mom group sex story
मेरा नाम यश है और मेरी मम्मी का नाम गरीमा है।
पिछली कहानी में आपने पढ़ा कि कैसे मेरी मम्मी को शादी में 4 लड़कों ने चोदा था और मैंने वो सब देखा था। उसके बाद से मम्मी और मेरे बीच रिश्ता बदल गया था। हम दोनों अब प्रेमी-प्रेमिका की तरह रहने लगे थे और रोज़ चुदाई करते थे।
एक दिन की बात है। मम्मी ने मुझे कहा, “यश, आज मुझे बाजार जाना है। सब्जियां लेनी हैं। तुम चलोगे मेरे साथ?”
मैंने कहा, “जरूर मम्मी, मैं चलूँगा।”
मम्मी ने उस दिन एक बहुत ही सेक्सी साड़ी पहनी थी। वो हल्के नारंगी रंग की साड़ी थी जो नाभि से नीचे बंधी हुई थी।
ब्लाउज बहुत टाइट और डीप नेक वाला था जिसमें से उनके बड़े-बड़े चूचे आधे बाहर निकले हुए थे।
पीछे से ब्लाउज बिल्कुल खुला था और उनकी पीठ साफ़ दिख रही थी।
मम्मी ने बाल खुले छोड़े थे और हल्का मेकअप किया था।
जब मम्मी तैयार होकर बाहर आईं, तो मैं उन्हें देखकर पागल हो गया।
मैंने कहा, “मम्मी, आज तो बहुत हॉट लग रही हो।”
मम्मी ने मुस्कुराते हुए कहा, “तुम्हें पसंद आई मेरी ड्रेस? चलो फिर चलें।”
हम बाजार गए। वो एक बड़ा सब्जी मंडी था जहां सुबह-सुबह बहुत भीड़ होती थी।
मम्मी सब्जियां खरीद रही थीं और मैं उनके साथ-साथ चल रहा था।
हर कोई मम्मी को देखकर घूर रहा था।
उनकी मटकती गांड और बड़े चूचे देखकर सब मर्द उनकी तरफ आकर्षित हो रहे थे।
हम एक दुकान पर पहुँचे जहां एक बुड्ढा सब्जी बेच रहा था।
उसका नाम रामू था और उम्र करीब 60 साल की थी। वो गांव से आया हुआ था और यहां सब्जी बेचता था।
उसके साथ उसके तीन दोस्त भी थे – श्याम, गोपी और मुन्ना। ये चारों बुड्ढे एक साथ मिलकर सब्जी का काम करते थे।
जब मम्मी उनकी दुकान पर पहुँचीं, तो चारों की आँखें चौड़ी हो गईं।
रामू बोला, “बहूजी, आज तो बहुत सुंदर लग रही हो। क्या लोगी सब्जी में?”
मम्मी ने मुस्कुराते हुए कहा, “भैया, टमाटर और भिंडी दो किलो दे दो।”
श्याम, जो करीब 55 साल का था, बोला, “बहूजी, हमारे पास ताज़ी ताज़ी सब्जी है। अंदर से लेकर आएं?”
मम्मी ने कहा, “ठीक है, अंदर चलते हैं।”
रामू ने कहा, “लड़के, तुम यहीं रुको। हम बहूजी को सब्जी देकर लाते हैं।”
मैंने कहा, “नहीं, मैं भी चलूँगा।”
गोपी, जो 58 साल का था, बोला, “अरे कोई बात नहीं लड़के, तुम यहीं खड़े रहो। बहूजी अकेले आ जाएंगी।”
लेकिन मम्मी ने मुझे इशारा किया कि मैं भी आऊँ।
हम चारों बुड्ढों के साथ उनकी दुकान के पीछे बने एक छोटे से कमरे में गए। वहां सब्जियों के बोरे रखे हुए थे।
जैसे ही हम अंदर गए, रामू ने दरवाजा बंद कर दिया।
मम्मी ने पूछा, “यहां क्यों लाए हो? सब्जी तो बाहर ही थी।”
रामू ने कहा, “बहूजी, हमने तुम्हें पहली बार देखा है और इतनी सुंदर औरत कभी नहीं देखी। आज तुम हम चारों की बन जाओ।”
मम्मी ने शरारती मुस्कान के साथ कहा, “ओह्ह… तो तुम चारों बुड्ढों को मैं पसंद आई? लेकिन मैं तुम्हारी बेटी की उम्र की हूँ।”
श्याम ने कहा, “बहूजी, उम्र से क्या फर्क पड़ता है? हमारे लंड अभी भी काम करते हैं। आज हम चारों मिलकर तुम्हें खूब चोदेंगे।”
मम्मी ने मेरी तरफ देखा और मैंने हाँ में सिर हिलाया।
मम्मी ने कहा, “ठीक है, लेकिन मेरा बेटा यहीं रहेगा और देखेगा।”
मुन्ना, जो 62 साल का सबसे बुड्ढा था, बोला, “कोई बात नहीं लड़का देखता रहेगा। आज तो हम चारों मिलकर इसकी माँ की चूत और गांड की सील तोड़ेंगे।”
रामू ने मम्मी को अपनी तरफ खींचा और उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।
वो मम्मी को जोर-जोर से किस करने लगा। उसकी जीभ मम्मी के मुँह में घुस गई। मम्मी भी उसका साथ देने लगीं।
श्याम पीछे से मम्मी की गांड सहलाने लगा। गोपी और मुन्ना मम्मी के चूचों से खेलने लगे।
मम्मी चारों बुड्ढों के बीच में फँसकर बुरी तरह उत्तेजित हो गईं।
रामू ने मम्मी की साड़ी खोलनी शुरू कर दी। उसने मम्मी का ब्लाउज, पेटीकोट, ब्रा और पैंटी – सब कुछ उतार दिया।
अब मम्मी पूरी नंगी थीं और चार बुड्ढों के बीच में खड़ी थीं।
रामू ने मम्मी को घुटनों के बल बिठाया और अपना लंड बाहर निकाला।
वो करीब 7 इंच का था और मोटा था। उसने अपना लंड मम्मी के मुँह के सामने किया।
मम्मी ने उसे पकड़ा और देखा। वो गरम और सख्त था।
मम्मी ने उसके सुपाड़े को चूमा और फिर धीरे से अपने मुँह में ले लिया।
वो इतना मोटा था कि मम्मी के मुँह में आते ही उनकी गालें फैल गईं। मम्मी जीभ से उसे चाटने लगीं।
“आह्ह… बहूजी… बहुत अच्छा चूसती हो तुम!” रामू कराह उठा।
मम्मी ने उसका लंड चूसते हुए दूसरे हाथ से श्याम का लंड पकड़ लिया। वो भी 6 इंच का था और मोटा। मम्मी ने उसे भी हिलाना शुरू कर दिया।
गोपी और मुन्ना ने अपने लंड बाहर निकाले और मम्मी के हाथों में दे दिए।
अब मम्मी एक लंड मुँह में चूस रही थीं और तीन हाथों से तीन लंड हिला रही थीं।
मैं एक तरफ खड़ा होकर देख रहा था और अपना लंड हिला रहा था।
मुझे अपनी मम्मी को चार बुड्ढों के साथ देखकर बहुत मज़ा आ रहा था।
फिर रामू ने मम्मी को उठाया और एक बोरे पर लिटा दिया।
उसने मम्मी की टाँगें फैलाईं और अपना मोटा लंड मम्मी की चूत के मुँह पर रखा।
“आज तेरी चूत का भोसड़ा बनाऊँगा मैं!” कहकर उसने एक जोरदार धक्का मारा और उसका पूरा 7 इंच का लंड मम्मी की चूत में घुस गया।
“आह्ह… रामू… इतना बड़ा… मेरी चूत फट जाएगी!” मम्मी चीखीं।
रामू मम्मी को जोर-जोर से चोदने लगा। उसके हर धक्के के साथ मम्मी की चूचियाँ उछल रही थीं।
वो अपनी उम्र के बावजूद बहुत तेजी से चोद रहा था।
“फच्च-फच्च-फच्च” की आवाजें कमरे में गूँज रही थीं।
श्याम ने मम्मी के मुँह में अपना लंड घुसा दिया। अब मम्मी की चूत में एक लंड और मुँह में दूसरा था। दोनों एक साथ मम्मी को चोद रहे थे।
गोपी और मुन्ना मम्मी की चूचियों से खेल रहे थे। वो मम्मी के स्तनों को मसल रहे थे, निप्पलों को काट रहे थे।
करीब 20 मिनट तक रामू मम्मी की चूत चोदता रहा।
फिर उसने अपना पानी मम्मी की चूत में छोड़ दिया। उसका गर्म पानी मम्मी की चूत में भर गया।
रामू हटा तो श्याम आगे बढ़ा। उसने भी अपना 6 इंच का लंड मम्मी की चूत में घुसाया और चोदने लगा।
गोपी ने मम्मी के मुँह में अपना लंड दे दिया।
अब श्याम मम्मी की चूत में, गोपी मम्मी के मुँह में और रामू मम्मी की चूचियों से खेल रहा था। मुन्ना मम्मी की गांड सहला रहा था और उंगली कर रहा था।
“आह्ह… श्याम… और चोदो… मेरी चूत फाड़ डालो!” मम्मी चीख रही थीं।
श्याम ने मम्मी को डॉगी स्टाइल में बिठाया और पीछे से चोदना शुरू किया।
गोपी ने मम्मी के मुँह में अपना लंड घुसा दिया। रामू ने मम्मी की एक चूची पकड़ी और मुन्ना ने दूसरी।
अब श्याम मम्मी की चूत में, गोपी मम्मी के मुँह में और बाकी दो मम्मी की चूचियों से खेल रहे थे।
करीब 25 मिनट बाद श्याम भी झड़ गया। उसने भी अपना पानी मम्मी की चूत में छोड़ दिया।
अब मम्मी की चूत दो बुड्ढों के पानी से भरी हुई थी।
गोपी ने मम्मी को लिटाया और अपना 8 इंच का लंड मम्मी की चूत में डाला।
वो सबसे मोटा था। उसने मम्मी को मिशनरी पोजीशन में चोदना शुरू किया।
मुन्ना ने मम्मी के मुँह में अपना लंड घुसा दिया। रामू और श्याम मम्मी की टाँगें उठाकर पकड़े हुए थे।
“ओह्ह… गोपी… और तेज… मेरी चूत फाड़ डालो… आह्ह!” मम्मी चीख रही थीं।
गोपी ने मम्मी को 20 मिनट तक चोदा। फिर उसने अपना पानी भी मम्मी की चूत में छोड़ दिया।
अब बारी थी मुन्ना की। उसने मम्मी को उठाया और खड़ा कर दिया।
उसने मम्मी को दीवार से सहारा दिया और पीछे से मम्मी की चूत में लंड घुसा दिया।
“आह्ह… मुन्ना… इतना बड़ा… मर गई!” मम्मी चीखीं।
मुन्ना मम्मी को पीछे से जोर-जोर से चोदने लगा। उसके हर धक्के के साथ मम्मी की गांड उछल रही थी।
रामू ने मम्मी के मुँह में अपना लंड घुसा दिया। श्याम और गोपी मम्मी की चूचियों से खेल रहे थे।
करीब 30 मिनट बाद मुन्ना झड़ गया। उसने अपना पानी मम्मी की चूत में छोड़ दिया।
अब मम्मी की चूत चारों बुड्ढों के पानी से भरी हुई थी और बाहर बह रही थी।
मम्मी ने कहा, “अब मेरी गांड भी चोदो।”
रामू ने कहा, “ठीक है बहूजी, आज तेरी गांड भी फाड़ते हैं।”
उसने मम्मी को बोरे पर लिटाया और मम्मी की टाँगें उठाकर उनकी गांड पर थूका।
फिर उसने अपना मोटा लंड मम्मी की गांड के छेद पर रखा और धक्का मारा।
“आह्ह… रामू… दर्द हो रहा है… धीरे…” मम्मी चीखीं।
लेकिन वो नहीं रुका। उसने धीरे-धीरे पूरा लंड मम्मी की गांड में घुसा दिया और जोर-जोर से चोदने लगा।
“फच्च-फच्च-फच्च” की आवाजें फिर से गूँजने लगीं।
श्याम ने मम्मी के मुँह में अपना लंड घुसा दिया। गोपी और मुन्ना मम्मी की चूचियों से खेल रहे थे।
“ओह्ह… रामू… और चोदो… मेरी गांड फाड़ डालो… आह्ह!” मम्मी चीख रही थीं।
करीब 25 मिनट तक रामू मम्मी की गांड मारता रहा। फिर उसने अपना पानी मम्मी की गांड में छोड़ दिया।
श्याम ने भी मम्मी की गांड में अपना लंड डाला और चोदा।
फिर गोपी ने भी मम्मी की गांड चोदी। अंत में मुन्ना ने भी मम्मी की गांड मारी।
मम्मी की गांड भी चारों बुड्ढों के पानी से भरी हुई थी।
अब मम्मी ने कहा, “अब मैं तुम चारों से एक साथ चुदवाऊँगी।”
मम्मी ने रामू को बोरे पर लिटाया और उसके ऊपर बैठकर उसका लंड अपनी चूत में ले लिया।
फिर श्याम को पीछे से बुलाया और उसका लंड अपनी गांड में ले लिया। गोपी और मुन्ना को बगल में बुलाया और उनके लंड अपने हाथों में ले लिए।
अब मम्मी चारों लंडों से भरी हुई थीं – चूत में एक, गांड में एक, और दोनों हाथों में एक-एक।
मम्मी सबको एक साथ हिला रही थीं और मज़ा ले रही थीं।
“ओह्ह… ये तो जन्नत है… आह्ह… और चोदो… मुझे और चोदो!” मम्मी कराह रही थीं।
चारों मिलकर मम्मी को करीब 2 घंटे तक इसी पोजीशन में चोदते रहे।
वो एक-एक करके झड़ रहे थे और फिर से खड़े हो रहे थे। मम्मी की चूत और गांड दोनों में कम से कम दस बार पानी गिर चुका था।
फिर रामू ने मम्मी को उठाया और टेबल के पास ले गया। उसने मम्मी को टेबल पर झुकाया और पीछे से मम्मी की चूत में लंड घुसा दिया।
श्याम ने मम्मी की गांड में लंड डाल दिया। गोपी और मुन्ना ने मम्मी के मुँह में अपने लंड बारी-बारी से घुसाए।
मम्मी तो चार बुड्ढों की गुलाम बन चुकी थीं।
करीब 35 मिनट बाद वो चारों एक साथ झड़ गए। मम्मी की चूत, गांड और मुँह तीनों से उनका पानी बह रहा था।
मैं मम्मी के पास गया और पूछा, “मम्मी, कैसा लगा?”
मम्मी ने मुस्कुराते हुए कहा, “बहुत मज़ा आया यश। ये चारों बुड्ढे तो बहुत मस्त थे। उनके लंड अभी भी काम करते हैं।”
मैंने कहा, “मम्मी, आपकी चूत और गांड तो पूरी तरह फैल गई हैं।”
मम्मी ने कहा, “कोई बात नहीं, तुम भी तो मुझे रोज़ चोदते हो।”
मैंने मम्मी को गोद में उठाया और हम घर आ गए।
उस दिन के बाद हम अक्सर उन चारों बुड्ढों से मिलने जाते हैं और मम्मी उनसे जमकर चुदवाती हैं।
मैं भी कभी-कभी उनके साथ मिलकर मम्मी को चोदता हूँ।
अगले पार्ट में मैं बताने वाली हूँ की कैसे मेरे बड़े ससुर ने मुझे चोदा
NEXT PART: मम्मी को उनके बड़े ससुर ने डिफरेंट पोजीशन में चोदा
- सौतेली माँ और उनकी बेटी की चुदाई
- बहन ने भाई से रक्षाबंधन पर लंड गिफ्ट मांगी
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नोट: यहां पोस्ट की गई सभी कहानियां केवल मनोरंजन के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई हैं। कृपया इन्हें वास्तविक जीवन से जोड़कर न देखें। कहानी में दर्शाए गए किसी भी दृश्य, घटना या चित्र का वास्तविक जीवन में प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसके लिए न तो कहानी के लेखक और न ही प्रस्तुतकर्ता जिम्मेदार होंगे। इसलिए कृपया अपनी समझ, बुद्धि और विवेक का उपयोग करें।
Nice