दोस्ती के बाद प्यार से चुदाई

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हॉट यंग गर्ल Xxx कहानी में मेरी दोस्ती कॉलेज में एक लड़की से हुई, फिर वह दोस्ती चुदाई में कैसे बदल गई, हम दोनों ने होटल में जाकर मजे कैसे किये?

दोस्तो, मेरा नाम गौरव गर्ग है.

ये हॉट यंग गर्ल Xxx कहानी 2015 की है जब मैंने डीयू कॉलेज में एडमिशन लिया था.

वह कॉलेज का पहला दिन था, सब एक-दूसरे से मिल रहे थे.

तभी मेरी नजर एक लड़की पर गई … बिल्कुल सीधी-सादी लड़की, चश्मा लगाए हुई एक कोने में बैठी हुई थी.
देखने में सुंदर थी और उसका फिगर भी ठीक-ठाक सा था, जो बाद में मैंने भारी-भरकम कर दिया था.

शुरुआती बातचीत, दोस्तों से मिलना-मिलाना और पढ़ाई में कुछ दिन निकल गए.

इस दौरान मेरी नजरें उस लड़की को खोजती रहती थीं लेकिन पूरे कॉलेज में वह लड़की मुझे दिखी ही नहीं.

फिर एक दिन कॉलेज में सोसाइटी के ऑडिशन चल रहे थे.
वहां मैंने उसे फैशन सोसाइटी में देखा.

उसके बाद मैं उससे बात करने की कोशिश करने लगा.
धीरे-धीरे मेरी बात उससे होने लगी.

लगभग 6 महीने तक हम एक-दूसरे से बात करते रहे थे.

अब हम दोनों इतने ज्यादा घुलमिल गए थे कि एक दूसरे से सब बातें शेयर करने लगे थे.
हम दोनों के बीच काफी खुलापन हो गया था.

एक दिन मैं उसे घुमाने के लिए मुरथल ले गया.

उधर उसकी खिलखिलाहट ने मुझे मजबूर कर दिया कि अब इसके साथ अंग से अंग मिलाना ही है.
मगर मैं यह सब उसकी तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद करना चाहता था.

उसने अपनी तरफ से कोई ऐसा सिग्नल नहीं दिया जिससे लगे कि वह मुझसे चुदवाने के लिए रेडी है.
इधर मैं भी अपनी सोच बनाए बैठा था कि यह कहेगी तब ही इसे चोदूंगा.

ऐसे ही समय बीतते-बीतते दो साल निकल गए.

फिर वह समय आया जब मैंने पहली बार उससे प्यार का इजहार किया.
उसने मुझे मना कर दिया, कहा- हम दोनों अच्छे दोस्त हैं, प्यार में कुछ नहीं रखा.

मेरा मन दुखी तो हुआ लेकिन फिर भी मैं उसके साथ बात करता रहा और उसे इस बात के लिए मनाता रहा कि वह मुझसे दोस्ती से आगे बढ़ कर मेरा प्यार का प्रोपोजल स्वीकार कर ले.

तभी तो बात आगे बढ़नी थी.

आखिरकार वह दिन भी आ ही गया जब उसने मुझे हां बोल दी.

वह 12-12-2017 का दिन था.
मैं बहुत खुश हुआ था और मैंने उसे किस भी किया था.
उसने भी मेरे किस में मुझे साथ दिया था.

अब मैं उसके साथ प्रेमी बन कर फोन पर बात करने लगा.

धीरे-धीरे हमारी बातें दोस्ती वाली बातों से आगे बढ़ कर प्रेमी प्रेमिका वाली होने लगी थीं.
फिर हमारी चैट, सेक्स भरी बातों में बदलने लगी.

वह भी वासना में तप्त होने लगी और मुझे अपनी चूत की फोटो भेजने लगी.
मैं भी उसे अपना लंड दिखाने लगा, कभी फ़ोटो भेज कर तो कभी वीडियोकॉल पर.

वह वीडियो कॉल पर मेरे लंड को देखते ही कहती थी कि ये बहुत बड़ा है यार, मेरे अन्दर चला जाएगा?
मैं बोल देता था कि जब जाएगा, तो तुम्हें पूरा मजा आ जाएगा.

इस तरह की बातों से हम दोनों बहुत उत्तेजित हो जाते और फोन पर ही एक दूसरे के सामने हस्तमैथुन करके शांत हो जाते थे.
वैसे मेरे लंड का साइज 6 इंच का है, जो कि 30 मिनट तक चलता है … बिना रुके.

फिर वह दिन भी आ ही गया, जब हम दोनों चुदाई के लिए रेडी हो गए.
वह मेरे साथ किसी होटल के कमरे में जाने के लिए मान गई थी.

उस दिन कॉलेज की फेयरवेल पर हम दोनों मिले.
हमारी सेक्स की शुरुआत हुई.

हम फेयरवेल में एक साथ गए.

वहां से हम बहुत जल्दी निकल गए थे क्योंकि मैंने गुड़गांव में होटल बुक कराया था.
हम लोग होटल में दोपहर में लगभग एक बजे के आसपास पहुंचे थे.

हम रूम में जैसे ही घुसे, उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया.
हमारी किस लगभग 20 मिनट तक चलती रही.

उसके बाद उसने अलग होकर कहा- भूख लग रही है.
मुझे भी भूख लगी थी तो मैंने होटल से खाने के लिए कुछ मंगाया.

खाना खाने के बाद वह सुसू करने बाथरूम में गई तो मैं भी उसके पीछे पीछे चला गया.

हम दोनों बाथरूम में आकर एक दूसरे से वापस चिपक गए.
हमारे कपड़े उतरते चले गए और बाथरूम में ही मैंने पहली बार उसे नंगी देखा.

उस टाइम उसका साइज 28-26-30 का था, वह मैंने बाद में 34-30-36 का कर दिया था.

वहां मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया.
वह भी मुझे पूरे शरीर पर काटने चाटने लगी.

मैं उसे नंगी ही उठाकर बाहर बेड पर ले आया.
वह चित लेट गई और मैं उसे ऊपर से लेकर नीचे तक किस करने लगा.

जब मैं उसकी चूत पर आया तो वह एकदम से कांप उठी.
जैसे ही मैंने वहां छुआ, उसकी आवाज तेज-तेज होने लगी.

वह बोली- बाबू, आज मेरी इस चूत को अपना बना लो!

हम दोनों उत्तेजित होकर 69 में आ गए.
वह मेरे लंड को चूसने लगी और मैं उसकी चूत चाटने लगा.

उसका रस निकलने लगा और पूरा शरीर अकड़ने लगा.

वह झड़ गई और मैं उसकी चुत का सारा रस चाटता चला गया.

कुछ देर बाद वह मेरे लंड को मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी.
जल्दी ही मैं भी स्खलन की सीमा पर आ गया.

मैंने पूछा- कहां निकालूँ?
उसने बोला- मुँह में स्वाद लूँगी इसका!
उसने मेरा सारा पानी पी लिया.

उसके बाद मैंने दोबारा किस करना शुरू किया और 15 मिनट बाद मेरा लंड दोबारा खड़ा हो गया.

अब मैं उसकी चूत पर लंड को मारने लगा.
वह गांड उठाती हुई बोली- बाबू, अब ना तड़पाओ यार मुझे .. बस डाल दो अन्दर इसको!

मैंने उसकी गांड के नीचे एक तकिया रखा, फिर धीरे से लंड अन्दर डालने लगा.
मेरा लंड अभी 2 इंच ही अन्दर गया था कि वह जोर से चिल्लाई.

मैंने नीचे देखा तो उसकी चूत से खून आने लगा था.

मैंने लंड को अन्दर ही डाले रखा और उससे किस करने लगा.

वह दर्द से कराहती हुई कहने लगी- बाबू, निकालो इसको, मुझसे नहीं होगा!
मैंने कहा- बेबी, हो जाएगा … थोड़ा दर्द होगा, उसके बाद मजा ही मजा आएगा तुमको!

मैं कुछ मिनट तक उसे किस करता रहा.

फिर जब वह सामान्य हुई तो किस में पूरी तरह से साथ देने लगी थी.
उस वक्त वह अपना दर्द भूल चुकी थी.

मैंने मौका देखा और एक तेज झटका मार कर अपना पूरा लंड एक ही बार में उसकी चुत के अन्दर तक डाल दिया.

वह रोने लगी और कराहती हुई बोली- बाहर निकालो .. मुझसे नहीं होगा!
मैंने उसकी एक भी नहीं सुनी और लंड को अन्दर-बाहर करता रहा.

कुछ देर के बाद वह भी साथ देने लगी और बोली- बाबू, मजा आ रहा है आह और तेज-तेज करो … मेरे चिथड़े उड़ा दो!

मैं उसे लगातार 20 मिनट तक चोदता रहा.
वह झड़ गई और बोली- आह बाबू, बस हो गया!

पर अभी मेरा होने वाला था तो मैं लगा रहा.
मैं उसे चोदता रहा.

इससे उसे दोबारा गर्मी चढ़ने लगी.
वह बोली- अरे यह तो जादू हो गया … मुझे वापस मजा आ रहा है … और पेलो आह!

दस मिनट बाद मेरा होने वाला था.
मैंने कहा- कहां निकालूँ?
वह बोली- बाबू, अन्दर महसूस करना है!

तो मैंने तेज तेज झटके मारे और उसके ऊपर लेट गया.
लंड से गर्म धार उसकी चुत की सिकाई करने लगी थी.

वह आंखें मूँद कर मुस्कुरा रही थी.

कुछ पल बाद मेरा लंड मुरझा कर बाहर आ गया.

वह मुझे चूम कर बोली- बाबू, बहुत मजा आया.
तो मैंने बोला- हां बाबू, कुछ देर बाद दोबारा से मजा करेंगे.
वह बोली- हां ठीक है.

मैंने दोबारा से उसे गर्म करना शुरू कर दिया और वह भी साथ देने लगी.
मैंने उसकी चूत चाटनी शुरू की और उसने भी मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया.

इस बार मैंने उसे घोड़ी बनाया.
मैंने पीछे से उसकी चूत मारनी शुरू की. वह भी साथ देती रही.

मैंने 40 मिनट तक उसकी चूत मारी और उसकी चूत में रस निकाल दिया.

फिर हम दोनों सो गए … एक साथ चिपक कर.

अब शाम के 5 बज गए थे.

मैंने कहा- बाबू, इधर से कब जाना है?

उसने कुछ नहीं कहा, बस अपने घर पर फोन करके कहा- मां, मैं लेट हो जाऊंगी और आज रात को अपनी सहेली के घर पर रुकूँगी.

यह सुनकर मैं मुस्कुरा दिया.
वह मेरे सीने से लिपट गई.

उसके बाद मैंने बाहर से खाना मंगाया और हमने खाना खाया.
मैंने 2 चॉकलेट भी मंगाईं.

एक चॉकलेट मैंने उसकी चूत पर डाली और चाटनी शुरू कर दी.
जब तक मैंने पूरी चॉकलेट खत्म नहीं की, मैं उसकी चूत चूसता रहा.

इतने में उसका पानी निकल गया था.
अब उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया और उसने भी मेरे लंड पर चॉकलेट डालकर चूसा.

चूस चूस कर उसने मेरा पानी निकाल दिया.

अब मैंने उससे कहा- बाबू, तुम्हारी गांड मारनी है मुझे!
तो वह बोली- बाबू, तुमने चूत में इतना दर्द कर दिया, तो गांड का क्या हाल करोगे!

बहुत समझाने के बाद मैंने उसे पटा लिया.
वह मान गई.

उसके बाद मैं उसकी गांड चाटने लगा और गांड में उंगली डालकर उसे ढीला करने लगा.
फिर गांड में 2 उंगलियां डालकर छेद को ढीला किया.
उसके बाद मैंने अपने लंड पर तेल लगाया और उसकी गांड में एक ही बार में पूरा लंड ठेल दिया.

वह दर्द से रोने लगी, पर मैं उसकी गांड मारता रहा.
करीब बीस मिनट बाद मैं उसकी गांड में झड़ गया.

उस पूरी रात में मैंने उसकी 2 बार गांड मारी और 4 बार चूत चोदी.

अब हमें आज 2 साल हो गए और आज भी चूत चुदवाती है.
मैंने अब तक दो साल में उसकी 200 बार से ज्यादा बार ली होगी.

वह भी मेरे लौड़े पर लटक लटक कर खेलती है.

आपको मेरी यह हॉट यंग गर्ल Xxx कहानी कैसी लगी.

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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