अब्बू के लंड की चाहत

baap ne beti ko choda sex story

हेलो दोस्तो! मै आपकी दोस्त नीलम खान एक बार फिर से हाजिर हूँ आपके लिए एक बेहद सेक्सी Hindi sex story लेकर। तो सभी लंडधारी अपने लंड को मुठियाने के लिए हाथों मे थाम लीजिये और चूत की रानियाँ अपनी चूत मे खीरा मूली बैंगन डालने के लिए तैयार हो जाओ। आज जो कहानी मै आपके लिए लेकर आई हूँ उस कहानी को पढ़कर आपको मज़ा ना आए तो मेरी चूत आपके लिए खुली है। तो चलिये अब सीधे कहानी स्टार्ट करते है।

अनस और ज़ोया आज बहुत खुश थे क्योंकि 2 दिन पहले ही उनकी बेटी नज़मा की शादी हुई थी, और आज नज़मा अपने पति के साथ अपने अम्मी अब्बू के घर आने वाली थी.

अनस – सब कुछ तैयार कर लिया है ना वो कभी भी आते ही होंगे.

ज़ोया – अरे हाँ सब कुछ तैयार है…

अनस ज़ोया के करीब आकर उसको पीछे से पकड़ लेता है और अपने कुर्ते को उठा कर पाजामे में से अपना लंड पकड़ कर ज़ोया की गांड पे लगा के धक्के मारने चालु कर देता है.

अनस – और मेरा लौड़ा भी तैयार है.

ज़ोया – अरे नज़मा आती ही होगी तुम जरा अपने हथियार को शांत रखो अभी जरा.

अनस – अरे तुझे तो पता ही है मुझसे ये घर और तेरा पेट खाली देखा नहीं जाता.

ज़ोया – लेकिन अभी वो आते ही होंगे अभी तो जरा अपने लौड़े को शांत करो.

अनस – तो कर न शांत सुबह से 2 बार मुठ मार चुका तेरी कच्छी सूंघ सूंघ के..

ज़ोया – अच्छा आज कौनसी कच्छी पे इतना प्यार आ गया तुम्हे.

अनस – अरे वो तेरी लाल वाली कच्छी जिसपे गुलाब का फूल बना था वो देखते ही खड़ा हो गया था मेरा.

ज़ोया – या अल्लाह! वो मेरी कच्छी नहीं थी नज़मा की थी उसपे फूल बनवाया था उसने पहली रात में पहनने के लिए.

अनस – तो यहाँ क्यों छोड़ गयी वो?

ज़ोया – अरे भूल गयी थी, वही लेने तो आ रही है, इसी चक्कर मे उसने अपनी पहली रात नहीं मनाई.

अनस – अजीब पागल लड़की है.

ज़ोया – इसलिए सुबह सुबह धोयी थी लेकिन तुमने गन्दी कर दी.

उसके बाद ज़ोया अनस से अलग होके बाथरूम में जाके वो कच्छी अच्छे से धोके के सूखने के लिए तार पे टांग देती है. तभी नज़मा और उसका शौहर भी आ जाते. जिसे देख कर अनस गाडी के पास जाता है और दोनों का वेलकम करता है और उनका सामान उठा कर अंदर ले आता है.

नज़मा – अब्बू अम्मी कहा है..?

अनस – वो छत पे है कपडे सुखा रही है.

नज़मा वहाँ से उठ कर छत पे चली जाती है.

नज़मा का पति – और सुनाइए कैसे हैं आप..?

अनस – बस बेटा सब ठीक है तुम बताओ तुम्हारे अब्बू अम्मी सब ठीक…

नज़मा का पति – हाँ.. हाँ सब ठीक ही है.

छत पर पहुंच कर नज़मा ज़ोया को पीछे से पकड़ कर लेती है और ज़ोर से गले लग जाती है.

नज़मा – किसके कपडे सूखा रही हो?

ज़ोया – अरे वो बस कच्छी धोयी थी वही सुखा रही थी.

नज़मा – मेरे जाते ही मेरे भाई-बहिन की तैयारी भी करने लगे.

ज़ोया – चुप साली वो तेरे अब्बू ने मेरी कच्छी समझ के तेरी कच्छी पे अपना प्यार निकाल दिया बस वही धो रही थी.

नज़मा – अरे अब तो मौका भी है और तुम दोनों अकेले भी तो आराम से खुल्लम खुल्ला किया करो.

ज़ोया – तू थोड़ी और देर से आती ना तो पक्का मै बिस्तर पे तेरे अब्बू की कुतिया बनी होती.

नज़मा – वैसे अम्मी मेरी कच्छी अब्बू को गलती से मिली या…?

ज़ोया – बकवास कम कर और चल नीचे.

बस फिर दोनों हँसते खिलखिलाते हुए नीचे आ जाते है और किचन से चाय बना कर उन दोनों के सामने रख कर वही बैठ कर बाते वाते होने लगती है. कुछ यहाँ की तो कुछ इधर उधर की तो कभी हंसी मज़ाक से जुड़ा… यही करते करते शाम हो गयी. खाना बनाने के बहाने नज़मा ने ज़ोया को किचन में बुलाया।

नज़मा – वैसे अम्मी हम यहाँ अपनी पहली रात मनाने आये है आपको कोई दिक्कत तो नहीं है न?

ज़ोया – अरे मुझे कोई दिक्कत नहीं.. हैं अगर तेरे पति का लौड़ा ज्यादा ही मोटा और लंबा हो तो मुझे जरूर बताइयो.

नज़मा – क्यों नहीं थ्रीसम का मजा भी मैं आपको दिलवा दूंगी.

ज़ोया – या अल्लाह! कितने दिंनो बाद थ्रीसम का मज़ा फिरसे लुंगी.

नज़मा – फिरसे मतलब..?!

मेरी अम्मी भी अपनी जवानी में खिलाडी रह चुकी है बताओ कुछ थोड़ा टिप्स दो न…

ज़ोया – ये पहली बार है तेरा..?

नज़मा – हाँ अब्बू पे ट्राई कर तो रही थी तूने करने ही नहीं दिया.

ज़ोया – तेरी गांड फाड़ देता वो और तू थी भी छोटी थी जब..

दोनों आपस में बाते करते करते डिनर तैयार कर देते है. उसके बाद नज़मा नहाने चली जाती और पहली रात मनाने के लिए अपने आप को तैयार करने लगती है. लेकिन तभी उनके गली का ट्रांसफार्मर ख़राब हो गया जिसके कारण उनके मोहल्ले की बत्ती ही गुल हो गयी और पुरे मोहल्ले में अंधेरा छा गया.

चारों तरफ अंधेरा होने से नज़मा जल्दी जल्दी नहा कर कमरे से बाहर निकल कर जैसे ही किसी को आवाज़ लगाने के लिए मुँह खोलती है. तभी कोई उसके मुँह पे हाँथ रख कर वहाँ से उसको उठा कर वापस कमरे में घुस जाता है. और उसकी (नज़मा) की गांड पे अपना लंड रगड़ने लगता है. जिससे नज़मा सहम सी जाती जाती है और अपने पति का सोच के शांत सी हो जाती है तभी..

अनस – सुबह से मौका ढूंढ रहा हूँ और देखो अल्लाह ने बत्ती गुल करके मौका दे दिया.

(नज़मा उसकी आवाज़ सुन कर ये तो पता लगा लेती है की ये उसकी पति नहीं और बल्कि अनस उसका अब्बू है. लेकिन नज़मा फिर भी कुछ नहीं बोलती और बस अपने अब्बू का साथ में साथ देने लग जाती है.)

अनस – बहुत मुठ मार लिया आज तेरी मारूँगा वो भी बहुत दिंनो के बाद.

नज़मा (मन में) – इसी पल का तो मुझे इंतज़ार था..

अनस नज़मा के बूब्स पे हाथ रख कर जोर जोर से दबाने लगता है और दूसरे हाथ उसकी टांगों के बीच में ले जाकर उसके पजामी में हाथ डाल कर उसकी पैंटी के ऊपर से ही चूत में ऊँगली घुसाने लगता है. नज़मा भी अब्बू की ऐसी हरकतों से बिलकुल आउट ऑफ़ कण्ट्रोल सी हो जाती है. और अपने होंठो को दांतो से दबा के बस कामुक सुख का मज़ाक लेने लग जाती है. अनस नज़मा का सूट उतारकर उसकी पीठ को चूमते हुए मुँह से नज़मा की ब्रा का हुक खोल कर उसके गिरते बूब्स को अनस अपने हाथ की मदद से पकड़ लेता है.

और अपने हाथो से पकडे पकड़े उनको दबाने लग जाता है. नज़मा के मुँह से निकलती कामुक सांसे जो ये बता रही थी कि नज़मा गरम होने लग गयी है. अनस भी ये समझते हुए नज़मा की पजामी का नाडा खोल देता है. जिससे नज़मा की पजामी झट से गिर जाती है. अनस नज़मा को कमर से पकड़ उठा कर बिस्तर पे पटक कर उसको उल्टा कर गर्दन को चूमते हुए पीठ के रास्ते कमर से होते हुए उसकी गांड को अपने हांथो में लेकर उसे दबाने लगता है.
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लेकिन जैसे ही अपना लंड नज़मा की गांड के छेद में डालने जाता है बीच में उसकी फूल वाली कच्छी आ जाती है. अनस और नज़मा की कामुकता उस कच्छी के रास्ते मे आने से भी नहीं रुकने वाली थी. अनस कच्छी को उतार कर अपने मुँह के पास ले आकर उसे सूंघकर मदहोश सा हो जाता है. जिससे मदहोशी में अनस उस कच्छी को नज़मा के मुँह में डाल कर उसका मुँह बंद कर देता है. ताकि उसकी आवाज़ ज्यादा बाहर न निकले.

फिर अपना लंड हाथ में लिए नज़मा की कमर को पकड़ उठा कर उसकी चूत के दरवाजे पे रख कर अचानक से एक झटका लगाता है. अनस को ज़ोया की फुद्दी कुछ टाइट मालूम पड़ी लेकिन उसने सोचा कि शादी कि वजह से इतने दिनो से चुदाई ना होने की वजह से ज़ोया की फुद्दी टाइट हो गयी होगी। अनस के लंड के जोरदार धक्के से नज़मा की चूत की सील एक ही झटके मे टूट कर बिखर गयी। जिससे नज़मा के मुंह से जोरदार चीख की आवाज़ निकली लेकिन मुंह मे पैंटी घुसी होने की वजह से बाहर नही निकल नहीं पायी.

उसके बाद तो फिर अनस धक्के पे धक्का लगाता गया जैसे मानो कितने सालो से बस इसी पल के लिए वेट कर रहा हो. नज़मा दर्द के मारे मारी जा रही थी लेकिन वह कुछ बोल भी नहीं सकती थी। अब्बू के लंड को लेने की उसकी तमन्ना जो पूरी हो रही थी। कुछ देर के बाद नज़मा भी अब्बू के धक्को का मजा लेने में गुम सी हो गयी. अनस पूरी रफ्तार से धक्के लगाए जा रहा था। नज़मा को अब पूरा मज़ा आने लगा था और वह भी अनस के धक्को का अपने चूतर उठा उठा कर जवाब दे रही थी।

दोनों पसीने से लथ पथ हो गए थे. कुछ देर चोदने के बाद अनस ने नज़मा को अपने ऊपर ले लिया और खुद बेड के तकिये के सहारे पीछे की तरफ बैठ गया और नज़मा को अपनी बाहों मे जकड़ लिया। बेड के एक कोने में अनस बैठा था और नज़मा उसकी बाहों में लिपटी उसके लौड़े पे कूदती जा रही थी. नज़मा ने अनस को बिलकुल अपनी बाहो में जकड लिया था. तो वही अनस भी नज़मा की कमर पकड़ कर अपने लौड़े पे ऊपर नीचे करवाए जा रहा था.

तभी न जाने कहा से अंधेरे को चीरते हुए चारो तरफ उजाला हो जाता है. लेकिन अनस और नज़मा अपने चुदाई की मदहोशी में मदहोश थे उन्हे इससे कोई लेना देना नहीं था. ठीक उनके सामने सोफे पे ज़ोया जो अपनी नज़मा के पति के लंड पे बैठ कर लौड़े को सवारी कर रही थी. उन दोनों की नज़र अनस और नज़मा पे जब पड़ी.

तब अपनी चुदाई छोड़ उनकी चुदाई देख कर मजा लेने लगे. लेकिन उजाले की चुभन से अनस ने आंखे खोली तो उसकी आंखे उजाले से तो नही. लेकिन अपने सामने के नज़ारे को देखने के बाद उसकी आँखें जरूर फट गयी थी. ज़ोया को और किसी दूसरे के लौड़े की सवारी करते देख ये समझ नहीं आया की उसके लौड़े की सवारी कौन कर रहा है. तभी नज़मा मदहोशी में चूर अपने मुँह से आवाज़ निकालती है…

नज़मा – आहहए अब्बू क्या खूब चोदते हो आप. मुझे पता था इसलिए तो पहले से ही मै आपके लौड़े की दीवानी थी. लेकिन अम्मी साली रांड ने अपने फायदे के लिए मुझे मौका नहीं दिया. पर देखो आज मेरी पहली रात की आपके लौड़े से शुरुवात की है आहहह आहहह अह्ह्ह्ह अब्बू और जोर से आआह्ह्हह्हह्ह अहहहहहहहहहहह..

ये सुन कर अकेले अनस की ही नही ज़ोया और नज़मा के पति की भी फट के चार हो गयी. और तभी अनस ने नज़मा के अंदर जोरदार पिचकारी मारी और नज़मा की चूत को अपने माल से भर दिया। नज़मा की चूत पिचकारी की धार से आउट ऑफ़ फ्लो होने लगी. जिसके बाद नज़मा भी धीरे धीरे शांत हुई और आंखे खोल कर देखा तो चारों तरफ उजाला था.

फिर अनस के लोडे पे से उठी तो देखा अनस का फेस शॉक के मारे होश में नहीं था. लेकिन जब पीछे मुड़ कर अपनी अम्मी (ज़ोया) और अपने पति दोनों की पोजीशन को देखा तो उसका फेस भी अनस के फेस जैसा बन गया था.

चारो एक दूसरे को देखे जा रहे थे और बस एक दूसरे को देख कर यही सोच रहे थे की पहले शुरुवात किसने भी की लेकिन इस चुप्पी को तोड़ने की शुरुवात कौन करे. क्योंकि होश तो चारो के ही उड़े हुए थे.

नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।

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