apni senior ko chodne ka safar
हेलो दोस्तों मेरा नाम संचित है। मैं मुरादाबाद उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 21 साल और मेरा लंड 6 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है। मैं सीधे कहानी पर आता हूं।
तो कहानी शुरू होती है जब मैं फर्स्ट ईयर में था। छमाही परीक्षा में मेरी सीट एक लड़की के साथ बनी जो थर्ड ईयर की थी। उसका नाम नैन्सी था। वो दिखने में ठीक-ठाक ही थी। मैं पढ़ने में बहुत अच्छा था और वो कुछ खास नहीं थी। मैंने उसकी एग्जाम में भी काफी हेल्प की और हमारी एग्जाम टाइम में ही काफी बात-चीत हुई। लेकिन एग्जाम खत्म होने के बाद हमारी कुछ खास बात नहीं हुई।
इत्तेफाक से अगली छमाही परीक्षा में भी मेरी सीट उसी के साथ बनी और फिर से हमारी काफी बात-चीत हुई और हम दोस्त बन गये। लेकिन वो कहीं ना कहीं मुझे दोस्त से ज्यादा ही समझने लगी, जबकि मेरे मन में ऐसा कुछ नहीं था। उस एग्जाम के बाद फिर हमारी कोई खास बात नहीं हुई।
फाइनल परीक्षा से पहले ही मेरी क्रश मेरी गर्लफ्रेंड बन गई जो मेरी ही क्लास की भी थी। हम लोग कुछ महीने साथ रहे। फिर पता नहीं किस वजह से वो मुझे छोड़ कर चली गई। इसके बाद मैं दूसरे कॉलेज चला गया और नैन्सी दूसरे कॉलेज। लगभग 1-1.5 साल हम ना ही मिले ना हमारी बात-चीत हुई।
फिर एक दिन कॉलेज से आते हुए ही मेरी नैंसी से मुलाकात हुई। उस दिन कुछ यादें शेयर हुई और नंबर भी, लेकिन मैंने उसको कभी कॉल नहीं किया। फिर एक दिन उसके जन्मदिन पर मैंने उसे फोन करके विश किया तो वो ज़िद करने लगी कि मैं उससे मिलने आऊ। बहुत बार कहने के बाद में उससे मिलने पहुंचा तो उसने मुझसे काफी ज़्यादा ही चिपकने लगी। मैं फिर थोड़ी देर बाद वहां से चला गया।
उसके कुछ दिन बाद उसने मुझे कॉल किया और अपने प्यार का इज़हार कर दिया। मैं भी उस समय सिंगल था तो मैंने बस उसे हां बोल दिया लेकिन वो तो कुछ और ही सोचे बैठी थी। उसके बाद उसके कहने पर मैंने वो कंप्यूटर कोचिंग ज्वाइन कर ली जहां वो पढ़ाती थी, जिससे अब हम रोज मिलने लगे। वो जान-बूझ कर मुझे उस टाइम बुलाने लगी जिस टाइम वहां कोई नहीं होता था।
इसी मौके का फायदा उठाते हुए उसने मुझे हग और किस्स भी किया। यहां तक तो ठीक था लेकिन हद उस दिन हो गई जब एक दिन मेरे घर पर कोई नहीं था और मैंने उसको नॉर्मल बात-चीत में बोल दिया कि आज मेरे घर कोई नहीं और वो बोली कि ठीक है आज मैं तुम्हारे घर चलती हूं।
अब वो ज़िद करने लगी तो मैं शाम को अंधेरा होने के बाद सबसे छिपते-छिपाते उसे घर ले आया और आने के बाद जो उसने मुझे हग और किस्स करना शुरू कर दिया। इसी बीच मेरा हाथ उसके बूब्स पर लग गया। मैंने सॉरी बोला और हाथ हटा लिया।
लेकिन उसने बोला: अरे, क्या कर रहे हो? तुम्हारे लिए ही तो हैं।
और मेरा हाथ अपने बूब्स पर रख दिया। मैंने बूब्स को थोड़ा दबाया। फिर उसने अपना कुर्ता उतार दिया और फिर ब्रा भी उतार दी। मैंने उसके बूब्स को दबाया और चूसा। लेकिन फिर अचानक से घर का दरवाजा बजा तो देखा मेज़ भाई आ गए हैं। मैंने जैसे-तैसे करके उसको वहां से निकाला और घर छोड़ कर आया।
इस सबमें मुझे थोड़ा अजीब ये लगा कि अभी हमें रीलेशन में आए 15 दिन भी नहीं हुए थे, और उसने अपने कपड़े भी उतार दिया वो भी बिना मेरे कहे। फिर काफी दिन ऐसे ही बीते। हम कभी-कभी बस पार्क या कैफे में ही जाया करते थे, जहां हम सिर्फ हग और किस्स ही कर पाते थे ज्यादा मौका मिला तो बूब्स दबाना बस।
फिर उसने एक दिन मुझसे बोला कि तुम मेरे घर आओ सुबह 6 बजे। क्योंकि उसके घरवाले सब्जी बेचने का काम करते थे, तो वो सुबह 6-8 भी तक मंडी में रहते थे और उसके भाई-बहन ऐसे घोड़े बेच कर सोते थे कि भूकंप भी आ जाए तो ना उठे। मैं फिर एक दिन सुबह उसके घर पहुंचा तो उसके तुरंत सारे दरवाजे बंद किए और मुझे अपनी बाहों में भर लिया।
फिर हमने किस्स करना शुरू किया। मैंने कपड़ों के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाने शुरू कर दिए तो उसने फिर अपना टी-शर्ट और ब्रा उतार दी जिसके बाद मैंने उसे जमीन पर लिया दिया और उसके बूब्स चूसने लगा। अपना एक हाथ मैंने उसकी पैंट के ऊपर से उसकी चूत पर रख दिया।
उस दिन सिर्फ उतना ही हुआ। उसके बाद फिर मैं कुछ दिन बाद उसके घर गया और फिर हमने वही सब किया। बस इस बार मैंने उसकी पैंट के अंदर हाथ डाल कर चूत को रब किया। एक दिन फिर अपना लंड उसकी चूत पर रब किया। उसके घर पर मैं सिर्फ इतना ही कर पाया। लेकिन वो अब मुझसे बोलने लगी कि कोई रूम का इंतजाम करो।
मैं होटल को सेफ नहीं समझता था और इसके अलावा और कोई चांस था नहीं तो ऐसे ही हमने काफी महीने निकाल दिए। इस बीच हमारी लड़ाई भी हुई और उसने धमकी दी और मुझसे बोला कि उसे मेरे घर का सदस्य बनना है, चाहें उसे कुछ भी करना पड़े, जो सुन कर मैं थोड़ा डर गया। क्योंकि मैं उसे कुछ खास पसंद नहीं करता था, और ना ही मैंने उसे कोई वादा किया बस हम सिर्फ ऐसे ही साथ थे।
ये सुन कर मैं उससे थोड़ा दूर रहने लगा। लेकिन वो अभी भी मुझसे अकेले मिलने के लिए ज़िद करने लगी। कुछ दिन बाद मेरे घरवालों ने एक नया घर खरीदे, जिसके बारे में मैं नैन्सी को नहीं बताना चाहता था। लेकिन उसका कॉल आया तो गलती से मेरे मुंह से से निकल गया कि हमने नया घर लिया है।
ये सुन कर वो मेरे पीछे ही पड़ गई कि मुझे अपना घर दिखाओ। दो दिन बाद सुबह मैं उसे घर लेकर गया तो उसने वहां जाते ही रूम का दरवाजा बंद किया और मुझसे लिपट गई और मुझे किस्स करने लगी। मैं भी उसे किस्स करने लगा। लेकिन मैं अब उसके साथ कुछ भी नहीं करना चाहता था। क्योंकि मुझे उसकी बात का डर अभी भी था। लेकिन वो मानने को तैयार ही नहीं थी।
उसने एक-एक करके अपने और मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझसे लिपट कर मुझे चूमने लगी। फिर उसके मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया। कसम से मुझे बहुत मजा आ रहा था। उसने बहुत देर तक मेरा लंड चूसा और फिर चूत चोदने के लिए बोलने लगी, लेकिन मेरे पास कंडोम नहीं था। तब वो बोली कि कोई बात नहीं ऐसे ही चोद लो।
लेकिन मैं रिस्क नहीं लेना चाहता था कुछ नहीं पता ये भी उसकी साजिश हो। मैंने उस दिन उसे नहीं चोदा जिससे वो मुझसे गुस्सा हो गई। फिर उसके एक शाम को घर जाने की ज़िद की। मैं उसे लेकर आया तो वो बोली कि उसे पूरी रात मेरे साथ रुकना है। मैंने अपने घर पर झूठ बोला और पूरी रात उसके साथ रहा। उसने फिर मुझे किस्स किया और मेरे लंड को मुंह में लेकर बहुत मज़ा दिया।
मेरे अंदर भी अब हवस की आग बहुत लगने लगी थी। लेकिन ये सब करके मैं उसके जाल में फंस जाता। फिर एक रात और हम अकेले ही घर पर रुके और उस रात उसने दो तीन नींद की गोली खा ली (जो कि वो अक्सर खाया करती थी, क्योंकि उसको काफी रात तक नींद नहीं आती थी) और मुझे प्यार करने लगी।
उसने मुझे किस्स करना शुरू किया। काफी देर किस्स करने के बाद उसने अपने और मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे उपर आकर मुझे किस्स करते हुए मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर अच्छे से चूसने लगी। मैं एक-दम पागल होने लगा। वो भी इसी हरकत कर रही थी कैसे उसे कोई नशा हो गया हो।
पागलों की तरह मेरा लंड चूसने के बाद वो नीचे आ गई और मुझसे चोदने की ज़िद करने लगी। मैं भी अब बहुत पागल हो चुका था तो मैंने अपने लंड पर कॉन्डम लगाया और 6 इंच का अपना पूरा लंड सीधे उसकी चूत में उतार दिया। वो एक-दम तिलमिला उठी, उसकी चूत से खून आने लगा क्योंकि ये उसका पहली बार था। लेकिन मैं बहुत जोश में था तो मैंने उसपर बिल्कुल तरस नहीं खाया और उसे और तेज चोदने लगा।
उसके मुंह सी आह आह की आवाजें निकल रही थी जो सुन के मुझे और जोश आ रहा था। मैंने ऐसे ही उस रात उसे तीन बार चोदा। फिर उसके बाद हम नहाए और सो गए। मुझे डर तो लग रहा था कि अब कहीं ये जिंदगी भर के लिए मेरे गले ना पड़ जाए। लेकिन मुझे तब सुकून की सांस आई जब उसने सुबह उठ कर पूछा कि रात में क्या हुआ था।
मैंने बोला कुछ नहीं तो वो बोली कि हम नहाए थे? तो मैंने बोला हां बस नहाए थे और सो गए थे। यानि कि उसे कुछ याद नहीं था। फिर उसके बाद मैंने उसे उसके घर छोड़ दिया। उसके बाद हम एक ही बार अकेले घर पर मिले जिसमें हमारी लड़ाई हो गई और फाइनली वो मुझे छोड़ कर चली गई।
मुझे बहुत खुशी हुई कि मैंने उसे चोद भी लिया और उसके चंगुल से बच भी गया। फिर उसके बाद हमारा एक दो बार बाहर मिलना हुआ, लेकिन अब हमारे बीच कुछ नहीं है। अभी मेरी एक गर्लफ्रेंड है और मैं उसके साथ खुश हूँ। आपको मेरी कहानी कैसी लगी जरूर बताइएगा।
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