा की चूचियों का मर्दन करता।

और एक हाथ को चूत के आगे लगा लिया कि लंड बाहर नहीं जाए। और नेहा को इस तरह से 5 मिनट तक झटके मारते रहा। नेहा थककर घोड़ी बन गई। तब घोड़ी की तरह नेहा के दोनों कंधों को पकड़कर जोर-जोर से झटके मारने लगा। कमरे में फट फट फट फट फट की जोरदार आवाज गूंजने लगी। “Jija Sali Bathroom Chudai”

नेहा बड़े मादक अंदाज में अपने चूतड़ों को आगे-पीछे करती रही। मैं नेहा को बड़े प्यार से चोदता रहा। 3 मिनट बाद नेहा पेट के बल लेट गई। तो मैं नेहा की पीठ में लेट गया। और लंड के जोर-जोर झटके मारने लगा। नेहा के मुंह से उउउउउउ आअअअअअअअ आह आहा हा हा हा हा हा आह आह आह आह आह सी सी सी से स्स्स्स्स् स्स् स्स् स्स्स् स्स्स उउउ उउउ ऊऊ ऊऊऊ आ आआ आआ आआ आआआ अह्ह् ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह् ह्ह्ह् ह्ह् ह्ह्ह्ह उउ उउउ उउ अअअअअअअ उफ़ उफ़ उफ़ उफ़ उफ़ उफ़ उफ़ करने लगी।

मुझे लगा कि नेहा अब झरने वाली है। तो मैं जल्दी से नेहा को पीठ के बल लिटा दिया। और पूरी जोर-जोर झटके मारने लगा। नेहा भी इन झटकों का भरपूर आनंद ले रही थी। नेहा बीच-बीच में बोलती और जोर जोर मारो जीजू। बहुत मजा आ रहा है। और नेहा उउउउउउ आअअअअअअअ आह आहा हा हा हा हा हा आह आह आह आह आह सी सी सी से स्स्स्स्स् स्स् स्स् स्स्स् स्स्स उउउ उउउ ऊऊ ऊऊऊ आ आआ आआ आआ आआआ अह्ह् ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह् ह्ह्ह् ह्ह् ह्ह्ह्ह उउ उउउ उउअअ कि जोर-जोर से आवाज निकाल रही थी।

लगातार 6 मिनट तक झटके खाने के बाद नेहा जोर की आवाज निकली। और कसकर दोनों हाथों से चिपका लिया। हम दोनों एक साथ स्खलित हो गए। मैंने नेहा के ऊपर हांफते हुए लेट गया। ठंडी में भी हम दोनों पसीने से लथपथ हो गए। नेहा बार-बार किस करने के बाद उठी। और बोली जीजू आपने बहुत मजा दिया आज।

इतनी देर तक तो ये नेहा के पति कभी नहीं रुकते हैं। आपने तो 20 मिनट तक थका डाला। आज फिर नेहा नंगी ही उठी और बाथरूम चली गई। मैं भी बाथरूम जाकर वापस आया। और दोनों एक ही साथ सो गए। रात में 4 बजे खुली। जबकि नेहा की ट्रेन का समय 4 है। नेहा अभी भी गहरी नींद में सो रही थी। “Jija Sali Bathroom Chudai”

मैंने नेहा को नहीं उठाया। मैं भी चुपचाप सो गया। तो मेरी नींद सुबह 7 बजे खुली। जब मैं उठा तो देखा कि नेहा किचन में चाय बना रही थी। मैं उठके नेहा के पास गया। और एक किस किया। तो नेहा ने कहा दूर हटो जीजू। आपने मेरी ट्रेन मिस करवा दिया। मैं कुछ नहीं बोला। और नेहा के पास ही किचन में बैठ गया।

अब नेहा की ट्रेन दो दिन बाद थी। मैं नेहा को बोला कि चिंता नहीं करो। दो दिन बाद चली जाना। तो नेहा ने एक गहरी सांस ली। और मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा दिया। फिर हम दोनों ने चाय पीया। और बैठकर बातें करने लगे। इतने में साढू का फोन आया। उन्होंने पूछा कि कहां तक आ गई हो।

तो नेहा ने बताया कि ट्रेन मिस हो गई। तो साढू नाराज पड़ गए। नेहा को डांटने लगे। और फिर फोन रख दिया। उन्हें यह नहीं पता था कि मैं नेहा को छोड़ने आया हूं। नहीं तो शायद बात और नाराजगी तक जाती। नेहा की जेठानी नहीं आई दो दिन तक। इन दो दिनों में नेहा की खूब चुदाई किया। अलग-अलग पोजीशनों में।

दिनों में नेहा से बहुत सी बातें किया। मैंने नेहा से पूछा कि तुम यह बात किसी को बताओगी क्या। तो नेहा ने कहा कि नहीं किसी से नहीं बताऊंगी। फिर मैंने पूछा कि कभी मौका मिला तो फिर से करवाओगी मेरे साथ। तो नेहा ने कहा कि एक बार नहीं 50 बार करवाओगी। जब भी मौका मिलेगा। आप बहुत मजा देते हैं जीजू। वह तो इतना मजा नहीं लेते और ना ही देते हैं। वह तो सप्ताह में एक दिन करते हैं। वह भी फॉर्मेलिटी के लिए।

उनको डर है कि कहीं मैं बहक नहीं जाऊं। इस कारण वह महीने में दो-चार बार करते हैं। जबकि मुझे रोज-रोज सेक्स-संभोग बहुत अच्छा लगता है। फिर मैंने नेहा से पूछा कि और किस-किस के साथ सो चुकी हो। तो नेहा ने बोला बस आपके साथ और उनके साथ। “Jija Sali Bathroom Chudai”

मैंने नेहा से पूछा कि शुरुआत में इतना नखरे क्यों कर रही थी। तो नेहा ने बताया कि कोई भी औरत इतनी जल्दी समर्पण नहीं करती गैर मर्द के सामने। तब मैंने नेहा से पूछा कि तुमने कभी मेरे से संभोग के लिए मन में सोचा था। तो नेहा ने जवाब दिया कि हां कई बार सोचा था।

तब मैंने पूछा कि क्यों सोचा था मेरे साथ सेक्स के लिए। तो नेहा ने बताया कि सभी महिलाएं किसी सुंदर पुरुष के साथ सेक्स करने के बारे में सोचती हैं। वह रोड पर चलता हुआ अपरिचित इंसान ही क्यों नहीं हो। और आप तो मेरे जीजू हैं। सुंदर हैं। कमाते हैं।

फिर मैंने नेहा से पूछा कि तुमने शुरुआत में क्या सोचा था कि मैं तुम्हें संतुष्ट कर सकता हूं। तो नेहा ने बताया कि नहीं सोचा था। मैंने सोचा था कि आपकी उम्र ज्यादा हो गई है। आप में वह क्षमता नहीं है। पर आपने बता दिया कि संभोग के लिए उम्र ज्यादा मायने नहीं रखती है। नेहा मेरी छाती पर सिर रखे लेटी हुई थी।

उसकी नंगी देह अभी भी हल्के-हल्के कांप रही थी। उसके गाल मेरी त्वचा से सटे हुए थे। उसकी सांसें अभी भी थोड़ी तेज थीं। हम दोनों पसीने से लथपथ थे। कमरे में सेक्स की गंध फैली हुई थी। मैंने उसकी पीठ पर धीरे-धीरे हाथ फेरते हुए पूछा कि सच में तुम्हें इतना मजा आया। नेहा ने शरमाते हुए सिर हिलाया। उसकी आंखें बंद थीं। होंठों पर हल्की मुस्कान थी। “Jija Sali Bathroom Chudai”

बहुत सी बातें किया नेहा से। मैंने उसके बालों में उंगलियां फिराईं। कभी उसके कान को हल्का-हल्का चूमा। नेहा मेरे सीने पर उंगली से निशान बना रही थी। वह धीरे-धीरे बोल रही थी। उसकी आवाज अभी भी थकी हुई और संतुष्ट थी। नेहा ने बताया कि उसने पहले सोचा था कि मैं शायद जल्दी थक जाऊंगा।

पर जब मैंने उसे इतनी देर तक और इतने जोर से चोदा तो उसकी सारी शंकाएं दूर हो गईं। वह बार-बार कह रही थी कि आज उसने इतना मजा पहले कभी नहीं लिया। हम दोनों देर तक ऐसे ही लेटे रहे। कभी किस करते। कभी हल्की-हल्की बातें करते। मैंने उसे पानी पिलाया। उसकी ठोड़ी थामकर चूमा। नेहा भी मेरे गले में बाहें डालकर चिपक गई। बहुत से बातें किया नेहा फिर। और नेहा को ट्रेन में बैठा दिया।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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