बीवी से मांगी साली की चूत-1

biwi se maangi saali ki chut

नमस्कार दोस्तों, मैं देव कुमार शर्मा एक बार फिर आपके सामने हाजिर हूं अपनी एक असली कहानी लेकर। सभी लंड धारियों और चूत मालकिनों को मेरा खड़े लंड से नमस्कार। ये कहानी है मेरी और मेरी साली के बीच हुई जबरदस्त चुदाई की।

मैं अपने बारे में बता दूं कि मैं हैंडसम हूं और मेरा लंड 6.5 इंच का है जो किसी को भी खुश करने का दम रखता है। मेरी बीवी का नाम श्रद्धा है और साली का नाम सविता है।

मेरी साली का जिस्म एक दम कड़क है। उसकी चूचियां 34″ की है और कमर 30″ की और गांड आअह्ह्ह्ह 36″ की। सविता भी शादी-शुदा है। तो अब मेरी सीधी कहानी पर आता हूँ दोस्तों।

मेरी आप सब को बता दूं, कि मैं बहुत सी रिश्तेदार की चूत चोद चुका हूं, तो मैं अपनी साली को कैसे छोड़ दूं? मैं अपनी बीवी को हमेशा चुदाई के समय गालियां देता हूं।

मेरी बीवी श्रद्धा को पता है कि मैंने उसके अलावा कितनी चूत चोद चुका हूं। बहुत बार तो श्रद्धा के सामने या उसके साथ मैंने मिल के ही चुदाई की है। और इस चुदाई में मैं हमेशा श्रद्धा को माँ बहन की गालियां देता था। श्रद्धा समझ चुकी थी कि मैं उसकी बहन सविता को चोदना चाहता था, और एक दिन उसने मुझसे पूछ लिया।

श्रद्धा: क्या तुम मेरी बहन को भी चोदना चाहते हो, जो रात में मुझे सबसे ज्यादा गलिया उसकी सुनाते हो?

मैं (श्रद्धा को अपनी तरफ खिंचते हुए): हां मेरी जान। तेरी बहन भी तेरी तरह ही उछल के मजा देगी। साली की चूत में मेरा लोड़ा फसाना है मुझे। उसका पति तो शकल से ही गांडू लगता है।

श्रद्धा: तुम बहुत बड़े हरामी हो। कम पढ़ रही हूं क्या जो अब मेरी बहन को भी चोदोगे? खुद की बहन, भाभी और मौसी को तो चोदते हो। अब सविता भी?

मैं: हां मेरी जान। सविता की चूत का मजा लेना है। बता कब दिलवा रही है साली कुतिया? प्लीज दिलवा दे, तेरी बहन की चूत का भोसड़ा कर दूंगा।

श्रद्धा: ठीक है मैं उसे कल बुलाती हूं।

अगले दिन जब मैं ऑफिस से आया तो सविता मेरे घर पर थी। आते ही सविता ने दरवाजा खोला और बोली-

सविता: हेलो जीजू।

मैं: हैलो सविता, तुम कब आई?

सविता: दीदी का फोन आया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, तो मैं उनके पास 2-3 दिन के लिए आ गई हूं। आप ऑफिस जा रहे है।

मैं: अच्छा किया तुम आ गई। श्रद्धा की तो तबीयत खराब है। अब तुम से ही दिल लगेगा।

सविता: क्या जीजू आप भी अच्छा मज़ाक करते हो।

मैं: हां, साली आधी घर वाली जो होती है। मेरा बस चले तो पूरी घर वाली बना के रखूं।

सविता: अच्छा जी चलो अब आप बैठो और मैं चाय ले आती हूँ।

मैं अपनी बीवी श्रद्धा के पास बैठ गया।
और कहा-

मैं: धन्यवाद जानेमन जो सविता को बुलाया। अब सब कुछ मुझ पे छोड़ दो। इसी बिस्तर पर तुम्हारे सामने तुम्हारी बहन चुदेगी अब तो।

श्रद्धा: हां मैंने भी देखना है कि खुद की बहन को चोदने वाला, मेरा बहनचोद पति अब मेरी बहन को कैसे अपना लंड नीचे लेकर आता है।

इतने में सविता चाय ले आती है।

सविता: क्या बता रही है दीदी, जीजू चाय पियो और मुझे भी बताओ।

मैं: कुछ नहीं बस तुम्हारी ही बात हो रही थी।

सविता: मेरी क्या बात?

मैं: यहीं कि तुम अब पहले से ज्यादा सुंदर लगने लगी हो शादी के बाद से।

सविता: ऐसा कुछ नहीं है जीजू। आपको ऐसा लगता होगा।

मैं: अरे नहीं तुम तो अपनी बहन से भी ज्यादा सुंदर हो कसम से।

बातो मैं समय कब निकला पता ही नहीं चला। रात को 9 बजे के टाइम पर सविता किचन में खाना बना रही थी। सविता ने मेरी बीवी श्रद्धा की साड़ि पहनी हुई थी।

मैं किचन मैं गया और सविता को पीछे से धीरे से कमर पे हाथ रख के जकड़ लिया और गर्दन पर किस्स किया उम्म्म्माआआ

सविता (थोड़ा रुक गई और शर्माते हुए बोली): जीजू ये क्या कर रहे हो?

मैं: ओह्ह सॉरी, मुझे लगा श्रद्धा है। तुमने उसकी ड्रेस पहनी है तो ऐसा लगा जैसे वही है। सॉरी।

(मेरे हाथ उसकी कमर पर ही थे)।

सविता: ठीक है लेकिन अब हाथ तो हटाओ।

मैं: हाथ हटाने का मन तो बिल्कुल भी नहीं है। प्लीज रखे रहने दो ना।

सविता: अगर दीदी ने देख लिया तो आपकी खैर नहीं है।

मैं: तुम्हारी दीदी से मैं सब समझा लूंगा, उसकी चिंता मत करो।

सविता: अच्छा आप तो ऐसे बोल रहे हो कि दीदी हमें ऐसे देख के कुछ बोलेगी ही नहीं। कृपया जीजू छोड़ो ना, दीदी देख लेगी हमें।

मैं: प्लीज साली साहिबा, रखने दो ना। श्रद्धा से ज्यादा सेक्सी हो तुम।

सविता: दम है तो दीदी के सामने बोल के बताओ। तभी मान जाउंगी कि आप में मर्दों वाली बात है।

मैं: अगर बोल दिया तो क्या मिलेगा?

सविता (मुस्कुराते हुए बोली): वहीं जो आप चाहते हो मिलेगा।

मैं: ठीक है फिर मैंने तुम्हें तुम्हारी बहन के सामने होठों पर किस्स करूंगा। बुलाओ अपनी बहन को।

सविता: दम है इतना?

मैं: श्रद्धा को बुला लो, दम दिखा देता हूं। तुम्हारे पति से ज्यादा दम है मुझमें।

सविता (श्रद्धा को आवाज लगती है): दीद यहां आना।

मेरी बीवी किचन में आ जाती है। मेरा हाथ अब भी सविता की कमर पर था।

श्रद्धा: क्या हुआ बोलो?

सविता: ये देखो जीजू को ये क्या कर रहे हैं।

मैं: कुछ नहीं, जान बस आज सविता के होंठ बहुत सेक्सी हैं। उन पर किस्स कर रहा हूं।

और मैं अपने होंठ सविता के होंठो पे रख के उन्हें चूसने लगा। सविता की कमर पकड़ते हुए उम्म्म्म म्म्मुउउह्ह्ह उम्म्म्म।
सविता अब तक थोड़ी गरम हो चुकी थी लेकिन घबरा रही थी।

श्रद्धा हमें देख के वापस चली गई। मैंने चूमना जारी रखा। म्म्म्मुउह्ह्ह्ह उम्म्म्म्म सविता म्मुहहाआ, और अपना एक हाथ सविता के स्तनों पर रख के हल्के से दबाए।

इसके आगे इस कहानी में और क्या हुआ, आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। यहां तक की कहानी आपको कैसे लगी कमेंट करके अपनी फीडबैक ज़रूर दें। आपकी फीडबैक मेरा लिखने का हौंसला बढ़ाएगी, तो हौंसला जरूर बढ़ाए।

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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